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Wednesday, June 10, 2026
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आगरा: 100 फीट गहरे कुएं में गिरी महिला को दमकल विभाग की टीम ने निकाला, 3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

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आगरा: यूपी के आगरा (Agra) जिले के खेड़ा राठौर थाना क्षेत्र के कासगंज गांव में 100 फीट गहरे कुएं में गिरी एक महिला को दमकल विभाग की टीम (Fire department team) ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सकुशल बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान कुएं में जानलेवा मीथेन गैस की मौजूदगी का पता चलने पर फायर ब्रिगेड कर्मियों ने गैस का प्रभाव कम करने के लिए कई बार पानी का छिड़काव किया।

इसके बाद फायरमैन अमरजीत चौधरी ब्रीदिंग अपैरेटस पहनकर संकरे कुएं में उतरे और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। महिला को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस साहसिक कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर ने फायरमैन अमरजीत चौधरी को सम्मानित किया।

पुलिस ने बताया कि महिला की पहचान कासगंज निवासी लक्ष्मी सिंह के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार महिला पहले भी इससे2015 में इसी तरीके से कुएं में गिर गई थी। उस समय भी महिला को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया गया था।

 

मोदी का कांग्रेस पर सबसे बड़ा हमला, एनडीए ने देश को ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ और कुचक्र से किया आजाद : नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला। केंद्र में लगातार 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उसने देश को कांग्रेस के कुचक्र, घोटालों और नीतिगत पंगुता से मुक्त कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना में धकेले रखा, जबकि एनडीए ने नीयत, नीति और निर्णय की ताकत से भारत को नई दिशा दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में अस्थिरता, भ्रष्टाचार और धीमी विकास दर का माहौल था। कांग्रेस सरकारों ने देशवासियों को यह विश्वास दिला दिया था कि भारत तेज गति से विकास नहीं कर सकता। उन्होंने ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ शब्द पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह दरअसल कांग्रेस की विफल कार्यशैली का परिणाम था, जिसका ठीकरा देश की बहुसंख्यक आबादी पर फोड़ा गया। उन्होंने इसे ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश हजारों करोड़ रुपये के घोटालों में उलझा रहा, जबकि 2014 में एनडीए सरकार बनने के बाद विकास की नई यात्रा शुरू हुई। उन्होंने दावा किया कि आज देश स्थिर और निर्णायक सरकार का लाभ देख रहा है और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।

मोदी ने कहा कि 2014 में जब एनडीए सत्ता में आया था, तब देश के सामान्य नागरिक के मन में नई आशा और विश्वास का उदय हुआ था। एनडीए परिवार ने उस भरोसे को टूटने नहीं दिया और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया। उन्होंने देश की जनता को नमन करते हुए कहा कि जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से ही यह लंबी राजनीतिक यात्रा संभव हो सकी है।

प्रधानमंत्री के इस संबोधन को आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीधे कांग्रेस को विकास में बाधा, भ्रष्टाचार और नीति विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए एनडीए शासन को देश के परिवर्तन और विकास का आधार बताया।

सेना की मारक शक्ति होगी दोगुनी, 300 नई K-9 वज्र तोपों की खरीद की तैयारी

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नई दिल्ली। भारतीय सेना के तोपखाना आधुनिकीकरण अभियान को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। केंद्र सरकार 300 से अधिक अत्याधुनिक K-9 वज्र-टी स्वचालित ट्रैक्ड तोपों की खरीद के प्रस्ताव पर तेजी से आगे बढ़ रही है। करीब 23 हजार करोड़ रुपये की इस संभावित डील को हाल के वर्षों में सेना के लिए सबसे बड़े आर्टिलरी सौदों में से एक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव को जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।

K-9 वज्र-टी 155 मिमी/52 कैलिबर की स्वचालित ट्रैक्ड आर्टिलरी गन है, जिसे दक्षिण कोरिया की कंपनी हनवा एयरोस्पेस ने डिजाइन किया है और भारत में इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा किया जाता है। यह तोप 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है और अपनी तेज फायरिंग क्षमता, गतिशीलता तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में प्रभावी प्रदर्शन के लिए जानी जाती है।

भारतीय सेना ने वर्ष 2017 में पहली बार 100 K-9 वज्र तोपों की खरीद का आदेश दिया था, जिसकी आपूर्ति तय समय से पहले पूरी कर ली गई थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में रक्षा मंत्रालय ने 100 और तोपों की खरीद के लिए 7,628 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध किया था। अब 300 अतिरिक्त तोपों के शामिल होने से सेना की मारक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

पहले इन तोपों की तैनाती भारत-पाकिस्तान सीमा पर की गई थी, लेकिन वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन तनाव बढ़ने के बाद इन्हें ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में भी तैनात किया गया। अत्यधिक ठंड और शून्य से नीचे तापमान में भी इनका प्रदर्शन प्रभावी रहा, जिससे यह पहाड़ी युद्धक्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई हैं।

यह खरीद सेना की दीर्घकालिक आर्टिलरी आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वर्ष 2042 तक 155 मिमी कैलिबर को सेना की मानक तोप प्रणाली बनाने का लक्ष्य रखा गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई K-9 वज्र तोपों के शामिल होने से उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और जवाबी कार्रवाई की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

राहुल-अभिषेक मुलाकात से गरमाई सियासत, TMC-कांग्रेस विलय की अटकलें तेज

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नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुलाकात ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। बुधवार को 10 जनपथ में करीब 90 मिनट चली इस बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि विलय को लेकर उसकी ओर से कोई पहल नहीं की गई है और यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होगा तो वह तृणमूल कांग्रेस की तरफ से आना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में INDIA गठबंधन को मजबूत करने, विपक्षी एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। इससे पहले तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी झटकों और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच तृणमूल कांग्रेस कांग्रेस के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी बीच तृणमूल सांसद सुष्मिता देव के पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देने से संकट और गहरा गया है। सुष्मिता देव के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी तेज हैं, खासकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद।

वहीं भाजपा ने पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए विपक्षी दलों पर सत्ता के लिए अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है। हालांकि कांग्रेस और तृणमूल दोनों ही दल फिलहाल विलय की अटकलों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही शीर्ष स्तर की बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

यूपी के 33 पीसीएस अधिकारियों को मिलेगा आईएएस प्रमोशन, 2010-11 बैच के अफसरों का इंतजार खत्म

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) मुख्यालय, नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) संवर्ग में पदोन्नत किए जाने पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही वर्षों से आईएएस प्रमोशन का इंतजार कर रहे अधिकारियों का सपना साकार होने की राह पर पहुंच गया है।

बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज शामिल हुए। चयन वर्ष 2025 के लिए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को आईएएस प्रमोशन कोटे के तहत 33 पद आवंटित किए हैं। इन पदों पर चयन के लिए वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के सेवा अभिलेखों और पात्रता का परीक्षण किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 बैच के आठ तथा 2011 बैच के 21 पीसीएस अधिकारी पदोन्नति की दौड़ में शामिल हैं। दोनों बैचों के कुल 29 अधिकारियों का आईएएस संवर्ग में चयन लगभग तय माना जा रहा है। शेष चार रिक्त पदों पर वर्ष 2012 बैच के वरिष्ठतम अधिकारियों को मौका मिलने की संभावना है।

डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नियुक्ति विभाग औपचारिक कार्यवाही में जुट गया है। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की आवश्यक मंजूरियों के बाद जल्द ही पदोन्नत अधिकारियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में अनुभवयुक्त अधिकारियों की संख्या बढ़ेगी और लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पीसीएस अधिकारियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, 1.41 करोड़ नाम हटे, 1.81 लाख नए वोटर जुड़े

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस बार मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है। आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में करीब 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि 1.81 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया गया है।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया था। इस दौरान मृतक, दोहराव वाले और दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। वहीं पात्र नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और सटीक बनाया जा सके।

इस बार आयोग ने पंचायत चुनाव में तकनीकी सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रत्येक मतदाता को नौ अंकों का एक विशिष्ट पहचान नंबर जारी किया गया है, जिससे उसकी पहचान और रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन आसान होगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे फर्जी मतदान और मतदाता सूची में गड़बड़ियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी यह अंतिम मतदाता सूची आगामी पंचायत चुनाव की आधारशिला मानी जा रही है। अब इसी सूची के आधार पर मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। चुनावी तैयारियों के बीच सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की भी नजर बनी हुई है।