39.9 C
Lucknow
Tuesday, June 23, 2026
Home Blog

अलीगंज अग्निकांड: फर्रुखाबाद में सपा का कैंडल मार्च, मृत बच्चों को दी श्रद्धांजलि

0

फर्रुखाबाद। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों की स्मृति में समाजवादी पार्टी महानगर फर्रुखाबाद द्वारा सोमवार को कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा ने किया।

कैंडल मार्च किराना बाजार से शुरू होकर नगर के त्रिपोलिया चौक तक निकाला गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर हादसे में दिवंगत हुए बच्चों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा ने कहा कि लखनऊ के अलीगंज में हुआ अग्निकांड अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दुख की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है।

राघव दत्त मिश्रा ने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक बच्चे के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, जिससे प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में खुर्शीद खान, अमन भारद्वाज, प्रवेश कटियार, अमित यादव, कुलदीप भारद्वाज, रजत क्रांतिकारी, ओम प्रकाश शर्मा, वीना शर्मा, विकास गुप्ता, रिंकू यादव, अभिषेक गुप्ता, यूनुस अंसारी, उरूज खान, शुभम शुक्ला, रवि मिश्रा, प्रदीप दुबे सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ किया गया।

दशाश्वमेध घाट पर नाव में चिकन और शराब पार्टी का VIDEO वायरल होने के बाद एक्शन में पुलिस, 5 आरोपी गिरफ्तार

0

वाराणसी: यूपी के वाराणसी में मोक्षनगरी काशी (Kashi) से सनातन धर्म की आस्था को गहरी ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। जहां, विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट (Dashashwamedh Ghat) पर आधा दर्जन लोग चिकन और शराब पार्टी करते हुए नजर आ रहे है। इन सब में एक भाजपा पार्षद का भी नाम सामने आया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इंटरनेट यूजर्स और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और छानबीन करने के बाद गंगा की पवित्रता और मर्यादा भंग करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और सामाजिक माहौल बिगाड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरी हरकत में भाजपा पार्षद की क्या भूमिका थी और नाव पर इन लोगों को पार्टी करने की अनुमति किसने दी थी। इससे पहले इफ्तार पार्टी में चिकन बिरयानी और अवशेष गंगा में फेंकने पर 14 युवकों की गिरफ्तारी हुई थी। पूरा मामला वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र स्थित मान मंदिर घाट का है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

 

दिल्ली: महरौली में 11 साल की बच्ची का अपहरण कर रेप और हत्या, CCTV फुटेज खंगाली पुलिस, कैब ड्राइवर गिरफ्तार

0

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के महरौली इलाके में एक कैब ड्राइवर (cab driver) द्वारा 11 वर्षीय बच्ची के साथ गंभीर अपराध का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची को फुटपाथ से अगवा कर उसकी हत्या किए जाने की घटना की जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार करने की बात भी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना सोमवार सुबह करीब 5 बजे की है, जब बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। इसी दौरान वह लापता हो गई। कुछ देर बाद परिजनों को उसके गायब होने का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कई टीमों का गठन किया गया और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान एक कैब ड्राइवर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में उसे ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

11 वर्षीय बच्ची से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले में जांच के दौरान आरोपी कैब ड्राइवर ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई है। आरोपी ने कथित तौर पर अपहरण और हत्या की बात कबूल की है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में उसने यह भी कहा कि गिरफ्तारी से बचने और सबूत मिटाने के लिए उसने शव को फरीदाबाद–गुरुग्राम रोड के किनारे फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और शव मिलने की जगह से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।

आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक टीमों ने उस स्थान से भी सबूत जुटाए हैं, जहां से बच्ची को कथित तौर पर अगवा किया गया था, और उस जगह से भी जहां शव मिला था। दोनों स्थानों से मिले साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका कोई पुराना रिकॉर्ड या अन्य संलिप्तता तो नहीं है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी कैब चालक की पहचान बिहार निवासी के रूप में हुई है, जो दिल्ली में किराये पर रहकर ऐप आधारित कैब सेवा से जुड़ा था। डीसीपी साउथ दिल्ली अनंत मित्तल के अनुसार, घटना सोमवार तड़के की है, जब बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद करीब 15 मिनट के भीतर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।

पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी की कैब की पहचान कर ली और लगभग सुबह 11:15 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में लंबी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार करने की बात सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव हरियाणा से बरामद किया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

 

चंदौली: पुलिस को कुचलकर भागने की कोशिश नाकाम, पकड़े गए 2 गौ-तस्कर

0

चंदौली: चंदौली (Chandauli) जनपद में गौ-तस्करी (Cattle smuggling) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सैयदराजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो वाहन से 4 गोवंश बरामद करते हुए दो शातिर गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस को कुचलकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता और घेराबंदी के चलते उनकी कोशिश नाकाम हो गई।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सैयदराजा पुलिस टीम एनएच-2 हाइवे स्थित नौबतपुर तिराहे के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो (UP14 BW 3477) चंदौली की ओर से आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का संकेत दिए जाने पर वाहन चालक ने गाड़ी की गति बढ़ाकर पुलिस टीम को कुचलने का प्रयास किया।

भागने के दौरान स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लोहे की रेलिंग और डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन में सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशन यादव पुत्र राजेंद्र यादव निवासी नरईली थाना दुर्गावती, जिला कैमूर (बिहार) तथा दिनेश यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी आराजी ईसोपुर थाना खानपुर, जनपद गाजीपुर के रूप में हुई है।

वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस ने केबिन से एक गाय और तीन बैल समेत कुल चार गोवंश, एक चापड़, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 700 रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गोवंशों को जौनपुर से बिहार ले जा रहे थे, जहां उन्हें गोविंद सिंह नामक व्यक्ति को सौंपना था। इसके बदले उन्हें प्रति खेप 7-7 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस चेकिंग देखकर पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहन भगाने और पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सैयदराजा में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, बीएनएस तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी किशन यादव के खिलाफ चंदौली जनपद के विभिन्न थानों में गौ-तस्करी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इस तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

 

मादक पदार्थों का नशा – मस्तिष्क को अनियंत्रित करने वाला घातक जहर

0

(नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस – 26 जून 2026)

समस्त जीव-जगत में मनुष्य को सबसे बुद्धिमान प्राणी माना जाता है और इसका प्रमुख कारण उसका विकसित मस्तिष्क हैं। मानव शरीर की प्रत्येक गतिविधि, निर्णय और व्यवहार का संचालन मस्तिष्क द्वारा ही किया जाता हैं। यदि मस्तिष्क सही ढंग से कार्य न करे तो मनुष्य का अस्तित्व मात्र एक जिंदा लाश तक सीमित रह जाता हैं। दुर्भाग्यवश, नशा सबसे पहले और सबसे अधिक इसी मस्तिष्क पर आघात करता है। मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर देता है, जिससे वह सही और गलत के बीच का अंतर समझने में असमर्थ हो जाता हैं। नशे की स्थिति में व्यक्ति का अपने व्यवहार और भावनाओं पर नियंत्रण कम हो जाता हैं। यही कारण है कि अनेक अपराधों के पीछे नशे की महत्वपूर्ण भूमिका देखी जाती हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए लोग चोरी, लूट, हिंसा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों का सहारा लेते हैं। आर्थिक तंगी बढ़ने पर कई बार स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि व्यक्ति अपने ही परिवार के सदस्यों के साथ हिंसक व्यवहार करने लगता हैं। समाचारों में अक्सर ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, जहाँ नशे की लत के कारण परिवार टूट जाते हैं और निर्दोष लोगों की जान तक चली जाती हैं। नशा केवल मस्तिष्क को ही नहीं, बल्कि शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाता हैं। इसका परिणाम अनेक गंभीर और महंगी बीमारियों के रूप में सामने आता है, जो अंततः असमय मृत्यु का कारण बन सकती हैं। इसलिए नशा किसी भी रूप में मनोरंजन या राहत का साधन नहीं, बल्कि धीरे-धीरे जीवन को नष्ट करने वाला जहर हैं।

भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय प्रत्येक वर्ष नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाता हैं। वर्ष 2026 में 17 जून से 26 जून तक ‘नशा मुक्त सप्ताह’ मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत देशभर में विविध जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष की थीम है— “वैश्विक स्तर पर ड्रग समस्या : इससे उत्पन्न चुनौतियाँ और उनके नए समाधान।” यह विषय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज नशीले पदार्थों की उपलब्धता और पहुँच पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई हैं। छोटे बच्चों से लेकर युवाओं और वृद्धों तक, हर आयु वर्ग के लोग किसी न किसी रूप में इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं।

हाल ही में समाचारों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार नागपुर में पांच महीनों के भीतर पांच करोड़ रुपये मूल्य की नशीली सामग्री जब्त की गई। यदि एक शहर की यह स्थिति है, तो पूरे राज्य और देश में मादक पदार्थों की तस्करी का वास्तविक स्वरूप कितना व्यापक होगा, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता हैं। यह स्थिति केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं है, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। देश का युवा वर्ग किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति माना जाता हैं। यदि यही युवा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो समाज और देश दोनों का विकास प्रभावित होता हैं। पहले के समय में कुछ लोग यह मानते थे कि नशा थकान दूर करता है या मानसिक तनाव कम करता हैं। सीमित शिक्षा और मनोरंजन के साधनों के कारण ऐसी धारणाएँ प्रचलित थीं। किंतु आज, जब शिक्षा, तकनीक और जागरूकता के अनेक साधन उपलब्ध हैं, तब भी बड़ी संख्या में युवा नशे को आधुनिकता, मौज-मस्ती या सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं। यह प्रवृत्ति अत्यंत चिंताजनक हैं।

जब परिवार का कोई एक सदस्य भी नशे का आदी हो जाता है, तो उसके दुष्परिणाम पूरे परिवार को भुगतने पड़ते हैं। परिवार आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और भावनात्मक पीड़ा का सामना करता हैं। नशे की लत व्यक्ति को धीरे-धीरे उसकी जिम्मेदारियों से दूर कर देती हैं। वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असफल होने लगता है और परिवार के अन्य सदस्य स्वयं को असुरक्षित तथा असहाय महसूस करते हैं। यदि परिवार का मुखिया ही नशे का शिकार हो जाए, तो पूरे परिवार का भविष्य संकट में पड़ता हैं। नशा केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक समस्या नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास में भी बड़ी बाधा हैं। इससे अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, गरीबी और सामाजिक अस्थिरता जैसी अनेक समस्याएँ बढ़ती हैं। जिन देशों में नशीले पदार्थों का व्यापार बड़े पैमाने पर फैला है, वहाँ सामाजिक और आर्थिक विकास गंभीर रूप से प्रभावित हुआ हैं। इसलिए नशे के विरुद्ध संघर्ष केवल स्वास्थ्य का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी हैं।

बच्चों और किशोरों को नशे से दूर रखने में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। केवल बच्चों की इच्छाएँ पूरी करना या उन्हें भौतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं हैं। अभिभावकों को यह जानना चाहिए कि उनके बच्चे किन लोगों के संपर्क में हैं, कहाँ समय बिताते हैं और किन गतिविधियों में शामिल रहते हैं। बच्चों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों को समझना और समय रहते उचित मार्गदर्शन देना आवश्यक हैं। परिवार में ऐसा वातावरण होना चाहिए जहाँ बच्चे बिना किसी डर के अपने विचार और समस्याएँ साझा कर सकें। यदि माता-पिता बच्चों के मित्र बनकर संवाद स्थापित करें, तो बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा सकता हैं। बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनके संस्कार, नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हैं।

आज समाज में कई ऐसी घटनाएँ देखने को मिलती है, जहाँ नशे की हालत में लोग गंभीर अपराध कर बैठते हैं। ऐसी घटनाएँ यह स्पष्ट करती हैं कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता को किस हद तक प्रभावित कर सकता हैं। इसलिए केवल अपराधी को दोषी ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सामाजिक परिस्थितियों और लापरवाहियों पर भी विचार करना आवश्यक है, जो ऐसी घटनाओं को जन्म देती हैं। सरकारी आँकड़ों के अनुसार देश में नशे की शुरुआत की औसत आयु लगभग 12 से 13 वर्ष है, जो अत्यंत चिंताजनक तथ्य हैं। करोड़ों लोग शराब, गांजा, चरस, ओपिओइड्स तथा अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। विश्व स्तर पर भी नशीली दवाओं के उपयोग में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही हैं। अवैध मादक पदार्थों का उत्पादन और तस्करी संगठित अपराध को बढ़ावा दे रही है तथा अनेक देशों के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए अत्यधिक कड़े कानून की आवश्यकता हैं। नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती हैं। तनाव, अकेलापन, चिंता, सामाजिक दबाव और भावनात्मक अस्थिरता जैसे कारण भी युवाओं को नशे की ओर धकेलते हैं। इसलिए उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों, स्वस्थ जीवनशैली, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती की दिशा में मार्गदर्शन देना आवश्यक हैं। देशभर में नशा मुक्ति केंद्र, पुनर्वास केंद्र और सहायता सेवाएँ उपलब्ध हैं। नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हेल्पलाइन नंबर 14446 भी संचालित किया है, जहाँ सहायता प्राप्त की जा सकती हैं। जीवन अनमोल है और इसे नशे जैसी विनाशकारी आदतों में बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। यदि हम स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें, तो नशामुक्त समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। नशा जीवन में सुख, सफलता और सम्मान नहीं लाता, बल्कि धीरे-धीरे व्यक्ति, परिवार और समाज को विनाश की ओर ले जाता हैं। इसलिए हमें संकल्प लेना चाहिए कि स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इससे बचाने का प्रयास करेंगे। यही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं।

लेखक – डॉ. प्रितम भि. गेडाम
मोबाइल / व्हॉट्सॲप क्र. 082374 17041
prit00786@gmail.com

अमृतसर: देहात पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, एक आरोपी को घायल कर दो शूटरों को किया गिरफ्तार

0

अमृतसर: अमृतसर (Amritsar) की देहात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ लिया है। खलचियां क्षेत्र में मुठभेड़ (Encounter) के बाद 2 कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पकड़ने के बाद उनकी तलाशी ली जिसमें उनके पास से 2 अवैध पिस्तौल भी जप्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन इसके पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

एसएसपी अमृतसर देहात कवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विदेश में बैठकर गैंग संचालित करने वाले अमनदीप सिंह उर्फ मन्ना के 2 शूटर खलचियां इलाके में मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद खुफिया तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों का पता लगाया, जब पुलिस टीम ने डेमो वाली नहर के पास दोनों संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी फायरिंग हुई। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान एक गोली आरोपी हीरा सिंह के पैर में लगी। घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हीरा सिंह और लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। हीरा सिंह के खिलाफ पहले से हत्या का मामला दर्ज है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर अमनदीप सिंह उर्फ मन्ना के लिए काम करते थे, जो यूरोप से अपना गैंग संचालित कर रहा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक 32 बोर पिस्तौल और एक 9 एमएम पिस्तौल जप्त की है। एसएसपी चहल ने कहा कि विदेश में बैठकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले अपराधियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।