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Thursday, May 21, 2026
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संघर्षों में युवा, जश्न में सत्ता

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देश का युवा रोता है, सत्ता विदेश में जाती है,

दिल में लाखों दर्द लिए जनता हर दिन चिल्लाती है।

कहीं परीक्षा लीक हुए, तो उम्मीदें कहीं हार गईं,

मेहनत करने वालों की फिर से रातें बेकार गईं।

देश का युवा जाग-जागकर अपने स्वप्न सजाता है,

लेकिन करप्ट सिस्टम पल में मेहनत उसकी खा जाता है।

पेट्रोल इतना महंगा कर जनता को समझाया है,

“कम चलो, कम घूमो भाई” — ये संदेश सुनाया है।

तेल महंगा, गैस महंगी, सोना भी अब दूर हुआ,

आम आदमी का जीवन तो जीना ही मजबूर हुआ।

देश की सत्ता विदेशों में हँसती गाती फिरती है,

कैमरों की चमक में अपनी छवि बनती दिखती है।

मोदी दुनिया घूम रहे हैं मेलोडी मुस्काती है,

मेलोनी संग तस्वीरें फिर इंस्टा पर छा जाती हैं

और इधर बेरोज़गार तो दर-दर ठोकर खाता है,

टूटे सपनों को अपने वह दिल में ही दफनाता है।

जो कल सबको संदेश दिया “क्यों देश के बाहर जाते हो?”

आज क्यों खुद इटली जाकर रिश्ते नए निभाते हो।

राहुल पर ताने कसने वाले खुद विदेश में घूम रहे,

जनता के सवालों पर चुप बैठे हैं आँखें मूँद रहे।

देश नहीं भाषण से ना नारों से ही चलता है,

देश का युवा टूट जाए तो भारत भी रह रह रोता है।

हमको केवल बात नहीं, अब सच्चा बदलाव चाहिए,

मेहनत करने वाले हर बच्चों का अधिकार चाहिए।

वरना आने वाला कल इतिहास यही दोहराएगा —

“युवा रहे संघर्षों में और सत्ता जश्न मनाएगा।”

“युवा रहे संघर्षों में और सत्ता जश्न मनाएगा”…

✍️सूर्या अग्निहोत्री 

(डिप्टी एडिट यूथ इंडिया न्यूज ग्रुप)

PNB ने असम राइफल्स महानिदेशालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया

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नई दिल्ली: देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक (PNB) ने शिलांग में महानिदेशालय असम राइफल्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। PNB बैंक की प्रमुख योजना “पीएनबी रक्षक प्लस” के तहत असम राइफल्स के सभी सेवारत कर्मियों और पेंशनभोगियों को बढ़े हुए बीमा कवरेज और अन्य लाभों के साथ सेवाओं का एक विशेष पैकेज पेश कर रहा है।

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, एवीएसएम, एसएम के साथ-साथ बैंक के मुख्य रक्षा बैंकिंग सलाहकार मेजर जनरल डी.एस. बिष्ट, एसएम, वीएसएम* (सेवानिवृत्त) और महाप्रबंधक श्री संजीव भारद्वाज की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस समझौते पर महानिदेशालय असम राइफल्स की ओर से ब्रिगेडियर संदीप चटर्जी, एसएम और पीएनबी की ओर से अंचल प्रबन्धक (गुवाहाटी) श्री बिजेंद्र सिंह ने हस्ताक्षर किए।

इसके तहत मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा – 100 लाख रूपये
  2. हवाई दुर्घटना बीमा — 150 लाख रूपये
  3. पूर्ण/आंशिक दिव्यांगता कवरेज — 100 लाख रूपये
  4. सैन्य अभियानों के दौरान मृत्यु पर अतिरिक्त कवरेज—10 लाख रूपये

    इसके अलावा, उन्हें स्वास्थ्य बीमा कवरेज, रिटेल लोन में रियायतें, और रक्षक खाताधारकों के आश्रितों एवं परिवारों के लिए विशेष योजनाओं जैसे कई अन्य लाभ भी प्रदान किए जा रहे हैं। बैंक सशस्त्र बलों के समुदाय को सहयोग देने और उनका सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रतिबद्धता को कायम रखेगा।

“मेरे घायल नाती को इंसाफ चाहिए…” पूर्व डीएम स्टेनो के.के. वर्मा की आंखों में दर्द, विधवा बेटी का परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर

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फर्रुखाबाद। कभी प्रशासनिक दफ्तरों में फाइलों के बीच सरकारी व्यवस्था को करीब से देखने वाले जिला अधिकारी कार्यालय के पूर्व स्टेनो के.के. वर्मा आज खुद न्याय की लड़ाई लड़ते दिखाई दे रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी आवाज में सिस्टम के खिलाफ गुस्सा कम और टूटे हुए परिवार का दर्द ज्यादा दिखाई देता है। उनकी विधवा बेटी, घायल नाती और पूरे परिवार पर दर्ज मुकदमों को लेकर अब यह मामला केवल कानूनी विवाद नहीं बल्कि इंसाफ की गुहार बनता जा रहा है।

के.के. वर्मा का आरोप है कि उनकी विधवा बेटी के बेटे अथर्व के साथ घर के अंदर बेरहमी से मारपीट की गई। घटना में अथर्व की आंख पर गंभीर चोट आई और उसकी आंख की रोशनी तक प्रभावित हो गई। परिवार का कहना है कि घायल बच्चे को इलाज के लिए लखनऊ तक ले जाना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद न्याय मिलने के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जाने लगा।

पूर्व स्टेनो वर्मा जब अपने घायल नाती की तस्वीरें दिखाते हैं तो उनकी आवाज भर्रा जाती है। उनका कहना है कि “जिस बच्चे की आंख से खून बह रहा था, वह खुद कोतवाली पहुंचा, लेकिन अब उसी परिवार को आरोपी बनाया जा रहा है।” परिवार का दावा है कि घटना के बाद दूसरे पक्ष की ओर से अदालत के जरिए क्रॉस मुकदमा दर्ज कराकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।

सबसे भावुक पहलू यह है कि जिस बेटी ने पहले ही पति को खो दिया, अब वही अपनी संतान के लिए न्याय मांगते हुए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर बताई जा रही है। परिवार का कहना है कि घटना के समय जिन लोगों को मुकदमे में शामिल किया गया, वे मौके पर मौजूद तक नहीं थे। इसके बावजूद पूरे परिवार को कानूनी लड़ाई में उलझा दिया गया।

के.के. वर्मा ने पुराने संपत्ति विवाद और कथित फर्जी वसीयत के मामलों का भी जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से उनका परिवार दबाव और विवादों का सामना कर रहा है। उनका कहना है कि “सिस्टम में नौकरी की, कानून पर भरोसा किया, लेकिन आज खुद अपने परिवार के लिए इंसाफ मांगना पड़ रहा है।”

स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि घायल बच्चा खुद कोतवाली तक पहुंच गया था तो फिर निष्पक्ष जांच में देरी क्यों हुई। वहीं परिवार लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम आदमी न्याय के लिए किस दरवाजे पर जाए, जब पीड़ित ही खुद को कटघरे में खड़ा महसूस करने लगे। घायल बच्चे की तस्वीरें और एक बुजुर्ग दादा की टूटी आवाज अब फर्रुखाबाद में संवेदनशील चर्चा का हिस्सा बन चुकी हैं।

झारखंड में ऑपरेशन ‘नवजीवन’ के तहत एक साथ 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 6 पर था 5-5 लाख का इनाम

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रांची: झारखंड में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन ‘नवजीवन’ (Operation Navjeevan) के तहत भाकपा (माओवादी) संगठन के 27 नक्सलियों (Naxalites) ने गुरुवार को आत्मसमर्पण किया। रांची में आज नक्सल विरोधी अभियान का ऐतिहासिक दिन रहा। राज्य गठन के बाद पहली बार ‘ऑपरेशन नवजीवन’ के तहत 27 दुर्दांत नक्सलियों ने डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) केंद्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य शामिल हैं। नक्सलियों ने कुल 16 हथियार और 2857 गोलियां के साथ सरेंडर किया। रांची में आज नक्सल विरोधी अभियान के तहत इतिहास का सबसे बड़ा दिन रहा।

राज्य गठन के 26 वर्षों में पहली बार एक साथ 27 दुर्दांत नक्सलियों और उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के समक्ष सरेंडर किया और हथियार डाल दिए। सरेंडर करने वालों में भाकपा माओवादी संगठन के 25 नक्सली और जेजेएमपी संगठन के 2 उग्रवादी शामिल हैं।

रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में 25 माओवादी ने सरेंडर किया। इनमें छह सबजोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 13 कैडर सदस्य शामिल हैं।

1. करण उर्फ डांगुर तियू , इनाम: 2 लाख, एक इंसास एलएमजी के साथ किया सरेंडर

2. गादी मुंडा उर्फ गुलशन कबीर, इनाम: 5 लाख, एक 5.56 एमएम इंसास रायफल के साथ सरेंडर

3. नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया उर्फ पराउ, इनाम : 5 लाख रुपये, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ आत्मसमर्पण

4. रेखा मुण्डा उर्फ जयंती, इनाम : 5 लाख रुपये, एक वॉकी-टॉकी के साथ किया सरेंडर

5. सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल उर्फ याम लाल आंगारिया, इनाम : 5 लाख रुपये, 15 मई 2026 को आत्मसमर्पण कर चुका है

6. दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ आत्मसमर्पण

7. सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा उर्फ चंबरा, इनाम : 5 लाख रुपये, एक 5.56 एमएम इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण

8. बैजनाथ मुण्डा, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ सरेंडर

9. बासुमती जेराई उर्फ बासू उर्फ सरस्वती, इनाम: 1 लाख रुपये, एक .303 राइफल के साथ आत्मसमर्पण

10. रघु कायम उर्फ गुणा, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ आत्मसमर्पण

11. किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ सरेंडर

12. राम दयाल मुण्डा, एक वॉकी-टॉकी के साथ सरेंडर

13. वंदना उर्फ शांति, वॉकी-टॉकी के साथ सरेंडर

14. सुनिता सरदार उर्फ बारी, वॉकी-टॉकी के साथ आत्मसमर्पण

15. डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश, एक .303 राइफल के साथ सरेंडर

16. बसंती देवगम, वॉकी-टॉकी के साथ आत्मसमर्पण

17. मुन्नीराम मुण्डा, वॉकी-टॉकी के साथ सरेंडर

18. अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ सरेंडर

19. सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, एक वॉकी-टॉकी के साथ सरेंडर

20. सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, एक कंट्रीमेड पिस्टल के साथ सरेंडर

21. बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ आत्मसमर्पण

22. नुअस वॉकी-टॉकी के साथ आत्मसमर्पण

23. बुमली तियू उर्फ दामू चरण तियू, एक 5.56 एमएम इंसास रायफल के साथ आत्मसमर्पण

24. निति माई उर्फ निति हेंब्रम, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ आत्मसमर्पण

25. लादू तिरिया, एक 7.62 एमएम एसएलआर रायफल के साथ सरेंडर

नक्सलियों ने 16 अत्याधुनिक हथियार, 27 मैगजीन, 8 वॉकी-टॉकी और 2857 राउंड गोलियां भी पुलिस को सौंप दी। बरामद हथियारों में एक एलएमजी, चार इंसास राइफल, नौ एसएलआर राइफल, एक .303 बोल्ट एक्शन राइफल और एक देशी पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा गुमला जिले में सक्रिय जेजेएमपी संगठन से 2 ने सरेंडर किया है। इनमें पांच लाख का इनामी सचिन बैक उर्फ यूजीन और एरिया कमांडर श्रवण गोप शामिल है। इनके पास से एक इंसास राइफल, चार मैगजीन और 130 राउंड गोलियां बरामद हुई हैं।

1. सचिन बैक उर्फ युजीन बैक, 5 लाख रुपये का इनाम, एक इंसास रायफल के साथ किया सरेंडर

2. श्रवण गोप ने आत्मसमर्पण किया

सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को अंतिम बड़ा ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद कई नक्सली इधर-उधर चले गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर अब उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं और विकास की राह चुन रहे हैं।

नीट पेपर लीक ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया : राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने एक बार फिर नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजस्थान में छात्रों और युवा संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया, लेकिन सरकार अब तक जवाबदेही तय करने से बच रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि इस घोटाले के कारण देशभर के मेहनती छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों ने मानसिक दबाव और निराशा में अपनी जान तक गंवा दी, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ पर चुप्पी साधे बैठी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश के युवा वर्षों मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है और युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो गया है।

राजस्थान समेत कई राज्यों में छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा नीट पेपर लीक मामले को लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल बताते हुए सरकार पर दबाव बना रहा है। वहीं केंद्र सरकार पहले ही मामले की जांच एजेंसियों को सौंप चुकी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है।

ऐसा मॉडल स्कूल बनाएंगे जहां नामांकन के लिए अफसर-नेता करेंगे पैरवी: सीएम सम्राट चौधरी

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पटना: सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में बिहार में सुशासन, शिक्षा और औद्योगिक विकास को लेकर बड़ा एलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे मॉडल स्कूल तैयार करेगी जहां बेटे-बेटियों के दाखिले के लिए अफसरों और नेताओं को भी पैरवी करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बिहार अब सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से आगे बढ़ चुका है और अब राज्य को उद्योग-धंधों तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलानी है।

पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित बैंक ऑफ बड़ौदा-बिहार पुलिस सैलरी पैकेज बीमा लाभ वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि का रास्ता सुशासन और मजबूत कानून व्यवस्था से होकर गुजरता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके परिवारों की चिंता करेगी। कार्यक्रम के दौरान 61 दिवंगत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 37 करोड़ 50 लाख रुपये की बीमा राशि के चेक वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश लाना है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट लगातार बढ़ रहा है और अब सरकार रोजगार, शिक्षा और उद्योगों पर विशेष फोकस कर रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा और हर प्रखंड में मॉडल स्कूल विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जाएगा।