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Monday, June 22, 2026
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अंधविश्वास में लड़ते रहे दो गांव के लोग, थाना प्रभारी ने खुद दिया अर्थी को कांधा, कराया अंतिम संस्कार

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लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा (Lohardaga) में पुलिस की कर्तव्य निष्ठा और मानवता का एक अलग रूप देखने को मिला है। सेन्हा थाना क्षेत्र में एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर उपजा विवाद पुलिस की सक्रियता और मानवीय पहल से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। दो गांव के ग्रामीणों (Villagers) के बीच एक शव के अंतिम संस्कार को लेकर हुए विवाद को थाना प्रभारी नीरज झा ने सुलझाते हुए खत्म कराया।

सिर्फ हालात को शांत ही नहीं कराया बल्कि स्वयं शव को कंधा देकर अंतिम संस्कार में सहयोग किया। इस सराहनीय उनके काम को लेकर क्षेत्रभर में खूब प्रशंसा हो रही है। पुलिस की कर्तव्य निष्ठा और मानवता का एक अलग रूप देखने को मिला है। मामला है सेन्हा थाना क्षेत्र के अलौदी और पारही डांड़ी टोली के ग्रामीणों के बीच एक शव जलाने की बात पर विवाद उत्पन्न हो गया था। दोनों ही पक्ष आदिवासी समुदाय के थे पर फर्क सिर्फ इतना था कि दोनों पक्ष अलग-अलग गांव के थे।

पारही डांड़टोली में एक वृद्ध व्यक्ति का मृत्यु होने के बाद परिजन और ग्रामीणों द्वारा गांव के श्मसान घाट में शव को जलाने की तैयारी की जा रही थी। उसी समय अलौदी के ग्रामीणों ने श्मसान घाट में पहुंचकर शव को वहां जलाने से रोकते हुए विवाद खड़ा कर दिया। अलौदी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर दूसरे गांव का शव जलाने से गांव मे भूत प्रेत, आत्माओं का प्रकोप बढ़ता है। सीमा को लेकर ग्रामीणों के बीच बहस छिड़ गयी। ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं थे।

सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नीरज झा दल बल के साथ श्मशान घाट पंहुचे और दोनों पक्षों को समझ कर विवाद शांत कराते हुए वे ग्रामीणों के साथ श्मशान घाट तक गए। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को पूरा कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों गांवों के ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाया कि अंधविश्वास के आधार पर किसी मृतक के अंतिम संस्कार में बाधा उत्पन्न करना उचित नहीं है।

 

सम्भव अभियान 6.0 की तैयारियां पूरी, कुपोषण मुक्त फर्रुखाबाद बनाने को तेज हुए प्रयास, डीएम डॉ अंकुर लाठऱ नें खुद संभाली कमान

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– डीएम डॉ अंकुर लाठऱ नें खुद संभाली कमान
– बोलीं लापरवाही बर्दास्त नहीं

फर्रुखाबाद। जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बार फिर व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार जून से सितंबर तक संचालित होने वाले सम्भव अभियान 6.0 की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान का उद्देश्य गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान की कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया है।

अभियान के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत वजन और लंबाई मापन कराया जाएगा। गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा तथा उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराकर उन्हें कुपोषण की गंभीर श्रेणी से बाहर लाने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, वृद्धि निगरानी और पोषण ट्रैकर ऐप पर आंकड़ों का नियमित फीडिंग कार्य भी किया जाएगा। छह माह से अधिक आयु के बच्चों के अभिभावकों को पूरक आहार, संतुलित पोषण और शिशु देखभाल संबंधी जानकारी देकर जागरूक किया जाएगा।
जनपद ने पिछले वर्षों में इस अभियान के प्रभावी संचालन में प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2024 में जनपद को प्रदेश में चौथा स्थान और वर्ष 2025 में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। अब वर्ष 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

हाल ही में सम्भव अभियान 5.0 में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी शमसाबाद मीनाक्षी सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सोनी शर्मा तथा सहायिका मालती शर्मा को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया था। यह सम्मान महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य द्वारा प्रदान किया गया।

जनपद स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सम्मानित करते हुए कहा कि समन्वित कार्ययोजना, जनसहभागिता और प्रभावी निगरानी के माध्यम से फर्रुखाबाद को इस वर्ष प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में सम्भव अभियान 6.0 की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई तथा ग्राम पंचायत स्तर तक जनजागरूकता बढ़ाने, स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के बेहतर समन्वय और अभियान के सफल संचालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषण के कारण पीछे न रह जाए और प्रत्येक परिवार तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचे।

लखनऊ अग्निकांड: एकल आवास का नक्शा पास, खड़ी हो गई चार मंजिला इमारत!

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– हादसे ने खोली निर्माण और निगरानी तंत्र की पोल

लखनऊ। अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब इमारत के निर्माण और स्वीकृत मानकों को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस भवन में यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसके लिए कथित तौर पर केवल एकल आवास का नक्शा स्वीकृत कराया गया था, जबकि मौके पर चार मंजिला व्यावसायिक स्वरूप की इमारत खड़ी कर दी गई।

सूत्रों के मुताबिक भवन स्वामी वीपी शुक्ला द्वारा स्वीकृत मानकों से कहीं अधिक निर्माण किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। हादसे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि यदि भवन का उपयोग आवासीय श्रेणी के लिए स्वीकृत था, तो उसमें व्यावसायिक गतिविधियां और कोचिंग संस्थान किस आधार पर संचालित हो रहे थे।

लखनऊ अग्निकांड ने केवल अग्नि सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि निर्माण स्वीकृति, नक्शा पासिंग और निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यदि भवन नियमों के विपरीत तैयार किया गया था तो संबंधित विभागों द्वारा समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई? यह सवाल अब जनचर्चा का विषय बन गया है।
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि कई शहरों में आवासीय भवनों को बाद में व्यावसायिक उपयोग में बदल दिया जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने लगती है। संकरी सीढ़ियां, सीमित निकास मार्ग, अपर्याप्त पार्किंग और अग्निशमन संसाधनों की कमी किसी भी आपदा को भयावह बना सकती है।
हादसे के बाद प्रशासन ने भवन निर्माण से जुड़े दस्तावेजों, नक्शों और स्वीकृतियों की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि भवन निर्माण और उपयोग परिवर्तन से संबंधित नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

रेलवे रोड चौकी प्रभारी लाइन हाजिर

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फर्रुखाबाद। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के आदेश पर रेलवे रोड चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कल्पेश चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आदेश मिलते ही कोतवाली पुलिस ने उन्हें पुलिस लाइन के लिए रवाना कर दिया। हालांकि अधिकारियों ने कार्रवाई के पीछे के कारणों पर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।

जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक कल्पेश चौधरी पूर्व में भी विभिन्न थानों और चौकियों पर तैनात रह चुके हैं। इससे पहले उन्हें थाना मऊदरवाजा से भी लाइन हाजिर किया गया था। वह थाना कंपिल, थाना जहानगंज तथा पांचाल घाट चौकी में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
रेलवे रोड चौकी पर तैनाती के दौरान उनका कार्यकाल कई कारणों से चर्चा में रहा। क्षेत्र में कार्यशैली को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे। हाल के दिनों में चौकी क्षेत्र से जुड़े कुछ मामलों और विवादों के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई थी।

कतर: गैस प्लांट में हुए भीषण धमाके में भारतीयों समेत 13 की मौत, 66 घायल, कई लोग लापता

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कतर: कतर (Qatar) के प्रमुख गैस संयंत्र रास लफ्फान (Ras Laffan major gas plant) में हुए भीषण धमाके में भारतीय नागरिकों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 अन्य घायल हो गए। यह हादसा रविवार रात उस समय हुआ, जब कई महीनों से बंद पड़े प्लांट को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया चल रही थी। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी 18 लोग लापता हैं और उनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

घटना के बाद दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है। हालांकि दूतावास ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मृतकों में कितने भारतीय शामिल हैं। दूतावास ने नागरिकों से किसी भी सहायता के लिए +974-55647502, +974-55384683 पर संपर्क करने या cons.doha@mea.gov.in पर ईमेल भेजने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिडा अल-काबी ने सोमवार को विस्फोट की पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक, राहतकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं और घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी के अनुसार, विस्फोट प्लांट की रीस्टार्ट प्रक्रिया के दौरान हुआ। शुरुआती जांच में इसे औद्योगिक दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

रास लफ्फान गैस संयंत्र को मार्च में ईरानी मिसाइल हमलों के बाद बंद कर दिया गया था। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़े क्षेत्रीय तनाव का भी उत्पादन पर असर पड़ा था। हाल के दिनों में हालात सामान्य होने के बाद गैस उत्पादन फिर से शुरू करने की तैयारी चल रही थी।रास लफ्फान कतर की सबसे महत्वपूर्ण गैस सुविधाओं में गिना जाता है। यह संयंत्र देश के बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाले संयंत्रों को गैस आपूर्ति करता है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

 

 

अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान जारी, कमालगंज क्षेत्र में दबिश देकर लहन नष्ट

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फर्रुखाबाद। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी जी.पी. गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को कमालगंज क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।

अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 रीता वर्मा ने अपनी टीम के साथ थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर मझगांव में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान लगभग 10 किलोग्राम लहन बरामद कर मौके पर ही नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से संबंधित गतिविधियों की भी जांच की।

इसके बाद आबकारी टीम ने विभिन्न अनुज्ञापित मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। कम्पोजिट मदिरा दुकानों में खुदागंज और कमालगंज तथा देशी मदिरा दुकानों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन किया गया।

निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, बिक्री अभिलेखों और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की जांच की गई। संबंधित अनुज्ञापियों को निर्देश दिए गए कि सभी अभिलेख अद्यतन रखें तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।

आबकारी विभाग की टीम ने दुकानों पर उपलब्ध मदिरा का रिकॉर्ड से मिलान किया और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क निगरानी बनाए रखने और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।

जिला आबकारी अधिकारी जी.पी. गुप्ता ने बताया कि जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और परिवहन के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।