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Saturday, July 11, 2026
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जल बोर्ड के स्लज मैनेजमेंट प्लांट का महापौर सुषमा खर्कवाल ने किया निरीक्षण

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नई दिल्ली/लखनऊ: लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने शनिवार को दिल्ली स्थित दिल्ली जल बोर्ड के स्लज मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और स्लज प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अवलोकन किया। उनके साथ नगर निगम लखनऊ के कार्यकारिणी उपाध्यक्ष एवं पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’ तथा पार्षदगण भी उपस्थित रहे।

स्लज से तैयार की जा रही हैं ईंटें

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले स्लज का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। इससे अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण होने के साथ-साथ उसका उपयोग निर्माण कार्यों में भी किया जा रहा है।

एआई आधारित पूरी तरह स्वचालित है प्लांट

अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित पूरी तरह स्वचालित प्लांट है। पहले एसटीपी से निकलने वाला स्लज सीधे यमुना नदी में चला जाता था, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ती थी। अब उसी स्लज का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

लखनऊ में भी अपनाई जा सकती हैं आधुनिक तकनीकें

महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने कहा कि ऐसे नवाचार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इस अध्ययन भ्रमण से मिले अनुभवों का उपयोग लखनऊ में अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, प्रभावी तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए किया जाएगा।

एसएसपी प्राइवेट लिमिटेड कर रही है संचालन

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस स्लज मैनेजमेंट प्लांट का संचालन एसएसपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। प्लांट में अपनाई जा रही तकनीक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने का एक सफल उदाहरण है, जो अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।

श्रद्धा वाकर मर्डर केस: तिहाड़ जेल में MA की परीक्षा दे रहा आफताब, 20 जुलाई की सुनवाई टली

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नई दिल्ली: साकेत कोर्ट ने बहुचर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड (Shraddha Walkar Murder Case) में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Aaftab Amin Poonawala) को बड़ी राहत देते हुए 20 जुलाई को निर्धारित सुनवाई स्थगित कर दी है। अदालत ने आरोपी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने एमए सोशियोलॉजी की अंतिम परीक्षा के कारण कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने की मांग की थी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने अपने 8 जुलाई के आदेश में कहा कि आरोपी ने अदालत को बताया है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) द्वारा आयोजित एमए सोशियोलॉजी का अंतिम पेपर 20 जुलाई को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। यह परीक्षा तिहाड़ जेल की सेंट्रल जेल नंबर-3 में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी, जहां आफताब फिलहाल अंडर-ट्रायल कैदी के रूप में बंद है।

आरोपी की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने 20 जुलाई की निर्धारित दैनिक कार्यवाही रद्द कर दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी की परीक्षा को देखते हुए उस दिन उसकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक नहीं होगी। अदालत ने निर्देश दिया है कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य (Prosecution Evidence) अब 21 जुलाई दोपहर 2 बजे से दर्ज किए जाएंगे। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में पहले से निर्धारित अन्य तारीखों पर सुनवाई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।

श्रद्धा वाकर हत्याकांड देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है। आरोप है कि मई 2022 में आफताब पूनावाला ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वाकर की हत्या कर शव के कई टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। इस मामले की सुनवाई दिल्ली की साकेत कोर्ट में जारी है और अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश कर रहा है।

 

यूपी के स्कूलों में अब हेल्दी लाइफस्टाइल की पढ़ाई, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष अभियान

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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली की आदत विकसित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी परिषदीय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, पोषण और हेल्दी लाइफस्टाइल के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। इस संबंध में समग्र शिक्षा राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।

नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की पुस्तक ‘मेरे स्वास्थ्य की दुनिया’ तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ‘ईट राइट इंडिया’ पहल के अंतर्गत तैयार अध्ययन सामग्री का उपयोग विद्यालयों में कराया जाएगा। इन पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित व्यायाम, योग, खेलकूद, पर्याप्त नींद तथा डिजिटल उपकरणों के सुरक्षित और संतुलित उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

निर्देशों के अनुसार इस विषय को केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक, विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम और शिक्षकों के प्रशिक्षण में भी शामिल किया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण पर 10 मिनट का विशेष सत्र आयोजित होगा।

इसके अलावा बैगलेस डे पर पोस्टर प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, रोल प्ले, नाटक और विज्ञान गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों के सूचना पट्ट, व्हाट्सएप समूह और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों के माध्यम से भी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही स्वस्थ खानपान और बेहतर जीवनशैली की आदत विकसित करना है।

न्यूजीलैंड दौरे पर फिर उठा प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुद्दा, नॉर्वे की पत्रकार ने पीएम मोदी की मीडिया नीति पर उठाए सवाल

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ऑकलैंड/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एक बार फिर उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में एक पत्रकार ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री विदेश दौरों के दौरान खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते। इस पर विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विभिन्न जनसभाओं, सार्वजनिक कार्यक्रमों और सीधे संवाद के माध्यम से लगातार लोगों से जुड़े रहते हैं तथा भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं पूरी तरह मजबूत हैं।

इस घटनाक्रम के बाद नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग, जिन्होंने पहले ओस्लो दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी से इसी विषय पर सवाल पूछा था, ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह देखकर अच्छा लग रहा है कि भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और मीडिया से संवाद जैसे मुद्दों पर अब दूसरे देशों में भी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि छोटे देश भी लोकतांत्रिक विमर्श को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हेले लिंग ने बताया कि नॉर्वे की घटना के बाद उन्होंने दुनिया भर के कई मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू दिए, ताकि इस विषय पर व्यापक चर्चा हो सके। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के उस जवाब पर भी टिप्पणी की, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री जनता से सीधे संवाद करना पसंद करते हैं। लिंग ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों के सवालों का जवाब देना भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है।

गौरतलब है कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में भी एक टीवी रिपोर्टर ने टिप्पणी की थी कि प्रधानमंत्री मोदी आमतौर पर बिना पूर्व निर्धारित प्रश्नों वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते हैं। इसके बाद न्यूजीलैंड में भी इसी मुद्दे पर सवाल पूछे गए, जिससे यह विषय अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का केंद्र बन गया।

वहीं, विदेश मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों, जनसभाओं, डिजिटल माध्यमों और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए लगातार नागरिकों से संवाद करते हैं। इस मुद्दे को लेकर देश और विदेश में राजनीतिक तथा मीडिया जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

नकली दवा माफिया पर सरकार का बड़ा प्रहार, आगरा में करोड़ों के दवा सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

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लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली और संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा में सक्रिय करोड़ों रुपये के दवा सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के आयुक्त के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर दवा कारोबार से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाया गया।

एफएसडीए की 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए 13 दवा फर्मों पर एक साथ छापे मारे। जांच के दौरान कई अनियमितताओं के प्रमाण मिलने पर संबंधित अभिलेखों और दवाओं की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों के विरुद्ध तीन नई प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

एफएसडीए के अनुसार, अब तक इस अभियान के तहत 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई प्रदेश में नकली, अवैध और मानकविहीन दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण और बिक्री में शामिल पूरे नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रदेश में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

दतिया उपचुनाव: टिकट कटने पर बवाल, नरोत्तम बोले- पार्टी का फैसला सर्वोपरि, समर्थकों से की शांति की अपील

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भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद उपजा विवाद शनिवार को राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा। टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कई घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पथराव हुआ तथा हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस दौरान पुलिस अधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटनाक्रम के बाद नरोत्तम मिश्रा ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए समर्थकों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार का उपद्रव नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि “पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है। आशुतोष तिवारी को टिकट देना पार्टी का फैसला है और हम उसका सम्मान करते हैं। कार्यकर्ता धैर्य रखें, अपनी बात पार्टी के उचित मंच पर रखें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के साथ हैं और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार भी करेंगे।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत सम्मान और अवसर दिए हैं, इसलिए उन्हें किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कार्यकर्ता जल्द ही एकजुट होकर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आज तक भाजपा की कार्यशैली को समझ नहीं पाई है।

उधर, हिंसक प्रदर्शन के बाद नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री अजय जमवाल से मुलाकात की। बैठक में दतिया उपचुनाव और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेगी और नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में पार्टी दतिया उपचुनाव जीतेगी।

गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है, जिसके बाद मिश्रा समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। प्रशासन ने हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।