24 C
Lucknow
Tuesday, April 14, 2026
Home Blog

अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण विवाद को लेकर बंथरा में हुई गोलीबारी, एक घायल

0

लखनऊ: लखनऊ के बंथरा (Banthra) इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की प्रतिमा पर माल्यार्पण को लेकर हुए विवाद ने गोलीबारी का रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कथित तौर पर बंथरा नगर पंचायत के अंतर्गत शिवपुर क्षेत्र में हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घायल की पहचान मनोज के पुत्र करण गौतम के रूप में हुई है, जो शिवपुरा अंबेडकर नगर के निवासी हैं। उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के एक सर्जिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

करण गौतम ने आरोप लगाया है कि गोली रणजीत रावत और विकास पासी ने चलाई, जो वर्तमान अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में उनसे जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही बंथरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की सूचना पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) को भी दे दी गई है।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि गोली अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने चलाई थी। पुलिस ने घटनास्थल से छर्रों के टुकड़े बरामद किए हैं, जिससे गोलीबारी की पुष्टि होती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। इलाके में तनाव व्याप्त है, जबकि अधिकारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

इजराइल को लगा बड़ा झटका, इटली ने खत्म किया रक्षा समझौता, खुद मेलोनी ने की पुष्टि

0

रोम: ईरान पर अमेरिका और इजरायल (America and Israel) की ओर से किए जा रहे हमलों से अब दुनिया तंग आ चुकी है। इसका जंग का असर पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। इटली (Italy) भी इन्ही देशों में से एक है। और अब इतनी ने इजराइल को बड़ा झटका दे दिया है। दरअसल, इटली ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को निलंबित कर दिया है, जिसमें सैन्य उपकरणों और प्रौद्योगिकी अनुसंधान का आदान-प्रदान शामिल था। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राजनयिक सूत्रों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

बता दें कि इजरायल द्वारा 2006 में अनुमोदित इस समझौते की हर पांच साल में समीक्षा की जाती है। इसमें रक्षा उद्योगों, सैन्य कर्मियों की शिक्षा और प्रशिक्षण, अनुसंधान और विकास तथा सूचना प्रौद्योगिकी सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग का प्रावधान है। पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया, जब इतालवी सरकार ने इजरायली सेना पर लेबनान में इतालवी संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के काफिले पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने का आरोप लगाया। इस घटना में कम से कम एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ, जिसके विरोध में इटली ने इजरायल के राजदूत को तलब किया।

वहीं सोमवार को, इजरायल ने इतालवी विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी द्वारा लेबनानी नागरिकों पर इजराइली सेना द्वारा किए गए “अस्वीकार्य हमलों” की निंदा करने वाली टिप्पणियों के बाद इटली के राजदूत को तलब किया। उप प्रधानमंत्री ताजानी सोमवार को लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन और विदेश मंत्री यूसुफ रागी के साथ बातचीत के लिए बेरूत में थे। उन्होंने बाद में X पर लिखा कि वे “नागरिक आबादी के खिलाफ इजरायल के अस्वीकार्य हमलों के बाद इटली की एकजुटता व्यक्त करने” के लिए वहां थे।

इटली की समाचार एजेंसियों के अनुसार, वेरोना में एक कार्यक्रम के दौरान मेलोनी ने कहा, “वर्तमान स्थिति को देखते हुए, सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को निलंबित करने का निर्णय लिया है।” एक इतालवी राजनयिक सूत्र ने एएफपी को समझौते के निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा, “इसे जारी रखना राजनीतिक रूप से कठिन होता।”

 

यमुना की बाढ़ पर लगाम लगाने की तैयारी में रेखा सरकार, 4.72KM ‘फ्लड प्रोटेक्शन वॉल’ का होगा निर्माण

0

नई दिल्ली: दिल्ली में हर साल आने वाले बाढ़ के खतरे को रेखा सरकार (Rekha Sarkar) ने खत्म करने का इरादा कर लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने बताया कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने यमुना की बाढ़ से बचाने वाली दीवार के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इस परियोजना के अंतर्गत रिंग रोड के किनारे मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज (ओआरबी) तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि अगले वर्ष यमुना में बाढ़ आने से पहले इस दीवार को तैयार कर लिया जाएगा।

वर्ष 1978 की भीषण बाढ़ से लेकर 2023 और वर्ष 2025 की बाढ़ तक, रिंग रोड का यह हिस्सा जलमग्न होने के कारण पूरी दिल्ली की रफ्तार रोक देता था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान तटबंध (पुश्ते) भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए अब सरकार स्थायी समाधान की ओर बढ़ रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में यमुना ने 208.66 मीटर का अपना सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसने 1978 के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया। वहीं 2025 में भी यमुना खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 207.48 मीटर तक पहुंच गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की बाढ़ की आशंका भविष्य में भी बनी रहेगी, जिसके स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित दीवार एक मजबूत व स्थायी विकल्प है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार इस प्रोजेक्ट को युद्धस्तर पर पूरा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इस पूरी दीवार को अगले मानसून सीजन-2027 से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बाढ़ से सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी अवसंरचना को सुदृढ़ करने, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के जीवन स्तर को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दीवार के निर्माण के बाद दिल्ली को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

इस निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने तत्कालीन बजट में इस दीवार के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया है। यह दीवार न केवल यमुना के पानी को रिहायशी इलाकों में घुसने से रोकेगी, बल्कि सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच का काम करेगी। दशकों से ऐसा होता आ रहा है कि जब भी यमुना में जलस्तर बढ़ता है तो मजनू का टीला और उसके आसपास के निचले इलाकों से ही पानी सबसे पहले राजधानी में प्रवेश करता है।

इस परियोजना का तकनीकी आधार अगस्त 2024 में तैयार की गई जॉइंट फ्लड कमेटी की रिपोर्ट है, जिसमें पुणे स्थित केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस) के विशेषज्ञ एवं सदस्यों द्वारा हाइड्रोलिक मॉडल अध्ययन और विस्तृत डेटा विश्लेषण किया गया था। इस अध्ययन में स्पष्ट रूप से सुझाव दिया गया कि रिंग रोड के इस हिस्से पर मजबूत फ्लड प्रोटेक्शन वॉल का निर्माण ही दीर्घकालिक समाधान हो सकता है, लेकिन पूर्व सरकार ने दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया, जिसका परिणाम है कि बाढ़ आते ही इन इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यमुना के किनारे बनने वाली यह दीवार नदी और शहर के बीच एक मजबूत ढाल बनेगी, जिससे नदी का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर नहीं आएगा। इस दीवार से नदी के किनारों को कटने से बचाया जा सकेगा, जिससे सड़कों और आसपास की इमारतों की नींव सुरक्षित रहेगी. इसके अतिरिक्त यह दीवार नदी के किनारे होने वाली अवैध वेस्ट डंपिंग और म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को रोकने में मदद करेगी, जिससे यमुना का फ्लड-प्लेन सुरक्षित और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

 

शुगर मिल में गैस रिसाव से हड़कंप, एक की मौत, तीन गंभीर

0

बड़ौत बागपत स्थित मलकपुर शुगर मिल के ईटीपी प्लांट में मंगलवार शाम हुए गैस रिसाव की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गए। हादसे के बाद मिल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और 50 से अधिक मजदूर जान बचाकर बाहर भागे।

जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव के दौरान सिक्योरिटी गार्ड सुरेश शर्मा ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन वे जहरीली गैस की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में तीन अन्य मजदूर भी प्रभावित हो गए और बेहोश होकर गिर पड़े।

घटना के बाद घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से दो मजदूरों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी का इलाज जारी है।

हादसे के बाद परिजनों ने मिल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं, साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रिसाव किस गैस का था।

प्रयागराज में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन मकान की छत गिरी, एक मजदूर की मौत

0

प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज (Prayagraj) जिले के नवाबगंज क्षेत्र स्थित लाल गोपालगंज में एक निर्माणाधीन मकान की छत ढालते समय एक बड़ा हादसा हुआ। हादसा उस वक्त हुआ जब छत ढालने के दौरान सपोर्ट में लगी बल्ली टूट गई। बल्ली के टूटने से छत भरभरा कर गिर पड़ी, जिससे मौके पर काम कर रहे दो मजदूर (labourer) गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल मजदूर गंभीर हालत में हैं। मृतक प्रतापगढ़ जिले के हथिगवा थाने का रहने वाला हैं।बता दें, घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने निर्माण कार्य में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।

बता दें, स्थानीय निवासी और पास में काम कर रहे श्रमिकों का कहना है कि छत की ढलाई के दौरान शटरिंग की बल्ली कमजोर थी, जो अचानक टूट गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।

 

जिलाधिकारी ने किया ‘अटल सहजन वन’ का निरीक्षण, संरक्षण पर दिए निर्देश

0

 

शाहजहांपुर। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित अटल सहजन वन का मंगलवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने निरीक्षण किया। यह वन विकास खंड भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत तुर्की खेड़ा में 18 जुलाई को स्थापित किया गया था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सहजन के पौधों की वृद्धि का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पौधों के आसपास की मिट्टी को सुरक्षित रखने और कमजोर पौधों को सहारा देने के लिए बांस की डंडियों का उपयोग करने को कहा, ताकि उनकी बेहतर वृद्धि हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां पौधे नहीं पनप पाए हैं, वहां पुनः पौधरोपण कराया जाए। साथ ही सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ड्रिप इरिगेशन और सोलर पंप लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वन के मुख्य द्वार पर बने केयरटेकर कक्ष की पुताई कराने को भी कहा। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्राम तुर्की खेड़ा स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था पर संतोष जताते हुए उन्होंने ग्राम प्रधान की सराहना की। गौशाला में दो अतिरिक्त टीन शेड बनवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही चारा भूमि पर वृक्षारोपण से पहले मिट्टी की जांच (स्वाइल टेस्ट) कराने को कहा गया। इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी पुनीत पाठक, अन्य अधिकारी, ग्राम प्रधान और ग्रामीण मौजूद रहे।