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Friday, May 8, 2026
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पाइपलाइन खुदाई बनी मुसीबत, खुले गड्ढों से हादसे का खतरा

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नवाबगंज के मोहम्मदाबाद रोड पर नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे पाइपलाइन बिछाने के कार्य ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ठेकेदार की लापरवाही के चलते सड़क किनारे खोदे गए गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। सड़क की हालत खराब होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात पाइपलाइन डालने के लिए मोहम्मदाबाद रोड पर अचानक खुदाई शुरू कर दी गई। सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क के दोनों ओर खतरनाक गड्ढे देखे, तो उन्होंने तत्काल क्षेत्रीय सभासदों को इसकी सूचना दी। मौके की गंभीरता को देखते हुए सभासद कुलदीप राजपूत, अनिल शाक्य और अमन राठौर घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सभासदों ने सड़क किनारे खुले गड्ढों को लेकर नाराजगी जताई और इसे लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार को दी गई। सूचना मिलते ही ईओ मौके पर पहुंचे और हालात को देखते हुए ठेकेदार को तत्काल काम बंद करने का निर्देश दिया।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में ठेकेदार ने अधिकारी के आदेश को नजरअंदाज करते हुए काम जारी रखा। इस पर अधिशासी अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए भुगतान रोकने की चेतावनी दी। प्रशासन की कड़ी चेतावनी के बाद ठेकेदार ने काम तो बंद कर दिया, लेकिन गड्ढों को भरने का काम अब तक पूरा नहीं कराया गया है। इससे सड़क पर खतरा लगातार बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय खुले गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। खुदाई के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए और लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर तैयारियां तेज, जलभराव से निजात दिलाने को शुरू हुआ निर्माण कार्य

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फर्रुखाबाद। शहर के लाल गेट स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर 9 मई को होने वाले वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए महाराणा प्रताप के वंशजों, क्षत्रिय समाज तथा आयोजकों ने पूरी ताकत झोंक दी है। गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार दोपहर तक कार्यक्रम स्थल पर लगातार तैयारियों का दौर चलता रहा।
समारोह स्थल को आकर्षक बनाने के लिए साफ-सफाई, सजावट और मंच निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। वहीं बड़ी संख्या में समाज के लोग भी तैयारियों में जुटे दिखाई दिए। कार्यक्रम को लेकर युवाओं और समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस बीच प्रतिमा स्थल के सामने लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को भी गंभीरता से लिया गया है। बरसात के दौरान प्रतिमा के सामने पानी भर जाने से लोगों को काफी परेशानी होती थी और समारोह की तैयारियों के बीच यह मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। जिस पर प्रशासन और आयोजकों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जल निकासी के लिए निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
शुक्रवार को मजदूर और मशीनें मौके पर लगातार कार्य करती नजर आईं। नाला निर्माण और सड़क समतलीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि अनावरण समारोह के दौरान लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयोजकों का कहना है कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव, स्वाभिमान और बलिदान के प्रतीक हैं, इसलिए उनके सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। शहर में जगह-जगह महाराणा प्रताप के पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं, जिससे पूरा माहौल महाराणा प्रतापमय दिखाई देने लगा है।

देश सेवा के साथ मानवता की मिसाल बने आर्मी जवान, लोहिया अस्पताल में किया रक्तदान

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फर्रुखाबाद। देश की सीमाओं पर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा करने वाले भारतीय सेना के जवान हर परिस्थिति में समाज के लिए प्रेरणा बने रहते हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजपूत रेजीमेंट के जवानों ने मानवता और सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित किया। रेड कास्ट सोसाइटी के तहत आयोजित इस शिविर में सेना के जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर लोगों को जीवन बचाने का संदेश दिया।
सुबह से शुरू हुए रक्तदान शिविर में दोपहर 12 बजे तक 14 जवान रक्तदान कर चुके थे, जबकि शाम तक यह संख्या 20 से 25 तक पहुंचने की संभावना जताई गई। जवानों के उत्साह और सेवा भावना को देखकर अस्पताल कर्मियों सहित आम लोग भी प्रभावित नजर आए।
इस अवसर पर राजपूत रेजीमेंट के सूबेदार अशोक पाठक, सूबेदार सवाई सिंह तथा हवलदार मुकेश ने स्वयं रक्तदान किया और लोगों को भी नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। जवानों ने कहा कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है।
सूबेदार अशोक पाठक ने बताया कि सेना हमेशा देश सेवा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा से निभाती है। उन्होंने कहा कि रक्त की कमी से कई मरीजों की जान पर बन आती है, ऐसे में स्वस्थ लोगों को आगे आकर रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती बल्कि यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
रक्तदान शिविर के दौरान अस्पताल प्रशासन ने भी सेना के जवानों की सराहना की। चिकित्सकों ने कहा कि सेना के जवानों द्वारा किया गया यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
शिविर में मौजूद लोगों ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवान अब लोगों की जिंदगी बचाने के लिए भी आगे आ रहे हैं, जो समाज के लिए गर्व की बात है। सेना के जवानों के इस सेवा कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर सख्त हुए डीएम

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खराब निस्तारण पर कार्रवाई की चेतावनी

फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही शिकायतों की जांच, फीडबैक और निस्तारण की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि प्रत्येक शिकायत का तथ्यपरक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने कहा कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण करें और आवश्यक साक्ष्यों के साथ उसे पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के साथ शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान भी संलग्न किए जाएं। शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता बताया।
बैठक के दौरान कई विभागों की जांच आख्या पढ़कर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी अधिकारी द्वारा गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण किया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। पिछले एक माह में मिले असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों की पुनः जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। राजस्व विभाग की शिकायतों के पुनरीक्षण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को तथा अन्य विभागीय मामलों की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सबसे पहले आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करें और लंबित शिकायतों का निस्तारण अपनी निगरानी में कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से पहले कम से कम पांच दिन पूर्व स्पष्ट और गुणवत्तापूर्ण आख्या अपलोड कर दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिकारियों की लापरवाही से यदि जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा मंदिर में बच्चों से मजदूरी! स्कूल में पढ़ाई छोड़ छात्रों से भरवाया जा रहा हैंडपंप का पानी

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कायमगंज। नरैनामऊ गांव स्थित एक स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां स्कूल में पढ़ाई करने आए मासूम बच्चों से शिक्षकों द्वारा हैंडपंप से पानी भरवाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में स्कूली छात्र अपने हाथों में बाल्टी और डिब्बे लेकर हैंडपंप से पानी भरते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चे पानी भरकर उसे स्कूल परिसर तक ले जाते भी नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को शिक्षा देने की बजाय उनसे रोजमर्रा के कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्कूल में बच्चों से पानी भरवाना न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि मासूम छात्रों के मानसिक और शैक्षिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
वायरल वीडियो के बाद लोगों ने जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए बच्चों को काम में लगा रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि समय रहते इस प्रकार की लापरवाही पर रोक नहीं लगी तो सरकारी स्कूलों की छवि और अधिक खराब होगी।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक शिकंजा कसता है।

पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने जनपद की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

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कई थाना प्रभारियों और उपनिरीक्षकों के तबादले, बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को लेकर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम
फर्रुखाबाद। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा अपराध नियंत्रण को प्रभावी करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के तहत कई निरीक्षकों एवं उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस कार्रवाई को जनपद में बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह लगातार जनपद में अपराध नियंत्रण, जनता की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय नजर आ रही हैं। उनके निर्देशन में पुलिस विभाग में अनुशासन, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है, जिससे थाना स्तर पर कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत हो सके।
जारी आदेश के अनुसार थाना राजेपुर में तैनात प्रभारी निरीक्षक सुदेश कुमार को थाना मोहम्मदाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं फतेहगढ़ थाना क्षेत्र की सरह चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक नागेंद्र सिंह को थानाध्यक्ष राजेपुर बनाया गया है।
इसके अलावा थाना शमसाबाद के थानाध्यक्ष रमेश सिंह को स्थानांतरित कर थाना अमृतपुर में वरिष्ठ उपनिरीक्षक के पद पर तैनाती दी गई है। जबकि प्रभारी एसओजी के पद पर कार्यरत उपनिरीक्षक सचिन सिंह चौधरी को थाना शमसाबाद का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल के बाद विभागीय गतिविधियां तेज हो गई हैं। स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की कार्यशैली को लेकर आम जनता के बीच सकारात्मक चर्चा बनी हुई है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, थाना स्तर पर जवाबदेही तय करना और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देना उनकी कार्यप्रणाली की विशेषता माना जा रहा है। हाल के दिनों में लगातार किए जा रहे प्रशासनिक निर्णयों से यह स्पष्ट हो रहा है कि पुलिस अधीक्षक जनपद में अपराध एवं अव्यवस्था पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए गंभीर हैं।