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Tuesday, March 31, 2026
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किसानों को राहत: जिलाधिकारी के निर्देश पर उर्वरक विक्रेताओं को ओवर रेटिंग व ट्रेनिंग रोकने का आदेश

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– कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, जांच में दोषी पाए गए विक्रेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

फर्रुखाबाद। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनपद में कोई भी उर्वरक कम्पनी या ठोक विक्रेता किसी भी दशा में उर्वरकों की ओवर रेटिंग या ट्रेनिंग नहीं करेगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में उर्वरकों की समस्या एवं ओवर रेटिंग की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। दुकानों पर स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर में अनियमितता के साथ किसानों को एमआरपी से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचे जाने की बातें सामने आई थीं। कई विक्रेताओं ने आज तक अपना रजिस्ट्रेशन भी प्रमाणित नहीं कराया है। जिन विक्रेताओं द्वारा सत्यापन नहीं कराया गया है, उन्हें किसी भी दशा में उर्वरक क्रय-विक्रय की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि कोई भी उर्वरक कम्पनी जनपद में किसी भी नए डीलर/विक्रेता को ट्रेनिंग न दे और न ही उर्वरक की आपूर्ति करे, जब तक संबंधित विक्रेता का सत्यापन, रजिस्ट्रेशन एवं अधिकृत विक्रेता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उर्वरक नियंत्रण आदेश 1955 के अंतर्गत यदि कोई कम्पनी या विक्रेता निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत कृषि विभाग की ओर से गठित दलों को आकस्मिक निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को मिलेगी राहत

बैठक में कृषि विभाग के अधिकारीगणों को भी सख्त निर्देश दिए गए कि वे समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विक्रेता ओवर रेटिंग या काला बाजारी में संलिप्त न हो।
यह आदेश उप कृषि निदेशक, क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक निदेशक, जिला सूचना अधिकारी, संयुक्त कृषि निदेशक सहित समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित किया गया है ताकि जनपद में उर्वरकों की सुचारु व्यवस्था बनी रहे।

श्री जगन्नाथ महोत्सव यात्रा: नगर की गलियां बनीं वृंदावन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

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फर्रुखाबाद। श्री जगन्नाथ महोत्सव के पावन अवसर पर सोमवार को नगर की गलियां श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गईं। जैसे ही रथ यात्रा निकली, पूरा शहर वृंदावन सा प्रतीत हुआ। जगह-जगह पुष्पवर्षा, गुलाबजल की बौछार और आरती-प्रसाद वितरण के साथ भगवान जगन्नाथ के जयकारों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।

वैष्णव आचार्य चिन्मय गोस्वामी, आचार्य किशोरी दास, श्याम सुंदर शुक्ला, मनीष पांडेय और कु. बजरतन शुक्ला के सान्निध्य में यह यात्रा घमंडी पूजा मंदिर से प्रारंभ होकर दवाई रोड स्थित राधा श्याम शक्ति मंदिर पहुंची। वहां भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना के साथ नृत्य नाटिका का आयोजन हुआ।

इसके पश्चात भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलराम और बहन सुभद्रा के विग्रहों को भव्य रथ पर स्थापित किया गया और नगर दर्शन यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा जैसे-जैसे नगर की गलियों से गुजरी, वैसे-वैसे श्रद्धालु नंगे पांव चलकर रथ के मार्ग को साफ करते नजर आए।

शंख, घंटियों और संकीर्तन की गूंज से शहर भक्तिरस में डूब गया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान को आम, जामुन, करौंदा जैसे मिष्ठानों का भोग अर्पित किया। प्रमुख मार्गों जैसे लोहे का पुल, चौक, गुमटी, नेहरू रोड, स्टेट बैंक मार्ग होते हुए यात्रा पुनः घमंडी पूजा मंदिर पर समाप्त हुई, जहाँ विग्रहों की पुनः स्थापना के साथ आरती और भंडारे का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर शहर के प्रमुख कृष्ण भक्त, वैष्णव संतों के साथ-साथ अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम —
अशोक वर्मा, सुनील वर्मा, श्यामजी टंडन, अभिषेक रस्तोगी, गौरव मित्तल, अशोक मिश्रा, सचिन, हिमांशु वर्मा, प्रशांत रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, श्याम रस्तोगी, व्यापारी नेता संजय गर्ग, विनोद वर्मा व अंजुम दुबे शामिल रहे।

नगर के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग यात्राएं भी निकाली गईं। डॉ. मनमोहन गोस्वामी (घमंडी पूजा), सुरेंद्र सफ्फड़ (राधा माधव मंदिर), शुभम तिवारी (पक्का पुल), सुरेश गोयल व रोहित गोयल (गांधी कूंचा) आदि की अगुवाई में निकली कीर्तन यात्राओं ने पूरे नगर को कृष्ण भक्ति में सराबोर कर दिया।

यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन ने चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस कर्मी यात्रा के आगे-पीछे चलते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करते नजर आए।

शहरवासियों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचना सौभाग्य की बात मानी जाती है, जिसे अनुभव करने हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़ा।

विडंबना: कूड़े के ढेर में अपना भविष्य तलाशता बचपन

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फर्रुखाबाद। एक ओर भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर समाज का एक भयावह सच आज भी आंखों में चुभता है—बाल श्रम। तमाम सरकारी योजनाओं, जागरूकता अभियानों और कानूनों के बावजूद नगर के कोनों, सड़कों, स्टेशन और चौराहों पर कंधे पर पॉलिथीन लटकाए कूड़ा बीनते नन्हें हाथ अब भी देखे जा सकते हैं। यह दृश्य देश की तरक्की की असली तस्वीर बयां करता है।

सरकारें बच्चों को स्कूल तक पहुँचाने के लिए तमाम प्रयास कर रही हैं—मिड-डे मील योजना से लेकर मुफ्त यूनिफॉर्म और किताबों तक—but जमीनी हकीकत अभी भी कटु है। समस्या केवल सरकारी प्रयासों की विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता की भी है। जब तक आम नागरिक अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं देंगे, तब तक बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति खत्म नहीं की जा सकती।

नगर में आए दिन छोटे-छोटे बच्चे कूड़ा बीनते हुए दिख जाते हैं। कुछ तो अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि हालात से मजबूर होकर यह काम कर रहे हैं। लोअर क्लास और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों में अक्सर यह देखा जाता है कि अभिभावक या तो नशे, जुए या अन्य सामाजिक बुराइयों में लिप्त रहते हैं और बच्चों को कमाने के लिए सड़क पर धकेल देते हैं। वहीं कई मामलों में यह मजबूरी बन जाती है क्योंकि घर की आमदनी इतनी कम होती है कि बच्चे भी परिवार के भरण-पोषण में हाथ बंटाते हैं।

ऐसे बच्चे पढ़ाई की जगह अपने बचपन को प्लास्टिक की बोरी में समेटते हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान की जगह थकान और लाचारी का साया होता है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, मुख्य चौराहे या नगर के कूड़ा घरों में ये मासूम सुबह से शाम तक भटकते रहते हैं, मानो उनके जीवन की दिशा ही कूड़े के ढेर से तय हो रही हो।

प्रश्न यह है कि आखिर यह विडंबना कब खत्म होगी? कब ये बच्चे स्कूल की बेंच पर बैठकर किताबों में अपने सपने तलाशेंगे? सिर्फ प्रशासन नहीं, बल्कि पूरे समाज को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि कोई भी बच्चा मजदूर नहीं बनेगा। शिक्षा का अधिकार केवल कानून की किताबों में नहीं, ज़मीनी हकीकत में भी उतरना चाहिए।

आज आवश्यकता है कि समाज के हर वर्ग को जागरूक किया जाए, माता-पिता को समझाया जाए कि बाल श्रम बच्चों का नहीं, समाज का भविष्य नष्ट करता है। समाजसेवी संगठनों और स्थानीय प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को स्कूल भेजने का प्रयास करना चाहिए।

भारत तब ही सशक्त बनेगा जब उसका बचपन शिक्षित और सुरक्षित होगा, वरना कूड़े के ढेर से निकली यह करुण पुकार हमें बार-बार हमारी असलियत का आईना दिखाती रहेगी।

फिर से संचालित होगी अंग्रेजी जमाने की अमृतपुर पुलिस चौकी, लोकार्पण के इंतजार में खड़ा नया भवन

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– ग्रामीणों की मांग पर हुआ जीर्णोद्धार, 1942 की विरासत को मिलेगा नया जीवन

फर्रुखाबाद, अमृतपुर। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान स्थापित हुई अमृतपुर की ऐतिहासिक पुलिस चौकी एक बार फिर से अपनी पुरानी गरिमा में लौटने को तैयार है। पुलिस विभाग द्वारा चौकी भवन का जीर्णोद्धार कर नव निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन यह भवन अभी भी लोकार्पण के इंतजार में बंद पड़ा है। करीब 80 वर्षों पुरानी इस पुलिस चौकी की वापसी को लेकर स्थानीय जनता में उम्मीद और उत्साह का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, सन् 1942 में स्थापित हुई यह पुलिस चौकी अमृतपुर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ रही थी। सन् 1990 में जब अमृतपुर में थाना स्थापित हुआ, तब यह चौकी बंद कर दी गई और भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो गया। लेकिन ग्रामीणों की लगातार मांग और पहल के बाद पुलिस विभाग ने चौकी की जमीन की पैमाइश कराकर, बाउंड्री वॉल और नया भवन तैयार करवाया।

फिलहाल अमृतपुर पुलिस चौकी अस्थाई रूप से तहसील परिसर में बने आवासों से संचालित हो रही है। नव निर्मित भवन तैयार हो चुका है, परंतु अब तक उसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में उद्घाटन की तिथि तय होने के बावजूद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी की अनुपस्थिति के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था।

स्थानीय लोगों की मांग है कि अब जबकि भवन पूरी तरह तैयार है, तो इसका शीघ्र लोकार्पण कराकर पुलिस चौकी को अपने स्थायी भवन में स्थानांतरित कर दिया जाए। ग्रामीणों का मानना है कि इससे न सिर्फ पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि न्याय की पहुंच भी आमजन तक और बेहतर होगी।

इस संबंध में क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. पी.डी. शुक्ला ने कहा, “चौकी का नए भवन में संचालन न केवल सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है, बल्कि यह हमारी ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रखने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है। प्रशासन और पुलिस विभाग का यह प्रयास सराहनीय है।”

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि नव निर्मित भवन का शीघ्र उद्घाटन कर अमृतपुर पुलिस चौकी को वहां स्थानांतरित किया जाएगा।

ब्राह्मण समाज पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी: मोहम्मदाबाद में युवक पर मुकदमा दर्ज

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FIR
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– जातीय भावनाएं भड़काने का आरोप, समाज में आक्रोश का माहौल

मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद। कथावाचकों के साथ हुई हालिया घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न जातियों के बीच कटाक्ष और टिप्पणियों का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज पर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर कस्बे में तनाव का माहौल बन गया है। ब्राह्मण समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में कोतवाली मोहम्मदाबाद में एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

गांधी नगर (किलमापुर) वार्ड निवासी रामनरेश शुक्ला के पुत्र वैभव शुक्ला ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है कि अवंती बाई नगर निवासी देवेंद्र उर्फ भूरे यादव के पुत्र अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। वैभव शुक्ला के अनुसार, अर्जुन सिंह ने पूरे ब्राह्मण समाज को लक्षित करते हुए गालियों और जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग किया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उक्त पोस्ट से मोहल्ले में जातीय उन्माद फैलने की स्थिति बन गई और समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कोतवाली प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के भड़काऊ पोस्ट या टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपर्क सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित प्लेटफॉर्म्स से जानकारी भी मांगी जा रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।

अंतरराष्ट्रीय हिंदू रक्षा मंच की बैठक में हिंदू सुरक्षा पर चिंता, आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर मंथन

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– राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेकानंद आचार्य ने दिलाई हिंदू रक्षा की शपथ, कहा- हिंदुत्व ही राष्ट्र की आत्मा

फर्रुखाबाद। अंतरराष्ट्रीय हिंदू रक्षा मंच की एक विशेष बैठक का आयोजन नगर में किया गया, जिसमें संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संगठन को और अधिक सक्रिय व प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेकानंद आचार्य ने कहा कि “हिंदुत्व राष्ट्र की आत्मा है और इसकी रक्षा हर सनातनी का कर्तव्य है।” उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को हिंदुओं की रक्षा की शपथ दिलाई और आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने की बात कही।

बैठक की संयोजक रेखा सोमवंशी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर संगठन को मुखर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार होने के बावजूद हिंदू पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने एक सुर में हिंदू समाज के प्रति हो रहे अन्याय पर आक्रोश व्यक्त किया और आगामी कार्ययोजना में जनजागरण अभियान, धर्म रक्षा रथ यात्रा तथा युवा सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों को गति देने पर सहमति जताई।

बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष विपिन अवस्थी, राष्ट्रीय सचिव बबीता पाठक, जिला महामंत्री अभिषेक मिश्रा, जिला प्रवक्ता डॉ. मनोज चतुर्वेदी, जिला प्रभारी अतुल अग्निहोत्री, नगर अध्यक्ष वंदनपाल, सभासद अनिल तिवारी और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष सुमन राजपूत आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य संगठन की आगामी रणनीति तय करना, जनसंपर्क बढ़ाना और हिंदू समाज में सुरक्षा व आत्मसम्मान की भावना को प्रबल करना रहा।