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Wednesday, July 8, 2026
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ

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शिक्षकों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी सौगात

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित जेजेआर पैलेस में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यमंत्री (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार) प्रतिभा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के सजीव संबोधन का श्रवण किया।

मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का औपचारिक शुभारंभ करते हुए चयनित शिक्षकों को प्रतीकात्मक कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भी हस्तांतरित की गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और यह योजना शिक्षकों एवं उनके पात्र आश्रितों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलने से शिक्षकों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षक कल्याण के लिए भी लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि, अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान योजना की विस्तृत जानकारी दी गई तथा शिक्षकों से इसका अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।

सातनपुर मंडी चौड़ीकरण की सुस्त रफ्तार बनी मुसीबत

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बारिश से जलभराव और गहरे गड्ढों ने बढ़ाया हादसों का खतरा

फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य कछुआ गति से चलने के कारण आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश ने निर्माणाधीन सड़क की स्थिति और बदतर कर दी है। सड़क के दोनों ओर खोदे गए गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से हादसों का खतरा बढ़ गया है, जबकि संकरी बची सड़क पर वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

मंडी मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, किसान, व्यापारी और आम नागरिक गुजरते हैं। चौड़ीकरण के लिए सड़क किनारे खुदाई तो कर दी गई, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं। लगातार बारिश से इनमें पानी भर गया है, जिससे गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

बारिश के कारण सड़क की चौड़ाई भी काफी कम हो गई है। कई स्थानों पर एक साथ दो बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक परेशानी झेल रहे हैं, क्योंकि फिसलन और जलभराव के बीच संतुलन बनाकर निकलना जोखिम भरा हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाता तो बारिश के मौसम में यह स्थिति पैदा नहीं होती। उनका आरोप है कि कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

राहगीरों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित कार्यदायी संस्था से मांग की है कि चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाई जाए, जलभराव की तत्काल निकासी कराई जाए तथा गहरे गड्ढों के आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। लगातार हो रही बारिश के बीच यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो यह मार्ग लोगों के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है।

डीएम के संभावित निरीक्षण को लेकर कंपोजिट विद्यालय में तैयारियां तेज, बाढ़ चौकी स्थापित

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राजेपुर, फर्रुखाबाद। विकासखंड राजेपुर स्थित कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय में जिलाधिकारी के संभावित निरीक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विद्यालय परिसर में बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है, जबकि साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के बीच विद्यालय परिसर में जलभराव की स्थिति बनने से प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सफाईकर्मियों की टीम लगाकर पानी निकालने का कार्य शुरू कराया।

बारिश के कारण विद्यालय परिसर में कई स्थानों पर पानी भर गया था, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी कराई जा रही है। साथ ही परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, कक्षाओं और परिसर की व्यवस्था दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है।

प्रशासन द्वारा विद्यालय में बाढ़ से संबंधित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। बाढ़ चौकी स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने या किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें। विद्यालय को स्थानीय स्तर पर बाढ़ नियंत्रण गतिविधियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत पाठक एवं ग्राम पंचायत सचिव शिव सिंह के नेतृत्व में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। दोनों अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था, पेयजल, परिसर की स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को समय से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत अधिकारी अजीत पाठक ने बताया कि विद्यालय में बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है और जिलाधिकारी के संभावित निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का समाधान कराया जा रहा है तथा निरीक्षण से पहले विद्यालय परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित और स्वच्छ बना दिया जाएगा।

लगातार बारिश से बिजली व्यवस्था बेपटरी, 40 गांवों की रातभर आपूर्ति ठप

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शहर में भी आधी रात तक ट्रिपिंग से लोग रहे परेशान

फर्रुखाबाद। जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार को भी लगातार जारी रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार हो रही वर्षा ने विद्युत व्यवस्था की पोल खोल दी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जगह-जगह फाल्ट आने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। हजियापुर विद्युत उपकेंद्र पर गंभीर तकनीकी खराबी आने से करीब 40 गांवों की बिजली पूरी रात ठप रही, जबकि शहर के कई मोहल्लों में आधी रात तक ट्रिपिंग और बार-बार बिजली गुल होने से लोग उमस और अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर रहे।

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात करीब नौ बजे शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हुई, जबकि ग्रामीण इलाकों में शाम से ही बारिश का दौर जारी था। लगातार बारिश के चलते हजियापुर विद्युत उपकेंद्र को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद अचानक करंट दौड़ जाने से उपकेंद्र के उपकरण का ग्लास जल गया और उसमें से धुआं निकलने लगा। तकनीकी खराबी के कारण पूरे उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ी।

इस फाल्ट के चलते हजियापुर उपकेंद्र से जुड़े करीब 40 गांवों में पूरी रात बिजली नहीं पहुंच सकी। कुछ गांवों में विद्युत लाइन में करंट आने की सूचना मिलने पर विभाग ने एहतियात के तौर पर आपूर्ति बंद रखी, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक फाल्ट खोजने तथा उसे ठीक करने में जुटी रही। बारिश कम होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

उधर शमशाबाद क्षेत्र में भी बारिश के दौरान 11 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से कई गांवों की बिजली गुल हो गई। कायमगंज, कम्पिल और कटरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में भी देर रात तक अंधेरा पसरा रहा। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के तारों और उपकरणों में तकनीकी खराबियां आती रहीं, जिससे मरम्मत कार्य भी प्रभावित हुआ।

फर्रुखाबाद शहर भी बिजली संकट से अछूता नहीं रहा। बारिश शुरू होते ही कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बारिश थमने के बाद भी बार-बार ट्रिपिंग होती रही और रात करीब 12 बजे के बाद ही नेकपुर कला, आवास विकास, कादरी गेट सहित अन्य मोहल्लों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। हालांकि बुधवार को भी रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में बिजली की आंख-मिचौली जारी रही।

लगातार हो रही बारिश से लोगों को बिजली संकट के साथ जलभराव, कीचड़ और आवागमन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात कर फाल्ट दूर करने का काम किया जा रहा है। बारिश रुकते ही विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

इंटरव्यू के बाद शुरू हुई ‘जुगाड़’ की दौड़, सिफारिश और सांठगांठ की चर्चाएं तेज

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फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में सामुदायिक (डीसी) और समेकित शिक्षा (डीसी) के लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर चर्चाओं में है। मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में गठित चयन समिति ने दोनों पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया, लेकिन इंटरव्यू खत्म होते ही चयन प्रक्रिया को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बुधवार को भी पूरे शिक्षा विभाग और अभ्यर्थियों के बीच सिफारिश, सांठगांठ और दबाव की चर्चाएं गर्म रहीं।

जानकारी के अनुसार, सामुदायिक डीसी पद के लिए 37 तथा समेकित शिक्षा डीसी पद के लिए 45 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रारंभिक जांच एवं अन्य औपचारिकताओं के बाद सामुदायिक पद के लिए 11 और समेकित शिक्षा पद के लिए 6 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। मंगलवार को सीडीओ कार्यालय में चयन समिति के समक्ष सभी अभ्यर्थियों का इंटरव्यू संपन्न हुआ।

चयन प्रक्रिया को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। पूर्व में हुए साक्षात्कार के दौरान एक अभ्यर्थी वंदना कुशवाहा द्वारा चयन तय होने का दावा किए जाने की चर्चाएं रही थीं। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया और विभिन्न ग्रुपों में उन्हें अग्रिम बधाइयां दिए जाने के संदेश भी वायरल हुए थे, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे।

मंगलवार के साक्षात्कार के बाद भी अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों की गतिविधियां चर्चा का विषय बनी रहीं। सूत्रों के अनुसार, कई अभ्यर्थी अधिकारियों तक पहुंच बनाने, सिफारिश कराने और प्रभावशाली लोगों के माध्यम से दबाव बनवाने की कोशिशों में जुटे दिखाई दिए। कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों और नेताओं के यहां पहुंचकर अधिकारियों से फोन करवाने के प्रयास की भी चर्चाएं रहीं। वहीं, यह भी चर्चा है कि कुछ लोग धनबल के सहारे पद हासिल करने की जुगाड़ में लगे हुए हैं।
ऐसे में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और सभी आशंकाओं को दूर करने के लिए अभ्यर्थियों एवं शिक्षा विभाग की निगाहें अब अंतिम चयन सूची पर टिकी हुई हैं। यदि चयन पूरी तरह निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर होता है तो सभी तरह की अटकलों पर स्वतः विराम लग जाएगा।

ईंधन में एथेनॉल-आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण पर पारदर्शिता जरूरी

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– पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को दी जाए स्पष्ट जानकारी: विकास राजपूत

फर्रुखाबाद। भाजपा नेता विकास राजपूत ने पेट्रोल और डीजल में एथेनॉल एवं आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण को लेकर केंद्र सरकार से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को ईंधन की गुणवत्ता और उसमें मिलाए गए मिश्रण की सटीक जानकारी मिलना उनका अधिकार है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय सभी पेट्रोल पंपों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे।
विकास राजपूत ने मांग की कि प्रत्येक पेट्रोल और डीजल नोजल पर बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों में यह अंकित किया जाए कि ईंधन में कितना प्रतिशत एथेनॉल अथवा आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित है। साथ ही प्रत्येक पेट्रोल पंप पर एक सूचना पट्ट भी लगाया जाए, जिस पर मिश्रण से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो, ताकि उपभोक्ता पूरी जानकारी के साथ ईंधन खरीद सकें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश वाहन चालकों को यह जानकारी नहीं होती कि उन्हें दिए जा रहे पेट्रोल में कितना प्रतिशत एथेनॉल मिलाया गया है। जानकारी के अभाव में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है और सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं एवं विरोध देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में सरकार और तेल विपणन कंपनियों को तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक कर लोगों की शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
भाजपा नेता ने सुझाव दिया कि यदि मिश्रित ईंधन के उपयोग से वाहनों पर किसी प्रकार के तकनीकी प्रभाव की संभावना है, तो इसे पहले सीमित स्तर पर किसी एक शहर या राज्य में परीक्षण के रूप में लागू किया जाए। परीक्षण के परिणाम संतोषजनक मिलने के बाद ही इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाए, जिससे आम लोगों को संभावित आर्थिक नुकसान या तकनीकी समस्याओं से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति का उद्देश्य जनहित होना चाहिए। यदि किसी नीति को लेकर जनता के बीच भ्रम, आशंका या आलोचना की स्थिति बन रही है, तो उस पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि ईंधन में एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण को लेकर पूरी पारदर्शिता अपनाई जाए तथा उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
विकास राजपूत ने कहा कि जागरूकता, स्पष्ट सूचना और पारदर्शी व्यवस्था से ही जनता का विश्वास मजबूत होगा तथा सरकार की नीतियों का उद्देश्य भी प्रभावी ढंग से पूरा हो सकेगा।