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Monday, February 16, 2026
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जर्मनी में क्राउन प्रिंस के आह्वान पर ग्लोबल डे ऑफ एक्शन, ईरान सरकार के खिलाफ 2.5 लाख लोगों का प्रदर्शन

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जर्मनी: यूरोप में अब ईरान की खामेनेई शासन के ख़िलाफ़ आवाज उठने लगी है। जर्मनी (Germany) के म्यूनिख शहर में शनिवार को ईरान की सरकार (Iran government) के खिलाफ एक बहुत बड़ी रैली आयोजित की गई। पुलिस के अनुसार लगभग 2.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब म्यूनिख में वैश्विक नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। रैली को ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के आह्वान पर ‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन’ के अंतर्गत आयोजित किया गया था।

ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के आह्वान पर जर्मनी के म्यूनिख शहर में खामेनेई शासन के खिलाफ दो लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे, लोगों ने खामेनेई शासन के द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक दमन का विरोध किया। रैली में प्रमुख वक्ता रेजा पहलवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चेतावनी दी कि अगर अंतरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक देश चुप्पी साधे रहेंगे, तो ईरान में और भी लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने दुनिया से अपील की कि वे ईरानी जनता के संघर्ष में उनका समर्थन करें।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के एक संगठन ने दावा किया है कि पिछले माह के विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हुई है। हालांकि इस दावा की पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, ईरान सरकार ने इससे अलग संख्या जारी की है। ईरान के ख़िलाफ यह गुस्से का प्रदर्शन केवल म्यूनिख तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कनाडा के टोरंटो और साइप्रस के निकोसिया में भी सहमति में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए।

प्रदर्शनकारियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार ‘सत्ता बदलने’ के नारे लगाए। उन्होंने हरे, सफेद और लाल रंग के पुराने ईरानी झंडे लहराए, जिन पर शेर और सूरज का प्रतीक बना था। यह वही झंडा है जो 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले ईरान में आधिकारिक रूप से प्रयोग किया जाता था।

 

 

IND vs PAK T20 World Cup 2026: भारत ने पाकिस्तान को छकाया, एकतरफा मुकाबले में 61 रन से हराया

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कोलंबो: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 55वें मैच में भारत (India) ने पाकिस्तान (Pakistan) को 61 रन से हरा दिया है। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाईवोल्टेज मैच में भारत ने ईशान किशन की अर्धशतकीय पारी की मदद से 7 विकेट पर 175 रन बनाए थे। जवाब में 176 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी पाकिस्तानी टीम 17वें ओवर की अंतिम गेंद पर 114 रन पर ढेर हो गई। इस तरह भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए जीत हासिल की।

पाकिस्तान के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज उस्मान खान ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, उनके अलावा शाहीन शाह आफरीदी ने रन का योगदान दिया। इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं कर सका। भारत के लिए गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट झटके, इनके अलावा कुलदीप यादव और तिलक वर्मा को 1-1 सफलता मिली।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप के इतिहास में 175/7 रन का यह स्कोर भारत का सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले 2022 में भारत ने 160/6 और पाकिस्तान ने 159/8 का स्कोर बनाया था। वहीं 2007 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 157/5 रन बनाए थे।

भारतीय टीम की तरफ से इस मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही मामलों में पाकिस्तान के मुकाबले काफी आगे नजर आई, वहीं ये टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया की अभी तक पाकिस्तान के खिलाफ रनों के अंतर से भी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले टीम इंडिया ने साल 2012 में पाकिस्तानी टीम के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में 11 रनों से जीत हासिल की थी जो सबसे बड़ी थी।

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान दोनों टीमें एक ही ग्रुप-ए में हैं। पाकिस्तान के खिलाफ इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में जगह कन्फर्म कर ली है। मौजूदा समय में भारत 3 में से 3 मैच जीतकर 6 अंक के साथ पॉइंट टेबल पर शीर्ष पर है। वहीं पाकिस्तान 2 जीत और 1 हार के साथ 4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है।

 

अमरोहा: महाशिवरात्रि पर मंदिर के पास कांवड़ियों पर पत्थरबाजी, सिपाही समेत पांच लोग घायल

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अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा (Amroha) के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक शिव मंदिर (Shiv Temple) के पास दो गुटों के बीच हुई झड़प में एक पुलिस कांस्टेबल समेत पांच लोग घायल हो गए, जिसके बाद अमरोहा में तनाव बढ़ गया। यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 2 किलोमीटर दूर छेबरा बाईपास इलाके के पास हुई। पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों का एक समूह हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटा था और उन्होंने शनिवार शाम को एक शिव मंदिर के पास सामुदायिक भोज (भंडारा) का आयोजन किया था।

डीजे सिस्टम पर भगवान शिव को समर्पित भक्ति गीत बज रहे थे और भोजन के बाद प्रतिभागी नाच रहे थे। लगभग 50 मीटर दूर, युवाओं का एक अन्य समूह जन्मदिन की पार्टी मना रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि लगभग 25-30 युवक रात 9-10 बजे भंडार स्थल पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे और जल्द ही पत्थरबाजी शुरू कर दी। झड़प के दौरान भोज के कुछ बर्तन भी कथित तौर पर फेंके गए। इसके बाद हुई हिंसा में, विद्या देवी नामक एक बुजुर्ग महिला को पत्थर लगने से सिर में चोट आई। चार अन्य लोग भी घायल हुए। कांवड़ियों ने आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी और पुलिस गश्ती दल मौके पर पहुंचा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने कथित तौर पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके। कांस्टेबल शोएब रजा खान को सिर में चोट लगने से घायल हो गए। स्टेशन हाउस ऑफिसर पंकज तोमर के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल कुछ ही देर बाद मौके पर पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी देखकर आरोपी कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से फरार हो गए। गुस्से में आकर कुछ कांवड़ियों ने पुलिस के सामने ही छोड़ी गई मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की। कांस्टेबल समेत सभी पांचों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

घायल महिला के बेटे अभिषेक सैनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नामजद व्यक्तियों और 22-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में इमरान, मुकीम, यूनिस अली और मोहम्मद जाहिद शामिल हैं। सर्किल ऑफिसर (सिटी) अभिषेक यादव ने बताया कि संदिग्धों की पहचान के लिए इलाके के वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने निवासियों से शांत रहने का आग्रह करते हुए कहा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

हमीरपुर: घर में एलपीजी सिलेंडर बदलते समय हुआ धमाका, मां-बेटे घायल

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हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर (Hamirpur) में भोरंज उपमंडल के बस्सी इलाके में एक मां-बेटे उस समय घायल हो गए जब वे अपने घर में एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) बदलने जा रहे थे और वह फट गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि रसोई के दरवाजे उड़ गए और खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

खबरों के अनुसार, यह घटना शनिवार रात को तब हुई जब परिवार खाना बना रहा था। खाना पकाने की गैस खत्म होने पर जब नया सिलेंडर लगाया गया, तो अचानक रिसाव हुआ, जिससे आग लग गई। सिलेंडर पलक झपकते ही फट गया। इंद्रजीत डोगरा और उनकी मां सुनीता, जो उस समय रसोई में थे, आग की चपेट में आ गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और घायलों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रसोई की इमारत हिल गई और कांच के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। धमाके से आसपास के घरों में भी दहशत फैल गई। सौभाग्य से, आग पूरे घर में नहीं फैली, वरना नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। हमीरपुर एसपी बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि यह पूरी तरह से एक आकस्मिक घटना थी।

उन्होंने कहा, पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की आपराधिक लापरवाही के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।

महाशिवरात्रि पर फुलहर झील से ‘गोमती जीवन यात्रा’ का भव्य शुभारंभ, संरक्षण का दिया संदेश

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उद्गम स्थल माधोटांडा से निकली गोमती जीवन यात्रा, सिमराघाट में स्वागत को उमड़ेगा जनसैलाब

पूरनपुर, पीलीभीत। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिनांक 15 फरवरी 2026 को गोमती उद्गम स्थल फुलहर झील (माधोटांडा) से ‘गोमती जीवन यात्रा’ का भव्य शुभारंभ हुआ। धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष के पति एवं भाजपा नेता डॉ. गुरभाग सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने यात्रा संयोजक एवं ‘यूथ इन एक्शन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शतरुद्र प्रताप का हौसला बढ़ाते हुए स्वागत किया। डॉ. सिंह ने कहा कि लखनऊ की शान मानी जाने वाली गोमती नदी का उद्गम स्थल माधोटांडा में स्थित है और यहां से शुरू हुई यह यात्रा निश्चित ही ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने कहा कि गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवनधारा है, जिसकी स्वच्छता और संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है।यात्रा रविवार से प्रारंभ होकर कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्रों के विभिन्न गोमती घाटों से होकर गुजरेगी, जहां स्थानीय लोगों द्वारा स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
यात्रा 16 फरवरी 2026 को लगभग 11 से 12 बजे के बीच सिमराघाट, अजीतपुर बिल्हा पहुंचेगी। आयोजकों ने माँ गोमती के सभी भक्तों से अपील की है कि निर्धारित समय पर सिमराघाट पहुंचकर यात्रा का स्वागत करें तथा यात्रा में सहभागी बनकर पुण्य के भागी बनें। गोमती भक्तों ने उद्गम स्थल पर पौधारोपण भी किया।‘गोमती जीवन यात्रा’ का उद्देश्य नदी के प्रति जनजागरण, पर्यावरण संरक्षण का संदेश और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना बताया गया है।महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर शुरू हुई यह यात्रा क्षेत्र में आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनती नजर आ रही है। इस मौके पर गोमती भक्त निर्भय सिंह, योगेश्वर सिंह सहित काफी संख्या में लोग मौजूद।

प्रेमिका से विवाद और पारिवारिक कलह के बाद दो युवकों ने फंदा लगाकर दी जान

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कानपुर: कानपुर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो युवकों द्वारा फंदा (hanged) लगाकर आत्महत्या (suicide) करने की घटनाओं से सनसनी फैल गई। एक मामला ग्वालटोली क्षेत्र का है, जहां प्रेमिका से फोन पर विवाद के बाद युवक ने जान दे दी, जबकि दूसरा मामला काकादेव का है, जहां नशे को लेकर परिजनों से हुए झगड़े के बाद युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।

काकादेव के शास्त्री नगर हंसनगर निवासी राजकुमार का 27 वर्षीय बेटा आशीष पासवान ई-रिक्शा चालक था। परिवार में पत्नी काजल, बेटी दिव्यांशी और बेटा आदर्श हैं। परिजनों के अनुसार आशीष सूखा नशा करता था, जिसका वे लगातार विरोध करते थे। शनिवार देर रात वह नशे की हालत में घर पहुंचा, जिस पर विवाद हो गया। इसके बाद उसने खुद को कमरे में बंद कर दुपट्टे से फंदा लगा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

इसी तरह ग्वालटोली के अहिराना निवासी रामकुमार का 25 वर्षीय बेटा अतुल कश्यप पीओपी का काम करता था। परिजनों के मुताबिक उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वेलेंटाइन डे पर फोन पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद अतुल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वह पहले भी तीन बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था।

पुलिस ने दोनों मामलों में मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा है और क्षेत्र में शोक की लहर है।

यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत परिवारजनों या विशेषज्ञ की मदद लें। समय पर संवाद और सहयोग कई अनहोनी घटनाओं को रोक सकता है।