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Thursday, February 26, 2026
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ब्लॉक परिषद में किसान गोष्ठी का भव्य आयोजन: जैविक खेती पर दिया गया जोर

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स्थान: ब्लॉक परिसर

मुख्य अतिथि: श्रीमती लता जी (ब्लॉक प्रमुख)

कार्यक्रम का शुभारंभ

ब्लॉक परिषद में किसान भाईयों के मार्गदर्शन हेतु एक विशेष किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख श्रीमती लता जी द्वारा रिबन काटकर किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में किसानों की आय दोगुनी करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।

विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती के गुर सिखाए:

जैविक खेती पर चर्चा: जिला कृषि अधिकारी विकास किशोर एवं वैज्ञानिक गौतम जी ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों को बताते हुए जैविक खेती (Organic Farming) को अपनाने की विशेष जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कैसे कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाली फसल उगाई जा सकती है।

तकनीकी सुझाव: उपस्थित वैज्ञानिकों ने मिट्टी की सेहत और बीज चयन के महत्व पर प्रकाश डाला।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और प्रगतिशील किसानों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

अशोक सिंह, अवनीश सिंह, अजय वीर सिंह

संजीव कुमार, प्रमोद कुमार गुप्ता

अजय, वाजिद और हमीद जुल्फिकार हरिंदर हरिओम

निष्कर्ष

गोष्ठी के अंत में किसान भाइयों की समस्याओं का समाधान किया गया और उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित सभी किसानों ने जैविक पद्धति को अपनाने का संकल्प लिया।

थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह ने संभाली कमान, पीस कमेटी की बैठक कर होली को लेकर दिए सख्त निर्देश

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अमृतपुर फर्रुखाबाद: थाना अमृतपुर में नवागंतुक थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शांति एवं कानून व्यवस्था को लेकर सक्रियता दिखाते हुए पीस कमेटी की बैठक आयोजित की। बैठक में ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, धर्मगुरुओं, व्यापार मंडल प्रतिनिधियों एवं पत्रकारों ने भाग लिया। आगामी होली पर्व को सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बैठक में विस्तृत चर्चा की गई। थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह ने उपस्थित लोगों से कहा कि होली आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का पर्व है, इसलिए इसे शांतिपूर्ण ढंग से मनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अफवाह, आपत्तिजनक टिप्पणी या सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहार के दौरान शराब पीकर हुड़दंग करने, जबरन रंग डालने या किसी भी प्रकार की शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

थाना अध्यक्ष ने यह भी बताया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं नागरिकों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने में वे पुलिस का साथ देंगे।

अंत में थाना अध्यक्ष रक्षा सिंह ने सभी से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

दारापुर में कथित ऑडियो वायरल, प्रधान प्रतिनिधि पर लगे आरोप; जांच की उठी मांग

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अमृतपुर फर्रुखाबाद: थाना राजेपुर की ग्राम पंचायत दारापुर इन दिनों एक कथित ऑडियो वायरल होने के कारण चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस ऑडियो को ग्राम प्रधान शशि राठौर के पति एवं प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार राठौर से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

वायरल ऑडियो में कथित रूप से एक महिला और प्रधान प्रतिनिधि के बीच बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। चर्चा में ₹500 के लेनदेन का जिक्र होने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों के बीच इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज है। कुछ लोगों ने इसे जनप्रतिनिधि से जुड़े पद की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऑडियो की सत्यता प्रमाणित होती है तो यह सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

वहीं, अभी तक न तो प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी हुआ है और न ही संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने आई है। ऐसे में ऑडियो की प्रमाणिकता और उसमें सुनाई दे रही आवाज की पुष्टि होना शेष है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति या आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति स्पष्ट हो सके।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

शराब के 20 क्वार्टर मांगने वाला लाइन हाजिर दरोगा को हफ्ते भर में फिर मिली तैनाती

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फर्रुखाबाद: अवैध कारोबारी से देशी शराब के 20 क्वार्टर मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने 17 फरवरी को कोतवाली कायमगंज के हल्का नंबर चार में तैनात दरोगा जगदीश वर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था।

बताया जाता है कि वायरल ऑडियो में दरोगा एक दागी कैंटीन संचालक पर दबाव बनाते हुए देशी शराब के 20 क्वार्टर मंगवाने की बात कर रहा है। बातचीत में दरोगा ने कथित रूप से कहा कि “मुझे एक व्यक्ति को बंद करना है, उसके लिए 20 क्वार्टर भिजवा दो, नहीं तो हम आ जाएंगे।” इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि “राजेश से शराब भिजवा देना, विश्वासघात मत करना, हम भी विश्वासघात नहीं करते।”

ऑडियो में दरोगा द्वारा यह भी कहते सुना गया कि “तुम खाई खोद रहे हो, टीन डाली है, उस जगह का मुकदमा चल रहा है,” जिस पर सामने वाले व्यक्ति ने किसी भी अवैध गतिविधि से इनकार किया। इसके बावजूद दरोगा ने शाम तक आने की बात कहते हुए शराब भिजवाने का दबाव बनाया। भयभीत व्यक्ति ने किसी ठेकेदार से बात कराने की बात कही तो दरोगा ने “किसी चेले से शराब भेज दो” कहते हुए आश्वस्त किया कि “डरने की जरूरत नहीं है।”

ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस की जमकर किरकिरी हुई और विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए। हालांकि तत्काल कार्रवाई करते हुए एसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था, लेकिन महज एक सप्ताह बाद ही उनकी थाना राजेपुर में पुनः तैनाती कर दी गई।

अब सवाल यह उठ रहा है कि गंभीर आरोपों और सार्वजनिक किरकिरी के बावजूद इतनी जल्द दोबारा तैनाती कैसे मिल गई। सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस व्यवस्था का मजाक बना रहे हैं और पारदर्शिता व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

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फर्रुखाबाद: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से लागू है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लागू तिथि के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था, जबकि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा गया था।

हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के बाद स्थिति बदल गई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय के विरोध में देशभर के शिक्षक टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलनरत हैं और भारत सरकार से अध्यादेश लाकर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग कर रहे हैं।

इसी क्रम में जनपद के शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर संसद से कानून पारित कराए।धरने के दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवनीश चौहान, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष अलका कौशल, महामंत्री डॉ. वीरेंद्र त्रिवेदी, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिनेश मिश्रा, उपाध्यक्ष राहुल गंगवार, उपाध्यक्ष राजीव यादव, देवेश यादव, अशोक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर नई अनिवार्यता थोपना उनके साथ अन्याय है और सरकार को इस पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

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फर्रुखाबाद| शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से लागू है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लागू तिथि के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया था, जबकि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त रखा गया था।
हाल ही में माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के बाद स्थिति बदल गई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति हेतु टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय के विरोध में देशभर के शिक्षक टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले आंदोलनरत हैं और भारत सरकार से अध्यादेश लाकर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग कर रहे हैं।
इसी क्रम में जनपद के शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर संसद से कानून पारित कराए।धरने के दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवनीश चौहान, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष अलका कौशल, महामंत्री डॉ. वीरेंद्र त्रिवेदी, उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिनेश मिश्रा, उपाध्यक्ष राहुल गंगवार, उपाध्यक्ष राजीव यादव, देवेश यादव, अशोक कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर नई अनिवार्यता थोपना उनके साथ अन्याय है और सरकार को इस पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।