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Sunday, June 14, 2026
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मोबाइल स्क्रीन ने हमारे बीच दूरियां बढ़ा दी: कुंवर मानवेंद्र सिंह

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इतिहासकारों ने क्षत्रियों के साथ बहुत अन्याय किया- जॆपीएस राठौर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमिति (Public Servant Family General Committee) के तत्वाधान में गोमती नगर स्थित एसकेडी अकादमी के सभागार में “हल्दीघाटी दिवेरघाटी, विजयोत्सव सामाजिक सरोकार एवं सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सभापति विधान परिषद उत्तर प्रदेश कुंवर मानवेंद्र सिंह एवं राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार जेपीएस राठौर ने विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रादेशिक, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने वाले क्षत्रिय परिवार के 36 विभूतियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही इंटरमीडिएट व हाई स्कूल की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले 112 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिभा सम्मान देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए सभापति विधान परिषद उत्तर प्रदेश कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि समाज तब तक विजयी या सशक्त नहीं हो सकता, जब तक समाज का हर वर्ग एक-दूसरे का हाथ थामकर खड़ा न हो। आज के इस आधुनिक और तकनीकी युग में जहाँ मोबाइल स्क्रीन ने हमारे बीच दूरियां बढ़ा दी हैं, हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। शिक्षा का उजियारा फैलाना, समाज के वंचितों की मदद करना, पर्यावरण की रक्षा करना और युवाओं को सही मार्गदर्शन देना ही आज के समय की सच्ची राष्ट्र सेवा है।”

उन्होंने कहा कि आज इस मंच से जिन महानुभावों को समाज सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, मैं उन सभी विभूतियों को हृदय से बधाई देता हूँ। आपका यह सम्मान केवल आपका आदर नहीं है, बल्कि हमारी नई पीढ़ी के लिए एक प्रकाश स्तंभ (लाइट हाउस) है, जो उन्हें समाज के कल्याण मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा।

सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमिति को इस बात के लिए साधुवाद देता हूँ कि उन्होंने इतिहास के गौरव, वर्तमान की आवश्यकता और भविष्य की सकारात्मक दिशा को एक मंच पर ला खड़ा किया है। समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि क्षत्रिय सर्व समाज के लिये काम करता आया है लेकिन फिल्मों ने क्षत्रिय समाज की छवि को लगातार खराब करने का काम किया है। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमित के प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह जो बीड़ा उठाते हैं उसे पूरा करते हुए अंत तक ले आते हैं।

इस मौके पर मंत्री जीपीएस राठौर ने भारतीय इतिहासकारों पर भी जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने क्षत्रियों के साथ बहुत अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि इतिहासकारो ने महाराणा प्रताप की जगह अकबर को महान बताया। महाराणा प्रताप ने भीलो और वंचित समाज को लेकर युद्ध किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ही थे जो सर्व समाज को लेकर चलते थे।

इस मौके पर मौजूद पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से हमें धर्म और कर्तव्य का बोध होता है। समझ में उपस्थित पूर्व अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग जूही सिंह ने कहा कि आज का छात्र कल का भविष्य है, उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हम सभी को एक जुट होकर राष्ट्र को मजबूत करना है। इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने भी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया ।

समारोह को महासमिति के अध्यक्ष, बाबा हरदेव सिंह ने सम्बोधित करते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज को विषम परिस्थितियों से उबारने के लिए बहुत बड़े प्रयास की जरुरत है। ऐसी दशा में इस संगठन की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं में आगे बढ़ने की इच्छा जाग्रत करे और उन्हें हर स्तर पर मजबूत बनाने का प्रयास करे।

महासमिति की महासचिव, इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ ने महासमिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि महासमिति स्थापना के 17 वर्ष पूर्ण करके 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है सभी का समर्पित प्रयास और समर्थन मिलता रहा तो यह महासमिति अपनी 25वीं वर्षगांठ तक विशाल वटवृक्ष का रूप ले लेगी और इसके छांव के नीचे अपनी समस्याओं का समाधान कर समाज को नई दिशा देने में सक्षम होंगे। महासमिति अनवरत समाज के हर वर्ग के जरूरतमन्द लोगों और बेरोजगार युवक युवतियों को उचित मार्ग दर्शन देकर उन्हें आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने का संकल्प लिया गया।

समारोह में 500 से अधिक सेवारत एवं सेवा निवृत्त लोक सेवक एवं उनके परिवारीजन उपस्थित रहे। प्रमुख पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण सर्व श्री श्री प्रकाश सिंह धनन्जय सिंह, कोषाध्यक्ष, के. के. सिंह, डा.डी..पी. सिंह, कुँवर प्रदीप सिंह, अजय कुमार गौतम, नायक सिंह, शिवशरन सिंह, डा.देव राज सिंह, डा. अनुपमा सिंह, डा० उर्मिला सिंह, डा. दिव्या सिंह, इ.जी.एन.सिंह, इ. एस.आर. सिंह परिहार, इं.एस.एन.सिंह, श्रीमती रीता सिंह, सिखा सिंह, अनीता सिंह, डा.श्री मुसाफिर सिंह, श्रीमती माधुरी सिंह आराधना सिंह, बन्दना सिंह रमेन्द सिंह विसेन, विजय कुमार सिंह जतेन्द्र सिंह नेगी, अजीत कुमार सिंह, नगेन्द्र सिंह, हरमनाम सिंह, इं. गोविन्द नारायण सिंह जयकरन सिंह आर.पी.सिंह, सिद्धार्थ सिंह अमित सिंह, अध्यक्ष, फिरोजाबाद, राम नायक सिंह अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुनील सिंह, विशेष रूप से उपस्थित रहे।

ब्राजील में दर्दनाक हवाई हादसा, आसमान में 2 हेलिकॉप्टर आपस में टकराए, 6 लोगों की मौत

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रियो डी जनेरियो: ब्राजील (Brazil) के प्रमुख शहर रियो डी जनेरियो (Rio de Janeiro) में रविवार सुबह एक दर्दनाक हवाई हादसा हो गया। शहर के ऊपर उड़ान भर रहे दो हेलिकॉप्टर (helicopters) आपस में टकरा गए, जिसके बाद दोनों विमान पश्चिमी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गए। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में दोनों हेलिकॉप्टरों में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई।

हादसे के बाद एक हेलिकॉप्टर शहर की एक कार डीलरशिप पर जा गिरा। वहां कई इलेक्ट्रिक वाहन खड़े थे, जिनमें आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में आसपास के हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची फायरफाइटर टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और आग पर काबू पा लिया। सौभाग्य से जमीन पर किसी अतिरिक्त जनहानि की सूचना नहीं है।

Military Fire Department of Rio de Janeiro ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टक्कर तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य वजह से हुई।

इससे पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भी एक गंभीर हेलिकॉप्टर दुर्घटना सामने आई थी। पाकिस्तानी सेना का एक Mil Mi-17 हेलिकॉप्टर मुजफ्फराबाद के पास तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, हादसे में सवार सभी सैन्यकर्मियों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 22 बताई गई, जिनमें एक कर्नल और दो मेजर भी शामिल थे।

रियो डी जनेरियो और PoK में हुए इन हादसों ने हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारण सामने आने के बाद ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

महाराष्ट्र के पंढरपुर में सड़क हादसा, सिद्धनाथ मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा पिकअप वैन कुएं में गिरा, 9 लोगों की मौत

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पंढरपुर: महाराष्ट्र से एक दिल को दहला देने वाली खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के पंढरपुर (Pandharpur) में सिद्धनाथ मंदिर (Siddhanath Temple) से लौट रहे श्रद्धालु दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए. म्हासवड–पंढरपुर रोड पर तंडलवाड़ी गांव के पास एक पिकअप वाहन अचानक कुएं में गिर गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन में करीब 15 लोग सवार थे। इरफान नाम के युवक ने जान जोखिम में डालकर कुएं में छलांग लगाई और तीन लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया। पंढरपुर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया, जहां श्रद्धालुओं से भरी पिक अप वैन कुएं में गिर गई। दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जब एक पिकअप वैन कुएं में गिर गई।

बताया जा रहा है कि सभी लोग मंदिर दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे, सभी मृतक पंढरपुर के रांजनी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। ये सभी लोग तीर्थयात्रा पर जा रहे थे। यह हादसा शनिवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ, जब रंजनी गांव के लोग सिद्धनाथ मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पिकअप करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी दौरान ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे कुएं में जा गिरा।

दुर्घटना सोलापुर के मालिशिरस गांव के पास हुई है। हादसे के पास इलाके में मातम पसरा है। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पंढरपुर के दर्शन करने के लिए एक पिकअप से पहुंचे थे। हादसे का शिकार हुए वाहन में खचाखच श्रद्धालुओं से भरा था। इस हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत और घायल होने की खबर ने सबको झकझोर दिया है।

मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके के लिए स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की गाड़ियां निकली। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से कुएं में गिरी पिकअप वैन और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकलने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान से सीएम योगी का अभिनंदन करने आ रहे जेवर के किसान

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करीब 170 किसानों-खेतिहर मजदूरों के इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल होंगी 20 महिलाएं

किसानों के लिए यह हवाई सफर ही नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और विकास में उनकी भागीदारी का है प्रतीक

विकसित भारत के सपनों को साकार करती तस्वीर: जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह

लखनऊ, 14 जून। उत्तर प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जेवर क्षेत्र के किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए यह सुखद अवसर होगा कि वे उसी भूमि से हवाई यात्रा करेंगे, जहां कभी वे खेती-मजदूरी करते थे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान से करीब 170 किसान, जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं, लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करेंगे।

विकास में सहभागी बने किसान, सीएम योगी से करेंगे संवाद

जेवर से उड़ने वाली पहली फ्लाइट से सफर करने वाले ये वे किसान परिवार हैं, जिन्होंने प्रदेश और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए उपलब्ध कराई। वर्षों तक खेतों में अन्न उगाने वाले इन किसानों के लिए यह यात्रा केवल हवाई सफर नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और विकास में उनकी भागीदारी का प्रतीक होगी। लखनऊ पहुंचने पर किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका अभिनंदन करेगा और प्रदेश के बदलते विकास परिदृश्य के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करेगा।

पहली उड़ान में शामिल होंगी 20 महिला किसान

इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल 20 महिला किसानों की मौजूदगी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रही है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर पहली बार विमान यात्रा करने जा रही ये महिलाएं प्रदेश में बढ़ते महिला सशक्तीकरण और समान भागीदारी का प्रतीक बनेंगी। यह संदेश भी जाएगा कि विकास की धारा में समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

विकसित भारत के सपनों को साकार करती तस्वीर

जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह क्षण केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और संवेदनशीलता का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जिसमें किसान केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास के सम्मानित साझीदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन पैरों में कभी खेत की मिट्टी लगती थी, आज वही विमान की सीढ़ियां चढ़ेंगे। यह किसानों के आत्मसम्मान का उत्सव है और उस विश्वास का परिणाम है, जिसने प्रदेश की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान से सीएम योगी का अभिनंदन करने आ रहे जेवर के किसान

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करीब 170 किसानों-खेतिहर मजदूरों के इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल होंगी 20 महिलाएं

किसानों के लिए यह हवाई सफर ही नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और विकास में उनकी भागीदारी का है प्रतीक

विकसित भारत के सपनों को साकार करती तस्वीर: जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह

लखनऊ, 14 जून। उत्तर प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जेवर क्षेत्र के किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए यह सुखद अवसर होगा कि वे उसी भूमि से हवाई यात्रा करेंगे, जहां कभी वे खेती-मजदूरी करते थे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान से करीब 170 किसान, जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं, लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करेंगे।

विकास में सहभागी बने किसान, सीएम योगी से करेंगे संवाद

जेवर से उड़ने वाली पहली फ्लाइट से सफर करने वाले ये वे किसान परिवार हैं, जिन्होंने प्रदेश और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए उपलब्ध कराई। वर्षों तक खेतों में अन्न उगाने वाले इन किसानों के लिए यह यात्रा केवल हवाई सफर नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और विकास में उनकी भागीदारी का प्रतीक होगी। लखनऊ पहुंचने पर किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका अभिनंदन करेगा और प्रदेश के बदलते विकास परिदृश्य के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करेगा।

पहली उड़ान में शामिल होंगी 20 महिला किसान

इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल 20 महिला किसानों की मौजूदगी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रही है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर पहली बार विमान यात्रा करने जा रही ये महिलाएं प्रदेश में बढ़ते महिला सशक्तीकरण और समान भागीदारी का प्रतीक बनेंगी। यह संदेश भी जाएगा कि विकास की धारा में समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

विकसित भारत के सपनों को साकार करती तस्वीर

जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि यह क्षण केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और संवेदनशीलता का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जिसमें किसान केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास के सम्मानित साझीदार हैं। उन्होंने कहा कि जिन पैरों में कभी खेत की मिट्टी लगती थी, आज वही विमान की सीढ़ियां चढ़ेंगे। यह किसानों के आत्मसम्मान का उत्सव है और उस विश्वास का परिणाम है, जिसने प्रदेश की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

युवाओं को अत्याधुनिक विषयों में दक्ष और किसानों को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री

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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषद की सभी संस्थाओं से किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने शिक्षा परिषद की साधारण बैठक में 2032 में होने वाले शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटने का दिया निर्देश

रोजगारपरक शिक्षा, चिकित्सा सेवा को जनता तक पहुंचाने और किसानों की खुशहाली पर जोर

एआई, साइबर और स्पेस साइंस इत्यादि अत्याधुनिक विषयों में छात्रों को प्रवीण बनाने की बताई जरूरत

‘दिग्विजय नाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय’ अब ‘दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन’ के नाम से जाना जाएगा

गोरखपुर, 14 जून। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम गुरु गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की साधारण बैठक की। उन्होंने विभिन्न संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे युवाओं को एआई, साइबर, स्पेस साइंस इत्यादि अत्याधुनिक विषयों में दक्ष बनाएं। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना है। जवान और किसान को सशक्त बनाकर ही स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत बताई।

अब नया नाम होगा ‘दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन’
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष सीएम योगी ने घोषणा की कि ‘दिग्विजय नाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय’ अब से ‘दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन’ के नाम से जाना जाएगा। परिषद की संस्थाओं को गुणात्मक विकास की ओर ले जाने के लिए मार्गदर्शन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थाध्यक्षों, शिक्षकों और कर्मचारियों को खुद को समय के हिसाब से लगातार अपडेट करते रहना होगा। इसके लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना होगा।

पूर्वी उप्र के युवाओं के प्रशिक्षण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से आर्टिफिशयल इंटिलिजेंस (एआई), साइबर और स्पेस साइंस जैसे विषयों में प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।

सीएम ने रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में इसके अनुरूप शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्यक्रमों को बढ़ाया जाए। शिक्षा रोजगारपरक होनी चाहिए ताकि कैंपस से निकलने पर छात्र-छात्राओं को कहीं भटकना न पड़े। पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष और स्किल्ड युवा बनाने की दिशा में सभी को प्रयत्न करना है।

किसानों को प्रशिक्षण देकर अत्याधुनिक खेती से जोड़ें
मुख्यमंत्री ने संस्थाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी संस्थाओं और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से क्षेत्रीय किसानों को प्रशिक्षण देकर अत्याधुनिक खेती से जोड़ें। उन्होंने चिकित्सा सेवा को भी आमजन तक पहुंचाने के लिए कहा।

युगानुकूल होने चाहिए पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पाठ्यक्रम युगानुकूल होने चाहिए, जिनसे छात्र-छात्राओं को बदलते दौर की चुनौतियों से मुकाबले के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिले। दुनिया तेजी से बदल रही है इसलिए हमें भी अपने युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक में पारंगत बनाना होगा। कैंपस में तकनीकी शिक्षा का विकास करना होगा।

जनता की खुशहाली में करें योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद के संस्थाध्यक्षों से लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों समेत सभी को जनता की खुशहाली में योगदान सुनिश्चित करना होगा। यह तभी होगा जब हम अपने कैंपस की गतिविधियों को जनता की आवश्यकताओं से जोड़ें और उसके अनुरूप पाठ्यक्रम से लेकर शिक्षण-प्रशिक्षण तक की व्यवस्था करें। हर संस्था का सुस्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए। हर संस्थाध्यक्ष का दायित्व है कि वह अपनी टीम के साथ मनोयोग से और लीक से हटकर काम करें। हर संस्था को सामूहिक रूप से प्रयास कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नवाचार करते हुए समयबद्धता और अनुशासन के साथ खुद की पहचान कायम करनी होगी।

भव्य शताब्दी वर्ष मनाने की हो तैयारी
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाने के लिए तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना 1932 में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने की थी। इसे राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने विस्तार दिया। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। बैठक में बतौर अध्यक्ष सीएम योगी ने आदेश दिया कि सभी संस्थाओं के प्रमुख विस्तृत कार्ययोजना तैयार करके अभी से शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुट जाएं।