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Saturday, May 23, 2026
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बीडीओ अनिल चंद्रा की नियमित निगरानी से ब्लॉक की गौशालाओं की बदली तस्वीर

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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में विकासखंड कमालगंज की कई गौशालाओं में व्यवस्थाएं लगातार बेहतर होती दिखाई दे रही हैं। खंड विकास अधिकारी कमालगंज अनिल चंद्रा द्वारा लगातार किए जा रहे निरीक्षण और निगरानी का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न गौशालाओं में साफ-सफाई, चारे, पानी और गौवंश के रखरखाव की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया गया है, जिससे गौशालाओं की तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है।

बताया जाता है कि बीडीओ अनिल चंद्रा नियमित रूप से अलग-अलग गौशालाओं का निरीक्षण करते हैं और व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर जायजा लेते हैं। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, जिससे व्यवस्थाओं में लापरवाही न हो। प्रशासन की सक्रियता के चलते गौशालाओं में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई है और गौवंश के लिए हरे चारे व स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।

ग्रामीणों और पशुप्रेमियों का कहना है कि पहले कई स्थानों पर अव्यवस्थाओं की शिकायतें सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब प्रशासनिक सख्ती और नियमित मॉनिटरिंग के कारण हालात में काफी सुधार हुआ है। कई गौशालाओं में बेहतर प्रबंधन के चलते गौवंश सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में रह रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में भी प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश गया है।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा गौसंरक्षण को लेकर दिए जा रहे निर्देशों का असर विकासखंड कमालगंज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि ब्लॉक की सभी गौशालाओं को बेहतर सुविधाओं से युक्त कर उन्हें आदर्श गौसंरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

सरकारी बंजर जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर बन रहे रिहायाशी विला

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– लेखपाल–प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ से सरकारी भूमि की खुलेआम कब्ज़ा कर बिक्री!

फर्रुखाबाद। राजस्व कर्मियों और जमीन माफिया के शहर में चल रहे खुले खेल के बीच थाना कादरीगेट क्षेत्रके लकुला में डॉ भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय की सरकारी जमीन पर कब्जे के बाद एक दूसरे लेखपाल की सरपरस्ती में सरकारी बंजर जमीन को सरेबाजार उस पर आलीशान विला बना कर बेचे जा रहे हैं और जिम्मेदार आंखें मूंद सरकार के जीरो टॉलरेंस का मजाक बनवा रहे हैं।
तहसील सदर क्षेत्र के नेकपुर कलाँ में सरकारी बंजर भूमि पर अवैध प्लॉटिंग के जरिये सरकारी बंजर भूमि गाटा संख्या 474 व 475, जो राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि के नाम दर्ज है, उसे भूमाफियाओं ने अधिकारियों की मिलीभगत से प्लॉटों में तब्दील कर भोले-भाले लोगों को बेच डाला। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार शिवाजी कॉलोनी के पीछे स्थित इस बंजर जमीन पर सदर तहसील के लेखपाल संजीव दुबे ने प्रॉपर्टी डीलर चमन श्रीवास्तव के साथ मिलकर सरकारी भूमि को निजी संपत्ति बताकर छोटे-छोटे प्लॉट काटे गए और भोले भाले लोगों को मोटी रकम लेकर बेचे जा रहे हैं । कई खरीदारों को अब पता चला है कि जिस जमीन को उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदा, वह वास्तव में सरकारी बंजर भूमि है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में अवैध प्लॉटिंग का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब राजस्व रिकॉर्ड में जमीन स्पष्ट रूप से बंजर दर्ज है, तो आखिर किस आधार पर वहां खरीद-फरोख्त और प्लॉटिंग कराई गई। लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतनी बड़ी स्तर पर सरकारी जमीन की बिक्री संभव नहीं है।मामले को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अवैध प्लॉट खरीदने वाले लोगों की रकम वापस दिलाने की भी मांग उठ रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन भूमाफियाओं और कथित भ्रष्ट तंत्र पर कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।

फतेहगढ़ बार एसोसिएशन शुरू हुआ घमासान आरोपों के दौर

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– बार के पूर्व महासचिव नरेश यादव एक वर्ष के लिए निष्कासित
– बोले यादव कार्यकारिणी नहीं विधिमान्य
– सभी अधिकार एल्डर्स कमेटी में निहित

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ बार एसोसिएशन की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। बार एसोसिएशन ने अनुशासनहीनता और संस्था की छवि धूमिल करने के आरोप में पूर्व महासचिव अधिवक्ता नरेश सिंह यादव को एक वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अधिवक्ता समुदाय में तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं निष्कासित हुए पूर्व महासचिव श्री यादव ने आरोप लगाया की कार्यकारिणी विद्यमान नहीं रह गई मॉडल का इलाज के पारा 18 के अनुसार कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद सभी अधिकार एल्डर कमेटी में निहित हो जाते हैं वह निष्कासन को सिरे से खारिज करते हैं।

बार एसोसिएशन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व महासचिव लगातार सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से संस्था के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अधिवक्ताओं में असंतोष फैलाने का प्रयास किया और बार पदाधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए। उधर अधिवक्ता नरेश यादव ने कहा कि उन्होंने बार के चुनाव की मांग 18 मार्च 2026 को की थी क्योंकि 28 फरवरी 2026 को कमेटी का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इनका शपथ ग्रहण 7 मार्च 2026 को हुआ था, इनके द्वारा लगातार पद का दुरुपयोग किया जा रहा है उन्होंने वादकारियों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए जून में कचहरी सुबह 7 से दोपहर 1:00 बजे तक रहने की मांग की थी और उच्च न्यायालय को भी लिखा था 35 जिलों में यह परंपरा कई वर्षों से संचालित है लेकिन वर्तमान कमेटी ने विरोध करके कचहरी का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक का ही रखा। साथी उन्होंने आरोप लगाए की इस कमेटी के कार्यकाल के दौरान कचहरी में भ्रष्टाचार पूर्व की भांति चरम पर हो गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के अपराधिक और माफिया प्रवृत्ति के चिट्ठे शासन प्रशासन के सामने खोलेंगे पदों की आड़ में किस तरीके से कब्जे और धनार्जन हो रहा है यह भी बताएंगे।

एसोसिएशन ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया और एल्डर्स कमेटी से जुड़े मामलों को जानबूझकर विवादित बनाया गया। संस्था का आरोप है कि बिना किसी आधिकारिक मंच पर आपत्ति दर्ज कराए सीधे सोशल मीडिया पर बयानबाजी कर बार की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।

बार पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार समझाने के बावजूद गतिविधियों में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद कार्यकारिणी ने कड़ा कदम उठाते हुए एक वर्ष के निष्कासन का निर्णय लिया। आदेश के अनुसार निष्कासन अवधि में संबंधित अधिवक्ता बार एसोसिएशन की किसी भी गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे।

इस कार्रवाई के बाद फतेहगढ़ बार में दो गुटों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिवक्ताओं के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले दिनों में मामला बार काउंसिल उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है। बार राजनीति में बढ़ती गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है, जिससे संगठन की एकता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

चीन में कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 मजदूरों की मौत

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247 मजदूरों के काम के दौरान हुआ बड़ा हादसा, गैस रिसाव और विस्फोट की जांच जारी

शांक्सी
प्रांत में एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 90 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा पिछले एक दशक में चीन का सबसे बड़ा खदान हादसा माना जा रहा है, जिसने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह विस्फोट शुक्रवार को किनयुआन काउंटी में उस समय हुआ जब खदान के अंदर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे से कुछ समय पहले कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का अलर्ट जारी किया गया था, जिसके बाद अचानक जोरदार धमाका हुआ और पूरी खदान प्रभावित हो गई। अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने मजदूर अंदर फंसे हो सकते हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

हादसे के बाद शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या काफी कम बताई गई थी, लेकिन बाद में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 90 तक पहुंच गया। सरकारी मीडिया द्वारा आंकड़ों में इस तेजी से बदलाव को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बचाव कार्य तेज करने और लापता मजदूरों को खोजने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय प्रशासन और उच्च स्तरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव को विस्फोट का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। चीन में लगातार हो रहे खदान हादसे एक बार फिर सुरक्षा मानकों और औद्योगिक लापरवाही की गंभीर समस्या को उजागर कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में भीषण लू और गर्मी का कहर, कई जिलों में रेड अलर्ट जारी

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उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रदेश के लगभग दो-तिहाई जिले तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ती उमस की चपेट में हैं। दिन के साथ-साथ रातें भी अब राहत नहीं दे रही हैं और तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शुक्रवार को बांदा, प्रयागराज, झांसी और आगरा समेत कई जिलों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। बांदा में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं कई अन्य जिलों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रिकॉर्ड किया गया, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में चल रही पुरवाई हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे उमस और अधिक महसूस की जा रही है। इसी वजह से हीट इंडेक्स बढ़ गया है और वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी का अहसास हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में भी लू से राहत मिलने की संभावना कम है। कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी नागरिकों से सावधानी बरतने और पर्याप्त पानी पीते रहने की अपील की है।

वाराणसी में इंफ्लुएंसर छात्रा से मारपीट का मामला, काशी विद्यापीठ में परीक्षा के बाद हंगामा

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वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर छात्रा के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। छात्रा वैष्णवी परीक्षा देने के लिए विश्वविद्यालय पहुंची थीं, जहां परीक्षा समाप्त होने के बाद कैंपस में कुछ छात्र-छात्राएं फेयरवेल जैसे माहौल में मौजूद थे। इसी दौरान कहासुनी से शुरू हुआ मामला अचानक विवाद में बदल गया।

जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय बढ़ गया जब कुछ लड़कियों ने छात्रा को कथित रूप से “मोटी” कहकर टिप्पणी की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान छात्रा के साथ मारपीट की गई और उसे दौड़ाकर पीटा गया।

पीड़िता का आरोप है कि झगड़े के दौरान उसके साथ बदसलूकी की गई और कपड़े फाड़ने की कोशिश भी की गई। घटना के बाद कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य छात्रों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।