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Thursday, May 14, 2026
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कौशांबी: गंगा नदी में नहाने गए 4 लड़के डूबे, दो को बचाया, दो लापता

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कौशाम्बी: कौशाम्बी (Kaushambi) जिले में गंगा नदी (Ganga river) में नहाने गए 4 लड़के डूब गए। स्थानीय लोगों ने 2 लड़कों को सकुशल निकाला। घटना की खबर लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोर की मदद से लापता 2 लड़कों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। घटना से इलाके में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह पूरा मामला जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के महमदपुर गंगा कछार की है। जहां गुरुवार दोपहर गंगा नदी में नहाते समय चार लड़के डूब गए। लड़कों को देख आस-पास मौजूद स्थानीय मछुआरों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और दो लड़कों को बचा लिया, जबकि दो अन्य अभी भी लापता हैं। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत को सूचना दी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोर की मदद से लापता लड़कों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। अभी तक दोनों लड़ोकों का पता नहीं चला है। पुलिस ने बताया कि गर्मी के कारण ये चारों लड़के एक साथ गंगा नदी में नहाने गए थे। गहरे पानी में जाने के कारण वे डूबने लगे। दोनों की पहचान अर्जुन और आर्या के रूप में हुई है।

 

गुजरात के सुरेंद्रनगर में टैंकर से टकरा कर बस में लगी आग, 4 लोगों की जलकर मौत, 10 घायल

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सुरेंद्रनगर: गुजरात के सुरेंद्रनगर (Surendranagar) जिले में चोटिला-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग (Chotila-Rajkot National Highway) पर गुरुवार तड़के हुई एक भीषण दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। यह हादसा संगानी गांव के पास हुआ, जब एक निजी लग्जरी बस आगे चल रहे एक टैंकर से टकरा गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर का टायर फटने से आग लग गई और बस उससे टकराकर आग की लपटों में घिर गई। पूरी बस जलकर राख हो गई और चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही चोटिला के डिप्टी कलेक्टर एच.टी. मकवाना और उनकी टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और प्रशासन ने तुरंत दमकलकर्मियों को बुलाया, जिन्होंने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। इस घटना में मामूली रूप से घायल 10 लोगों को राजकोट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से जलने के कारण जान गंवाने वाले चार मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रेफरल अस्पताल में भेज दिया गया है।

मकवाना ने बताया कि रात 1:30 बजे चोटिला-राजकोट राजमार्ग पर संगानी गांव के पास ‘पटिया’ जंक्शन के नजदीक एक निजी बस और डामर से लदे एक डंपर ट्रक के बीच टक्कर हो गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई और उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए चोटिला रेफरल अस्पताल ले जाया गया है।

इसके अलावा, 10 घायल लोगों को ‘108’ एम्बुलेंस से राजकोट सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बस अहमदाबाद से राजकोट जा रही थी, जबकि डामर से लदा डंपर ट्रक उससे आगे चल रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के कारण राजमार्ग पर भारी यातायात जाम हो गया।

उप एसपी एस.एस. भदौरिया ने बताया कि अहमदाबाद-राजकोट राजमार्ग पर संगानी पटिया के पास एक लग्जरी बस और डामर टैंकर के बीच टक्कर हो गई, जिसमें 10 लोग झुलस गए। उन्होंने आगे बताया, उन्हें पहले चोटिला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में राजकोट रेफर कर दिया गया। वाहन के अंदर से चार शव बरामद किए गए हैं। फिलहाल जांच जारी है।

मध्य प्रदेश के देवास में पटाखा कारखाने में हुआ धमाका, चार लोगों की मौत, कई घायल

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देवास: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास जिले में गुरुवार सुबह एक पटाखा कारखाने में हुए भीषण धमाके (massive explosions) में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि धमाके का सटीक कारण अभी तक अज्ञात है। धमाके की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। आग बुझाने के लिए देवास और उज्जैन जिलों से दमकल गाड़ियां भेजी गईं।

देवास के माक्सी रोड स्थित टोंक कलां इलाके में सुबह करीब 11:30 बजे हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल छा गया। कारखाने से धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया और स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के अधिकारी और राहत दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। आसपास के गांवों के लोग भी बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। आग बुझाने के लिए देवास और उज्जैन जिलों से दमकल गाड़ियां भेजी गईं। बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और प्रशासन एवं पुलिस की टीमें राहत कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोगों की हालत बेहद गंभीर है। घायलों को कारखाने के अंदर से निकालकर देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। इस बीच, अस्पताल के कर्मचारियों को सतर्क कर दिया गया ताकि गंभीर रूप से घायलों के पहुंचते ही उनका इलाज शुरू किया जा सके। स्थानीय लोगों को आशंका है कि दुर्घटना की भयावहता को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, 12 गंभीर रूप से घायल मरीजों का फिलहाल जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 11 मरीजों को इंदौर रेफर किया गया है।

 

पीएम मोदी के आह्वान पर वाराणसी नगर निगम की पहल, अब हर शनिवार No Fuel Day

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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के ईंधन खपत कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के आह्वान का असर अब काशी में दिखाई दे रहा है। बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर पार्षदों ने राष्ट्रहित में एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय निर्णय लिया। अब नगर निगम (Municipal Corporation) के प्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन, यानी हर शनिवार को अपने पेट्रोल या डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। इसका अर्थ है कि शनिवार को ‘No Fuel Day’ के रूप में मनाया जाएगा।

नगर निगम मुख्यालय में महापौर कक्ष में पार्षदों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह सर्वसम्मत निर्णय लिया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक शनिवार को सभी पार्षद अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक केवल पैदल, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों से ही यात्रा करेंगे।

बैठक के दौरान, महापौर अशोक कुमार तिवारी ने यह घोषणा करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि जब तक ईंधन संकट बना रहेगा, वे अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक पैदल ही यात्रा करेंगे।

महापौर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। नगर निगम ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि, कचरा ढोने वाले ट्रक और अन्य आवश्यक सेवा वाहन इस अभियान से बाहर रखे गए हैं, क्योंकि नगर निगम आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आता है।

महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से राष्ट्रीय हित में सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल और डीजल वाहनों का उपयोग न करने की अपील की। ​​यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि ईंधन की बचत के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को भी सहयोग देगी।

मोदी पर टिप्पणी से सियासत गरम, भाजपा महिला मोर्चा का कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन

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“सपा सांसद को बर्खास्त करो” के नारों से गूंजा परिसर, अखिलेश यादव की चुप्पी पर भी हमला

फर्रुखाबाद।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बुधवार को भाजपा महिला मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबीता पाठक ने किया।

प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने “सपा सांसद मुर्दाबाद” और “अखिलेश यादव जवाब दो” जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है।

भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबीता पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद होता है, जिसकी गरिमा और सम्मान पूरे राष्ट्र से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि सपा सांसद की टिप्पणी से पूरे देश में आक्रोश है, लेकिन समाजवादी पार्टी नेतृत्व की चुप्पी यह साबित करती है कि पार्टी इस बयान का समर्थन कर रही है। उन्होंने मांग की कि यदि सपा मुखिया अखिलेश यादव में नैतिकता बची है तो संबंधित सांसद को तत्काल पार्टी से बाहर किया जाए।

जिला उपाध्यक्ष भाजपा श्वेता दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी लगातार लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान की मर्यादाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। श्वेता दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित सांसद की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई।

कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म दिखाई दिया। भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने 2027 विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा समाजवादी पार्टी को जवाब देने का दावा भी किया।

प्रदर्शन में ममता सक्सेना, मीना मिश्रा, डॉ. विनीता मिश्रा, चित्रा अग्निहोत्री, रमला राठौर, प्रतिभा राजपूत, सुमन राजपूत, रेखा सोमवंशी, मीरा सिंह, किरण सिंह, नीलम शाक्य, अनिल तिवारी, वीरेंद्र कठेरिया, कृष्ण मुरारी राजपूत, अभिषेक बाथम, गौरव सक्सेना, सर्वेश कुशवाह और शिवांग रस्तोगी सहित कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का स्तर लगातार नीचे जाने को लेकर अब सवाल भी उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद यूपी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत हमलों की तीव्रता और बढ़ सकती है।

अनाथ छात्र प्रकरण में कार्रवाई पर उठे सवाल, समझौते के बाद मामला ठंडे बस्ते में जाने की चर्चा

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आसमपुर विद्यालय मामले में विभागीय कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी, शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल

अमृतपुर फर्रुखाबाद

थाना क्षेत्र के गांव आसमपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 के अनाथ छात्र कृष्णा से कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला अब शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था, लेकिन अब मामले में समझौता हो जाने के बाद कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।परिजनों के अनुसार मिड-डे मील के दौरान भूख अधिक लगने पर छात्र कृष्णा ने थोड़ा अतिरिक्त दूध और दो रोटी मांग ली थी। आरोप है कि इसी बात पर प्रधानाध्यापक नाराज हो गईं और छात्र को डांटने के साथ मारपीट भी की गई। घटना के बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा था।मामला सामने आने के बाद गांव में काफी नाराजगी रही और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई। वहीं पीड़ित पक्ष द्वारा थाना अमृतपुर में तहरीर भी दी गई थी।हालांकि अब क्षेत्र में यह चर्चा है कि पीड़ित परिवार से समझौता करा दिया गया और मामला धीरे-धीरे दबा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद न तो विद्यालय प्रशासन पर कोई स्पष्ट विभागीय कार्रवाई हुई और न ही मिड-डे मील व्यवस्था की खामियों पर कोई जवाबदेही तय की गई।
मामले में खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले को शांत कराने पर ज्यादा जोर दिया गया, जबकि दोष तय करने और कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आए।
थाना अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह ने पहले बताया था कि तहरीर प्राप्त हुई है और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। फिलहाल गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पारदर्शी जांच के साथ जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।