30 C
Lucknow
Monday, June 1, 2026
Home Blog

अमृतसर से सीसीटीवी फुटेज वायरल, एक्टिवा पर लाश ले जाते दिखें दो लोग, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

0

चंडीगढ़: पंजाब के अमृतसर (Amritsar) में एक 27 वर्षीय युवक के शव को एक्टिवा पर ले जाने का वीडियो सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज (CCTV footage) में दो युवक लाश को अपने बीच में बैठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद आरोपी लाश को सुनसान जगह पर फेंककर फरार हो गए। सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई में जुट गई। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है।

मृतक की पहचान जगदीश सिंह उर्फ ​​सौरभ के रूप में हुई है, जो गुरु नानकपुरा क्षेत्र का निवासी था। वह 27 मई को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था और कभी वापस नहीं लौटा। बाद में उसके परिवार को सूचना मिली कि उसका शव मिल गया है, जिसके बाद हत्या के आरोप लगे और न्याय की मांग की गई।वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दो युवक एक अन्य युवक को अपने बीच बैठाकर दोपहिया वाहन पर ले जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया, जिसमें दो लोग एक बेहोश व्यक्ति को एक्टिवा स्कूटी पर अपने बीच में बिठाकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के अनुसार, फुटेज ने बाद में जांचकर्ताओं को मामले से जुड़े संदिग्धों की पहचान करने में मदद की। परिजनों के अनुसार सौरभ घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई थी। बाद में उसका शव बरामद हुआ।

सौरभ की मां, परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या उसके ही दोस्तों ने की है। उन्होंने दावा किया कि वायरल फुटेज में दिख रहे कपड़े सौरभ के घर से निकलते समय पहने हुए कपड़ों से मेल खाते हैं। उन्हें चार बहनों में इकलौता भाई और परिवार का प्राथमिक सहारा बताते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी और बाद में उनके शव को भवानी पैलेस के पास छोड़ दिया।

परिवार के अनुसार, सौरभ के घर न लौटने पर उसे ढूंढने के लिए व्यापक प्रयास किए गए। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांचकर्ताओं ने उन लोगों से पूछताछ शुरू की, जो कथित तौर पर उसके लापता होने से पहले उसके संपर्क में थे। जांच का विवरण देते हुए एसीपी सेंट्रल अमृतसर सुरिंदर सिंह ने बताया कि सौरभ का शव कुछ दिन पहले कोट खालसा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत इस्लामाबाद इलाके में बोदी साहिब रोड के पास मिला था।

प्रारंभिक परिस्थितियों और पीड़ित की बहन के बयान के आधार पर, संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही शुरू की गई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। एसीपी ने बताया कि आगे की जांच के दौरान, आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज में कथित तौर पर दो व्यक्ति सौरभ को स्कूटर पर ले जाते और बाद में उसे उस स्थान पर छोड़ते हुए दिखाई दिए, जहां शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, जिनमें धारा 105 भी शामिल है, के तहत मामला दर्ज किया और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी।

पुलिस ने मुख्य आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार एक अन्य संदिग्ध को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि सौरभ की मौत के कारणों समेत मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मौत के कारण और आरोपियों की भूमिका के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी। इस बीच, पीड़ित परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जारी रखी है।

गौशालाओं की बदहाल व्यवस्था पर डीएम सख्त, लापरवाही पर वेतन रोका और संचालन बदलने के दिए निर्देश

0

फर्रुखाबाद: जनपद की गौशालाओं में व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गो आश्रय स्थल जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं, गोवंश संरक्षण, वित्तीय प्रबंधन तथा आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आगामी वृक्षारोपण अभियान को देखते हुए सभी गौशालाओं में बड़े पैमाने पर पौधरोपण की तैयारी सुनिश्चित करने और तीन दिन के भीतर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कड़ियोली और मौधा गौशालाओं में ऊसर भूमि के कारण पौधों के सूखने की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को भूमि उपचार और तकनीकी सुधार के निर्देश दिए।

समीक्षा में यह भी सामने आया कि गैर सरकारी संस्था द्वारा संचालित सितवनपुर पिथू और सुल्तानपुर पलनापुर गौ आश्रय स्थलों का संचालन संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने दोनों गौशालाओं का संचालन तत्काल प्रभाव से संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार अपने क्षेत्र की प्रत्येक गौशाला का निरीक्षण करें और पशुओं के स्वास्थ्य, चारा, पेयजल तथा अन्य सुविधाओं की नियमित निगरानी करें। गौ आश्रय स्थल बसेली में निरीक्षण के दौरान अभिलेख उपलब्ध न मिलने पर इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित ग्राम पंचायत सचिव का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नेकपुर खुर्द गौशाला के संपर्क मार्ग की खराब स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी बढ़पुर को तत्काल मार्ग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। वहीं भरतामऊ गौ आश्रय स्थल में बिजली कनेक्शन न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दस दिनों के भीतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

बृहद गौ संरक्षण केंद्र पहाड़पुर के गोपालकों को पिछले छह माह से मानदेय न मिलने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर लंबित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोवंश संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कैसे हो माफिया पर सितम जब अपने ही करते हों बर्दी का इकवाल खत्म

0

फोर्स का टूट गया मनोवल, कमजोर हो गईं पुलिस टीम, माफिया ले रहे एफिडेविड, भयजदा वादी गवाह नही देने जाते गवाही

करीब आधा दर्जन से ज्यादा तेज तर्रार पुलिस इंस्पेक्टर साल भर से वैडइंट्री के शिकार
जिले में ४५ इंस्पेक्टर फिर भी १५ दिन से खाली एसओजी प्रभारी का पद
छोटे थानों में कई इंस्पेक्टर तैनात, कुछ में तो पांच की तैनात

यूथ इंडिया। फर्रूखाबाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सत्ता को चार चांद लगाने वाली माफिया और अपराध के विरूद्व उनकी अपनी नीति जीरो टॉलरेंस के जिले में पूरी तरह पैर उखड चुके है। हावी हो चुके माफिया तंत्र के कारण वादी और गवाह होस्टाइल हो रहे, हाईकोर्ट में शपथपत्र दे रहे कारण सिर्फ इतना है कि माफिया पर सितम ढहाने वाली पुलिस टीमें खुद अपनी ही जांच कराने में जुटी। जिले में तैनात आघा दर्जन से ज्यादा इंस्पेक्टर वैडइंट्री का शिकार हेाकर खुद अकेले संघर्ष करते दिख रहे। जिसके चलते फोर्स के टूटे मनोवल के बीच कमजोर हुई पुलिस टीमों को देख माफिया न केवल खुलेआम घूम रहा बल्कि अधिकारियों और जिम्मेदारों के खिलाफ ही शिकायतों के पुलिंदे भर-भर भेज रहा। इतना ही नही उनके विरूद्व उच्च न्यायालय इलाहाबाद में एक नही दो नही करीब तीन-तीन दर्जन रिट याचिकाएं दाखिल हों रहीं। छोटी सी पगार वाले पुलिस कर्मी अब मंहगे वकीलों को मेहनताना दे या साहब बहादुर को सफाईनामा दें।
जनपद में माफिया अनुपम दुबे के खिलाफ हुई तमाम कार्यवाही कुर्की, संपत्तियों के जब्तीकरण और ठंडी सडक़ स्थित होटल गुरू शरणम जैसे करोडों के वेशकीमती अवैध होटल के ध्वस्तीकरण का काम इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में हुआ। इंस्पेक्टर अमित कुमार गंगवार ने माफिया संजीव पारिया, गैगस्टर अमित दुबे डब्बन जैसे भारी भरकम दुर्दांत अपराधियों को गिरफ्तार कर न केवल सलाखों के पीछे पहुंचाया बल्कि उन्हें पूरी तरह वेनकाब किया। माफिया के साथी अवधेश मिश्रज्ञ के विरूद्व इंस्पेक्टर रणविजय सिंह ने मुकदमा पंजीकृत किया वह आज वैडइंट्री पाकर खुद संघर्ष करते जूझ रहे। इसी क्रम में एसपी के रीडर गोविन्द वर्मा, योगेन्द्र सोलंकी, भोलेन्द्र चतुर्वेदी, अवध नारायण जैसे इंस्पेक्टर अपनी ही जांच कराते बेकार बैठै। कुछ चार्ज लायक भी है तो वह नेतागीरी और जातीय कारणों की बजह से ठंडे बस्ते में है। कमजोर हुई पुलिस और टूटे पुलिसिया इकवाल के बीच माफिया के खिलाफ वादी इकलब्य कुमार, सतेन्द्र कश्यप जैसे कई पीडि़त अपनी जान बचाते खुद धूम रहे। पुलिस का हाल देख उनका मनोवल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका। महीनों से फरार गैगस्टर योगेन्द्र सिंह यादव चन्नू के समर्थन में हाई कोर्ट में वादी होस्टाइल होकर शपथपत्र दे रहे।
१४ थानों वाले जिले में चार दर्जन इंस्पेक्टर होने के बाद भी एक पखबारे से स्पेशन ऑपरेशन गु्रप यानि एसओजी भंग है, तैनाती को प्रभारी ढूंढे नही मिल रहा। जिन माफिया के खिलाफ जावांज पुलिस कर्मियों ने ताबडतोड कार्यवाहियां की आज उनके खिलाफ झूठी शिकायतें हों रहीं। उनके विरूद्व न्यायालयों में मुकदमें डाले जा रहे तो आखिर कौन करेगा माफिया के खिलाफ काम और कौन करेगा मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस की वकालत, जिले में पुलिस और प्रशासन के हिमायती अब दुश्मनों की तरह देखते जाते अब न यहां राम राज्य का अहसास है और न सीएम योगी के सुशासन की आहट यहां सिर्फ माफिया तंत्र हावी है और उससे लडने वाले वैकफुट और लाचारी के सम्वाहक।

माफिया के साथी ने आठ माह में घुटनों भर की पुलिस

प्रशासन से लेकर शासन तक ब्लैकमेंलिग, दाखिल की ३० याचिकाएं
अक्टूवर २०२५ में पुलिस की गिरफ्त से फरार हुए करीब दस आपराधिक मुकदमों के आरोपी अभियुक्त और माफिया अनुपम दुबे व संजीव पारिया के सबसे खास साथी अवधेश मिश्रा ने बीते आठ माह में जिले की खाकी को खुला चैलेंज कर अकेले दम पर खाकी को घुटनों भर कर लिया। खुद पर कार्यवाही न हो इसके लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अब तक तीस याचिकाएं दाखिल कर जिले से लेकर शासन तक के अधिकारियों को घसीट लिया। तमाम पुलिस कर्मियों की झूठी शिकायतें कर नाक में दम कर दी और लाचार प्रशासन आज भी उसके प्रार्थना पत्रों पर जांचे करने को मजबूर है।

१२ वर्ष संघर्षो के बाद गौरव चौधरी संग मोनिका का हंसा चेहरा

0

२००४ में सांसद धर्मेन्द्र यादव से टूटा था नाता
२०१३ में अभिजीत बनर्जी जीवन में आये
मार्च २०२६ में इन खुशियों ने भी गला घोटा

यूथ इंडिया। फर्रूखाबाद
अपनी वेबाक कार्यशैली और शानदार राजनैतिक अंदाज के लिए देश भर में जानी जा रहीं फर्रूखाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव का १२ वर्षो के संघर्ष बाद हंसता चेहरा देख जिले भर के उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह यादव की बेटी को अब मेरठ के गौरव चौधरी के संग बडे मंचों पर खुश देख सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों में नई स्फूर्ति दे रही।
राजकीय अंदाज में पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह यादव ने अपनी बेटी मोनिका के हाथ पीले कर वर्ष २००४ में उन्हें विश्व के सबसे बडे राजनैतिक घराने सैफई के युवराज सांसद धर्मेन्द्र सिंह यादव के साथ विदा किया था। यह विवाह कुछ दिन बाद ही टूट गया। इसके बाद मोनिका का विवाह इंद्रा नगर लखनऊ निवासी इंजीनियर अभिजीव बनर्जी पुत्र दीपेन्द्र नाथ के साथ १९ नवम्बर २०१३ को संपन्न हुआ।
लेकिन तमाम झंजावतों के बीच रिश्ता वेनामी के परवान चढ गया। मार्च २०२६ में यह रिश्ता भी पूरी तरह दम तोड गया। हाल ही में हिमाचल में जब जिले की तेज तर्रार बेटी के सोशल मीडिया के जरिए हाथ पीले होते जिले में देखे और उसके साथ उन्हें बडे मंचों पर भाजपा के कद््दावर नेता और मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष पति गौरव चौधरी के साथ खुशमिजाज अंदाज में लोग देख रहे है तो अपनों की खुशी को लोग खूब आशीर्वाद के रूप में दे रहे।
१२ वर्षो के लंबे संघर्ष और बीते पांच वर्षो के जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में शानदार कार्याकाल के बीच मोनिका यादव एक संघर्षशील निडर बेटी के रूप में नये अवतार में सामने आई है। लोग दिल खोलकर न केवल बधाईयां दे रहे बल्कि उनके हाथों को और मजबूत करने का आश्वासन भी दे रहे।

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड लखनऊ के 50 स्टूडेंट्स जेईई एडवांस्ड 2026 में हुए क्वालीफाई

0

लखनऊ: आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड (Aakash Educational Services Limited) (AESL), भारत का लीडिंग टेस्ट तैयारी इंस्टिट्यूट, देश के सबसे कॉम्पिटिटिव इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में से एक, जेईई एडवांस्ड 2026 में अपने स्टूडेंट्स के शानदार परफॉर्मेंस की गर्व से घोषणा करता है। रिजल्ट आज घोषित किए गए। लखनऊ रीजन के कुल 50 स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस्ड 2026 को सफलतापूर्वक क्वालिफाई किया है, जो उनकी कड़ी मेहनत, लगन और एकेडमिक एक्सीलेंस के प्रति कमिटमेंट को दिखाता है। यह अचीवमेंट एईएसएल के स्ट्रक्चर्ड लर्निंग इकोसिस्टम, एक्सपीरियंस्ड फैकल्टी और एग्जाम की तैयारी के लिए स्टूडेंट-सेंट्रिक अप्रोच के असर को भी दिखाता है।

सेंटर के टॉप परफॉर्मर्स में, आकाश इंस्टीट्यूट लखनऊ के स्टूडेंट्स ने जेईई एडवांस्ड 2026 में बहुत अच्छा परफॉर्म किया। राणा शत्रुजीत ने एआईआर 782, गौरिका माही ने एआईआर 1819, शौर्य जायसवाल ने एआईआर 2550, साक्ष्य वंश ने एआईआर 2916, प्रसिद्ध जैन ने एआईआर 4054, अक्षांश पटेल एआईआर 4100, और रुद्र विश्वकर्मा ने 4171, अंशिका अग्रहरि 4874, नितांत त्रिपाठी एआईआर 4876, ऋषभ गुप्ता एआईआर 4481हासिल करके इंस्टीट्यूट और शहर का नाम रोशन किया। स्टूडेंट्स को एईएसएल के क्लासरूम प्रोग्राम में एनरोल किया गया, जो जेईई एडवांस्ड जैसे बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिटिव एग्जाम में अच्छा करने के लिए ज़रूरी कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी, एनालिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स बनाने पर फोकस करता है।

अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए, स्टूडेंट्स ने कहा, “हम अपनी तैयारी के पूरे सफ़र में लगातार गाइडेंस, एकेडमिक सपोर्ट और मेंटरशिप के लिए आकाश के शुक्रगुजार हैं। स्टडी मटीरियल, क्लासरूम सेशन, मॉक टेस्ट और रेगुलर असेसमेंट ने हमारे कॉन्सेप्ट को मज़बूत करने और हमारी परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में हमारी मदद की। यह कामयाबी हमारे टीचर्स और पेरेंट्स के सपोर्ट के बिना मुमकिन नहीं होती।” स्टूडेंट्स को उनकी शानदार कामयाबी पर बधाई देते हुए, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड (एईएसएल) के रीजनल डायरेक्टर, मिस्टर डीके मिश्रा ने कहा, “हमें जेईई एडवांस्ड 2026 में उनके शानदार परफॉर्मेंस के लिए अपने स्टूडेंट्स पर बहुत गर्व है। उनकी कामयाबी पक्की लगन, डिसिप्लिन्ड तैयारी और आगे बढ़ने की पक्की इच्छा का नतीजा है।

एईएसएल में, हम टैलेंट को निखारने और स्टूडेंट्स को उनकी एकेडमिक उम्मीदों को पूरा करने में मदद करने के लिए कमिटेड हैं। हम सभी सफल कैंडिडेट्स को उनकी एजुकेशनल जर्नी के अगले चैप्टर के लिए शुभकामनाएं देते हैं। जेईई एडवांस्ड, जाने-माने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में एडमिशन का गेटवे है और इसे दुनिया के सबसे मुश्किल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में से एक माना जाता है। जेईई मेन क्वालिफाई करने के बाद कैंडिडेट जेईई एडवांस्ड के लिए एलिजिबल हो जाते हैं और देश भर के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी और दूसरे बड़े इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट में एडमिशन के लिए मुकाबला करते हैं।

“बीजेपी टीएमसी तोड़ने और अभिषेक बनर्जी को खत्म करने की साजिश कर रही” : ममता बनर्जी

0

 

कोलकाता से दिल्ली तक आंदोलन की चेतावनी, बंगाल की सियासत में आरोपों का नया विस्फोट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी विस्फोट हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि भाजपा न केवल उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है, बल्कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश भी रची जा रही है। उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नया भूचाल आ गया है।

ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं और राजनीतिक दबाव बनाकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने के बजाय राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा और स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी के खिलाफ किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक कार्रवाई का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोलकाता में टीएमसी नेताओं पर हुए कथित हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो पार्टी अपना आंदोलन दिल्ली तक ले जाएगी। इस बयान को केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ सीधी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
बीते कुछ वर्षों में अभिषेक बनर्जी टीएमसी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल होकर उभरे हैं। पार्टी संगठन, चुनावी रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में उनकी भूमिका लगातार बढ़ी है। ऐसे में ममता बनर्जी का यह आरोप कि उनके भतीजे और पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता के खिलाफ साजिश हो रही है, राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी इस मुद्दे के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने और भाजपा के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ा है। दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा, दमन और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के आरोप लगाते रहे हैं। अब ममता बनर्जी के ताजा बयान ने इस संघर्ष को और तीखा कर दिया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि टीएमसी अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है, जबकि टीएमसी का दावा है कि विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है।