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Saturday, May 16, 2026
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जनसंख्या बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री देंगे तोहफा, तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार और चौथे बच्चे पर मिलेगा 40 हजार

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नरसन्नापेट: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को राज्य में घटती जनसंख्या (population) की समस्या से निपटने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों के तहत, तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवारों को 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेट के दौरे पर आए नायडू ने स्वच्छंद्र-स्वर्णंध्र कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि उनकी सरकार का प्राथमिक लक्ष्य राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना है।

उन्होंने कहा, धन का सृजन होना चाहिए और गरीबों में इसका वितरण होना चाहिए। आर्थिक असमानताओं को कम किया जाना चाहिए। एक समय हम कहते थे कि परिवार नियोजन का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन आज हम कह रहे हैं कि बच्चे ही धन हैं। हम तीसरे बच्चे के जन्म के बाद परिवारों को 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये देंगे। बच्चों को बोझ नहीं समझा जाना चाहिए, उन्हें धन के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार एक महीने के भीतर इस योजना के विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी।

नायडू ने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद, लोगों की जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, भूमि विवादों को समाप्त करना गठबंधन सरकार की जिम्मेदारी है। हम स्वच्छंद-स्वर्णंध्र अभियान के तहत स्वच्छता की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछले 16 महीनों से स्वच्छंद-स्वर्णंध्र अभियान चला रही है। उन्होंने कहा, हम कचरे से बिजली पैदा कर रहे हैं। एक समय मेरी पदयात्राओं के दौरान कचरा साफ दिखाई देता था। हमने कचरे से धन सृजित करने के लिए पार्क स्थापित किए हैं। एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

स्वच्छंद्र अभियान के तहत, राज्य सरकार ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ शुरू किया है। नायडू ने कहा कि यह कार्यक्रम सभी क्षेत्रों में चार दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा, इसके तहत, कलेक्टरों के नेतृत्व में जिलों में प्रतिदिन सफाई अभियान चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछले 23 महीनों में, राज्य को 23 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार द्वारा किए गए समझौतों के तहत 24 लाख नौकरियां सृजित होंगी। हम गूगल को विशाखापत्तनम लेकर आए हैं।

गोंडा में मौतों का भयावह दिन: 24 घंटे में 7 मौतों से दहला जिला

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फांसी, सड़क हादसे और रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाई दहशत

मनकापुर, इटियाथोक और उमरीबेगमगंज में मातम, पुलिस जांच में जुटी

यूथ इंडिया संवाददाता, गोंडा।
गोंडा जिले में शुक्रवार का दिन बेहद भयावह साबित हुआ। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई सात मौतों ने पूरे प्रशासन और आम जनता को झकझोर कर रख दिया। कहीं सड़क हादसों में लोगों की जान चली गई तो कहीं फांसी लगाकर आत्महत्या की घटनाओं ने सनसनी फैला दी। महज 24 घंटे के भीतर हुई इन घटनाओं के बाद पूरे जिले में दहशत और शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार जिले में तीन अलग-अलग सड़क हादसे हुए, जिनमें कुल पांच लोगों की मौत हो गई। सबसे पहले काजीदेवर क्षेत्र में एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कुछ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
इसके बाद मनकापुर क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वहीं इटियाथोक थाना क्षेत्र में हुए एक अन्य हादसे में मां-बेटी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों किसी कार्य से जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मनकापुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने बीमारी और मानसिक तनाव से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार युवक लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और आर्थिक तंगी के चलते उसका उपचार भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक छात्रा का शव पेड़ से लटका मिला। सुबह ग्रामीणों ने शव देखा तो इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन पुलिस इसे संदिग्ध मानकर हर पहलू की जांच कर रही है। छात्रा की मौत के बाद परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक ही दिन में सात मौतों की खबरों ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। सड़क सुरक्षा व्यवस्था, मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण नहीं होने से लगातार हादसे बढ़ रहे हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं इन दर्दनाक घटनाओं के बाद पूरे गोंडा जिले में मातम पसरा हुआ है।

संसद और नीट को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला तेज

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट परीक्षा और संसद की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए बड़ा बयान दिया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 22 लाख छात्रों के साथ अन्याय किया है और संसदीय व्यवस्था का अपमान किया है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीट से जुड़ी संसदीय समिति की रिपोर्ट को केवल इसलिए नजरअंदाज कर दिया गया क्योंकि उसमें विपक्षी सांसद शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसद की गरिमा पर सीधा हमला है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि देश के छात्रों का भरोसा लगातार टूट रहा है।

उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, लेकिन सरकार इस मामले में गंभीर नजर नहीं आ रही। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल पहले भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर चुके हैं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद नीट और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

सुनार-स्वर्णकार समाज की समस्याओं को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला

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लखनऊ। प्रदेश में सुनार और स्वर्णकार समाज की बढ़ती परेशानियों को लेकर विपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश में दिनदहाड़े ज्वेलरी दुकानों में लूट और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सोने के कारोबार पर लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।
विपक्षी नेताओं और व्यापारी संगठनों का आरोप है कि पहले “सोनाबंदी” जैसे आह्वानों से बाजार प्रभावित हुआ और अब सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने से छोटे सुनारों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के बाजार में तेजी से विस्तार के कारण पारंपरिक सुनार पहले से ही प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे थे, लेकिन नई नीतियों के बाद उनकी स्थिति और खराब हो गई है।
व्यापारियों का आरोप है कि बड़े कॉरपोरेट शोरूमों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों के चलते छोटे और मध्यम स्तर के सुनार धीरे-धीरे बाजार से बाहर होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में लाखों पारंपरिक स्वर्णकारों का रोजगार समाप्त हो सकता है और बड़े ब्रांडेड शोरूम छोटे शहरों तक बाजार पर कब्जा कर लेंगे।
सुनार समाज के लोगों ने यह भी कहा कि सोने के व्यापार में भारी पूंजी लगती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने और टैक्स-ड्यूटी के बढ़ते बोझ से व्यापारी खुद को असुरक्षित और आर्थिक संकट में महसूस कर रहे हैं। कई व्यापारियों ने आशंका जताई कि कारोबार लगातार घटने से परिवारों के पालन-पोषण और रोजगार का संकट गहरा सकता है।
प्रदेश के कई जिलों में व्यापारी संगठनों ने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सोने पर बढ़ी इम्पोर्ट ड्यूटी पर पुनर्विचार करने और छोटे व्यापारियों के हित में विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। वहीं राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने में जुट गए हैं।

मिर्जापुर में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की दिशा समिति बैठक, विकास कार्यों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश

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मिर्जापुर। अनुप्रिया पटेल ने मिर्जापुर में दिशा समिति की बैठक कर विभिन्न विकास कार्यों और जनहित योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने जिले के अंत्येष्टि स्थलों पर सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए, ताकि वहां बिजली की समस्या दूर हो सके और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) समूहों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। अनुप्रिया पटेल ने झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने सड़कों की खुदाई के बाद लंबे समय तक मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सड़कें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। खराब पड़े हैंडपंपों का सत्यापन कर उन्हें तत्काल ठीक कराने को भी कहा गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट न पैदा हो।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

हर बूथ पर तैनात रहेंगे ‘आप’ कार्यकर्ता:सीएम मान

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चंडीगढ़। भगवंत मान ने पंजाब में फर्जी वोटिंग और चुनावी गड़बड़ियों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चुनावों में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर तैनात किया जाएगा।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में कई स्थानों पर फर्जी मतदान और मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हर वोट सही तरीके से पड़े और किसी भी तरह की धांधली को रोका जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि वे मतदान केंद्रों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी प्रशासन और चुनाव अधिकारियों तक पहुंचा सकें। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शिता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
राजनीतिक हलकों में भगवंत मान के इस बयान को चुनावी रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। वहीं चुनावी माहौल के बीच पंजाब की राजनीति में यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।