यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्यामनगर, फर्रुखाबाद में रक्षाबंधन पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य जितेंद्र सिंह यादव ने रक्षाबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस पर्व का उत्सव क्यों मनाया जाता है।
प्रधानाचार्य रामकृष्ण बाजपेई ने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई और बच्चों को उत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान सभी भाईयों को बहनों ने राखी बांधी और मिठाई खिलाई वहीं आचार्यों के भी राखी बांध पर्व को मनाया। इस खास मौके पर मेहंदी और राखी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य रमेश गुप्ता ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी और आभार प्रकट किया। आचार्यां ने रक्षाबंधन के इतिहास पर प्रकाश डाला और महाभारत कालीन घटना को याद किया जब भगवान कृष्ण के हांथ में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाडकर उनके बांधी थी और भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को रक्षा का वचन दिया था तभी से राखी का पर्व मनाया जाता है। उसके स्वरूप अलग-अलग युगों में अलग-अलग होगये। बताया गया कि राखी संस्कारों का पर्व है। इसे पवित्रता शक्ति और संभव का त्यौहार भी कहा जाता है।
इस मौके पर आकाश श्रीवास्तव, सुशील शुक्ला, चंदन लाल मिश्रा, जितेंद्र यादव, राजेंद्र, रामानुज, अनिल दीक्षित, नीलम सिंह सहित सभी आचार्य, आचार्य बहनें और छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में मनाया गया रक्षाबंधन पर्व
यहां निकली 4000 से अधिक पदों पर भर्तियां, 10वीं पास को बिना परीक्षा मिलेगी नौकरी
सरकारी नौकरी और रेलवे भर्ती (Railway Recruitment) की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने 4000 से अधिक पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 16 अगस्त 2024 से शुरू है। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट rrcnr.org पर जाकर 16 सितंबर 2024 तक आवेदन कर सकते हैं। अप्लाई ऑनलाइन मोड में ही मान्य होंगे।
यह भर्ती उत्तर रेलवे (Northern Railway) की ओर से अपरेंटिस पदों के तहत निकाली गई है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए अपरेंटिस के कुल 4000 से अधिक पदों पर भर्तियां की जानी हैं। आइए जानते हैं कि इन पदों के लिए आवेदन की योग्यता क्या मांगी गई है और किस उम्र तक के युवा इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
किस डिवीजन में कितने पद?
लखनऊ- 1607
जगाधरी यमुनानगर-420
दिल्ली-919
सीडब्ल्यूएम/एएसआर-125
अंबाला-494
मुरादाबाद-16
फिरोजपुर-459
एनएचआरक्यू/एनडीएलएस पी शाखा शाखा-134
योग्यता
अपरेंटिस के विभिन्न पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का 50 फीसदी नंबरों के साथ 10वीं पास होना अनिवार्य हैं। साथ ही संबंधित ट्रेड में आईटीआई की भी डिग्री होनी चाहिए। वहीं आवेदन की उम्र 15 वर्ष से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिकतम उम्र सीमा में ओबीसी श्रेणी को 3 वर्ष और एससी व एसटी को 5 वर्ष की छूट दी गई है।
आवेदन फीस
आवेदन फीस 100 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं एससी/एसटी, महिलाओं और दिव्यांग श्रेणी के आवेदकों को एप्लीकेशन फीस जमा करने से छूट दी गई है यानी की इन अभ्यर्थियों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
चयन प्रक्रिया
अपरेंटिस पदों पर शाॅर्टलिस्ट किए गए आवेदकों का चयन मेरिट के जरिए किया जाएगा। मेरिट 10वीं में मिले नंबरों और आईआईटी सर्टिफिकेशन के आधार पर तैयार की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन को चेक कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों को मेडिकल जांच और डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा।
सम्पूर्ण समाधान दिवस : फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। को तहसील सदर, फतेहगढ़ में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. बी.के. सिंह और पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने फरियादियों की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया, जहां सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपस्थित हुए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्याओं का समाधान शीघ्र करें।
इस अवसर पर भूमि विवाद, पेंशन, बिजली आपूर्ति, सडक़ मरम्मत, और कानून-व्यवस्था से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं।
कई ग्रामीणों ने भूमि विवादों से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भूमि विवादों का त्वरित समाधान करें और आवश्यकता पडऩे पर पुलिस बल की सहायता लें।वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पेंशन से संबंधित किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुछ ग्रामीणों ने बिजली कटौती और खराब ट्रांसफार्मर की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे त्वरित मरम्मत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। खराब सडक़ों से संबंधित शिकायतें भी आईं, जिन पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे सडक़ों की मरम्मत के कार्यों को प्राथमिकता पर करें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायतों को सख्ती से निपटाया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के इस आयोजन से जनता में उत्साह देखा गया। कई फरियादियों ने अपनी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की प्रशंसा की। जिलाधिकारी डॉ. बी.के. सिंह ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राप्त शिकायतों का नियमित फॉलो-अप करें और सुनिश्चित करें कि सभी मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से हो।
सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान करना है, और इस दिशा में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
लखनऊ एयरपोर्ट पर रेडियो एक्टिव मटेरियल लीक, दो कार्गो कर्मी बेहोश
लखनऊ। लखनऊ एयरपोर्ट (Lucknow Airport) के टर्मिनल 3 पर लखनऊ से गुवाहाटी जा रहे विमान में एक बॉक्स में कैंसर की दवाएं भेजी जा रही थीं। लगेज स्कैनर से जांच के दौरान बीप सुनाई दी। कैंसर की दवा का बॉक्स खोल दिया गया। उसको सुरक्षित करने में जिस रेडियो एक्टिव मटेरियल (Radioactive Material) का इस्तेमाल होता है वो लीक हो गया।
इस मौके पर दो कार्गो कर्मचारी बेहोश हो गए हैं, यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई है। टर्मिनल 3 खाली कराकर सीआईएसएफ और एनडीआरएफ को सौंप दिया गया है।
एयरपोर्ट (Lucknow Airport) प्रवक्ता ने कैंसर की दवा से इसके लीक होने की पुष्टि की है। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल पाल भी कानपुर से एयरपोर्ट पहुंचे हैं। वह वहां ट्रेन हादसे में गए थे।
वतन लौटकर भावुक हुईं विनेश, गले मिलते ही मां भी रो पड़ीं; Video
भारतीय रेसलर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने पेरिस ओलंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन किया था। विनेश 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थीं। हालांकि फाइनल से पहले उनका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया था, जिसके चलते उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। विनेश फोगाट ने खुद को अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ कोर्ट ऑफ अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील की और मांग की कि उन्हें संयुक्त रजत पदक दिया जाए। हालांकि CAS ने स्टार रेसलर विनेश फोगाट की अपील खारिज कर दी।
मां और दोस्तों से मिलकर रो पड़ीं विनेश (Vinesh Phogat)
पेरिस से वापस लौटने पर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) का दिल्ली एयरपोर्ट पर जबरदस्त स्वागत हुआ। शायद ही विनेश ने भी ऐसी उम्मीद की होगी लेकिन उनका परिवार, उनके दोस्त, उनके गांववाले और उनके चाहने वालों की भारी भीड़ एयरपोर्ट के बाहर थी। साथ ही रोहतक से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी पहुंचे हुए थे, जो विनेश को एयरपोर्ट से बाहर लेकर आए। पहले से ही विनेश फोगाट के नाम के नारे लग रहे थे और ढोल बज रहे थे लेकिन विनेश के बाहर आते ही ये आवाज और तेज हो गई।
#WATCH | Wrestler Vinesh Phogat arrives at Delhi’s IGI Airport from Paris after the Olympics.
Congress MP Deepender Hooda and others welcome her at the airport. pic.twitter.com/7BbY2j5Zv0
— ANI (@ANI) August 17, 2024
फिर जैसे ही विनेश (Vinesh Phogat) को उनके संघर्ष के साथी बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक दिखे, जो पहले से ही उनके स्वागत के लिए मौजूद थे, वो उनसे लिपट गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। साथ में विनेश की मां भी थीं और उन्होंने अपनी लाडली बेटी का चेहरा हाथों में लेकर उसे चूमा और वो भी रोने लगीं। यही पल था जब ढोल और नारों के जश्न और शोर के बीच भी एक खामोशी महसूस होने लगी क्योंकि पूरा माहौल एकदम भावुक हो गया था। साक्षी की आंखें भी आंसुओं से भर आईं, जबकि बजरंग ने अपने जज्बातों को किसी तरह काबू किया।
विनेश वतन वापसी के बाद काफी भावुक नजर आईं। भारतीय पहलवान विनेश फोगट ने कहा, ‘मैं सभी देशवासियों का धन्यवाद करती हूं, मैं बहुत भाग्यशाली हूं।’
हड़ताल से लोहिया अस्पताल समेत निजी अस्पताल ठप, मरीजों में हाहाकार
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। देशव्यापी हड़ताल के तहत फर्रुखाबाद के डॉक्टरों ने भी अपनी सेवाएं बंद कर दीं, जिससे लोहिया अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की चिकित्सा सेवाएं ठप हो गईं। हड़ताल का असर शहर के कोने-कोने में देखा गया, जहां इलाज के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
*लोहिया अस्पताल पर सबसे ज्यादा असर
लोहिया अस्पताल, जो कि जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, हड़ताल के चलते पूरी तरह से बंद रहा। अस्पताल के ओपीडी विभाग में ताले लगे रहे और सैकड़ों मरीज बिना इलाज के वापस लौटने को मजबूर हो गए। जिन मरीजों की सर्जरी तय थी, उन्हें भी हड़ताल के कारण तारीखें आगे बढ़ानी पड़ीं। एक आंकड़े के मुताबिक, लोहिया अस्पताल में लगभग 500 से अधिक मरीजों की ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं, जबकि 30 से ज्यादा सर्जरी रद्द कर दी गईं।
*निजी अस्पतालों में भी सेवाएं ठप
हड़ताल का असर सिर्फ सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फर्रुखाबाद के निजी अस्पतालों में भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ा। शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों जैसे नारायण अस्पताल, कमल नर्सिंग होम, और जीवा अस्पताल में डॉक्टरों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए अपनी सेवाएं रोक दीं। इसके कारण सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
*मरीजों में हाहाकार
इस हड़ताल के कारण मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। इलाज के लिए दूर-दराज से आए मरीज अस्पतालों के बंद दरवाजों के सामने भटकते रहे। एक मरीज के परिजन ने कहा, हम दो दिन पहले यहां आए थे और आज ऑपरेशन होना था, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण हमें बिना इलाज के वापस लौटना पड़ रहा है। हमें नहीं पता कि अब क्या करेंगे। जिला प्रशासन हड़ताल के चलते उत्पन्न स्थिति को लेकर चिंतित है। प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो इसका असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर और भी गंभीर हो सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है ताकि जल्द से जल्द मरीजों को राहत मिल सके।







