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Thursday, June 11, 2026
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अमेरिका आज रात ईरान पर करेगा बहुत ज़ोरदार हमला और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्ज़ा करने का लिया संकल्प: ट्रंप 

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार को फिर चेतावनी दी कि ईरान के साथ शांति समझौता करने की कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका (US) ईरान पर “बहुत ज़ोरदार” हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ये हमले “आज रात” किए जाने की योजना है। ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वॉशिंगटन “जल्द ही” ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्ज़ा कर लेगा।

यह द्वीप ईरान के लगभग सभी तेल निर्यात और अन्य तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मुख्य टर्मिनल का काम करता है। इस कदम का मकसद तेहरान के तेल और गैस बाज़ार पर दबदबा बनाना है। उन्होंने वेनेज़ुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के तेल संसाधनों पर अमेरिका का नियंत्रण “वेनेज़ुएला और अमेरिका, दोनों के लिए बहुत फायदेमंद” रहा है।

उन्होंने अपनी बात फिर दोहराई कि ईरान की नेवी, एयर फ़ोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ़्ट और ज़्यादातर हमले करने की क्षमताएँ खत्म हो चुकी हैं। पोस्ट में लिखा था, “अमेरिका आज रात ईरान पर ज़ोरदार हमला करेगा (जिसकी नेवी, एयर फ़ोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ़्ट और सुरक्षा के सभी साधन, साथ ही हमले की ज़्यादातर क्षमताएँ खत्म हो चुकी हैं!)।

भविष्य में कभी-न-कभी हम खार्ग द्वीप और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्ज़ा कर लेंगे और उनके तेल और गैस बाज़ार पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने वेनेज़ुएला के मामले में किया है, जो वेनेज़ुएला और अमेरिका दोनों के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो रहा है।”

ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू करेगा, क्योंकि तेहरान की तरफ़ से वॉशिंगटन के साथ डील पूरी करने में हो रही देरी से वे नाराज़ थे। ओवल ऑफ़िस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, “हम उन पर हमला करने जा रहे हैं, बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे।” उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराने से फिर से मिलिट्री एक्शन लेने का आधार मिला है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हेलीकॉप्टर वाली घटना के आधार पर, मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसा करने का अधिकार है।” उन्होंने आगे कहा, “हमने कल उन पर ज़ोरदार हमला किया था। आज हम फिर से उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे—ताकि अगर आपने कल का हमला नहीं देखा हो या टीवी न चलाया हो, तो भी आपको पता चल जाए—और फिर देखेंगे कि उस समझौते का क्या होता है।”

बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर अतिरिक्त “आत्मरक्षा हमले” (self-defence strikes) किए। इन हमलों में तेहरान की सैन्य निगरानी क्षमताओं, संचार प्रणालियों और देश भर में मौजूद एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया।

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स, एयर फ़ोर्स और नेवी की यूनिट्स ने ईरान के उन ठिकानों पर सटीक हमले किए जिनसे इस इलाके में अमेरिकी फ़ोर्स और अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाज़ों को ख़तरा था। ये हमले ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामकता का जवाब हैं, और अमेरिकी फ़ोर्स पूरी तरह सतर्क, सक्षम और तैयार है।

 

ओमान तट पर मौत को मात, भारतीय नौसेना ने तेल टैंकर में फंसी जिंदा मिसाइल को किया निष्क्रिय

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नौसेना ने ओमान तट पर जिंदा मिसाइल वारहेड डिफ्यूज की

 

तेल टैंकर ‘एमटी ओलंपिक लाइफ’ पर हमला, क्रू सुरक्षित

 

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के जांबाज विस्फोटक विशेषज्ञों ने ओमान तट के पास एक बेहद जोखिम भरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देकर सैकड़ों लोगों की जान और करोड़ों रुपये की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया। दक्षिणी नौसैनिक कमान की एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम ने तेल टैंकर ‘एमटी ओलंपिक लाइफ’ के ईंधन टैंक में धंसी जिंदा मिसाइल वारहेड को सुरक्षित रूप से निकालकर निष्क्रिय कर दिया।जानकारी के अनुसार 26 मई को फुजैराह से कोच्चि की ओर जा रहे इस तेल टैंकर पर अज्ञात हमलावरों ने मिसाइल हमला किया था। मिसाइल जहाज के उस ईंधन टैंक में जा धंसी जो ज्वलनशील पदार्थ से भरा हुआ था। ऐसे में किसी भी समय बड़ा विस्फोट हो सकता था और जहाज पर सवार अंतरराष्ट्रीय क्रू की जान खतरे में पड़ गई थी।

संकट की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना की विशेष टीम मौके पर पहुंची। नौसेना के कमांडो और बम निरोधक विशेषज्ञों ने पहले सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, इसके बाद खुद ईंधन टैंक के भीतर उतरकर अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ मिसाइल के विस्फोटक तंत्र को अलग किया और वारहेड को निष्क्रिय कर दिया। इस साहसिक अभियान के बाद टैंकर पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया।

नौसेना के इस ऑपरेशन की देश और विदेश में सराहना हो रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई ने एक बड़े समुद्री हादसे को टालने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और नौसेना की पेशेवर क्षमता को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।

100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तूफान का अलर्ट, रेड वार्निंग जारी

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लखनऊ। भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे उत्तर भारत में मौसम ने अचानक खतरनाक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय हुए शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई क्षेत्रों में हवाओं की गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

 

मेरठ, बागपत, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में तेज धूल भरी आंधी, बिजली गिरने और बड़े आकार के ओले पड़ने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर निर्माणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।

 

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। वाहन चालकों को पेड़ों और होर्डिंग्स के नीचे वाहन खड़ा न करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

 

प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

बीजेपी में वापसी की अटकलों पर विराम, शत्रुघ्न सिन्हा बोले- ममता के साथ था, हूं और रहूंगा

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान और नेताओं की नाराजगी के बीच आसनसोल से सांसद एवं वरिष्ठ अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि वह एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका टीएमसी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।

 

शत्रुघ्न सिन्हा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खुद को एक जुझारू और जनता से सीधे जुड़े नेता के रूप में साबित किया है। उन्होंने दावा किया कि आज भी ममता बनर्जी को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और पार्टी मजबूत स्थिति में है।

 

सांसद ने कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़े हैं तथा भविष्य में भी पार्टी के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसी अन्य दल में जाने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और उनका पाला बदलने का कोई इरादा नहीं है।

 

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, टीएमसी के कुछ नेताओं के बागी तेवरों के बीच शत्रुघ्न सिन्हा का यह बयान पार्टी नेतृत्व के लिए राहत भरा माना जा रहा है। उनके बयान से भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी एक स्पष्ट संदेश मिला है कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व में ही अपनी राजनीतिक भूमिका जारी रखेंगे।

बिजली दरों पर यूपी में बढ़ा घमासान, एके शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन को लिखा नाराजगी भरा पत्र

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ऊर्जा मंत्री ने पूछा- मुझे विश्वास में लिए बिना कैसे लिए गए फैसले, मुख्यालय से अनुपस्थिति पर भी उठाए सवाल।

 

 

लखनऊ। प्रदेश में बिजली बिलों पर लगाए गए 10 प्रतिशत फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज को लेकर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच तनातनी खुलकर सामने आ गई है। ऊर्जा मंत्री ने चेयरमैन को कड़ा पत्र लिखते हुए सवाल उठाया है कि इतना महत्वपूर्ण फैसला उनकी जानकारी और अनुमति के बिना कैसे लिया गया।

 

मंत्री ने पत्र में कहा कि जून 2026 के बिजली बिलों में सरचार्ज जोड़ने के निर्णय से सरकार की छवि प्रभावित हुई है और विभाग की बदनामी हुई है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने ही विभाग के महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी मीडिया और समाचार चैनलों के माध्यम से मिल रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।

 

ए.के. शर्मा ने चेयरमैन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय से बाहर रहते हैं और विभागीय मामलों में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। मंत्री ने मई में आए आंधी-तूफान के दौरान बिजली व्यवस्था चरमराने का उल्लेख करते हुए कहा कि समीक्षा बैठक बुलाने पर उन्हें पता चला कि चेयरमैन मुख्यालय से बाहर हैं, जिसके कारण बैठक ऑनलाइन करनी पड़ी।

 

पत्र में बिजली विभाग में अनुभवी कर्मचारियों को हटाने और कम अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति पर भी चिंता जताई गई है। मंत्री ने कहा कि कुशल कर्मचारियों की छंटनी से तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं बढ़ी हैं, जिसका असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने विभाग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

 

ऊर्जा मंत्री ने भविष्य में मुख्यालय छोड़ने से पहले उन्हें सूचित करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटनाक्रम ने प्रदेश के ऊर्जा विभाग में शीर्ष स्तर पर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है, जिसकी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से बढ़ी बेचैनी, जांच की मांग तेज, एक कर्मी हटाया गया

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मंदिर आंदोलन से जुड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। इस बीच गणना कार्य से जुड़े एक कर्मी को हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

 

सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विभिन्न स्तरों पर रिपोर्ट ली जा रही है। मंदिर से जुड़े कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और संतों ने इसे करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने भी मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

 

जानकारी के मुताबिक मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है। चढ़ावे की गणना और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती की गई है। आगामी 13 जून से शुरू होने वाली समीक्षा बैठकों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है, जबकि इसी माह के अंत में प्रस्तावित ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक में भी इस प्रकरण पर चर्चा होने की संभावना है।

 

मामले को लेकर मंदिर और संगठन से जुड़े लोगों के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक पक्ष जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे मंदिर की छवि धूमिल करने की साजिश बता रहा है। हालांकि अब तक ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

धार्मिक महत्व के इस मामले ने अयोध्या समेत देशभर के रामभक्तों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की निगाहें जांच और ट्रस्ट की आगामी बैठकों पर टिकी हैं, जिनमें मंदिर प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।