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Saturday, July 4, 2026
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वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 15 साल की उम्र में किया इंटरनेशनल डेब्यू, बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने इंग्लैंड (England) के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू करते हुए इतिहास रच दिया। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर जैसे ही वैभव ने भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनकर मैदान में कदम रखा, वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही वैभव आईसीसी के किसी भी फुल-मेंबर देश के लिए टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले दुनिया के सबसे युवा और पहले 15 वर्षीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें डेब्यू कैप टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने सौंपी।

वैभव ने इस उपलब्धि के साथ भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज नामों को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले भारत के लिए सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने का रिकॉर्ड मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ कराची में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। उस समय उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी। बाद में उन्होंने उसी दौरे पर गुजरांवाला में 16 साल 238 दिन की उम्र में वनडे डेब्यू किया था। करीब 37 वर्षों तक यह रिकॉर्ड कायम रहा, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 99 दिन की उम्र में इसे अपने नाम कर लिया। वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले पहले 15 वर्षीय खिलाड़ी भी बन गए हैं।

इतना ही नहीं, वैभव ने भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट दोनों को मिलाकर सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह उपलब्धि शेफाली वर्मा के नाम थी, जिन्होंने 15 साल 239 दिन की उम्र में 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। अब वैभव उनसे भी कम उम्र में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

भारत के लिए सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके बाद शेफाली वर्मा, सचिन तेंदुलकर, जेमिमा रोड्रिग्स, पार्थिव पटेल और मिताली राज का नाम आता है।

सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले 5 भारतीय खिलाड़ी

खिलाड़ी उम्र फॉर्मेट खिलाफ
वैभव सूर्यवंशी 15 साल 99 दिन टी20 इंटरनेशनल इंग्लैंड (2026)
शेफाली वर्मा 15 साल 239 दिन टी20 इंटरनेशनल साउथ अफ्रीका (2019)
सचिन तेंदुलकर 16 साल 205 दिन टेस्ट पाकिस्तान (1989)
जेमिमा रोड्रिग्स 17 साल 130 दिन टी20 इंटरनेशनल साउथ अफ्रीका (2018)
पार्थिव पटेल 17 साल 153 दिन टेस्ट इंग्लैंड (2002)
मिताली राज 17 साल 205 दिन वनडे आयरलैंड (1999)

वैभव सूर्यवंशी अब ICC के किसी भी फुल मेंबर देश के लिए टी20 इंटरनेशनल खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए हैं। ICC के 12 फुल मेंबर देश हैं: भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे। इन देशों के बीच खेला जाने वाला क्रिकेट उच्चतम स्तर का माना जाता है, और इतने कम उम्र में इस स्तर पर डेब्यू करना वैभव की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।

इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले इंटरनेशनल मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 2 शानदार छक्के शामिल रहे। हालांकि उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और वह पांचवें ओवर की पांचवीं गेंद पर विल जैक्स का शिकार बन गए।

भले ही वैभव अपनी पहली इंटरनेशनल पारी को बड़ी पारी में नहीं बदल सके, लेकिन 15 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए डेब्यू कर उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि यह युवा बल्लेबाज आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए कई यादगार पारियां खेलकर विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

 

पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की मौत को सुसाइड दिखाने की रची थी साजिश, डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने खोला राज

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पत्नी तन्नू और मृतक मोनू

रेवाड़ी: हरियाणा के रेवाड़ी (Rewari) के रहने वाले 21 साल के एक युवक मोनू की कथित तौर पर उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने एक सोची-समझी साज़िश के तहत हत्या कर दी। उन्होंने युवक का गला घोंटा, उसे ज़िंदा ही नहर में फेंक दिया और घटना को आत्महत्या या गलती से डूबने का मामला दिखाने की कोशिश की। यह हत्या तब सामने आई जब पीड़ित के परिवार ने उसके मोबाइल फ़ोन से डिलीट की गई चैट (deleted chats) और कॉल रिकॉर्ड बरामद किए, जिसके बाद पुलिस ने पत्नी और एक आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, जडथल गाँव का रहने वाला मोनू 7 जून को अपनी पत्नी तन्नू को उसके मायके से वापस लाने वाला था। उसके परिवार वालों ने बताया कि तन्नू ने उससे कहा था कि वह आते समय अपनी सैलरी साथ लेकर आए। 8 जून को सैलरी मिलने के बाद, मोनू ने एक CSC सेंटर से पैसे निकाले। फिर उसने परिवार वालों को बताया कि उसके पेट में दर्द है और वह दवा लेने जा रहा है। उसने अपने पिता को साथ ले जाने से मना कर दिया और स्कूटर से घर से निकल गया।

पुलिस ने बताया कि तन्नू ने मोनू को फ़ोन करके मिलने के लिए बुलाया। उसका कथित प्रेमी सोनू, अपने साथियों हरिओम और अमन के साथ, पहले ही वहाँ पहुँच चुका था और उसका इंतज़ार कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, तन्नू और तीनों आरोपियों ने मोनू पर काबू पा लिया और उसके मुँह और नाक को तब तक दबाए रखा जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद उन्होंने उसे ज़िंदा ही नहर में फेंक दिया ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हत्या के बजाय डूबना आए। उन्होंने उसकी स्कूटी भी नहर के पास खड़ी कर दी ताकि घटना आत्महत्या जैसी लगे।

बाद में पीड़ित परिवार को डिलीट किए गए कॉल रिकॉर्ड मिले, जिनसे पता चला कि मोनू ने 8 जून को – जिस दिन वह गायब हुआ था – अन्नू को 49 बार कॉल किया था। दोनों के बीच सिर्फ़ एक बार लगभग तीन मिनट तक बातचीत हुई थी। जब मोनू उस रात घर नहीं लौटा, तो परिवार ने उसे खोजना शुरू किया।

9 जून को परिवार ने अन्नू को फ़ोन करके पूछा कि क्या मोनू ने उससे संपर्क किया था या उससे मिला था। परिवार के अनुसार, उसने मोनू से बात करने या मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने कसौला पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने अन्नू के रिश्तेदारों से भी संपर्क किया, जिन्होंने इस बात से इनकार किया कि मोनू उनसे मिलने आया था या उसने अन्नू से बात की थी।

10 जून को पुलिस को असलवास के पास एक नहर से मोनू का शव मिला। अधिकारियों को उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। उन्हें नहर के किनारे से उसका स्कूटर भी मिला, जिसके अंदर उसका मोबाइल फ़ोन था। पुलिस ने इस मामले को धारा 174 के तहत आकस्मिक मौत का मामला माना और पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। पुलिस की आकस्मिक डूबने या आत्महत्या की थ्योरी पर विश्वास करते हुए परिवार ने मोनू का अंतिम संस्कार कर दिया।

मोनू की मौत के बारे में पता चलने पर, अन्नू अपने माता-पिता, भाई और अन्य रिश्तेदारों के साथ कसौली स्थित अपने मायके से जडथल स्थित ससुराल पहुँची। परिवार के अनुसार, वह रोई, अंतिम संस्कार में शामिल हुई और शोक की अवधि खत्म होने तक सभी रस्मों में हिस्सा लिया, जिससे सभी को यही लगा कि वह अपने पति की मौत का शोक मना रही है।

दिनदहाड़े हाईवे पर महिला से कुंडल लूट, बाइक सवार बदमाश फरार; पुलिस ने घेराबंदी कर शुरू की तलाश

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अमृतपुर, फर्रुखाबाद: थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार शाम इटावा-बरेली हाईवे पर दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों द्वारा महिला के कान से कुंडल झपट लेने की घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश तेज रफ्तार से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा बदमाशों की पहचान के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भुड्डनपुर की मढ़ैया निवासी ब्रजराम राजपूत अपनी पत्नी सोनम और तीन वर्षीय पुत्री मोनिका के साथ हरदोई जनपद के थाना पाली क्षेत्र के ग्राम खनुआ शंकरपुर स्थित ससुराल से बाइक द्वारा अपने घर लौट रहे थे। शनिवार शाम लगभग 4:40 बजे जब उनका परिवार थाना राजेपुर क्षेत्र के जैनापुर गांव के पास इटावा-बरेली हाईवे से गुजर रहा था, तभी पीछे से आए दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने चलती बाइक पर बैठी सोनम के कान से कुंडल झपट लिए और फरार हो गए।पीड़ित ब्रजराम ने साहस दिखाते हुए बदमाशों का उजरामऊ तक पीछा किया, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।

घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि महिला से कुंडल छीने जाने की सूचना मिली है। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और जल्द ही घटना का सफल खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

दिनदहाड़े हाईवे पर हुई इस वारदात से राहगीरों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। वहीं पुलिस का कहना है कि जिले में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए हाईवे पर गश्त और निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

मोबाइल पर संदिग्ध लिंक और ओटीपी से जरिए बैंक खाते साफ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

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रोहतास: बिहार में रोहतास (Rohtas) जिले की पुलिस को साइबर अपराधियों (Cyber criminals) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सासाराम नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के आशीर्वाद होटल में छापेमारी कर चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार (arrested) किया है। यह गिरोह काफी समय से लोगों को अपना निशाना बना रहा था और इनके तार तेलंगाना तक जुड़े होने की पुष्टि हुई है।

​सासाराम के एसडीपीओ-1, विप्लव कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये अपराधी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगते थे। इनका मुख्य तरीका मोबाइल पर संदिग्ध लिंक भेजना और फोन कॉल के जरिए लोगों से ओटीपी (OTP) हासिल करना था। ओटीपी मिलते ही ये पलक झपकते ही पीड़ितों के बैंक खातों से बड़ी रकम उड़ा लेते थे।

​पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये अपराधी सीधे अपना अकाउंट इस्तेमाल करने के बजाय सामान्य और जरूरतमंद लोगों के बैंक खातों का उपयोग करते थे। साइबर ठगी से कमाई गई अवैध राशि को वे इन्हीं अनजान लोगों के खातों में मंगवाते थे। पुलिस के अनुसार इस काम के बदले वे खाताधारकों को ठगी गई राशि का 2.5% कमीशन भी देते थे। पुलिस ने ऐसे कई अन्य स्थानीय खाताधारकों को भी चिह्नित कर लिया है जो अनजाने या लालच में आकर इन अपराधियों की मदद कर रहे थे।

​छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) आदित्य राज शामिल है, जो भभुआ का रहने वाला है। इसके अलावा गिरोह के अन्य तीन सदस्यों की पहचान अमन कुमार पटेल (बघेला, रोहतास), रवि कुमार वर्मा (सलेमपुर, नोखा) और आदित्य कुमार (धनकाढा) के रूप में हुई है।

​एसडीपीओ विप्लव कुमार ने स्पष्ट किया कि इन अपराधियों के तार तेलंगाना स्थित साइबर अपराध के नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कुल कितने लोगों को ठगा है और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हो सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह गिरफ्तारी सासाराम में बढ़ रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

पाकिस्तान के 23 आतंकी घोषित: संपत्ति जब्ती और आर्थिक शिकंजे का रास्ता साफ

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हैं तथा जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने और बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने में शामिल रहे हैं।

सरकार की सूची में शामिल आतंकियों में लश्कर सरगना हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ्तिखार भी शामिल हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार ये आतंकी युवाओं को कट्टरपंथ की ओर उकसाने, आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, हमलों की योजना बनाने और विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इनमें कुछ आतंकियों पर वर्ष 2016 में नगरोटा सेना शिविर और वर्ष 2018 में सुंजवान सैन्य स्टेशन पर हुए आतंकी हमलों में शामिल होने के भी आरोप हैं।

इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी को इन आतंकियों की संपत्तियां जब्त करने, उनके आर्थिक स्रोतों पर रोक लगाने और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार मिल जाएगा। वर्ष 2019 में कानून में संशोधन के बाद पहली बार किसी संगठन के साथ-साथ व्यक्तिगत आतंकियों को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू किया गया था।

गृह मंत्रालय द्वारा 23 नए नाम जोड़े जाने के बाद देश की आतंकवादी सूची में शामिल घोषित आतंकियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले हर व्यक्ति और संगठन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपर्क मार्ग निर्माण में बाधा डालने पर प्रधान सहित दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

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फर्रुखाबाद। जनपद में बहोरना से अहमदपुर देवरिया संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ थाना जहानगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक घनश्याम को सौंपी गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से बहोरना से अहमदपुर देवरिया संपर्क मार्ग का नव निर्माण कराया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि लगभग 800 मीटर लंबाई में किए गए मिट्टी तटबंध के कार्य को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। जांच में आरोप लगाया गया कि बहोरना निवासी राहुल पुत्र दुर्विजय सिंह तथा अहमदपुर देवरिया निवासी प्रधान किशोर पुत्र रामस्वरूप ने निर्माणाधीन तटबंध को नुकसान पहुंचाया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की।

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग की टीम द्वारा मार्ग का चिन्हांकन किए जाने के बावजूद आरोपियों ने ट्रैक्टर चलाकर कार्य को प्रभावित किया, जिससे निर्माण कार्य बाधित हुआ। इस संबंध में अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, फर्रुखाबाद की ओर से थाना जहानगंज में तहरीर दी गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक घनश्याम को सौंपी गई है।