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Friday, May 15, 2026
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से अल्पसंख्यक परिवारों को मिला सम्मान और सहारा

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यूपी में 2017 से अब तक अल्पसंख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों की शादी इस योजना के तहत संपन्न कराई जा चुकी

योगी सरकार की योजनाओं ने मिटाई भेदभाव की दीवार, सामाजिक समरसता और भरोसे की बनी मिसाल

सबका साथ-सबका विकास का जमीन पर दिख रहा असर, यूपी में आर्थिक कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता हुई कम

लखनऊ। योगी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को जमीन पर उतारने में लगातार जुटी हुई है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। खासतौर पर अल्पसंख्यक समाज के हजारों परिवारों को इस योजना से राहत और सम्मान मिला है।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक अल्पसंख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की इस पहल ने उन परिवारों की चिंता कम की है जो बेटियों की शादी के खर्च को लेकर वर्षों तक परेशान रहते थे। योगी सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता और सामाजिक सहयोग ने गरीब परिवारों को नई उम्मीद दी है।

सामाजिक समरसता का बना मजबूत माध्यम

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और समानता का भी बड़ा संदेश दे रही है। कार्यक्रमों में सभी धर्मों और समुदायों के जोड़ों का एक साथ विवाह कराना समाज में भाईचारे और सौहार्द की भावना को मजबूत करता है।

सम्मान के साथ बेटियों की नई जिंदगी की शुरुआत

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शादी जैसे बड़े आयोजन में गरीब परिवारों को अक्सर कर्ज और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने इस समस्या को काफी हद तक कम किया है। योजना के तहत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता, गृहस्थी का सामान और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी शुरू करने में मदद मिलती है। सरकार की इस पहल से अल्पसंख्यक समाज की बेटियों को भी सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर मिल रहा है। कई परिवारों ने इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बताया है।

विकास की राजनीति से मजबूत हो रहा भरोसा

योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का आधार जाति या धर्म नहीं, बल्कि जरूरत और पात्रता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। योगी सरकार का मानना है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। यही वजह है कि अल्पसंख्यक समाज सहित सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं को लेकर भरोसा बढ़ा है।

सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसमें पात्रता के आधार पर लाभ दिया जा रहा है। यह योजना सामाजिक समरसता को मजबूत करते हुए जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

9 साल में अल्संख्यक वर्ग के 52,134 जोड़ों की शादियां हुईं

2017-18 में 1635
2018-19 में 4973
2019-20 में 6040
2020-21 में 1878
2021-22 में 5160
2022-23 में 8096
2023-24 में 8535
2024-25 में 9381
2025-26 में 6436

तखवा गांव में 14 फीट गहरे सीवर मैनहोल का सुरक्षित निर्माण: 900 से अधिक घरों को मिली राहत

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लखनऊ: गोमती नगर स्थित तखवा गांव क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो एवं चोकिंग की गंभीर समस्या से राहत दिलाने के लिए सुएज द्वारा 14 फीट गहरे दो सीवर मैनहोल का मरम्मत कार्य कराया गया। यह कार्य अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुएज की टीम ने इसे सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

जानकारी के अनुसार, एलडीए द्वारा लगभग 50 वर्ष पूर्व डाली गई पुरानी सीवर लाइन को समय के साथ चूहों एवं अन्य कारणों से भारी क्षति पहुंची थी। मैनहोल के भीतर की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं, जिसके कारण क्षेत्र में लगातार सीवर ओवरफ्लो और चोकिंग की समस्या बनी हुई थी। चूंकि मैनहोल की गहराई 14 फीट से अधिक थी, इसलिए पुनर्निर्माण कार्य तकनीकी रूप से बेहद कठिन था।

सुएज द्वारा इस कार्य के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। कार्यस्थल पर सभी आवश्यक सेफ्टी प्रोटोकॉल अपनाए गए, जिनमें बैरिकेडिंग, गैस मॉनिटरिंग, सेफ्टी उपकरणों का उपयोग तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती शामिल रही। पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराया गया ताकि कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इन दोनों मैनहोल के निर्माण के बाद तखवा गांव के लगभग 900 से अधिक घरों को सीवर ओवरफ्लो और चोकिंग की समस्या से बड़ी राहत मिली है।

सुएज के नेटवर्क मैनेजर रजनीश शर्मा ने बताया, “यह कार्य तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पुराने मैनहोल की आंतरिक संरचना पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। हमारी टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। सुएज की प्राथमिकता केवल कार्य पूर्ण करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।”

निर्दोष सिपाही पर कातिलाना हमला करने वालों पर मैडम की टेड़ी नजर

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– मुकदमे में नामजद दबंगों में तीन गिरफ्तार, गए जेल,मची खलबली
– पुलिस के एक्शन से अपराधियों में दहशत
– “कानून से ऊपर कोई नहीं”: एसपी

फर्रुखाबाद: जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले दबंगों पर अब पुलिस अधीक्षक आरती सिंह का सख्त शिकंजा कसता जा रहा है। नवाबगंज में यूपी-112 के निर्दोष सिपाही पर हुए कतिलाना हमले के बाद एसपी आरती सिंह ने जैसे ही मामले का संज्ञान लिया, वैसे ही पुलिस महकमा एक्शन मोड में आ गया। देखते ही देखते तीन दबंग आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

बरतल वाली गली में सिपाही विल्सन के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया था। दबंगों ने सिपाही को गली में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और जान बचाने के लिए घर में घुसने के बाद भी उसे बाहर खींचकर हमला किया। लेकिन घटना के बाद एसपी आरती सिंह ने साफ संदेश दे दिया कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

एसपी के निर्देश पर नवाबगंज पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर आरोपी नन्हे सिंह, बीरसिंह और कन्हैया लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी आरोपियों की तलाश में भी लगातार छापेमारी जारी है।

जनपद में लगातार हो रही सख्त कार्रवाइयों से दबंगों और उपद्रवियों में खलबली मची हुई है। अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहीं एसपी आरती सिंह की कार्यशैली अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

दबंगों पर टूटा पुलिस का शिकंजा, चाचूपपुर कांड में मुख्य आरोपी का भाई गिरफ्तार

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– एसपी आरती सिंह की सख्ती से अपराधियों में मचा हड़कंप
– मुकदमें में नाम आने पर राजेपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
– दबंगों ने एक राय होकर किया था पुलिस पर कातिलाना हमला

अमृतपुर/फर्रुखाबाद। जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक आरती सिंह का सख्त अभियान लगातार रंग दिखा रहा है। चर्चित चाचूपपुर प्रकरण में थाना राजेपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के भाई शीशराम पुत्र मंशाराम निवासी ग्राम चाचूपपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय फतेहगढ़ भेज दिया।

पुलिस के अनुसार दर्ज मुकदमें की विवेचना के दौरान शीशराम का नाम प्रकाश में आया था। इसके बाद थाना राजेपुर पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

जनपद में अपराधियों, दबंगों और उपद्रवियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर एसपी आरती सिंह लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

चाचूपपुर प्रकरण के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। गांव और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस की इस कार्रवाई को दबंगों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।

रायबरेली: शारदा नहर में बहते मिले 3 अज्ञात शव, छानबीन में जुटी पुलिस

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रायबरेली: रायबरेली (Raebareli) जिले के शारदा नहर (Sharda Canal) से तीन अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। नहर के पास से गुजर रहे राराहगीरों और स्थानीय लोगों ने शव बहते देख रायबरेली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पहचान कराने के प्रयास शुरू किए। मृतकों में एक महिला की उम्र करीब 35 वर्ष, जबकि दो पुरुषों की उम्र लगभग 45 और 55 वर्ष बताई जा रही है।

यह पूरा मामला जिले के बछरावां थाना क्षेत्र का है। जहां मलपुर गांव के पास राहगीरों और स्थानीय लोगों ने नहर में तीन शव बहते हुए देखा। घटना की सूचना पर एडिशनल एसपी आलोक कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि अर्धनग्न अवस्था शव में मिले हैं और काफी पुराने लग रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शव करीब दस दिन पुराने हो सकते हैं। मृतकों की शिनाख्त के लिए पुलिस आसपास के जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामले खंगाल रही है ताकि कुछ क्लू मिल सके।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर बछरावां थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तीनों की मौत कब और कैसे हुई इसकी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। फिलहार हमारी टीम बारीकी से हर एंगल से जांच पड़ताल कर रहे है। शवों के एक साथ मिलने से हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। घटना के बाद आस-पास के पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

 

मिर्जापुर में गुंडाराज ! आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने दौड़ा-दौड़ाकर युवक को मारा चाकू

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मिर्जापुर: यूपी (Uttar Pradesh) के मिर्जापुर (Mirzapur) जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र स्थित डवक बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक पर आधा दर्जन युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक को दौड़ाकर पहले बेरहमी से पीटा और फिर दुकान में घुसकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवक के शरीर पर छह वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

बता दें कि पसही निवासी शिवम मिश्रा 10 मई की रात डवक बाजार स्टैंड पर फल खरीदने गया था। लौटते समय पुरानी रंजिश को लेकर मनबढ़ युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि रजत सिंह, अनुपम जायसवाल, कल्लू सिंह, ओम सिंह समेत करीब आधा दर्जन युवकों ने शिवम को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए शिवम पास की एक चाय की दुकान में घुस गया, लेकिन हमलावर वहां भी पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान के भीतर पहले शिवम को लात-घूंसों से पीटा गया, फिर दुकान में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से उसके चेहरे और सीने पर ताबड़तोड़ छह वार किए गए। खून से लथपथ होकर शिवम जमीन पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

घटना का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वायरल वीडियो में एक युवक दुकान के अंदर रखा चाकू उठाकर शिवम पर लगातार वार करता दिखाई दे रहा है, जबकि पांच से छह युवक मिलकर उसे बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। बीच-बचाव करने पहुंचे एक युवक को भी हमलावर धक्का देकर पीछे हटाते दिखाई दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना का वीडियो वायरल होने और आरोपियों की पहचान सामने आने के बावजूद शुक्रवार दोपहर तक जमालपुर पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।

घायल युवक के भाई शुभम मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने रजत सिंह, अनुपम जायसवाल, कल्लू सिंह, ओम सिंह सहित अन्य अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, पीड़ित परिवार ने डवक चौकी प्रभारी ओम प्रकाश सिंह राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि कार्रवाई करने के बजाय चौकी प्रभारी लगातार समझौते और सुलह का दबाव बना रहे हैं। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।

जमालपुर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और घायल युवक की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं सीओ चुनार मंजरी राव ने कहा कि चौकी इंचार्ज के खिलाफ मिली शिकायत की जांच कराई जाएगी। घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।