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Tuesday, May 12, 2026
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होंडा एनएक्स 500 को अब अधिक स्मार्ट एडवेंचर टूरिंग के लिए ई-क्लच तकनीक से लैस किया गया 

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नई दिल्ली: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने आज अपनी मिड-साइज़ एडवेंचर टूरिंग मोटरसाइकिल एनएक्स500 में होंडा ई-क्लच तकनीक को शामिल करने की घोषणा की। यह ई-क्लच सिस्टम स्टार्ट करने, गियर बदलने और रुकने के दौरान क्लच के जुड़ाव को अत्यंत सटीक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण के माध्यम से संचालित करता है, जिससे मैनुअल क्लच ऑपरेशन की आवश्यकता काफी कम हो जाती है। साथ ही, राइडर किसी भी समय इस सिस्टम को ओवरराइड भी कर सकता है।

भारत की व्यस्त शहर सड़कों से लेकर लंबे हाईवे सफर तक राइड करने वाले राइडर्स के लिए यह फीचर लगातार क्लच ऑपरेशन से होने वाली थकान को कम करने में मदद करता है। होंडा ई-क्लच इस प्रक्रिया को स्वतः नियंत्रित करता है, जिससे राइडर सड़क पर अधिक ध्यान केंद्रित रख सकता है, जबकि एनएक्स500 के लिए प्रसिद्ध “हैंड्स-ऑन” राइडिंग अनुभव भी पूरी तरह बना रहता है।

इस घोषणा पर होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ श्री त्सुत्सुमु ओटानी ने कहा: “ई-क्लच तकनीक से सुसज्जित होंडा एनएक्स500 भारत में शहरी और टूरिंग दोनों परिस्थितियों में आराम और नियंत्रण को और बेहतर बनाती है। यह राइडर की थकान को कम करते हुए भी उस रोमांचक और हैंड्स-ऑन राइडिंग अनुभव को बनाए रखती है, जिसके लिए होंडा मोटरसाइकिलें जानी जाती हैं।”

एनएक्स500 में 471cc का लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है, जो 6-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ आता है। इसे ऐसे ट्यून किया गया है कि यह लो और मिड-रेंज में मजबूत टॉर्क प्रदान करे, जबकि हाई आरपीएम पर स्मूद और लाइनियर पावर डिलीवरी दे जिससे यह शहर की राइडिंग और हाईवे टूरिंग दोनों के लिए उपयुक्त बनता है।

इस मोटरसाइकिल में स्टील डायमंड फ्रेम, शोवा SFF-BP अपसाइड-डाउन फ्रंट सस्पेंशन और प्रीलोड-एडजस्टेबल रियर मोनोशॉक दिया गया है। ब्रेकिंग के लिए आगे डुअल डिस्क और पीछे सिंगल डिस्क के साथ डुअल-चैनल ABS मौजूद है। यह 19-इंच फ्रंट और 17-इंच रियर व्हील सेटअप पर चलती है।

फीचर्स की बात करें तो इसमें 5.0-इंच का फुल-कलर TFT डिस्प्ले मिलता है, जिसमें होंडा रोडसिंक कनेक्टिविटी के जरिए नेविगेशन, कॉल और म्यूजिक की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही होंडा सेलेक्टेबल टॉर्क कंट्रोल (HSTC) और एलईडी लाइटिंग भी स्टैंडर्ड रूप से दी गई है। एनएक्स500 दो रंग विकल्पों में उपलब्ध है: मैट गनपाउडर ब्लैक मेटैलिक और पर्ल होराइजन व्हाइट।

कोलकाता की बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग , 2 की मौत, 3 की हालत नाजुक

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) स्थित एक बहुमंजिला इमारत (multi-storey building) में आग लग गई। शहर के जीजे खान रोड स्थित इस बहुमंजिला इमारत में आग लगने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की पूरी जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग तपसिया के 50/1 जीजे खान रोड स्थित चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद पांच लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। खुद को बचाने के लिए ये सभी लोग बाथरूम में छिप गए, लेकिन वहां काले धुएं के कारण दम घुटने लगा। दमकल कर्मियों ने उन्हें रेस्क्यू कर नेशनल मेडिकल कॉलेज (National Medical College) भेजा, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही दमकल के चार इंजन मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। दमकल अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) लग रही है। हालांकि, घटना की पूरी जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

इस अग्निकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव और आतंक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती तीन घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) भी मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि जिस इमारत में आग लगी, वह पूरी तरह अवैध बताई जा रही है। उनके अनुसार इमारत को न तो फायर विभाग से एनओसी मिली थी और न ही जरूरी फायर लाइसेंस जारी किया गया था। इसके बावजूद वहां काम चल रहा था, जो बेहद गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।

अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य में इस तरह की अवैध इमारतें लंबे समय से बनती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय ऐसी इमारतों को बढ़ावा मिला। मंत्री ने कहा कि इससे पहले कस्बा इलाके में वाओ मोमो फैक्ट्री में भी आग लगने की घटना सामने आई थी और अब तिलजाला में फिर ऐसा हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती हैं।

सीतापुर में सड़क हादसा, बाइक और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर, 2 लोगों की मौत

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सीतापुर: यूपी के सीतापुर (Sitapur) जिले में रफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां बाइक और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी खतरनाक थी खि हादसे में ट्रैक्टर और बाइक चालक (bike driver) की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि ट्रैक्टर सवार एक अन्य युवक घायल हो गया। घटना से इलाके में कोहराम मच गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

यह पूरा मामला जिले के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र का है। जहां नटौरा निवासी कपिल ( 24 वर्षीय ) अपने चचेरे भाई के साथ अरबगंज गांव में एक शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान मोहित अपने दोस्त अर्जुन (22 वर्षीय) और लवकुश (20 वर्षीय) के साथ खेतों में दवाई छिड़कर घर वापस लौट रहे थे। तभी अचानक कर्मसेपुर के पास दोनों वाहनों की भिड़त हो गई।

टक्कर इतनी खतरनाक थी कि ट्रैक्टर सड़क किनारे गहरी खाई में जा पलटा। हादसे में बाइक सवार कपिल और ट्रैक्टर ड्राइवर मोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार लवकुश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से इलाके में कोहराम मच गया। आस-पास मौजूद लोगों ने घायल युवकों को एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र मिश्रिख रेफर किया गया। जहां घायल युवक लवकुश का इलाज जारी है।

 

महाराष्ट्र में बड़ा हादसा: सांगली में तेज बारिश के दौरान मंदिर की दीवार गिरी, 6 की मौत, 14 घायल

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सांगली: महाराष्ट्र (Maharashtra) के सांगली (Sangli) में तेज बारिश और आंधी से बड़ा हादसा हो गया है जिसमें कई लोगों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। यहां तेज बारिश की वजह से दशकों पुराने मंदिर की दीवार गिरने से कई लोगों की मौत हो चुकी है।

इस हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या 6 बताई जा रही है। वहीं 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब इलाके में लगातार तेज बारिश और आंधी का दौर जारी था। अचानक मंदिर की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।

पुलिस के मुताबिक यह घटना पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली ज़िले की जठ तहसील के मोटेवाड़ी गांव में स्थित मार्गूदेवी मंदिर में हुई। मंदिर परिसर की दीवार के साथ ही टिन की चादरें भी गिर गईं। पुलिस ने बताया कि आमतौर पर मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं।

सांगली के पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी ने कहा कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त मंदिर परिसर में लगभग 350 श्रद्धालु मौजूद थे। शाम को अचानक तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश होने लगी, जिससे श्रद्धालुओं ने एक दीवार के सहारे और टिन की चादरों के नीचे शरण ली। अचानक दीवार और टिन की चादरें गिर गईं, जिससे श्रद्धालु उनके नीचे दब गए। उन्होंने बताया कि इस हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 12 से 14 अन्य घायल हो गए।

पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

 

 

जनगणना 2027 में बढ़-चढ़कर करें सहभागिता, जनपद न्यायाधीश ने किया स्व-गणना का शुभारंभ

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फर्रुखाबाद। जनपद न्यायाधीश द्वारा मंगलवार को स्वयं स्व-गणना कर जनगणना 2027 अभियान का शुभारंभ किया गया तथा जनपदवासियों को इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया 7 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और नागरिकों को 21 मई 2026 तक अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि इच्छुक नागरिक भारत सरकार के आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से मोबाइल फोन, लैपटॉप अथवा कंप्यूटर का उपयोग कर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है और लोग अपनी सुविधा के अनुसार इसका लाभ उठा सकते हैं।जनपद न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि जो नागरिक किसी कारणवश ऑनलाइन स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनके लिए 22 मई 2026 से जनगणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों का विवरण एकत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा इस अभियान की शुरुआत समाज के सम्मानित एवं विशिष्ट व्यक्तियों के माध्यम से कराई जा रही है, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़े और अधिक से अधिक लोग स्व-गणना प्रक्रिया से जुड़ सकें।
स्व-गणना प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि नागरिकों को सबसे पहले स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपना प्रदेश चुनना होगा और कैप्चा कोड भरना होगा। इसके बाद “परिवार पंजीकरण” प्रक्रिया के तहत परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी। यह भी बताया गया कि एक बार दर्ज किया गया परिवार के मुखिया का नाम बदला नहीं जा सकेगा तथा एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण मान्य होगा।
अंत में जनपद न्यायाधीश महोदय ने जनपदवासियों से अपील की कि वे जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

सड़क हादसों पर सख्त हुई डीएम: ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधार के दिए निर्देश

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फर्रुखाबाद। जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने पुलिस, परिवहन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत ने बताया कि अप्रैल 2026 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 11.11 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि मृतकों की संख्या में 26.31 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं क्रमिक आधार पर दुर्घटनाओं में 19.76 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 25.58 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस पर जिलाधिकारी ने सघन प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को हर हाल में उनका संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई की जाएगी।फतेहगढ़-कानपुर मार्ग पर झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों के कारण रिफ्लेक्टर दिखाई न देने की समस्या पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग को वन विभाग के साथ समन्वय कर शीघ्र कटाई-छंटाई कराने के निर्देश दिए। वहीं जमापुर मोड़ के पास हाल ही में हुई दुर्घटना में मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए तिपहिया वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के आदेश दिए गए।जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सभी लिंक रोड जंक्शनों पर 15 दिन के भीतर स्पीड ब्रेकर निर्माण एवं व्हाइट पेंटिंग का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 के दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर जनपद में चिन्हित किए जाने वाले 12 नए ब्लैक स्पॉट का सर्वेक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।बैठक में सड़क हादसों में शामिल वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। परिवहन विभाग द्वारा अब तक एक वाहन चालक का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इसके अलावा सभी थानों को iRAD/eDAR ऐप पर सड़क दुर्घटना संबंधी आंकड़ों की शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह समेत परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।