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Sunday, April 26, 2026
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यूनियन बैंक का मुनाफा चौथी तिमाही में बढ़ा, एनपीए घटा

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लखनऊ: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बढ़कर 5316 करोड़ रूपये हो गया है। यूनियन बैंक के निदेशक मण्डल ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही/वर्ष के लिए बैंक के लेखों का अनुमोदन किया है। बैंक ने रु. 5.00 प्रति इक्विटी शेयर (रु.10 प्रति इक्विटी शेयर के अंकित मूल्य का 50%) के लाभांश की संस्तुति की है। वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ 18,697 करोड़ रूपये था जबकि इस दौरान बैंक की ब्याज आय 1,05,992 करोड़ रुपये रही।

बैंक के कुल कारोबार में वर्ष दर वर्ष 5.78% की वृद्धि हुई है, जिसमें सकल अग्रिमों में वर्ष दर वर्ष आधार पर 9.74% की वृद्धि हुई है और कुल जमाराशि में वर्ष दर वर्ष आधार पर 2.72% की वृद्धि हुई है। 31 मार्च, 2026 तक बैंक का कुल कारोबार 23,85,502 करोड़ रूपये है। वैश्विक जमाराशि में वर्ष दर वर्ष 2.72% की वृद्धि हुई है। यूनियन बैंक के रैम क्षेत्र में वर्ष दर वर्ष आधार पर 12.56% की वृद्धि हुई है, जिसमें वर्ष दर वर्ष आधार पर रिटेल में 16.75% की वृद्धि और एमएसएमई अग्रिमों में 18.75% की वृद्धि हुई है। घरेलू अग्रिमों के प्रतिशत के रूप में, रैम अग्रिम 57.49% है।

इस साल 31 मार्च को कुल एनपीए वर्ष दर वर्ष आधार पर 78 बीपीएस की गिरावट के साथ 2.82% रहा तथा शुद्ध एनपीए वर्ष दर वर्ष आधार पर 15 बीपीएस की गिरावट के साथ 0.48% रहा है।

आईआईटी कानपुर ने ‘आइकॉनिक क्विज़वर्स’ ग्रैंड फिनाले में जीता राष्ट्रीय खिताब

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लखनऊ: आईआईटी कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज और बायो इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र पार्थ आर्या भट्ट और वकार मोइद ने शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा आयोजित पैन-इंडिया इंटर-कॉलेज क्विज प्रतियोगिता आइकॉनिक क्विज़वर्स चैलेंज के ग्रैंड फिनाले में राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब जीता। यह फिनाले नई दिल्ली के एयर फोर्स ऑडिटोरियम, सुब्रतो पार्क में हुआ। इस प्रतियोगिता में देशभर के 194 शहरों के 430 कॉलेजों के छात्रों ने हिस्सा लिया।

फाइनल में चार टीम —आईआईटी कानपुर (नॉर्थ), नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद (साउथ), आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे (वेस्ट) और कॉटन यूनिवर्सिटी, गुवाहाटी (ईस्ट)—ने हिस्सा लिया। आइकॉनिक क्विज़वर्स को स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में लॉन्च किया गया है । इसमें ऐप के जरिए शुरुआती राउंड और उसके बाद लाइव मुकाबले होते हैं।

इस प्रतियोगिता का फॉर्मेट ‘ट्री ऑफ नॉलेज’ टीम के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जिसका नेतृत्व जाने-माने क्विज मास्टर सिद्धार्थ बासु कर रहे हैं। उन्होंने देश में क्विजिंग को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यह पहल शिव नाडर फाउंडेशन के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाने पर काम किया जा रहा है। आइकॉनिक क्विज़वर्स जैसे मंच छात्रों को जिज्ञासा बढ़ाने, नए तरीके से सोचने और अलग-अलग विषयों को समझने का मौका देते हैं।

इस मौके पर सुंदर महालिंगम, प्रेसिडेंट – स्ट्रैटेजी, शिव नाडर फाउंडेशन ने कहा, “शिव नाडर फाउंडेशन में हम लंबे समय से बेहतर शिक्षा और उसके विस्तार पर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ऐसे मंच बनाना भी जरूरी है, जहां छात्र खुद सोचें, सवाल करें और अलग-अलग परिस्थितियों में अपने ज्ञान का इस्तेमाल करें। आइकॉनिक क्विज़वर्स इसी सोच का हिस्सा है, जो छात्रों को क्लासरूम के बाहर सीखने और आगे बढ़ने का मौका देता है।”

सिद्धार्थ बासु ने आगे कहा, “क्विजिंग हमेशा जिज्ञासा और अलग-अलग जानकारियों को जोड़ने की कला रही है। जो बात यहाँ सबसे ज़्यादा दिखी, वो थी छात्रों का इस प्रतियोगिता के प्रति गंभीर रवैया और मौके पर तुरंत सोचकर जवाब देने की उनकी क्षमता।

कुल 25 लाख रुपये की इनामी राशि के अलावा विजेताओं को एचसीएल जीयूवीआई के दो प्रीमियम जेन क्लास प्रोग्राम भी मिलेंगे, जिनकी कीमत 1.7 लाख रुपये प्रति प्रोग्राम है। इससे उन्हें आगे सीखने और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन सक्रिय, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में लगाए गए सुरक्षा ड्रम

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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में खुदागंज क्षेत्र के दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा ड्रम लगवाए गए हैं, ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्राधिकारी कमालगंज, थाना अध्यक्ष कमालगंज और प्रभारी यातायात सतेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर उन स्थानों को चिन्हित किया, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। इन स्थानों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ड्रम लगवाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को सतर्क किया जा सके और सड़क किनारों की पहचान स्पष्ट हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी सड़क सुरक्षा को लेकर इसी प्रकार के कदम उठाए जाएंगे। साथ ही वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन शांतिपूर्ण, 25 प्रतिशत अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

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अमेठी
चल रही होमगार्ड भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन रविवार को पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम देखने को मिले और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।

जानकारी के अनुसार, यह भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हुई थी और तीन दिनों तक चलने वाली है। दूसरे दिन दोनों पालियों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 2640 में से 1996 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और 644 ने परीक्षा छोड़ दी।

इसी तरह दूसरी पाली में भी 2640 में से 1994 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 646 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। उपस्थिति के ये आंकड़े परीक्षा में अभ्यर्थियों की भागीदारी को दर्शाते हैं, वहीं अनुपस्थिति की दर भी उल्लेखनीय रही।

परीक्षा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। इसके साथ ही परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही थी।

इसके अलावा पूरे क्षेत्र पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी नजर रखी जा रही थी, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। तकनीकी निगरानी के इन उपायों ने परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई।

पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। उन्होंने रविवार दोपहर को सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

कुल मिलाकर, दूसरे दिन की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और प्रशासन की सख्त निगरानी के चलते किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।

ट्रैक्टर से गिरकर युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस जांच में जुटी

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कंपिल। क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर से गिरकर युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जनपद बदायूं के थाना उसहैत क्षेत्र के गांव जटा निवासी शेमू खान रविवार दोपहर अपने एक साथी के साथ ट्रैक्टर से भूसा बेचने के लिए कंपिल आया था। काम खत्म कर वापस लौटते समय कंपिल-अटैना मार्ग पर गांव कारव के पास अचानक वह ट्रैक्टर से नीचे गिर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरने के बाद युवक ट्रैक्टर के पिछले पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद साथी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के साथी ने बताया कि हादसे के समय ट्रैक्टर शेमू खान ही चला रहा था। पुलिस ने साथी को पूछताछ के लिए थाने ले जाकर जांच शुरू कर दी है।
घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस संबंध में थाना प्रभारी नितिन चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

दर्दनाक हादसा: बेटे की दुर्घटना की खबर से पिता की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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अमेठी
एक बेहद दर्दनाक और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सड़क हादसे में इकलौते बेटे के घायल होने की सूचना मिलते ही अस्पताल में भर्ती पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना शिवरतनगंज थाना क्षेत्र की है, जहां शनिवार दोपहर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 14 वर्षीय मोहम्मद कैफ गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि 17 वर्षीय मोहम्मद अरमान की मौत हो गई। घायल कैफ को पहले तिलोई के स्वशासी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया।

हादसे की सूचना मिलते ही अरमान के परिजन उसके शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार कर दिया। इसी बीच घायल कैफ की जानकारी उसकी मां ने लखनऊ में भर्ती अपने पति कलीम को दी। कलीम पहले से ही हार्ट सर्जरी के बाद अस्पताल में भर्ती थे और जल्द छुट्टी मिलने वाली थी, लेकिन बेटे की हालत की खबर सुनते ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई।

कलीम के परिवार में पहले से ही आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं। वह पहले सऊदी अरब में काम करते थे, लेकिन हार्ट की बीमारी के कारण घर लौटकर छोटी परचून की दुकान चला रहे थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा था, जिसमें बेटे कैफ पर पूरा परिवार आश्रित था।

एक ही दिन में दो बड़े हादसों ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। पहले बेटे की सड़क दुर्घटना, फिर पिता की अचानक मौत ने घर को मातम में बदल दिया। परिजन पहले पिता का अंतिम संस्कार कर लौटे और उसके बाद घायल बेटे को लेकर लखनऊ पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।

यह घटना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरे दुख का कारण बन गई है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में भी इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक का माहौल है।