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Saturday, May 16, 2026
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जयपुर में बुजुर्ग दंपती का अपहरण, 5 दिन बंधक बनाकर वसूले 48 लाख, बोले- पुलिस के पास गए तो बम से उड़ा देंगे

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जयपुर: जयपुर (Jaipur) के भांकरोटा इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको सुन्न कर दिया है। यहां बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपती (Elderly couple) को झांसा देकर पूरे 5 दिनों तक बंधक बनाए रखा। उनसे करीब 48 लाख रुपये की मोटी रकम भी वसूल ली। बदमाशों का मन इतने से भी नहीं भरा। उन्होंने बुजुर्गों को ऐसी खौफनाक धमकी दी कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाएं। बदमाशों ने कहा कि अगर पुलिस के पास गए तो बम से उड़ा देंगे, जिससे तुम्हारा डीएनए (DNA) तक नहीं मिलेगा।

पूरा खेल एक धोखे से शुरू हुआ। बदमाशों ने बुजुर्ग दंपती को जाल में फंसाने के लिए प्रॉपर्टी का बहाना बनाया। उन्होंने कहा कि एक अच्छी जमीन का सौदा करना है। दंपती उनकी बातों में आ गए। जैसे ही बुजुर्ग दंपती बताए गए ठिकाने पर पहुंचे, वहाँ पहले से घात लगाए बदमाशों ने हथियारों के बल पर उन्हें दबोच लिया। इसके बाद शुरू हुआ 5 दिनों का वो टॉर्चर, जिसे याद कर आज भी पीड़ित कांप उठते हैं।

बदमाशों ने दोनों को किसी अनजान जगह पर बंद कर दिया। इन पांच दिनों में उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी गईं। मानसिक और शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। डर के मारे दंपती ने सब कुछ बदमाशों के हवाले कर दिया। बदमाशों ने करीब 47 से 48 लाख रुपये की भारी रकम कैश और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए लूट ली। इतनी बड़ी रकम ऐंठने के बाद भी बदमाश लगातार चीथड़े उड़ाने की धमकी देते रहे।

घटना के करीब 7 दिन बाद एक परिचित की मदद से दंपती जैसे-तैसे उनके चंगुल से छूटे। घर लौटकर जब खुद को सुरक्षित पाया, तब जाकर भांकरोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस भी मामला सुनते ही तुरंत एक्शन में आ गई।

सूत्रों के मुताबिक, जयपुर पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने के लिए तुरंत 6 से 7 स्पेशल टीमें बनाई हैं। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरन खुद इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं। अब पुलिस की टीमें राजस्थान के साथ-साथ बिहार और पड़ोसी राज्यों में संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरी गैंग सलाखों के पीछे होगी।

 

एंटी इनकम्बेंसी की आंधी या “सख्त सरकार” का असर?

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– विरोध के बीच भी बीजेपी से खुश दिख रहा आम जनमानस
– केवल सिटिंग से विरोध आ रहा सामने
– बीजेपी नें टिकटें बदल दीं तो फिर सत्ता में होगा दखल
शरद कटियार
उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। एक तरफ सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकम्बेंसी की चर्चा तेज है, तो दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में लोग अब भी बीजेपी सरकार के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर लगातार विरोध, महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक शिकायतों के बावजूद जनता का एक बड़ा वर्ग भाजपा से नाराज क्यों नहीं दिख रहा?
प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई, माफियाओं पर शिकंजा, अवैध कब्जों पर प्रहार और सरकारी सिस्टम में बढ़ती सख्ती ने भाजपा की छवि “कठोर लेकिन निर्णायक सरकार” के रूप में बनाई है। गांवों और कस्बों में आज भी बड़ी संख्या में लोग कानून-व्यवस्था को योगी सरकार की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। यही कारण है कि विपक्ष के तमाम हमलों के बावजूद भाजपा का कोर वोटर पूरी तरह खिसकता नजर नहीं आ रहा।
हालांकि दूसरी तस्वीर भी कम गंभीर नहीं है। युवाओं में भर्ती परीक्षाओं को लेकर नाराजगी है। पेपर लीक, संविदा भर्ती, रोजगार संकट और महंगाई जैसे मुद्दे सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा कर रहे हैं। शिक्षकों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के बीच भी कई फैसलों को लेकर नाराजगी है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष उस नाराजगी को बड़े जनआंदोलन में बदलने में सफल नहीं दिख रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा ने “राष्ट्रवाद + कानून व्यवस्था + हिंदुत्व + लाभार्थी योजना” का ऐसा समीकरण तैयार किया है, जिसने एंटी इनकम्बेंसी के असर को काफी हद तक सीमित कर दिया। उज्ज्वला, राशन, आवास और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का असर गरीब वर्ग में अब भी दिखाई देता है। यही कारण है कि नाराजगी होने के बावजूद वोट पूरी तरह विपक्ष की तरफ शिफ्ट नहीं हो रहा।
विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसे की है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं, लेकिन जनता अब सिर्फ आरोप नहीं, विकल्प भी तलाश रही है। भाजपा विरोधी वोट बंटने का खतरा भी विपक्ष की कमजोरी बना हुआ है।
बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी अगर योगी की बात मान 30 सीटें बदल दी होतीं तो बड़ा नुकसान बच जाता, अंदरखाने माने तो इस बार भी बाबा करीब 150 टिकट बदलने के लिए कह चुके हैं।
प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा सच यही है कि जनता अब भावनात्मक भाषणों से ज्यादा “एक्शन” देखना चाहती है। अगर सरकार सड़क, सुरक्षा और सिस्टम पर सख्ती दिखाती है तो आम आदमी कई शिकायतों के बावजूद उसे मौका देने को तैयार दिखता है। प्रदेश के कई जनपद ऐसे हैं जहां पर आम जन्मश में वहां के विधायक के प्रति खास रोष है जबकि मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के प्रति आज भी संवेदनशीलता है। दिन में कन्नौज फर्रुखाबाद शाहजहांपुर हरदोई एटा मैनपुरी के जिले तो बेहद चर्चा में है क्योंकि यहां पर सपा सरकार के दौरान प्रभावित लोग इस सरकार में भी बीते 9 वर्षों तक अपना प्रभाव छोड़ते रहे जिससे भाजपा का बह वर्ग ना खुश रहा जो तब उत्पीड़न का शिकार था और वह बदली सरकार में भी उत्पीड़न ही झेलता रहा।
यानी तस्वीर साफ है,विरोध है, नाराजगी है, सवाल भी हैं…लेकिन फिलहाल उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ गुस्सा उतना मजबूत नहीं दिख रहा, जितनी उसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में हो रही है।

लोहिया अस्पताल में खत्म होता दिखा डीएम का खौफ: इमरजेंसी के बाहर बेहोश पड़ा रहा मरीज

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जिला अधिकारी के निरीक्षण हो रहे बेसर, व्यवस्थाएं हो रही बे पटरी
फर्रुखाबाद। जनपद के प्रमुख सरकारी अस्पताल डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में व्यवस्थाएं पूरी तरह से बेपटरी नजर आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर का खौफ भी अब अस्पताल प्रशासन पर खत्म होता दिखाई दे रहा है।
शनिवार को इसका ताजा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब एक मरीज आपातकालीन कक्ष के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील स्थान पर भी कोई कर्मचारी उसकी मदद के लिए तुरंत मौजूद नहीं था। मरीज काफी देर तक जमीन पर पड़ा रहा, लेकिन न तो वार्ड बॉय नजर आया और न ही अन्य स्टाफ।
बताया जा रहा है कि इमरजेंसी के बाहर वार्ड बॉय की ड्यूटी तो लगाई जाती है, लेकिन हकीकत में मौके पर उनकी मौजूदगी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। जब काफी देर बाद सुरक्षा कर्मियों ने चिकित्सकों को सूचना दी, तब जाकर आनन-फानन में एक वार्ड बॉय को भेजा गया और मरीज को भर्ती कराया गया।
इस घटना ने साफ कर दिया है कि प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अस्पताल कर्मियों में लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों का भी असर नहीं दिख रहा, तो आम मरीजों की सुनवाई कैसे होगी।

कोतवाली के सामने गुंडागर्दी: महिला से मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल

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फर्रुखाबाद। कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना फतेहगढ़ क्षेत्र में सामने आई है। फतेहगढ़ कोतवाली के ठीक सामने दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जहां खुलेआम लात-घूंसे चले और एक महिला के साथ भी बदसलूकी की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान बीच-बचाव करने आई एक महिला को भी नहीं बख्शा गया। आरोप है कि दबंगों ने महिला के साथ धक्का-मुक्की की और उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना स्थल के पास ही कोतवाली होने के बावजूद काफी देर तक कोई ठोस पुलिस हस्तक्षेप नजर नहीं आया। मौके पर मौजूद लोग इस पूरी घटना को देखते रहे, जबकि हमलावर बेखौफ होकर हंगामा करते रहे।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

शनि देव जन्मोत्सव पर मंदिरों में भव्य सजावट, भक्तों ने उमंग के साथ किया पूजन

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फर्रुखाबाद। शनिवार को शनि देव के जन्मोत्सव के अवसर पर जनपद के सभी मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। मंदिरों में रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की झालरों और आकर्षक सजावट से श्रद्धालुओं के लिए दिव्य वातावरण तैयार किया गया, जिससे पूरे दिन धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा।
सुबह से ही शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और तेल चढ़ाने का क्रम चलता रहा। शनि भक्तों ने बढ़-चढ़कर पूजा-पाठ में हिस्सा लेते हुए अपने परिवार की सुख-शांति और कष्टों से मुक्ति की कामना की।
मंदिरों में विधि-विधान से पूजा सम्पन्न होने के बाद शनि देव के जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान भजन-कीर्तन, कथा वाचन और प्रसाद वितरण किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन समितियों और मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा, साफ-सफाई और पेयजल की समुचित व्यवस्था के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।
शनि जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर पूरा जनपद भक्ति और श्रद्धा में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ इस धार्मिक पर्व को मनाया।

वट सावित्री व्रत पर सुहागिनों ने की बट वृक्ष की पूजा, पति की दीर्घायु की कामना

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फर्रुखाबाद। शनिवार को जिले भर में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ वट सावित्री व्रत मनाया। इस दौरान महिलाओं ने बट (वट) वृक्ष की विधि-विधान से पूजा कर अपने पतियों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। गांवों से लेकर शहर तक मंदिरों और वट वृक्षों के पास सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।
सुबह स्नान-ध्यान के बाद महिलाएं सज-धजकर पूजा स्थलों पर पहुंचीं और वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा की। उन्होंने फल, फूल, रोली, अक्षत और मिठाई अर्पित कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण भी किया गया, जिसमें माता सावित्री द्वारा अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाने की कथा सुनाई गई।
महिलाओं का मानना है कि इस व्रत को करने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन भी किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह व्रत भारतीय परंपरा और संस्कृति का अहम हिस्सा है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी निभाया जा रहा है। वहीं युवा महिलाएं भी पूरे उत्साह के साथ इस परंपरा में भाग लेती नजर आईं।