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Wednesday, June 10, 2026
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खिमसेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में थाना खोलने की मांग को लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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फर्रुखाबाद। भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने बुधवार को योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खिमसेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में थाना स्थापित किए जाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को बताया कि भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। खिमसेपुर इंडस्ट्रियल एरिया में कई औद्योगिक इकाइयों एवं फैक्ट्रियों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में उद्योगों, निवेशकों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यहां थाना स्थापित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के साथ कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। थाना बनने से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।मुलाकात के दौरान विधायक ने भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे आमजन को लाभ मिल रहा है।
विधायक ने भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए क्षेत्र के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

बिना ले-आउट पास कॉलोनियों में करोड़ों का विकास कार्य? शिकायत के बाद प्रशासन की नजर

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– बड़े घोटाले की जांच की तैयारी

फर्रुखाबाद। जनपद में अवैध और बिना स्वीकृत ले-आउट वाली कॉलोनियों में कराए गए विकास कार्यों को लेकर संज्ञान हुआ है। शासन स्तर पर हुई शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की तैयारी शुरू कर दी है। आरोप है कि जिन कॉलोनियों का ले-आउट ही सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत नहीं है, वहां नगरपालिका और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा सड़क, नाली, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास कार्यों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
शिकायत के अनुसार जब किसी कॉलोनी को विधिक रूप से स्वीकृति ही प्राप्त नहीं है, तो उसमें सरकारी धन से विकास कार्य किस नियम के तहत कराए गए? यह मामला अब प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।

नगर नियोजन और कॉलोनी विकास के नियमों के अनुसार किसी भी निजी कॉलोनी को विकसित करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत कराना अनिवार्य होता है। इसके बाद कॉलोनाइजर को अपने खर्च पर सड़क, बिजली, ट्रांसफार्मर, जल निकासी, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करनी होती हैं। इन सुविधाओं के पूर्ण होने के बाद ही कॉलोनी को हस्तांतरित करने अथवा नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ प्रभावशाली कॉलोनाइजरों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन अब ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार कर रहा है जिनका ले-आउट स्वीकृत नहीं है, लेकिन वहां विकास कार्य कराए गए हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि कार्यों के लिए धन किस मद से स्वीकृत हुआ, किस अधिकारी ने अनुमति दी और किन परिस्थितियों में सरकारी संसाधनों का उपयोग किया गया।

सीएचसी कमालगंज में शुरू हुई कंप्यूटरीकृत पर्ची व्यवस्था, मरीजों को मिलेगी तेज और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवा

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फर्रुखाबाद। जनपद के कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बुधवार से कंप्यूटरीकृत पर्ची व्यवस्था लागू कर दी गई। नई व्यवस्था के तहत अब मरीजों का पंजीकरण और ओपीडी पर्चे ऑनलाइन तैयार किए जा रहे हैं, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक बन सकेगी।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार कंप्यूटरीकृत पर्ची व्यवस्था लागू होने से मरीजों का पूरा चिकित्सा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इससे चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी पुराने विवरण आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे और बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही पर्ची बनाने में लगने वाला समय भी कम होगा, जिससे मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप अस्पताल में डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर, त्वरित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इस व्यवस्था के माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों का डेटा व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर उनकी चिकित्सा संबंधी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि मरीज अब ऑनलाइन माध्यम से भी अपना पंजीकरण कराकर ओपीडी पर्चा बनवा सकेंगे, जिससे अस्पताल पहुंचने पर उन्हें अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा भविष्य में जांच, दवा वितरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।

सीएचसी कमालगंज में शुरू की गई यह व्यवस्था केंद्र और प्रदेश सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों ने नई व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि इससे समय की बचत होगी और स्वास्थ्य सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनेंगी।

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि डिजिटल पर्ची व्यवस्था लागू होने से न केवल मरीजों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य विभाग को भी रिकॉर्ड प्रबंधन और सेवाओं की निगरानी में काफी मदद मिलेगी। इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिलेगा।

आवारा कुत्ते के हमले से आधा दर्जन लोग घायल, गांव में दहशत

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फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र के चौसपुर गांव में बुधवार को एक आवारा कुत्ते ने अचानक कई लोगों पर हमला कर दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुत्ते के हमले में बच्चे समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, आवारा कुत्ता गांव में घूम रहा था। इसी दौरान उसने राह चलते लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। हमले में 10 वर्षीय श्याम पुत्र प्रदीप, आयुष पुत्र धर्मवीर, आसिफ हुसैन, नीलम और नितिन समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्ते को वहां से भगाया और घायलों को उपचार के लिए कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।
सीएचसी में फार्मासिस्ट सुभाष ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सभी को एंटी-रेबीज टीका लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।गांव के लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं को पकड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा: तीसरे दिन कड़ी सुरक्षा के बीच अभ्यर्थियों की हुई प्रवेश प्रक्रिया

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फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन बुधवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी सुरक्षा और सघन जांच प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया गया। परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा।

सुबह सात बजे से ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया था। निर्धारित समय के अनुसार सुबह आठ बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की तीन से चार स्तरों पर जांच की गई। मेटल डिटेक्टर से तलाशी लेने के बाद आधार कार्ड और प्रवेश पत्र का मिलान किया गया तथा बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें परीक्षा कक्षों तक भेजा गया।

क्रिश्चियन इंटर कॉलेज में पुलिस कर्मियों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। वहीं बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं। यहां महिला अभ्यर्थियों की चूड़ियां उतरवाकर जांच की गई।

लोहाई रोड स्थित नारायण आर्य कन्या इंटर कॉलेज में महिला पुलिसकर्मियों ने महिला अभ्यर्थियों के लॉकेट, छल्ले, चूड़ियां और कंगन उतरवाकर उनकी जांच की। इसके अलावा अभ्यर्थियों के जूते भी उतरवाकर तलाशी ली गई। एनएकेपी डिग्री कॉलेज में चार स्तरों पर चेकिंग के साथ मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई।

कई अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के लिए मंगलवार रात को ही शहर पहुंच गए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल लगातार निगरानी करता रहा।

जिले में प्रत्येक पाली में 6,720 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर विशेष सतर्कता बरती है।

शमशाबाद में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का होगा अनावरण

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– रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे की तैयारियां तेज

आगरा। शमशाबाद कस्बे में 14 जून को प्रस्तावित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जिसे जिला पंचायत द्वारा स्थापित कराया गया है।

दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान हेलीपैड, सभा स्थल, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और वीआईपी मूवमेंट से जुड़े बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का फोकस कार्यक्रम को भव्य और सुरक्षित बनाने पर है। सुरक्षा एजेंसियां भी रक्षा मंत्री के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरत रही हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही यातायात प्रबंधन की भी विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

जिला पंचायत द्वारा स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा को क्षेत्र में गौरव और शौर्य के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों में भी कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन और महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक अमला लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहा है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।