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Thursday, June 4, 2026
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बदायूं में संदिग्ध परिस्थितियों में दरोगा का मिला शव, छानबीन में जुटी पुलिस

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बदायूं: बदायूं (Badaun) जिले के सिविल लाइन थाना (civil line police station) क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में न्यायालय सुरक्षा में तैनात दरोगा मेघ श्याम गौतम का शव किराए के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

जानकारी के अनुसार, परिजनों द्वारा लगातार फोन करने पर संपर्क न होने पर शक हुआ, जिसके बाद मकान मालिक ने कमरे की जांच की और बदायूं पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि खिड़की से अंगोछे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एसएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

नागपुर: कांग्रेस नेता ने NEET परीक्षार्थी आकांक्षा की आत्महत्या पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना

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मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (Vijay Wadettiwar) ने गुरुवार को नागपुर में पिछले महीने हुई 18 वर्षीय NEET परीक्षार्थी (NEET examinee) की आत्महत्या (suicide) पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। बताया जा रहा है कि आत्महत्या का कारण परीक्षा दोबारा देने के दबाव में हुई परेशानी थी। आकांक्षा चतुर्वेदी ने 3 मई को NEET-UG परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद वह काफी उत्साहित और आश्वस्त थीं कि उन्हें अच्छे अंक मिलेंगे। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से उनकी उम्मीदें टूट गईं और परिवार के अनुसार, वह चिंतित और परेशान हो गईं।

परिवार को उनकी लिखी एक सुसाइड नोट मिली, जिसमें उन्होंने उनसे माफी मांगते हुए कहा कि उनमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा देने का साहस नहीं था। उन्होंने नोट में लिखा था कि दोबारा परीक्षा में अच्छे अंक आने की कोई गारंटी नहीं थी और उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उनके लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया है। वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए एक बयान में कहा कि उनकी मृत्यु देश की परीक्षा प्रणाली की विफलता और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही की कमी को दर्शाती है।

आकांक्षा के पिता, जो किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण लेकर परिवार का भरण-पोषण करते थे और रसोइया का काम करते थे, ने अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया। NEET परीक्षा में अनियमितताओं ने लाखों छात्रों की आकांक्षाओं को चकनाचूर कर दिया है,” उन्होंने सरकार द्वारा इस मुद्दे से निपटने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा। कांग्रेस विधायक दल के नेता ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर बार-बार चिंता जताए जाने के बावजूद केंद्र सरकार एक पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफल रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से जवाबदेही मांगते हुए उन्होंने दावा किया कि जांच समितियों और आश्वासनों से छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं का समाधान नहीं हुआ है।

12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET UG)-2026 को रद्द कर दिया। इसके बाद 21 जून को पुनर्परीक्षा निर्धारित की गई। लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। मध्य प्रदेश के मौगंज जिले की निवासी आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में NEET की तैयारी कर रही थीं। 3 मई की परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद, 20 मई को वह नागपुर स्थित अपने कमरे में फांसी पर लटकी हुई पाई गईं।

बागपत: घर में चाय बनाते समय फटा सिलेंडर, 4 साल के बच्चे की चली गई जान

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बागपत: बागपत (Baghpat) जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां के बड़ौत कोतवाली (Baraut Kotwali) क्षेत्र के पठानकोट मोहल्ले में चाय बनाते समय सिलेंडर में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से 4 वर्षीय जैद गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी इलाज के दौरान दिल्ली में मौत हो गई। जैद को बचाने की कोशिश में उसका 10 वर्षीय भाई, दादा-दादी और चाचा भी झुलस गए।

मिली जानकारी के अनुसार देर रात हासिम के घर में चाय बनाई जा रही थी। इसी दौरान सिलेंडर में लीकेज होने से आग लग गई और धीरे-धीरे पास में रखे छोटे सिलेंडर में फैल गई। आग लगने से परिजनों में अफरा तफरी मच गई। सभी जान बचाने के लिए घर के बाहर आए लेकिन तभी उन्हें हासिम का चार वर्षीय पुत्र जैद कहीं नहीं दिखा। जिसके बाद उसके दादा-दादी और चाचा उसे बचाने के लिए घर की ओर दौडे़।

बताया जा रहा है कि डर की वजह से मासूम चारपाई के नीचे छिप गया था। सभी ने उसे जैेसे तैसे करके घर से बाहर निकला लेकिन तब तक वह बुरी तरह झुलस गया था। आनन फानन में उसे अस्पताल रेफऱ किया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं घटना में घायल हुए दादा-दादी और चाचा का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई।

 

रेत से भरा एक ओवरलोड डंपर पलटा, बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

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झज्जर: शहर के छोटे बाईपास स्थित बिरधाना मोड़ (Birdhana Mod) पर गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। रेत से भरा एक ओवरलोड डंपर (overloaded dumper) अनियंत्रित होकर बाइक पर पलट गया, जिससे दोनों युवक रेत और डंपर के नीचे दब गए। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतकों की पहचान महिपाल पुत्र रामफल और विनोद पुत्र खुशीराम, निवासी बेरी गेट, झज्जर के रूप में हुई है। दोनों युवक खेत से काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बिरधाना मोड़ के पास तेज रफ्तार डंपर अचानक संतुलन खो बैठा और उनकी बाइक पर पलट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवक डंपर और रेत के नीचे पूरी तरह दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद क्रेन की मदद से रेत हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया है। वहीं हादसे के बाद फरार डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि बिरधाना मोड़ पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर तत्काल स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसे हादसे लोगों की जान लेते रहेंगे।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार चालक की तलाश जारी है।

 

वरिष्ठ सैन्य अधिकारी “घर की रेकी, खुलेआम धमकियां, राजनैतिक झूठे मुकदमों से परेशान” पूरा परिवार

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– राजनैतिक झूठे मुकदमों से परेशान” पूरा परिवार
– अब तो इंतहा, दिन दहाड़े घर भेजे जा रहे गुंडे
– पुलिस सुनवाई को नहीं तैयार, आला अफसर नहीं उठाते फ़ोन
– बीजेपी नेता वीरेंद्र सिंह राठौर व साथी शंकर सिंह पर लगाया आरोप

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के जेएनवी रोड स्थित आवास पर छुट्टी लेकर आए भारतीय सेना के एक मेजर और उनके परिवार ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नागालैंड में तैनात सैन्य अधिकारी मेजर अरुण देव सिंह के परिवार का आरोप है कि उनके घर की लगातार रेकी कराई जा रही है, महिलाओं और नाबालिग बच्चों को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश हो रही है तथा खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।उनके प्रयास के वावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य कोतवाली पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इसके बावजूद शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

मेजर अरुण देव सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। उनका कहना है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक के परिवार को यदि अपने ही घर में सुरक्षा नहीं मिल रही है तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

परिवार की महिलाओं ने भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर तथा उनके कारोबारी सहयोगी भाजपा नेता प्रदीप उर्फ शंकर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया गया और अब लगातार दबाव बनाकर उनका जीवन कठिन किया जा रहा है। पूर्व में भी प्रभारी मंत्री के सामने दोनों भाजपा नेताओं ने उन्हें बेइज्जत करने का प्रयास किया था। क्योंकि उनके पति ने दोनों नेताओं द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग की शिकायत और फर्जीवाड़ा कर लाइसेंस लेने के मामले में आवाज उठा दी थी।

परिवार की सदस्य अर्चना राठौर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की होगी जिन पर उन्होंने आरोप लगाए हैं।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश सरकार के मंत्रियों के नाम का हवाला देकर प्रशासनिक अधिकारियों पर प्रभाव बनाने का प्रयास करते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

अब परिवार ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वह शासन स्तर पर अपनी बात रखेंगे और परिवार की सुरक्षा की मांग करेंगे।

कोचिंग सेंटर फायरिंग मामले में नया मोड़, खान सर के गार्ड्स की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ जारी

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​पटना: पटना शहर के कोचिंग (coaching) हब में बीते दिनों हुई हिंसा और तोड़फोड़ का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। 2 जून की रात खान सर (Khan Sir) के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने उनके दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद हुई है, जिसमें गार्ड्स फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

​ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नया सीसीटीवी फुटेज जारी किया गया। वीडियो में दावा किया गया है कि कोचिंग परिसर में विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्डों द्वारा की गई थी। ज्ञान बिंदु टीम के आदर्श कुमार ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पहले से सुनियोजित थी और गार्ड्स ने खान सर के निर्देश पर ही गोली चलाई। इस खुलासे के बाद पुलिस सक्रिय हुई और खान सर के सेंटर पहुंचकर फायरिंग करने वाले दोनों गार्ड्स को हिरासत में ले लिया। कदमकुआं थाने में तीन घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके हथियार भी जब्त कर लिए हैं।

​ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए विरोधी पक्ष ने कहा है कि जब फुटेज में वे कहीं नजर नहीं आ रहे, तो उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई? साथ ही, अब खान सर से भी इस पूरे घटनाक्रम और उनके गार्ड्स के दावों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

​2 जून की रात 10 बजे खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ था। आरोप था कि कुछ लोगों ने गार्ड की पिटाई की, पत्थरबाजी की और पोस्टर फाड़े। घटना के तुरंत बाद खान सर ने 8 से 10 राउंड फायरिंग का दावा किया था, लेकिन बाद में वे अपने बयान से पलट गए। दिलचस्प बात यह है कि खान सर द्वारा दर्ज कराई गई FIR में भी फायरिंग का कोई उल्लेख नहीं था, जबकि पटना पुलिस ने भी शुरुआती जांच में फायरिंग की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।

​इस मामले ने अब एक कानूनी और विवादित स्वरूप ले लिया है। एक ओर जहां खान सर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हमला करवाने का आरोप लगाया था वहीं अब खुद खान सर के गार्डों का फायरिंग करना और उनका कबूलनामा मामले की दिशा बदलने के लिए पर्याप्त है। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों की गहन जांच कर रही है।