41.3 C
Lucknow
Thursday, June 25, 2026
Home Blog

“बाबूजी ने सिखाया था कि राजनीति सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम है”

0

 

– पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ से यूथ इंडिया की विशेष बातचीत

शरद कटियार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जिनकी पहचान केवल चुनावी जीत-हार से नहीं, बल्कि संगठन, कार्यकर्ताओं के विश्वास और जनसेवा से बनती है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ आज भी भाजपा और सामाजिक जीवन में एक प्रभावशाली नाम हैं। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में उनके करीबी नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारियों के बाद एक बार फिर उनकी राजनीतिक भूमिका चर्चा का विषय बनी हुई है।

बाबूजी की विरासत, भाजपा का भविष्य, उत्तर प्रदेश का विकास, युवाओं की राजनीति में भागीदारी और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर यूथ इंडिया के संपादक शरद कटियार ने राजू भैया से विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस विशेष साक्षात्कार के प्रमुख अंश—
प्रश्न: सबसे पहले बाबूजी कल्याण सिंह की याद आते ही आपके मन में क्या आता है?
राजू भैया: बाबूजी ने हमें सिखाया कि राजनीति किसी पद या प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। उन्होंने हमेशा कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। जीवन में कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी मिल जाए, लेकिन जमीन से जुड़े रहना और लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

प्रश्न: भाजपा लगातार मजबूत हो रही है। इसकी सबसे बड़ी ताकत क्या है?
राजू भैया: भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पहचान है। संगठन की मजबूती, अनुशासन और राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना ने भाजपा को देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनाया है।
प्रश्न: नई प्रदेश कार्यकारिणी में आपके करीबी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। इसे आप कैसे देखते हैं?
राजू भैया: संगठन में किसी को भी जिम्मेदारी उसकी मेहनत, निष्ठा और कार्यशैली के आधार पर मिलती है। मुझे खुशी है कि समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर मिला है। यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि संगठन की सामूहिक सफलता है।

प्रश्न: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को आप कैसे देखते हैं?
राजू भैया: आज उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था, निवेश, एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने सुशासन को प्राथमिकता दी है और उसका असर दिखाई भी दे रहा है।
प्रश्न: युवाओं को राजनीति में किस सोच के साथ आना चाहिए?
राजू भैया: राजनीति को केवल चुनाव या पद पाने का माध्यम नहीं समझना चाहिए। पहले समाज को समझिए, लोगों की समस्याओं के बीच जाइए और सेवा की भावना से काम कीजिए। ईमानदारी और धैर्य के साथ आगे बढ़ने वाले युवाओं का भविष्य उज्ज्वल है।
प्रश्न: आज सामाजिक समरसता कितनी महत्वपूर्ण है?
राजू भैया: भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता और सामाजिक एकता है। हमें जाति, वर्ग और क्षेत्र से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का काम करना चाहिए। विकास तभी संभव है जब समाज एकजुट होगा।
प्रश्न: विपक्ष की भूमिका को आप किस तरह देखते हैं?
राजू भैया: लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सकारात्मक आलोचना और जनहित के सुझाव लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। लेकिन केवल विरोध के लिए विरोध उचित नहीं है।
प्रश्न: आपके राजनीतिक जीवन का सबसे संतोषजनक क्षण कौन-सा रहा?
राजू भैया: जब भी किसी जरूरतमंद की समस्या का समाधान हुआ, किसी गांव में विकास कार्य पहुंचे या किसी परिवार के चेहरे पर संतोष दिखा, वही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार रहा। जनता का प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।
प्रश्न: आने वाले समय में आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
राजू भैया: संगठन जहां जिम्मेदारी देगा, वहां पूरी निष्ठा से काम करूंगा। समाज सेवा, युवाओं को आगे बढ़ाना और विकास के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहना मेरी प्राथमिकता रहेगी।
प्रश्न: यूथ इंडिया के पाठकों के लिए आपका संदेश?
राजू भैया: लोकतंत्र में जागरूक नागरिक और निष्पक्ष पत्रकारिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवाओं से मेरा आग्रह है कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें, शिक्षा प्राप्त करें, समाज के लिए काम करें और सकारात्मक सोच के साथ देश के विकास में भागीदार बनें। भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है और मुझे उन पर पूरा विश्वास है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया के पिता को आया हार्ट अटैक, ICU में भर्ती

0

मुंबई: बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal murder case) में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया के पिता को अचानक हार्ट अटैक (heart attack) आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

परिजनों के मुताबिक, सिया के पिता पिछले कुछ दिनों से लगातार मानसिक तनाव में थे। बेटी का नाम हत्या जैसे गंभीर मामले में सामने आने और पुलिस कार्रवाई के बाद परिवार पर भारी दबाव बना हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी तनाव के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि हुई।

घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और करीबी रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन ने उनकी स्थिति पर फिलहाल कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार जारी है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अब तक कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। जांच एजेंसियां आरोपी पक्ष और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।

केतन अग्रवाल हत्याकांड पहले से ही शहर और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब आरोपी सिया के पिता की बिगड़ी सेहत ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। एक ओर हत्या की जांच तेज गति से आगे बढ़ रही है, तो दूसरी ओर आरोपी के परिवार पर पड़ रहे मानसिक और सामाजिक दबाव की भी चर्चा हो रही है। ऐसे में सभी की नजरें पुलिस जांच और अस्पताल से आने वाले स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं।

 

 

भाजपा की नई प्रदेश टीम में राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ का साबित हुआ प्रभाव

0

– संगठनात्मक नियुक्तियों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
– उनके करीबी क्षेत्र और प्रदेश में हुए आसीन
– नवंबर में उनका भी राज्यसभा में जाना तय
– प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी देते हैं विशेष तरजीह

शरद कटियार

यूथ इंडिया, लखनऊ

भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने के बाद संगठन के भीतर विभिन्न नेताओं के प्रभाव और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन्हीं चर्चाओं के केंद्र में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह के पुत्र एवं पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।

नई टीम में शंकर लाल लोधी को प्रदेश महामंत्री, पूर्णलाल लोधी को ब्रज क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष तथा किरण निषाद को प्रदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा साफ हो गईं है कि इन नियुक्तियों में राजवीर सिंह राजू भैया की भूमिका प्रभावशाली रही।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विभिन्न वर्गों के बीच संगठनात्मक संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है। इसी रणनीति के तहत नई कार्यकारिणी में सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दिए जाने की भी चर्चा है।

स्वर्गीय कल्याण सिंह का उत्तर प्रदेश की राजनीति और भाजपा संगठन में विशेष स्थान रहा है। राम मंदिर आंदोलन से लेकर प्रदेश की राजनीति तक उनकी भूमिका को पार्टी आज भी महत्वपूर्ण विरासत के रूप में प्रस्तुत करती है। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े नेताओं की राजनीतिक सक्रियता को भी संगठन के भीतर अहम माना जाता है।

सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि भविष्य में राजवीर सिंह राजू भैया को पार्टी किसी बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का फोकस सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक विस्तार पर है। इसी क्रम में नई प्रदेश कार्यकारिणी में विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई कार्यकारिणी के गठन के बाद यह स्पष्ट है कि भाजपा संगठन चुनावी रणनीति के अनुरूप सामाजिक समीकरणों को साधने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का राजनीतिक प्रभाव किस रूप में सामने आता है, इस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

सिलीगुड़ी में NH 10 पर भारी भूस्खलन, पहाड़ो का मलबा गिरने से सिक्किम-कलिम्पोंग का टुटा संपर्क

0

कलिम्पोंग/सिलीगुड़ी: पहाड़ी इलाकों में रात भर हुई भारी बारिश के कारण गुरुवार तड़के सिलीगुड़ी में ज़बरदस्त भूस्खलन हुआ। सिलीगुड़ी (Siliguri) के पास सेवोक काली मंदिर और कोरोनेशन ब्रिज के बीच नेशनल हाईवे 10 पर भारी मात्रा में मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे, जिससे सिलीगुड़ी का डुआर्स, कलिम्पोंग और सिक्किम (Sikkim-Kalimpong) से संपर्क पूरी तरह टूट गया।

सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं, जिससे रोज़ाना आने-जाने वालों और मैदानी इलाकों में लौटने की कोशिश कर रहे कई पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि नेशनल हाईवेज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के कर्मचारी सुबह तक लगभग आधा मलबा हटाने में कामयाब रहे, लेकिन हाईवे को ब्लॉक करने वाले एक विशाल पत्थर को हटाने की कोशिश में मुश्किलें आ गईं। पत्थर तोड़ने के लिए इस्तेमाल की जा रही भारी मशीनरी अचानक खराब हो गई, जिससे मलबा हटाने का काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

हालांकि प्रशासन ने शुरू में अनुमान लगाया था कि दोपहर तक स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन देरी के कारण ट्रैफिक को पूरी तरह से बहाल करने में पूरा दिन लग सकता है। इस बीच, लगातार बारिश के कारण तीस्ता, तोर्सा, जलढाका, रायडक और महानंदा जैसी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ गया है। स्थिति को संभालने के लिए, गजोल्डोबा में तीस्ता बैराज और महानंदा बैराज के स्लुइस गेट समय-समय पर खोले जा रहे हैं। प्रशासन ने निचले तीस्ता बेसिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और कड़ी निगरानी रख रहा है।

अच्छी बात यह है कि नेशनल हाईवे 110 पर मरम्मत का काम जल्द ही पूरा होने वाला है, और दुधिया ब्रिज को छोड़कर, सिलीगुड़ी को दार्जिलिंग से जोड़ने वाली अन्य सड़कें चालू हैं। हालांकि तीस्ता बाजार के पास निचले इलाकों में कभी-कभी पानी जमा हो जाता है, लेकिन बारिश रुकते ही यह हट जाता है।प्रशासन ने पर्यटकों और ड्राइवरों को बहुत सावधानी बरतने, किसी भी जरूरी यात्रा से पहले सड़क की मौजूदा स्थिति की जांच करने और जहां भी संभव हो वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।

 

कानपुर के विकास दुबे की जमीनें फर्रूखाबाद में भी ! माफिया अनुपम दुबे गैंग से सांठगांठ कर चलता था खेल, साथी संजीव पारिया व अवधेश मिश्रा ने भी की थी कई जमीनें कब्जा

0

कानपुर के विकास दुबे की जमीनें फर्रूखाबाद में भी ! माफिया अनुपम दुबे गैंग से सांठगांठ कर चलता था खेल, साथी संजीव पारिया व अवधेश मिश्रा ने भी की थी कई जमीनें कब्जा, जो आर भी प्रशासन की नजर से दूर

=कमालगंज में नाम में हेराफेरी कर विकास के नाम खरीदी कई बीघा जमीनें आज भी पड़ी

=तिर्वा कोठी, डीएम आवास के करीब व अख्तर मसीह की लाल कोठी पर की गई अवैध प्लाटिँग पर नही गई प्रशासन की नजर

=माफिया तंत्र के खास गुर्गे अवधेश मिश्रा ने भोलेपुर और नवाबगंज में कब्जा कर डालीं दलितों समेत सरकारी व तालाब की जमीनें

यूथ इंडिया।

फर्रूखाबाद: चर्चित विकास दुबे का मामला केवल कानपुर में ही नही रहा अपने दौर में उसका जिले के माफिया तंत्र के सरगना अनुपम दुबे उसके भाईयों समेत कचहरी फतेहगढ में आतंक का पर्याय रहे संजीव पारिया व नॉन प्रक्टीशनर अपराधी वकील अवधेश मिश्रा से भी खासा जोडगांठ का रहा। ऊंची सेटिंग के बलबूते माफिया गैंगों के सफाये के बाद भी अभी तमाम जमीनें ऐसी पड़ी जिन पर सरकार का बुलडोजर पहुंच ही नही पाया।

थाना कमालगंज क्षेत्र के फ्लोरमिल के पास करीब १० से १२ बीघा जमीन आज भी विकास दुबे की बताई जा रही है। जोकि विकास कुमार के नाम से खरीदी गई थी। इसके अलावा चिरपुरा में भी जमीन पडी है। माफिया तंत्र खतौनियों में बंजर और सरकारी जमीनों को देख अपने गुर्गो के नाम चढवाते थे।

अपने आतंक के बलबूते जिले के माफिया अनुपम दुबे ने डीएम आवास के पास लाल कोठी के निकट गरैया खाडे मंदिर और तालाब के पास तिकडम की व्यवस्था के चलते वेशकीमती जमीनें करोडों रूपये में बिकवा दीं। वहीं फतेहगढ की अख्तर मसीह की कोठी अनुपम के गैंग ने जबरिया कब्जा कर अवैध प्लाटिंग कर बेंच डाली। खौफजदा स्वामी शाहरूख खां अपना परिवार छोडकर ही जिले से चले गये। इसी प्रकार तिर्वा कोठी के पास अनुपम के गैंग ने कागजी कलाबाजी कर तमाम जमीनें बेंच डाली जोकि आज भी प्रशासन की नजर से दूर है। बेंची गई इन जमीनों पर बसाई गई अवैध कालौनियों पर बीती कार्यवाहियों के दौरान जिला प्रशासन की नजर नही पड सकी।

विकास व अनुपम दुबे के नाम के सहारे इस गैंग के लिखिया मुंसी नॉन प्रक्टीशनर वकील अवधेश मिश्रा ने भोलेपुर में अपने मकान के पीछे स्थित सरकारी तालाब को भी पाट कर कब्जा कर लिया। अपनी हनक के चलते नवाबगंज थाना क्षेत्र में गांव चांदपुर में अवैध रूप से एक ही भवन भूमि पर पहले कृष्णा पब्लिक स्कूल और एसकेएम इंटर कालेज की स्थापना कर ली। बाद में कई दलितों की जमीनें भी कब्जा कर यहां उसी भवन भूमि में कृष्णा महिला डिग्री कालेज भी बना दिया। चौंकाने बाली बात है कि कृष्णा पब्लिक स्कूल आज भी यहां कागजों में चलता है। जबकि यहां भवन के नाम पर दुकानों में बोर्ड लगाया गया है।

विकास दुबे की जमीनों और जिले के माफिया तंत्र के सांठगांठ के मामले को शासन में भी गंभीरता से लिया जा रहा है और अब तक इस ओर जीरो टॉलरेंस के तहत कडी कार्यवाही और निगरानी क्यों नही हुई इस पर भी जबाव तलब की तैयारी की जा रही है। हालाकि उससे पूर्व भी जिलाधिकारी डा० अंकुर लाठर ने इन मामलों में बारीकी से जांच करने के लिए अधिनस्थों को आदेशित कर दिया है।

जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, महिला पर कुल्हाड़ी से हमला

0

 

घर में घुसकर मारपीट का आरोप, चार नामजद समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अमृतपुर, फर्रुखाबाद

थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम बलीपट्टी में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक महिला सहित कई लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने गांव के चार लोगों समेत अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर घर में घुसकर मारपीट करने, कुल्हाड़ी से हमला करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।ग्राम बलीपट्टी निवासी राममोहन अग्निहोत्री द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 24 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे गांव के ही गगन पुत्र अरविंद शुक्ला, अरविंद पुत्र रामनिवास, रीतू पत्नी संदीप तथा अनिल पुत्र रामनिवास सहित अन्य लोग जमीन के विवाद को लेकर उनके घर पहुंच गए। आरोप है कि सभी लोगों ने एकजुट होकर घर में घुसकर गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो गए।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बहन सुनीता देवी पत्नी स्वतंत्र शुक्ला और स्वतंत्र शुक्ला को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। इसी दौरान गगन ने सुनीता देवी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले में स्वतंत्र शुक्ला को भी गंभीर चोटें आईं।तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों के पास तमंचे थे और घटना के बाद जाते समय उन्होंने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद घायल पक्ष ने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राहुल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा था। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा घायलों का उपचार कराया जा रहा है।