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Saturday, February 14, 2026
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निर्माणधीन मकान बना काल, भरभराकर गिरा लिंटर, मलबे में दबने से एक बच्चे की मौत, 11 लोग घायल

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फिरोजाबाद: यूपी के Firozabad के थाना नारखी क्षेत्र के दौलतपुर गांव में निर्माणधीन मकान (house under construction) का लिंटर गिरने की घटना सामने आई है। मलबे में दबने से 4 साल के बच्चे की मौत हो गई, वहीं 11 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें तीन राजमिस्त्री, पांच लिंटर श्रमिक और गृह स्वामी के परिवार के पांच लोग शामिल हैं। मृतका बच्ची गृह स्वामी की धेवती है। मौके से ठेकेदार भाग गया। घायलों का ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से घायलों को निकलवाकर अस्पताल भिजवाया गया।

पूरा मामला थाना नारखी क्षेत्र के दौलतपुर गांव का है. जहां एक मकान निर्माणधीन था। मकान की दूसरी मंजिल पर लिंटर डालने का काम चल रहा था, इसी दौरान लिंटर अचानकर भर-भराकर गिर गया जिसके मलबे में कई लोग दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकलवाया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना में 4 साल के बच्चे की जान गई है, वहीं घायलों में मजदूरों के साथ मकान मालिक का परिवार भी शामिल है।

खबरों के मुताबिक, लिंटर जब भरभराकर गिरा तब उस वक्त राजमिस्त्री महेंद्र निवासी न्यू रामगढ़, प्रवीण निवासी दौलतपुर, गौरव निवासी दौलतपुर के साथ लिंटर का मलबा डाल रहे श्रमिक राजवीर निवासी चनौरा, रामगढ़, चमन प्रकाश निवासी रैपुरा, किशनमोहन निवासी चनौरा, श्यामसुंदर निवासी चनौरा, मोनू निवासी ककरऊ कोठी के साथ गृह स्वामी अशोक यादव थे। लिंटर गिरते ही यह सभी उसके मलबे के साथ नीचे आ गिरे और मलबे में दब गए।

इसके अलावा नीचे टीनशेड में अशोक की पत्नी मुन्नी देवी, विवाहित बेटी शीलू, बेटा शीलेंद्र, नाती अनिकेत और धेवती सृष्टि (4) थी। हादसे में सृष्टि की मौके पर ही मौत हो गई। मलबा इन सभी के ऊपर गिरा, जिससे यह लोग भी घायल हो गए। सूचना पर थाना पुलिस, एंबुलेंस सहित पहुंची और घायलों को मलबे से रेस्क्यू कर बाहर निकाला। सभी को मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भेजा गया। यहां डॉक्टरों ने सृष्टि को मृत घोषित कर दिया।

 

मामूली विवाद ने लिया खूनी संघर्ष का रूप, 13 घायल – 12 की हालत गंभीर

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कासगंज: थाना सुनगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत गनेशपुर भाटान गांव में शुक्रवार सुबह मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे तथा धारदार हथियार चलने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कुल 13 लोग घायल हो गए, जिनमें 12 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत गुरुवार शाम बच्चों के बीच हुई कहासुनी से हुई थी। ग्रामीणों ने उस समय दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव बना रहा। आरोप है कि शुक्रवार सुबह जब एक पक्ष की महिला घूर (कूड़ा/फूंस) डालने जा रही थी, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे रोककर मारपीट शुरू कर दी। महिला के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया और दोनों ओर से लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और धारदार हथियार चलने लगे।

ग्रामीण जसवीर सिंह का आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया और फायरिंग भी की। हालांकि फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। मारपीट में जसवीर पक्ष के हेम सिंह, जसवीर सिंह, दुर्बीन, नीरज, प्रकाश, योगेन्द्र, सावित्री, रामवीर, अमन और सुभाष गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से मुकेश, संजू और रमेश को भी चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सुनगढ़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल गंजडुंडवारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद 12 घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार कई लोगों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समझौता नहीं कराया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की चेतावनी दी है।

कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट: सोरों गेट पर एसडीएम व सीओ सिटी ने संभाली कमान

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कासगंज: जनपद में चल रही पवित्र कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। शुक्रवार को सोरों गेट स्थित पिंक बूथ के पास उपजिलाधिकारी संजीव कुमार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी आंचल चौहान स्वयं मौके पर पहुंचे और सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने कांवड़ियों के आवागमन में बाधा बन रहे वाहनों को तत्काल हटवाया और पुलिस बल के साथ मिलकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया।

श्रावण मास में बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगा जल लेकर विभिन्न शिवालयों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। ऐसे में सोरों गेट क्षेत्र, जो प्रमुख मार्गों में शामिल है, वहां सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम संजीव कुमार ने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ियों के मार्ग में किसी प्रकार की अव्यवस्था न रहे और अस्थायी अतिक्रमण या अनियंत्रित यातायात को तत्काल हटाया जाए।
सीओ सिटी आंचल चौहान ने पुलिस अधिकारियों के साथ पैदल भ्रमण कर बैरिकेडिंग, ड्यूटी प्वाइंट और ट्रैफिक डायवर्जन

व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया कि भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा जाए और वैकल्पिक मार्गों से उन्हें डायवर्ट किया जाए, ताकि कांवड़ियों को निर्बाध मार्ग मिल सके।

अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है तथा ड्रोन कैमरे की मदद से भी भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही चिकित्सा टीमों और एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

एसडीएम संजीव कुमार ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, हुड़दंग या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं सीओ सिटी आंचल चौहान ने बताया कि पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन की इस सक्रियता से कांवड़ियों और स्थानीय लोगों में विश्वास का माहौल है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन का सहयोग करें, निर्धारित मार्गों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

महाशिवरात्रि 2026: ऊसराहार के हजारी महादेव मंदिर में कड़े सुरक्षा इंतजाम

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सात थानाध्यक्ष व पीएसी तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी

इटावा: ऊसराहार स्थित हजारी महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थागत तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने मंदिर परिसर व मेला क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला समिति के अध्यक्ष पंचम सिंह यादव को निर्देशित किया कि गंगाजल से भरी कांच की बोतलों को एक स्थान पर एकत्रित कर व्यवस्थित रूप से चढ़ाने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि परिसर में कांच टूटने जैसी घटनाओं से बचाव हो सके।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर सात थानाध्यक्ष, दस इंस्पेक्टर, 105 सिपाही, 60 महिला कांस्टेबल तथा दो सेक्शन पीएसी तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त दस ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभालेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन दमकल वाहन भी तैनात किए जाएंगे।

मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी, जबकि प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। अराजक तत्वों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर 14 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, जहां चार पहिया वाहनों को रोककर निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा कराया जाएगा। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए चार अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी श्वेता मिश्रा, क्षेत्राधिकारी भरथना रामदवन मौर्य एवं थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने भी पूर्व में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया था। प्रशासन ने कांवड़ियों और सामान्य भक्तों के लिए अलग-अलग मार्ग और प्रवेश द्वार निर्धारित किए हैं, ताकि दर्शन में बाधा न आए और भीड़ का दबाव नियंत्रित रखा जा सके।

थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि यद्यपि महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के तहत 13 फरवरी से ही पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो सके।

बिना परमिट दौड़ रही रोडवेज बस सीज, चालक के पास लाइसेंस नहीं, 17,500 रुपये का चालान

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इटावा: यातायात नियमों की अनदेखी करना एक अनुबंधित रोडवेज बस चालक को महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस ने बेवर डिपो की एक अनुबंधित बस को बिना वैध परमिट संचालित करने, बीच सड़क पर सवारियां उतारने और चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने के आरोप में सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान बस पर 17,500 रुपये का चालान किया गया, जबकि चालक को सख्त चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

घटना शहर के व्यस्त इलाके चौधरी पंप के पास की है, जहां बीच सड़क पर बस खड़ी कर सवारियां उतारी जा रही थीं। इससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और राहगीरों व अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी टीएसआई सूबेदार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।

यातायात प्रभारी ने चालक को तत्काल बस हटाकर साइड में लगाने के निर्देश दिए, लेकिन आरोप है कि चालक उलझ गया और बस हटाने से इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दस्तावेजों की जांच की, जिसमें बस के पास वैध परमिट नहीं मिला और चालक ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं में 17,500 रुपये का चालान काटते हुए बस को सीज कर पुलिस लाइन भिजवा दिया गया।

यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक वाहनों द्वारा मनमाने ढंग से बीच सड़क पर सवारी उतारने और चढ़ाने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना परमिट और बिना लाइसेंस वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई से अन्य वाहन चालकों और परिवहन संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा कर जाम की स्थिति उत्पन्न न करें।

जेल में इमरान खान संग दुर्व्यवहार के आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाने का दिया आदेश

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद खान की एक आंख की रोशनी लगभग चली जाने की खबर सामने आने के बाद Supreme Court of Pakistan ने उनकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत चिकित्सीय मूल्यांकन सुनिश्चित करने को कहा है।

अदालत ने साथ ही खान को अपने बच्चों से बातचीत की अनुमति देने का भी निर्देश दिया। भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किए गए खान फिलहाल रावलपिंडी की Adiala Jail में बंद हैं। उनके समर्थकों का आरोप है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल रही है।

Pakistan Tehreek-e-Insaf (पीटीआई) के संस्थापक खान की सेहत पर चिंता जताते हुए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रांतीय कैबिनेट की बैठक में उन्होंने कहा कि आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक 73 वर्षीय खान की दाहिनी आंख में केवल 10 से 15 प्रतिशत दृष्टि शेष है और वे अपनी अधिकांश दृष्टि खो चुके हैं।

हालांकि अफरीदी ने यह भी दावा किया कि इस रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, क्योंकि खान के निजी चिकित्सकों को अब तक स्वतंत्र रूप से उनकी पूरी जांच करने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने इसे सरकार की “घोर लापरवाही और आपराधिक गैरजिम्मेदारी” करार दिया।

सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे ने नया तनाव पैदा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि खान की सेहत और जेल में व्यवहार का मुद्दा आने वाले समय में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति को और अधिक गरमा सकता है।