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Monday, April 27, 2026
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नवनियुक्त परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने मंत्री दयाशंकर सिंह से की मुलाकात

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लखनऊ। मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से नवनियुक्त परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच प्रदेश के परिवहन विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुलाकात के दौरान परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने नवागत परिवहन आयुक्त को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विभागीय कार्यों को पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
वहीं, परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने मंत्री को आश्वस्त किया कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप विभागीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे। उन्होंने सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, फिटनेस चेकिंग और यातायात नियमों के सख्त पालन को प्राथमिकता देने की बात कही।

हरपालपुर में सड़क हादसा, 19 वर्षीय युवक की मौत, दो दोस्त गंभीर घायल

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हरदोई
हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा हरपालपुर-बड़ागांव मार्ग पर खड़गपुर तिराहे के पास हुआ, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

जानकारी के अनुसार, अरवल थाना क्षेत्र के गुरसहायपुरवा मजरा चाँदा महमदपुर गांव निवासी नितिन (19) अपने दोस्त प्रभात (21) और सचिन (20) के साथ बाइक से हरपालपुर जा रहे थे। तीनों एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, जहां प्रभात के मामा रामबाबू के पुत्र सूरज का तिलक समारोह होना था।

इसी दौरान खड़गपुर तिराहे के पास सामने से आ रही एक बोलेरो ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

हालत नाजुक होने के चलते देर रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर चिकित्सकों ने नितिन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, प्रभात और सचिन की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया, जिससे पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मृतक नितिन अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर का था, और उसकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि हादसे की जानकारी संबंधित क्षेत्रीय थाना को दे दी गई है और मामले की जांच की जा रही है।

सिंचाई विभाग परिसर में करंट लगने से युवक की मौत, परिवार में कोहराम

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हरदोई
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यालय परिसर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब युवक निर्माणाधीन इमारत में शटरिंग का काम कर रहा था।

जानकारी के अनुसार, देहात कोतवाली क्षेत्र के कौढ़ा गांव निवासी सुभाष चंद्र अपने साथियों विमलेश, सत्यम, नवल और सत्येंद्र के साथ मंगलवार सुबह काम पर गए थे। दोपहर के समय काम के दौरान सुभाष पानी पीने के लिए सबमर्सिबल का तार बिजली बोर्ड में लगाने लगे, तभी वह करंट की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शी साथी सत्यम ने बताया कि जैसे ही सुभाष ने बिजली बोर्ड में तार लगाया, उन्हें तेज करंट लगा और वह पास में भरे पानी के गड्ढे में जा गिरे। यह देखकर साथी तुरंत घबरा गए और उन्हें बचाने का प्रयास किया।

आनन-फानन में घायल सुभाष को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां शाम करीब 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

मृतक के पिता कमलेश ने बताया कि सुभाष अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां बेसुध हो गई और घर में मातम छा गया।

पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

18 वर्षीय दिव्यांग छात्र का शव पेड़ से लटका मिला, पुलिस जांच में जुटी

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हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र के तुर्तीपुर गांव के मजरा रेंदा पुरवा में मंगलवार को एक 18 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान प्रियांशु पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है, जो स्वामी राम कृष्ण परमहंस इंटर कॉलेज, मलिहामऊ में कक्षा 12 का छात्र था। वह एक हाथ और एक पैर से दिव्यांग भी था, जिससे परिवार पर पहले से ही विशेष जिम्मेदारी बनी हुई थी।

जानकारी के अनुसार, प्रियांशु लगभग एक सप्ताह पहले घर से लखनऊ जाने की बात कहकर निकला था। परिजनों का कहना है कि वह दुबग्गा स्थित एक विकलांग स्कूल जाने की बात कह रहा था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था।

मंगलवार को उसके पिता राधेश्याम खेत पर गए थे, तभी गांव से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक बाग में उन्हें तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब वे वहां पहुंचे तो उन्होंने अपने बेटे का शव पेड़ से लटका हुआ पाया। यह दृश्य देखकर परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक फैल गया।

मृतक प्रियांशु अपने चार भाइयों—हिमांशु, दिब्यांशु, सुधांशु और शिवांशु में तीसरे नंबर का था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

थाना प्रभारी सुनील मिश्रा ने बताया कि शव करीब 5–6 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है और सड़ने के कारण काफी क्षत-विक्षत हो गया था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

आगरा–मुरादाबाद हाईवे पर भीषण हादसा, कार में आग लगने से चालक समेत 2 की मौत

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संभल जिले में आगरा–मुरादाबाद हाईवे पर सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार चालक की जलकर मौत हो गई, जबकि एक बाइक सवार ने भी अपनी जान गंवा दी। इस हादसे में कार सवार तीन युवक गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

यह घटना चंदौसी तहसील के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव आटा के पास करीब शाम 5:30 बजे हुई। बताया गया कि तेज रफ्तार कार ने सामने आए बाइक सवार को बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया।

टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई और वह देखते ही देखते आग का गोला बन गई। वाहन में सवार लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चालक की मौत हो चुकी थी।

मंगलवार को मृतक चालक की पहचान अरुण शर्मा (20) पुत्र स्वर्गीय भवनेश शर्मा, निवासी गोलागंज, कस्बा बहजोई के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अरुण अपने परिवार का इकलौता बेटा था और दुखद बात यह है कि उसके पिता की भी करीब 18 साल पहले एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी।

इस हादसे में बाइक सवार अवधेश कुमार (45) पुत्र ओमकार, निवासी गांव लहरशीश, थाना हयातनगर की भी मौत हो गई। वहीं कार में सवार ललतेश (20), हिमांशु (22) और रितिक शर्मा (28), निवासी जिला बदायूं गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज जारी है।

पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी अल्हेपुर, थाना इस्लामनगर (बदायूं) के नाम पर पंजीकृत है। मामले की जांच जारी है।

सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चालक अरुण शर्मा की मौत जलने से होने की पुष्टि हुई है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

एएसपी अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों पर एफआईआर आदेश पर हाईकोर्ट की रोक जारी

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संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक फिलहाल जारी रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है। मंगलवार को सुनवाई उस कारण टल गई क्योंकि केस रजिस्टर्ड नंबर पर सूचीबद्ध नहीं हो सका।

यह मामला उस आदेश से जुड़ा है, जो संभल के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर ने दिया था। इस आदेश में एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। इस आदेश को पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

जानकारी के अनुसार, याचिकाकर्ता यामीन की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने 9 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद एएसपी अनुज चौधरी ने 29 जनवरी 2025 को इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अलग से याचिका दायर की।

इस मामले में पहले भी 10 फरवरी 2025 को न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए सीजेएम के आदेश पर रोक लगा दी थी, जो अब भी प्रभावी है। इससे पहले 9 फरवरी 2025 को भी करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई थी।

पूरा मामला 6 फरवरी 2024 को दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें संभल निवासी यामीन ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे आलम को 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद क्षेत्र में पुलिस ने गोली मारी थी। इसी आधार पर उन्होंने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था।

इसी बीच 24 नवंबर 2024 को संभल में उस समय हिंसा भड़क गई थी, जब मस्जिद के सर्वे को लेकर भारी भीड़ जमा हो गई और पथराव-फायरिंग की घटनाएं हुईं। इस हिंसा में 5 लोगों की मौत हुई थी और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

इस मामले में अब तक 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमे हुए हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद कुछ को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है।