34 C
Lucknow
Tuesday, April 21, 2026
Home Blog

पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले काशी पहुंचे सीएम योगी, तैयारियों का लेंगे जायजा

0

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के 28 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) मंगलवार शाम दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही जिले में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे।

इस बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और पीएम के दौरे से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि बैठक में भाजपा पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। सीएम योगी, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण और उद्घाटन कार्यक्रमों से जुड़े परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का भी जायजा लेंगे। इसके साथ ही वे विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। इसके अलावा, सीएम योगी बरेका ग्राउंड पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर संवाद कर सकते हैं। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और जिन मार्गों से सीएम का काफिला गुजरेगा, वहां रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सभी विभागों को अपने दस्तावेज और तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में रात्रि विश्राम करेंगे और बुधवार सुबह यहां से प्रस्थान करेंगे।

 

लखनऊ में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लिया अहम फैसला, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूलों का समय बदला

0

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन (administration) ने अहम फैसला लिया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्री-प्राइमरी से लेकर क्लास 8 तक के सभी स्कूलों का समय बदल दिया है। जारा आदेश के अनुसार अब प्री-प्राइमरी से लेकर क्लास 8 तक के सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहतै है, जिससे बच्चों को गर्मी से राहत मिल सकेगी औऱ पढ़ाी भी प्रभावित नहीं होगी।

जनपद लखनऊ में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी किया है कि सभी बोर्ड के सरकारी, परिषदीय और निजी स्कूलों का समय बदला जाए। ये आदेश 22 अप्रैल से लागू होगा और अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

बेसिक शिक्षा परिषद ने बच्चों को तेज गर्मी और धूप से बचाने के लिए समय बदला है। टीचर्स को दोपहर 1:30 बजे तक स्कूलों में रुकना अनिवार्य है। पहले गर्मी और लू को देखते हुए 2 जिलों के स्कूलों का समय बदला। प्रयागराज में पहली से 8वीं तक के सभी स्कूलों को 20 अप्रैल से सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने का आदेश जारी हुआ था। ये आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। इस आदेश को प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जारी किया था।

 

WhatsApp Image 2026-04-21 at 6.04.49 PM

दिल्ली में वाहन प्रदूषण पर सख्ती, CAG रिपोर्ट के बाद विधानसभा सचिवालय ने दिए सख्त निर्देश

0

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में शामिल वाहन जनित वायु प्रदूषण को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस मुद्दे पर कार्रवाई तेज करते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर बड़ी पहल की है। वाहन जनित वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण पर किए गए प्रदर्शन ऑडिट के निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए लोक लेखा समिति (PAC) की तीसरी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। सभी संबंधित विभागों को CAG की सिफारिशों पर कार्रवाई करनी होगी। 31 दिसंबर 2026 तक सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पूरी कार्रवाई रिपोर्ट 31 जनवरी 2027 तक विधानसभा सचिवालय को सौंपनी होगी।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थागत प्रक्रियाओं को केवल रिपोर्ट तक सीमित न रखते हुए, ऑडिट के निष्कर्षों को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदलना चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का वास्तविक असर दिख सके। इसी दिशा में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने परिवहन मंत्री, दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग के सचिव-सह-आयुक्त को पत्र भेजा है। इसमें लोक लेखा समिति (PAC) की सिफारिशों पर व्यापक और समयबद्ध प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया गया है।

दिल्ली में वाहन जनित वायु प्रदूषण को लेकर सामने आई कैग (CAG) आधारित समीक्षा रिपोर्ट ने शहर की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में नियामक ढांचे, प्रवर्तन तंत्र और संस्थागत समन्वय में मौजूद कई खामियों को उजागर किया गया है, जो प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं। दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा लोक लेखा समिति की सिफारिशों को आगे बढ़ाते हुए यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में कई संरचनात्मक कमियां हैं, जैसे योजना निर्माण में स्पष्ट कमी निगरानी प्रणाली की सीमित क्षमता प्रवर्तन (enforcement) में असंतुलन वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की अपर्याप्त स्थापना और संचालन कई प्रदूषकों की अधूरी निगरानी विश्वसनीय उत्सर्जन डेटा की कमी इन कारणों से साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (evidence-based policymaking) प्रभावित हो रहा है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की प्रदूषण के प्रति प्रतिक्रिया केवल छोटे-छोटे उपायों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह समस्या संरचनात्मक स्तर की है और इसके समाधान के लिए व्यापक व समन्वित रणनीति जरूरी है।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि राजधानी की बस और समग्र सार्वजनिक परिवहन प्रणाली लंबे समय से कई संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि बसों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, रूट कवरेज सीमित है और लास्ट माइल कनेक्टिविटी कमजोर बनी हुई है।

इसके अलावा रूट रेशनलाइजेशन में देरी और वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों के धीमे क्रियान्वयन को भी उन्होंने प्रमुख समस्याओं के रूप में रेखांकित किया। इन कमियों के कारण नागरिकों की निर्भरता निजी वाहनों पर लगातार बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव और अधिक बढ़ रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इसी प्रवृत्ति का सीधा असर वायु प्रदूषण में वृद्धि के रूप में भी देखा जा रहा है, जो राजधानी के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

 

महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर बुरे फंसे सांसद पप्पू यादव, महिला आयोग ने भेजा नोटिस

0

पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (MP Pappu Yadav) बड़ी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल बिहार राज्य महिला आयोग (Bihar State Women Commission) ने सांसद पप्पू यादव को नोटिस भेजा है। उन्हें यह नोटिस राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भेजा गया है। नोटिस जारी करने के साथ ही राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव से तीन दिन के अंदर उनसे जवाब मांगा है। अगर पप्पू यादव तीन दिन के अंदर अपना जवाब नहीं देते हैं, तो आयोग लोकसभा स्पीकर से उनकी सांसदी को रद्द करने की मांग करेगा।

बिहार के सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर एक बेहद ही आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए कंप्रोमाइज करना पड़ता है। पप्पू यादव ने यहां तक कह दिया कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड (बिस्तर) से शुरू होता है, उनके इस बयान को लेकर कई नेताओं ने भी अपना आक्रोश जाहिर किया है।

पप्पू यादव के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बयान है, जब पूरा देश ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा दे रहा था, तब देखिए कांग्रेस समर्थित सांसद क्या कह रहे हैं। यही उनकी मानसिकता है। वे महिलाओं पर कैसे आरोप लगा रहे हैं।

पप्पू यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात सिर्फ सदनों तक सीमित रह गई है और यह अब मजाक का विषय बन चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि देश में महिलाओं को देवी का दर्जा तो दिया जाता है, लेकिन वास्तविक सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सत्ता और व्यवस्था से जुड़े लोग ही महिलाओं के शोषण के लिए जिम्मेदार हैं। पप्पू यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुमत के बावजूद सरकार ने पहले इस बिल को गंभीरता से नहीं लिया।

 

मुरादाबाद: मकान को लेकर हुए विवाद में पति-पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या

0

मुरादाबाद:  यूपी के मुरादाबाद (Moradabad) में हत्या की हैरान देने वाली वारदात सामने आई है। बीती रात मकान को लेकर हुए विवाद में पति-पत्नी (Husband and wifeकी चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा। पुलिस घटना की जांच कर रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पूरा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक का है। जहां रहने वाले राजा ने फहीम नाम के युवक से एक साल पहले 2 लाख 24 हजार रुपये में खरीदा था। राजा ने मकान का 2 लाख रुपए दे दिए थे। वहीं जब राजा ने फहीम से रजिस्ट्री कराने कहा तो वह 24 हजार की बजाय 40 हजार रुपए मांगने लगा, जिसे लेकर दोनों विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर राजा ने 2 दिन पहले यानी रविवार को जमकर पिटाई भी की थी।

पिटाई के दूसरे दिन फहीम अपने साथ 2 लोगों को लेकर राजा के घर पहुंचा और तीनों ने जमकर पिटाई की। वहीं जब राजा की पत्नी ने बचाने की कोशिश की तो तीनों ने उसकी भी पिटाई की। मां-बाप की चीख सुनकर दोनों बच्चे भी कमरे में पहुंचे। इस दौरान फहीम और उसके साथियों ने राजा और उसकी पत्नी फराह पर चाकू से हमला कर मौत की नींद सुला दी। वहीं आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा पर प्रशासन का हाई अलर्ट: डीएम मैडम लाठर सख्त

0

– बोलीं 3 दिन जिले में ‘एग्जाम इमरजेंसी प्लान’ लागू

फर्रुखाबाद। जनपद में 25, 26 और 27 अप्रैल को होने वाली यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सतर्कता अपनाई है। नवागत जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए साफ संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि “जीरो एरर ऑपरेशन” के तहत कराई जाएगी।

कोषागार में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद डीएम ने इस बड़ी भर्ती परीक्षा को अपनी प्राथमिकता में रखते हुए अफसरों की जवाबदेही तय कर दी है। बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या लापरवाही सामने आई तो सीधे कार्रवाई होगी।

सबसे अहम फैसला अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर लिया गया है। डीएम ने सभी परीक्षा केंद्रों पर क्लॉक रूम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाहर से आने वाले हजारों परीक्षार्थियों को बैग और जरूरी सामान रखने में कोई दिक्कत न हो। साथ ही बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर विशेष हेल्प सेंटर बनाए जाएंगे, जहां से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र, रूट और अन्य जरूरी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने इस बार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस किया है। डीएम ने सभी केंद्रों पर मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं, जहां ओआरएस, ग्लूकोज और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाएगा। निर्देश साफ हैं—लू या तबीयत बिगड़ने की स्थिति में अभ्यर्थी को तत्काल इलाज मिले, इसमें कोई देरी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, चेकिंग, और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन को आशंका है कि तीनों दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जिले में पहुंचेंगे, जिससे यातायात और भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी अलग से रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सभी उपजिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि समन्वय के साथ परीक्षा संपन्न कराई जा सके।

यह भर्ती परीक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है—एक तरफ भीषण गर्मी, दूसरी तरफ हजारों अभ्यर्थियों का दबाव। नई डीएम की पहली बड़ी परीक्षा भी यही है कि क्या ये तैयारियां कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखाती हैं या नहीं।