नई दिल्ली: दिल्ली की मंडोली जेल (Mandoli Jail) एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। हर्ष विहार थाना क्षेत्र स्थित जेल परिसर में 40 वर्षीय विचाराधीन कैदी जावेद उर्फ टोनी पर चाकू से जानलेवा हमला (Deadly attack) किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल के अंदर ही धारदार हथियार से उसकी कमर पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने घायल कैदी को तुरंत गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार देर रात की है। घायल कैदी की पत्नी अफरोजा ने बताया कि वह बुधवार सुबह अपने पति से मिलने मंडोली जेल गई थीं और उस समय जावेद पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन देर रात जेल प्रशासन की ओर से फोन कर उन्हें हमले की जानकारी दी गई। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपने पति को गंभीर हालत में पाया।
घायल जावेद ने आरोप लगाया है कि जेल के भीतर उससे 10 से 15 हजार रुपये की अवैध उगाही की मांग की जा रही थी। रकम नहीं देने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। जावेद का दावा है कि इससे पहले भी उस पर कई बार धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह हर बार बच निकला।
जावेद के भाई गुलशन ने बताया कि जावेद पिछले करीब सात महीनों से नशीले पदार्थ बेचने के आरोप में मंडोली जेल में बंद है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बहनोई अमजद उर्फ राकल की एक मार्च को नुकीले हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल में बंद जाकिर नामक कैदी ने जावेद पर हमला कराया है। साथ ही उन्होंने जेल प्रशासन के कुछ कर्मचारियों पर भी उगाही में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के बीच बढ़ती हिंसा और अवैध उगाही के आरोपों ने एक बार फिर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








