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Sunday, April 26, 2026
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​रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंत्री डॉ. रामदास आठवले ने महिला सम्मेलन एवं चुनाव कार्यशाला को किया संबोधित

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लखनऊ: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ. रामदास आठवले आज लखनऊ के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने केसरबाग स्थित गाँधी प्रेक्षागृह में आयोजित ‘महिला कार्यकर्ता सम्मेलन’ एवं PWD स्थित विश्वेश्वरैया हॉल में आयोजित ‘पदाधिकारी सम्मेलन एवं चुनाव प्रबंधन कार्यशाला’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

​महिला सशक्तिकरण पर डॉ. आठवले का उद्बोधन:

गाँधी प्रेक्षागृह में महिलाओं की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. रामदास आठवले ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए महिलाओं को जागरूक किया और बताया कि किस प्रकार इन योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपने जीवन स्तर को बेहतर और आत्मनिर्भर बना सकती हैं।

​पार्टी की प्रतिबद्धता और चुनावी संकल्प:

कार्यक्रम में मौजूद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा ने महिलाओं के प्रति पार्टी की अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आरपीआई का प्रत्येक कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाने का कार्य करेगा।

​प्रदेश अध्यक्ष श्री पवन भाई गुप्ता ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए संविधान की शक्ति और मताधिकार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के प्रति रणनीति साझा करते हुए संकल्प लिया कि पार्टी प्रदेश में उत्कृष्ट परिणाम देगी।

​कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति:

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र प्रजापति, महानगर अध्यक्ष आर.के. गौतम, मीडिया प्रभारी डॉ. एस.पी. सिंह, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मंगलेश शुक्ला, प्रदेश महामंत्री श्यामधर दूबे एवं प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप दूबे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

​महिला प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष रूचि शुक्ला, सरोज पांडे, रीना राजपूत और टुकुल विश्वास सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहीं। सम्मेलन के माध्यम से पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी चुनावी तैयारियों और संगठन की मजबूती का शंखनाद किया।

ट्रंप ने दिया तालिबानी फरमान! अमेरिका में अपराधियों को गोलियों से भूनेगा ‘फायरिंग स्क्वाड’

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वाशिंगटन: ट्रंप (Trump) ने अमेरिका में क्राइम कंट्रोल करने के लिए तालिबानी फरमान (Taliban decree) सुनाया है, जिसे सुनकर बड़े से बड़े अपराधी की पतलून गीली हो जाएगी। ट्रंप प्रशासन के न्याय विभाग ने बताया है कि अमेरिका में मौत की सजा पाए खूंखार अपराधियों के लिए ‘फायरिंग स्क्वाड’ को मैदान में उतार दिया गया है। ये सरेआम उन्हें गोलियों से भून देंगे। अभी तक अमेरिका में सबसे दर्दनाक सजा ‘लीथल इंजेक्शन’ को माना जाता था, लेकिन अब ट्रंप की ‘बुलेट जस्टिस’ के तहत अपराधी का सीना गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा।

ये सजा देने का एक बहुत पुराना और खौफनाक तरीका है। इसमें मौत की सजा पाए अपराधी की आंखों पर पट्टी बांधी जाती है और उसे एक दीवार के सामने खड़ा कर दिया जाता है, फिर उसके सामने हथियारों से लैस कई बंदूकधारी खड़े होते हैं और एक साथ उसके सीने पर गोलियां दाग देते हैं। ट्रंप का मानना है कि जब तक सजा ‘खौफनाक’ नहीं होगी, तब तक अपराधियों के मन में डर पैदा नहीं होगा।

बाइडन सरकार के दौरान फांसी और मौत की सजा को लेकर जो ढील दी गई थी, ट्रंप ने उसे पूरी तरह पलट दिया है। अभी तक अपराधी सालों-साल जेल में पड़े रहते थे और कानूनी दांव-पेंच में सजा टलती रहती थी। ट्रंप ने अब इस प्रक्रिया को ‘सुपरफास्ट’ बना दिया है। यानी गुनाह साबित हुआ तो मौत देने में सालों का इंतजार नहीं होगा. अब सिर्फ ‘जहरीला इंजेक्शन’ काफी नहीं है। सरकार ने ‘फायरिंग स्क्वाड’ को भी सजा की लिस्ट में शामिल कर लिया है ताकि अपराधियों को उनके कर्मों की अंतिम सजा तुरंत मिल सके।

एक्टिंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने दहाड़ते हुए कहा कि पिछला प्रशासन उन दरिंदों को सजा देने में नाकाम रहा जिन्होंने बच्चों और पुलिसवालों का कत्ल किया. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप पीड़ितों के साथ खड़े हैं। अब खूंखार अपराधियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है। अब उन्हें उनके पापों की ‘अल्टीमेट पनिशमेंट’ भुगतनी ही होगी।’

इसी साल मार्च 2026 में साउथ कैरोलिना में एक डबल मर्डर के आरोपी को फायरिंग स्क्वाड के सामने खड़ा करके मौत दी गई थी। अभी तक यह सजा सिर्फ अमेरिका के 5 राज्यों तक सीमित थी, लेकिन अब ट्रंप इसे पूरे देश में ‘फेडरल लेवल’ पर लागू कर रहे हैं।

 

IPL इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज: पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराया

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265 रनों का पीछा कर बनाया नया रिकॉर्ड, केएल राहुल की 152 रन की पारी भी नहीं बचा सकी दिल्ली

पंजाब किंग्स ने आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज पूरा करते हुए एक यादगार जीत दर्ज की। रोमांचक मुकाबले में पंजाब ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर 18.5 ओवर में 265 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया। यह आईपीएल इतिहास का अब तक का सबसे सफल रन चेज बन गया है।

पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवर में 2 विकेट पर 264 रन बनाए। टीम के लिए केएल राहुल ने नाबाद 152 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली। राहुल की इस पारी ने दिल्ली को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था।

दिल्ली की ओर से राहुल और नीतीश राणा के बीच 220 रनों की बड़ी साझेदारी हुई, जिसने पंजाब के गेंदबाजों को दबाव में डाल दिया। नीतीश राणा ने भी 91 रन की शानदार पारी खेली और टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने धमाकेदार शुरुआत की। प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए 126 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया। पावरप्ले में ही पंजाब ने 100 से ज्यादा रन बनाकर दिल्ली पर दबाव बना दिया।

प्रभसिमरन सिंह ने 76 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 71 रन बनाकर मैच खत्म किया। दोनों बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।

मध्य ओवरों में कुलदीप यादव ने दो अहम विकेट लेकर दिल्ली को वापसी दिलाने की कोशिश की, लेकिन पंजाब की बल्लेबाजी की गहराई के आगे यह नाकाफी साबित हुआ। श्रेयस अय्यर को दो जीवनदान भी मिले, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।

अंतिम ओवरों में श्रेयस अय्यर ने लगातार बड़े शॉट लगाकर मैच को सात गेंद शेष रहते समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ पंजाब ने अपना ही 2024 का 262 रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया और नया इतिहास रच दिया।

इस मुकाबले के साथ पंजाब किंग्स ने न केवल आईपीएल का सबसे बड़ा रन चेज किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि टीम इस सीजन में खिताब की सबसे मजबूत दावेदारों में से एक है।

पंजाब किंग्स का ऐतिहासिक रन चेज, दिल्ली को 6 विकेट से हराया

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पंजाब किंग्स ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज पूरा कर दिया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल के नाबाद 152 रन की बदौलत 20 ओवर में 264 रन बनाए, लेकिन पंजाब ने यह लक्ष्य 18.5 ओवर में 265 रन बनाकर हासिल कर लिया।

पंजाब की ओर से प्रभसिमरन सिंह (76) और कप्तान श्रेयस अय्यर (71*) ने शानदार पारियां खेलीं और टीम को जीत की ओर पहुंचाया। टीम ने पावरप्ले में ही तेज शुरुआत करते हुए 100 से ज्यादा रन बना दिए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने पहले विकेट के लिए 126 रन की साझेदारी की, जिससे मैच पूरी तरह उनके पक्ष में चला गया।

दिल्ली की ओर से कुलदीप यादव ने 2 विकेट लिए, लेकिन बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर सके। पंजाब की यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि टीम ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो उसने 2024 में 262 रन चेज करके बनाया था।

इस जीत के साथ पंजाब किंग्स आईपीएल में सबसे सफल रन चेज करने वाली टीम बन गई है और लगातार मजबूत फॉर्म में नजर आ रही है।

जमालपुर रैली में गरजे अमित शाह, पुलिस को मंच से हटने का दिया निर्देश, ममता सरकार पर तीखा हमला

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कोलकाता

पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर मे आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले आयोजित इस रैली में उन्होंने जहां भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं मंच के पास मौजूद पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नाराजगी भी जाहिर की।
रैली को संबोधित करते समय अचानक गृह मंत्री की नजर मंच के समीप तैनात वेस्ट बंगाल पुलिस के कुछ कर्मियों पर पड़ी। उनकी हरकतों से भाषण में व्यवधान उत्पन्न होता देख अमित शाह ने अपना संबोधन बीच में ही रोक दिया और माइक से ही पुलिसकर्मियों को पीछे हटने के लिए कहा। उन्होंने ऊंची आवाज में निर्देश देते हुए व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। इस दौरान सभा में मौजूद समर्थकों ने भी शोर मचाकर उनका समर्थन किया। यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव में तृणमूल समर्थित तत्व हिंसा कर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गृह मंत्री ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी ममता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकार है, लेकिन कहीं भी महिलाओं को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह नहीं दी जाती। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
इसके साथ ही अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो तृणमूल कांग्रेस से जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव राज्य के भविष्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रंप का यू-टर्न: सैन्य कार्रवाई से पीछे हटे, बोले—ईरान चाहे तो बातचीत के लिए दरवाजा खुला

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वाशिंगटन

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए फिलहाल सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने की कोई योजना नहीं है और इस दिशा में अभी कोई विचार नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है और ईरान जब चाहे संपर्क कर सकता है। इस बयान को दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक नरम संकेत माना जा रहा है।
हालांकि दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयासों को झटका भी लगा है। अमेरिका ने अपने विशेष दूत जारीद कुशनेर और स्टीव विटकॉफ की पाकिस्तान यात्रा को अचानक रद्द कर दिया है, जहां इस्लामाबाद में ईरान-इस्राइल युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश होनी थी। इस फैसले से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीदों को बड़ा धक्का लगा है।
इसी बीच पाकिस्तान में भी हलचल तेज रही। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इस बैठक को दोनों देशों के बीच ‘सौहार्दपूर्ण’ बताया गया और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर जोर दिया गया। हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद इस्लामाबाद से वापस लौट गया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि बातचीत की राह अभी आसान नहीं है।
तनाव का केंद्र बना स्ट्रैट ऑफ़ होरमुज़ भी वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में उसकी नाकेबंदी और सैन्य गतिविधियां जारी रहीं तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। उधर, इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच भी संघर्ष जारी है, जहां दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के लड़ाकों के मारे जाने के दावे सामने आए हैं।
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां ट्रंप का बयान तनाव कम करने की दिशा में उम्मीद जगाता है, वहीं कूटनीतिक प्रयासों में रुकावट और जमीनी हालात इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि पश्चिम एशिया में स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।