26 C
Lucknow
Monday, April 13, 2026
Home Blog Page 2

पश्चिम बंगाल कोयला घोटाला मामले में ED ने I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल को किया गिरफ्तार

0

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि चंदेल को दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया।

ईडी ने 2 अप्रैल को चंदेल के दिल्ली स्थित कार्यालय, आई-पीएसी के एक अन्य सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह के बेंगलुरु स्थित कार्यालय और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के मुंबई स्थित कार्यालय पर छापेमारी की थी।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने 8 जनवरी को इस मामले के सिलसिले में आई-पीएसी कार्यालय और इसके संस्थापक और निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के बाद विवाद खड़ा हो गया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ उक्त स्थानों पर पहुंचीं।

ईडी का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की नवंबर 2020 की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल और आसपास के कुनुस्तोरिया और काजोरा क्षेत्रों में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (आई-पीएसी) की खदानों से संबंधित करोड़ों रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया है।

ईडी ने एक बयान में कहा था कि इस कथित कोयला तस्करी गिरोह से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने आई-पीएसी की पंजीकृत कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद की थी।

3 दिन से लापता युवक का गांव के बाहर कुएं में मिला शव, छानबीन में जुटी पुलिस

0

झांसी: यूपी के झांसी (Jhansi) जिले के बबीना थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर एक कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई। युवक तीन दिन से लापता (missing) था। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

पुलिस के अनुसार, शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया और पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। युवक के मोबाइल में आखिरी कॉल रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें उसकी बातचीत एक युवती से होना बताया जा रहा है।

परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताई है। वहीं, शरीर पर चोट के निशान मिलने से संदेह और गहरा गया है। झांसी पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आस-पास लगे सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। जिस युवती से वह बातचीत कर रहा था। उसकी भी खोजबीन जारी है।

आशा भोसले के श्रद्धांजलि कंटेंट पर पाकिस्तान में बड़ा विवाद, जियो न्यूज को मिला नोटिस

0

भारतीय गायिका को श्रद्धांजलि प्रसारित करने पर पाकिस्तान नियामक की कार्रवाई, चैनल से मांगा गया जवाब
इस्लामाबाद
दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन के बाद जहां पूरा संगीत जगत शोक में डूबा है, वहीं सीमा पार पाकिस्तान में उनके श्रद्धांजलि कंटेंट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के प्रमुख टीवी चैनल जियो न्यूज को इस सामग्री के प्रसारण पर नोटिस जारी किया गया है।

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने जियो न्यूज को कारण बताओ नोटिस भेजा है। आरोप है कि चैनल ने आशा भोसले से जुड़ी श्रद्धांजलि रिपोर्टिंग के दौरान भारतीय फिल्मों और गीतों के दृश्य प्रसारित किए, जिसे नियामक नियमों के खिलाफ बताया गया है।

जियो न्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि आमतौर पर किसी भी दिग्गज कलाकार के निधन पर उनके कार्यों को याद करना मीडिया की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले जैसी महान कलाकार के लिए उनके सदाबहार गीतों को दिखाना स्वाभाविक था, लेकिन फिर भी कार्रवाई की गई।

पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने अपने नोटिस में पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले का हवाला दिया है, जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसी आधार पर चैनल पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि यह प्रसारण जानबूझकर नियमों की अवहेलना प्रतीत होता है। इसी के चलते जियो न्यूज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीर इब्राहिम रहमान को 27 अप्रैल को तलब किया गया है और 14 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

इस घटना के बाद पाकिस्तान में मीडिया नीति और सांस्कृतिक प्रसारण नियमों पर बहस तेज हो गई है, जबकि भारत और अन्य देशों में आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला लगातार जारी है।

शहरी विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड, सरकार ने दी मंजूरी

0

नगर विकास परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, वित्त विभाग की सहमति के बाद कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव

पटना
शहरी विकास को गति देने के लिए पटना नगर निगम 200 करोड़ रुपये तक का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। इस प्रस्ताव को नगर विकास एवं आवास विभाग ने मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसे अब वित्त विभाग की सहमति के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम मंजूरी के बाद पटना नगर निगम द्वारा बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह प्रस्ताव पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 19वीं बैठक में पहले ही पारित किया जा चुका था। समिति की मंजूरी के बाद इसे राज्य सरकार को सहमति के लिए भेजा गया था, जहां अब इसे आगे की प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया गया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग शहरी विकास परियोजनाओं में किया जाएगा। इसमें पटना रेलवे स्टेशन के पास न्यू मार्केट क्षेत्र के पुनर्विकास और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास की योजनाएं शामिल हैं, जिन्हें भारत सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत भी प्रस्तावित किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, म्यूनिसिपल बॉन्ड पर भारत सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक 100 करोड़ रुपये के बॉन्ड पर लगभग 13 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन मिल सकता है, जो अधिकतम 26 करोड़ रुपये तक जा सकता है। इससे परियोजनाओं की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार, बॉन्ड के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन अधिक लचीला होगा और ब्याज भुगतान तिमाही या अर्धवार्षिक आधार पर किया जा सकेगा। साथ ही, बेहतर क्रेडिट रेटिंग की स्थिति में पटना नगर निगम को कम लागत पर पूंजी उपलब्ध होने की संभावना है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती मिलेगी।

निर्माणाधीन पानी की टंकी में मिला कंकाल, जांच में बंदर होने की आशंका से फैली सनसनी

0

 

औरैया

अयाना थाना क्षेत्र अंतर्गत महारतपुर गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक निर्माणाधीन पानी की टंकी के अंदर कंकाल पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी जितेंद्र जल निगम की ओर से बनाई जा रही पानी की टंकी पर ऑपरेटर के रूप में कार्य करता है। टंकी का निर्माण कार्य अभी अधूरा है, जिसके चलते ग्रामीणों को सीधे पानी की आपूर्ति की जा रही है। सोमवार दोपहर जब जितेंद्र पानी की सप्लाई के लिए टंकी पर पहुंचा, तभी वॉल्व में खराबी आने पर वह जांच करने के लिए ऊपर चढ़ा। इसी दौरान उसकी नजर टंकी के अंदर पड़े एक कंकाल पर पड़ी, जिसे देखकर वह घबरा गया और तत्काल ग्रामीणों को सूचना दी।
देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। प्रारंभिक तौर पर लोगों ने आशंका जताई कि किसी युवक की टंकी में गिरकर मौत हो गई होगी और समय के साथ शव सड़कर कंकाल में तब्दील हो गया होगा। सूचना मिलते ही अयाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।
थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश पाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में कंकाल मानव का न होकर बंदर का प्रतीत हो रहा है। हालांकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए पशु चिकित्साधिकारी को मौके पर बुलाया गया है। कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा जा रहा है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
घटना के बाद गांव में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कंकाल वास्तव में किसका है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

गेहूं कटे खेत में भीषण आग से मचा हड़कंप

0

 

कई किसानों का भूसा जलकर राख, मुआवजे की मांग तेज

औरैया

अछल्दा थाना क्षेत्र के गपकापुर गांव में सोमवार सुबह करीब सवा 9 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गेहूं की कटाई के बाद खेत में रखे भूसे में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश किसान अपने-अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तभी अचानक खेतों से उठते घने धुएं और लपटों को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवा के चलते कुछ ही मिनटों में आसपास के कई खेत इसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। राजेश, जयवीर, कोमल सिंह, श्री कृष्ण और नीरज कुमार के खेतों में रखा भारी मात्रा में भूसा जलकर पूरी तरह राख हो गया। किसानों ने बताया कि यह भूसा उनके पशुओं के चारे के लिए लंबे समय तक उपयोग में आने वाला था, लेकिन एक ही झटके में उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
आग की सूचना मिलते ही गांव के लोग बाल्टी, पाइप, ट्यूबवेल और ट्रैक्टर-टैंकर की मदद से आग बुझाने में जुट गए। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और सामूहिक प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। अगर समय रहते ग्रामीण सक्रिय न होते तो आग और भी बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी, जिससे और अधिक नुकसान होने की आशंका थी।
ग्रामीणों का कहना है कि आग लगने का सही कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। कुछ लोग इसे लापरवाही या किसी चिंगारी का परिणाम मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग तेज गर्मी और हवाओं को इसकी वजह बता रहे हैं। फिलहाल प्रशासन भी आग लगने के कारणों की जांच में जुटा हुआ है।
घटना की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल विकास बाबू मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस आगजनी में केवल भूसा जला है, किसी भी किसान की खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है। वहीं अछल्दा थाना प्रभारी सुरेश चन्द्र भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित कराया।
इस घटना के बाद प्रभावित किसानों में गहरा आक्रोश और चिंता देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि भूसा उनके पशुपालन का मुख्य आधार होता है, ऐसे में इसके जल जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ चारे की समस्या का भी सामना करना पड़ेगा। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।
गांव में इस घटना के बाद भय और सतर्कता का माहौल है। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने और आग से सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी मांग की है।