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Tuesday, May 19, 2026
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पेट्रोल-डीजल कीमतों पर राहुल गांधी की चेतावनी, कहा- “तूफान आने वाला है”

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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार (Central government) पर एक बार फिर बड़ा हमला बोला है। राहुल ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश जल्द ही एक बड़े ‘आर्थिक तूफान’ का सामना करने वाला है। अपने रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई आर्थिक व्यवस्था उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है।

उन्होंने कहा, ‘जो आर्थिक झटका आने वाला है, उसका असर अडानी, अंबानी और मोदी जी पर नहीं पड़ेगा। इसका सबसे बड़ा असर यूपी के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर होगा।’ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार लोगों से विदेश यात्रा कम करने की बात कर रही है, जबकि पीएम खुद लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश की आंतरिक आर्थिक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय जनता को सलाह देने में लगी हुई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘मोदी सरकार द्वारा पैदा किया गया आर्थिक संकट’ बताया। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ आम लोगों पर डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जा रही है।

शवासियों को 5 दिन में दूसरी बार बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल के दाम में फिर इजाफा हुआ है। सरकारी पेट्रो कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी की है। पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। अब पांच दिन में करीब 4 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ चुके हैं। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

 

रांची में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत 100 से ज्यादा फरार अपराधी हुए गिरफ्तार

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रांची: रांची पुलिस (Ranchi Police) ने ऑपरेशन प्रहार (Operation Prahar) के तहत बीते दो दिनों में जिलेभर में व्यापक अभियान चलाकर 100 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 220 से ज्यादा लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया। इसे रांची पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। बता दें कि पुलिस की कई टीमें इन फरार बदमाशों की काफी समय से तलाश थी, लेकिन हर बार वह चकमा निकल जा रहे थे। रांची पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत दो दिनों में 100 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस व्यापक अभियान में 220 से ज्यादा लंबित वारंटों का भी निष्पादन किया गया।

झारखंड की रांची पुलिस इन दिनों फुल फॉर्म में नजर आ रही है। अपराधियों के खिलाफ महाअभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाते हुए पुलिस ने राजधानी और आसपास के इलाकों से एक ही रात में 100 से ज्यादा फरार बदमाश को गिरफ्तार किया है। इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। बता दें कि पुलिस की कई टीमें इन फरार बदमाशों की काफी समय से तलाश थी, लेकिन हर बार वह चकमा निकल जा रहे थे।

पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत 220 से अधिक लंबित वारंटों का निष्पादन भी किया। बता दें कि अपराधियों के खिलाफ रांची पुलिस यह अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक बताई जा रही है। अपराध पर नियंत्रण, वारंट निष्पादन और संगठित अपराध पर नकेल कसने की विशेष रणनीति के तहत ही ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाकर ताबड़तोड़ करवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रांची के सिटी एसपी, रांची के ग्रामीण एसपी और रांची के ट्रैफिक एसपी के नेतृत्व में शनिवार की रात ऑपरेशन प्रहार के तहत करवाई शुरू की है। इस दौरान पुलिस की बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने 100 से ज्यादा फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन सब पर कई संगीन धाराओं जैसे- हत्या,लूट, डकैती, अपहरण, फिरौती जैसे मामले दर्ज हैं।

इससे पहले जून 2025 में भी रांची के तत्कालीन एसएसपी चंदन सिन्हा के निर्देश पर, रांची पुलिस के द्वारा पुलिसकर्मियों की 60 टीम बनाकर विशेष अभियान चलाते हुए 121 अपराधियों को एक ही रात में छापामारी कर गिरफ्तार किया था। रांची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।

दिल्ली के जहांगीरपुरी में युवक की संदिग्ध हालात में जलकर मौत, ससुराल में पत्नी-सास ने तेल डालकर लगाई थी आग

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के जहांगीरपुरी (Jahangirpuri) इलाके में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। घटना महिंद्रा पार्क थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। युवक उत्तम नगर से अपनी पत्नी को लेने के लिए ससुराल पहुंचा था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद भी हुआ था। इसी दौरान कुछ देर बाद युवक आग की लपटों में घिरा हुआ चौथी मंजिल से नीचे उतरता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। गंभीर रूप से झुलसे युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अचानक चौथी मंजिल से नीचे आया और उसके शरीर में आग लगी हुई थी। वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करने की कोशिश की और पानी तथा कपड़ों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया। घटना के बाद युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

मृत्यु से पहले युवक ने अपनी पत्नी और सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि दोनों ने उस पर तेल डालकर आग लगा दी। युवक के इस बयान के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। हालांकि, पत्नी और सास ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि युवक अपने साथ खुद तेल और फिनाइल लेकर आया था। आरोपियों का कहना है कि युवक घर पहुंचने के बाद बेहद गुस्से में था। उनके मुताबिक, जब दरवाजा नहीं खोला गया तो उसने पहले फिनाइल पी और फिर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली।

परिवार इस घटना को आत्महत्या बता रहा हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। इसके बाद क्राइम ब्रांच और FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान चौथी मंजिल से लेकर गली तक जले हुए अवशेष बरामद हुए। पुलिस ने इन सभी सबूतों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

 

मुंबई में रेलवे और BMC का चला बुलडोजर, हाई कोर्ट के आदेश के बाद 400 से अधिक अवैध झुग्गी-झोपड़ी ध्वस्त

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मुंबई: मुंबई (Mumbai) के बांद्रा में आज हाईकोर्ट के आदेश पर एक बड़ी कार्रवाई की गई, जहाँ रेलवे और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मिलकर 400 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। इस मामले की सुनवाई 2017 से चल रही थी, और 29 अप्रैल को High Court द्वारा कार्रवाई का अंतिम आदेश दिया गया था। सुबह से ही मौके पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, जिनमें सिटी पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लगभग 1000 कर्मी शामिल थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पश्चिमी रेलवे ने अवैध झुग्गी-झोपड़ियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत 400 अवैध झोपड़ियों को हटाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। मुंबई के बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही एक बड़ा झुग्गी-झोपड़ी वाला क्षेत्र दिखाई देता है। अब यहां हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह बुलडोजर एक्शन बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन पर बने अनधिकृत ढाँचों को हटाने के लिए चलाया गया। 400 अवैध झोपड़ियों को बड़े पैमाने पर हटाया जा रहा है। मौके पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद है।

इस इलाके में कानूनी तौर पर रहने वाले 100 निवासियों को छोड़कर बाकी सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन 100 निवासियों के लिए आवास उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, अवैध झोपड़ियों पर कार्रवाई अगले चार दिनों तक जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, खाली हुई जगह का उपयोग मुंबई से शुरू होने वाली 50 नई ट्रेनों के संचालन और बांद्रा टर्मिनस के विस्तार के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही अतिरिक्त जगह का उपयोग बांद्रा उपनगरीय स्टेशन को बांद्रा टर्मिनस से जोड़ने और उपनगरीय ट्रेनों को अलग करने के लिए किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, 2021 के सर्वे में चिन्हित किए गए लगभग 100 पात्र निवासियों का पुनर्वास पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेलवे को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो झुग्गी-झोपड़ी निवासी पहले हुए सर्वे में वैध (पात्र) पाए गए थे, उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। पश्चिमी रेलवे के अनुसार, अवैध झुग्गी-झोपड़ियों पर यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। 10 अगस्त 2021 को किए गए पहले सर्वेक्षण और 11 अगस्त 2021 को किए गए दूसरे सर्वेक्षण से पात्र पाए गए झुग्गीवासियों के हितों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

2017 में इन ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन निवासियों ने अदालत में मुकदमा कर दिया था। इलाके में मुंबई पुलिस और जीआरपी की भारी मौजूदगी है। कार्रवाई के लिए इलाके में कई खुदाई मशीनें तैनात की गई हैं। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले सैकड़ों लोग इलाके के आसपास जमा हो गए। इस बीच पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।

 

गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन देने निकले कांग्रेसी, पुलिस ने बीच रास्ते में रोका

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बस्तर: बस्तर के स्थानीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस (Congress) प्रतिनिधि दल आज जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) से मुलाकात करने जा रहे थे, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कांग्रेसियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। दरअसल कांग्रेसी नेताओं ने जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हिस्सा लेने बस्तर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्थानीय मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की अगुवाई में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम एवं अन्य कांग्रेसी नेताओं का दल राजीव भवन से बैठक स्थल के लिए रवाना हुआ, लेकिन बीच रास्ते में ही मिताली चौक में कांग्रेस के दल को पुलिस ने बैरिकेटिंग के जरिए रोक दिया।

इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के हितों का ध्यान नहीं रख रही। कांग्रेसी प्रतिनिधि मंडल को केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात नहीं करने दिए जाने पर दीपक बैज ने नाराजगी जताई।

 

 

 

अरबों के प्रस्ताव, लेकिन बदहाल फर्रुखाबाद अब भी झूलते तारों के साये में

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– साढ़े 9 साल पहले शहर में अंडरग्राउंड बिजली लाइन का सपना दिखाया गया
– दूसरे कार्यकाल के अंत तक भी हालात जस के तस
– नहीं हुईं आज तक बीजेपी एमएलए की आवाज़, स्वीकृत होते रहे प्रस्ताव

यूथ इंडिया संवाददाता, फर्रुखाबाद।
फर्रुखाबाद शहर में झूलते और जर्जर बिजली तारों का मुद्दा पिछले लगभग दो दशकों से राजनीतिक घोषणाओं और सरकारी प्रस्तावों के बीच झूलता नजर आ रहा है। सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने वर्षों पहले शहर की मुख्य सड़कों के किनारे लगे बिजली के खंभों को हटाकर विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था। लेकिन विडंबना यह है कि उनका दूसरा कार्यकाल भी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और शहर आज भी बदहाली, झूलते तारों और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था की पहचान बना हुआ है।
बताया जाता है कि स्वर्गीय ऊर्जा मंत्री के परिवार से जुड़े राजनीतिक प्रभाव और लगातार घोषणाओं के बावजूद शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल बिजली व्यवस्था में जमीन पर बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया। दो दिन पहले फिर विधायक द्वारा विद्युत विभाग से जुड़े तीन बड़े प्रस्ताव स्वीकृत होने की जानकारी दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि “प्रस्ताव” और “घोषणाएं” तो वर्षों से सुनाई दे रही हैं, जबकि शहर की तस्वीर आज भी नहीं बदली।
फर्रुखाबाद के मुख्य बाजारों, संकरी गलियों और प्रमुख मार्गों पर आज भी बिजली के जर्जर खंभे और नीचे झूलते तार दुर्घटनाओं को खुला न्योता देते नजर आते हैं। कई स्थानों पर तारों का जाल इतना खतरनाक हो चुका है कि बारिश और आंधी के समय लोगों में भय का माहौल बन जाता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर में अरबों रुपये के विकास कार्यों और विद्युत परियोजनाओं की घोषणाएं तो होती रहीं, लेकिन धरातल पर हालात लगातार बदतर होते गए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अंडरग्राउंड केबलिंग और पोल शिफ्टिंग का कार्य गंभीरता से कराया गया होता तो आज शहर को इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल चुकी होती।
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि आखिर वर्षों से लंबित इन परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति क्या है। जनता यह जानना चाहती है कि बार-बार स्वीकृत होने वाले प्रस्ताव आखिर फाइलों से बाहर निकलकर जमीन पर कब उतरेंगे।
फर्रुखाबाद की बदहाल बिजली व्यवस्था अब केवल सुविधा का मुद्दा नहीं बल्कि जनसुरक्षा का विषय बन चुकी है। इसके बावजूद योजनाओं की धीमी रफ्तार और लगातार होती घोषणाएं लोगों के बीच सवाल खड़े कर रही हैं।