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Monday, March 30, 2026
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उत्तर प्रदेश में न्याय के लिए संघर्ष: मथुरा में युवती ने आत्मदाह का किया प्रयास

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मथुरा। उत्तर प्रदेश में न्याय पाने के लिए लोगों को किस हद तक संघर्ष करना पड़ रहा है, इसका ताजा उदाहरण मथुरा में देखने को मिला। सौंख थाना क्षेत्र की एक युवती ने पुलिस की निष्क्रियता और न्याय न मिलने से हताश होकर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल खड़े कर रही है।

22 वर्षीय युवती न्याय की मांग को लेकर सौंख पुलिस चौकी पहुंची और आरोप लगाया कि उसकी शिकायत पर कई दिनों से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। हताशा में युवती ने पेट्रोल निकालकर खुद पर डाल लिया और आग लगाने का प्रयास किया।
युवती ने बताया कि वह स्थानीय दबंगों द्वारा शोषण और धमकी की शिकार है।

आरोपियों के खिलाफ शिकायत देने के बाद भी सौंख चौकी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
“जब पुलिस ही नहीं सुनती, तो मैं कहां जाऊं?” — पीड़िता की यह पुकार वायरल वीडियो में सुनी गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और जांच जारी है।
चौकी प्रभारी को प्राथमिक जांच के बाद लाइन हाजिर कर दिया गया है।

एसपी सिटी मथुरा ने बयान जारी कर कहा— “किसी भी नागरिक को न्याय मिलने में देरी न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है।”

मुख्य सचिव गृह विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी किया है कि महिला शिकायतों पर 48 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य की जाए।

राज्य महिला आयोग ने भी मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है।

मथुरा की घटना केवल एक युवती की पीड़ा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की उस कड़वी सच्चाई की झलक है, जहां आज भी न्याय के लिए लोगों को गुहार लगानी पड़ती है, और कभी-कभी आत्मदाह तक की नौबत आ जाती है। पुलिस की लापरवाही, सामाजिक दबाव और प्रशासनिक सुस्ती मिलकर न्याय प्रणाली की साख को प्रभावित कर रही है। अगर अब भी सुधार न हुआ, तो यह विश्वास का संकट और गहराएगा।

नौचंदी मेले में महिला पुलिसकर्मियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर वीडियो वायरल करना पड़ा भारी, आरोपी गिरफ्तार

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध नौचंदी मेले में महिला पुलिसकर्मियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना दो युवकों को भारी पड़ गया। मेरठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सख्ती के बाद दोनों युवक कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए नजर आए।

अमन और समीर नामक दो युवकों ने मेले में तैनात महिला पुलिसकर्मियों पर अश्लील व अभद्र टिप्पणी की और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

थाना नौचंदी पुलिस ने वीडियो वायरल होते ही CCTV फुटेज और सोशल मीडिया की निगरानी के जरिए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। दोनों को सोमवार सुबह नौचंदी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस की सख्ती के चलते आरोपी रोते-बिलखते हुए बोले—  “माफ कर दो सर, गलती हो गई, आगे से नहीं होगा।”

दोनों युवकों को कान पकड़ते और हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए वीडियो में देखा जा सकता है, जिसे पुलिस ने सबक के तौर पर जारी भी किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमन और समीर पहले भी सोशल मीडिया पर अशोभनीय वीडियो डालने के आरोपी रह चुके हैं।

दोनों टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स पर सक्रिय रहते थे और वायरल होने की होड़ में अक्सर विवादास्पद कंटेंट बनाते थे।

मेरठ पुलिस अधीक्षक (नगर) का बयान:

“किसी भी सार्वजनिक स्थान पर महिला कर्मियों या आम महिलाओं के सम्मान के खिलाफ की गई हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नौचंदी मेला एक पारिवारिक आयोजन है, ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।”

नौचंदी मेले जैसी सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले युवकों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा और मर्यादा का उल्लंघन करने वालों के लिए अब कानून सख्त और जागरूक है।

नोएडा: सेक्टर-113 में पुलिस और शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़

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  • गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा और चोरी का सामान बरामद

नोएडा। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सेक्टर-113 थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक शातिर बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी को पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार बदमाश ने रुकने की बजाय भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के दाएं पैर में लगी।

आरोपी की पहचान वसीम उर्फ सोनू (निवासी दिल्ली सीमा क्षेत्र) के रूप में हुई है।
इस पर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद के विभिन्न थानों में कुल 17 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वसीम लूट, चैन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और वाहन चोरी जैसी अपराध श्रृंखलाओं में सक्रिय रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी NCR के कई जिलों में अकेले और गिरोह के साथ वारदातों को अंजाम देता रहा है।

“चेकिंग के दौरान संदिग्ध स्कूटी को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह भागने लगा और फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसे पकड़ लिया गया। आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।”

घायल बदमाश को डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस उसकी गिरफ्तारी के बाद अन्य वारदातों की फाइल दोबारा खोलने और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

नोएडा पुलिस द्वारा की गई यह मुठभेड़ न सिर्फ NCR क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और ठोस कदम है। आम जनता में इस कार्रवाई के बाद पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा का भाव बढ़ा है

उद्घाटन के दो दिन बाद ही बंद हुआ स्वास्थ्य उपकेंद्र, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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बदायूं। जिले के वजीरगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम कसेर पनौता में स्वास्थ्य उपकेंद्र के नाम पर ग्रामीणों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। भाजपा के सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता द्वारा उद्घाटन के महज दो दिन बाद ही उपकेंद्र में ताले लटक गए। इसके विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जमकर प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

गांव कसेर पनौता में बना यह स्वास्थ्य उपकेंद्र 11 साल पहले 2013 में निर्मित हुआ था, लेकिन इसमें सेवाएं शुरू नहीं हुई थीं।

मई 2025 में भवन की मरम्मत के बाद 11 मई को सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने इसका उद्घाटन किया और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने का भरोसा दिलाया।

उद्घाटन के बाद केवल दो दिन तक ही दवाओं का वितरण हुआ, इसके बाद केंद्र में कोई स्वास्थ्यकर्मी या फार्मासिस्ट नहीं आया।

ग्रामीणों का कहना है कि—

 “यह सब दिखावा था। सिर्फ उद्घाटन करके प्रचार किया गया, लेकिन सेवाएं शुरू नहीं हुईं। अब हमें फिर से 8 किलोमीटर दूर वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है।”

गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र पर इकट्ठा होकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी से मांग की कि उपकेंद्र को तत्काल शुरू कराया जाए।
प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों, और किसानों ने भी हिस्सा लिया।

इस संबंध में सीएमओ कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया—

“उपकेंद्र की सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही फार्मासिस्ट व एक एएनएम की तैनाती की जाएगी।”

कागजों पर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे भले ही प्रभावशाली दिखते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कसेर पनौता जैसे गांवों में उजागर हो रही है। विधायक द्वारा फीता काट कर उद्घाटन कर देना ही पर्याप्त नहीं है, जब तक वहां नियमित स्टाफ और दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी, तब तक ग्रामीणों को राहत नहीं मिलेगी।

शहर-शहर आग का तांडव: नोएडा सेक्टर-2 की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप

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नोएडा। एक बार फिर नोएडा में आग का तांडव देखने को मिला है। सोमवार सुबह सेक्टर-2 स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने की कोशिश में जुट गईं। अब तक करीब 4 घंटे से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है।

फैक्ट्री में आग सुबह करीब 5:10 बजे लगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग केमिकल स्टोर यूनिट से शुरू हुई और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

फिलहाल आग से हुए नुकसान का आंकलन जारी है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार— फैक्ट्री में रखा गया लगभग ₹5 करोड़ से अधिक का माल जलकर खाक हो गया। करीब 40 कर्मचारी मौके पर मौजूद थे, जिनमें से 3 को मामूली झुलसने की खबर है। अग्निशमन अधिकारियों ने कहा कि आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया गया है।

नोएडा प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। अपर जिलाधिकारी, पुलिस उपायुक्त और मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आसपास के रिहायशी इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

गौरतलब है कि इसी सेक्टर में पिछले महीने भी एक प्लास्टिक फैक्ट्री में आग लगी थी। लगातार हो रही आग की घटनाओं से औद्योगिक क्षेत्र में फायर सेफ्टी मानकों पर सवाल उठ रहे है।

केमिकल फैक्ट्रियों में लगातार हो रही आग की घटनाएं एक बार फिर फायर सेफ्टी मानकों की पोल खोल रही हैं। प्रशासन को न सिर्फ त्वरित जांच करनी होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

बहुचर्चित गैंगरेप केस में SIT रिपोर्ट आई सामने, कई खुलासे चौंकाने वाले

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  •  आरोपों से अलग निकली हकीकत

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान और निर्देश के बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने बहुचर्चित गैंगरेप मामले में अपनी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। रिपोर्ट में न सिर्फ केस से जुड़े कई अहम तथ्यों को खंगाला गया, बल्कि चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। टीम ने मौके से जुटाए गए डिजिटल, फॉरेंसिक, और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कई आरोपों को तथ्यों से मेल नहीं खाते पाया गया है।

पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया था। टीम ने पीड़िता, आरोपियों, चश्मदीदों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर विस्तृत जांच की।

रिपोर्ट में ये मुख्य बिंदु सामने आए—

🔹 पीड़िता की गतिविधियों पर सवाल: SIT रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पीड़िता की सोशल मीडिया गतिविधियों, उसके कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल के CCTV फुटेज में कई विरोधाभास पाए गए।
🔹 23 युवकों पर लगा था गैंगरेप का आरोप: वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों के 23 युवकों के खिलाफ लड़की ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
🔹 अब तक 14 गिरफ्तारियां: पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की गई है।
🔹 आरोपों में कई बातें तथ्य से परे: SIT ने रिपोर्ट में बताया है कि पीड़िता द्वारा लगाए गए कुछ आरोपों का समर्थन घटनास्थल की परिस्थितियों और तकनीकी साक्ष्य से नहीं होता।

यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को फोन पर फटकार लगाई थी। पीएम के निर्देश के बाद पुलिस कमिश्नर ने तत्काल SIT का गठन कर जांच शुरू कराई थी।

SIT ने पीड़िता के मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया चैट्स, GPS लोकेशन, घटनास्थल के CCTV, कॉल रिकॉर्डिंग, मेडिकल रिपोर्ट, और चश्मदीदों के बयान समेत कुल 42 साक्ष्यों को रिपोर्ट में शामिल किया है। इन सभी के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया।

वाराणसी पुलिस कमिश्नर के अनुसार, SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि रिपोर्ट में झूठे आरोप लगाने की पुष्टि होती है, तो पीड़िता के खिलाफ भी IPC की धारा 182 व 211 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। वहीं जिन युवकों के खिलाफ साक्ष्य पुख्ता पाए गए हैं, उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

SIT रिपोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले की तस्वीर का एक नया और सटीक पहलू सामने लाया है। यह मामला अब केवल न्यायिक नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन फिलहाल पूरी संवेदनशीलता से कार्यवाही कर रहा है और जल्द ही अंतिम फैसला अदालत में रखा जाएगा।