फतेहपुर
एक घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है। जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और वकीलों ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए महिला एलआईयू कर्मी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि कलेक्ट्रेट परिसर में ड्यूटी पर तैनात महिला एलआईयू कर्मी का व्यवहार अनुचित था, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के कर्मी अधिवक्ताओं से उलझने लगी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव ने बताया कि अधिवक्ता सांसद नरेश उत्तम के कानपुर स्थित आवास पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए गए घेराव और कथित अभद्रता के विरोध में ज्ञापन देने गए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही जिलाधिकारी को सूचित कर दिया गया था।
बाबू सिंह यादव के अनुसार, अधिवक्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुंचे थे, लेकिन मौके पर मौजूद महिला एलआईयू कर्मी लगातार उनसे बहस करती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार समझाने के बावजूद कर्मी का रवैया नहीं बदला।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता का समर्थन नहीं करते। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं और प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
वकीलों ने मांग की है कि संबंधित महिला कर्मी को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में उसकी ड्यूटी कलेक्ट्रेट परिसर में न लगाई जाए, ताकि इस तरह के विवादों की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।








