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Friday, July 10, 2026
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शादी में जा रहे परिवार की ई-रिक्शा को ट्रक ने मारी टक्कर, पांच घायल; दो की हालत गंभीर

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फर्रुखाबाद/कमालगंज। दोपहर कमालगंज थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में एक ही परिवार सहित पांच लोग घायल हो गए, जिनमें दो बुजुर्ग महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मादरगंज निवासी मुकेश शर्मा अपनी 25 वर्षीय पत्नी प्रियंका और 13 वर्षीय पुत्र देवांश के साथ फर्रुखाबाद से गुरसहायगंज जा रहे थे। रास्ते में याकूतगंज कस्बे से 60 वर्षीय कमला देवी और 65 वर्षीय सुशीला देवी भी गुरसहायगंज में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए उसी ई-रिक्शा में सवार हो गईं।

जैसे ही ई-रिक्शा कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव कतरौली पट्टी के पास पहुंचा, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार सभी लोग सड़क पर जा गिरे।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कमालगंज पहुंचाया।

सीएचसी में डॉ. मानसिंह ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के बाद कमला देवी और सुशीला देवी के सिर में गंभीर चोटें पाए जाने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर किया गया।

पुलिस ने फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी चालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम सभाओं की जियो टैगिंग फोटो-वीडियो उपलब्ध कराएं, स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : डीएम

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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकासखंड स्तर पर आयोजित ग्राम सभाओं की बैठकों की जियो टैगिंग फोटो एवं वीडियो अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित सभी कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और ग्रामीणों में स्थायी व्यवहार परिवर्तन के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक शौचालय नियमित रूप से खुले रहें, उनकी साफ-सफाई एवं रखरखाव बेहतर हो तथा तैनात केयरटेकरों को समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में स्वच्छता संबंधी कार्य अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूरा कर नियमित निगरानी की जाए।

डीएम ने कहा कि विकासखंड स्तर पर गठित ग्राम समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करें। वहीं, आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) के संचालन में संतोषजनक कार्य न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने विकासखंड बढ़पुर के याकूतगंज, मोहम्मदाबाद के सितवनपुर पितू तथा शमशाबाद के रम्पुरा स्थित गौशालाओं में 15 दिनों के भीतर बायोगैस प्लांट पूरी तरह क्रियाशील कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत 30 जून 2026 तक 34,329 लाभार्थियों को पहली और 30,853 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 158 लाभार्थियों को पहली तथा 1,896 लाभार्थियों को दूसरी किस्त का भुगतान किया गया है।

उन्होंने बताया कि जनपद में 570 आरआरसी केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। 452 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के माध्यम से 99.06 लाख रुपये स्वच्छता शुल्क ग्राम पंचायतों के ओआरएस खातों में जमा कराया गया है। इसके अलावा कायमगंज के बहबलपुर तथा राजेपुर के हरसिंहपुर गहलवार में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि तीन गौशालाओं में बायोगैस प्लांट का निर्माण एवं विद्युत कनेक्शन का कार्य भी पूर्ण हो गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, सभी खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस लाइंस में कई सरकारी आवास खाली, फिर भी आवास को भटक रहे पुलिसकर्मी

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जिम्मेदारों की उदासीनता से सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान

फर्रुखाबाद। पुलिस लाइंस फतेहगढ़ में विभागीय व्यवस्था मे कई आवास लंबे समय से खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर कई पुलिसकर्मी सरकारी आवास के लिए लगातार प्रयास करने के बावजूद किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। खाली पड़े सरकारी आवास धूल फांक रहे हैं और उनकी हालत भी धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है।

जानकारी के अनुसार पुलिस लाइंस में उपलब्ध कई सरकारी आवासों का लंबे समय से आवंटन नहीं किया गया है। इसके कारण कई पुलिसकर्मियों को सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। यदि इन आवासों का समय पर आवंटन किया जाए तो पुलिसकर्मियों को राहत मिलने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति का भी समुचित उपयोग हो सकेगा।

नियमों के अनुसार सरकारी आवास आवंटित होने पर संबंधित पुलिसकर्मी के वेतन से निर्धारित लाइसेंस शुल्क व हाउस रेंट की कटौती होती है, जो सरकारी राजस्व में जमा होता है। ऐसे में दर्जनों आवास खाली पड़े रहने से सरकार को प्रत्येक माह लाखों रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान होने की चर्चा है। वहीं दूसरी ओर खाली पड़े मकानों की देखरेख न होने से सरकारी संपत्ति भी खराब होती जा रही है।

इस संबंध में जब प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस लाइंस से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सरकारी आवासों का आवंटन पुलिस अधीक्षक के स्तर से किया जाता है।

असामान्य चेहरे वाले नवजात के जन्म से क्षेत्र में कौतूहल

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उपचार के बाद घर लौटा

राजेपुर (फर्रुखाबाद)। राजेपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बिचपुरिया कड़क्का में एक महिला ने असामान्य चेहरे वाले नवजात को जन्म दिया है। नवजात के जन्म की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों में कौतूहल का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए पहुंचने लगे।

ग्राम बिचपुरिया कड़क्का निवासी राजीव वर्मा पुत्र सुरेश की पत्नी ने तीन दिन पूर्व बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के दो दिन बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।

लोहिया अस्पताल में उपचार के बाद नवजात की हालत में सुधार होने पर चिकित्सकों ने उसे घर भेज दिया। फिलहाल बच्चा परिजनों की देखरेख में है।

राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. परमीत राजपूत ने बताया कि नवजात के चेहरे में जन्मजात असामान्यता (जन्मजात विकृति) थी। बेहतर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखभाल के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था।

नवजात की असामान्य शारीरिक बनावट को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि ऐसी जन्मजात विकृतियां चिकित्सकीय कारणों से हो सकती हैं और इनके बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

दिखावे के लिए नहीं, अपने भविष्य के लिए करें वृक्षारोपण : फतेहचंद वर्मा

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फर्रुखाबाद। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने अपने आवास नगरिया देवधरापुर में अपने पुत्र के साथ आम के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।

फतेहचंद वर्मा ने कहा कि वृक्षारोपण दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपने और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए करना चाहिए। पेड़ हमें शुद्ध ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए।

उन्होंने पौधरोपण की उपयोगी जानकारी साझा करते हुए बताया कि पौधा लगाने से पहले गड्ढे में कुछ जौ के दाने डालने से पौधा जल्दी जड़ पकड़ता है। इसके साथ ही गोबर की खाद और उपजाऊ मिट्टी का प्रयोग करने से पौधे का विकास बेहतर होता है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक परिवार एक-एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाले समय में पर्यावरण को सुरक्षित और हराभरा बनाया जा सकता है।इस दौरान उन्होंने अपने पुत्र के साथ पौधों की देखभाल का भी संकल्प लिया और लोगों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

100 अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं अनुरक्षण का कार्य जारी

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– नई योजना के तहत नियमित होगी साफ-सफाई

फर्रुखाबाद। जनपद में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत विकसित किए गए अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं नियमित अनुरक्षण का कार्य लगातार जारी है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक कपिल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी अमृत सरोवरों की उपयोगिता एवं सौंदर्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 के दौरान जनपद में कुल 100 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया था। इनमें 75 अमृत सरोवर ग्राम पंचायत स्तर, 20 क्षेत्र पंचायत स्तर, 4 जिला पंचायत स्तर तथा 1 अमृत सरोवर लघु सिंचाई विभाग द्वारा विकसित किया गया।

परियोजना निदेशक ने बताया कि निर्माण के बाद से प्रत्येक वर्ष ग्राम पंचायतों द्वारा अमृत सरोवरों की नियमित साफ-सफाई एवं अनुरक्षण कराया जाता रहा है। साथ ही शासन के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गांधी जयंती (2 अक्टूबर), विश्व पर्यावरण दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे राष्ट्रीय एवं विशेष अवसरों पर इन सरोवरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के फोटोग्राफ एवं विवरण भी समय-समय पर शासन को भेजे जाते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ अमृत सरोवरों पर मौसमी कारणों से हल्की झाड़ियां एवं घास उग आई हैं, जिनकी ग्राम पंचायत स्तर पर साफ-सफाई कराई जा रही है। इन कार्यों की प्रगति का अभिलेखीकरण भी किया जा रहा है।
कपिल कुमार ने बताया कि वर्तमान में मनरेगा योजना के स्थान पर “विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” लागू किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके कारण मनरेगा के माध्यम से कराए जाने वाले कार्यों का समापन कर दिया गया है, जिससे कुछ समय के लिए अमृत सरोवरों के अनुरक्षण कार्य प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नई योजना की गाइडलाइन जारी होने के बाद आवश्यकतानुसार अमृत सरोवरों की साफ-सफाई, संरक्षण एवं अनुरक्षण का कार्य नियमित रूप से कराया जाएगा, ताकि इन जलाशयों की उपयोगिता, पर्यावरणीय महत्व और सौंदर्य लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। जिला प्रशासन ने अमृत सरोवरों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई है।