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Tuesday, June 23, 2026
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बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा की माता एवं पूर्व चेयरमैन निर्मला सिंह का निधन

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कानपुर। बिठूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अभिजीत सिंह सांगा की माता एवं बिठूर नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन निर्मला सिंह का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

निर्मला सिंह लंबे समय तक जनसेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं। बिठूर नगर पंचायत की चेयरमैन के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल को स्थानीय विकास और जनता से जुड़े रहने के लिए याद किया जाता है।

निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक, शुभचिंतक एवं जनप्रतिनिधि शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। लोगों ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।

शोक संदेशों में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।

निष्पक्ष प्रणाली और पारदर्शिता से सरकार की पहचान बना रहे सूचना निदेशक विशाल सिंह

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– फ़र्ज़ीवाड़ा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
– दलाल मीडिया की एंट्री बंद
– सरकारी योजनाओं को जन जन तक पहुँचाना प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में सूचना निदेशक के रूप में कार्यरत विशाल सिंह अपनी कार्यशैली, सरल व्यवहार और परिणामोन्मुखी सोच के कारण प्रशासनिक एवं मीडिया जगत में अलग पहचान बना रहे हैं। सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने में उनकी भूमिका लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।

विशाल सिंह ने सूचना निदेशक का दायित्व संभालने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं। उन्होंने सूचना विभाग को केवल सरकारी विज्ञप्तियों तक सीमित न रखकर जनसंचार का प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर दिया है। उनके नेतृत्व में विभाग ने आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग शुरू किया है, जिससे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी तेजी से जनता तक पहुंच रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों और आम नागरिकों के बीच विशाल सिंह की पहचान एक सहज, सुलभ और संवेदनशील अधिकारी के रूप में है। वे संवाद को प्राथमिकता देते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित निर्णय लेने में विश्वास रखते हैं। यही कारण है कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समन्वय को नई मजबूती मिली है।

अयोध्या में जिलाधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने विकास कार्यों और प्रशासनिक दक्षता की मिसाल पेश की थी। उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें एक प्रभावशाली प्रशासक के रूप में स्थापित किया। इसी अनुभव का लाभ अब सूचना विभाग को भी मिल रहा है।

सूचना निदेशक के रूप में विशाल सिंह का प्रयास है कि सरकार की नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों की सटीक एवं प्रमाणिक जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। डिजिटल संचार, सोशल मीडिया और नवीन तकनीकों के माध्यम से विभाग को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में उनके प्रयास निरंतर जारी हैं।

सरकारी तंत्र और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने की उनकी पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यही वजह है कि विशाल सिंह आज उन अधिकारियों में गिने जा रहे हैं जो कम बोलते हैं, लेकिन अपने कार्यों से प्रभाव छोड़ते हैं। उनकी कार्यशैली इस बात का उदाहरण है कि प्रशासनिक सफलता का आधार केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली कार्य संस्कृति होती है।

बागी खेमे ने ममता बनर्जी की जगह अरुण रॉय बनाया टीएमसी का नया अध्यक्ष

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) के भीतर जारी सियासी संकट के बीच बागी खेमे ने बड़ा फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता अरूप रॉय को अपना नया अध्यक्ष घोषित कर दिया है। बागी गुट ने दावा किया है कि उसने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को “वास्तविक टीएमसी ” का चेहरा बनाया है।

अरूप रॉय पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे हावड़ा मध्य विधानसभा सीट से लगातार चार बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वे लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहे हैं तथा हावड़ा जिले में संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता में आयोजित विशेष बैठक में अरूप रॉय को अध्यक्ष घोषित किया। बागी नेताओं का दावा है कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत है और वे चुनाव आयोग के समक्ष खुद को “असली TMC” के रूप में पेश करेंगे।

अरूप रॉय की नियुक्ति को ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बगावत, सांसदों और विधायकों के अलग रुख तथा संगठनात्मक विवादों ने टीएमसी की आंतरिक राजनीति को काफी प्रभावित किया है।

हालांकि ममता समर्थक खेमे ने बागियों के इस फैसले को मान्यता देने से इनकार किया है और ममता बनर्जी को ही पार्टी का वैध अध्यक्ष बताया है। ऐसे में अब सबकी नजर चुनाव आयोग और आगे की राजनीतिक घटनाओं पर टिकी हुई है।

IYC-NSUI का देशव्यापी अभियान 25 जून से, 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ मार्च का ऐलान

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नई दिल्ली। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) और राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक पूरे देश में चलाया जाएगा।

 

संगठनों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसी को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन, जनसभाएं और छात्र-युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

अभियान के तहत 9 अगस्त को ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकाला जाएगा, जिसमें देशभर से छात्र और युवा शामिल होंगे। IYC और NSUI ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।

 

संगठनों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक नेटवर्क की जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सालाना परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि निश्चित परीक्षा-भर्ती कैलेंडर से युवाओं को पारदर्शी और समयबद्ध अवसर मिल सकेंगे।

 

IYC और NSUI नेताओं ने दावा किया कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर यह अब तक का बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बांदा में आसमान से बरस रही ‘आग’, पारा फिर 42 डिग्री के पार; गर्मी के कारणों की जांच में जुटे वैज्ञानिक

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बांदा। बुंदेलखंड का बांदा जिला एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में है। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

 

लगातार बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के पैटर्न को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैज्ञानिकों की एक टीम गठित कर गर्मी के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वैज्ञानिक यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि जिले में तापमान सामान्य से अधिक क्यों बना हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन से स्थानीय एवं पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार हैं।

 

प्रशासन का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, हरित क्षेत्र में कमी, भूजल स्तर में गिरावट और शहरीकरण जैसे कारण गर्मी की तीव्रता बढ़ा सकते हैं। इन्हीं पहलुओं का अध्ययन कर वैज्ञानिक अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।

 

जिला प्रशासन और वैज्ञानिकों की संयुक्त पहल का उद्देश्य हीटवेव प्रबंधन और जलवायु अनुकूलन के लिए एक प्रभावी मॉडल विकसित करना है, जिससे भविष्य में भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके। साथ ही लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में तापमान और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय स्तर पर प्रभावी रणनीति तैयार करना समय की आवश्यकता बन गया है।

भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ के बाद बिहार पुलिस को मिल रहीं धमकियां, जांच में जुटी साइबर टीम

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पटना। भोजपुर में चर्चित भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ के बाद बिहार पुलिस को लगातार धमकी भरे फोन कॉल मिल रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए भोजपुर पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।

 

जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारियों को प्रतिदिन 400 से अधिक कॉल प्राप्त हो रहे हैं। इनमें अधिकांश कॉल उत्तर प्रदेश से किए जाने की बात सामने आई है। कई कॉल में पुलिस अधिकारियों को धमकियां दी जा रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

 

भोजपुर पुलिस ने कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू कर दिया है। साइबर टीम विभिन्न नंबरों की लोकेशन और कॉल करने वालों की पहचान करने में जुटी हुई है।

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच आगे बढ़ रही है।

 

भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ के बाद उत्पन्न हुए इस घटनाक्रम ने बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की पुलिस एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।