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Monday, February 23, 2026
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यूनियन बैंक द्वारा मुंबई क्लाईमेट वीक में प्रतिभागिता एवं योगदान

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नई दिल्ली: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) (UBI) ने मुंबई क्लाईमेट वीक (mcw) 2026 में सहभागिता की है, जो जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने के लिए ग्लोबल साउथ सिटी-नेतृत्व वाला मंच है, जिसका आयोजन जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी, मुंबई में किया गया। बैंक ने भारतीय उद्योग के लिए महत्वाकांक्षा को निवेश योग्य कार्रवाई में बदलने में मदद करने के लिए प्रमुख थिंक टैंक (विचारकों) के साथ संयुक्त रूप से विकसित तीन लीडरशिप दस्तावेजों का भी अनावरण किया।

इस्पात एवं सीमेंट क्षेत्र का कार्बन उत्सर्जन कम करना (जीआईजेड, जर्मन अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के साथ संयुक्त रूप से विकसित). यह दस्तावेज़ उन क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए तकनीकी मार्ग, कार्यान्वयन कार्यनीति, परिपक्वता स्तर, कम कार्बन वाली तकनिकियां और वित्तपोषण तंत्र प्रस्तुत करता है जहां कार्बन उत्सर्जन कम करना कठिन है।

परिवर्तन आयोजना हेतु जलवायु परिदृश्य मॉडलिंग (सीईईडबल्यू, ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद के साथ संयुक्त रूप से विकसित), यह दस्तावेज़ भारत के लिए विशिष्ट जलवायु परिदृश्य विकसित करने हेतु जीसीएएम (ग्लोबल चेंज एनालिसिस) मॉडल का उपयोग करने में बैंक के अग्रणी कार्य को रेखांकित करता है। यह दस्तावेज़ जलवायु जोखिम एवं अवसर विश्लेषण में मॉडल के उपयोग तथा परिवर्तन आयोजना में इसके एकीकरण को सम्मलित करता है।

परिचालनात्मक कार्बन उत्सर्जन कम करना और नेट-जीरो रोडमैप (ई एंड वाई, अर्न्स्ट एंड यंग के साथ संयुक्त रूप से विकसित). यह दस्तावेज़ विस्तार से बताता है कि बैंक अपने नेट जीरो 2035 (स्कोप 1 और 2) प्रतिबद्धता को परिचालन, कार्यनीति और प्रक्रियाओं में कैसे शामिल कर रहा है। उपरोक्त के अतिरिक्त, बैंक ने क्षमता निर्माण के लिए “भारतीय बैंकों के लिए ईएसजी प्रमाणन कार्यक्रम” नामक एक उद्योग-अग्रणी प्रमाणन शुरू किया है, जिसे बैंक ने सीपीआई (जलवायु नीति पहल) के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया है।

बैंक ने कम कार्बन उत्सर्जन वाले क्षेत्रों के परिवर्तन पर “यूनियन बैंक जलवायु संवाद” का आयोजन किया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, थिंक टैंक (विचारकों), विनियामकों, वित्तीय संस्थानों, निवेशकों, रेटिंग एजेंसियों और अन्य हितधारकों ने सहभागिता की है। संवाद के दौराम कम कार्बन तकनीकों, उपलब्ध डेटा से संबंधित चुनौतियों, नीतिगत अपेक्षाओं, विनियामक विकास, मांग पक्षीय दबाव और परिवर्तन हेतु उपलब्ध वित्तीय साधनों पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के अंतर्गत, बैंक ने अपनी संवहनीयता कार्यनीति के अनुरूप रेटिंग एजेंसियों से प्राप्त नवीनतम सम्मान की घोषणा की है। केयरएज ईएसजी रेटिंग: “केयरएज ईएसजी 1+” – ईएसजी क्षेत्र में यूनियन बैंक की नेतृत्व स्थिति को दर्शाता है। मूडीज़ की द्वितीय पक्षीय राय (एसपीओ): यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के संवाहनीय वित्तपोषण ढांचे को एसक्यूएस2 “बहुत अच्छी संवहनीयता गुणवत्ता” प्रदान की गई है. एसक्यूएस2 मूडीज़ के संवहनीयता गुणवत्ता स्कोर पैमाने पर दूसरा उच्चतम स्तर है, जो संवहनीय एवं जिम्मेदार वित्तपोषण के प्रति बैंक की सुदृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जलवायु संबंधी महत्वाकांक्षाओं को निवेश योग्य कार्यों में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सुदृढ़ ईएसजी अभिशासन, विश्वसनीय ढांचों, उद्योग जगत में साझेदारी और ज्ञान इकोसिस्टम के माध्यम से, बैंक भारत के निम्न-कार्बन परिवर्तन को वित्तपोषित करना जारी रखेगा तथा ग्राहकों, शेयरधारकों और समग्र हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य सृजित करेगा।

PNB ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान IIT कानपुर के सहयोग से “पीएसबी हैकाथॉन 2026” का शुभारंभ किया

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क्वांटम-रेडी बैंकिंग प्रणालियों की ओर एक राष्ट्रीय मिशन 

नई दिल्ली: देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों मे से एक पंजाब नैशनल बैंक (PNB) ने वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, (Ministry of Finance) भारत सरकार के मार्गदर्शन और भारतीय बैंक संघ के समन्वय में, पीएसबी हैकाथॉन 2026 के शुभारंभ की घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है। PNB के एक वार्षिक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में स्थापित यह प्रमुख पहल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की साइबर सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए भारत के छात्र समुदाय की नवाचार क्षमता का लाभ उठाने का लक्ष्य रखती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के साथ अपने रणनीतिक सहयोग को जारी रखते हुए, PNB 2026 में आगामी पीढ़ी के ‘साइबर रेजिलिएंस’ (साइबर सुदृढ़ता) पर केंद्रित एक राष्ट्रव्यापी हैकाथॉन श्रृंखला आयोजित करेगा। इस वर्ष का विषय—” क्वांटम-प्रूफ सिस्टम्स फॉर पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशन्स”—भारत के डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को क्वांटम खतरों से तैयार करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

यह उल्लेखनीय है कि हैकाथॉन के पूर्ववर्ती संस्करण में देशभर के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों की व्यापक भागीदारी देखी गई थी। टीमों ने “कोड अगेंस्ट मालवेयर” विषय के तहत बैंकिंग सुरक्षा की वास्तविक चुनौतियों पर काम किया था, जो विशेष रूप से रैनसमवेयर खतरों से निपटान के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत किए । इस पहल को भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के भीतर अपनी तरह का पहला सहयोगात्मक प्रयास माना गया। उल्लेखनीय है कि, पिछले साल के हैकाथॉन के दौरान विकसित कई नवाचारी प्रोटोटाइप वर्तमान में बैंकिंग प्रणाली में अपनाने के लिए मूल्यांकन के अधीन हैं, जो शिक्षा जगत और उद्योग के बीच संरचित सहयोग के महत्व को पुष्ट करते सशक्त परिणामों को दर्शाता हैं।

पीएसबी हैकाथॉन 2026 एक सॉफ्टवेयर-आधारित क्रिप्टोग्राफिक स्कैनर विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसे क्वांटम-प्रतिरोधी सिफर्स (ciphers) के कार्यान्वयन को मान्य करने और सार्वजनिक-उपयोग वाले अनुप्रयोगों के लिए एक व्यापक “क्रिप्टोग्राफिक बिल ऑफ मैटेरियल्स” (CBOM) तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रस्तावित समाधान बैंकिंग इकोसिस्टम के अंतर्गत वेब सर्वर, एपीआई और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल इंटरफेस पर क्रिप्टोग्राफिक जोखिम का आकलन करेगा। इस पहल के माध्यम से, पीएनबी का लक्ष्य पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी मूल्यांकन में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देना और स्केलेबल उपकरण बनाना है जो सार्वजनिक अनुप्रयोगों में प्रणालीगत सुदृढ़ता को बढ़ाते हैं।

यह हैकाथॉन सम्पूर्ण भारत के मान्यता प्राप्त कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित सभी छात्रों के लिए आयोजित है। सहभागिता करने वाली टीमों में कम से कम तीन और अधिकतम चार सदस्य होने चाहिए। समग्र और नवीन समाधान विकसित करने के लिए साइबर सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और सॉफ्टवेयर विकास में विशेषज्ञता रखने वाली बहु-विषयक टीमों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए, विजेता टीमों को ₹11 लाख तक के पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। इस पहल का उद्देश्य युवा नवाचारियों को राष्ट्रीय बैंकिंग सुरक्षा में सीधे योगदान देने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करना है।

क्वांटम कंप्यूटिंग वैश्विक वित्तीय क्षेत्र के लिए एक तकनीकी उपलब्धि और एक रणनीतिक साइबर सुरक्षा चुनौती, दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। पीएसबी हैकाथॉन 2026 के माध्यम से, पीएनबी सक्रिय रूप से क्रिप्टोग्राफिक तत्परता का आकलन करने, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक मानकों को अपनाने, बढ़ावा देने और भविष्य के क्वांटम-सक्षम जोखिमों के विरुद्ध भारत की सार्वजनिक बैंकिंग प्रणालियों को सुरक्षित करने हेतु सक्षम स्वदेशी समाधान बनाने के लिए प्रयासरत है। यह पहल साइबर सुरक्षा में भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है और नवाचार-संचालित राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पीएनबी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

पीएसबी हैकाथॉन 2026 हेतु पंजीकरण आधिकारिक पीएनबी हैकाथॉन पोर्टल pnb.bank.in/PSBs-Cybersecurity-Hackathon.html पर किया जा सकता है। डेटासेट, मेंटरशिप शेड्यूल और मूल्यांकन मानदंड हैकाथॉन रूलबुक में जारी किए जाएंगे। पीएनबी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म https://www.facebook.com/pnbindia और https://www.instagram.com/pnbindia/ पर इससे संबन्धित अपडेट उपलब्ध कराये जाएँगे । इस हैकाथॉन से संबंधित किसी भी प्रकार की नवीनतम जानकारी पीएनबी के सोशल मीडिया मंचों पर भी उपलब्ध रहेगी। अतिरिक्त जानकारी हेतु आधिकारिक ई मेल hackathon@pnb.bank.in पर संपर्क किया जा सकता है।

भारतीय बैंकिंग को क्वांटम-सुरक्षित बनाना – एक साथ मिलकर

महागांव: प्यार का दर्दनाक अंजाम! युवक के पिता को मारी गोली, घायल

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मुंबई: पालघर जिले के बोइसर के महागांव (Mahagaon) में रहने वाले 52 वर्षीय एक व्यक्ति को सोमवार तड़के उनके घर में गोली मार (shot) दी गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस का मानना ​​है कि यह घटना उनके बेटे के प्रेम विवाह से जुड़े विवाद का नतीजा है। आरोपी की पहचान उमेश घरत के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है और उसे ढूंढने के लिए कई पुलिस टीमें तैनात की गई हैं।

यह घटना तड़के 2 बजे से 3 बजे के बीच हुई, जब घरत कथित तौर पर महागांव वाल्व फाटा में रहने वाले सुरेश राजा वरखंडे (52) के घर में जबरन घुस गया और उन पर पिस्तौल से गोली चला दी। वरखंडे के सिर के पिछले हिस्से में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए बेतेगांव के अधिकारी लाइफलाइन अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए, उन्हें बाद में बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए गुजरात के वापी स्थित एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले का संबंध वैवाहिक विवाद से होने का संदेह है। बेतेगांव स्थित घरात के चिकन सेंटर में बचपन से काम करने वाली एक युवती पिछले दो वर्षों से घायल व्यक्ति के बेटे प्रितेश के साथ रिश्ते में थी। बताया जाता है कि दोनों ने 15 फरवरी को मुरबे के एक मंदिर में शादी की थी। पुलिस का कहना है कि युवती प्रितेश के साथ भाग गई, जिससे घरात क्रोधित हो गया और उसने सुरेश को निशाना बनाया।

गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, उपमंडल पुलिस अधिकारी विकास नायक, पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक प्रदीप पाटिल ने घटनास्थल का मुआयना किया। एक फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की, सबूत जुटाए और पिस्तौल के साथ अन्य सामग्री जब्त की।

झांसी विश्वविद्यालय परिसर में दांत के डॉक्टर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

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झांसी: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर (Jhansi University campus) में स्थित अपने आवास पर आज सुबह एक दंत चिकित्सक ने आत्महत्या (suicide) कर ली। मृतक डॉ. नीरज कुरिल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बच्चों के घर से चले जाने के बाद छत के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खबरों के अनुसार, डॉ. कुरिल ने सुबह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नाश्ता किया था। बच्चों के सुबह करीब 9 बजे स्कूल जाने के बाद उनकी पत्नी, प्रोफेसर राधिका चौधरी भी विश्वविद्यालय में अपने काम पर चली गईं। घटना के समय डॉ. कुरिल घर पर अकेले थे।

मामले का पता तब चला जब घरेलू सहायिका काम पर आई और बार-बार गेट खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित पड़ोसियों ने इकट्ठा होकर फोन पर उनकी पत्नी प्रोफेसर चौधरी को सूचना दी। उनके पहुंचने पर, मुख्य द्वार की लोहे की ग्रिल कटी हुई थी क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद था। जब वह घर में दाखिल हुईं, तो उन्होंने अपने पति को छत के पंखे से लटका हुआ पाया। यह दृश्य देखकर वह सदमे में आ गईं और बेहोश हो गईं।

पड़ोसियों से सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. कुरिल कुछ समय से लीवर संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे। आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। प्रोफेसर चौधरी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में कार्यरत थे और उन्हें 2017 में विश्वविद्यालय आवास आवंटित किया गया था।

उनका परिवार विश्वविद्यालय परिसर के ई-ब्लॉक के ई-4 फ्लैट में अपने दो बच्चों (उम्र 14 और 10 वर्ष) के साथ रह रहा था। डॉ. कुरिल झांसी मेडिकल कॉलेज के पास शालू डेंटल क्लिनिक चलाते थे। इस दुखद घटना से परिवार, रिश्तेदार और विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य गहरे सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

शाहजहाँपुर: रोज़ा पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अवैध हथियार के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

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शाहजहाँपुर। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रोज़ा थाना पुलिस ने एक शातिर अपराधी को अवैध असलहे और कारतूस के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ पहले से ही करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अटसलिया पुल के पास से हुई गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार और प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने अटसलिया पुल के नीचे (रोज़ा जाने वाले रास्ते) पर घेराबंदी की। दोपहर करीब 1.32 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को दबोचा, जिसकी पहचान मनोज पुत्र रामचंद्र (उम्र 32 वर्ष), निवासी हथौड़ा बुजुर्ग के रूप में हुई।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मनोज एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ रोज़ा थाने में साल 2020 से लेकर अब तक आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी अवैध शराब की तस्करी और अवैध हथियार रखने के मामलों में जेल जा चुका है।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन तेज

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ट्विटर पर चार घंटे रहा प्रथम स्थान पर ट्रेंड, तीन दिवसीय काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने हेतु टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को शिक्षकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter (X) पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जस्टिस फॉर टीचर हैंस टैंग अभियान चलाया, जो लगातार चार घंटे तक प्रथम स्थान पर ट्रेंड करता रहा। सोमवार से आंदोलन के द्वितीय चरण में शिक्षकों ने तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत विद्यालयों, बीएलओ बूथों और बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी के दौरान हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त वे शिक्षक, जिन्होंने नियुक्ति के समय सभी निर्धारित योग्यताएं पूर्ण कर चयन पाया और जो लगभग तीन दशकों से सेवा दे रहे हैं तथा सेवानिवृत्ति के निकट हैं, उनसे अब टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता थोपना न केवल अनियमित बल्कि उत्पीड़नात्मक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक माननीय न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन वर्ष 2017 में सरकार द्वारा किए गए संशोधन का विरोध करते हैं, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। शिक्षकों की मांग है कि उक्त संशोधन निरस्त किया जाए तथा टीईटी की अनिवार्यता केवल वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर ही लागू की जाए। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 25 फरवरी तक शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी को जनपद के सभी शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे और प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र प्रेषित करेंगे।

सोमवार के विरोध प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री संजय सिंह, जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मंत्री देवेश बाजपेई, जिला कोषाध्यक्ष रविन्द्र पाल प्रजापति, जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार तिवारी, डॉ. विनय गुप्ता, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मंगरे लाल, जिला मंत्री विश्राम सिंह, बृजेश कुमार वर्मा तथा महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहीं।