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Wednesday, July 8, 2026
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फिल्म ‘श्री राम भूमि’ की शूटिंग के लिए अयोध्या पहुंचे अनुपम खेर, चढ़ावा चोरी के मामले पर दी प्रतिक्रिया

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अयोध्या: बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) ने अपनी आगामी फिल्म ‘श्री राम भूमि’ (Shri Ram Bhumi) की शूटिंग शुरू करने से पहले बुधवार को राम मंदिर में रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में सामने आए राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, यदि किसी के घर में चोरी हो जाए तो दोष घर का नहीं, बल्कि चोर का होता है।

अनुपम खेर ने कहा कि “चोर हर जगह हो सकते हैं, लेकिन इससे मंदिर की पवित्रता और गरिमा पर कोई असर नहीं पड़ता, जिस मंदिर को बनने में 500 साल लगे, उसकी प्रतिष्ठा कुछ लोगों की हरकतों से कम नहीं हो सकती।” उन्होंने कहा कि यदि किसी के घर में चोरी हो जाए तो दोष घर का नहीं, बल्कि चोर का होता है, उसी तरह मंदिर में चोरी की घटना के लिए मंदिर की गरिमा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदू समाज को इस बात को समझना चाहिए।

बॉलीवुड अभिनेता ने श्रद्धालुओं की आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों ने भगवान को चढ़ावा किसी सौदे या बदले की भावना से नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास के साथ अर्पित किया है। इसलिए ऐसी घटनाओं को आस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अनुपम खेर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘श्री राम भूमि’ की शूटिंग के लिए अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म की शुरुआत से पहले रामलला का आशीर्वाद लेना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और आध्यात्मिक अनुभव है।

बड़ी सौगात : 12 लाख शिक्षकों को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, 1.10 करोड़ छात्रों के खातों में ₹1320 करोड़ डीबीटी

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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी के पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल से प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिकों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षक एवं उनके परिजनों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद के 1.10 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए ₹1320 करोड़ की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों से बदले में कुछ नहीं चाहती, बल्कि केवल इतना अपेक्षा करती है कि वे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता, अनुशासन और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है और शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

सीएम योगी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ महत्वपूर्ण एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत लगभग 10 लाख शिक्षक एवं संविदा कार्मिकों को ₹10 लाख तक का सामाजिक सुरक्षा कवच मिलेगा। योजना में ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस, दुर्घटना बीमा, शारीरिक दिव्यांगता सहायता, बच्चों की शिक्षा और विवाह जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। पहले बोर्ड परीक्षाएं महीनों चलती थीं, लेकिन अब तय समय में परीक्षाएं और परिणाम घोषित हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने, निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को पूरा करने तथा विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। लंबे समय से शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग थी, जिसे सरकार ने पूरा कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। वहीं माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने इसे प्रदेश के शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि अब शिक्षकों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में नकलमुक्त व्यवस्था और शिक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 12 स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसे कल्याणकारी कदम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शिक्षक पूरी निष्ठा और चिंता मुक्त होकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

भीषण सड़क हादसा: पंक्चर बनाते समय अज्ञात वाहन ने चार युवकों को रौंदा, सभी की मौत

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कौशाम्बी। जनपद के सैनी कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। त्रिलोकपुर स्थित कंगन होटल के सामने सड़क किनारे खड़ी पिकअप का पंक्चर बदलते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पिकअप चालक समेत चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान साबिर, अकबर (दोनों पुत्र शरीफ, निवासी वार्ड नंबर-10, सिराथू), अनवर (पुत्र मुमताज, निवासी मूरतगंज) तथा एहसान (पुत्र सपातुल्लाह, निवासी रसूलपुर, थाना कोखराज) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सभी युवक पिकअप वाहन का पंक्चर ठीक कर रहे थे, तभी पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चारों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

घटना की सूचना मिलते ही सैनी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा फरार अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी वाहन को चिन्हित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बाल विवाह पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पर्सनल लॉ से ऊपर पीसीएमए और पॉक्सो, एफआईआर रद्द करने से इनकार

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प्रयागराज। बाल विवाह को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 और पॉक्सो एक्ट, 2012 देश के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होते हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी पर्सनल लॉ, यहां तक कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरिया) का हवाला देकर भी बाल विवाह को वैध नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने दो टूक कहा कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कानून का उल्लंघन है और ऐसे विवाह के बाद शारीरिक संबंध स्थापित होने पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

यह महत्वपूर्ण फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने बुलंदशहर में दर्ज एक एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली 19 लोगों की याचिका खारिज करते हुए सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीसीएमए और पॉक्सो जैसे कानून बच्चों के अधिकारों की रक्षा, जनहित और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। ऐसे कानूनों के अनुपालन से किसी भी समुदाय या व्यक्ति को छूट नहीं दी जा सकती।

मामला बुलंदशहर का है, जहां पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम को 16 वर्षीय नाबालिग मुस्लिम लड़की के निकाह की सूचना मिली थी। सूचना पर पहुंची टीम बाल विवाह रुकवाने का प्रयास कर रही थी। आरोप है कि इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम पर हमला किया गया। पुलिस ने इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी, जिसे रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

खंडपीठ ने कहा कि पुलिस और चाइल्ड लाइन की टीम ने संभावित अपराध को रोकने के लिए अपना वैधानिक दायित्व निभाया और उनकी कार्रवाई पूरी तरह कानून के अनुरूप थी। अदालत ने यह भी माना कि आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित अन्य गंभीर अपराधों के प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। ऐसे में एफआईआर रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता।

हाईकोर्ट के इस फैसले को बाल विवाह के खिलाफ कानून के सख्त अनुपालन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।

ईरान सरकार एक कैंसर, जड़ से खत्म करना होगा : डोनाल्ड ट्रंप

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना “समय की बर्बादी” है और मौजूदा ईरानी सरकार को “कैंसर” बताते हुए कहा कि इसे जड़ से खत्म करना होगा। ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके अनुसार ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब ईरान के साथ किसी भी तरह का लेन-देन नहीं करना चाहते। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मानसिकता खतरनाक है और उनके साथ किसी समझौते का कोई लाभ नहीं है।

दरअसल, पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम पर सहमति बनी थी, ताकि स्थायी समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ सके। हालांकि कतर में हाल ही में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर नए हमले किए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए।

इसी बीच अमेरिका ने ईरान को कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की दी गई अस्थायी छूट भी वापस ले ली है। अमेरिकी प्रशासन ने पहले 21 अगस्त तक तेल निर्यात की अनुमति दी थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमलों के बाद यह लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अमेरिका ने ईरान से जुड़े सभी व्यावसायिक लेन-देन को समाप्त करने के लिए 17 जुलाई तक की समय-सीमा तय की है।

ट्रंप के ताजा बयान और अमेरिकी फैसलों ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

मिर्जापुर के विकास को सीएम योगी का बड़ा तोहफा

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15 अगस्त तक सड़क-पुल परियोजनाओं के लिए जारी होगी धनराशि

मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मिर्जापुर मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विकास परियोजनाओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित नई सड़क एवं पुल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों का विस्तृत एस्टीमेट तत्काल तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि 15 जुलाई 2026 तक परियोजनाओं को मंजूरी और 15 अगस्त तक निर्माण कार्यों के लिए धनराशि जारी की जा सके।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए सभी प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई की जाए, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मिर्जापुर नगर की प्रमुख सड़कों के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, अष्टभुजा मंदिर और कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले सभी मार्गों को स्मार्ट रोड की तर्ज पर विकसित किया जाए। इन मार्गों पर बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सड़क संपर्क मजबूत किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को नियमित निगरानी करने को कहा।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मिर्जापुर मंडल में सड़क एवं पुल परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय आवागमन को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।