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Tuesday, June 9, 2026
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लखनऊ: जानकीपुरम गार्डन में जेष्ठ माह के छठे बड़े मंगलवार पर भंडारे का आयोजन, लोगों ने प्रसाद किया ग्रहण

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लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) के जानकीपुरम गार्डन (Janakipuram Garden) क्षेत्र में जेष्ठ माह के छठे बड़े मंगलवार के अवसर पर स्थानीय निवासियों द्वारा सामूहिक रूप से भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजन की सराहना की। जानकीपुरम गार्डन, लखनऊ का एक आवासीय क्षेत्र है।

भंडारे के दौरान सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। आयोजन में युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। स्वयंसेवकों ने भोजन वितरण की व्यवस्था संभाली और आने वाले लोगों का स्वागत किया। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से प्रसाद वितरित किया और सभी व्यवस्थाओं का संचालन किया।

जेष्ठ माह के छठे बड़े मंगलवार के अवसर पर हनुमान जी की पूजा-अर्चना करके प्रसाद में बूंदी, सब्जी पूरी का वितरण किया गया श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों से समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर क्षेत्रवासियों ने सभी सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। भंडारे के इस आयोजन में नेहा अग्रवाल, अमित अग्रवाल, शिवम पांडेय, सुशील कुमार श्रीवास्तव, आशीष, मनीष थापा, मुकेश चंद्रा, रोहित कुमार, हरीश चंद्रा शामिल रहे।

आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि समाज में एकता और सेवा की भावना को बढ़ावा मिल सके।

13 से 18 जून तक यूरोप के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी, फ्रांस, स्लोवाकिया की करेंगे यात्रा

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) 13 से 18 जून तक यूरोप (Europe) के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे, जहां वह फ्रांस (France) और स्लोवाकिया (Slovakia) की यात्रा करने के साथ-साथ G-7 शिखर सम्मेलन में भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस दौरे को भारत की वैश्विक कूटनीति और रणनीतिक साझेदारियों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 13-14 जून को नीस और 16-19 जून के बीच एवियन व पेरिस का दौरा करेंगे। 14 जून को नीस में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग समेत भारत-फ्रांस संबंधों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस विशेष आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्यमी भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच नवाचार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाना है।

यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया जाएंगे। 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। इस दौरान वह प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे।

दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रेलवे निर्माण और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। यह दौरा भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

16-17 जून को प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ वैश्विक चुनौतियों और भविष्य की साझेदारियों पर चर्चा होगी। शिखर सम्मेलन के प्रमुख विषयों में नई वैश्विक भागीदारी का निर्माण, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देना तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना शामिल है।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आयोजन ‘विवाटेक’ सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह कई द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने के साथ फ्रांस में बसे भारतीय समुदाय को भी संबोधित कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह बहुपक्षीय यूरोपीय दौरा फ्रांस, स्लोवाकिया और G-7 देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। साथ ही यह वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका, आर्थिक शक्ति और तकनीकी नेतृत्व को भी रेखांकित करेगा।

 

जब अपना ही अपना ना रहे

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कलयुग में भाईचारे पर संकट
“रिश्ते कमजोर नहीं हुए, स्वार्थ मजबूत हो गया।”

लेखक:सूर्या अग्निहोत्री

(डिप्टी एडिटर यूथ इंडिया न्यूज ग्रुप)

बचपन में एक ही आंगन में खेलने वाले, एक ही थाली में खाना खाने वाले और एक-दूसरे के बिना एक पल भी न रहने वाले भाई, आखिर बड़े होते-होते इतने दूर कैसे हो जाते हैं? यह सवाल आज हजारों परिवारों के सामने खड़ा है। जिस भाई के साथ बचपन की यादें जुड़ी होती हैं, वही कई बार उम्र बढ़ने के साथ एक-दूसरे का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी बन जाता है। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि बदलते समाज की एक कड़वी सच्चाई बनती जा रही है।

भारतीय संस्कृति में भाई का रिश्ता केवल खून का रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और त्याग का प्रतीक माना गया है। इतिहास और परंपराएं इस बात की गवाह हैं कि जब भाई एकजुट होकर खड़े होते हैं तो बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। लेकिन आज के दौर में यह रिश्ता कई जगहों पर स्वार्थ, ईर्ष्या और लालच की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है।

आज समाज में ऐसे अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं जहाँ एक भाई दूसरे भाई की तरक्की देखकर खुश होने के बजाय असहज महसूस करता है। वह नहीं चाहता कि उसका भाई उससे आगे निकले या उससे अधिक सम्मान और सफलता प्राप्त करे। प्रतिस्पर्धा की यह भावना धीरे-धीरे रिश्तों में दूरियां पैदा कर देती है और प्रेम की जगह मनमुटाव ले लेता है।

संपत्ति, जमीन-जायदाद और धन के विवाद भी भाई-भाई के रिश्तों को कमजोर करने वाले प्रमुख कारण बन गए हैं। कई लोग चाहते हैं कि परिवार की पूरी संपत्ति उन्हीं के अधिकार में आ जाए और दूसरे भाई को उसका उचित हिस्सा न मिले। ऐसे विवाद न केवल परिवारों को तोड़ते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक कटुता का माहौल बना देते हैं।

कुछ लोग अपने भाई को पीछे करने के लिए उसकी पीठ पीछे बुराई करते हैं, उसके बारे में गलत बातें फैलाते हैं या उसके कामों में बाधा डालने का प्रयास करते हैं। समाज में ऐसी मान्यताएं और चर्चाएं भी सुनने को मिलती हैं कि कुछ लोग अपने स्वार्थ या ईर्ष्या के कारण तंत्र-मंत्र, टोना-टोटका या तंत्र विद्या जैसी बातों का सहारा लेकर दूसरे व्यक्ति, यहाँ तक कि अपने भाई का भी अहित चाहने लगते हैं। चाहे इन बातों की वास्तविकता पर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन यह सोच ही इस बात को दर्शाती है कि मनुष्य किस हद तक नकारात्मकता और द्वेष से भर सकता है।

हमारे बुजुर्ग हमेशा कहते आए हैं कि अपने भाई का हक मारकर या उसके अधिकारों का हनन करके कोई व्यक्ति वास्तविक सुख और शांति प्राप्त नहीं कर सकता। दूसरों का हिस्सा छीनकर बनाई गई समृद्धि लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होती। रिश्तों का मूल्य किसी भी संपत्ति से कहीं अधिक होता है।

भाई ही भाई की सबसे बड़ी ताकत और सबसे मजबूत हथियार होता है। यदि भाई साथ हो तो व्यक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने का साहस रखता है। लेकिन जब भाई ही साथ न दे, तो कई बार जीती हुई बाजी भी हार में बदल जाती है। इसलिए आवश्यक है कि हम ईर्ष्या और स्वार्थ से ऊपर उठकर रिश्तों को बचाने का प्रयास करें।

आज आवश्यकता इस बात की है कि परिवारों में संवाद, विश्वास और प्रेम को बढ़ावा दिया जाए। भाई की सफलता को अपनी सफलता समझा जाए और उसके अधिकारों का सम्मान किया जाए। क्योंकि टूटे हुए रिश्ते केवल परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को कमजोर करते हैं।

इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपीएसआईएफएस जाकर समझीं बारीकियां

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विशेषज्ञों ने साइबर एवं फॉरेंसिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी

साइबर युग में अपराध के आयाम बदल रहे हैं – निदेशक डॉ. जी. के. गोस्वामी

लखनऊ: 9 जून। योगी सरकार अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। इसी लिए अपराधों के खुलासे के लिए वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ (यूपीएसआईएफएस) में मंगलवार को 48 प्रशिक्षु अधिकारियों ने परिभ्रमण किया। ये सभी डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रान्तीय सिविल सेवा (स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, राज्य कर विभाग तथा कोषागार विभाग) के प्रशिक्षणरत अधिकारी हैं। इन्हें संस्थान के विषय विशेषज्ञों द्वारा साइबर एवं फॉरेंसिक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। प्रशिक्षु अधिकारियों ने ड्रोन तथा डीएनए लैब के कार्य और उनकी बारीकियों को समझा।

इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जी. के. गोस्वामी ने सभागार में उपस्थित अधिकारियो को संबोधित करते हुए कहा कि यह संस्थान वर्तमान में साइबर सुरक्षा तथा फॉरेंसिक विषय में विभिन्न संस्थानों को तकनीकी दक्षता आज निपुण कर रहा है। उन्होंने साक्ष्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी केस में साक्ष्य ही अपराधी को सजा तक पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि अभी आप लोगों का प्रशिक्षण का काल है जितना जिज्ञासु होगें उतना ही नई-नई चीजों को सीख पायेगें। उन्होंने कहा कि साइबर युग में अपराध के आयाम बदल रहे हैं। पहले फिजिकल अपराध होते थे लेकिन अब डिजिटल दुनिया में अपराध हो रहे है ऐसे में तकनीक के बारे मे हम सभी को अधिक से अधिक जानकारी रखनी होगी।

कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों का अभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया। इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक हेमराज मीना, उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, फेकल्टी डॉ. मनीष राय, डॉ पलक, उप निरीक्षक आर शैलेन्द्र सिंह एवं कार्तिकेय सहित अन्य उपस्थित रहे।

भारत की बढ़ती परमाणु ताकत: पहली बार 12 परमाणु हथियार तैनात, चीन को लेकर बदली रणनीति

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नई दिल्ली। वैश्विक रक्षा एवं सुरक्षा मामलों की प्रतिष्ठित संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की ताजा रिपोर्ट में भारत की परमाणु क्षमता को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पहली बार शांतिकाल में 12 परमाणु हथियारों को परिचालन स्तर पर तैनात किया है। इसके साथ ही देश के कुल परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है, जो पिछले वर्ष 180 थी।

रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत के पास 12 तैनात और 178 भंडारित परमाणु हथियार हैं। यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था ने भारत के कुछ परमाणु हथियारों को केवल भंडारण की बजाय सक्रिय तैनाती की श्रेणी में रखा है। इससे संकेत मिलता है कि भारत अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को अधिक प्रभावी और त्वरित प्रतिक्रिया के अनुरूप विकसित कर रहा है।

सिप्री ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि भारत शांतिकाल में परमाणु हथियारों और उनके प्रक्षेपण साधनों को अलग-अलग रखता है। हालांकि मिसाइलों को कैनिस्टर प्रणाली में रखने और समुद्र आधारित प्रतिरोधक गश्त शुरू करने जैसी पहलों से संकेत मिलता है कि भारत अब कुछ परमाणु हथियारों को उनके प्रक्षेपण प्लेटफॉर्म के साथ जोड़कर रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

रिपोर्ट में भारत की समुद्र आधारित परमाणु क्षमता के विस्तार का भी उल्लेख किया गया है। भारत ने हाल के वर्षों में परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (SSBN) के बेड़े को मजबूत किया है। अगस्त 2024 के बाद आईएनएस अरिघात और आईएनएस अरिदमन जैसी अत्याधुनिक पनडुब्बियों को परिचालन सेवा में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि भारत ने इनमें से किसी एक पनडुब्बी पर सीमित संख्या में परमाणु हथियार तैनात करने की शुरुआत भी कर दी है।

मां के ब्रह्मभोज में बही खून की धारा, खर्चे के विवाद में बड़े भाई ने छोटे को गोली मार उतारा मौत के घाट

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गोरखपुर। मां की मौत के गम में डूबे परिवार में उस समय कोहराम मच गया जब ब्रह्मभोज के आयोजन के दौरान दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गोरखपुर जिले के पिपराईच थाना क्षेत्र के रतवैया गांव में बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और परिवार में मातम का माहौल और गहरा हो गया।

जानकारी के अनुसार परिवार में मां के निधन के बाद ब्रह्मभोज का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रिश्तेदार और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी दौरान ब्रह्मभोज के खर्चे और उसके बंटवारे को लेकर बड़े भाई दुर्गविजय और छोटे भाई शुभम के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आपा खो बैठे दुर्गविजय ने तमंचा निकाल लिया और शुभम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

गोली लगते ही शुभम मौके पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां के श्राद्ध के दिन बेटे की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदारों और गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में घटना की वजह ब्रह्मभोज के खर्चे को लेकर हुआ विवाद सामने आया है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।