जालौन।जिले के कोंच क्षेत्र स्थित नारायण फिलिंग स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार कार अचानक पेट्रोल पम्प परिसर में घुस गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
पूरा घटनाक्रम पेट्रोल पम्प पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कार तेज गति से आती है और नियंत्रण खोते हुए पम्प परिसर में घुस जाती है।
हादसे के दौरान पम्प पर मौजूद कर्मचारी और ग्राहक जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। यदि कार सीधे फ्यूल डिस्पेंसर या टैंक से टकराती तो बड़ा विस्फोट हो सकता था।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया था। चालक से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरे को उजागर कर दिया है।
पेट्रोल पम्प में जा घुसी तेज रफ्तार कार, बड़ा हादसा टला
एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का आरोप, बेटी को कंधे पर लेकर भटकता रहा पिता
आगरा। आगरा के एस एन मेडिकल कॉलेज परिसर में अव्यवस्था का आरोप सामने आया है। एक युवक, जिसने अपना नाम राजकुमार बताया, ने आरोप लगाया कि उसे अपनी बीमार बेटी के इलाज के दौरान स्ट्रेचर नहीं मिला, जिसके कारण वह उसे कंधे पर लेकर अस्पताल परिसर में भटकता रहा।
पीड़ित ने खुद को राजस्थान का निवासी बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से अपनी बेटी का इलाज करा रहा है। उसका आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक उसे कोई स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया।
राजकुमार ने यह भी आरोप लगाया कि उसे रैन बसेरा में ठहरने से मना कर दिया गया, जिससे उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि इमरजेंसी, वार्ड और ओपीडी में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं और यदि कहीं लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में व्यवस्था में कोई कमी रही।
यह घटना सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है और मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
यमुना में अवैध बालू खनन को लेकर फायरिंग, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
प्रयागराज। यमुनानगर के घूरपुर इलाके में यमुना नदी में अवैध बालू खनन को लेकर दबंगों के बीच वर्चस्व की लड़ाई हिंसक हो गई। जानकारी के मुताबिक अवैध खनन को लेकर हुई तनातनी के दौरान फायरिंग की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
मुख्य नामजद आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस प्रकरण में मुख्य नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा।
वर्चस्व की लड़ाई बनी वजह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यमुना नदी में लंबे समय से अवैध बालू खनन की गतिविधियां चल रही हैं। क्षेत्र में खनन के नियंत्रण को लेकर दबंगों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा था, जो आखिरकार फायरिंग तक पहुंच गया।
हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती तो इस तरह की घटना नहीं होती।
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
संदिग्ध गुब्बारा मिला, ‘पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स ’ लिखा होने से बढ़ी सतर्कता
आगरा। एयरफोर्स परिसर के भीतर हवाई जहाज के आकार का एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। गुब्बारे पर ‘पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स ’ लिखा हुआ था, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया।
12 फरवरी को मिला था गुब्बारा
जानकारी के अनुसार, यह गुब्बारा 12 फरवरी को एयरफोर्स परिसर में पाया गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
घटना के बाद आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गुब्बारा परिसर तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था।
पाकिस्तानियों पर बढ़ी निगरानी
मामले के बाद आगरा में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार:43 पाकिस्तानी नागरिक आगरा में स्थायी वीजा पर रह रहे हैं।
8 लोगों ने स्थायी वीजा के लिए आवेदन किया है।
3 पाकिस्तानी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर आए हुए हैं।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी को इस मामले से सीधे जोड़ने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन एहतियातन निगरानी बढ़ाई गई है।
मकसद अब भी स्पष्ट नहीं
गुब्बारे के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं, जिसमें शरारती हरकत से लेकर सुरक्षा चूक तक के एंगल शामिल हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और जांच जारी है।
‘घूसखोर पंडित’ फिल्म पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, निर्माता ने दिया हलफनामा
नई दिल्ली। फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में फिल्म निर्माता की ओर से अदालत में हलफनामा दाखिल किया गया है।
निर्माता ने अपने हलफनामे में कहा है कि यह फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय, धर्म या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और वास्तविक घटनाओं या व्यक्तियों से इसका कोई संबंध नहीं है।
सुनवाई के दौरान निर्माता की ओर से यह भी कहा गया कि विवाद को देखते हुए फिल्म का नाम बदला जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति से बचा जा सकेगा।
फिल्म के शीर्षक को लेकर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि शीर्षक से एक विशेष समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है। इसी को लेकर मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई में अदालत निर्माता के हलफनामे और अन्य पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी।फिलहाल निर्माता की ओर से नाम बदलने के आश्वासन के बाद विवाद कुछ हद तक शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
लाल किले के पास संदिग्ध कार, एनआईए का फर्जी आईकार्ड बरामद
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले रेड फ़ोर्ट के पास एक संदिग्ध कार मिलने से हड़कंप मच गया। कार पर जम्मू-कश्मीर की नंबर प्लेट लगी हुई थी।सूत्रों के अनुसार, वाहन सवार व्यक्ति के पास एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) का कथित फर्जी पहचान पत्र मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ एनआईए और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
जानकारी के मुताबिक, पुलवामा के रहने वाले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि फर्जी आईकार्ड का उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है।
घटना के बाद लाल किले और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहन की जांच के लिए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड भी तैनात किए गए।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।







