33.5 C
Lucknow
Tuesday, March 3, 2026
Home Blog

मुंबई: ज्वेलरी शॉप को चोरो ने बनाया निशाना, 7.88 करोड़ के सोने चोरी, 3 गिरफ्तार 1 फरार

0

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई (Mumbai) के बोरीवली (Borivali) इलाके में करोड़ों रुपये की चोरी से हड़कंप मच गया। एक ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाकर चोर करीब 5 किलो सोना ले उड़े। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस वारदात में अंदरूनी मिलीभगत शामिल थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लेकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। मुंबई के बोरीवली में मौजूद माय गोल्ड प्वाइंट ज्वेलरी शॉप से 7.88 करोड़ रुपये का सोना चोरी हो गया। इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया।

हालांकि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, एक नाबालिग भी हिरासत में है, लेकिन एक आरोपी फरार चल रहा है। मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित आईसी कॉलोनी में ‘माय गोल्ड प्वाइंट’ नाम की ज्वेलरी दुकान में यह बड़ी चोरी हुई। यह इलाका मुंबई के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में गिना जाता है। घटना 13 और 14 जनवरी 2026 की दरमियानी रात की है। सुबह जब दुकान खुली तो शोकेस खाली मिले और लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों का सोना गायब था। चोरी किए गए गहनों की कीमत बाजार में करीब 7 करोड़ 88 लाख रुपये बताई जा रही है।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुकान का ताला तोड़ने के बजाय डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया। इसी वजह से पहली नजर में कोई जबरन घुसपैठ के निशान नहीं मिले। आरोपियों ने बड़ी सफाई से शोकेस में रखे करीब 5 किलो सोने के आभूषण समेटे और फरार हो गए।

घटना के तुरंत बाद दुकान के दो कर्मचारी अचानक गायब हो गए, जिससे शक और गहरा गया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और जांच तेज कर दी, जांच में पता चला कि दुकान बंद करने और चाबी संभालने की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों के पास थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर डुप्लीकेट चाबी बनाई गई और वारदात को अंजाम दिया गया। अंदरूनी मिलीभगत की पुष्टि के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की।

जांच में एक नाबालिग की भूमिका भी सामने आई, जिसे हिरासत में लेकर ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि बाकी सोना बरामद करने के लिए पूछताछ जारी है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गणपत चदाना (26) और किशनलाल उर्फ भैरू बगालाल रेबारी (21) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने अहम खुलासे किए हैं, उनकी निशानदेही पर अब तक 3 किलो 100 ग्राम सोना बरामद किया जा चुका है।

जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आरोपी को भागने में उसके साथियों ने वाहन और अन्य संसाधनों की मदद दी थी। पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय नेटवर्क के जरिए आरोपी को पकड़ने की कोशिश जारी है। पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। आशंका है कि उसके पास करीब 4 किलो सोना मौजूद है।

 

अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राहुल गांधी ने केंद्र से स्पष्ट रुख अपनाने का किया आग्रह

0

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को अमेरिका (US), इज़राइल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया का यह नाजुक क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर धकेला जा रहा है और उन्होंने भारत सरकार से नैतिक रूप से स्पष्ट और सुसंगत रुख अपनाने का आह्वान किया।

बढ़ते तनाव के बीच जारी एक बयान में, लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा, “अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से यह नाजुक क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। लगभग एक करोड़ भारतीयों सहित करोड़ों लोग अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।” उन्होंने खाड़ी देशों और व्यापक मध्य पूर्व में रहने वाले बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को रेखांकित किया।

सुरक्षा चिंताओं को वास्तविक मानते हुए, कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और भी बदतर बना देंगे।” “ईरान पर एकतरफा हमले, साथ ही ईरान द्वारा अन्य मध्य पूर्वी देशों पर किए गए हमले, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। हिंसा से हिंसा ही उत्पन्न होती है – संवाद और संयम ही शांति का एकमात्र मार्ग है।”

ये टिप्पणियाँ पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के समय आई हैं, जहाँ जवाबी हमलों और व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव की आशंकाएँ हैं। भारत ने परंपरागत रूप से इस क्षेत्र के कई हितधारकों के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखे हैं, इज़राइल, ईरान और अरब देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखते हुए लगातार तनाव कम करने और संवाद की वकालत की है।

राहुल गांधी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की विदेश नीति स्थापित सिद्धांतों पर आधारित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए। हमें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा में खुलकर बोलने का साहस होना चाहिए। हमारी विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है और इसे सुसंगत रहना चाहिए।”

सरकार से सीधे अपील करते हुए गांधी ने प्रधानमंत्री से भारत का रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को बोलना चाहिए। क्या वे विश्व व्यवस्था को परिभाषित करने के तरीके के रूप में किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं? अब चुप्पी भारत की विश्व में प्रतिष्ठा को कम करती है।”

यह बयान विपक्ष की ओर से सरकार पर दबाव बनाने का संकेत है, ताकि भारत के लिए कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी गंभीर परिस्थितियों के बीच सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के लिए बाध्य किया जा सके। केंद्र सरकार ने अब तक क्षेत्र में संयम और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है, साथ ही विदेशों में भारतीय नागरिकों को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों पर भी कड़ी नजर रखी है।

लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील पर गोली चलाने के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

0

नई दिल्ली: लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) से जुड़े वकील पर गोली चलाने के मामले में विदेश में रहने वाले गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग (Gangster Rohit Godara Gang) का मुख्य आरोपी रोहित सोलंकी को वकील दीपक खत्री की कार पर गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। खत्री जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) मधुर वर्मा ने बताया कि खत्री की सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए उनकी गतिविधियों का पता लगाया गया।

आरोपी रोहित सोलंकी को पता चला कि खत्री हर मंगलवार को रील के जरिए मरघाट वाले हनुमान मंदिर जाते हैं और मंदिर बंद होने पर ही वहां से निकलते हैं। सोलंकी को प्रक्रियात्मक दिक्कतों के कारण थाईलैंड से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 2 मार्च को दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी खत्री और उनके सहयोगियों पर उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में आईएसबीटी के पास हुए हमले के एक हफ्ते बाद हुई है।

पुलिस के अनुसार, सोलंकी 25 फरवरी की देर रात मरघाट वाले हनुमान मंदिर के पास हुए हमले की साजिश और उसे अंजाम देने में शामिल था। वर्मा ने बताया कि वह सिग्नल ऐप के जरिए गोदारा के सीधे संपर्क में था। वाहन में पांच लोग यात्रा कर रहे थे तभी अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन हमलावर थे और बाकी दो की तलाश जारी है।

पुलिस हथियार, सिम कार्ड और वाहन आपूर्तिकर्ता का भी पता लगा रही है। वाहन में सवार संदीप को पीठ में दो गोलियां लगीं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई और वे खतरे से बाहर हैं। कश्मीर गेट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) और 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

पुलिस ने बताया था कि गोल्डी ब्रार-रोहित गोदारा से जुड़े गैंगस्टर नवीन बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें खत्री को धमकियां दी गई थीं। जांचकर्ताओं ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की जांच करके हमलावरों की पहचान की और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री तय, जदयू नेताओं ने बताया ‘होली का बड़ा तोहफा’

0

पटना। बिहार की सियासत में होली से पहले हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश की चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में नई ऊर्जा भर दी है। सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि निशांत कुमार जल्द ही औपचारिक रूप से सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। इसे पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम बताया जा रहा है।
बिहार सरकार में मंत्री और जदयू नेता श्रवण कुमार ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि होली के अवसर पर यह बताना चाहते हैं कि निशांत कुमार के नाम की चर्चा पूरे राज्य में लंबे समय से हो रही है और वे जल्द सक्रिय राजनीति में आएंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम उन युवाओं की इच्छा पूरी करेगा, जो काफी समय से उन्हें राजनीति में देखने की मांग कर रहे थे। श्रवण कुमार ने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना भी की।
इसी क्रम में जदयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि पार्टी लंबे समय से चाहती थी कि निशांत कुमार किसी भी भूमिका में सक्रिय राजनीति में आएं। उन्होंने निशांत को पढ़ा-लिखा, इंजीनियर और नीतीश कुमार की “सच्ची फोटोकॉपी” बताते हुए कहा कि यह निर्णय कार्यकर्ताओं की मांग और पार्टी के अंदरूनी दबाव का परिणाम है। अशोक चौधरी ने इसे पार्टी के लिए “होली का बड़ा तोहफा” करार दिया और कहा कि चुनाव से पहले ही लोगों की यह अपेक्षा थी।
जदयू नेता एवं मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बयान दिया कि निशांत कुमार अब परिपक्व हो चुके हैं और पूरी पार्टी चाहती है कि वे सक्रिय राजनीति में आएं। उन्होंने कहा कि यदि निशांत राजनीति में कदम रखते हैं तो पार्टी उनका खुले दिल से स्वागत करेगी। राज्यसभा भेजे जाने की संभावनाओं पर विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री ही करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि निशांत कुमार औपचारिक रूप से राजनीति में प्रवेश करते हैं तो यह जदयू के लिए संगठनात्मक मजबूती और नई पीढ़ी को जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। फिलहाल पार्टी के भीतर उत्साह का माहौल है और होली से पहले यह चर्चा बिहार की राजनीति का प्रमुख विषय बनी हुई है।

सीट शेयरिंग पर डीएमके-कांग्रेस में पेंच, समय सीमा खत्म; गठबंधन के भविष्य पर अटकलें तेज

0

चेन्नई। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और उसकी प्रमुख सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंचकर अटक गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सीट शेयरिंग पर सहमति बनाने की तय समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में दोनों दलों के गठबंधन के भविष्य को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि डीएमके नेतृत्व ने कांग्रेस से निर्धारित समय के भीतर अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, ताकि गठबंधन की रूपरेखा तय कर चुनाव प्रचार की रणनीति पर तेजी से काम शुरू किया जा सके। डीएमके चाहती है कि सीटों का बंटवारा जल्द अंतिम रूप ले, जिससे उम्मीदवारों की घोषणा और क्षेत्रीय स्तर पर संगठनात्मक तैयारी समय पर हो सके। हालांकि, कांग्रेस की बढ़ी हुई मांग के कारण वार्ता में गतिरोध बना हुआ है।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत कांग्रेस को 25 सीटें आवंटित की गई थीं। इस बार भी डीएमके कथित तौर पर उसी फॉर्मूले को बरकरार रखते हुए कांग्रेस को 25 सीटें देने के पक्ष में है। इसके साथ ही व्यापक गठबंधन समझ के तहत कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। लेकिन कांग्रेस इस बार कम से कम 35 विधानसभा सीटों की मांग पर अड़ी बताई जा रही है। पार्टी का तर्क है कि राज्य में उसकी संगठनात्मक मौजूदगी और पिछली चुनावी भागीदारी को देखते हुए उसे अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
बातचीत में आई इस रुकावट के पीछे एक बड़ा कारण गठबंधन में शामिल अन्य दलों की दावेदारी भी मानी जा रही है। डीएमके के लिए सभी सहयोगियों के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। नई पार्टियों की एंट्री और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सीटों का वितरण रणनीतिक रूप से तय करना सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता है। ऐसे में कांग्रेस का कोटा बढ़ाना डीएमके के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस की 35 सीटों की मांग पर समझौता नहीं होता है तो वह अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकती है, हालांकि पार्टी की ओर से इस बारे में कोई औपचारिक संकेत नहीं दिया गया है। फिलहाल दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है और अंतिम फैसला आने तक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
समय सीमा समाप्त होने के साथ अब सबकी नजरें डीएमके और कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी हैं। यदि समझौता हो जाता है तो गठबंधन मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा, लेकिन यदि गतिरोध गहराता है तो तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव के परिणामों पर भी पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया में चौथे दिन भीषण जंग

0

ईरान पर अमेरिकी-इस्राइली हमले तेज, दूतावास बंद, तेल बाजार में उथल-पुथल

ट्रैफिक कैमरे बने खामेनेई और टॉप अधिकारियों की मौत की वजह

नई दिल्ली| पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब व्यापक क्षेत्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है। ईरान और इस्राइल के बीच छिड़ा संघर्ष चौथे दिन और अधिक उग्र हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका की खुली सैन्य भागीदारी के बाद हमलों की तीव्रता बढ़ी है और दोनों पक्षों की ओर से लगातार मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि यह अभियान कई सप्ताह तक चल सकता है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता और भय का माहौल है।
पश्चिमी ईरान के हमादान शहर में रिहायशी इलाकों पर हुए अमेरिकी-इस्राइली हमलों में कम से कम पांच नागरिकों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि ईरानी मीडिया ने की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और राहत-बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। दक्षिणी ईरान के केरमान प्रांत में स्थित एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी ईरानी सेना ने दी है। इसके अलावा बुशहर क्षेत्र में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के पांच जवानों की मौत की भी खबर है। इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
संघर्ष का असर खाड़ी देशों तक पहुंच गया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले के बाद उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दो ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। वहीं कुवैत में अमेरिकी दूतावास को ‘अगले आदेश तक’ बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अमेरिका ने बहरीन और जॉर्डन में तैनात अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल वापस बुलाने का आदेश जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य-पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने की सलाह भी दी है।
तनाव का सीधा असर आम नागरिकों और शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। कुवैत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 5 और 6 मार्च को स्थगित कर दी गई हैं। नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। कतर ने सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिसके चलते कतर एयरवेज की कई उड़ानें निलंबित हैं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी अपने रूट बदल दिए हैं।
युद्ध का आर्थिक प्रभाव भी सामने आने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते खतरे के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 2 से 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक आपूर्ति शृंखला और ईंधन कीमतों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
इस बीच फ्रांस ने साइप्रस में एक ब्रिटिश एयरबेस को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद वहां एंटी-ड्रोन और एंटी-मिसाइल सिस्टम भेजने की योजना बनाई है। लेबनान की राजधानी बेरूत में भी इस्राइली जवाबी कार्रवाई के तहत नए धमाकों की खबरें आई हैं। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि हिज्बुल्ला और अन्य गुट सक्रिय रूप से शामिल होते हैं तो यह संघर्ष और व्यापक हो सकता है।
युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि भूकंप से बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन पहले से ही तनावग्रस्त माहौल में इससे भय और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक युद्ध में साइबर और खुफिया तंत्र की भूमिका भी निर्णायक साबित हो रही है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वर्षों की डिजिटल निगरानी और सिग्नल इंटेलिजेंस के जरिए महत्वपूर्ण ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाई गई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल पूरा पश्चिम एशिया अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। कूटनीतिक प्रयासों की चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन जमीनी हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। यदि जल्द कोई मध्यस्थता नहीं हुई तो यह संघर्ष लंबे और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।