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Friday, April 24, 2026
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अधिवक्ताओं का विरोध, महिला एलआईयू कर्मी पर अनुचित व्यवहार का आरोप

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फतेहपुर

एक घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली है। जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों और वकीलों ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करते हुए महिला एलआईयू कर्मी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया है।

 

अधिवक्ताओं का आरोप है कि कलेक्ट्रेट परिसर में ड्यूटी पर तैनात महिला एलआईयू कर्मी का व्यवहार अनुचित था, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के कर्मी अधिवक्ताओं से उलझने लगी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

 

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव ने बताया कि अधिवक्ता सांसद नरेश उत्तम के कानपुर स्थित आवास पर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा किए गए घेराव और कथित अभद्रता के विरोध में ज्ञापन देने गए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही जिलाधिकारी को सूचित कर दिया गया था।

 

बाबू सिंह यादव के अनुसार, अधिवक्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुंचे थे, लेकिन मौके पर मौजूद महिला एलआईयू कर्मी लगातार उनसे बहस करती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार समझाने के बावजूद कर्मी का रवैया नहीं बदला।

 

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे महिलाओं का सम्मान करते हैं और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता का समर्थन नहीं करते। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं और प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

 

वकीलों ने मांग की है कि संबंधित महिला कर्मी को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में उसकी ड्यूटी कलेक्ट्रेट परिसर में न लगाई जाए, ताकि इस तरह के विवादों की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

जिला अस्पताल में बिजली गुल, टॉर्च की रोशनी में चला इलाज

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फतेहपुर

जिला अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार रात हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर चर्चा तेज हो गई है।

 

जानकारी के अनुसार, रात के समय जिला अस्पताल में अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अस्पताल का बैकअप सिस्टम यानी जनरेटर भी चालू नहीं किया गया।

 

बिजली न आने के कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मजबूरी में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कम रोशनी में एक डॉक्टर मरीज के हाथ में वीगो लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अन्य स्टाफ भी मोबाइल की रोशनी में काम करते नजर आ रहे हैं।

 

इस घटना को देखकर किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसमें जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की गई है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

 

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में जनरेटर मौजूद होने के बावजूद उसे क्यों नहीं चलाया गया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि बिजली जाने की सूचना समय पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा दी गई थी या नहीं।

 

फिलहाल इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

पुलिस लाइन में पासिंग आउट परेड का भव्य पूर्वाभ्यास संपन्न

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फतेहपुर

रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के बाद आयोजित होने वाली दीक्षांत/पासिंग आउट परेड का पूर्वाभ्यास उत्साह और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। इस दौरान पूरे परिसर में अनुशासन और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।

 

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने परेड की सलामी ली और उसका सूक्ष्म एवं व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने परेड में शामिल रिक्रूट आरक्षियों के प्रदर्शन को ध्यानपूर्वक देखा और उनके अनुशासन तथा तालमेल की सराहना की।

 

पूर्वाभ्यास के दौरान लगभग 300 रिक्रूट आरक्षियों ने शानदार कदमताल, बेहतर ड्रिल और मजबूत समन्वय का प्रदर्शन किया। उनकी एकरूपता और अनुशासन ने पूरे अभ्यास को प्रभावशाली बना दिया।

 

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परेड के गठन, कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था, वर्दी की सटीकता, कदमताल की गति और सुरक्षा प्रबंधों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न पहलुओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

 

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दीक्षांत परेड को भव्य, सुव्यवस्थित और पूरी तरह त्रुटिरहित तरीके से आयोजित किया जाए, ताकि यह कार्यक्रम अनुशासन और पुलिस प्रशिक्षण की उत्कृष्टता का उदाहरण बन सके।

 

इस पूर्वाभ्यास के सफल आयोजन के साथ ही पासिंग आउट परेड की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिसे लेकर पुलिस विभाग में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरू: 19,008 अभ्यर्थी नौ केंद्रों पर देंगे परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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कासगंज

 

जनपद में आज से होमगार्ड भर्ती परीक्षा का आयोजन शुरू हो गया है, जिसे लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं। 25 से 27 अप्रैल तक चलने वाली इस परीक्षा में कुल 19,008 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए जिले में नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

परीक्षा के पहले दिन सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। अभ्यर्थी समय से पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए, जहां उनकी सघन चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। सभी केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। इसके साथ ही हर परीक्षा कक्ष और परिसर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है।

जिला प्रशासन द्वारा पहले ही समीक्षा बैठक कर सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ और होमगार्ड एनरोलमेंट 2025 के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर स्ट्रांग रूम और कंट्रोल रूम अलग-अलग बनाए गए हैं, जहां से पूरे सिस्टम की निगरानी की जा रही है।

परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिससे सभी अभ्यर्थियों को सुचारु रूप से परीक्षा देने का अवसर मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी सक्रिय हैं।

जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग न करें। वहीं अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएगी।

8.62 करोड़ का फर्जी जीएसटी बिल घोटाला बेनकाब: कागजी फर्मों के जरिए टैक्स चोरी, चार आरोपी गिरफ्तार

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औरैया

 

जनपद में कर चोरी के एक बड़े संगठित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा करते हुए 8.62 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी बिल घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी फर्मों के माध्यम से कागजों पर लेनदेन दिखाकर सरकार को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। कार्रवाई के बाद विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से कई फर्जी जीएसटी फर्मों का निर्माण किया और उनके जरिए करोड़ों रुपये के नकली बिल तैयार किए। ‘मून इंटरप्राइजेज’ के नाम से करीब 2.87 करोड़ रुपये और ‘चमन ट्रेडर्स’ के जरिए लगभग 5.75 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए गए। इन फर्मों के माध्यम से केवल दस्तावेजों में व्यापार दर्शाया गया, जबकि वास्तविक रूप से किसी प्रकार का माल का लेनदेन नहीं हुआ।

आरोपी इस फर्जीवाड़े के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास-ऑन कर रहे थे, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से टैक्स चोरी को अंजाम दे रहा था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 60,330 रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जो इस फर्जी नेटवर्क के संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर राजस्व चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फर्जी बिलिंग रैकेट से न केवल सरकारी आय को नुकसान होता है, बल्कि व्यापारिक व्यवस्था की पारदर्शिता भी प्रभावित होती है।

महक ने रचा इतिहास: यूपी बोर्ड में 91.80% अंक, गणित में 100/100 हासिल कर बनीं प्रेरणा, अब IAS बनने का सपना

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औरैया

 

जनपद की प्रतिभाशाली छात्रा महक ने यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। महक ने कुल 91.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जिसमें सबसे खास उपलब्धि गणित जैसे कठिन विषय में पूरे 100 में 100 अंक हासिल करना रही। उनकी इस सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

महक की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, लगन और संघर्ष की कहानी भी जुड़ी है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब गणित विषय उन्हें बेहद कठिन लगता था और कम अंक आने पर लोग उनका मजाक भी उड़ाते थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कमजोर विषय को ही अपनी ताकत बनाने का संकल्प लिया।

परिवार के सहयोग ने भी महक की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके चाचा पुष्पेंद्र सेंगर ने उनकी पढ़ाई की स्थिति को समझते हुए कुछ समय के लिए गणित की कोचिंग की व्यवस्था कराई। इसके बाद महक ने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ पढ़ाई की, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।

महक का कहना है कि उनकी यह सफलता उनके आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, सही मार्गदर्शन और खुद पर विश्वास बनाए रखने से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अब उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाकर देश और समाज की सेवा करने का है।

महक की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि महक जैसे छात्र-छात्राएं ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत रखते हैं और आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।