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Saturday, May 9, 2026
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अमेठी: बेटी की शादी के लिए खरीदारी करने गए पिता और पड़ोसी की सड़क हादसे में मौत, दो घायल

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अमेठी: यूपी के अमेठी (Amethi) में एक परिवार शादी (wedding) की खुशियों में डूबा हुआ था। शादी की तैयारियों जोरों पर चल रही थी। शादी के लिए पिता सामान के लिए अपने पड़ोसी के साथ बाजार भी गया लेकिन शादी वाले घर की खुशियां कुछ ही पल में मातम में बदल गई। शादी वाले घर में लड़की के पिता की लाश पहुंची, जिसके बाद परिजनों के बीच कोहराम मच गया।

बेटी की शादी के फल और कुछ जरूरी सामान लेने के लिए पिता अपने पड़ोस में रहने वाले युवक के साथ बाइक से गए। इसी दौरान लखनऊ-वाराणसी हाइवे पर एक बाइक से जोरदार भिड़ंत हुई। घटना इतनी भयानक थी दोनों बाइक चकनाचूर हो गई। वहीं हादसे में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, हादसा होता देख राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत अस्पताल भिजवाया।

वहीं डॉक्टरों ने जांच के बाद गौतम (40) और पड़ोसी आसाराम (35) को मृत घोषित कर दिया। वहीं 2 घायलों का इलाज जारी है। गौतम की बेटी की शुक्रवार रात बरात आनी थी। पुलिस ने दोनों की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद लाश को परिजनों को सौंप दिया। घटना की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

पल्लवी पटेल का हजारों समर्थकों के साथ रेल रोको प्रदर्शन से हिली राजधानी, इंजन पर चढ़ीं विधायक, चारबाग स्टेशन पर हंगामा, मुकदमा दर्ज

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-इंजन पर चढ़ीं विधायक
-चारबाग स्टेशन पर हंगामा, मुकदमा दर्ज

लखनऊ: राजधानी मे शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब सिराथू विधायक पल्लवी पटेल अपनी पार्टी अपना दल कमेरावादी के हजारों कार्यकर्ताओं के साथ चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गईं और यूजीसी के नए नियम लागू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि विधायक खुद वंदे भारत ट्रेन के इंजन पर चढ़ गईं, जबकि कई कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतरकर नारेबाजी करने लगे। इस पूरे घटनाक्रम से चारबाग स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और रेलवे संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ।

दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से शुरू हुए प्रदर्शन में करीब पांच हजार कार्यकर्ता शामिल बताए गए। प्रदर्शनकारी पहले विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग के बाद माहौल अचानक गरमा गया। गुस्साए कार्यकर्ता सीधे चारबाग रेलवे स्टेशन की ओर दौड़ पड़े। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंचते ही यूजीसी लागू करो और कुर्सी खाली करो जैसे नारों से स्टेशन गूंज उठा। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर उतर गए और वहां खड़े इंजन पर चढ़ने लगे। कुछ ही देर बाद विधायक पल्लवी पटेल भी इंजन पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं।

करीब डेढ़ घंटे तक स्टेशन परिसर प्रदर्शन का अखाड़ा बना रहा। हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस और आरपीएफ बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए एक-एक कर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बसों में भरकर इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ता बसों की छतों पर भी चढ़ गए और सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।

रेलवे प्रशासन के मुताबिक इस प्रदर्शन का सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ा। आनंद विहार-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन करीब दो घंटे देरी से चारबाग स्टेशन पहुंची। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और स्टेशन पर लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

प्रदर्शन के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने विधायक पल्लवी पटेल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे संचालन बाधित करने, ट्रैक पर उतरने और सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान पल्लवी पटेल ने सरकार पर पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के अधिकार दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को लागू कराने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा, चाहे इसके लिए जेल जाना पड़े या मुकदमे झेलने पड़ें। वहीं उनके समर्थकों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर बस के बाद रेल और अब हवाई जहाज भी रोका जाएगा।

चारबाग स्टेशन पर हुए इस हाईवोल्टेज प्रदर्शन ने राजधानी लखनऊ की राजनीति और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन और विधायक का इंजन पर चढ़ना अब प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।

हाई अलर्ट पर राजधानी! दिल्ली BJP दफ्तर पर आतंकी हमले का अलर्ट, जांच एजेंसियां हुई सतर्क

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में स्टेट BJP ऑफिस पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। डीडीयू मार्ग स्थित दिल्ली बीजेपी मुख्यालय (Delhi BJP Headquarters) और आसपास के सरकारी दफ्तरों को आतंकी निशाना बना सकते हैं। ये जानकारी सूत्रों ने दी है. इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। बीजेपी दफ्तर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अलर्ट मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

दिल्ली पुलिस के साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की है तैनाती गई है। दिल्ली में स्टेट बीजेपी ऑफिस पर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद आसपास के इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है. एजेंसी को प्राप्त इनपुट में आशंका जताई गई है कि आतंकी संगठन दिल्ली बीजेपी कार्यालय और सरकारी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं।

संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। इनपुट में आशंका जताई गई है कि आतंकी संगठन दिल्ली बीजेपी कार्यालय और सरकारी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए सुसाइड बॉम्बर, कार बम, शूटआउट और आईईडी प्लांट जैसी साजिशों का इस्तेमाल किया जा सकता है। संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

इसको देखते हुए आसपास की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। आतंकी डीडीयू मार्ग स्थित दिल्ली बीजेपी मुख्यालय और आसपास के सरकारी दफ्तरों को निशाना बना सकते है। अलर्ट मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। दिल्ली पुलिस और स्थानीय जांच एजेंसियों के द्वारा अलर्ट जारी होने के बाद ऑफिस के आसपास चौकसी बढ़ा दी गई है, साथ ही इलाके के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से घरों में ही रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

राज्य भर में सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। चौकसी बढ़ाने के साथ पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर भी प्रशासन की पूरी तरह नजर है। पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है, किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बल मुस्तैदी से बीजेपी ऑफिस के आसपास तैनात कर दिया गया है।

चप्पे-चप्पे पर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। सभी अधिकारी अब अलर्ट मोड पर हैं। दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को यह जानकारी खूफिया सूत्रों के मुताबिक प्राप्त हुई है। पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संभवित खतरे को देखते हुए निगरानी तेज कर दी गई है। इलाके में स्थिति से निपटने के प्रयास भी जारी हैं।

 

ईवीएम हटाकर रहेंगे, लोकतंत्र बचाने को चुनाव माफियाओं से लड़ाई जरूरी : अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और चुनाव प्रणाली को लेकर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए समाजवादियों को “मल्टीलेयर इलेक्शन माफियाओं” से लड़ना होगा। शनिवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली हो रही है और संवैधानिक संस्थाओं की साख बचाने के लिए जनता को एकजुट होकर मुकाबला करना पड़ेगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की स्पष्ट मांग है कि देश में फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका, इंग्लैंड और जर्मनी जैसे देशों में बैलेट से वोटिंग होती है तो भारत में भी उसी व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ईवीएम और चुनावी व्यवस्था का दुरुपयोग कर रही है। अखिलेश ने कहा, “साल लगे या सदी, समाजवादी ईवीएम हटाकर रहेंगे।”

उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर भी योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर के जरिए जनता की जेब काट रही है। बिजली नहीं आती, लेकिन स्मार्ट मीटर लगातार चलता रहता है। उन्होंने दावा किया कि यदि स्मार्ट मीटर को रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है तो ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि 2022 विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे गए थे और वोटों में हेरफेर किया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को शपथपत्रों के साथ शिकायतें दी थीं, लेकिन किसी भी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि समाजवादी पार्टी अपने स्तर पर पूरे प्रदेश में वोटर लिस्ट की जांच कर रही है।

कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं और दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़े खुद इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का “जीरो टॉलरेंस” सिर्फ नारा बनकर रह गया है और प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर छात्राओं की केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त की जाएगी और कैंसर का इलाज निशुल्क होगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने हजार करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान बनाया था, जिसे और बेहतर किया जाएगा। साथ ही 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा भी दोहराया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद समाजवादी पार्टी मुख्यालय में महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अखिलेश यादव ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर गोमती रिवर फ्रंट पर चेतक के साथ महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसमें सोने का भाला लगाया जाएगा। उन्होंने महाराणा प्रताप जयंती पर दो दिन का अवकाश घोषित करने का भी वादा किया।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में “पश्चिम बंगाल वाली कहानी” नहीं दोहरा पाएगी। उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा और जनता के सहयोग से भाजपा को सत्ता से बाहर करेगा।

मोदी की मौजूदगी में बंगाल में बीजेपी राज की शुरुआत

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शुभेंदु बने मुख्यमंत्री :शपथ लेते ही कानून व्यवस्था पर बड़ा एक्शन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा और एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दृश्य ने पूरे समारोह को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से बेहद खास बना दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके को पश्चिम बंगाल के लिए “नई उम्मीद, गरिमा और सुशासन की शुरुआत” बताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 9 मई 2026 का दिन इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज रहेगा। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को राज्य का पहला भाजपा मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान पीएम मोदी का समर्थकों की ओर दंडवत प्रणाम करना भी चर्चा का केंद्र बना रहा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी एक्शन मोड में दिखाई दिए। उन्होंने डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की। माना जा रहा है कि नई सरकार कानून व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर शुरुआत से ही सख्त संदेश देना चाहती है।

शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु और निशिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक नियुक्तियों का दौर भी शुरू हो गया है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया है, जबकि आईएएस अधिकारी शांतनु बाला को निजी सचिव बनाया गया है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह दिन पश्चिम बंगाल और देश दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा थी कि नई सरकार का गठन रवींद्र जयंती के अवसर पर हो और उसी भावना के साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।

शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल हिंसा में जान गंवाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के परिजनों से भी मुलाकात की। इसे भाजपा के लिए भावनात्मक और राजनीतिक रूप से बड़ा संदेश माना जा रहा है।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में भारी जनसमूह उमड़ा और भाजपा समर्थकों ने “जय श्रीराम” तथा “मोदी-मोदी” के नारों के साथ जश्न मनाया। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने को पार्टी के लिए ऐतिहासिक राजनीतिक जीत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय बाद राज्य की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

केरल में सीएम चेहरे पर कांग्रेस में घमासान : खरगे के घर तीन घंटे मंथन के बाद भी फैसला टला

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नई दिल्ली। केरल में कांग्रेस की शानदार जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शनिवार को करीब तीन घंटे तक चली हाईलेवल बैठक के बावजूद नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। लंबी चर्चा और मंथन के बाद भी पार्टी नेतृत्व किसी एक चेहरे पर फैसला नहीं ले पाया, जिससे केरल की राजनीति में सस्पेंस और बढ़ गया है।
बैठक में केरल कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्नितला प्रमुख रहे। कांग्रेस नेतृत्व राज्य में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लेने के लिए लगातार विचार-विमर्श कर रहा है। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद भी किसी नाम का एलान नहीं किया गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी के अंदर अभी भी सहमति का अभाव बना हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस विधायकों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री चयन का फैसला पूरी तरह आलाकमान पर छोड़ दिया है। सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने ‘वन लाइन रेजोल्यूशन’ पास कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को अंतिम निर्णय का अधिकार सौंप दिया है। अब मुख्यमंत्री के नाम पर आखिरी मुहर दिल्ली दरबार से ही लगेगी।
केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है और उचित समय पर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 23 मई से पहले कभी भी नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान हो सकता है। वहीं रमेश चेन्नितला ने भी कहा कि सभी मुद्दों पर राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा हो चुकी है और अब फैसला हाईकमान ही करेगा।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ को लेकर कांग्रेस के अंदर खींचतान अब सड़कों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य के कई हिस्सों में समर्थकों द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी की खबरें सामने आई हैं। पार्टी नेतृत्व ने इन घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। दीपा दासमुंशी ने साफ कहा कि इस तरह की गतिविधियां कांग्रेस की संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं और पार्टी अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगी।