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Thursday, July 9, 2026
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यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक का चुनाव संपन्न, विवेक सिंह तोमर निर्विरोध सभापति चुने गए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति एवं उपसभापति पद के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए। चुनाव में विवेक सिंह तोमर को निर्विरोध सभापति तथा रविंद्र सिंह राठौर को निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित घोषित किया गया।

इससे पहले प्रदेशभर की 323 शाखाओं से चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से 13 सदस्यीय प्रबंध समिति का गठन किया जा चुका था। समिति के गठन के बाद सभापति और उपसभापति पद के लिए निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कराई गई।

निर्विरोध निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित सभापति विवेक सिंह तोमर ने सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक को और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के हित में प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। वहीं उपसभापति रविंद्र सिंह राठौर ने भी सभी सदस्यों का धन्यवाद देते हुए बैंक के विकास और सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं निर्विरोध संपन्न होने पर बैंक के अधिकारियों, प्रतिनिधियों और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

लखनऊ में ‘बॉस स्कैम’ की एंट्री, साइबर ठग कंपनी अधिकारी बनकर कर्मचारियों से करा रहे पैसे ट्रांसफर

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराध का एक नया और चिंताजनक तरीका सामने आया है। साइबर ठग अब ‘बॉस स्कैम’ के जरिए कंपनियों और संस्थानों के कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। इस नए फ्रॉड में जालसाज खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी, निदेशक, सीईओ या बॉस बताकर कर्मचारियों से तत्काल पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश करते हैं।

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठग पहले कंपनी और उसके अधिकारियों की जानकारी सोशल मीडिया या अन्य सार्वजनिक माध्यमों से जुटाते हैं। इसके बाद वे वरिष्ठ अधिकारी की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट या ई-मेल बनाते हैं। फिर कर्मचारी को संदेश भेजकर किसी जरूरी भुगतान, गोपनीय कार्य या आपात स्थिति का हवाला देते हुए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं।

कई मामलों में कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारी का आदेश समझकर बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से पैसे भेजने का निर्देश मिले तो पहले फोन या आमने-सामने संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। केवल व्हाट्सएप संदेश, ई-मेल या कॉल के आधार पर किसी भी खाते में धनराशि ट्रांसफर न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ‘बॉस स्कैम’ तेजी से बढ़ता साइबर अपराध का नया ट्रेंड है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सतर्कता, पहचान की पुष्टि और डिजिटल सुरक्षा नियमों का पालन करना है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।

इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के स्थापना दिवस पर कर्मचारियों ने पूर्वज नेताओं को किया नमन

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09 जुलाई 1920 को हुई थी संगठन की स्थापना, 1955 में बना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन

नई दिल्ली/लखनऊ। बैंक कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और शोषण, अन्याय तथा अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के उद्देश्य से 09 जुलाई 1920 को स्थापित इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन ने गुरुवार को अपनी ऐतिहासिक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने संस्थापक नेताओं एवं पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

संगठन के इतिहास के अनुसार, 01 जुलाई 1955 को इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया किए जाने के बाद संगठन का नाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA) रखा गया। तब से यह संगठन बैंक कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए निरंतर संघर्षरत है।

इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि मोहन लाल मजूमदार, एम.आर. अवस्थी, निर्मल चौधरी, पी. लक्ष्मी नरशैया, शंकरदत्ता, सुरेश मेहरा, के.के. बंदलिश, जे.एन. कपूर, सोमेंद्र नाथ टैगोर, ज्योति घोष, सी.एल. राजा रत्नम, आर.ओ. शाह, वाई. तारक नाथ, पी.के. पटनायक, वी.के. गुप्ता, टी.एस. रामानुजम, सी. कट्टो और नरेंद्र कुमार पालीवाल जैसे समर्पित नेताओं के संघर्ष और नेतृत्व ने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी के युवा कर्मचारी भी संगठन की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। संगठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में न्याय, सम्मान और पारदर्शिता को भी मजबूत करना है।

स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में संगठन की एकता, संघर्ष और सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। कर्मचारियों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन भविष्य में भी हिमालय की तरह अडिग रहकर अन्याय और शोषण के विरुद्ध कर्मचारियों की आवाज़ बना रहे।

इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने SBISA, AISBISF और NCBE के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए संगठन की एकजुटता और नेतृत्व के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

नीट विवाद और कोचिंग का दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी

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– नेशनल टास्क फोर्स की अंतरिम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नेशनल टास्क फोर्स की अंतरिम रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट से जुड़े विवाद, कोचिंग संस्थानों का बढ़ता दबाव और पाठ्यक्रम में लगातार होने वाले बदलाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण हैं।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट की अध्यक्षता वाली नेशनल टास्क फोर्स ने 8 जून को अपनी अंतरिम रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया है कि मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और सफलता का दबाव मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को बढ़ा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कोचिंग संस्थानों की प्रतिस्पर्धी संस्कृति, लंबा अध्ययन समय और लगातार बेहतर प्रदर्शन का दबाव विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसके अलावा, पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में बार-बार किए जाने वाले बदलाव भी छात्रों में असमंजस और तनाव पैदा कर रहे हैं।
नेशनल टास्क फोर्स ने हालिया नीट विवाद को भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालने वाले महत्वपूर्ण कारणों में शामिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता और विवादों ने लाखों अभ्यर्थियों में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ाई।
टास्क फोर्स ने सुझाव दिया है कि छात्रों के लिए बेहतर मनोवैज्ञानिक सहायता प्रणाली विकसित की जाए, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और कोचिंग संस्कृति से जुड़े दबाव को कम करने के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाए जाएं।
नेशनल टास्क फोर्स की अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाने की संभावना है, जिसमें छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों को लेकर विस्तृत सिफारिशें शामिल होंगी।

अनुपम खेर की नई फिल्म ‘श्री रामभूमि’ की अयोध्या से हुई शुरुआत

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– रामलला के दर्शन कर लिया आशीर्वाद

अयोध्या। अभिनेता अनुपम खेर की आगामी फिल्म “श्री रामभूमि” की शूटिंग का शुभारंभ गुरुवार को अयोध्या में हुआ। शूटिंग के पहले दिन अनुपम खेर ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और फिल्म की सफलता, देश की समृद्धि तथा सभी लोगों के सुख-शांति की कामना की।

रामलला के दर्शन के बाद अनुपम खेर ने कहा कि अयोध्या की पावन भूमि पर आकर उन्हें अत्यंत सुखद और आध्यात्मिक अनुभूति हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने परिवार, मित्रों, फिल्म की पूरी टीम और देश-दुनिया के सभी लोगों के लिए भगवान श्रीराम से आशीर्वाद मांगा।

मंदिर परिसर में देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के बीच अनुपम खेर ने भी “जय श्री राम” के उद्घोष में सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण और श्रद्धालुओं की आस्था ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया।

अनुपम खेर ने कहा कि श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनकी नगरी अयोध्या से फिल्म की शुरुआत करना उनके जीवन का एक यादगार और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि “श्री रामभूमि” दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी और भारतीय संस्कृति, आस्था तथा मूल्यों का सशक्त संदेश देगी।

राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक पहचान बना चुकी है। ऐसे में इस पावन धाम से फिल्म की शूटिंग शुरू होना फिल्म जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर किए हमले

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– ट्रंप बोले— ‘इस बार लड़ाई लंबी नहीं चलेगी’

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रिपोर्टों के मुताबिक, हमले ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों और सामरिक ठिकानों पर किए गए। इनमें चाबहार, कोनारक, जस्क, बुशहर, अबू मूसा द्वीप, सिरिक, केशम द्वीप और बंदर अब्बास जैसे क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं। कई स्थानों पर विस्फोटों और ईरानी वायु रक्षा प्रणाली के सक्रिय होने की भी खबरें सामने आई हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बाद कहा कि अमेरिका ईरान की हालिया गतिविधियों का जवाब दे रहा है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि “ईरान के नेता बीमार मानसिकता वाले हैं। इस बार लड़ाई लंबी नहीं चलेगी और हम अपना काम जल्द खत्म कर देंगे।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि “मैं ईरान की किल लिस्ट में पहले नंबर पर हूं।”
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हमलों में ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों, तटीय रक्षा प्रणालियों और उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनका उपयोग होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों के लिए किए जाने का आरोप है।
दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने कई शहरों में विस्फोटों की पुष्टि की है और दावा किया है कि वायु रक्षा प्रणाली ने कई “शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों” को निशाना बनाया। ईरान की ओर से इन हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है, हालांकि विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
लगातार दूसरे दिन हुए इन हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।