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Tuesday, May 5, 2026
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अटारी-वाघा सीमा के रास्ते चार पाकिस्तानी कैदियों को वापस भेजा गया स्वदेश

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चंडीगढ़: भारत सरकार ने मंगलवार को मानवीय पहल करते हुए चार पाकिस्तानी नागरिक कैदियों (Pakistani prisoners) को रिहा कर दिया, जिन्होंने भारतीय जेलों में अपनी सजा पूरी कर ली थी। सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, इन व्यक्तियों को अमृतसर स्थित अटारी-वाघा अंतरराष्ट्रीय सीमा (Attari-Wagah International Border) के रास्ते उनके देश वापस भेजा गया। रिहा किए गए कैदियों की पहचान मोहम्मद इरफान (40 वर्षीय, साहिवाल निवासी), मोहम्मद रजा (44 वर्षीय, सियालकोट निवासी), मोहम्मद हमजा और हुसैन के रूप में हुई है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इनमें से एक कैदी ने दस साल की लंबी सजा काटी थी, जबकि अन्य ने छह महीने से लेकर एक साल से अधिक की सजा पूरी की थी। प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेश आव्रजन अधिकारियों तक पहुंचने के बाद स्वदेश वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे पुलिस सुरक्षा में पाकिस्तानी अधिकारियों को सुचारू रूप से सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित हुई।

स्वदेश लौटे लोगों में से एक, मोहम्मद हमजा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि नशे की हालत में उन्होंने अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर ली थी, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया और 13 महीने से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा। घर लौटने पर हमजा ने गहरी राहत व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय हिरासत में रहने के दौरान उनके परिवार को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं थी।

उन्होंने भारतीय सरकार द्वारा उन्हें रिहा करने के फैसले को एक सकारात्मक कदम बताया, जिससे उन्हें अपने प्रियजनों से दोबारा मिलने का मौका मिलेगा।अपने अनुभवों पर विचार करते हुए, रिहा हुए लोगों ने युवाओं को नशे के खतरों के बारे में कड़ी चेतावनी दी।

उन्होंने नशे को एक विनाशकारी शक्ति बताया जिसने उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया और उन्हें अनजाने में सीमा पार करने के लिए मजबूर किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की कि रिहाई कानूनी प्रोटोकॉल के अनुसार ही की गई थी और इसे एक रचनात्मक कूटनीतिक और मानवीय कार्य माना।

रोडवेज बस की टक्कर से पलटा ट्रैक्टर, भूसे की ट्रॉली के नीचे दबे तीन, हालत गंभीर

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एटा

अलीगंज क्षेत्र स्थित कायमगंज रोड के कोल्ड तिराहा पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। तेज रफ्तार रोडवेज बस द्वारा ओवरटेक के दौरान मारी गई जोरदार टक्कर से भूसे से लदा ट्रैक्टर पलट गया, जिसके नीचे दबकर तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय दीनदयाल पुत्र रामसनेही निवासी मीरगंज अपने 40 वर्षीय चाचा भगवान दास और 38 वर्षीय बहन अनीता के साथ ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। तभी पीछे से आ रही फर्रुखाबाद डिपो की तेज रफ्तार रोडवेज बस ने ओवरटेक करने की कोशिश में ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और उसमें सवार तीनों लोग भूसे से भरी ट्रॉली के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस की गति अत्यधिक तेज थी और चालक ने बिना पर्याप्त दूरी बनाए ओवरटेक किया, जिससे यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद मौके पर मौजूद लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और घायलों को निकालने के प्रयास शुरू किए। सूचना मिलते ही कोतवाली अलीगंज पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तीनों घायलों को बाहर निकाला गया।
घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज एटा रेफर कर दिया गया। सीएचसी अलीगंज के चिकित्सक डॉ. शक्ति मीणा ने बताया कि तीनों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
थाना अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया था, जिसे जेसीबी की मदद से काफी देर बाद हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

मंडल कार्यसमिति बैठक में संगठन मजबूती पर जोर

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एटा

अलीगंज क्षेत्र में मंडल कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक का आयोजन निवर्तमान चेयरमैन बृजेश गुप्ता के आवास पर किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोषाध्यक्ष राधेश्याम धनगर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राधेश्याम धनगर ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं की सक्रियता और निष्ठा पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपने दायित्वों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि कार्यकर्ता पूरी लगन और समर्पण से कार्य करें तो संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
भाजपा जिला महामंत्री पीयूष शाक्य ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना ही पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बूथ पर मजबूत टीम तैयार करना आवश्यक है, जिससे पार्टी को बेहतर परिणाम मिल सके।
मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता ने संगठनात्मक एकता पर बल देते हुए कहा कि आपसी समन्वय और सहयोग से ही संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और आतिशबाजी कर उत्सव मनाया।
इस मौके पर सौरव गुप्ता, राजीव चौहान, विक्रम कश्यप, सुनील शर्मा, कामेश चन्द्र, सर्वेंद्र राजपूत, विजय राजपूत, सुभाष राजपूत, उमेश गुप्ता, अमन गुप्ता, नितिन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एसडीएम कोर्ट बहिष्कार को लेकर आमने-सामने आए वकील

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एटा

अलीगंज तहसील परिसर में एसडीएम न्यायालय के कार्य बहिष्कार को लेकर अधिवक्ताओं के दो गुटों के बीच विवाद गहरा गया, जिससे पूरे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बहिष्कार के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी बहस के बीच हंगामे जैसे हालात पैदा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
बताया गया कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य के नेतृत्व वाले गुट ने एसडीएम न्यायालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालय में जमानत, हलफनामा और प्रार्थना पत्र जैसी प्रक्रियाओं में अवैध धनराशि ली जा रही है, साथ ही लंबे समय से एक ही कोर्ट मुहर्रिर की तैनाती भी संदेह के घेरे में है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय में सभी कार्य पारदर्शी और नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिवक्ता दबाव बनाकर नियम विरुद्ध कार्य कराना चाहते हैं और इसी कारण विवाद उत्पन्न किया जा रहा है। दोनों गुटों के बीच विवाद उस समय और बढ़ गया, जब एक पक्ष ने दूसरे पर धमकी देने के आरोप लगाए।
प्रमोद कुमार मिश्रा ने अलीगंज थाना पुलिस को शिकायत देकर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तहसील परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराकर स्थिति को शांत कराया गया।
बार एसोसिएशन की ओर से इस संबंध में अधिकारियों को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग अधिवक्ताओं पर दबाव बनाकर जबरन हड़ताल में शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष अमरीश सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी देखरेख में कोई बैठक नहीं हुई और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
सीओ अलीगंज राजेश कुमार सिंह ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए नई और पुरानी तहसील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पूरे मामले की निगरानी की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मुठभेड़ में दबोचे गए 16 लाख की लूट के आरोपी, एक बदमाश के पैर में लगी गोली

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इटावा

भरथना क्षेत्र में किराना व्यापारी से हुई 16 लाख रुपये की लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की नकदी, अवैध असलहे और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना भरथना पुलिस सोमवार देर रात घसारा तिराहा के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर दोनों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने भरथना क्षेत्र में एक किराना व्यापारी से 16 लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 53,700 रुपये नकद, अवैध तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल बदमाश को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है, जबकि दूसरे आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी क्षेत्र में सक्रिय लूट गिरोह से जुड़े हैं और इनके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है।

शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन शुरू, गरीब परिवारों की बेटियों को मिलेगा ₹20 हजार का सहयोग

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इटावा

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से शादी अनुदान योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति तथा सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को उनकी पुत्रियों के विवाह के लिए ₹20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल प्रदान करना है, जिससे वे अपनी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कर सकें।
उन्होंने आगे बताया कि योजना के लिए आय सीमा निर्धारित की गई है। शहरी क्षेत्र के आवेदकों की वार्षिक आय ₹56,460 से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह सीमा ₹46,080 प्रतिवर्ष तय की गई है। पात्रता की इन शर्तों को पूरा करने वाले परिवार ही इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेजों को सही ढंग से अपलोड करना अनिवार्य होगा, जिससे आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। आवेदन की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों को सीधे उनके बैंक खाते में अनुदान की राशि हस्तांतरित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक पात्र लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित न रह जाए।