कोलकाता
पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर मे आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले आयोजित इस रैली में उन्होंने जहां भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं मंच के पास मौजूद पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नाराजगी भी जाहिर की।
रैली को संबोधित करते समय अचानक गृह मंत्री की नजर मंच के समीप तैनात वेस्ट बंगाल पुलिस के कुछ कर्मियों पर पड़ी। उनकी हरकतों से भाषण में व्यवधान उत्पन्न होता देख अमित शाह ने अपना संबोधन बीच में ही रोक दिया और माइक से ही पुलिसकर्मियों को पीछे हटने के लिए कहा। उन्होंने ऊंची आवाज में निर्देश देते हुए व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। इस दौरान सभा में मौजूद समर्थकों ने भी शोर मचाकर उनका समर्थन किया। यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव में तृणमूल समर्थित तत्व हिंसा कर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गृह मंत्री ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी ममता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकार है, लेकिन कहीं भी महिलाओं को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह नहीं दी जाती। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
इसके साथ ही अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो तृणमूल कांग्रेस से जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव राज्य के भविष्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।






