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Thursday, February 26, 2026
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SIR से यूपी में अवैध मतदाता पंजीकरण का खुलासा, नाम बदलकर रह रही बांग्लादेशी महिला पर मामला दर्ज

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हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बांग्लादेशी महिला (Bangladeshi woman) ने कथित तौर पर स्थानीय निवासी से शादी करके भारतीय पहचान पत्र और मतदाता पहचान पत्र प्राप्त कर लिया। गढ़मुक्तेश्वर पुलिस स्टेशन के प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, यह घटना दौताई गांव में घटी। महिला की पहचान महमूदा बेगम के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर गांव आने के बाद अपना नाम बदलकर रानी रख लिया था।

पुलिस ने बताया कि दौताई निवासी मोहम्मद मसरौफ की मुलाकात महमूदा से सऊदी अरब में काम करते समय हुई थी। जब वह भारत लौटा, तो महमूदा भी उसके साथ आ गई। दोनों ने 11 फरवरी, 2021 को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन औलिया में शादी की, जिसके बाद मसरौफ उसे अपने पैतृक गांव ले आया।

2024 में, महमूदा ने कथित तौर पर ग्राम प्रधान के लेटरहेड पर जारी किए गए एक पत्र का उपयोग करके ‘रानी’ नाम से मतदाता पहचान पत्र प्राप्त किया। भारतीय कानून के अनुसार, केवल भारतीय नागरिक ही मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने के पात्र हैं। इस दस्तावेज़ के जारी होने से स्थानीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन में हुई चूक को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

ग्राम प्रधान ने दावा किया है कि दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया गया लेटरहेड फर्जी है और उन्होंने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है।सोशल मीडिया पर जासूसी से जुड़े होने की अपुष्ट अफवाहों समेत कई आरोपों के बीच महमूदा और मसरौफ फिलहाल फरार हैं। ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

मसरूफ की मां ने बताया कि चार साल पहले शादी को लेकर परिवार में तीखी बहस हुई थी और उन्होंने कहा कि उन्हें दंपति के वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। दस्तावेजों के सामने आने के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। गढ़ कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गहन जांच चल रही है और जल्द ही मामला दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर जांच के नतीजे आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

हाईकोर्ट की दखल के बाद पुलिस अपराधी के प्रति हुईं नरम, शासन स्तर पर भी मज़बूरी में हलचल फीकी

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फर्रुखाबाद: कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज मुकदमा संख्या 274 अब केवल एक आपराधिक प्रकरण भर नहीं रह गया है, बल्कि यह जिला पुलिस की कार्यशैली, राजनीतिक दबाव और न्यायिक हस्तक्षेप के सवालों के केंद्र में आ खड़ा हुआ है। मामले में हाईकोर्ट की दखल के बाद पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में आरोपी के रूप में नामित एक नॉन-प्रैक्टिसिंग अधिवक्ता अवधेश मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस का रुख बाद में नरम बताया जा रहा है। यह भी कहा जा रहा हैं कि आरोपी को एक स्थानीय सजातीय ताकतपूर्ण जनप्रतिनिधि का संरक्षण भी प्राप्त है , जिसके चलते जिला स्तर पर कार्रवाई प्रभावित हो गई । हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले में जब कई भ्रामक याचिका के माध्यम से इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा अपराधी द्वारा खटखटाया गया, तब न्यायिक स्तर पर कड़ी टिप्पणियों और व्यक्तिगत दखल के बाद जिला पुलिस की सक्रियता मज़बूरी में निष्क्रिय हुईं । बताया जाता है कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी और पैरवी में ढिलाई को लेकर लोग और पीड़ित हाई कोर्ट के आगे कुछ भी बोलने मे मजबूर हो गए ।

हाईकोर्ट की दखल के बाद जिला पुलिस की स्थिति असहज बताई जा रही है। चर्चाएं हैं कि चार्जशीट दाखिल करने से भी परहेज किया गया, जिससे वादी पक्ष में असंतोष गहराया। जिले की पुलिस अधीक्षक के स्तर पर भी इस मामले की समीक्षा हुई। सूत्र बताते हैं कि न्यायालय की सख्ती के बाद प्रशासनिक स्तर पर बैकफुट की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह कहा जा रहा है कि जांच विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की जा रही है और किसी प्रकार का बाहरी दबाव स्वीकार्य नहीं है।

मुकदमे के वादी अजय चौहान और उनके करीबियों की ओर से भी अब सक्रियता कम होती दिखाई दे रही है। जानकारों का कहना है कि पैरवी करने वाले लोग खुद को भयभीत महसूस कर रहे हैं। कुछ गवाह ही उलटे कानूनी पेंच फंसते देख पुलिस के बिपरीत हो रहे हैं , जिससे पूरे प्रकरण में नया मोड़ आ सकता है। इस घटनाक्रम ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या जिला स्तर पर प्रभावशाली लोगों के दबाव में निष्पक्ष जांच प्रभावित हो चुकी है?

सूत्रों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन स्तर पर बड़े अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की है। संकेत हैं कि नए उच्चाधिकारी इस प्रकरण की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सरकार बार-बार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति की बात करती रही है। ऐसे में यह मामला प्रशासनिक प्रतिबद्धता की कसौटी बन सकता है।

वरमाला के दौरान मां को पड़ा दिल का दौरा, शादी की खुशियां मातम में बदलीं

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कासगंज: जनपद के सिकंद्राराऊ मार्ग स्थित गांव बेरी में एक विवाह समारोह उस समय शोकसभा में बदल गया, जब जयमाला कार्यक्रम के दौरान दुल्हन की मां को अचानक दिल का दौरा पड़ गया और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। खुशियों और उल्लास से भरे माहौल में हुई इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया।

जानकारी के अनुसार गांव बेरी निवासी छोटे सिंह की पुत्री रेखा का विवाह अलीगढ़ जनपद के अतरौली क्षेत्र से आई बारात के साथ संपन्न हो रहा था। घर में कई दिनों से मांगलिक कार्यक्रम चल रहे थे। रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मौजूदगी में सोमवार रात करीब नौ बजे जयमाला की रस्म अदा की जा रही थी। स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे को वरमाला पहना चुके थे और परिजन बारी-बारी से आशीर्वाद देने पहुंच रहे थे।

इसी दौरान दुल्हन की मां शशि देवी भी बेटी को आशीर्वाद देने के लिए मंच पर पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वह बेटी के पास खड़ी हुईं, उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे वहीं लड़खड़ा कर गिर पड़ीं। पहले तो लोगों को लगा कि शायद चक्कर आ गया है, लेकिन जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई।

परिजन तत्काल उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद हालत गंभीर बताई। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया हृदयाघात को मौत का कारण बताया है।

शादी समारोह में शामिल बाराती और घराती इस घटना से स्तब्ध रह गए। जिस घर में कुछ क्षण पहले तक ढोल-नगाड़ों और शहनाई की गूंज थी, वहां अचानक सन्नाटा छा गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ओर बेटी की विदाई की तैयारी थी, तो दूसरी ओर मां की अर्थी उठने की नौबत आ गई।

ग्रामीणों के अनुसार शशि देवी मिलनसार स्वभाव की महिला थीं और विवाह की तैयारियों में पिछले कई दिनों से जुटी हुई थीं। बेटी की शादी को लेकर वह बेहद उत्साहित थीं। घटना के बाद विवाह की शेष रस्में सादगीपूर्वक पूरी की गईं।
इस हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गांव में शोक की लहर है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

होली पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज अलर्ट

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सभी बसें रहेंगी ऑन-रूट; चालकों-परिचालकों के अवकाश निरस्त

कासगंज: होली पर्व के मद्देनजर कासगंज रोडवेज विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पर्व के दौरान यात्रियों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए विभाग ने सभी बसों को पूरी तरह दुरुस्त कर ऑन-रूट रखने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही 28 फरवरी से 9 मार्च तक चालकों और परिचालकों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में बस संचालन प्रभावित न हो और यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

रोडवेज अधिकारियों के अनुसार होली के अवसर पर बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग दिल्ली, गुड़गांव, गाजियाबाद और अन्य महानगरों से अपने घरों की ओर रुख करते हैं। ऐसे में बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। इस भीड़ को व्यवस्थित ढंग से संभालने और अतिरिक्त दबाव से निपटने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। सभी डिपो स्तर पर बसों की तकनीकी जांच कराई जा रही है, ताकि बीच रास्ते में खराबी की स्थिति उत्पन्न न हो।

अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी बस अनावश्यक रूप से कार्यशाला में खड़ी न रहे। जिन बसों में मामूली खराबी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जा रहा है। साथ ही जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फेरे लगाने की भी योजना तैयार की गई है। प्रमुख मार्गों—दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, एटा और फर्रुखाबाद रूट—पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

चालकों और परिचालकों के अवकाश निरस्त किए जाने के संबंध में विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू की गई है, जिसके अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से अधिक फेरे लगाने या अधिक राजस्व अर्जित करने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा।

रोडवेज प्रबंधन ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे समय से बस अड्डे पहुंचें और अनुशासन बनाए रखें। विभाग का दावा है कि इस बार होली पर्व पर यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। त्योहार के उल्लास के बीच यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

हेलीकॉप्टर से हुई दुल्हन की विदाई, आदमपुर गांव में उमड़ी भीड़

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एलएलबी छात्र दूल्हे की अनोखी ख्वाहिश हुई पूरी

औरैया: बदलते दौर के साथ शादियों में नई-नई परंपराएं और आकर्षण देखने को मिल रहे हैं। ऐसा ही अनोखा नजारा उस समय देखने को मिला जब महोबा जनपद की बेटी आकांक्षा राजपूत की विदाई हेलीकॉप्टर से हुई। दूल्हा निर्वेश राजपूत, जो एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है, ने अपनी इस खास इच्छा को परिवार के सामने रखा था। ताऊ ने उसकी ख्वाहिश को सम्मान देते हुए इसे साकार कर दिखाया। परिणामस्वरूप दुल्हन की विदाई सड़क मार्ग से नहीं बल्कि आसमान के रास्ते हुई।

जानकारी के अनुसार महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र अंतर्गत भटेवरा कला गांव में मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। विवाह समारोह में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण शामिल हुए। सभी रस्में विधिवत पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया तो गांव के लोगों को पहले से ही हेलीकॉप्टर के आगमन की सूचना मिल चुकी थी, जिससे उत्सुकता चरम पर थी।

बुधवार दोपहर लगभग 2 बजकर 53 मिनट पर औरैया जनपद के अजीतमल क्षेत्र स्थित आदमपुर गांव के सिंहवाहिनी महाविद्यालय परिसर में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतरा। जैसे ही हेलीकॉप्टर की आवाज गांव में गूंजी, आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरा परिसर लोगों से भर गया। हर कोई इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करने को आतुर नजर आया।

दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक परिधान में हेलीकॉप्टर से उतरे तो लोगों ने तालियों और खुशियों के साथ उनका स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। करीब एक घंटे तक हेलीकॉप्टर परिसर में रुका और 3 बजकर 53 मिनट पर पुनः उड़ान भरकर वापस चला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार अपने गांव में हेलीकॉप्टर को उतरते देखा है। यह शादी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी। वहीं दूल्हे निर्वेश राजपूत ने बताया कि वह अपनी शादी को यादगार बनाना चाहते थे और परिवार के सहयोग से उनका सपना पूरा हो सका।

इस अनोखी विदाई ने न सिर्फ दोनों परिवारों बल्कि पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना दिया। गांव में यह विवाह समारोह चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इसे आधुनिकता और परंपरा के अनूठे संगम के रूप में देख रहे हैं।

कसहा में लार्ड कृष्णा स्वीट्स फैक्ट्री पर छापा, 15 क्विंटल से अधिक मिलावटी छेना-पनीर नष्ट

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औरैया। होली पर्व से पहले मिठाइयों के बाजार में बढ़ती मांग के बीच मिलावटखोरी पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। बुधवार दोपहर दिबियापुर क्षेत्र के कसहा गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लार्ड कृष्णा स्वीट्स के कारखाने पर छापा मारा। मौके से 15 क्विंटल से अधिक पाउडर से तैयार किया गया संदिग्ध छेना और पनीर बरामद हुआ, जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए जब्त कर नष्ट कराया गया।

कार्रवाई एसडीएम बिधूना गरिमा सोनकिया, पुलिस क्षेत्राधिकारी पी. पुनीत मिश्रा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार की मौजूदगी में की गई। टीम ने पहले गांव में घेरेबंदी कर कई स्थानों पर पुलिस तैनात की, ताकि कोई माल इधर-उधर न किया जा सके। जैसे ही टीम कारखाने पहुंची, वहां काम कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया गया कि कुछ कर्मचारी तैयार माल को छिपाने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने सख्ती दिखाते हुए पूरे परिसर की तलाशी ली।

प्राथमिक जांच में पाया गया कि बड़ी मात्रा में छेना और पनीर केमिकल युक्त पाउडर से तैयार किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि बरामद माल को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कस्बे के बंबा क्षेत्र में ले जाकर नष्ट कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और कई लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर कार्रवाई को रिकॉर्ड किया। भीड़ बढ़ने पर ट्रैफिक पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ी।

फैक्ट्री में तैयार अन्य मिठाइयों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार यह कारखाना लंबे समय से संचालित था और यहां से तैयार मिलावटी छेना-पनीर आसपास की दुकानों और आयोजनों में सस्ते दामों पर सप्लाई किया जाता था। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सेहत पर खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर के प्रभारी डा. विजय आनंद ने बताया कि शुद्ध छेना दूध फाड़कर बनाया जाता है, जिसमें प्रोटीन और ग्लूकोज प्रचुर मात्रा में होता है। लेकिन यदि इसे केमिकल युक्त पाउडर से तैयार किया जाए तो यह शरीर के लिए गंभीर नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे उत्पादों के सेवन से लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और अन्य अंगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल विश्वसनीय दुकानों से ही दूध से बना शुद्ध छेना-पनीर खरीदें।
प्रशासन ने मिठाई विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है कि मिलावट पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। होली के मद्देनजर आगे भी छापेमारी अभियान जारी रहेगा, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।