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Saturday, March 14, 2026
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आगरा की बेटी मोर्वी तिवारी ने यूपीएससी में हासिल की 90वीं रैंक, बढ़ाया प्रदेश का मान

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– माँ श्रीमती रेनू तिवारी भी आईएएस शासन में विशेष सचिव, पिता सुधेश तिवारी एआरटीओ
– अनुशासन और सेवा की परंपरा में पली बेटी ने हासिल की बड़ी सफलता
लखनऊ /फर्रुखाबाद। आगरा की होनहार बेटी मोर्वी तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी ) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 90वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
मोर्वी तिवारी के पिता सुदेश तिवारी परिवहन विभाग में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में लखनऊ मुख्यालय में तैनात हैं। उनकी माँ श्रीमती रेनू तिवारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस ) की अधिकारी हैं और इस समय उत्तर प्रदेश शासन में विशेष सचिव के पद पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
सुदेश तिवारी अपने पूरे सेवाकाल में अनुशासन, साहस और ईमानदारी के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने हमेशा अपराध, भ्रष्टाचार और गुंडाराज के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी। एआरटीओ के रूप में उनका फर्रुखाबाद में कार्यकाल विशेष रूप से यादगार माना जाता है, जहां उन्होंने परिवहन विभाग में अवैध गतिविधियों और दबंगई पर सख्त कार्रवाई की। उस दौरान कई प्रभावशाली लोगों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर उन्होंने प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण पेश किया और राजस्व वसूली में भी कभी दबाव या डर के आगे झुके नहीं।
वहीं मोर्वी की माता रेनू तिवारी को भी एक कर्मठ और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने पूरे प्रशासनिक जीवन में कभी पद की लालसा नहीं की, बल्कि शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाती हैं ।
ऐसे अनुशासित और सेवा भाव वाले परिवार में पली-बढ़ी मोर्वी तिवारी ने भी मेहनत और समर्पण को अपना आधार बनाया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरी स्कूल, आगरा से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई डीपीएस, आगरा से पूरी की। छात्र जीवन से ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।
लगन, अनुशासन और परिवार के मार्गदर्शन के बल पर मोर्वी तिवारी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में शानदार सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि से परिवार, मित्रों और परिचितों में खुशी की लहर है।
मोर्वी तिवारी की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह संदेश देती है कि ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

गुंडाराज पर एसपी आरती सिंह की टेढ़ी नजर, अपराधियों पर कसा शिकंजा

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– मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति पर खाकी सख्त, गैंगस्टर और अपराधियों को भेजा जा रहा खागा जेल
फर्रुखाबाद। प्रदेश के मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर उतारने के लिए जनपद की पुलिस पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के नेतृत्व में अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। एसपी के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस अपराधियों और गैंगस्टरों पर लगातार शिकंजा कस रही है।
एसपी आरती सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में किसी भी कीमत पर गुंडाराज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस की टीमें अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही हैं।
इसी क्रम में कई कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों को गिरफ्तार कर खागा जेल भेजा जा रहा है। पुलिस लगातार हिस्ट्रीशीटरों और संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी बनाए हुए है, जिससे अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
एसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना स्तर पर भी पुलिस पूरी तरह सतर्क है। थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था को हर हाल में मजबूत रखा जाए।
पुलिस की इस सक्रियता से जिले में अपराधियों में खौफ का माहौल है, जबकि आम जनता खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है।
एसपी आरती सिंह की सख्त कार्यशैली और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के प्रभाव से साफ संदेश जा रहा है कि जिले में अब गुंडाराज नहीं, बल्कि कानून का राज कायम रहेगा।

राज्यसभा चुनाव से पहले अमित शाह की अहम बैठक

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– ओडिशा के बीजेपी विधायकों से किया मंथन
नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के भाजपा विधायकों और राज्यसभा उम्मीदवारों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव की रणनीति को लेकर आयोजित की गई।
बैठक में पार्टी के विधायकों के साथ चुनावी तैयारियों और मतदान प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को चुनाव से जुड़े दिशा-निर्देश भी दिए।
बताया जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति को मजबूत करना और विधायकों के बीच समन्वय बनाए रखना था। बैठक में उम्मीदवारों के समर्थन और चुनावी गणित को लेकर भी चर्चा हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव अक्सर संख्या बल और रणनीति के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व इस चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है।
बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने भरोसा जताया कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी और संगठन की एकजुटता से चुनावी रणनीति को सफलता मिलेगी।

24 साल पुराने छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने किया बरी

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चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने करीब 24 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए सबूतों के अभाव में उन्हें संदेह का लाभ दिया।
यह मामला वर्ष 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा था। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी कुछ खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उन पर गोली चलाकर हमला किया गया था। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) को सौंपी गई थी। जांच के बाद सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। हालांकि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी।
अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। अदालत ने कहा कि जब तक आरोप संदेह से परे साबित न हों, तब तक आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का फैसला सबूतों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया गया है, लेकिन इस पर आगे भी कानूनी और सामाजिक बहस जारी रह सकती है।
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम पहले से ही अन्य मामलों में सजा काट रहे हैं। ऐसे में इस फैसले के बाद भी उनकी कानूनी स्थिति को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

ईरान-इजराइल युद्ध का आठवां दिन, 5000 से ज्यादा बम गिरे

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– अमेरिका ने शनिवार रात बड़े हमले की चेतावनी दी
नई दिल्ली/तेहरान। मध्य-पूर्व में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। युद्ध के आठवें दिन भी दोनों पक्षों के बीच भीषण हमले जारी हैं, जिनमें अब तक 5000 से अधिक बम और मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
युद्ध के कारण कई शहरों में भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रहे हवाई हमलों से इमारतें ध्वस्त हो गई हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
अमेरिका का बड़ा बयान, आज रात सबसे बड़ा हमला संभव
इस बीच अमेरिका ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार ईरान के मिसाइल लॉन्चर और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया जा सकता है, ताकि उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर किया जा सके।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी इजराइली हमले की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की बात कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल बाजार, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह टकराव किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से युद्ध को रोका जा सकेगा।

बिहार की सियासत का असर यूपी में, सपा कार्यालय के बाहर नीतीश कुमार पर तंज भरा पोस्टर

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लखनऊ। बिहार की राजनीति में चल रही हलचल का असर अब उत्तर प्रदेश की सियासत में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक तंज भरा पोस्टर लगाया गया, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
पोस्टर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा गया है— “पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो”। इस पोस्टर को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि यह पोस्टर सपा नेता मोहम्मद अखलाक की ओर से लगाया गया है। पोस्टर लगते ही पार्टी कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार में चल रही सियासी उठापटक का असर अब पड़ोसी राज्यों की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। ऐसे पोस्टर आने वाले समय में विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर सकते हैं।
हालांकि इस मामले पर अभी तक समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पोस्टर को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।