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Sunday, April 26, 2026
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बड़े पैमाने पर स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू

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गुजरात में रविवार सुबह से स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चलेगी। इस चुनाव को राज्य का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास माना जा रहा है।

इन चुनावों में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे बड़े शहरों में भी मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन कर रहे हैं।

करीब 4.18 करोड़ मतदाता 9,992 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है।

मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच माना जा रहा है, जबकि एआईएमआईएम समेत अन्य दल भी कई क्षेत्रों में मैदान में हैं। कई चर्चित चेहरे भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

इस बार चुनाव नए ओबीसी आरक्षण नियमों और वार्ड पुनर्गठन के तहत हो रहे हैं, जिससे कई जगहों पर समीकरण बदल गए हैं और मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

वोटों की गिनती 28 अप्रैल को की जाएगी। पिछली बार 2021 में भाजपा ने भारी जीत दर्ज की थी, और इस बार भी सभी दल अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

ट्रंप ने पाकिस्तान दौरा रद्द करने का बचाव किया, ईरान वार्ता पर बढ़ा तनाव

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द करने के फैसले का बचाव किया है। यह दौरा ईरान के साथ संभावित शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद में होना था, जिसे अब रद्द कर दिया गया है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से आए प्रस्ताव उम्मीदों के मुताबिक नहीं थे और बातचीत के लिए पर्याप्त प्रगति नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका केवल तभी आगे बढ़ेगा जब ईरान परमाणु मुद्दों पर ठोस रुख अपनाएगा।

ट्रंप ने अपने फैसले के पीछे लंबी और महंगी यात्रा, साथ ही ईरान की तरफ से शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति को भी कारण बताया। उन्होंने कहा कि वे अपने दूतों को ऐसे पक्षों से मिलने नहीं भेज सकते जिनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ को इस वार्ता के लिए पाकिस्तान भेजा जाना था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। ट्रंप का दावा है कि इसके बाद ईरान की ओर से नया प्रस्ताव सामने आया।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि उन्होंने संघर्ष समाप्त करने के लिए एक ठोस योजना पेश की है और अमेरिका की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं।

पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन ट्रंप के फैसले के बाद शांति वार्ता की प्रक्रिया पर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

दिल्ली के नरेला में फैक्टरी में भीषण आग, दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर

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दिल्ली के नरेला इलाके में रविवार सुबह एक प्लास्टिक दाने की फैक्टरी में अचानक आग लग गई। आग लगते ही इलाके में धुआं फैल गया और आसपास अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। आग सुबह करीब 9:45 बजे लगी बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।

ट्रंप पर हमले की घटना पर पीएम मोदी के कड़े तेवर

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– “लोकतंत्र में हिंसा बर्दाश्त नहीं”, परिवार की सुरक्षा के लिए की प्रार्थना
नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और इस तरह की घटनाएं वैश्विक लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हमले की घटना पर चिंता जताते हुए ट्रंप और उनके परिवार की सुरक्षा और कुशलता के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
सूत्रों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल गरम है और सुरक्षा एजेंसियां पहले से अलर्ट पर हैं। ट्रंप पर हुए हमले ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत की ओर से आया यह बयान वैश्विक स्तर पर एक मजबूत संदेश माना जा रहा है कि लोकतंत्र में असहमति का रास्ता संवाद है, न कि हिंसा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल एक देश तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा पर भी असर डालती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी नें स्पष्ट किया कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ा है। हिंसा के खिलाफ यह कड़ा संदेश न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि लोकतंत्र की रक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार से भी होती है।

दृष्टिकोण राजनीति में एक बार फिर महिलाओं का चरित्र हनन

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(डॉ. सुधाकर आशावादी -विनायक फीचर्स)

एक ओर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की तैंतीस प्रतिशत भागीदारी लागू किये जाने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के राजनीतिक अस्तित्व में यौन शोषण की भूमिका पर बहस छिड़ गई है। बिहार के सांसद पप्पू यादव ने दावा किया है, कि राजनीति में सक्रिय नब्बे प्रतिशत महिलाओं का करियर नेताओं के बिस्तर से शुरू होता है और प्रभावशाली नेताओं से समझौता किए बिना उन्हें सक्रिय राजनीति में जगह नहीं मिलती। पप्पू यादव के इस बयान से अनेक दलों की महिला राजनीतिज्ञ आक्रोशित हैं, सक्रिय राजनीति में उनकी अस्मिता का प्रश्न खड़ा हो गया है।
पप्पू यादव का यह दावा कितने प्रतिशत सत्य है, यह कहना मुश्किल है, मगर राजनीति में यौन शोषण की कहानियां नई नहीं हैं। इसके अनेक उदाहरण जनमानस के सम्मुख प्रकाश में आ चुके हैं। यौन शोषण के बल पर महिलाओं के राजनीति में बढ़ते क़दमों के किस्से अख़बारों में सुर्खियां बने हैं। देश के अनेक प्रांतों में गाहे बगाहे प्रभावशाली महिलाओं की उपस्थिति और उनसे अंतरंग संबंधों की गाथाओं की पुष्टि चर्चाओं से शुरू होकर न्यायालय तक हो चुकी है। नेताओं के विवाहेत्तर संबंधों से उत्पन्न संतानों के प्रामाणिक तथ्य भी प्रकाश में आ चुके हैं। बहरहाल यह किस्सा केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। समाज में हर प्रकार की प्रवृत्ति के लोग रहते हैं। भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए कौन किस हद तक समझौता कर सकता है, किस हद तक नहीं, यह व्यक्ति व्यक्ति पर निर्भर करता है। पप्पू यादव सक्रिय राजनीति में हैं, उनकी पत्नी भी कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय है। भाजपा में भी अनेक महिलाएं उच्च पदों पर हैं। अनेक राजनीतिक दलों में महिलाओं की भागीदारी है, किन्तु उनमें से नब्बे प्रतिशत महिलाओं के चरित्र पर उंगली उठाना किसी भी प्रकार से उचित नहीं कहा जा सकता।
पप्पू यादव का यह बयान राजनीति में सक्रिय महिलाओं के प्रभावी आधार पर शक की सुईं खड़ी करता है। इसका यह अर्थ भी लगाया जा सकता है, कि पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक अपनी राजनीतिक समझ बूझ का लोहा मनवाने वाली महिलाएं क्या यौन शोषण की प्रक्रिया से गुजर कर सत्ता शीर्ष तक पहुंची थी ?
लगता है, कि कुछ लोगों की आदत बन चुकी है, कि वे अनर्गल और अप्रमाणिक बयानबाजी करके समाज में सुर्खियां बटोरने का प्रयास करते हैं। यूँ तो अपवाद हर जगह हैं, लेकिन महिलाओं की राजनीति में भागीदारी पर नब्बे प्रतिशत महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाना राजनीति में मुख्य भूमिका निभाने वाली महिला जनप्रतिनिधियों का घोर अपमान है, जिसकी जितनी निंदा की जाए, सो कम है। (विनायक फीचर्स)

बेटियों ने पुलिस ट्रेनिंग में दिया मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय: सीएम योगी

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अभी जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आएगीः मुख्यमंत्री

60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्तीः 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री

लखनऊ, 26 अप्रैल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरक्षी प्रशिक्षण के दौरान बेटियों ने जिस मजबूती, तत्परता, समर्पण व अनुशासन का परिचय दिया है, वह सराहनीय है। अनुशासन व टीमवर्क का उत्कृष्ट भाव सबसे बड़ी ताकत है। इन सबको समाहित करते हुए देश के लिए सर्वोत्कृष्ट योगदान देने की भावना वर्दीधारी बल का सबसे महत्वपूर्ण अंग होती है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद के जीवन में उतना ही कम खून बहाने की नौबत आती है।

सीएम योगी रविवार को 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती के अंतर्गत वर्ष 2025 बैच के पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित कर रहे थे। रिजर्व पुलिस लाइन में हुए आयोजन में सीएम ने परेड का निरीक्षण किया और सलामी भी ली।

कानून अपराधी के लिए कठोर और नागरिकों के लिए संवेदनशील होना चाहिए
सीएम ने प्रशिक्षण पूर्ण कर दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने वाली महिला आरक्षियों को बधाई दी और कहा कि सभी ने लगन व अनुशासन के साथ कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अब आप सबको जनपदों की फील्ड ड्यूटी में जाना है। याद रखिए, कानून अपराधी के लिए जितना कठोर हो, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी आरक्षी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान, कौशल व मूल्यों का उपयोग करते हुए निष्ठा, ईमानदारी व कर्तव्य परायणता से यूपी पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

कई प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर देखा, अब बेहतर प्रशिक्षण व सुविधाएं
सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश के 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइंस, 29 पीएसी बटालियनों, 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटरों में एक साथ आरक्षी दीक्षांत परेड आयोजित की जा रही है। 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। 21 जुलाई से इनका प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस दौरान मैं भी विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में गया और देखा कि प्रशिक्षण व सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।

हमने यूपी को देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पुलिस के सामने चुनौती व संकट था, लेकिन हमने इसे देश के बेहतरीन पुलिस बल के रूप में स्थापित किया। हमने 2.18 लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती और 1 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया। 2017 में पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता महज 3 हजार थी, लेकिन हमने 60244 पुलिस आरक्षियों का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही एक साथ संपन्न किया है, जो 9 वर्ष में अर्जित की गई प्रगति को दर्शाता है।

2017 में टूटे-फूटे बैरक थे, अब 55 जनपदों में हाईराइज भवन
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले पुलिस के बैरक टूटे-फूटे, खपड़ैल व टीनशेड के होते थे, लेकिन अब 55 जनपदों में पुलिस कार्मिकों के बैरक व आवासीय सुविधा के हाईराइज भवन दिखाई देते हैं। प्रशिक्षण केंद्र उत्कृष्ट हो रहे हैं। हर प्रशिक्षु को आधारभूत प्रशिक्षण देने के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया गया। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल भी लांच किया गया। शारीरिक प्रशिक्षण को वैज्ञानिक व आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया। आउटडोर प्रशिक्षण में पुरानी 303 नॉट राइफल के स्थान पर आधुनिक इंसास व एसएलआर राइफल द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

मिशन कर्मयोगी में यूपी का उत्कृष्ट प्रदर्शन
सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी पोर्टल पर 5 विशेष मॉडयूल तैयार किए गए। 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। हाल में संचालित साधना सप्ताह में शासकीय कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूर्ण कर यूपी को देश में पहला स्थान दिलवाया है। यूपी पुलिस ने इसमें 28 लाख कोर्स पूरे किए। यूपी पुलिस देश भर के सभी राज्यों-विभागों में चौथे स्थान पर रही है।

यूपी एटीएस को अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण
सीएम योगी ने कहा कि यूपी एटीएस के अधिकारियों व जवानों को एनआईए और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मानक के अनुरूप प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। पुलिस बल को व्यावहारिक दक्षता व सॉफ्ट स्किल पर आधारित विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना के साथ ही पुलिस कर्मियों को आधुनिक साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेस की स्थापना की गई है। यहां पुलिस बल को वैज्ञानिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अब अपराधियों में भय, पुलिस का मनोबल ऊंचा
सीएम योगी ने कहा कि यूपी पुलिस देश में मॉडल व ‘स्मार्ट’ है। यूपी पुलिस आमजन को सुरक्षा, सुविधा उपलब्ध कराने में योगदान दे रही है। अब यूपी में दंगे नहीं होते, सत्ता के समानांतर कोई राज नहीं चलता, गुंडा टैक्स व अवैध वसूली भी नहीं होती। अब यूपी में अपराधियों के मन में भय और पुलिस का मनोबल ऊपर है। पहले प्रदेश की छवि अराजकता-अस्थिरता का पर्याय बनी था, लेकिन अब स्पष्ट नीति व साफ नीयत का परिणाम साफ दिखाई देता है। 2017 के पहले की स्थिति बयां करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में दंगे और महीनों कर्फ्यू लगता था। कोई खुद को सुरक्षित नहीं महसूस करता था, लेकिन यूपी पुलिस अब दंगे से पहले ही उसे रोकने में सफल है। अब यूपी में महिला कार्यबल 13 से बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हुआ है। यूपी पुलिस ने खुद को आर्थिक प्रगति की रीढ़ के रूप में भी तैयार किया है। इस कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है।

2019-20 से चल रहा ‘मिशन शक्ति’
सीएम योगी ने कहा कि 2019-20 से अनवरत मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए कार्यक्रम बढ़ रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बने हैं। तीन महिला पीएसी बटालियनों (लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई कोरी व बदायूं में अवंती बाई लोधी) का गठन किया गया है। तीन अन्य नई बटालियन के गठन की प्रक्रिया को बढ़ाया गया है। 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में सेफ सिटी परियोजना को लागू किया है।

यूपी पुलिस की बेहतरी के लिए लगातार कार्य
सीएम योगी ने कहा कि यूपी को ‘लॉ एंड ऑर्डर’ का आदर्श मॉडल बनाने और अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण पुलिस बल की कार्यक्षमता को बेहतर करने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर सीधी भर्ती प्रक्रिया संपन्न की गई। इनमें अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत बेटियों को भर्ती किया गया है। हमारी सरकार ने 2017 की तुलना में यूपी पुलिस के बजट को तीन गुना से अधिक बढ़ाया और 7 पुलिस कमिश्नरेट भी स्थापित किए। यूपी एसएसएफ (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) का गठन किया गया। पिंक पुलिस बूथों की स्थापना हुई। एटीएस को अत्याधुनिक तकनीक, साइबर एक्सपर्ट, आधुनिक प्रशिक्षण से सुसज्जित किया गया। 12 फॉरेंसिक लैब की स्थापना की गई, 6 लैब निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब स्थापित की गईं। हमने यूपी-112 के रिस्पांस टाइम को 65 मिनट से घटाकर 6-7 मिनट लाने में सफलता हासिल की है।

समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण आदि मौजूद रहे।