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Sunday, June 21, 2026
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PNB ने स्वस्थ व समग्र कल्याण पर केंद्रित 12 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया

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~ पीएनबी परिवार ने जीवन क्लायण व स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देने के लिए अपनाया योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम

नई दिल्ली: भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस “योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के साथ मनाया। । शारीरिक फिटनेस, मानसिक कल्याण और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित योग सत्रों में भाग लेने के लिए पीएनबी परिवार विभिन्न अंचल, मंडल कार्यालयों और प्रधान कार्यालय में एक साथ आया।

योग सत्र का संचालन योग, एक्यूप्रेशर और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. के.के. झा ने किया । इस अवसर पर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अशोक चंद्र, कार्यकारी निदेशक श्री बिभु प्रसाद महापात्र, श्री अमित कुमार श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस मौके पर ऑनलाइन रूप से बैंक के सभी अंचल और मंडल कार्यालयों के कर्मचारियों ने भी इस योग सत्र में भाग लिया, जो समग्र कल्याण के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें आसनों, प्राणायाम, ध्यान और रिलैक्सेशन की तकनीकों का मार्गदर्शन दिया गया, जो जीवन के हर पड़ाव पर शक्ति, संतुलन और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

इस उत्सव ने शारीरिक जीवन शक्ति को बढ़ाकर, तनाव को कम करके, मानसिक लचीलेपन में सुधार करके और एक संतुलित जीवन शैली को बढ़ावा देकर स्वस्थ का समर्थन करने वाले एक सदाबहार अभ्यास के रूप में योग के महत्व पर जोर दिया। अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से, पीएनबी ने कर्मचारी कल्याण और एक स्वस्थ एवं अधिक उत्पादक कार्यस्थल बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

योग, प्राणायाम और मानसिक जागरूकता को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अशोक चंद्र ने कहा: ” योग विश्व कल्याण के लिए भारत का सबसे बड़ा योगदान है। हर दिन अपने स्वास्थ्य में किया गया एक छोटा सा निवेश भी बड़ा बदलाव ला सकता है। बस 30 मिनट की सैर, उसके बाद 15-20 मिनट का योग और कुछ मिनटों का ध्यानपूर्वक सांस लेना शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति का निर्माण करता है।

योग केवल व्यायाम का एक रूप नहीं है, यह शरीर को मजबूत बनाता है, दिमाग को तेज करता है और चेतना को ऊपर उठाता है। पीएनबी में, हमारा मानना है कि कर्मचारियों का कल्याण ही संगठनात्मक उत्कृष्टता की कुंजी है, और योग को जीवन जीने के तरीके के रूप में अपनाकर, हम एक स्वस्थ, अधिक उत्पादक और मजबूत समाज का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने आयुष मंत्रालय की “योग 365” और “योग समावेश” पहलों के बारे में भी बताया, जो सभी के लिए स्वास्थ्य और कल्याण को सुलभ बनाने का प्रयास करती हैं।

Women’s T20 World Cup 2026 में भारत की पहली हार, साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से जीता मुकाबला

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नई दिल्ली: आईसीसी विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप (ICC Women’s T20 World Cup) के ग्रुप स्टेज के तीसरे मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के हाथों 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला मैनचेस्टर के प्रतिष्ठित एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान (Emirates Old Trafford ground) पर खेला गया, जहां सेमीफाइनल की दौड़ के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा था।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। भारतीय बल्लेबाजों ने संयमित प्रदर्शन करते हुए उपयोगी योगदान दिया, लेकिन कोई भी खिलाड़ी बड़ी और निर्णायक पारी नहीं खेल सकी। भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने सर्वाधिक 31 रन बनाए।

इसके अलावा दीप्ति शर्मा ने 29 रन की अहम पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 24 रन जोड़े। उपकप्तान स्मृति मंधाना 17 रन बनाकर आउट हुईं। मध्यक्रम में यास्तिका भाटिया और ऋचा घोष ने 15-15 रन का योगदान दिया। जेमिमा रोड्रिग्स ने 12 रन बनाए। अंत में अरुंधति रेड्डी 6 रन और डेब्यू कर रहीं प्रेमा रावत 3 रन बनाकर नाबाद रहीं।

159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका टीम ने 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। साउथ अफ्रीका की ओर से मारिज़ैन कप्प ने नाबाद 81 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम की जीत की मुख्य हीरो रहीं। उनके अलावा ताज़मिन ब्रिट्स ने 40 रन और कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने 20 रन का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका ने मजबूत साझेदारियों के दम पर मैच अपने नाम किया।

भारतीय गेंदबाजी में श्री चरणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट हासिल किए। वहीं शेफाली वर्मा को 1 सफलता मिली। हालांकि अन्य गेंदबाज निर्णायक मौके पर विकेट निकालने में सफल नहीं हो सके।

साउथ अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में भी बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। अनुभवी तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल और ऑलराउंडर मारिज़ैन कप्प ने 2-2 विकेट झटके। इसके अलावा अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा और नादिन डी क्लार्क को 1-1 विकेट मिला।

इस हार के साथ भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बड़ा झटका लगा है। अब टीम इंडिया को आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि टूर्नामेंट में आगे की राह आसान हो सके।

भारत और साउथ अफ्रीका की प्लेइंग 11

भारत

स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यास्तिका भाटिया, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, श्री चरणी, नंदनी शर्मा।

साउथ अफ्रीका

लौरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), ताज़मिन ब्रिट्स, एनेरी डर्कसन, डेन वैन नीकेर्क, मारिज़ैन कप्प, नादिन डी क्लार्क, क्लो ट्रायॉन (विकेटकीपर), सिनालो जाफ्ता, शबनीम इस्माइल, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा।

 

संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज, 30 जून तक लगेंगी राहत चौपालें: डीएम

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फर्रुखाबाद। मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से बाढ़ संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों की सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने नाव, लाइफ जैकेट, राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, तटबंध सुरक्षा सामग्री तथा अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त भंडारण एवं नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सर्च लाइट, नाव और अन्य तकनीकी उपकरण तैयार रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों की स्थापना तथा आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी बाढ़ शरणालयों को तत्काल संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के समुचित इंतजाम रखने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 30 जून तक बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन पूरा कर लिया जाए, जिससे लोगों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी मिल सके।

स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस और चिकित्सकीय टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक निर्माण विभाग को संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया।

डीएम ने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

यमुना बाजार घाट पर संकट गहराया, 300 घर खाली, 50 से अधिक मंदिरों के भविष्य पर संशय

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नई दिल्ली: कश्मीरी गेट स्थित यमुना बाजार घाट (Yamuna Bazar Ghat) क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की ओर से जारी नोटिस के बाद यहां के निवासी अपने घर खाली करने लगे हैं। यमुना तट पर स्थित होने के कारण यह इलाका ‘ओ’ जोन में आता है और प्रशासन द्वारा इसे अवैध बसावट घोषित किया गया है। ऐसे में इस सप्ताह कभी भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है।

पिछले महीने प्रशासन ने 300 से अधिक परिवारों को मकान खाली करने का नोटिस दिया था, जिसकी समयसीमा इस माह की शुरुआत में समाप्त हो चुकी है। प्रभावित परिवारों ने राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की संभावना जताए जाने के बाद लोगों ने स्वयं ही अपने घरों से सामान निकालना शुरू कर दिया है।

यमुना बाजार घाट पर वर्षों से रह रहे पंडा परिवार, मछुआरे, नाई समुदाय के लोग और किरायेदार अब वजीराबाद, गीता कॉलोनी तथा कैलाश नगर जैसे इलाकों में स्थानांतरित हो रहे हैं। स्थानीय निवासी राकेश शर्मा के अनुसार, अगले एक-दो दिनों में पूरा क्षेत्र लगभग खाली हो जाएगा।

हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यहां मौजूद 50 से अधिक मंदिरों के भविष्य को लेकर है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मंदिरों को भी हटाया जाएगा या उन्हें यथावत रखा जाएगा। यदि मंदिर बने रहते हैं, तो उनकी नियमित पूजा-अर्चना, भोग और धार्मिक गतिविधियों का संचालन कैसे होगा, यह भी चिंता का विषय बना हुआ है। प्रतिदिन दिल्ली सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई आसान नहीं होगी। एक ओर यमुना घाट, दूसरी ओर ऊंची दीवार और पास में निगमबोध घाट होने से बुलडोजर के प्रवेश के लिए सीमित रास्ते हैं। ऐसे में संभावना है कि घाट नंबर-2 की ओर से कार्रवाई शुरू की जाए। पहले नदी किनारे की बसावट हटाकर रास्ता बनाया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।

 

हरियाणा: खेल विभाग का अधिकारी ₹50,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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नूंह: भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक अहम कार्रवाई में, हरियाणा राज्य विजिलेंस (Haryana State Vigilance) और एंटी-करप्शन ब्यूरो (SV&ACB) ने नूंह के ज़िला खेल विभाग (District Sports Department) में तैनात एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट को एक शिकायतकर्ता से ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी, जिसकी पहचान रामेहर के तौर पर हुई है, को विजिलेंस ब्यूरो की गुरुग्राम यूनिट द्वारा चलाए गए एक ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके खिलाफ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के बाद शुरू की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ज़िला खेल विभाग के अधिकारी सरकारी काम पूरा करने और वाहन अनुबंध से जुड़ी विभागीय व्यवस्थाओं को बहाल करने के बदले पैसे की मांग कर रहे थे।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी गाड़ी को एक कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए नूंह स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट में ₹31,600 के मासिक किराए पर लगाया गया था। हालांकि, उसे फरवरी 2026 से पेमेंट नहीं मिला था। पूछताछ करने पर उसे बताया गया कि ज़िला स्पोर्ट्स अधिकारियों की शिकायत के बाद, 1 जून से गाड़ी को डिपार्टमेंट की सर्विस से हटा दिया गया था।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने गाड़ी को फिर से सर्विस में शामिल करने और डिपार्टमेंट से जुड़ी स्पोर्ट्स नर्सरी को सुचारू रूप से चलाने देने के लिए ₹1.5 लाख की मांग की थी। पूरी रकम का इंतज़ाम न कर पाने के कारण, उसने ₹50,000 देने पर सहमति जताई और विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, SV&ACB के अधिकारियों ने जाल बिछाया और आरोपी डिप्टी सुपरिटेंडेंट को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

 

अभेद्य सुरक्षा घेरे में संपन्न हुई नीट-यूजी पुनर्परीक्षा, 22 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अब परिणाम के भरोसे

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लखीमपुर खीरी में सुरक्षा की जांच करते पुलिसकर्मी

पेपर लीक विवाद के बाद 5,454 केंद्रों पर हुआ री-एग्जाम
7 लाख कर्मियों की तैनाती
1.38 लाख सीसीटीवी कैमरों से निगरानी

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और कड़े निगरानी तंत्र के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। पेपर लीक विवाद के कारण पूर्व में रद्द की गई परीक्षा के बाद आयोजित इस री-एग्जाम में देश और विदेश के कुल 5,454 परीक्षा केंद्रों पर 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब लाखों छात्रों का भविष्य परिणाम और मेरिट सूची पर निर्भर हो गया है।

37 दिन में तैयार हुआ देश का सबसे बड़ा परीक्षा अभियान

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अनुसार इस विशाल परीक्षा आयोजन की पूरी रणनीति मात्र 37 दिनों में तैयार की गई। देश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्र तथा विदेशों के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए। हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 भारतीय भाषाओं में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के संचालन में केंद्र और राज्य सरकारों की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया।

अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम, हर केंद्र पर कड़ा पहरा

पेपर लीक प्रकरण के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके चलते इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए जो पहले कभी देखने को नहीं मिले। प्रत्येक अभ्यर्थी की दो स्तरों पर तलाशी ली गई। बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया। देशभर में 1.38 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई जबकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 53 हजार से अधिक उच्च क्षमता वाले जैमर लगाए गए।

प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीटों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायु सेना और भारतीय डाक विभाग की सेवाएं ली गईं। परीक्षा केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस और साइबर कमांडो की तैनाती भी की गई।

34 कमांड सेंटर से रखी गई नजर

पूरे परीक्षा अभियान की निगरानी के लिए एनटीए मुख्यालय, शिक्षा मंत्रालय और देश के 34 केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों में विशेष कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए। इन केंद्रों से परीक्षा की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके।

दिव्यांग और बीमार छात्रों के लिए विशेष इंतजाम

एनटीए ने 10 हजार से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं कीं। इसके अलावा 81 गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे छात्रों के लिए अलग इंतजाम किए गए। इनमें सड़क दुर्घटना से उबर रहे और कैंसर उपचार के दौरान कीमोथेरेपी ले रहे छात्र भी शामिल थे। कई राज्यों में परीक्षार्थियों के लिए मुफ्त परिवहन, पेयजल, छाया और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।

7 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाली जिम्मेदारी

देशभर में परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस, पर्यवेक्षकों, केंद्र अधीक्षकों और अन्य कर्मचारियों सहित करीब 7 लाख अधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की गई। एनटीए ने इस सफल आयोजन में सहयोग के लिए गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, भारतीय डाक विभाग, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र तथा कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का आभार व्यक्त किया।

छात्रों को मिला अतिरिक्त समय

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार पहली बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। इससे छात्रों को दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी करने और प्रश्नपत्र को बेहतर ढंग से पढ़ने का अवसर मिला। दोपहर 2 बजे शुरू हुई परीक्षा शाम 5:15 बजे समाप्त हुई।

प्रधानमंत्री ने दिखाई संवेदनशीलता

नीट परीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता दी। कोलकाता से दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने लगभग 45 मिनट तक हवाई अड्डे पर ही रुकने का निर्णय लिया ताकि उनके काफिले के कारण शहर में यातायात प्रभावित न हो और परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अब परिणाम और फोरेंसिक जांच पर नजर

एनटीए के अनुसार परीक्षा के बाद ओएमआर शीटों की फोरेंसिक समीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब अपने मेडिकल करियर का रास्ता तय करने वाले परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।