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Tuesday, April 28, 2026
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चंदौली में पुलिस ने 1 करोड़ 65 लाख की शराब की जब्त, तस्कर गिरफ्तार

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चंदौली: यूपी के चंदौली (Chandauli) में अलीनगर पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर अंतरराज्यीय शराब तस्करी (Inter-state liquor smuggling) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वाराणसी-चंदौली मार्ग पर सिंधीताली पुल के पास चेकिंग के दौरान एक ट्रक से 9031 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपये है।

पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक और सर्विलांस इनपुट से सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में शराब की यह खेप बिहार भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर अलीनगर थाना प्रभारी शरद गुप्ता के नेतृत्व में स्वाट व सर्विलांस टीम ने सिंधीताली पुल के पास घेराबंदी की। संदिग्ध ट्रक संख्या RJ14GN7944 को रोकने का इशारा करने पर चालक ने रफ्तार बढ़ाकर पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक को घेरकर रोक लिया।

ट्रक की तलाशी में लकड़ी के बुरादे के नीचे छिपाकर रखी कुल 932 पेटियों में शराब मिली। बरामद शराब में किंगफिशर 500 ML की 250 पेटी, रॉयल स्टैग 180 ML की 148 पेटी, 750 ML की 99 पेटी, 375 ML की 89 पेटी, इम्पीरियल ब्लू 750 ML की 150 पेटी, 180 ML की 149 पेटी और ऑल सीजन 750 ML की 47 पेटी शामिल हैं। मौके से राजस्थान निवासी एक तस्कर जगदीश लोहार (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी जगदीश लोहार, निवासी नाथद्वारा, जिला राजसमंद, राजस्थान ने पूछताछ में बताया कि वह पंजाब से सस्ती शराब खरीदकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचता था। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के कारण उसे मोटा मुनाफा होता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि खेप पहुंचाने के लिए उसने पुलिस पर ट्रक चढ़ाने की कोशिश की थी।

थाना अलीनगर में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 109, 318, 319 और आबकारी अधिनियम 60/63 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

 

नारी शक्ति अधिनियम को लेकर शमशाबाद में महिला पदयात्रा, विरोध में उठी आवाजें

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शमशाबाद/फर्रुखाबाद। नारी शक्ति अधिनियम को संसद में पारित न किए जाने के विरोध में मंगलवार को भाजपा महिला मोर्चा शमशाबाद द्वारा विशाल जनआक्रोश महिला पदयात्रा निकाली गई। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष के निर्देशन में महिला मोर्चा की अध्यक्ष रेनू त्रिपाठी ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर विरोध दर्ज कराया।
जानकारी के अनुसार, पदयात्रा का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी कार्यालय शमशाबाद परिसर से किया गया। इस दौरान करीब एक सैकड़ा महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पदयात्रा के दौरान महिलाओं में जबरदस्त जोश और आक्रोश देखने को मिला। नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा।
विपक्ष पर साधा निशाना
महिलाओं का कहना था कि जब संसद में नारी शक्ति अधिनियम को लागू किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, उस दौरान विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह कानून पारित नहीं हो सका। इसी के विरोध में यह पदयात्रा आयोजित की गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की नीतियां महिला सशक्तिकरण के खिलाफ हैं।
जोश के साथ निकली पदयात्रा
खंड विकास अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई पदयात्रा नारेबाजी के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई पंजाब नेशनल बैंक चौराहे तक पहुंची। जगह-जगह पदयात्रा का स्वागत किया गया और महिलाओं ने एकजुटता का संदेश दिया।
आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेंगी।
कार्यक्रम में रही प्रमुख भूमिका
इस दौरान महिला मोर्चा अध्यक्ष रेनू त्रिपाठी और भाजपा जिला उपाध्यक्ष रश्मि दुबे की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष आदेश शाक्य, पूर्व अध्यक्ष राम लखन राजपूत, ग्राम प्रधान पर्वत सिंह, क्रांति राजपूत, सीटू राठौर, बीना शुक्ला, महेंद्र राजपूत सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

मोदी की हरदोई रैली के लिए 15 हजार कार्यकर्ताओं को उतारने की तैयारी

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प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी नें संभाला मोर्चा
फर्रुखाबाद।सरगर्मी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने मिशन मोड में मैदान संभाल लिया है। आवास विकास स्थित भाजपा जिला मुख्यालय पर प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी ने जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा की अध्यक्षता में अहम बैठक लेकर 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरदोई रैली को सफल बनाने का रोडमैप तय किया।
बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि हरदोई जनपद के मल्लावां में होने वाली प्रधानमंत्री की जनसभा में फर्रुखाबाद से 15,000 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। यह संख्या सिर्फ भीड़ नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखी जा रही है।
प्रदेश मंत्री शंकर लाल लोधी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके पर गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की तैयारी है, वहीं संगठन इसे जनसमर्थन में बदलने की रणनीति पर काम कर रहा है।
कार्यकर्ताओं की आवाजाही के लिए पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
बसों से जाने वाले कार्यकर्ता हुल्लापुर चौराहे से रवाना होंगे
निजी वाहनों से जाने वाले कार्यकर्ता कन्नौज मार्ग से मल्लावां पहुंचेंगे।
सभी कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है
यह व्यवस्थाएं बताती हैं कि भाजपा इस रैली को महज आयोजन नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और चुनावी संदेश के तौर पर देख रही है।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तय हुई कि 1 से 5 मई के बीच जिला कार्यसमिति की बैठक,15 मई के बाद दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग,जिसमें नव नियुक्त पदाधिकारियों को पार्टी की विचारधारा और संगठन विस्तार की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर से वक्ताओं की नियुक्ति भी की जा चुकी है।
जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा ने कहा कि हर कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी गई है और लक्ष्य है कि फर्रुखाबाद से अधिकतम संख्या में कार्यकर्ता रैली में पहुंचकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएं।
बैठक में उत्तर प्रदेश आलू विपणन संघ के सभापति विमल कटियार, अमरदीप दीक्षित, हिमांशु गुप्ता, गोपाल राठौर, अनुराग दुबे, अभिषेक बाथम, अभिषेक बाजपेई, संजीव गुप्ता, पंकज पाल, कृष्ण मुरारी राजपूत सहित मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी व कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

गंगा एक्सप्रेस-वे से चमकेगा आगरा का पर्यटन और उद्योग

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– आसान कनेक्टिविटी से ब्रज क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही और नाइट स्टे बढ़ेगा

– ट्रांसपोर्टेशन का समय बचने से आगरा के जूता, लेदर व अन्य उद्योग को मिलेगी नई उड़ान

– ब्रज के पेठा, पेड़ा और हस्तशिल्प उत्पादों को देशभर में आसानी से नया बाजार मिलेगा

आगरा, 28 अप्रैल। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किलोमीटर लंबे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ का आगामी 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य लोकार्पण करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के दूरदर्शी विजन और शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का प्रतीक यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नई लाइफ लाइन बनने जा रहा है। इस विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क का एक बहुत बड़ा और सकारात्मक प्रभाव आगरा मंडल और समूचे ब्रज धाम पर पड़ेगा। सुगम और सुरक्षित कनेक्टिविटी से यहां के पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को एक ऐसी ऐतिहासिक रफ्तार मिलेगी, जो विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।

ब्रज क्षेत्र में चमकेगा पर्यटन, होटल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिलेगी नई ऊर्जा

गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से आगरा और मथुरा की कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी। सुरक्षित और सुगम सड़क मार्ग के कारण पर्यटकों का शहर में ठहराव (नाइट स्टे) बढ़ेगा। इसका सीधा आर्थिक लाभ यहां के होटल व्यवसायियों, परिवहन सेक्टर, टूरिस्ट गाइडों और स्थानीय दुकानदारों को मिलेगा। बेहतरीन रास्तों के कारण ब्रज क्षेत्र अब ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ और कॉर्पोरेट इवेंट्स के नए हब के रूप में भी उभरेगा। इस पर टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे आगरा और ब्रज के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। सुगम यात्रा के कारण वीकेंड टूरिज्म के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की आवाजाही में जबरदस्त उछाल आएगा, जिससे पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।

पेठा, पेड़ा और हस्तशिल्प को मिलेगा देशव्यापी बाजार

एक्सप्रेस-वे के कारण माल ढुलाई (लॉजिस्टिक) का समय और लागत दोनों कम होंगे। इससे ब्रज के प्रसिद्ध पेड़ा, आगरा के पेठा उद्योग के साथ- साथ यहां के खूबसूरत हस्तशिल्प और मार्बल उत्पादों को देश के कोने- कोने तक पहुंचने के लिए नए मार्ग मिलेंगे। उ.प्र. लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि यह पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़ा सहायक रहेगा। जहां भी रोड कनेक्टिविटी बढ़ती है, वहां और उससे लगे क्षेत्रों का विकास शुरू हो जाता है। जाम की समस्या तो खत्म होगी ही, साथ ही सड़क के दोनों तरफ उद्योग व आवासीय योजनाएं आने से प्रगति होगी और रोजगार बढ़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी यूपी से जोड़कर उन जिलों को भी प्रगति की दौड़ में शामिल करेगा, जो अब तक विकास से अछूते थे।

आगरा के लेदर और जूता उद्योग की ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी धाक

आगरा अपने लेदर और फुटवियर उद्योग के लिए वैश्विक स्तर पर मशहूर है। नए गंगा एक्सप्रेस-वे से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल को देश के अन्य हिस्सों या बंदरगाहों तक पहुंचाने में बहुत आसानी होगी। फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी बड़े उद्योग की पहली जरूरत होती है। गंगा एक्सप्रेस-वे के चालू होने से आगरा के जूता और चमड़ा निर्यातकों का ट्रांसपोर्टेशन का समय काफी बचेगा। माल की तेज डिलीवरी से ग्लोबल मार्केट में हमारे उद्योग की साख और भी ज्यादा मजबूत होगी।

सुनहरे भविष्य का मार्ग और रोजगार के नए अवसर

योगी सरकार के इस बड़े कदम से आगरा मंडल के स्थानीय और पारंपरिक उद्योगों को एक नई संजीवनी मिलेगी। गंगा एक्सप्रेस- वे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि विकास का एक पूरा कॉरिडोर है। इससे न केवल बड़े उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि छोटे स्तर पर काम करने वाले व्यापारियों और आम जनता की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार आएगा। सुगम यातायात से उत्पादों की पहुंच बड़े बाजारों तक आसान हो जाएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियां कई गुना तेज हो जाएंगी और आगरा मंडल प्रगति के नए शिखर को छुएगा।

90 वर्षीय वृद्ध न्याय के लिए भटकने को मजबूर, पुलिस पर लापरवाही के आरोप

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फर्रुखाबाद। थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव विरियानगला में 24 अप्रैल को हुई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के 90 वर्षीय पिता रामाधार अपनी पुत्री को न्याय दिलाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद वृद्ध रामाधार ने थाना जहानगंज में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न्याय की आस में उन्होंने 27 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र सौंपा। पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित थाने को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश भी दिए।
इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। आरोप है कि थाना जहानगंज पुलिस अब भी रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल कर रही है। 90 वर्षीय रामाधार भीषण गर्मी में लगातार थाने के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश:
वृद्ध की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के लोगों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि जब उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
प्रशासन पर उठे सवाल:
यह मामला पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। एक ओर सरकार आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर एक 90 वर्षीय वृद्ध को अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने में दर-दर भटकना पड़ रहा है।

स्वर्ग धाम के बाहर लकड़ी की मनमानी कीमतें, शोक में डूबे लोगों से हो रही वसूली

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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट स्थित स्वर्ग धाम के बाहर लकड़ी विक्रेताओं द्वारा मनमाने दामों पर लकड़ी बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे खुलेआम अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिससे उनकी जेबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस लकड़ी की वास्तविक कीमत करीब 200 से 250 रुपये प्रति कुंतल होनी चाहिए, वही लकड़ी 800 से 1000 रुपये प्रति कुंतल तक बेची जा रही है। इस तरह की कीमतों में भारी अंतर को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा
श्मशान घाट पर आने वाले लोग पहले से ही शोक और मानसिक तनाव में होते हैं। ऐसे में उन्हें बिना मोलभाव के लकड़ी खरीदनी पड़ती है, जिसका फायदा उठाकर विक्रेता मनमानी कर रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से बरसात के मौसम में अधिक देखने को मिलती है, जब सूखी लकड़ी की उपलब्धता कम हो जाती है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह एक तरह की खुली ठगी है, जिस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जिला अधिकारी से इसकी शिकायत करेंगे।
नियंत्रण की जरूरत
लोगों का कहना है कि प्रशासन को श्मशान घाट पर लकड़ी की दरें निर्धारित करनी चाहिए और उनकी निगरानी के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि शोक में डूबे लोगों का आर्थिक शोषण न हो सके।