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Friday, May 1, 2026
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होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अप्रैल 2026 में 5.63 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की

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17% YoY वृद्धि दर्ज की गई

लखनऊ : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आज अप्रैल 2026 के लिए अपनी सेल्स परफॉर्मेंस की घोषणा की। अप्रैल 2026 में कंपनी की कुल सेल्स 5.63 लाख यूनिट्स रही, जबकि अप्रैल 2025 में यह 4.80 लाख यूनिट्स थी, जो साल-दर-साल 17% की बढ़ोतरी दिखाती है।

अप्रैल 2026 में, घरेलू सेल्स 4.84 लाख यूनिट्स रही, जबकि अप्रैल 2025 में यह 4.22 लाख यूनिट्स थी, जो 14.7% की बढ़ोतरी दिखाती है। अप्रैल 2026 में एक्सपोर्ट 0.796 लाख यूनिट्स था, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 0.579 लाख यूनिट्स था, जो 37.4% की बढ़ोतरी दिखाता है।

परफॉर्मेंस पर कमेंट करते हुए, एचएमएसआई के प्रेसिडेंट और सीईओ, त्सुत्सुमु ओटानी ने कहा, “अप्रैल की परफॉर्मेंस को आगे बढ़ाते हुए, हम डिसिप्लिन्ड और लगातार एग्जीक्यूशन के ज़रिए कस्टमर का भरोसा मज़बूत करना जारी रखे हुए हैं। टू-व्हीलर मार्केट में डिमांड सभी सेगमेंट में मज़बूत बनी हुई है। हम मार्केट के डायनामिक्स के हिसाब से तेज़ी से रिस्पॉन्ड करते रहेंगे, साथ ही सस्टेनेबल और स्टेबल ग्रोथ देने पर फोकस करेंगे।

एक मज़बूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और देश भर में हमारे डीलर पार्टनर्स के सपोर्ट से, हम लॉन्ग-टर्म एंटरप्राइज वैल्यू बढ़ाने के लिए कमिटेड हैं।” एचएमएसआई अपने मज़बूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और 7000 से ज़्यादा टचपॉइंट्स के मज़बूत देशव्यापी नेटवर्क के ज़रिए लगातार ग्रोथ कर रहा है।

पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर होगी कल दोबारा वोटिंग, गड़बड़ी के लगे थे आरोप

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कोलकाता: गड़बड़ी की तमाम शिकायतों के बाद आखिरकार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की दो विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर री-पोलिंग का आदेश दे दिया है। यह री-पोलिंग शनिवार को सुबह 7 बजे से से होगी। इन बूथों पर मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायत हुई थी। विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की सिफारिश के बाद चुनाव आयोग (election Commission) ने यह आदेश दिया है।

चुनाव आयोग के अनुसार डायमंड हार्बर में 4 बूथ.. 117, 179, 194, 243 पर और मगराहाट वेस्ट में बूथ नंबर 46, 126, 127, 128, 142, 214, 215, 216, 230, 231 और 232 पर शनिवार को री-पोलिंग होगी। हालांकि, कमीशन ने अभी तक फलता में ईवीएम में टेप चिपकाने के आरोप को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।

चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना में मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 पोलिंग स्टेशनों और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया है। कमीशन के 1 मई 2026 के आदेश के अनुसार, दोबारा वोटिंग 2 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। यह फैसला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 29 अप्रैल 2026 को हुई वोटिंग के बारे में संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर और ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के बाद लिया गया।

कमीशन ने कहा कि पहचाने गए पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग को रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 के सेक्शन 58(2) के तहत रद्द कर दिया गया है, और नए सिरे से वोटिंग का आदेश दिया गया है। प्रभावित पोलिंग स्टेशनों में मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर के कई बूथ शामिल हैं, और आयोग ने कहा है कि दोबारा वोटिंग उसके निर्देशों के अनुसार सख्ती से कराई जाए।

 

दिल्ली पुलिस की वर्दी पर लगा दाग, 50 लाख की डकैती की साजिश रचने वाला कांस्टेबल गिरफ्तार!

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार अपराधी कोई और नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के अंदर तैनात एक कांस्टेबल (constable) है, जिसे 50 लाख रुपये की लूट के आरोप में गिरफ्तार (arrested) किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि एक दिल्ली पुलिस कांस्टेबल एक बड़ी डकैती में शामिल पाया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लगभग 50 लाख रुपये की लूट के इस मामले में, अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस की पांचवीं बटालियन में तैनात कांस्टेबल समय सिंह मीना को गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 31 मार्च को कुछ बदमाशों ने आज़ाद मार्केट अंडरपास के पास एक चलती ऑटो-रिक्शा को रोककर उसमें रखी भारी रकम लूट ली। इस अपराध को चार आरोपियों ने अंजाम दिया था। जांच के दौरान, पुलिस ने अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य साजिशकर्ता समय सिंह मीना घटना के बाद से फरार था।

जांच में पता चला कि 2009 बैच के कांस्टेबल समय का आपराधिक रिकॉर्ड था, जिसके खिलाफ सराय रोहिल्ला और चांदनी महल पुलिस स्टेशनों में पहले से तीन मामले दर्ज थे। पूर्व के मामलों में कथित संलिप्तता के बावजूद, वह दिल्ली पुलिस में कार्यरत रहे। 50 लाख रुपये की डकैती के मामले में उनका पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया गया।

अंततः उसका पता राजस्थान के दौसा में चला, जहाँ वह छिपा हुआ था। पुलिस की एक टीम ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। अकेले मार्च में ही उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 50 लाख रुपये से अधिक की डकैती को अंजाम दिया।

अपराध करने के बाद वह छिप गया, जबकि उसके साथियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अब मीना से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य अपराधों में उसकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली पुलिस में जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

 

 

निजी कोचिंग सेंटरों की मनमानी की शिकायत, प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा

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✓सिक्योरिटी अमाउंट के नाम पर वसूली
✓ टैक्स चोरी के आरोप
✓ मानकविहीन बिल्डिंग और फीस में अपारदर्शिता
✓ निजी कोचिंग सेंटरों पर गंभीर सवाल

फरीदाबाद / पलवल | संवाददाता: जिले में संचालित कुछ निजी कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभिभावकों और छात्रों द्वारा गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों में कोचिंग संचालकों पर मनमानी शुल्क वसूली, अवैध सिक्योरिटी अमाउंट लेने और मानकों की अनदेखी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई है, जिस पर अधिकारियों ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ निजी कोचिंग सेंटर छात्रों से एडमिशन के समय फीस के अलावा अलग से “सिक्योरिटी अमाउंट” के नाम पर मोटी रकम जमा करवा रहे हैं। आरोप है कि इस राशि को लेकर न तो कोई स्पष्ट लिखित नियम दिए जाते हैं और न ही समय पर इसकी वापसी सुनिश्चित की जाती है। इससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है।

इसके अलावा, कई कोचिंग सेंटर मानकविहीन इमारतों में संचालित हो रहे हैं। संकरी जगहों में बड़ी संख्या में छात्रों को बैठाया जा रहा है, जहां ना तो पर्याप्त वेंटिलेशन है और ना ही सुरक्षा के जरूरी इंतजाम। फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जो किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

शिकायतों में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग संस्थान फीस वसूली में पारदर्शिता नहीं रखते। कई बार फीस कर्मचारियों के व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर करवाई जाती है या किसी अन्य क्यू आर कोड के माध्यम से ली जाती है, जिससे लेन-देन का सही रिकॉर्ड नहीं बन पाता। वहीं, कर्मचारियों को वेतन नकद में दिए जाने की भी बात सामने आई है, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।

टैक्स और जीएसटी से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ संस्थान वास्तविक छात्र संख्या को कम दिखाकर अपनी आय छिपाने का प्रयास करते हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान होता है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि कोचिंग सेंटरों की भौतिक जांच कर सुरक्षा मानकों और वित्तीय प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा के नाम पर इस तरह की अनियमितताएं न केवल छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में समय रहते सख्त कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।

आंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़ के बाद बवाल, विरोध करने पर दलित युवक से मारपीट, कई पर मुकदमा दर्ज

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एटा

जनपद के मिरहची थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़िया गांव में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ के बाद तनाव का माहौल बन गया। इस मामले में पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने दलित समुदाय के लोगों के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है।
घटना 24 अप्रैल की बताई जा रही है, जब गांव में एक बारात आई हुई थी। इसी दौरान कुछ शरारती तत्व आंबेडकर पार्क में पहुंचे और वहां स्थापित संविधान निर्माता की प्रतिमा के चेहरे को खरोंचकर उसे क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मिरहची थानाध्यक्ष नीतू वर्मा ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं के खर्च पर प्रतिमा की रंगाई-पुताई कराकर उसे पुनः ठीक कराया, जिससे माहौल को शांत करने का प्रयास किया गया। वहीं पीड़ित दलित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
लेकिन शुक्रवार को मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया, जब मुकदमा दर्ज होने से नाराज कुछ दबंग किस्म के लोगों ने दोबारा आंबेडकर पार्क के गेट को तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान गांव निवासी संतोष के पुत्र अभिषेक जाटव ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए उसके साथ मारपीट कर दी। इस घटना से गांव में एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित अभिषेक जाटव की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

अवैध हथियार के साथ युवक गिरफ्तार, 315 बोर राइफल व कारतूस बरामद

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कासगंज

अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पटियाली थाना पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 315 बोर की राइफल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देश और क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान की गई।
पुलिस द्वारा शुक्रवार शाम जारी प्रेस नोट के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को पटियाली थाना क्षेत्र की पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी सूचना के आधार पर ग्राम गौड़ा निवासी अमित कुमार पुत्र राम सिंह को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध 315 बोर की राइफल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसे वह बिना किसी वैध लाइसेंस के अपने पास रखे हुए था।
बरामदगी के आधार पर पटियाली थाने में आरोपी अमित कुमार के खिलाफ मु०अ०सं० 100/26 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक अजयवीर सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मून्नालाल, हेड कांस्टेबल अवनीश कुमार और कांस्टेबल राकेश कुमार की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनपद में अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम रखा जा सके।