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Saturday, June 27, 2026
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महाराष्ट्र में परीक्षा से एक दिन पहले लीक हुआ TET पेपर, स्थगित हुआ एग्जाम! 4.28 लाख अभ्यर्थी प्रभावित

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मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। 28 जून 2025 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले स्थगित कर दिया गया। ठाणे जिले के भिवंडी में छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रश्नपत्र मिलने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), पुणे ने यह निर्णय लिया।

परिषद के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने 27 जून को कार्रवाई की। जांच में बरामद कुछ प्रश्न TET 2025 के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। इसके बाद भिवंडी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग यह भी जांच रहा है कि बरामद दस्तावेज असली प्रश्नपत्र हैं या केवल मॉक टेस्ट की सामग्री।

इस परीक्षा में करीब 4.28 लाख उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। परीक्षा स्थगित होने से सभी अभ्यर्थियों को नई तिथि का इंतजार करना होगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के बाद ही नई तारीख घोषित की जाएगी। परीक्षा परिषद की उपायुक्त प्रिया शिंदे ने बताया कि अभ्यर्थियों को दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने या कोई अतिरिक्त शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले से किए गए आवेदन मान्य रहेंगे। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में अब तक तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा आयोजन की पूरी प्रक्रिया में करीब तीन सप्ताह का समय लगता है, इसलिए नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी। अभ्यर्थियों से केवल परिषद की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।

 

सीएमओ कार्यालय में मोबाइल-कैमरा बैन से उठा बबाल , लगी पारदर्शिता पर लगी

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फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय के कार्यालय में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर लगाए गए प्रतिबंध ने जिले में नई बहस छेड़ दी है। कार्यालय के बाहर लगाए गए नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति मोबाइल अथवा कैमरा लेकर कार्यालय में प्रवेश नहीं करेगा। सभी आगंतुकों को अपने मोबाइल और कैमरे बाहर तैनात गार्ड के पास जमा करने होंगे।

इस आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी कार्यालय में ऐसा कौन-सा कारण है, जिसके चलते आम नागरिकों को मोबाइल और कैमरा ले जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है। सरकारी दफ्तर जनता के टैक्स के पैसे से संचालित होते हैं और वहां पारदर्शिता तथा जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकांश फरियादी अपने जरूरी दस्तावेज मोबाइल में रखते हैं। कई लोग शिकायत, आदेश या पत्र की प्रति सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं। ऐसे में मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था आम नागरिकों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है।

इस आदेश के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह निर्णय केवल सुरक्षा कारणों से लिया गया है या फिर कार्यालय की कार्यप्रणाली को कैमरे और रिकॉर्डिंग से दूर रखने की कोशिश है। हालांकि, इन अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

लोगों का मानना है कि यदि सुरक्षा कारणों से ऐसा निर्णय लिया गया है तो स्वास्थ्य विभाग को इसकी स्पष्ट और सार्वजनिक वजह बतानी चाहिए। इससे अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।

जेवर बनेगा भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब, यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य: सीएम योगी

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गौतम बुद्ध नगर में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

पीएम सूर्यघर योजना से 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा, यूपी में बढ़ी सौर ऊर्जा की ताकत

सोलर प्रोजेक्ट से 20 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार, कंपनी वर्ष 2030 तक 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाएगी निवेश

जेवर, 27 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है।

6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60 प्रतिशत तक कम
सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 50-60 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है।

20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दो-तीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।

देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन यूपी में
सीएम ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशा-निराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है।

भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट
सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी। इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथ-साथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है।

भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
जेवर। एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

20 हजार करोड़ रुपये तक निवेश बढाएगी कंपनी
एसएईएल के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2029-30 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी।

वाराणसी में करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौत, परिवार ने शव रखकर दो घंटे किया हंगामा

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वाराणसी: वाराणसी (Varanasi) जिले में शनिवार को भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी स्थित पावर हाउस पर तैनात संविदाकर्मी लाइनमैन (Lineman) की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। भदैनी पावर हाउस में कार्य कर रहा लाइनमैन अचानक करंट की चपेट में आ गया। आनन फानन मे मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।

खबरों के मुताबिक, मृतक की पहचान भरत लाल राजभर (40 वर्ष) निवासी राजातालाब थाना क्षेत्र के भैरोनाथ हरपुर के रूप में हुई। शनिवार रात 2 बजे पांडेय घाट के समीप बिजली बनाते समय करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया। साथियों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने भरत को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने के बाद हमने अधिकारियों को फोन किया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।

इस घटना की खबर परजनो को दी गई। सूचना पर पोस्टमार्टम हॉउस पहुंची मृतक की पत्नी चंदा देवी, बहन संगीता, पिता कल्लू सहित परिजनों में चीख- पुकार मची रही। परिजनों का आरोप है कि रात 11 बजे पावर हाउस पहुंचने के बाद भरत को बिजली बनाने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया गया। बहन संगीता का कहना है परिवार में इकलौते भरत ही थे, जो सबका भरण पोषण कर रहे थे, उनकी असामयिक निधन ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। भरत की पत्नी चंदा देवी का कहना है कि वह रात को 11:00 बजे घर से इमरजेंसी कहकर निकले थे, जैसे ही वह काम करने खंभे पर चढ़े, लाइट चालू कदी गई, जिसकी वजह से वह नीचे गिर पड़े।

विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण भरत जहां काम कर रहा था उधर की बिजली सप्लाई चालू कर दिया गया। भरत की मौत के जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारी हैं। परिजनों ने मांग की कि उसके आश्रित को नौकरी और पेंशन विभाग की तरफ से दिया जाए। भरत अपने परिवार का एक मात्र कमाने वाले सदस्य था। उसके दो बच्चे हैं। घटना के बाद परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल हो गया।

वाराणसी में पांडेय हवेली में करंट की चपेट में आने के कारण लाइनमैन भरत लाल राजभर की मौत के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव को लेकर कमच्छा स्थित पॉवर हाउस पर पहुंचे। जहां शव रख कर परिजनों ने घंटों प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर भेलूपुर थाना प्रभारी सहित मौके पर भारी फोर्स तैनात की गई। परिजनों की मांग थी कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। घंटों चले प्रदर्शन के बाद अधीक्षण अभियंता ने जेई भदैनी नितेश कुमार को निलंबित किया। इसके साथ ही मृतक के परिजन के खाते में 10 लाख रुपये भेजा गया। करीब दो घंटे तक धरना प्रदर्शन चला। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजातालाब ले गए।

ISRO की बड़ी उपलब्धि, तमिलनाडु में अगली पीढ़ी के रॉकेट इंजन का किया सफल परीक्षण

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चेन्नई: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बताया कि उसने अपने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन पावर हेड (Semi-cryogenic engine power head) का ‘हॉट टेस्ट’ सफलतापूर्वक किया, जो 175 टन थ्रस्ट तक पहुंचने में कामयाब रहा। यह परीक्षण इंजन की लक्षित क्षमता (थ्रस्ट) के 88% स्तर पर किया गया, जो एक नए प्रोपल्शन सिस्टम (प्रणोदन प्रणाली) के विकास में एक अहम उपलब्धि है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड का एक अहम हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह भारत की अंतरिक्ष प्रणोदन क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। यह टेस्ट 24 जून को तमिलनाडु के ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया था, जिसमें इंजन 175 टन के थ्रस्ट पर स्थिर रूप से चला और अपने लक्ष्य का 88% हासिल किया।

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बयान में कहा कि 24 जून को तमिलनाडु में ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में किए गए इस परीक्षण में इंजन के पावर हेड का 175 टन के थ्रस्ट लेवल पर स्थिर संचालन देखा गया। ISRO ने बताया कि यह सफल परीक्षण, पहले किए गए 47% और 60% थ्रस्ट वाले परीक्षणों के बाद हुआ है। एजेंसी ने कहा कि इस नई उपलब्धि से 200 टन के फुल-थ्रस्ट प्रदर्शन (पूरे थ्रस्ट के साथ परीक्षण) की दिशा में आगे बढ़ने के लिए “काफी भरोसा” मिलेगा।

सेमी-क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज को भारत के LVM3 लॉन्च व्हीकल पर मौजूद L110 कोर स्टेज की जगह लेने के लिए विकसित किया जा रहा है। 2,000-किलोन्यूटन वाले SE2000 इंजन से चलने वाले इस अपग्रेड से पेलोड क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता (काम करने की क्षमता) में सुधार होने की उम्मीद है। इसमें लिक्विड ऑक्सीजन और केरोसिन-आधारित ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

 

जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के पीछे जुटे वॉलंटियर, दान और खाने-पानी की व्यवस्था संभाल रहे कई लोग

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नई दिल्ली: जंतर मंतर पर चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन को जारी रखने में कई वॉलंटियर (Volunteers) पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के अलावा ये लोग भी आंदोलन की व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि इन वॉलंटियर्स में लखनऊ का एक इलेक्ट्रीशियन, दिल्ली का रेहड़ी-पटरी विक्रेता, मुंबई का एक डॉक्टर, नर्सिंग प्रोफेशनल, UPSC की तैयारी करने वाले छात्र और PhD स्कॉलर शामिल हैं।

प्रदर्शन में शामिल लोग जहां सार्वजनिक रूप से नजर आते हैं, वहीं ये वॉलंटियर जनता से मिलने वाले दान, खाने-पीने की व्यवस्था और अन्य जरूरतों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। हालांकि, हाल में इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे, जब पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शन स्थल पर सामान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान की जांच शुरू की और उनके आने-जाने पर रोक लगाने की कोशिश की।

शुक्रवार को प्रदर्शन स्थल पर खाने के लिए लंबी कतारें नजर आईं। राजमा-चावल की प्लेटों के लिए लोग लाइन में खड़े थे, जबकि पानी की बोतलें, टिफिन और खाने के बड़े बर्तन अस्थायी कैंप के एक हिस्से में रखे गए थे। प्रदर्शन स्थल पर एक छोटी सी मेज को अस्थायी डिस्पेंसरी के रूप में भी तैयार किया गया है। यहां सिरदर्द, बुखार और पेट से जुड़ी सामान्य समस्याओं की दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन व्यवस्थाओं को किसी बड़े संगठन के बजाय करीब 15-20 वॉलंटियर्स का एक अनौपचारिक नेटवर्क संभाल रहा है। बताया जा रहा है कि ये लोग 20 जून को विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद ही एक-दूसरे के संपर्क में आए और अब मिलकर भोजन, पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था कर रहे हैं।

सफेद टी-शर्ट पहने ये वॉलंटियर, जिन पर ‘मार्शल वॉलंटियर’ लिखा है, प्रदर्शन स्थल पर खाना और पानी बांटने के काम में जुटे हैं। ये वॉलंटियर्स जरूरत के मुताबिक प्रदर्शनकारियों से भी सहयोग लेते हैं और खाने-पीने समेत अन्य व्यवस्थाओं को बनाए रखने में मदद करते हैं। गाजीपुर के वकील मोहम्मद जुनैद, जो वॉलंटियर्स के काम का समन्वय करते हैं, ने बताया कि CJP के समर्थन के लिए कोई औपचारिक संगठन काम नहीं कर रहा है।

उनके मुताबिक, जो भी व्यक्ति मदद करना चाहता है, वह अपनी इच्छा से आगे आता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पेशों और पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों के बीच एक तरह का सहयोग और भाईचारा बन गया है। वॉलंटियर्स शिफ्ट में काम करते हैं, ताकि खाना, पानी और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था के लिए हर समय कोई न कोई मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर ये वॉलंटियर भोजन वितरण, पानी की व्यवस्था और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

वॉलंटियर्स के मुताबिक, कई लोग अपने घर से बना खाना लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते हैं, जबकि कुछ लोग डिलीवरी ऐप के जरिए पानी, बिस्किट, जूस और अन्य जरूरी सामान भेजते हैं। वॉलंटियर्स ने बताया कि कई लोग आर्थिक मदद करना चाहते हैं, लेकिन वे आमतौर पर कैश डोनेशन लेने से इनकार करते हैं। इसके बजाय लोगों से सीधे जरूरत का सामान भेजने के लिए कहा जाता है, ताकि व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।