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Thursday, June 25, 2026
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“जरूरत चाहे जो भी हो, लोन मिलेगा”: होम क्रेडिट इंडिया ने नए ब्रांड कैंपेन के लिए इंडियन फैमली ड्रामा को शामिल किया

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नई दिल्ली: होम क्रेडिट इंडिया, एक प्रमुख कंज्यूमर फाइनेंस कंपनी, ने आज अपने नए एकीकृत ब्रांड कैंपेन #लोन मिलेगा को लॉन्च करने की घोषणा की है। सांस्कृतिक रूप से जुड़े हुए पंचलाइन—“ज़रूरत चाहे जो भी हो, #लोन मिलेगा” पर आधारित यह अभियान, परिवारों को सुलभ, पारदर्शी और सुविधाजनक फाइनेंसिंग समाधान देकर सशक्त बनाने की होम क्रेडिट की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। साथ ही, यह ब्रांड के मूल सिद्धांत #जिंदगी हिट को भी जीवंत करता है।

यह अभियान अब यूट्यूब पर लाइव हो चुका है और एवीएस के लिंक नीचे दिए गए हैं:

• लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी
• पर्सनल लोन
• कंज़्यूमर ड्यूरेबल लोन्स
• टू-व्हीलर लोन्स

ड्रामा के पीछे का नजरिया

इस अभियान के केंद्र में एक अनूठा भारतीय नज़रिया छिपा है: हर बड़े वित्तीय फैसले को अक्सर बारीक जांच-पड़ताल, बिना मांगी सलाहों और अंतहीन पारिवारिक बहसों का सामना करना पड़ता है, जो अचानक एक पूरे अदालती ड्रामे का रूप ले लेती हैं। चाहे दोपहिया वाहन खरीदना हो, होम अप्लायंस को अपग्रेड करना हो, छुट्टियों की योजना बनानी हो या पारिवारिक व्यवसाय को फिर से शुरू करना हो, परिवार की राय की ‘अदालत’ में अक्सर इच्छाओं और आकांक्षाओं पर ही ‘मुकदमा’ चलने लगता है।

चार शॉर्ट फिल्म्स के माध्यम से, होम क्रेडिट ने फैसला लेते समय घरों में होने वाले तकरार के इन जाने-पहचाने पलों को मजाकिया अंदाज में पेश किया है। यह #लोन मिलेगा कैपेन होम क्रेडिट की त्वरित, डिजिटल रूप से सक्षम और उपभोक्ता-अनुकूल ऋण मंजूरियों को एक ऐसे अंतिम समाधान के रूप में दिखाता है जो परिवार की हिचकिचाहट को दूर करता है, और जीवन को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का रास्ता देता है।

कैंपेन की रूपरेखा

यह कैंपेन जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर खड़े लोगों से जुड़े चार ऐसे दृश्यों को जीवंत करता है, जिनसे हर कोई जुड़ाव महसूस कर सकता है। एक युवा कामकाजी प्रोफेशनल खुद को बाइक खरीदने के अपने फैसले का बचाव करते हुए पाता है। एक कामकाजी महिला को एक पुराने एयर कंडीशनर को बदलने के लिए भावनात्मक तर्कों का सामना करना पड़ता है, जिसे परिवार एक अनमोल विरासत मानता है। शादी के बंधन में बंधने जा रहे एक पुरुष से शादी से पहले यात्रा करने की इच्छा पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि पारिवारिक व्यवसाय को फिर से शुरू करने के लिए अपनी संपत्ति का उपयोग करने की एक मां की योजना रिश्तेदारों के बीच नाटकीय कयासों को जन्म दे देती है।

हर एपिसोड में, जो शुरुआत एक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए पारिवारिक अदालती ड्रामे के रूप में होती है, उसका अंत एक अनोखे निष्कर्ष के साथ होता है जब मुख्य पात्र आसानी से होम क्रेडिट के माध्यम से फाइनेंस की सुविधा प्राप्त कर लेता है। जैसे ही लोन बिना किसी परेशानी के मंजूर होता है, सारे विरोध खत्म हो जाते हैं, परिवार के सदस्य अपनी राय बदल लेते हैं और इच्छाएं हकीकत में बदल जाती हैं। प्रत्येक फिल्म का अंत जीवन के आगे बढ़ने की एक सुंदर दृश्य प्रस्तुति के साथ होता है, जो हर #जिंदगी हिट बनाने के होम क्रेडिट के ब्रांड फिलॉसफी को और मजबूत करता है।

अभियान के बारे में बात करते हुए, होम क्रेडिट इंडिया के चीफ मार्केटिंग एंड पीपल ऑफिसर, आशीष तिवारी ने कहा: “वित्तीय आकांक्षाओं के साथ अक्सर हिचकिचाहट भी जुड़ी होती है, न केवल खुद व्यक्ति के मन में बल्कि उनके आस-पास के लोगों में भी। #लोन मिलेगा के साथ, हम ‘घर अदालत’ की बार-बार दिखने वाली दुनिया में सेट की गई चार फिल्मों की एक सीरीज़ के माध्यम से, इस यूनिवर्सल भारतीय पारिवारिक स्थिति को हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश करना चाहते थे।

यह कैंपेन दर्शाता है कि कैसे जिम्मेदारी से मिलने वाला लोन उपभोक्ताओं को संदेह से बाहर निकलने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आत्मविश्वास से अगला कदम बढ़ाने में मदद कर सकता है। घरेलू ड्रामे को खत्म करके, होम क्रेडिट एक भरोसेमंद साथी के रूप में खड़ा है, जो लाखों भारतीयों को आत्मविश्वास से ‘मैं यह कर सकता हूँ’ कहने और अपनी #जिंदगी हिट बनाने में मदद कर रहा है।”

लोन मिलेगा अभियान की शुरुआत के साथ, होम क्रेडिट इंडिया एक फुल-पोर्टफोलियो फाइनेंशियल इनेबलर के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता है, जो दोपहिया वाहन और पर्सनल लोन से लेकर कंज्यूमर ड्यूरेबल फाइनेंसिंग और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (एलएपी) तक के अनुकूलित उपभोक्ता समाधान प्रदान करता है।

LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत ! केंद्र सरकार ने हटाए अस्थायी प्रतिबंध, पहले की तरह उपलब्ध होगी सप्लाई

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नई दिल्ली: सरकार ने गैर-घरेलू पैक्ड LPG (रसोई गैस) की आपूर्ति पर लगाए गए सभी अस्थायी प्रतिबंध (Temporary ban) समाप्त कर दिए हैं। इसके साथ ही होटल, रेस्तरां, कैटरिंग कारोबार और उद्योगों के लिए गैस की सप्लाई फिर से सामान्य स्तर पर बहाल कर दी गई है। वहीं बल्क LPG की आपूर्ति भी आंशिक रूप से शुरू कर दी गई है, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

हाल के दिनों में LPG की उपलब्धता में सुधार और आयातित गैस की नियमित आपूर्ति को देखते हुए सरकार ने गैर-घरेलू पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगे सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसके बाद होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पहले की तरह गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कारोबार प्रभावित होने की आशंका काफी हद तक खत्म हो गई है और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने बल्क LPG की आपूर्ति को लेकर भी राहत दी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एहतियात के तौर पर बल्क LPG की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। अब इसे संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत स्तर तक बहाल करने का फैसला लिया गया है। इससे उन उद्योगों और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनका संचालन बल्क LPG पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि इस फैसले से उत्पादन लागत पर दबाव कम होगा और उद्योगों का कामकाज सुचारु रूप से चल सकेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन फैसलों का घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। घरेलू LPG की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी और देश में प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन से कम स्वदेशी LPG उत्पादन नहीं रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि घरेलू उत्पादन में सुधार और आयातित LPG की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए C3 और C4 गैस स्ट्रीम्स का अधिक हिस्सा अब अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ऊर्जा आपूर्ति का बेहतर संतुलन बनेगा और उद्योगों को अतिरिक्त कच्चा माल भी मिल सकेगा।

 

पटना से बड़ी खबर: खान सर की कोचिंग में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, बिल्डिंग में अफरा-तफरी

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पटना: पटना (Patna) के मुसल्लहपुर स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस में आज गुरुवार की शाम खान ग्लोबल स्टडिज (Khan Global Studies) के पास लगे बिजली पैनल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और अफरातफरी मच गई। चिंगारी के कारण कैंपस में धुआं भर गया। आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटना से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे खान सर की कोचिंग के बाहर धुएं का गुबार उठ रहा है।

कोचिंग में आग लगने की सूचना मिलते ही मौके पर छात्रों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। आग लगने के बाद कुछ देर के लिए इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। हालांकि, आग किन कारणों से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। कहा जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह खान सर की कोचिंग में आग लगी है।

हालांकि, आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। जिस समय कोचिंग में आग लगी, उस समय कोचिंग में बच्चे मौजूद थे या नहीं? इसकी अभी तक जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटना में अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को लेकर भी कोई सूचना सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के बीच देश में आग लगने की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है। बिहार समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में बीते कुछ दिनों से अस्पताल, कोचिंग सेंटर और होटलों में आग लगने की खबरें सामने आई है। इन घटनाओं में कई लोगों की मौत भी हुई है। बीते दिनों राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई थी, जिसमें जलने और धुएं से दम घुटने के कारण 15 छात्रों की मौत हो गई थी।

पटना कोचिंग विवाद और लखनऊ अग्निकांड के बीच पटना अग्निशमन विभाग कई बार खान सर की कोचिंग का दौरा कर चुका है। शुरू में अग्निनशमन विभाग ने खान सर की कोचिंग और अस्पताल को नोटिस जारी करते हुए फायर सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। हालांकि इस बीच आज जब कोचिंग सेंटर के बाहर आग लगने की खबर सामने आई है, तो अब देखने वाली बात यह होगी की प्रशासन और अग्निशमन विभाग खान सर की कोचिंग को लेकर जांच के बाद आगे क्या कुछ फैसला लेता है।

 

 

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा! फीस में 14 साल बाद बड़ी बढ़ोतरी

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नई दिल्ली: विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार (Central government) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों की फीस बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट (Passport) सेवाओं की फीस में बड़ा बदलाव करते हुए नई दरें जारी कर दी हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इसके तहत नए पासपोर्ट, री-इश्यू और खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट पर पहले से अधिक शुल्क देना होगा।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाने की लागत पहले के मुकाबले अधिक हो जाएगी। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पेज वाले नए या री-इश्यू पासपोर्ट की फीस नॉर्मल श्रेणी में ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दी गई है। वहीं तत्काल (Tatkal) श्रेणी में यह शुल्क ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000 हो गया है। 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए नॉर्मल फीस ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,500 और तत्काल फीस ₹4,000 से बढ़ाकर ₹6,000 कर दी गई है।

पासपोर्ट खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में रिप्लेसमेंट शुल्क में भी भारी वृद्धि की गई है। 36 पेज वाले पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए नॉर्मल श्रेणी में ₹5,000 और तत्काल श्रेणी में ₹7,500 देने होंगे। वहीं 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए यह शुल्क क्रमशः ₹6,000 और ₹8,500 होगा। सरकार ने 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को राहत बरकरार रखी है। नए पासपोर्ट आवेदन पर उन्हें 10 प्रतिशत शुल्क छूट मिलती रहेगी। हालांकि यह छूट केवल फ्रेश पासपोर्ट आवेदन पर लागू होगी, री-इश्यू के मामलों में इसका लाभ नहीं मिलेगा।

18 वर्ष से कम उम्र के आवेदकों के लिए 36 पेज वाले नए या री-इश्यू पासपोर्ट की फीस नॉर्मल श्रेणी में ₹1,750 और तत्काल श्रेणी में ₹4,250 तय की गई है। खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए नॉर्मल शुल्क ₹4,250 और तत्काल शुल्क ₹6,750 होगा। पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और अन्य पासपोर्ट-संबंधी प्रमाणपत्रों के लिए भारत में ₹750 शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, इमरजेंसी सर्टिफिकेट भारत में पहले की तरह निःशुल्क जारी किए जाएंगे।

पासपोर्ट शुल्क में यह पहला बड़ा संशोधन है। इससे पहले वर्ष 2012 में फीस बढ़ाई गई थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई या उसके बाद जमा किए गए सभी पासपोर्ट आवेदनों पर नई दरें लागू होंगी। सरकार ने अन्य पासपोर्ट संबंधित सेवाओं के शुल्क भी निर्धारित किए हैं। सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 1,000 रुपये शुल्क रखा गया है। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और अन्य पासपोर्ट आधारित प्रमाणपत्रों के लिए 750 रुपये शुल्क देना होगा।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

 

 

 

 

यूपी पीसीएस-2026 का विज्ञापन जारी, 25 जून से आवेदन शुरू

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– 27 जुलाई तक भर सकेंगे फॉर्म

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने बहुप्रतीक्षित पीसीएस-2026 परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी गुरुवार, 25 जून 2026 से शुरू कर दी है।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अभ्यर्थी 27 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।
पीसीएस परीक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न प्रशासनिक एवं राजपत्रित पदों पर भर्ती की जाती है। हर वर्ष प्रदेशभर के लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन करने से पहले विज्ञापन में दिए गए पात्रता, आयु सीमा, परीक्षा योजना और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

लखनऊ अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग अलर्ट, बसों में फायर सेफ्टी की होगी सघन जांच

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यात्री सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का बड़ा कदम, 30 दिन चलेगा विशेष जांच अभियान

अग्निशमन यंत्र नहीं तो नहीं मिलेगा फिटनेस सर्टिफिकेट, परिवहन विभाग का सख्त निर्देश

23 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, परिवहन मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट

लखनऊ, 25 जून। लखनऊ अलीगंज अग्निकांड के बाद योगी सरकार लोगों को सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क हो गई है। विभिन्न विभागों ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में अगले 30 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज बसों और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की सघन जांच की जाएगी।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी प्रभावशीलता जनजीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान के तहत फिटनेस जांच के समय वाहनों में लगे अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, क्षमता, वैधता, कार्यशीलता तथा उनके उचित स्थान पर स्थापित होने की विशेष रूप से जांच की जाएगी। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अग्निशमन यंत्र निर्धारित अवधि के भीतर रिफिल अथवा सर्विस किए गए हों और उनकी वैधता समाप्त न हुई हो।

फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर शर्तें
निर्देशों के अनुसार जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाए जाएंगे, अथवा उपकरण कार्यशील स्थिति में नहीं होंगे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी, ऐसे वाहनों को कमियां दूर होने तक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।

विशेष अभियान के दौरान प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वाहनों की सघन जांच करेंगे। स्लीपर बसों की जांच में आपातकालीन निकास, हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी पड़ताल की जाएगी। वहीं स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्रों के साथ अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन का सत्यापन भी किया जाएगा।

जांच अभियान की मुख्यालय को देनी होगी रिपोर्ट
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों, बस संचालकों, परिवहन कंपनियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, अग्निशमन यंत्रों के नियमित अनुरक्षण और समयबद्ध परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह 30 दिवसीय विशेष अभियान 23 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को अभियान के दौरान की गई जांच और प्रवर्तन कार्रवाई का विस्तृत विवरण परिवहन मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।