– अखिलेश यादव के करीबी दायरे में जोगेंद्र सिंह यादव, बदल सकते हैं सियासी समीकरण
एटा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के राजनीतिक फैसलों पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है, लेकिन इन दिनों एटा की राजनीति में जिस परिवार की सक्रियता सबसे अधिक चर्चा में है, वह पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव का परिवार है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता जोगेंद्र सिंह यादव समेत पूरा यादव परिवार समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बेहद करीब माना जा रहा है और पार्टी के महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी बात को गंभीरता से सुना जा रहा है।
एटा, कासगंज और आसपास के क्षेत्रों में यादव परिवार लंबे समय से प्रभावशाली राजनीतिक ताकत रहा है। बदलते राजनीतिक दौर में भी परिवार की संगठनात्मक पकड़ और जनाधार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के अंदर होने वाली रणनीतिक बैठकों और क्षेत्रीय समीकरणों में इस परिवार की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश में अपने मजबूत सामाजिक आधार को और धार देने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में एटा का यादव परिवार पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ साबित हो सकता है। सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय संगठन, चुनावी प्रबंधन और उम्मीदवार चयन जैसे मुद्दों पर भी परिवार के सुझावों को महत्व दिया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि एटा की राजनीति में जब भी समाजवादी पार्टी को मजबूती मिली है, उसमें यादव परिवार की सक्रिय भूमिका रही है। स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने से लेकर चुनावी संघर्ष तक, परिवार का प्रभाव लगातार बना रहा है। यही कारण है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी यह संदेश जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व का भरोसा आज भी इस परिवार पर कायम है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी की लड़ाई को और आक्रामक बनाती है, तो एटा जनपद में यादव परिवार की भूमिका और बढ़ सकती है। संगठन के भीतर उनकी बढ़ती स्वीकार्यता विपक्षी दलों के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि एटा की राजनीति में पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव का परिवार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के साथ उसकी बढ़ती नजदीकियां आने वाले दिनों में जिले के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकती हैं।








