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Sunday, June 21, 2026
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योग में स्वर्णिम सफलता पर कीर्ति सिंह को किया गया सम्मानित

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फर्रुखाबाद। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में योग खेलों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद का नाम रोशन करने वाली 11 वर्षीय बालिका कीर्ति सिंह को सम्मानित किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश सिंह ने उन्हें प्रशस्ति देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कीर्ति सिंह, थाना जहानगंज में तैनात उपनिरीक्षक राकेश सिंह की पुत्री हैं। वह मूल रूप से जनपद आगरा की निवासी हैं तथा वर्तमान में कानपुर स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में कक्षा 6 की छात्रा हैं। कम उम्र में ही उन्होंने योग खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

कीर्ति सिंह ने वर्ष 2023 में आयोजित चौथी राज्य योग चैंपियनशिप कानपुर में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2024 में पांचवीं कानपुर योग चैंपियनशिप तथा चौथी राष्ट्रीय योग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ष 2025 में छठी राज्य योग चैंपियनशिप, पांचवीं राज्य योग चैंपियनशिप और इंटर ओपन स्कूल योग चैंपियनशिप में लगातार स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2026 में आयोजित पांचवीं राष्ट्रीय योग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक प्राप्त कर उन्होंने प्रदेश और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस विभाग द्वारा किए गए इस सम्मान से कीर्ति सिंह और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने उनकी मेहनत, अनुशासन और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

ब्लॉक परिसर में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने किया योगाभ्यास

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विपिन सिंह

– शीलचंद्र राजपूत नें दिया योग के फायदों का सन्देश
कमालगंज, फर्रुखाबाद । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को खंड विकास कार्यालय परिसर कमालगंज में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक कर्मचारियों, कस्बा क्षेत्र के नागरिकों तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख शीलचंद्र वर्मा ने की। इस दौरान खंड विकास अधिकारी अनिल चंद्रा, एडीओ पंचायत शैलेन्द्र त्रिपाठी, शिव कुमार गोयल, मंडल अध्यक्ष राजेश वर्मा, बबलू चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कर योग के महत्व को समझा।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति प्राप्त करता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश की विभिन्न प्रख्यात हस्तियों ने भी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। उनका कहना था कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला है। स्वस्थ जीवन सबसे बड़ा धन है और योग इसके लिए एक प्रभावी माध्यम है।

गौरतलब है कि 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है। इस दिन सूर्य की ऊर्जा का प्रभाव अधिक माना जाता है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की थी। तब से पूरे विश्व में इस दिन योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

जहानगंज में बेखौफ चोरों का आतंक, लगातार बड़ी वारदात से दहशत

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दो लाख नकद समेत लाखों के जेवरात ले उड़े चोर

फर्रुखाबाद। थाना जहानगंज क्षेत्र में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। हालात यह हैं कि एक के बाद एक हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बीती रात ग्राम मधवापुर में चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए दो लाख रुपये नकद समेत लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। खास बात यह है कि यह क्षेत्र में कुछ ही दिनों के भीतर हुई लगातार बड़ी चोरी की तीसरी घटना है, जिससे ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।ग्राम मधवापुर निवासी कृपा शंकर पुत्र जगदीश चंद्र ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि अज्ञात चोर उनके घर की दीवार फांदकर अंदर घुस आए। इसके बाद चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में रखी आलू और मक्का बिक्री की दो लाख रुपये की नकदी, दो सोने की जंजीर, तीन सोने की अंगूठियां, तीन जोड़ी सोने की झुमकियां, दो मंगलसूत्र, दो चांदी की कमर पेटियां और दो जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर लीं।पीड़ित के अनुसार घटना के समय उनका भाई रंजीत बोलेरो वाहन लेकर बुकिंग पर बाहर गया हुआ था। वह स्वयं खेत के पास सो रहे थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। रात करीब तीन बजे जब रंजीत वापस घर पहुंचे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। घर के अंदर जाकर देखा तो कमरे अस्त-व्यस्त पड़े थे और अलमारी-बक्सों का सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर नकदी और जेवरात गायब मिले। सूचना पर डायल 112 और थाना जहानगंज पुलिस मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू की।
चिंता की बात यह है कि मधवापुर की यह घटना कोई अकेली वारदात नहीं है। इससे एक दिन पहले सिरोज गांव में भी एक पूर्व सैनिक के घर चोरों ने घर में धावा बोलकर सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। उस घटना का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। सिरोज और मधवापुर के बीच की दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर बताई जाती है। लगातार दो दिनों में एक ही क्षेत्र में हुई इन बड़ी घटनाओं ने ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इतना ही नहीं, एक दिन पहले थाना जहानगंज से महज लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित जहानगंज चौराहे पर भी चोरों ने तीन दुकानों को निशाना बनाया था। चोरों ने दान मंडी के व्यापारी नरेंद्र तिवारी की घड़ी, बेल्ट, टॉर्च और लाइट आदि के सामान की दुकान में चोरी की थी। इसके अलावा रामसेवक श्रीवास्तव की कटिंग सैलून तथा राठौरा निवासी पुष्पेंद्र की साइकिल स्टोर में भी चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। थाना परिसर के बेहद करीब हुई इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन इसके बावजूद चोरों का गिरोह सक्रिय बना हुआ है।लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती घटनाओं के बाद प्रभावी गश्त और सख्त कार्रवाई की जाती तो शायद बाद की वारदातों को रोका जा सकता था। क्षेत्र के लोग अब रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।ग्रामीणों और व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर चोरी की सभी घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने, सक्रिय चोर गिरोह को गिरफ्तार करने तथा रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में असुरक्षा की भावना और अधिक बढ़ेगी। अब सभी की निगाहें पुलिस पर टिकी हैं कि वह इन लगातार हो रही वारदातों पर अंकुश लगाकर लोगों का भरोसा बहाल कर पाती है या नहीं।सिरोंज में हुई चोरी की प्रकरण में पुलिस ने शक के आधार पर एक पारिवारिजन को भी उठाया है

राम मंदिर भूमि खरीद प्रकरण में फिर तेज हुई जांच, 2021 की डीलों पर एसआईटी की नजर

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अयोध्या। राम मंदिर भूमि खरीद प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी ) अब वर्ष 2021 में हुए चर्चित भूमि सौदों की भी गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा केवल दान और चढ़ावे तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर निर्माण से जुड़े जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जांच के दौरान रवि मोहन तिवारी उर्फ चिंटू तिवारी का नाम एक बार फिर चर्चा में आया है। आरोप है कि मंदिर निर्माण के दौरान हुए कुछ विवादित भूमि सौदों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। आरोप लगाने वाले पक्ष का दावा है कि जमीन खरीद-बिक्री के लिए एक सिंडिकेट की तरह काम किया गया, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही।

मामले में सुल्तान अंसारी और हरीश पाठक के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदने के बाद उसे बेहद कम समय में कई गुना अधिक मूल्य पर आगे बेचा गया। विपक्ष और सामाजिक संगठनों का दावा है कि एक किसान से लगभग दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन को कुछ ही समय बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को करीब 18 करोड़ रुपये में बेच दिया गया था।

विवाद का सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि कथित तौर पर जमीन की खरीद और ट्रस्ट को बिक्री के बीच महज 15 मिनट का अंतर था। इसी तथ्य को आधार बनाकर उस समय भी कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए थे तथा स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

हालांकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुका है। ट्रस्ट का कहना रहा है कि सभी भूमि खरीद नियमानुसार और बाजार मूल्य के अनुरूप की गई थीं तथा किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई।

अब एसआईटी की जांच के बाद इस पूरे मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्ट्री अभिलेखों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का परीक्षण कर रही हैं। फिलहाल जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

काशी स्टेशन विस्तार के लिए गंज शहीदा मस्जिद पर कार्रवाई की तैयारी

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– नोटिस अवधि समाप्त

वाराणसी। काशी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण कार्य को लेकर गंज शहीदा मस्जिद से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। रेलवे प्रशासन द्वारा मस्जिद परिसर पर चस्पा किए गए नोटिस की समय सीमा 20 जून को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक परिसर खाली नहीं कराया गया है।
जानकारी के अनुसार रेलवे ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत संबंधित पक्षों को निर्धारित समय के भीतर स्थल खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद अब किसी भी समय प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
उधर, अंजुमन मसाजिद कमेटी की ओर से भी मस्जिद परिसर पर नोटिस चस्पा किया गया है। मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि रेलवे द्वारा जारी नोटिस भ्रामक है और मामले में उनके पक्ष को पूरी तरह नहीं सुना गया है। समिति ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अपने अधिकारों की रक्षा की बात कही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काशी स्टेशन के विस्तारीकरण और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए आसपास के अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में लगातार अभियान चलाकर विभिन्न स्थलों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

होर्मुज संकट पर बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान संबंधों में फिर आई तल्खी

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तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान ने होर्मुज मार्ग पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और स्थिति लगातार बदल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में यदि इस मार्ग पर किसी प्रकार का व्यवधान पैदा होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर भारत समेत तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ सकता है।
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में फिर तनाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। हाल के घटनाक्रमों के बाद दोनों देशों के बीच संभावित समझौतों और वार्ताओं के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान को लेकर नए प्रस्तावों और रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है, जबकि ईरान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। निवेशक और तेल बाजार फिलहाल मध्य पूर्व के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
भारत के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में होर्मुज क्षेत्र में किसी भी बड़े तनाव का सीधा प्रभाव ईंधन कीमतों और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें अमेरिका, ईरान और मध्य पूर्व के ताजा घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा स्थिति यह तय करेगी कि तनाव कम होगा या वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराएगा।