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Saturday, March 14, 2026
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एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर एडीएम ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया

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शाहजहांपुर। एसआई (सब-इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी रजनीश मिश्रा ने शनिवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एडीएम ने केंद्र व्यवस्थापकों व संबंधित अधिकारियों को शासन की गाइडलाइन के अनुरूप सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता, बैठने की व्यवस्था और अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्त होने तक शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित माहौल बनाए रखा जाए। प्रशासन की ओर से परीक्षा को लेकर सुरक्षा व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।

उबरिया मंदिर पर दबंगों ने दिव्यांग धर्मवीर दास पर किया हमला, रिपोर्ट दर्ज करने की मांग

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शाहजहाँपुर: ग्राम मीरपुर निवासी विकलांग धर्मवीर दास (शिष्य शिवरामदास) ने कोतवाली जलालाबाद प्रभारी को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को उबरिया मंदिर पर भोजन बनाते समय ग्राम मिठहा के पारस, अखिलेश (पुत्र लदूरी), राजेश, बृजेश (पुत्र चन्द्रबक्श), दिनेश, अवधेश (पुत्र राजबहादुर सिंह) समेत कई दबंगों ने लाठी-डंडों, लात-घूसों से हमला किया।

हमलावरों ने उनके हाथ पर दांतों से काटा भी, जिससे गंभीर चोटें आईं।धर्मवीर दास, जो अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा मथुरा-वृन्दावन के कार्यकर्ता हैं, ने कहा कि पहले दी गई शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस को पत्र देकर हमलावरों पर कठोर एक्शन, रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है। प्रार्थी ने जान-माल के खतरे का हवाला देते हुए तत्काल जांच की गुहार लगाई। पुलिस का कहना है कि वह बाबाओ के लफड़े से दूर रहती है।

अल्लाहगंज क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग इंटर की छात्रा को ले उड़े गुरुजी, दादी ने पुलिस से लगाई गुहार, चार संदिग्ध फरार

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उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के थाना अल्लाहगंज क्षेत्र के एक गांव में 6 मार्च को एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की क्योंकि इंटर की छात्रा है उसके गुरु जी उसको पकड़ कर ले गए हैं । पीड़िता की दादी ने शनिवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) जलालाबाद को शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

दादी ने आरोप लगाया है कि छात्र के गुरु जी निवासी ग्राम मऊ, थाना अल्लाहगंज ने अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ मिलकर चारपहिया वाहन से लड़की का अपहरण किया।दादी के अनुसार, घटना 6 मार्च दोपहर करीब 2 बजे हुई। उनकी नातिन उस समय गांव के रोड पर खड़ी थी। तभी अजयवीर और उसके साथी चारपहिया वाहन में सवार होकर आए। उन्होंने लड़की को ‘पेपर देने’ के बहाने गाड़ी में खींच लिया। पीड़िता ने जमकर विरोध किया और चीखें भी मचाईं, लेकिन अपहरणकर्ता उसे जबरन गाड़ी में बिठाकर फरार हो गए।

दादी ने बताया कि अपहरण के आठ दिनों बाद भी लड़की का कोई सुराग नहीं लगा है, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया है। वे चिंतित हैं कि उनकी नातिन की हत्या तो नहीं कर दी गई।परिवार की व्यथा और पुलिस की प्रतिक्रिया
दादी ने शिकायत में स्पष्ट रूप से अजयवीर का नाम बताया है, जो पीड़िता के गांव के आसपास ही रहता है। उन्होंने पुलिस से नाबालिग नातिन की तलाश तेज करने और अपहरणकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

थाना अल्लाहगंज के प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया, “मामला अभी हमारे संज्ञान में नहीं आया था। प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही तत्काल जांच शुरू कर दी जाएगी। पीड़िता की तलाश के लिए टीमें गठित की जाएंगी और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।”

क्षेत्र में बढ़ती अपराध चिंता का विषय

यह घटना इलाके में अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं, खासकर नाबालिग लड़कियों के लिए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज, वाहन ट्रैकिंग और मुखबिरों की मदद से अपहरणकर्ताओं को जल्द पकड़ा जाएगा। पीड़िता के परिवार ने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की

“बुलडोजर केवल तोड़ता नहीं, विकास की जमीन भी तैयार करता है” — राजनाथ सिंह

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लखनऊ। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर को केवल तोड़फोड़ के प्रतीक के रूप में देखना सही नहीं है। उनके अनुसार बुलडोजर अवैध निर्माण हटाने के साथ-साथ विकास के लिए नई जमीन भी तैयार करता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में अवैध कब्जे या अनियोजित निर्माण होते हैं तो वहां योजनाबद्ध विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई केवल कानून लागू करने के लिए नहीं होती, बल्कि यह भविष्य के विकास कार्यों का रास्ता भी साफ करती है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य या शहर के विकास के लिए यह जरूरी है कि वहां कानून का शासन मजबूत हो। अगर सार्वजनिक जमीन, सड़कों, नालों या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हो जाएंगे तो वहां विकास योजनाएं लागू करना मुश्किल हो जाता है।

उन्होंने कहा कि जब प्रशासन ऐसे अवैध निर्माण हटाता है तो उससे न केवल व्यवस्था कायम होती है बल्कि शहरों के बेहतर नियोजन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी रास्ता खुलता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी होती है कि वे सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा करें और उनका उपयोग आम जनता के हित में करें। अगर कहीं अवैध कब्जे हो जाते हैं तो वहां कार्रवाई करना जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग केवल कार्रवाई का प्रतीक नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने का एक माध्यम भी है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कई बार शहरों में सड़क चौड़ीकरण, नई कॉलोनियों का विकास, पार्क, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण के लिए पहले अवैध कब्जों को हटाना पड़ता है।

ऐसे में बुलडोजर की कार्रवाई केवल हटाने का काम नहीं करती, बल्कि उस जमीन पर भविष्य के विकास कार्यों के लिए रास्ता तैयार करती है। हाल के वर्षों में कई राज्यों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई चर्चा का विषय रही है। इस पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस होती रही है। राजनाथ सिंह के इस बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने बुलडोजर को केवल तोड़फोड़ का प्रतीक मानने की बजाय विकास और व्यवस्था से जोड़कर देखा है।

हाईवे पर पलटा गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक, सड़क पर बिखरे सिलेंडर

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अजमेर: अजमेर के किशनगढ़ (Kishangarh) से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पुराना टोल के पास चिड़िया बावड़ी इलाके में गैस सिलेंडरों (gas cylinders) से भरा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त ट्रक का टायर फटने के बाद चालक ने हिम्मत नहीं हारी, वरना बड़ा धमाका हो सकता था।

मिली जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडरों से भरा यह ट्रक बरना गांव से लोडिंग के बाद किशनगढ़ स्थित गैस एजेंसी की तरफ जा रहा था। तभी पुराना टोल के पास चिड़िया बावड़ी के समीप अचानक तेज धमाके के साथ गाड़ी का टायर फट गया। टायर फटने से ट्रक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सड़क किनारे जाकर पलट गई।

हादसा इतना जोरदार था कि ट्रक में लदे करीब 145 गैस सिलेंडर सड़क पर इधर-उधर बिखर गए। हाईवे से गुजरने वाले अन्य वाहन चालक सहम गए कि कहीं कोई बड़ा धमाका न हो जाए। वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात ये रही कि किसी भी सिलेंडर से गैस का रिसाव नहीं हुआ और कोई जनहानि भी नहीं हुई।

सूचना मिलते ही मदनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ASI खेमाराम ने बताया कि जैसे ही कंट्रोल रूम से खबर मिली, पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया गया। सिलेंडरों को सुरक्षित साइड में हटवाया गया। हाईवे पर लगे जाम को कुछ ही देर में खुलवा दिया गया।

दरअसल, हाईवे पर ऐसी लापरवाही या तकनीकी खामी से बड़ा खतरा हो सकता था। गनीमत रही कि मदनगंज थाना पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्परता दिखाई, जिससे यातायात सुचारू हो सका। फिलहाल, पुलिस ने स्थिति का जायजा ले लिया है और सड़क को पूरी तरह से आवागमन के लिए सुरक्षित कर दिया है।

 

लेबनान पर इस्राइली हमला, बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल, ईरान ने तेज किया पलटवार

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यरूशलम: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। क्षेत्र में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाओं के बीच यह संघर्ष अब पंद्रहवें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

शनिवार को ताजा घटनाक्रम में इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर एक मिसाइल गिरने की खबर सामने आई। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार मिसाइल दूतावास परिसर के हेलिपैड के पास गिरी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस हमले को लेकर अभी तक अमेरिकी दूतावास की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास को दुनिया के सबसे बड़े राजनयिक परिसरों में गिना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस परिसर को कई बार रॉकेट और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया जा चुका है। इन हमलों के पीछे अक्सर ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों पर आरोप लगाए जाते रहे हैं।

इसी बीच लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इस्राइली हवाई हमले की भी खबर सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक तटीय क्षेत्र तआमीर हरेट सैदा में हुए इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। हमले के बाद इलाके में बचाव कार्य जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इससे पहले एक अन्य हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि इस्राइल के हवाई हमले में दो स्वास्थ्यकर्मियों की भी मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। बताया गया कि हमला एक संयुक्त मेडिकल केंद्र पर हुआ था, जिसे इस्लामिक हेल्थ अथॉरिटी और इस्लामिक मैसेज स्काउट्स मिलकर संचालित कर रहे थे।

लेबनान सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। सरकार का कहना है कि चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों को निशाना बनाना अत्यंत खतरनाक और अस्वीकार्य कदम है, क्योंकि युद्ध के समय भी स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षा देना अंतरराष्ट्रीय नियमों का हिस्सा है।

दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता एब्राहीम जोल्फाघरी ने बताया कि “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” की 46वीं लहर शुरू कर दी गई है, जिसके तहत दुश्मन के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।

ईरानी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई दुश्मन ड्रोन को मार गिराया है। उनके अनुसार फिरोजाबाद और बंदर अब्बास के ऊपर दो एमक्यू-9 ड्रोन तथा तबरीज़ के आसमान में एक अन्य ड्रोन को नष्ट किया गया है।

ईरान ने यह भी दावा किया है कि अब तक कुल 112 ड्रोन और लड़ाकू विमानों को नष्ट किया जा चुका है। इनमें निगरानी ड्रोन, लड़ाकू विमान और कथित सुसाइड ड्रोन भी शामिल बताए गए हैं।

इसी दौरान फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के खार्ग द्वीप पर भी धमाकों की खबर सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार द्वीप पर एक के बाद एक कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद आसमान में घना धुआं उठता दिखाई दिया।

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि हमलों के बावजूद द्वीप की सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोटों के करीब एक घंटे के भीतर ही रक्षा प्रणाली फिर से पूरी तरह काम करने लगी।

खार्ग द्वीप को ईरान के तेल कारोबार की लाइफलाइन माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का निर्यात किया जाता है। इसलिए इस क्षेत्र पर हमला होने की खबरों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी चिंता बढ़ा दी है।

उत्तरी इस्राइल के गलील क्षेत्र में भी रॉकेट और मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई है। इस्राइल की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने सीमावर्ती कस्बों के निवासियों से तुरंत सुरक्षित स्थानों और बंकरों में जाने की अपील की है।

इस्राइल की सेना ने भी पुष्टि की है कि ईरान की ओर से देश की दिशा में कई मिसाइलें दागी गई हैं। हमलों को रोकने के लिए इस्राइल की वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उधर भारत सरकार ने भी पश्चिम एशिया में तेजी से बदलती परिस्थितियों पर पैनी नजर बनाए रखने की बात कही है। सरकार का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है, इसलिए हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।