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Thursday, April 9, 2026
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लोकतंत्र के पर्व पर दिखा ऐतिहासिक उत्साह

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असम में हुई रिकॉर्ड वोटिंग, केरल-पुडुचेरी में भी वोटरों का उमड़ा जनसैलाब

नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार (9 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए शाम 6 बजे तक मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। चुनाव आयोग के अनुसार रात 8 बजे तक असम में 85.38% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। इस भारी मतदान ने लोकतंत्र में जनता की सक्रिय भागीदारी को एक बार फिर रेखांकित किया।

केरल में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 78.01% मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले 49 वर्षों में दूसरा सबसे अधिक आंकड़ा है। इससे पहले 1977 में यहां 79.2% मतदान हुआ था। वहीं पुडुचेरी में 89.81% मतदान के साथ लोगों ने उत्साह का परिचय दिया और लोकतंत्र के इस पर्व को मजबूती प्रदान की।

हालांकि असम में चुनाव के दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। श्रीभूमि जिले के पथारकंडी क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प में करीब 25 लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुल मिलाकर राज्य में चुनावी हिंसा में लगभग 30 लोग घायल हुए, जबकि सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई।

पुडुचेरी के मन्नादिपेट में भी कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस बीच पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी का बाइक से मतदान केंद्र पहुंचना चर्चा का विषय बना। वहीं केरल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए.के. एंटनी ने तिरुवनंतपुरम में मतदान किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मतदान से पहले गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की और बाद में पत्नी के साथ जालुकबाड़ी में वोट डाला। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर में मतदान किया, जबकि केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने त्रिशूर में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनावी आंकड़ों की बात करें तो असम की 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। केरल में 2.71 करोड़ मतदाता 140 सीटों के लिए 890 उम्मीदवारों में से अपने प्रतिनिधि का चयन कर रहे हैं। वहीं पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। खास बात यह रही कि पुडुचेरी के एक मतदान केंद्र पर रोबोट द्वारा मतदाताओं का फूलों से स्वागत किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।

ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से तीन की दर्दनाक मौत, तीन गंभीर घायल

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कासगंज

गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जैली में बृहस्पतिवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। नरदोली-बहोरा मार्ग पर शाम करीब छह बजे उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक ट्रैक्टर का बंपर अचानक टूट गया और उससे जुड़ी ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में तीन ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें हालत नाजुक होने पर उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नगला जैली के कुछ ग्रामीण गंजडुंडवारा क्षेत्र के ही ग्राम बरा जलालपुर में एक रिश्तेदार सुकटी देवी के निधन पर शोक व्यक्त करने गए थे। वहां से लौटते समय वे ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर अपने गांव वापस आ रहे थे। रास्ते में नरदोली-बहोरा मार्ग पर अचानक ट्रैक्टर का अगला बंपर टूट गया, जिससे चालक संतुलन खो बैठा और ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्राली में सवार लोग उसके नीचे दब गए और मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में 60 वर्षीय महाराज सिंह पुत्र प्यारे लाल, 50 वर्षीय मुकेश पुत्र तेजराम तथा राजेंद्र पुत्र पातीराम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं विनीता (45) पत्नी मुकेश, सुनीता (35) पत्नी भूरे और बिजेंद्र (50) पुत्र नरोत्तम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल, क्षेत्राधिकारी संदीप वर्मा तथा प्रभारी निरीक्षक अजय वीर मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस हृदयविदारक घटना के बाद ग्राम नगला जैली समेत आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर ओर गमगीन माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है

फर्जी दस्तावेजों से GST फर्म बनाकर 2 करोड़ का घोटाला, पंजाब से आरोपी गिरफ्तार

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कासगंज

सहावर क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इस पूरे प्रकरण में बाहरी राज्य से संचालित ठगी का खुलासा हुआ है, जिसने कर विभाग और पुलिस दोनों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि मामले की गहराई से जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार पंजाब के लुधियाना निवासी साहिल बंसल पुत्र राजेश कुमार बंसल ने सुनियोजित तरीके से सहावर क्षेत्र के गांव फरौली निवासी करन कुमार पुत्र राज कुमार के नाम पर ‘केके इस्पात उद्योग’ के नाम से एक फर्जी जीएसटी फर्म तैयार की। इस फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यापारिक बिल काटे गए और इन बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दुरुपयोग किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 2 करोड़ 3 लाख 64 हजार 186 रुपये के घोटाले का मामला सामने आया, जिससे कर विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
इस मामले में अलीगढ़ रेंज के राज्य कर अधिकारी चयनजीत सिंह ने सहावर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के लुधियाना स्थित आरोपी के आवास पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, बिल और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी बरामद किए गए हैं, जो इस संगठित फर्जीवाड़े की पुष्टि करते हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यह घोटाला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सहावर थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद वल्लभ शर्मा ने बताया कि आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पुलिस टीम मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में भी चिंता का माहौल है। कर विभाग ने इस प्रकार की फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के घोटालों पर रोक लगाई जा सके।

लंच ब्रेक में घर जाने पर छात्रा को मिली ‘तालिबानी सजा’, शिक्षक ने डंडे से पीटा और बाल नोचे

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एटा

जैथरा थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में शिक्षक की हैवानियत सामने आने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामूली देरी से स्कूल पहुंचने पर तीसरी कक्षा की एक मासूम छात्रा को बेरहमी से पीटने और उसके बाल नोचने की घटना ने इलाके में आक्रोश फैला दिया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना जैथरा क्षेत्र के मायाचक गांव स्थित एक निजी विद्यालय की है, जहां कक्षा तीन में पढ़ने वाली छात्रा नित्या के साथ यह अमानवीय व्यवहार किया गया। परिजनों के अनुसार आठ अप्रैल को छात्रा लंच ब्रेक के दौरान बिना बताए अपने घर चली गई थी। लंच समाप्त होने के कुछ मिनट बाद जब वह वापस स्कूल पहुंची, तो शिक्षक संतोष इस बात से नाराज हो गया।
आरोप है कि शिक्षक ने गुस्से में आकर छात्रा को डंडे से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसने बच्ची के बाल तक नोच डाले, जिससे वह बुरी तरह सहम गई। छुट्टी के बाद जब छात्रा घर पहुंची, तो वह डरी-सहमी हालत में थी। मां सरोज देवी ने जब उससे पूछताछ की, तो बच्ची रोते हुए पूरी घटना बताई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन उस समय विद्यालय में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता की मां ने नौ अप्रैल को थाना जैथरा में आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने गुस्से में आकर छात्रा को पीटने की बात स्वीकार की है, हालांकि उसने किसी प्रकार के पुराने विवाद से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न हो सके।

झोपड़ी में लगी भीषण आग, परचून की दुकान खाक; भैंस की मौत, कई पशु झुलसे

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औरैया

गांव डभारी में बृहस्पतिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घर के बाहर बनी झोपड़ी में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। झोपड़ी के नीचे संचालित परचून की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशु गंभीर रूप से झुलस गए। आगजनी की इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गांव डभारी निवासी श्याम चंद सविता के घर के बाहर बनी झोपड़ी के नीचे परचून की दुकान संचालित थी। बृहस्पतिवार को शाम करीब चार बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी और दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि झोपड़ी के आसपास बने दो अन्य छप्पर भी इसकी चपेट में आ गए, जहां पशु बंधे हुए थे। इस दौरान एक भैंस आग में झुलसकर मौके पर ही मर गई, जबकि एक अन्य भैंस और तीन पड़िया गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने घायल पशुओं का उपचार शुरू किया, वहीं मृत भैंस का पोस्टमार्टम कराया गया।
आगजनी में परचून की दुकान का पूरा सामान जलकर राख हो गया। इसके अलावा 12 बोरी गेहूं, एक मोटरसाइकिल, एक इंजन और नगदी भी आग की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने दमकल कर्मियों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंचे लेखपाल शिवम यादव और विमलेश यादव ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की है। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया था। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इस घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। पीड़ित परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है, ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।

जमीन विवाद में युवक चढ़ा 80 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन पर, इलाके में मची अफरा-तफरी

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औरैया

जनपद के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के रुरुगंज गांव में गुरुवार को पारिवारिक विवाद ने खतरनाक मोड़ ले लिया, जब एक युवक गुस्से और मानसिक तनाव में आकर हाईटेंशन बिजली लाइन पर चढ़ गया। करीब 80 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन पर युवक के चढ़ते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की सांसें थम गईं। घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुरुगंज गांव निवासी ब्रह्मानन्द पुत्र रमेश चन्द्र पिछले लगभग दस दिनों से घर से लापता था, जिससे परिजन पहले से ही परेशान और चिंतित थे। गुरुवार को जब गांव के कुछ किसान खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर अचानक हाईटेंशन लाइन पर चढ़े युवक पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उन्होंने उसकी पहचान ब्रह्मानन्द के रूप में की और तुरंत इसकी सूचना परिजनों व अन्य ग्रामीणों को दी।
बताया जा रहा है कि ब्रह्मानन्द के परिवार में लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि उसके पिता ने अपनी प्लॉट और बगिया की जमीन दामाद के नाम कर दी थी, साथ ही ट्रैक्टर भी दामाद सुशील के नाम कर दिया गया, जबकि उसकी किश्तें ब्रह्मानन्द ही चुका रहा था। इसी बात को लेकर परिवार में लगातार तनाव बना हुआ था, जो अंततः इस खतरनाक घटनाक्रम में बदल गया।
घटना के दौरान युवक बिजली के खंभे पर चढ़कर हंगामा करने लगा, जिससे मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग भयभीत होकर दूर से ही स्थिति को देखते रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। पुलिसकर्मी और ग्रामीण लगातार उसे समझाने में जुटे रहे, ताकि किसी तरह उसे नीचे उतारा जा सके और कोई अनहोनी न हो।
काफी देर तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के चलते इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रशासन ने बिजली आपूर्ति को भी एहतियातन नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। खबर लिखे जाने तक युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी थे।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव किस हद तक लोगों को खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि युवक की काउंसलिंग कराई जाए और परिवार के विवाद को सुलझाने के लिए ठोस पहल की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।