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Wednesday, May 6, 2026
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“बर्खास्त कर दो, लेकिन इस्तीफा नहीं दूंगी” ममता बनर्जी

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कोलकाता। ममता बनर्जी ने एक बार फिर बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में इस्तीफा नहीं देंगी। अपने बयान में ममता बनर्जी ने कहा कि “अगर किसी को हटाना है तो मुझे बर्खास्त कर दो, लेकिन मैं खुद इस्तीफा नहीं दूंगी।” उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष और केंद्र सरकार पर निशाना माना जा रहा है। हाल के दिनों में राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव, हिंसा और प्रशासनिक विवादों के बीच मुख्यमंत्री लगातार रक्षात्मक के बजाय आक्रामक रणनीति अपनाती दिखाई दे रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के विधायकों और नेताओं को भी नया राजनीतिक टास्क सौंप दिया है। उन्होंने सभी विधायकों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहें, जनता के बीच जाएं और विपक्ष के आरोपों का आक्रामक तरीके से जवाब दें। साथ ही पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में यह भी कहा गया कि विपक्ष राज्य में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, इसलिए पार्टी नेताओं को सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक सक्रिय रहना होगा। ममता ने विधायकों को जनता से सीधे संवाद बढ़ाने, सरकारी योजनाओं का प्रचार करने और विरोधी दलों के “भ्रामक प्रचार” का जवाब देने का निर्देश दिया।

हत्या: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी निजी सहायक को मारी गोली

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कोलकाता।सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्र नाथ रथ की पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य की राजनीति में भारी सनसनी फैल गई है। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, चंद्र नाथ रथ पर अज्ञात हमलावरों ने उस समय ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जब वह मध्यमग्राम क्षेत्र में मौजूद थे। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भाजपा नेताओं ने इस हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 विदेशियों की अपील को ठुकराया, न्यायिक हिरासत अवधि 30 दिनों के लिए बढ़ाया

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नई दिल्ली: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने अमेरिकी और यूक्रेनी दूतावास (American and Ukrainian Embassies) के अधिकारियों की अपील को ठुकरा दिया। गिरफ्तार सातों विदेशी नागरिकों पर टूरिस्ट वीजा पर भारत में आने, गैर कानूनी तरीके से म्यांमार में घुसने, और वहां के जातीय समूहों और आतंकवादी संगठनों को हथियारों और ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग देने का आरोप है। पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में गिरफ्तार एक अमेरिकी और छह अन्य विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ा दी है।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राष्ट्रीय सुरक्षा में गिरफ्तार 7 विदेशी नागरिकों को बड़ा झटका लगा है। पटियाला हाउस कोर्ट ने एक अमेरिकी नागरिक के साथ छह विदेशी नागरिकों की न्यायिक हिरासत को तीस दिनों के लिए बढ़ा दिया है।

इसके साथ ही पटियाला हाउस कोर्ट ने अमेरिकी और यूक्रेनी दूतावास के अधिकारियों की विदेश मंत्रालय की इजाजत के बिना सुनवाई में शामिल होने वाली निवेदन को भी ठुकरा दिया। इसके अलावा सुनवाई को दौरान गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक ने एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज और यूक्रेनी नागरिकों ने अपने परिवार से वीडियो कॉल पर बात करने की गुजारिश की। इसके बाद कोर्ट ने आरोपियों को इसके संबंध में अर्जी देने के भी निर्देश दिए।

गिरफ्तार विदेशी नागरिकों में में एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक और यूक्रेन के हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोवस्की, स्टेफांकीव मारियन, होनचारुक मक्सिम और कामिन्स्की विक्ट शामिल हैं। इससे पहले 6 अप्रैल को भी इन सभी आरोपियों को एनआईए की हिरासत अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।

आपको बता दें कि गिरफ्तार आरोपियों को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली कोर्ट में पेश किया गया है। जहां कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की न्यायिक हिरासत को तीस दिनों के लिए बढ़ा दिया।

 

भारत-वियतनाम संबंधों में ऐतिहासिक उछाल, 13 बड़े समझौतों के साथ रणनीतिक रिश्तों का नया युग शुरू

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नई दिल्ली। भारत और वियतनाम के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बुधवार को बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया गया। नरेंद्र मोदी और तो लाम के बीच हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे व्यापार, तकनीक, संस्कृति और रक्षा सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
साझा प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम के रिश्ते अब “आधुनिक व्यापक रणनीतिक साझेदारी” के स्तर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंध बेहद गहरे हैं, जिसका प्रमाण वियतनाम में भारतीय बौद्ध अवशेषों के प्रति लोगों की आस्था है, जहां डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने दर्शन किए।
प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भारत ‘चंपा सभ्यता’ से जुड़ी प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरोहर सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव पर भी आधारित हैं।
इस दौरान दोनों देशों के बीच जिन प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, उनमें डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, पर्यटन, शिक्षा, रक्षा सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और तकनीकी विकास से जुड़े करार शामिल हैं। भारतीय रिजर्व बैंक और वियतनाम के स्टेट बैंक के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली पर सहयोग, नालंदा विश्वविद्यालय और वियतनाम की संस्थाओं के बीच शैक्षणिक समझौते, तथा मुंबई और हो ची मिन्ह सिटी के बीच शहरी सहयोग जैसे समझौते विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राष्ट्रपति तो लाम के इस दौरे को दोनों देशों के बीच 10 वर्षों की रणनीतिक साझेदारी के जश्न के रूप में भी देखा जा रहा है। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत महाबोधि मंदिर से की, जो दोनों देशों के बीच गहरे आध्यात्मिक संबंधों को दर्शाता है। उनके स्वागत में द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-वियतनाम संबंधों में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 618 सीटों पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

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कासगंज। प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्पोर्ट्स कॉलेजों में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार कुल 618 संभावित सीटों पर कक्षा 6, 9 और 11 में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
उप क्रीड़ा अधिकारी हरफूल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज सोसाइटी, लखनऊ के अंतर्गत संचालित गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर, मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉलेज सैफई, स्पोर्ट्स कॉलेज फतेहपुर एवं सहारनपुर में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सभी कॉलेजों में प्रवेश पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
उन्होंने बताया कि आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को यूडाइस पोर्टल द्वारा जारी पेन (PEN) भरना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों की आयु की गणना 1 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयु सीमा 9 से 12 वर्ष, कक्षा 9 के लिए 12 से 15 वर्ष तथा कक्षा 11 के लिए 15 से 17 वर्ष निर्धारित की गई है।
अलीगढ़ मंडल के अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक चयन परीक्षा 21 और 22 मई 2026 को आगरा स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा सुबह 7 बजे से शुरू होगी, जिसमें अभ्यर्थियों की खेल प्रतिभा का परीक्षण किया जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉलेजों में विभिन्न खेल विधाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालक वर्ग के लिए एथलेटिक्स, कबड्डी, क्रिकेट, तैराकी, फुटबॉल, बॉक्सिंग, हैंडबॉल और भारोत्तोलन शामिल हैं, जबकि बालक एवं बालिका दोनों के लिए हॉकी, जिम्नास्टिक, कुश्ती, वॉलीबॉल और बैडमिंटन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बालिका वर्ग के लिए जूडो की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
खेल अधिकारियों ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें और निर्धारित तिथियों पर ट्रायल में भाग लेकर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करें, ताकि उन्हें प्रदेश के प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश पाने का अवसर मिल सके।

हादसे में पटियाली के दरोगा की भी मौत

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पटियाली/ कासगंज । हरियाणा के नूंह जिले में तावड़ू स्थित कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में कासगंज जनपद के गांव अलीपुर दादर निवासी उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। वह वर्तमान में जालौन जिले की उरई कोतवाली में तैनात थे और एक अपहरण मामले में पुलिस टीम के साथ दबिश देने जा रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया है कि पुलिस टीम स्कॉर्पियो वाहन से हरियाणा की ओर जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन आगे खड़े एक डंपर से जा टकराया, जिससे हादसा इतना भीषण हुआ कि मौके पर ही कई पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। इनमें दरोगा सत्यभान सिंह भी शामिल थे। इस घटना ने पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।
मृतक दरोगा सत्यभान सिंह एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते थे और अपने पांच भाइयों में शामिल थे। उनके बड़े भाई सत्यवीर सिंह गांव अलीपुर दादर में खेती करते हैं, जबकि भाई कीरत सिंह और बादल सिंह आगरा में निवास करते हैं। एक अन्य भाई गुरदेव सिंह झांसी में लेखपाल चकबंदी के पद पर कार्यरत हैं। सत्यभान सिंह पिछले लगभग 20 वर्षों से फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और ड्यूटी के चलते गांव कम ही आ पाते थे।
परिवार में उनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे मंजीत सिंह की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बेटे विशाल और बाबू अभी युवा अवस्था में हैं। उनकी दोनों बेटियों आनंदी और पूनम की भी शादी हो चुकी है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन फतेहगढ़ के लिए रवाना हो गए। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस दुखद घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों और परिचितों का कहना है कि सत्यभान सिंह मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, जिनकी असामयिक मौत से क्षेत्र ने एक जांबाज पुलिसकर्मी को खो दिया है। पुलिस विभाग द्वारा भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है।