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Sunday, April 12, 2026
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ससुराल में आम के पेड़ पर लटका मिला युवक, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

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मोहम्मदाबाद
थाना क्षेत्र के ग्राम ज्योता में एक युवक का शव आम के पेड़ पर सुतली की रस्सी के सहारे लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक ससुराल आया हुआ था और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद एटा के थाना अलीगंज क्षेत्र के मोहल्ला विकास नगर (मैनपुरी रोड) निवासी राम अवतार के 35 वर्षीय पुत्र संजय कुमार का शव ज्योता निवासी जोगेंद्र सिंह के खेत में खड़े आम के पेड़ पर लटका मिला। सुबह शौच के लिए जा रहे ग्रामीणों ने शव देखा और इसकी सूचना मृतक के ससुराल पक्ष को दी। इसके बाद ससुर नरेश चंद्र द्वारा डायल 112 पर सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डायल 112 पुलिस ने घटना की प्रारंभिक सूचना दर्ज की।
मृतक के पिता राम अवतार ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया गया है। उन्होंने बताया कि संजय तीन दिन पहले दिल्ली से घर लौटा था और 11 अप्रैल 2026 को ससुराल आया था, जहां सुबह उसकी मौत की सूचना मिली।
वहीं मृतक की पत्नी मोनी ने बताया कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। उसके अनुसार, मृतक उसे पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दे रहा था और स्वयं आत्महत्या करने की बात भी कर रहा था। विवाद बढ़ने पर डायल 112 को सूचना भी दी गई थी। पत्नी ने यह भी बताया कि दिल्ली में किसी महिला से मृतक का कथित प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर आए दिन विवाद होता था।
मृतक पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी वर्ष 2009 में मोनी से हुई थी। उसके दो बच्चे हैं—पुत्री सौम्या (14 वर्ष) और पुत्र अंशु (12 वर्ष)। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, मां सूरजमुखी और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। उपनिरीक्षक अरविंद अवस्थी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आज का राशिफल: ग्रहों की चाल बदलेगी दिन का हाल, जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

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आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। कुछ लोगों को करियर में सफलता मिलेगी तो कुछ को रिश्तों में सावधानी बरतने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में भी आज का दिन कई राशियों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
मेष राशि
आज आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें आप सफलता से निभाएंगे। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा, लेकिन गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
वृषभ राशि
आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। खर्चों में वृद्धि हो सकती है, इसलिए बजट बनाकर चलें। नौकरीपेशा लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है जो मन को प्रसन्न करेगी।
मिथुन राशि
आज आपको करियर में नई दिशा मिल सकती है। आपकी योजनाएं सफल होंगी और अधिकारी वर्ग से प्रशंसा मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।
कर्क राशि
आज मानसिक तनाव रह सकता है। किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताना लाभकारी रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम धीरे-धीरे मिलेंगे।
सिंह राशि
आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आया है। रुके हुए काम पूरे होंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नए संपर्क आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।
कन्या राशि
आज आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। किसी भी विवाद से दूर रहें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें।
तुला राशि
आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। धन संबंधित मामलों में सफलता मिलेगी।
वृश्चिक राशि
आज आपको धैर्य से काम लेना होगा। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं। किसी करीबी से मतभेद हो सकता है। हालांकि, शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
धनु राशि
आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। शिक्षा और प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
मकर राशि
आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी और व्यापार में उन्नति के योग हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है।
कुंभ राशि
आज आपको अपने निर्णय सोच-समझकर लेने होंगे। किसी नए कार्य की शुरुआत हो सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।
मीन राशि
आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। मानसिक शांति मिलेगी। प्रेम और पारिवारिक जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।
आज का राशिफल यह संकेत देता है कि संयम, धैर्य और समझदारी से लिया गया हर निर्णय आपके दिन को बेहतर बना सकता है। ग्रहों की चाल के अनुसार अवसर भी हैं और चुनौतियां भी—जरूरत है संतुलन बनाए रखने की।

उपयोगिता तक सीमित होते रिश्ते, यही बदलते समाज का एक कड़वा सच

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भरत चतुर्वेदी
आज का समाज तेजी से बदल रहा है। रिश्तों की परिभाषाएं भी अब भावनाओं से हटकर “उपयोगिता” के इर्द-गिर्द सिमटती नजर आ रही हैं। यह एक ऐसा सच है जिसे हर व्यक्ति कभी न कभी अपने जीवन में महसूस करता है, लेकिन अक्सर स्वीकार नहीं कर पाता।
कहा जाता था कि इंसान को उसके गुणों, उसके स्वभाव और उसके दिल से पहचाना जाता है। लेकिन अब यह धारणा धीरे-धीरे बदलती जा रही है। आज के दौर में किसी व्यक्ति की पहचान उसके “काम आने” की क्षमता से तय होने लगी है। जब तक आप किसी के लिए उपयोगी हैं, तब तक आप खास हैं, महत्वपूर्ण हैं, याद किए जाते हैं—और जैसे ही आपकी उपयोगिता खत्म होती है, आपकी अहमियत भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
यह बदलाव सिर्फ रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर स्तर पर दिखाई देता है—दोस्ती में, परिवार में, सामाजिक दायरे में और यहां तक कि पेशेवर जीवन में भी। लोग अब दिल से नहीं, जरूरत से जुड़ते हैं। किसी का हालचाल पूछने के पीछे भी अक्सर कोई उद्देश्य छिपा होता है। और जब उद्देश्य पूरा हो जाता है, तो बातचीत भी धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।
सबसे अधिक दर्द तब होता है जब यह व्यवहार अपनों से देखने को मिलता है। जिनके लिए आप हर समय खड़े रहे, जिनके लिए आपने अपने समय, अपनी भावनाओं और अपने संसाधनों को समर्पित किया—वही लोग एक दिन आपकी जरूरत खत्म होते ही दूर हो जाते हैं। यह दूरी सिर्फ भौतिक नहीं होती, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक खालीपन छोड़ जाती है।
लेकिन इस कड़वे सच के बीच एक और महत्वपूर्ण बात छिपी है—यह हमें आत्मनिर्भर बनना सिखाता है। यह सिखाता है कि खुद को इतना मजबूत बनाओ कि आपकी पहचान किसी की जरूरत पर निर्भर न रहे। आपकी उपयोगिता जरूर हो, लेकिन आपकी पहचान सिर्फ उसी तक सीमित न हो।
समाज चाहे जितना भी बदल जाए, एक चीज हमेशा स्थायी रहेगी—सच्चे रिश्तों की कीमत। भले ही ऐसे रिश्ते कम हों, लेकिन जब भी मिलें, उन्हें संभालकर रखना जरूरी है। क्योंकि वही रिश्ते होते हैं जो बिना किसी स्वार्थ के, बिना किसी अपेक्षा के आपके साथ खड़े रहते हैं।
आज जरूरत इस बात की है कि हम खुद से यह सवाल करें—क्या हम भी उसी भीड़ का हिस्सा बन गए हैं जो लोगों को उनकी उपयोगिता से आंकती है? या हम अब भी उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं जो रिश्तों को दिल से निभाते हैं?
समाज बदल रहा है, लेकिन इंसान के पास अब भी विकल्प है—वह चाहे तो उपयोगिता से ऊपर उठकर इंसानियत को चुन सकता है। और शायद यही चुनाव उसे भीड़ से अलग बनाता है।

अशांत मन से शांति की ओर लौटने के मार्ग का रास्ता सिर्फ ईश्वर

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प्रभात यादव
आज का मनुष्य बाहर से जितना सफल दिखता है, भीतर से उतना ही उलझा हुआ है। इच्छाओं का बोझ, अपेक्षाओं की दौड़ और रिश्तों की जटिलता उसे भीतर ही भीतर थका देती है। ऐसे समय में जब हर रास्ता उलझा हुआ लगे, तब “राम की शरण” सिर्फ एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने का एक गहरा मार्ग बन जाता है।
राम केवल एक नाम नहीं हैं, वह मर्यादा हैं, संयम हैं, और सबसे बढ़कर—शांति का स्रोत हैं। जब मन विचलित होता है, जब निर्णय भ्रमित करने लगते हैं, तब राम का स्मरण मन को एक दिशा देता है। यह दिशा बाहर की दुनिया को बदलने की नहीं, बल्कि भीतर के तूफान को शांत करने की होती है।
राम की शरण में जाना मतलब अपने अहंकार को थोड़ा झुकाना, अपने भीतर के शोर को थोड़ा कम करना। यह स्वीकार करना कि हर चीज हमारे नियंत्रण में नहीं है। जैसे ही यह स्वीकार्यता आती है, मन धीरे-धीरे हल्का होने लगता है।
आज की भागदौड़ में हम शांति को बाहर खोजते हैं—सफलता में, लोगों की स्वीकृति में, या भौतिक सुखों में। लेकिन यह शांति क्षणिक होती है। राम का मार्ग सिखाता है कि असली शांति भीतर से आती है, और वह तब मिलती है जब मन स्थिर होता है।
राम का जीवन भी संघर्षों से भरा था—वनवास, वियोग, युद्ध—लेकिन हर परिस्थिति में उन्होंने धैर्य और मर्यादा को नहीं छोड़ा। यही शिक्षा आज के मनुष्य के लिए सबसे बड़ी सीख है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, अगर मन स्थिर है, तो रास्ता स्वयं बनता चला जाता है।
राम की शरण कोई पलायन नहीं है, बल्कि यह अपने आप से मिलने का एक माध्यम है। जब हम कुछ क्षण शांत होकर “राम” का नाम लेते हैं, तो वह सिर्फ एक उच्चारण नहीं होता—वह हमारे भीतर के बिखरे हुए विचारों को समेटने का प्रयास होता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने जीवन में कुछ समय ऐसा निकालें, जहां कोई शोर न हो, कोई अपेक्षा न हो—सिर्फ हम हों और “राम” का स्मरण हो। वही क्षण धीरे-धीरे हमारे भीतर शांति का बीज बोता है।
शायद यही कारण है कि सदियों से लोग कहते आए हैं,
राम की शरण में जो आया, उसने स्वयं को पाया।

हर दिन बिगड़ती बिजली व्यवस्था पर सीएम का खुद मोर्चा संभालना संवेदनशीलता

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शरद कटियार
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर बढ़ती अव्यवस्थाओं, उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों और स्मार्ट मीटर से उपजे असंतोष के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधे हस्तक्षेप करना अब एक प्रशासनिक निर्णय से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक आवश्यकता बन चुका है। हालात यह हैं कि बिजली, जो आम जनजीवन की बुनियादी जरूरत है, वही अब असंतोष और अविश्वास का कारण बनती जा रही है।
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा शुरू किया गया 7 दिवसीय विशेष अभियान पहली नजर में त्वरित राहत का प्रयास जरूर दिखता है, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश कहीं अधिक गंभीर है—व्यवस्था में गहराई तक बैठ चुकी खामियों को स्वीकार करना और उन्हें सुधारने की मजबूरी।
स्मार्ट मीटर को लेकर जो तस्वीर सामने आई है, वह योजनाओं और जमीनी सच्चाई के बीच के अंतर को उजागर करती है। तकनीक को पारदर्शिता और सुविधा का माध्यम बनना था, लेकिन कई स्थानों पर यह उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई। अचानक बढ़े हुए बिजली बिल, ओवर बिलिंग की शिकायतें, रिचार्ज के बावजूद कनेक्शन बहाल न होना और हेल्पलाइन पर संतोषजनक जवाब न मिलना—ये सब मिलकर उपभोक्ताओं के मन में अविश्वास पैदा कर चुके हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री का यह निर्देश कि अधिकारी घर-घर जाकर समस्याओं को समझें और उनका समाधान करें, प्रशासनिक सोच में बदलाव का संकेत है। यह पहली बार नहीं है जब किसी योजना में सुधार के लिए अभियान चलाया जा रहा हो, लेकिन इस बार अंतर यह है कि समस्या सीधे आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है और इसका असर व्यापक है।
हर अधिकारी को निश्चित संख्या में उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी देना जवाबदेही तय करने की दिशा में एक अहम कदम है। लेकिन असली सवाल यही है कि क्या यह जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या वास्तव में अधिकारी जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर समस्याओं का समाधान करेंगे? क्योंकि अब तक की स्थिति यह रही है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी समाधान में देरी या लापरवाही आम बात रही है।
गलत बिलिंग पर कार्रवाई के निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं। बिजली बिल किसी भी परिवार के बजट का एक बड़ा हिस्सा होता है, और यदि उसमें त्रुटि हो तो उसका सीधा असर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में सिर्फ बिल सुधार देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करना ही विश्वास बहाली का रास्ता हो सकता है।
निगेटिव बैलेंस के कारण कनेक्शन कटने की समस्या यह भी बताती है कि डिजिटल सिस्टम लागू करते समय उपभोक्ताओं की व्यवहारिक कठिनाइयों को पूरी तरह नहीं समझा गया। ग्रामीण क्षेत्रों और कम शिक्षित उपभोक्ताओं के लिए यह प्रणाली अभी भी जटिल है। ऐसे में तकनीक के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाना अनिवार्य हो जाता है।
मुख्यमंत्री का खुद इस मुद्दे पर सक्रिय होना यह दर्शाता है कि सरकार अब केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके प्रभाव को लेकर भी गंभीर है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि किसी भी व्यवस्था की असली तस्वीर उसके निचले स्तर पर दिखती है। यदि वहां सुधार नहीं हुआ, तो ऊपर से किए गए प्रयास भी सीमित प्रभाव ही छोड़ पाएंगे।
यह अभियान केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे एक व्यापक सुधार प्रक्रिया की शुरुआत बनाना होगा। बिजली विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता—ये तीनों तत्व अगर मजबूत होते हैं, तभी वास्तविक बदलाव संभव है।
आज प्रदेश एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां तकनीक और प्रशासन दोनों की परीक्षा हो रही है। जनता सिर्फ समाधान नहीं, बल्कि भरोसा चाहती है। और यह भरोसा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि लगातार दिखने वाले बदलाव से ही बनता है।
यदि यह अभियान उस भरोसे को पुनः स्थापित कर सका, तो यह सिर्फ बिजली व्यवस्था का सुधार नहीं होगा—यह शासन और जनता के बीच संबंधों में भी एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत साबित हो सकता है।

घर-घर जाकर समस्याओं का निस्तारण करेंगे विद्युत अधिकारी, 7 दिनों तक चलेगा विशेष अभियान

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– सीएम योगी के सख्त निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश के बाद यूपी पावर कारपोरेशन लि. ने पूरे प्रदेश में व्यवस्था सुधारने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए वह जल्द ही 7 दिनों का विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान के तहत अधिकारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं को जानेंगे और उसका यथाशीघ्र समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उप्र. पावर कारपोरेशन लि. के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बैठक कर जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 7 दिन का विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याओं के बारे में जानेगा और उसका यथाशीघ्र समाधान करेगा।
यूपी पावर कारपोरेशन लि. की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अभियान में सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। किसी अधिकारी को 10 से 20 उपभोक्ताओं की तो किसी अधिकारी इससे भी ज्यादा उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसमें कॉर्पोरेशन एवं डिस्कॉम के अधिकांश कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। इस अभियान के जरिये अधिकारी स्मार्ट मीटर और हेल्प लाइन नम्बर 1912 पर मिलने वाली शिकायतों का निदान करेंगे। इसके बाद उस शिकायत का फीडबैक लेकर विभाग को अवगत कराएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अध्यक्ष डॉ. गोयल ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार, डिस्काम के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का रोजाना निस्तारण किया जाए। डिस्कॉम स्तर पर इसके लिए बनाए गये कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सेल लगातार समीक्षा करें।
इसके साथ ही डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिया कि ओवर बिलिंग या गलत बिल नहीं बनने चाहिए। अगर उपभोक्ता गलत बिलिंग की शिकायत करता है तो तत्काल जांच करके जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। साथ ही गलत बिल तत्काल ठीक किया जाए। इसमें हर स्तर पर सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की समस्याओं को तत्काल हल कराया जाए। साथ ही हेल्पलाइन नम्बर 1912 की लगातार समीक्षा करें। साथ ही इस पर आने वाली शिकायतों खासकर स्मार्ट मीटर से संबंधित सूचना और शिकायतों का उसी दिन निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन निगेटिव बैलेंस के कारण स्वतः कट गए हैं, उनसे संपर्क कर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि उन्होंने रिचार्ज क्यों नहीं कराया। यह भी समझा जाएगा कि उन्हें किस तरह की समस्या आ रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के रिचार्ज कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं जुड़ा है, उनके मामलों की भी गहन जांच कर तत्काल समाधान किया जाएगा।