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Sunday, July 12, 2026
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पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ: सीएम योगी

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से किया एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य वाले पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ

’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सीएम ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रोपे पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे

विकास की रफ्तार के साथ वनाच्छादन का विस्तार, सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है एक पेड़: मुख्यमंत्री

आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मुख्यमंत्री ने किया पौधरोपण, लगाया मौलश्री का पौधा

गोरखपुर, 12 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ रिकॉर्ड पौधरोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। गोरखनाथ मंदिर लौटते समय सीएम ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मौलश्री का पौधा रोपित किया।

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर का वृहद विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है। एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। 9 वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ।

‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:’
मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं। धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प भाव से कहा है- ‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:’, अर्थात यह धरती हमारी माता हैं और हम सब इसके पुत्र हैं। एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है। यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है।

धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान
सीएम योगी ने पौधरोपण की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ को बहुत सुंदर बताते हुए कहा कि मां हर व्यक्ति, हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम खुद के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन सबकुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। खुद की आरोग्यता के लिए हम सभी को धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा। अनंतकाल तक जीवसृष्टि बनी रहे, इसके लिए पौधरोपण अत्यंत आवश्यक है। मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। गत वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। 9 वर्ष में अब तक प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

मौसम चक्र में परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट का प्रभाव मौसम चक्र पर भी पड़ा है। बारिश करीब एक महीना विलंब से शुरू हुई है। जो बीज 15 जून तक लग जाना चाहिए था, उसे 15 जुलाई को लगाएंगे तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक अंतर पड़ेगा। पर्यावरण असंतुलन से कभी प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो कभी सर्दी। लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में समुद्र के किनारे बहुत सारे शहर डूबने की स्थिति में होंगे तो कहीं भीषण जल संकट होगा।

मानवता को चुकानी पड़ रही प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में बहुत सारे शहर ऐसे हैं, जहां गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है। वहां अलर्ट जारी करना पड़ता है कि बुजुर्ग, बीमार और बच्चे घर से बाहर न निकलें, जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकलें। आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई? क्योंकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया गया। अंधाधुंध पेड़ काटे गए, जल दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए। अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरण अनुकूल एलईडी लाइट से बचे 100 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तब हैलोजन लाइटों को हटाकर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, इससे प्रदेश सरकार को 100 करोड रुपये की बचत हुई। साथ ही हैलोजन में जलकर मरने वाले कीड़े-मकोड़ों की भयंकर बदबू से भी मुक्ति मिली। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। पीएम सूर्य घर बिजली योजना से लोगों के बिजली बिल आधे हो रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का नया स्रोत लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

उज्जवला योजना ने दी धुएं से मुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के विजन से उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन बांटे गए, जो कांग्रेस सरकार में ब्लैक में मिलते थे। 10 करोड़ परिवारों में माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली। अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को यह लाभ मिला है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया से इसके बारे में आह्वान किया है। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनी है। वहां समस्त स्ट्रीट लाइट में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

पौधा लगाकर देखभाल भी करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी करनी है। जिन किसानों ने अपने खेत में पेड़ लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत पैसा भी प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व परिजनों की स्मृति में और परिवार के सदस्यों के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं।

’हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन
पौधरोपण महायज्ञ 2026 के अवसर पर आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले नौ सालों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों और हासिल उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जबकि वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है।

सीएम ने किया पौध वितरण, किसानों को सौंपे प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला, कालिंदी को घर के सामने रोपने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के अंतर्गत 700 से अधिक पौधरोपण करने वाले नरपति (कैम्पियरगंज गोरखपुर), 650 से अधिक पौधरोपण करने वाले अशफाक खान (देसही देवरिया), 800 पौधरोपण करने वाली रंजना देवी (हाटा कुशीनगर) और 850 पौधे लगाने के लिए अरविंद कुमार (पडरौना कुशीनगर) को कार्बन क्रेडिट के लिए मिलने वाली राशि का प्रमाण-पत्र सौंपा।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बढ़ी हरियाली: वनमंत्री
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हरियाली बढ़ी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश प्रगति करते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। आज का पौधरोपण पूर्ण होते ही यूपी में पिछले 10 सालों में पौधरोपण की कुल संख्या 275 करोड़ हो जाएगी। इस बार के पौधरोपण महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।

पीएम मोदी-सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील: रविकिशन
इस मौके पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे सदैव लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसी विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी का इतना विराट विकास हुआ है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता।

नौ वर्ष में हुआ सौ वर्ष से अधिक का विकास: प्रदीप शुक्ल
सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सहजनवा विधानसभा का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने नौ वर्षों में जितना विकास किया, वह सौ वर्षों में भी नहीं हो पाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पौधरोपण महायज्ञ के लिए गोरखपुर के नोडल अधिकारी सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ: सीएम योगी

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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से किया एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य वाले पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ

’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सीएम ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रोपे पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे

विकास की रफ्तार के साथ वनाच्छादन का विस्तार, सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है एक पेड़: मुख्यमंत्री

आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मुख्यमंत्री ने किया पौधरोपण, लगाया मौलश्री का पौधा

गोरखपुर| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ रिकॉर्ड पौधरोपण के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ 2026 का शुभारंभ किया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) के पौधे लगाए और सेल्फी भी ली। इसके बाद गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। विगत नौ वर्षों में प्रदेश में भौतिक विकास की रफ्तार तेज होने के साथ ही वनाच्छादन का भी विस्तार हुआ है। गोरखनाथ मंदिर लौटते समय सीएम ने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे भी मौलश्री का पौधा रोपित किया।

जनसभा में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर का वृहद विस्तार हुआ है। एक्सप्रेसवे, हाईवे के साथ बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछा है। नए-नए उद्योग लगे हैं। शहरीकरण का दायरा बढ़ा है और नई-नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं। भौतिक विकास में तेज योगदान देने वाले इस राज्य ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित प्रयासों से वनाच्छादन के विस्तार में भी सफलता प्राप्त की है। एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करता है। 9 वर्षों में यूपी का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण तथा 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ।

‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:’
मुख्यमंत्री ने पौधरोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ बताया और इसमें हर व्यक्ति की तरफ से योगदान दिए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि धरती माता हम सबको अच्छा वातावरण देती हैं। आगे बढ़ने का अवसर, पेट भरने को अन्न, अच्छे-अच्छे फल, पीने के लिए जल देने के साथ घर की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं। धरती माता के बारे में हमारे ऋषियों ने संकल्प भाव से कहा है- ‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:’, अर्थात यह धरती हमारी माता हैं और हम सब इसके पुत्र हैं। एक पुत्र के रूप में धरती माता के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करने के लिए ही प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया है। यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुंदर बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है।

धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान
सीएम योगी ने पौधरोपण की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम’ को बहुत सुंदर बताते हुए कहा कि मां हर व्यक्ति, हर जीव के लिए दुनिया का सबसे सुंदर उपहार है। हम खुद के स्वास्थ्य की चिंता करते हैं, लेकिन सबकुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते। खुद की आरोग्यता के लिए हम सभी को धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा। अनंतकाल तक जीवसृष्टि बनी रहे, इसके लिए पौधरोपण अत्यंत आवश्यक है। मोदी के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। गत वर्ष 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। 9 वर्ष में अब तक प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

मौसम चक्र में परिवर्तन से कृषि उत्पादन पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण पर मंडरा रहे संकट का प्रभाव मौसम चक्र पर भी पड़ा है। बारिश करीब एक महीना विलंब से शुरू हुई है। जो बीज 15 जून तक लग जाना चाहिए था, उसे 15 जुलाई को लगाएंगे तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक अंतर पड़ेगा। पर्यावरण असंतुलन से कभी प्रचंड गर्मी पड़ रही है तो कभी सर्दी। लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले समय में समुद्र के किनारे बहुत सारे शहर डूबने की स्थिति में होंगे तो कहीं भीषण जल संकट होगा।

मानवता को चुकानी पड़ रही प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में बहुत सारे शहर ऐसे हैं, जहां गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है। वहां अलर्ट जारी करना पड़ता है कि बुजुर्ग, बीमार और बच्चे घर से बाहर न निकलें, जरूरी हो तो मास्क लगाकर निकलें। आखिर यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई? क्योंकि प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया गया। अंधाधुंध पेड़ काटे गए, जल दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए। अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरण अनुकूल एलईडी लाइट से बचे 100 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तब हैलोजन लाइटों को हटाकर उसकी जगह पर्यावरण अनुकूल एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गईं, इससे प्रदेश सरकार को 100 करोड रुपये की बचत हुई। साथ ही हैलोजन में जलकर मरने वाले कीड़े-मकोड़ों की भयंकर बदबू से भी मुक्ति मिली। सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। पीएम सूर्य घर बिजली योजना से लोगों के बिजली बिल आधे हो रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का नया स्रोत लोगों को उपलब्ध कराया गया है।

उज्जवला योजना ने दी धुएं से मुक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के विजन से उज्जवला योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन बांटे गए, जो कांग्रेस सरकार में ब्लैक में मिलते थे। 10 करोड़ परिवारों में माताओं-बहनों को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली। अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को यह लाभ मिला है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने दुनिया से इसके बारे में आह्वान किया है। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बनी है। वहां समस्त स्ट्रीट लाइट में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाता है।

पौधा लगाकर देखभाल भी करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें न सिर्फ पौधे लगाने हैं, बल्कि उनकी उचित देखभाल भी करनी है। जिन किसानों ने अपने खेत में पेड़ लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत पैसा भी प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि अपने पूर्वजों व परिजनों की स्मृति में और परिवार के सदस्यों के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं।

’हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन
पौधरोपण महायज्ञ 2026 के अवसर पर आयोजित जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा’ लघु फिल्म और ‘वानिकी कैलेंडर’ का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले नौ सालों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों और हासिल उपलब्धियों को दर्शाया गया है, जबकि वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है।

सीएम ने किया पौध वितरण, किसानों को सौंपे प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला, कालिंदी को घर के सामने रोपने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के अंतर्गत 700 से अधिक पौधरोपण करने वाले नरपति (कैम्पियरगंज गोरखपुर), 650 से अधिक पौधरोपण करने वाले अशफाक खान (देसही देवरिया), 800 पौधरोपण करने वाली रंजना देवी (हाटा कुशीनगर) और 850 पौधे लगाने के लिए अरविंद कुमार (पडरौना कुशीनगर) को कार्बन क्रेडिट के लिए मिलने वाली राशि का प्रमाण-पत्र सौंपा।

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बढ़ी हरियाली: वनमंत्री
कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में हरियाली बढ़ी है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार देश में ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश प्रगति करते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। आज का पौधरोपण पूर्ण होते ही यूपी में पिछले 10 सालों में पौधरोपण की कुल संख्या 275 करोड़ हो जाएगी। इस बार के पौधरोपण महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।

पीएम मोदी-सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद संवेदनशील: रविकिशन
इस मौके पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। वे सदैव लोगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। इसी विजन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी का इतना विराट विकास हुआ है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता।

नौ वर्ष में हुआ सौ वर्ष से अधिक का विकास: प्रदीप शुक्ल
सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सहजनवा विधानसभा का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने नौ वर्षों में जितना विकास किया, वह सौ वर्षों में भी नहीं हो पाता। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पौधरोपण महायज्ञ के लिए गोरखपुर के नोडल अधिकारी सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिलीप यादव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बाबरी के चंदा का हिसाब मांगने की हिम्मत नहीं, गोली चलवाने वाले पढ़ा रहे मर्यादा का पाठ : बृजेश पाठक

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बाराबंकी। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को बाराबंकी में पौधारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बाबरी मस्जिद के लिए जुटाए गए चंदे, राम मंदिर और सनातन धर्म के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कई तीखे बयान दिए।

डिप्टी सीएम ने कहा कि धन्नीपुर में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के लिए जुटाए गए चंदे का हिसाब मांगने की हिम्मत विपक्ष क्यों नहीं करता? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले जनता को गुमराह करते रहे और अब सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि जो लोग राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और उसके निर्माण का विरोध करते थे, आज वही लोग मर्यादा और नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी नहीं चाहता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बने, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया और केंद्र व प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह सपना साकार हुआ।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण के हर मोर्चे पर मजबूती से काम कर रही है। सरकार की उपलब्धियों से विपक्ष बौखलाया हुआ है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

टेलीग्राम-व्हाट्सएप पर सजती थी अवैध हथियारों की दुकान, पुलिस ने 11 पिस्टल के साथ अंतरराज्यीय गिरोह दबोचा

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आगरा। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का आगरा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। खेरागढ़ थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से .32 बोर की 11 अवैध ऑटोमेटिक पिस्टल, 10 अतिरिक्त मैगजीन और एक थार कार बरामद की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए हथियारों की खरीद-फरोख्त का पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी उदयवीर सिंह निवासी हाथरस और यश शर्मा निवासी धौलपुर (राजस्थान) ऑन डिमांड मध्य प्रदेश से अवैध हथियार लाकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। ग्राहक सोशल मीडिया के जरिए ऑर्डर देते थे और तय स्थान पर हथियारों की डिलीवरी की जाती थी।

बताया गया कि दोनों आरोपी अलीगढ़ के एक खरीदार को पिस्टलों की खेप देने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर सैफऊ बॉर्डर के पास घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान थार कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से हथियारों की तस्वीरें, ग्राहकों के साथ हुई चैट और लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस अब मोबाइल डेटा के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों, खरीदारों और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अवैध हथियारों का कारोबार चला रहा था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की भी संभावना है।

₹1.25 करोड़ की सड़क बनी लापरवाही और खींचतान की भेंट, दलदल में दफन हुए विकास के दावे

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सांसद और विधायक की फटकार भी बेअसर, ठेकेदार-जेई की खींचतान से अटका निर्माण, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

फर्रुखाबाद। ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा देने के नाम पर स्वीकृत 1.25 करोड़ रुपये की बहोरना –अहमदपुर देवरिया संपर्क मार्ग परियोजना आज सरकारी लापरवाही, विभागीय खींचतान और कार्यदायी संस्था की उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन गई है। पहली ही बारिश में अधूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है और ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क विधायक नागेंद्र सिंह राठौर के अथक प्रयासों से स्वीकृत हुई थी, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यशैली ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को अधर में लटका दिया। आज हालत यह है कि सड़क पर कीचड़, जलभराव और फिसलन के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान, महिलाएं और राहगीर रोजाना परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सांसद मुकेश राजपूत और विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने राजस्व कर्मियों और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगा चुके हैं तथा निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दे चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य ने रफ्तार नहीं पकड़ी, जिससे लोगों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। इस मार्ग के लिए रास्ते में कुछ लोग वाधा बने हैं जिनके ऊपर मुकदमा पंजीकृत कराया गया है इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और जूनियर इंजीनियर (जेई) के बीच आपसी तालमेल की कमी और खींचतान के कारण सड़क निर्माण लगातार लटका हुआ है। इस आपसी विवाद की कीमत अब क्षेत्र की जनता चुका रही है। करोड़ों रुपये की परियोजना अधूरी पड़ी है और ग्रामीण दलदल से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप और निर्देशों के बाद भी अधिकारी और ठेकेदार जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, तो आखिर जवाबदेही किसकी तय होगी? यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा किया गया होता तो आज करोड़ों रुपये की परियोजना बदहाली का प्रतीक न बनती।ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और लापरवाही तथा परियोजना में बाधा डालने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनता के पैसे और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों का सम्मान बचाया जा सके।

18 महीने से अटका काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का पुनर्गठन, बिना अध्यक्ष-सदस्यों के चल रहा काम

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वाराणसी। देश के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का पुनर्गठन पिछले 18 महीनों से शासन स्तर पर लंबित है। अध्यक्ष और मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने से न्यास का संचालन केवल पदेन अध्यक्ष और पदेन सदस्यों के भरोसे किया जा रहा है, जिससे मंदिर की लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रशासन की ओर से पहले अध्यक्ष और सदस्यों की एक सूची शासन को भेजी गई थी, लेकिन उस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद लगभग पांच महीने पहले दूसरी सूची भी भेजी गई, जो अब तक शासन स्तर पर विचाराधीन है। लगातार हो रही देरी के कारण न्यास का पुनर्गठन अधर में लटका हुआ है।

फिलहाल मंदिर के दैनिक कार्य और आवश्यक प्रशासनिक फैसले पदेन सदस्यों द्वारा किए जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मनोनीत अध्यक्ष और सदस्यों की अनुपस्थिति में बड़े और महत्वपूर्ण निर्णयों में व्यापक सहभागिता तथा पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।

धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्थान में नियुक्तियों को लेकर इतनी लंबी देरी उचित नहीं है। उन्होंने शासन से जल्द से जल्द पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर मंदिर न्यास को पूर्ण स्वरूप देने की मांग की है।