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Friday, July 10, 2026
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फंड्स इंडिया का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 30,000 करोड़ रुपये के पार

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नई दिल्ली: फंड्सइंडिया का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 30,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इससे पहले कंपनी ने इसी साल 25,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था, और यह 20,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार करने के लगभग 11 महीने बाद हुआ है।

इस वृद्धि के पीछे किसी एक बड़े निवेश या बाजार की किसी एक अनुकूल स्थिति का योगदान नहीं है। यह वृद्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि खुदरा निवेशकों ने अपने एसआईपी निवेश बढ़ाए, आईएफए साझेदारों ने अपनी वित्तीय सलाहकार सेवाओं का दायरा विस्तृत किया, और प्राइवेट वेल्थ कारोबार ने कम समय में ही संपन्न और एचएन आई ग्राहकों का भरोसा जीतकर तेज़ी से विकास किया।

भारत में अलग-अलग आय वर्गों और शहरों के निवेशक अब ऐसी निवेश सलाह चाहते हैं, जो सिर्फ अच्छे बाजार के समय ही नहीं, बल्कि अनिश्चित परिस्थितियों में भी उनके लिए भरोसेमंद साबित हो। फंड्सइंडिया ऐसा प्लेटफॉर्म और सलाहकार क्षमता विकसित कर रहा है, जो गहन रिसर्च और तकनीक को जोड़कर पहली बार निवेश करने वाले टियर-2 शहर के निवेशक से लेकर महानगर के अनुभवी निवेशक तक, सभी के लिए उपयोगी बनाता है।

कंपनी के तीनों प्रमुख कारोबार—डी2सी, पार्टनर और प्राइवेट वेल्थ ने अपने-अपने तरीके से मजबूत पहचान बनाई है। डी2सी कारोबार ने अधिक निवेशकों को केवल निवेश की सोच तक सीमित रहने के बजाय वास्तव में निवेश शुरू करने और एकमुश्त निवेश से आगे बढ़कर नियमित एसआईपी निवेश अपनाने में मदद की है। पार्टनर वर्टिकल ने आईएफए और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेहतर रिसर्च और आधुनिक तकनीकी टूल उपलब्ध कराए हैं, जिससे वे अपने ग्राहकों को अधिक भरोसे के साथ सलाह दे सकें। वहीं, प्राइवेट वेल्थ कारोबार ने मजबूत रिश्तों और विश्वास के आधार पर तेज़ी से अपनी पहचान बनाई है।

आज फंड्सइंडिया पूरे भारत में लगभग 30 लाख निवेशकों को सेवाएं दे रहा है। इनमें से करीब 71.79% निवेशक प्रमुख महानगरों के बाहर के शहरों से हैं। यह दर्शाता है कि सुनियोजित निवेश अब धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से कहाँ अपनी जगह बना रहा है।

इस उपलब्धि पर फंड्सइंडिया के ग्रुप सीईओ, अक्षय सप्रू ने कहा:

“30,000 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक मायने यह रखता है कि हमने यह मुकाम कैसे हासिल किया। खासकर पिछले कुछ महीनों में बाजार ने निवेशकों के भरोसे और धैर्य की कड़ी परीक्षा ली है। हमने यह सफलता एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए हासिल की है, हर निवेशक के साथ मजबूत रिश्ता बनाकर और हर सलाहकार व साझेदार के साथ भरोसेमंद संवाद कायम करते हुए हमने यह सफर तय किया है। हमारा मानना है कि लंबे समय तक स्थायी विकास के लिए यही सबसे जरूरी है।

हमारे कारोबार के तीनों हिस्से इस विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारा प्राइवेट वेल्थ कारोबार इस वृद्धि की अगुवाई कर रहा है, जो यह साबित करता है कि एक बार एचएनआई ग्राहक का भरोसा जीत लेने पर उसके परिणाम बेहद सकारात्मक होते हैं। हमारा डी2सी प्लेटफॉर्म खुदरा निवेशकों के लिए निवेश शुरू करने की प्रक्रिया को और आसान बना रहा है। वहीं, हमारे पार्टनर्स लगातार अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी बन रहे हैं। यही संतुलित विकास हमें किसी एक आंकड़े से कहीं अधिक, आने वाले चरण को लेकर भरोसा देता है।

अभी हमें लंबा सफर तय करना है। भारतीय निवेशक अब पहले से अधिक जागरूक हैं और वे केवल बेहतर रिटर्न ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की भी अपेक्षा रखते हैं। यही हमें लगातार बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। हमारा उद्देश्य रिसर्च, तकनीक और सलाहकार क्षमताओं को लगातार मजबूत करना है, ताकि हम निवेशकों का भरोसा जीतते रहें। साथ ही, हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि विकास की गति के साथ गुणवत्ता और सुशासन से कोई समझौता न हो। आज हम जहां हैं, उसके लिए आभारी हैं और इस बात से भी पूरी तरह अवगत हैं कि हमें अभी बहुत आगे तक जाना है।”

वेस्टब्रिज कैपिटल के समर्थन से फंड्सइंडिया अपनी तकनीकी और डेटा अवसंरचना में लगातार निवेश कर रहा है। साथ ही, कंपनी एआई और एनालिटिक्स क्षमताओं को भी मजबूत बना रही है, ताकि निवेश संबंधी सलाह को अधिक व्यक्तिगत, और बड़े स्तर पर सभी के लिए आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। वर्तमान में 1,260 पेशेवरों की टीम के साथ, कंपनी अगले चरण की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने कार्यबल का लगातार विस्तार कर रही है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद भी फंड्सइंडिया की प्राथमिकता वही बनी हुई है, अधिक से अधिक भारतीयों को स्पष्टता, निरंतरता और भरोसे के साथ निवेश करने में सक्षम बनाना, साथ ही आईएफए और सलाहकार समुदाय को ऐसे प्रभावी साधन उपलब्ध कराना, जिनकी मदद से वे भी अपने ग्राहकों के लिए भी ऐसा ही कर सकें।

ईसाइयों पर हमलों को लेकर आप का केंद्र पर हमला, संजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

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लखनऊ: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने देश में ईसाई समुदाय (Christians) और उनके प्रार्थना स्थलों पर कथित बढ़ते हमलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इन घटनाओं को संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और भारत की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इतिहास

शुक्रवार को प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में संजय सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में ईसाई समुदाय के लोगों और चर्चों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मामलों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी क्यों है। संजय सिंह ने कहा, “क्या इस देश में ईसाई धर्म के लोगों को रहने का हक नहीं है? चर्चों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आप सांसद ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में पुलिस हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों पर ही धर्मांतरण के आरोप लगाकर मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानूनों का दुरुपयोग कर निर्दोष पादरियों और श्रद्धालुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे तत्काल रोका जाना चाहिए।

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से हमलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ितों को न्याय और धर्मांतरण विरोधी कानूनों के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 सभी नागरिकों को अपने धर्म को मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देते हैं तथा सरकार का दायित्व है कि वह हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को प्रधानमंत्री से चुप्पी नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है।

देवरिया हत्याकांड पर अखिलेश का BJP सरकार पर हमला, बोले- पीड़ितों को नहीं मिल रहा न्याय

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने देवरिया (Deoria) में युवक राजू विश्वकर्मा की हत्या और उनके परिजनों पर हुए हमले को लेकर भाजपा सरकार (BJP government) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अन्याय, अत्याचार और भेदभाव चरम पर है तथा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को पार्टी की तरफ से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि देवरिया में पीडीए समाज के युवक राजू विश्वकर्मा की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि युवक को बचाने पहुंचे उसके छह परिजनों पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी के नेता एवं प्रवक्ता इंजीनियर संदीप विश्वकर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तब प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें अभद्रता का सामना करना पड़ा और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में पीडीए समाज पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि सत्ता के संरक्षण में अपराधी और दबंग गरीबों एवं कमजोर वर्गों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हर दिन हत्या तथा हिंसा जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार में “अंश मात्र भी लोक-लाज” बची है तो उसे इस मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। अन्यथा सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि वह अन्याय और अत्याचार पर अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पीड़ितों और गरीबों को वास्तविक न्याय तभी मिलेगा, जब भाजपा सरकार सत्ता से बाहर होगी।

 

राष्ट्रगीत पहले, फिर राष्ट्रगान: केंद्र सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के गायन एवं वादन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 9 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों प्रस्तुत किए जाएंगे, वहां सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ गाया या बजाया जाएगा।

नई गाइडलाइन सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को भेजी गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों के औपचारिक राजकीय कार्यक्रमों, नागरिक सम्मान समारोहों, राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े आयोजनों तथा केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के गायन का निर्धारित प्रोटोकॉल अपनाया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान प्रस्तुत करते समय सही शब्दों, उच्चारण और निर्धारित धुन का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके लिए मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अधिकृत शब्दावली और उच्चारण संबंधी मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन राज्यों में राज्य गीत भी गाया जाता है, वहां यदि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का गायन हो तो पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन-गण-मन’ प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को सम्मानपूर्वक सावधान की मुद्रा में खड़ा रहना होगा।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय इससे पहले 28 जनवरी 2026 को भी राष्ट्रगीत के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर चुका था। केंद्र सरकार इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी मना रही है। सरकार ने दोहराया है कि संविधान सभा के 24 जनवरी 1950 के प्रस्ताव के अनुसार ‘जन-गण-मन’ भारत का राष्ट्रगान है, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले ‘वंदे मातरम्’ को समान सम्मान प्राप्त है।

दो बार थाने से लौटाई गई पीड़िता, बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ अपहरण का मुकदमा

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जहानगंज (फर्रुखाबाद)। पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत लेकर पहुंची पीड़िता की मां को आरोप है कि दो बार थाना जहानगंज से बिना मुकदमा दर्ज किए वापस लौटा दिया गया। मामला तूल पकड़ने और बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 9 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे उनकी करीब 15 वर्षीय बेटी को युवक अरबाज पुत्र फजीर अहमद बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शिकायत में अरमान, आजम, फजीर अहमद और परवीन पर भी घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे लगातार थाना जहानगंज के चक्कर लगाते रहे, लेकिन दो बार शिकायत के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजय वर्मा के निर्देशन में कराई जा रही है। वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। अगर शुरुआती शिकायत पर ही कार्रवाई होती, तो मामले को लेकर इतना विवाद खड़ा नहीं होता। हिन्दू नेता अंकुल गुप्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराजगी जाहिर की और कहा की पीड़िता को न्याय दिलाकर रहेंगे।

40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचे पीएम मोदी

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अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को मिलेगी नई दिशा

ऑकलैंड/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत स्वयं न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पर किया। यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला न्यूजीलैंड दौरा है। इस यात्रा को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर न्यूजीलैंड में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ऑकलैंड और आसपास के इलाकों में सैकड़ों पुलिसकर्मियों, स्थानीय खुफिया एजेंसियों, बम निरोधक दस्तों, स्नाइपर्स, स्निफर डॉग्स, स्पेशल एंटी-टेरर स्क्वाड और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रमुख मार्गों, होटल, बैठक स्थलों और भारतीय समुदाय के कार्यक्रमों को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन घोषित किया गया है। कई इमारतों की छतों पर स्नाइपर्स तैनात हैं, जबकि हर गतिविधि पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह न्यूजीलैंड में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख के लिए अब तक की सबसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित विरोध-प्रदर्शनों और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती है।

दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, कृषि, शिक्षा, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत होगी। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देगा तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्राएं पूरी कर चुके हैं। इंडोनेशिया में दोनों देशों के बीच 14 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जबकि ऑस्ट्रेलिया में रक्षा, व्यापार, खेल और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।