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Tuesday, May 26, 2026
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गौशाला में अव्यवस्थाओं पर भड़का हिंदू रक्षा दल, डीएम से जांच की मांग

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फर्रुखाबाद। जनपद के रोशनाबाद क्षेत्र स्थित खगऊ गौशाला का निरीक्षण करने पहुंची हिंदू रक्षा दल की टीम ने वहां व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गहरा आक्रोश जताया। टीम के सदस्यों ने गौवंशों की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाया और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
निरीक्षण के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने गौवंशों को अनाज, तरबूज, खरबूजा और आलू खिलाए। टीम का कहना था कि गौशाला में पर्याप्त देखभाल और व्यवस्थाओं का अभाव दिखाई दिया, जिससे गोवंशों की हालत खराब हो रही है। कई स्थानों पर साफ-सफाई और चारे की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
हिंदू रक्षा दल के प्रांतीय अध्यक्ष सनी गुप्ता ने कहा कि गौशाला प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौशाला की व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा बेजुबान गोवंशों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि गौशाला की देखरेख प्रधान रामप्यारी, उनके पुत्र शैलेश कुमार यादव तथा सचिव अमित के जिम्मे है, लेकिन व्यवस्थाओं की स्थिति बेहद खराब मिली। संगठन ने जिला अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा के व्यवस्था ठीक कराने की मांग की है।

बेटे की जमानत के नाम पर रुपये लेने और मारपीट का अधिवक्ता पर आरोप

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आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में एक अधिवक्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के गांव नागर निवासी ओमबीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके बेटे की जमानत कराने के नाम पर अधिवक्ता ने रुपये लेने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की और विरोध करने पर मारपीट की।

पीड़ित ओमबीर सिंह के अनुसार उनका बेटा एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद है। बेटे की जमानत कराने के लिए उन्होंने अधिवक्ता महावीर तिवारी से संपर्क किया था। आरोप है कि अधिवक्ता ने दो किश्तों में कुल 35 हजार रुपये लिए, लेकिन इसके बावजूद जमानत नहीं कराई जा सकी। काफी समय बीत जाने पर ओमबीर सिंह ने दूसरे अधिवक्ता से सलाह लेने का फैसला किया।

ओमबीर सिंह का आरोप है कि 19 मई को जब वह दूसरे अधिवक्ता से मिलने जा रहे थे, तभी महावीर तिवारी ने अपने साथी अधिवक्ता लव तिवारी और अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। डॉक्टर से जांच कराने पर पता चला कि उनके जबड़े में फ्रैक्चर हो गया है। घटना के बाद पीड़ित ने थाना न्यू आगरा में शिकायत दर्ज कराई।

थाना न्यू आगरा प्रभारी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अधिवक्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।

बकरियों के लिए तैयार हुआ खास रेडिमेड फीड, बढ़ेगा वजन और रोगों से मिलेगा बचाव

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केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम मथुरा के वैज्ञानिकों ने बकरियों के लिए विशेष रेडिमेड फीड तैयार किया है। हरे चारे की कमी को देखते हुए विकसित किया गया यह आहार बकरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनका वजन तेजी से बढ़ाने में भी मदद करेगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस फीड के इस्तेमाल से बकरी पालकों को अधिक मुनाफा मिलेगा। संस्थान ने इस उत्पाद को बाजार में उतारने के लिए मुंबई और इंदौर की कंपनियों से करार भी किया है।

संस्थान के पशु पोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि बकरियों में प्रोटोजोआ परजीवी के कारण होने वाली कोक्सीडियोसिस बीमारी से बचाव के लिए “काक्सीचेक एच” नामक रेडिमेड फीड तैयार किया गया है। यह बीमारी दूषित चारा और गंदा पानी पीने से फैलती है, जिससे बड़ी संख्या में बकरियां प्रभावित होती हैं। इस विशेष फीड में अनाज, खली, चोकर, मिनरल मिक्सचर और दलहन भूसा के साथ औषधीय पौधों के अर्क मिलाए गए हैं, जो परजीवियों को खत्म करने में मदद करते हैं और बकरियों को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

वैज्ञानिकों ने “मेथलो एच” नाम का एक और रेडिमेड फीड भी विकसित किया है, जो बकरियों से निकलने वाली मिथेन गैस को कम करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार मिथेन गैस ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में कार्बन डाइऑक्साइड से 21 गुना अधिक प्रभावी मानी जाती है। इस फीड में भी औषधीय पौधों के अर्क का उपयोग किया गया है। इससे न केवल बकरियों का वजन बढ़ता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।

इसके अलावा दूध देने वाली बकरियों के लिए मोरिंगा आधारित संपूर्ण आहार भी तैयार किया गया है। परीक्षण में पाया गया कि इसके सेवन से बकरियों के दूध उत्पादन में 15 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। यह आहार थनैला रोग से बचाव में भी सहायक साबित हुआ है। संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने बताया कि यह तकनीक बकरी पालन क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस फीड की लागत फिलहाल 16 से 18 रुपये प्रति किलो है, जो बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर और कम हो सकती है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, दिल्ली के दो लोगों की मौत

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संभल जिले के कैलादेवी थाना क्षेत्र में सोमवार को गंगा एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गांव अझरा के पास दो कारों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत में दिल्ली निवासी दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा एक कार के गलत दिशा में चलने के कारण हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। वहीं दूसरी कार के चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में गलत दिशा में वाहन चलाने की बात सामने आ रही है।

इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे पर एक और हादसे में डीसीएम की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली दो हिस्सों में बंट गई। हसनपुर क्षेत्र में हुए इस हादसे में ट्रैक्टर चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर किया गया है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

टोरंट पावर को राहत देने के विरोध में नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन

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आगरा में टोरंट पावर के 431 करोड़ रुपये माफ किए जाने के विरोध में सोमवार को कोटली बगीची और काजीपाड़ा क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि निगम के पास टोरंट पावर को राहत देने के लिए करोड़ों रुपये हैं, लेकिन बस्तियों में सड़क, सीवर और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट नहीं है। लोगों ने कहा कि कई इलाकों में सीवर उफन रहे हैं और नागरिक पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं।

डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां लेकर नगर निगम पहुंचे। तख्तियों पर “टोरंट पर मेहरबानी, बस्तियों में न सड़क न पानी” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों को निगम कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया गया, जिसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए और मेयर हेमलता दिवाकर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशीष प्रिंस ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार तक अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कर सड़क और सीवर व्यवस्था का एस्टीमेट तैयार नहीं किया गया, तो बुधवार को फिर से नगर निगम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

राहुल वरुण ने बताया कि काजीपाड़ा स्थित माहौर समाज की बगीची जर्जर हालत में है, जबकि कोटली बगीची क्षेत्र में टूटी सड़कें और गंदा पानी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। इसके अलावा जगदीशपुरा और लोहामंडी क्षेत्रों में टूटे नाले, सीवर और गंदगी के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। प्रदर्शन में विवेक बौद्ध, नितिन सोनी, रोहित सोनी, नरेंद्र बौद्ध, बलदेव सिंह, शाकिर अली, जयंती देवी, माया देवी, रोहन माथुर और चंद्रा देवी समेत कई लोग मौजूद रहे।

अलीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में खड़े वाहनों में लगी भीषण आग, पांच बाइक जलकर राख

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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में सोमवार को रेलवे डाकघर के पास खड़े कई दोपहिया वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी कई बाइक और स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में पांच बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि तीन स्कूटी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार सभी वाहन रेलवे डाकघर के पास एक सुनसान स्थान पर खड़े थे। अचानक वहां से धुआं उठता देख आसपास मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, जिससे आग और अधिक फैलने से रोकी जा सकी।

रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग बुझने तक पांच बाइक पूरी तरह जल चुकी थीं और तीन स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के दौरान स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल रहा। आग की लपटें और धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई।

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि किसी वाहन में शॉर्ट सर्किट या भीषण गर्मी के कारण आग लगी होगी, जिसने पास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। रेलवे प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।