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Sunday, June 28, 2026
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यूपी होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट जारी, 41,424 पदों के लिए 1.07 लाख अभ्यर्थी सफल

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लखनऊ। प्रदेश में होमगार्ड भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। होमगार्ड भर्ती परीक्षा का परिणाम रविवार को आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया गया। भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रदेश में 41,424 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 1.07 लाख अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया है। अब इन अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) से गुजरना होगा।

गौरतलब है कि होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई थी। परिणाम जारी होने के साथ ही लंबे समय से चयन सूची का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। विभाग ने पदों की संख्या से लगभग ढाई गुना अधिक अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया है, जिससे अंतिम चयन के लिए प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो गई है।

भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में सफल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आयु, जाति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर ही उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। फिजिकल टेस्ट में निर्धारित दौड़, लंबाई तथा पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप जैसे मानकों की जांच की जाएगी।

विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक परीक्षा की तिथियां तथा परीक्षा केंद्रों की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने सभी मूल दस्तावेज तैयार रखें और फिजिकल टेस्ट की तैयारी अभी से शुरू कर दें, क्योंकि अंतिम चयन इन्हीं चरणों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

भर्ती घोटाले, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से युवा व जनता परेशान : अखिलेश यादव

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प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज में आयोजित प्रेसवार्ता मे भाजपा सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और आरक्षण व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण नियमों का उल्लंघन कर पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने 22 भर्ती परीक्षाओं में कथित आरक्षण घोटाले का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक किया, लेकिन सरकार उसकी कोई संतोषजनक सफाई नहीं दे सकी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पेपर लीक या अन्य कारणों से आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। साथ ही सभी विभागों की भर्ती का वार्षिक कैलेंडर जारी होगा, परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग और सीसीटीवी निगरानी से सुरक्षित बनाया जाएगा तथा पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में समयबद्ध कार्रवाई होगी।

उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले का जिक्र करते हुए सरकार पर आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया। लखनऊ के कोचिंग संस्थान अग्निकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो मासूम छात्रों की जान नहीं जाती। उन्होंने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ते अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा तथा कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और संविधान के मूल्यों के अनुरूप शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए समाज पार्टी के साथ खड़ा है और आगामी चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन मजबूत है और भविष्य में इसे और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

बिजली आपूर्ति में यूपी ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, 32,673 मेगावाट पीक डिमांड पूरी कर देश में बना नंबर-1

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए देश में सर्वाधिक पीक डिमांड पूरी करने वाला राज्य बनने का दावा किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच 24 जून को रात 9:51 बजे 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश 19 जून से लगातार देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाला राज्य बना हुआ है। 24 जून को 32,673 मेगावाट की रिकॉर्ड आपूर्ति के अलावा 23 जून को 32,405 मेगावाट, 21 जून को 32,348 मेगावाट, 27 जून को 31,949 मेगावाट तथा 22 जून को 31,841 मेगावाट बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में शामिल है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि मजबूत ऊर्जा प्रबंधन और विद्युत अवसंरचना के कारण महानगरों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोस्टर से अधिक 22 से 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और वाराणसी सहित प्रमुख शहरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि विद्युत कर्मियों के निरंतर प्रयास और बेहतर प्रबंधन के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है। वहीं, निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने इसे मजबूत बुनियादी ढांचे, कुशल ऊर्जा प्रबंधन और टीमवर्क का परिणाम बताते हुए कहा कि बढ़ती मांग के बावजूद प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

अलीगंज अग्निकांड: मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये, पीएम राहत कोष से भी मिलेगी सहायता

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों के आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल सहायता दिए जाने के बाद अब राज्य सरकार ने दैवीय आपदा राहत कोष से भी प्रत्येक मृतक के आश्रित के बैंक खाते में 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित कर दी है। शासन और जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने में जुटा है।

तहसील प्रशासन की ओर से तैयार की गई सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 15 मृतकों के आश्रितों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सहायता राशि भेजी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से राहत वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की गई।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर घटना वाले दिन ही मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए अब अतिरिक्त राहत राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेज दी है।

वहीं, केंद्र सरकार से भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता प्रदान किए जाने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पर अंतिम स्तर की कार्रवाई चल रही है और स्वीकृति मिलने के बाद यह राशि भी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी।

सेशेल्स ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च नागरिक सम्मान

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हिंद महासागर को बनाएंगे ‘मौकों का महासागर : नरेंद्र मोदी

विक्टोरिया (सेशेल्स)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान सेशेल्स के सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान ‘गार्डियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ से सम्मानित किया गया। यह पहला अवसर है जब सेशेल्स ने किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को अपने इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। सम्मान प्रदान करते हुए सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी ने भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते संबंधों तथा वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण एवं समुद्री सहयोग में भारत की भूमिका की सराहना की।

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 1.4 अरब नागरिकों का सम्मान बताते हुए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रहे सभी देशों और भारत-सेशेल्स की अटूट मित्रता को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र को शांति, समृद्धि और अवसरों का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी और छोटे द्वीपीय देशों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने मिशन LiFE, ‘एक पेड़ मां के नाम’, इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर जलवायु चुनौतियों से निपटने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ और सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुआ। दोनों देशों ने इस मौके पर विशेष स्मृति लोगो जारी किया तथा 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक सहयोग पैकेज के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव भी सेशेल्स के साथ साझा करेगा, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।

मन की बात में पीएम मोदी का संदेश, देश की उपलब्धियों पर जताया गर्व, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण का किया आह्वान

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की उपलब्धियों, आत्मनिर्भरता, रक्षा क्षेत्र, पर्यावरण संरक्षण, खेल, स्वदेशी उत्पादों और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 का आधा हिस्सा पूरा होने जा रहा है और इन छह महीनों में देश ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर प्रत्येक भारतीय को गर्व होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जून महीने में भारत ने रक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं। उन्होंने हाल ही में कोलकाता में आयोजित नौसेना के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि आईएनएस दुनागिरी, आईएनएस रिसर्चर और रिसर्चर अग्रे जैसे आधुनिक युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी लंबी दूरी की लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण और भारत में निर्मित सी-295 परिवहन विमान की पहली उड़ान को भी उन्होंने देश की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मजबूत तस्वीर पेश करते हैं।

प्रधानमंत्री ने युवाओं में खेलों के बढ़ते उत्साह की भी सराहना करते हुए कहा कि आज देश के युवा खेलों को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि करियर के रूप में भी अपना रहे हैं। इससे भारत का खेल भविष्य और अधिक मजबूत होगा।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मेघालय के प्रसिद्ध जीवित जड़ों से बने रूट ब्रिज का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय वर्षों तक रबर के पेड़ों की जड़ों को दिशा देकर प्राकृतिक पुल तैयार करते हैं, जो समय के साथ और अधिक मजबूत होते जाते हैं। उन्होंने इसे प्रकृति के साथ सामंजस्य और स्थानीय लोगों की अद्भुत रचनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं की भी सराहना की, जिन्होंने प्लास्टिक कचरे का पुनः उपयोग कर आकर्षक कलाकृतियां और सजावटी पेड़ तैयार किए। उन्होंने इसे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

गणेश चतुर्थी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के बजाय मिट्टी की पर्यावरण अनुकूल मूर्तियां खरीदने तथा हर त्योहार पर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने मानसून के मौसम को देखते हुए देशवासियों से वर्षा जल संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बारिश की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसे रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोख्ता गड्ढों तथा अन्य उपायों के माध्यम से जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सामूहिक भागीदारी से ही आत्मनिर्भर, स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भारत का निर्माण संभव है।