35.8 C
Lucknow
Monday, July 6, 2026
Home Blog

राम मंदिर ट्रस्ट ने दान की वस्तुओं से संबंधित साक्ष्य सार्वजनिक किए, स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस समेत सभी 2800 वस्तुएं सुरक्षित

0

अयोध्या: राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी के मामले के बीच सोमवार को बड़ा एक्शन हुआ। राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) ने अहम बैठक की और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कागभुशुंडी, हार, चरण-पादुका और सोने की परत वाली रामचरित मानस (Gold-plated Ramcharitmanas) समेत उन चीजों को दिखाया गया, जिनके गायब होने का आरोप लगाया गया था।

बता दें कि चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद कई दानदाताओं ने दान में दी गई चीजों के गायब होने का दावा किया था। जिनमें रामलला को दान में मिला हीरे से जड़ा एक हार, सोने की एक चरण पादुका, चांदी से बनी कागभुशुंडी की प्रतिमा और 24 कैरेट सोने की परत चढ़ी रामचरित मानस शामिल था। ट्रस्ट ने सारे दावों को सिरे से न सिर्फ खारिज किया सार्वजनिक रूप से सारे सामान भी दिखाए।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद दोनों पदाधिकारियों ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी। तब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिसके बाद नए ट्रस्टी और महासचिव की नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।

गोविंद देव गिरी ने बताया कि कुछ पदाधिकारियों का मत था कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, जबकि वरिष्ठ विधिवेत्ता के. पाराशरण की राय थी कि इस्तीफा स्वतः प्रभावी माना जा सकता है। विचार-विमर्श के बाद ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए।

उन्होंने कहा कि कि दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना में अनियमितता से सभी न्यासी आहत हैं। प्रारंभिक जांच में जिन लोगों के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। ट्रस्ट का स्पष्ट मत है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान ट्रस्ट ने चढ़ावे से जुड़े वित्तीय आंकड़े भी सार्वजनिक किए। ट्रस्ट के अनुसार निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान के माध्यम से प्राप्त 3,246 करोड़ रुपये में से 2,870 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण एवं पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं। वहीं स्थापना से 31 मार्च 2026 तक दानपात्रों और चढ़ावे के माध्यम से 482 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 311 करोड़ रुपये संचालन व्यय में खर्च किए गए हैं, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।

ट्रस्ट ने यह भी कहा कि नकद चढ़ावे के अलावा अब तक 2,126 भौतिक भेंटें प्राप्त हुई हैं, जिनका विधिवत पंजीकरण, भौतिक सत्यापन और ऑडिट कराया गया है। श्रद्धालु चाहें तो अपनी भेंट का सत्यापन भी ट्रस्ट से कर सकते हैं।

कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि इस प्रकरण से ट्रस्ट और करोड़ों रामभक्त आहत हैं। उन्होंने माना कि प्रबंधन व्यवस्था में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर कर अधिक पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र का इस्तीफा स्वीकार, कृष्ण मोहन को बनाया गया कार्यवाहक महासचिव

0

अयोध्या: दान में हेराफेरी के आरोपों के बाद, सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंपत राय (Champat Rai) का जनरल सेक्रेटरी और अनिल मिश्रा (Anil Mishra) का सदस्य के तौर पर इस्तीफ़ा (resignations) मंज़ूर कर लिया। ट्रस्ट की तीन घंटे चली बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने पत्रकारों को बताया कि कृष्ण मोहन को मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम जनरल सेक्रेटरी की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

मंदिर के दान में हेराफेरी के असर पर चर्चा करने के लिए बैठक राम जन्मभूमि परिसर के गेस्ट हाउस में दोपहर 3.15 बजे शुरू हुई। इसमें ट्रस्ट के चेयरमैन नृत्य गोपाल दास समेत नौ स्थायी सदस्यों में से सात सदस्य मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, राय और मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक शाम करीब 6.30 बजे खत्म हुई।

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कमियां मानीं और कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से लाखों भक्तों को गहरा दुख पहुंचा है। चढ़ावे की कथित चोरी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “लाखों राम भक्तों को दुख पहुँचा है,” साथ ही उन्होंने ट्रस्ट के मैनेजमेंट में कमियों को भी माना। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जबकि एजेंडा गोविंद ने पेश किया। ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए।

मौजूद लोगों में ट्रस्ट के सदस्य विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य, स्वामी परमानंद गिरि, जगद्गुरु वासुदेवानंद सरस्वती, कृष्ण मोहन, महंत दिनेन्द्र दास, ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक त्रिपाठी (पदेन सदस्य), VHP नेता दिनेश चंद्र और विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर महंत कमल नयन दास शामिल थे। ट्रस्ट के कोऑर्डिनेटर के. प्रसन्ना, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, केंद्रीय सचिव प्रशांत लोखंडे और मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बैठक में हिस्सा लिया।

 

मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े अपहरण का सनसनीखेज मामला, थार गाड़ी समेत आरोपी गिरफ्तार

0

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर पुलिस (Muzaffarpur Police) ने तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए सर्किट हाउस रोड (Circuit House Road) से अपहृत युवक आयुष कुमार को घटना के मात्र 4 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी को जप्त करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

​मिली जानकारी के अनुसार 5 जुलाई को शाम लगभग 3:30 बजे सर्किट हाउस रोड से अपराधियों ने आयुष कुमार नामक युवक का एक थार गाड़ी में अपहरण कर लिया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

​वरिय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी डॉ. सुरेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने बिना समय गंवाए पूरे जिले में नाकाबंदी कर सघन छापामारी शुरू की। पुलिस की इस आक्रामक दबिश और तकनीकी सर्विलांस के दबाव के आगे अपराधी टिक नहीं सके। अंततः अपहरणकर्ताओं ने युवक को मारपीट कर एक सुनसान इलाके में छोड़ दिया और भाग निकले।

​पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई जारी रखते हुए सरैया क्षेत्र से वारदात में प्रयुक्त थार गाड़ी को बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस ने कांटी थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद रहमान को गिरफ्तार किया है। सीडीपीओ वन टाउन डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि अपहरण के पीछे आयुष कुमार का अपहरणकर्ताओं के साथ पुराना विवाद और प्रेम प्रसंग का मामला है।

​अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त होने के बाद आयुष कुमार ने काजी मोहम्मदपुर थाना में नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी धर-पकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मुजफ्फरपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की चहुंओर सराहना हो रही है।

पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद आजाद समाज पार्टी में शामिल, 2027 से पहले बहुजन राजनीति में हलचल

0

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब बहुजन समाज पार्टी की पहली सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके डॉ. मसूद अहमद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर की सदस्यता ग्रहण कर ली। राजधानी लखनऊ के होटल चरन्स प्लाजा में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) तथा अन्य दलों से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक भी आजाद समाज पार्टी में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि डॉ. मसूद अहमद का पार्टी में शामिल होना केवल एक वरिष्ठ नेता का आगमन नहीं, बल्कि बहुजन आंदोलन को नई दिशा और नई ऊर्जा देने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद अहमद मान्यवर कांशीराम के पुराने सहयोगी रहे हैं तथा सामाजिक न्याय की राजनीति का उनका लंबा अनुभव संगठन को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और महिलाओं की साझी लड़ाई को मजबूत करने की आवश्यकता है तथा संविधान, भाईचारे और सामाजिक न्याय के मूल्यों के आधार पर राजनीति को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नगीना लोकसभा चुनाव में मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि आजाद समाज पार्टी वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पूरे दमखम के साथ लड़ेगी और प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने का प्रयास करेगी।
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस कर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी, मुख्य आरक्षियों की गृह जनपद में तैनाती, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पटेल रामेश्वर पवन, प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी सुनील चित्तौड़, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य मोहम्मद आकिब, प्रदेश महासचिव यशवंत मौर्य तथा राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य सतपाल चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
डॉ. मसूद अहमद उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद के पृथ्वीपुर (हंसवर) के निवासी हैं। वे बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक नेताओं में रहे हैं तथा वर्ष 1993 में टांडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने लंबे समय तक मान्यवर कांशीराम के साथ बहुजन आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने पूर्व विधायक अरशद खान के साथ नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी (एनएलपी) की स्थापना की, फिर राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होकर वर्ष 2016 में प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2022 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी।
आजाद समाज पार्टी की सदस्यता लेने के बाद डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में बहुजन समाज, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। उनके अनुसार, चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में आजाद समाज पार्टी उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच प्रदान करती है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी निष्ठा के साथ लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।

विशाखापत्तनम तट के पास मछली पकड़ने वाली नाव पलटी, एक मछुआरे को बचाया, छह लापता

0

विशाखापत्तनम: विशाखापत्तनम तट (Visakhapatnam coast) के पास मछली पकड़ने वाली एक नाव (Fishing boat) के पलटने से लापता हुए सात मछुआरों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि बाकी छह लोगों के लिए सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि मछुआरे 1 जुलाई को नाव नंबर 83 में विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से समुद्र में गए थे लेकिन शनिवार (4 जुलाई) को तट से लगभग 10 मील दूर भारी बारिश, तेज़ हवाओं और उफनते समुद्र का सामना करने के बाद लौटते समय उनकी नाव पलट गई।

नाव पर सात मछुआरे सवार थे, जिनमें नाव के मालिक और ड्राइवर कारी चिन्ना, सिथोडु, चिन्नय्या, अप्पलाजू, गरागय्या, चिन्ना अम्मोरो और बंडिय्या शामिल थे।अधिकारियों ने कहा, “चिन्ना को रविवार को मर्चेंट शिप ‘यूनिवर्स वेल्थ’ के क्रू ने बचाया। उसे फिशिंग हार्बर लाया जा रहा है और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उसके साथी मछुआरों के लिए तलाशी अभियान तेज़ कर दिया गया है।”

चिन्ना के अनुसार, क्रू के सदस्य बचाव की उम्मीद में शनिवार रात करीब 9 बजे तक पलटी हुई नाव पर ही रुके रहे। चिन्ना ने अधिकारियों को बताया, “जैसे ही नाव डूबने लगी, हम समुद्र में कूद गए और मर्चेंट शिप की ओर तैरने की कोशिश की। मैं तो सुरक्षित जहाज पर चढ़ गया, लेकिन बाकी छह लोग तेज लहरों में बह गए।”

भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड ने विशाखापत्तनम और काकीनाडा से कोस्ट गार्ड के दो जहाजों के साथ मिलकर एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। एक अधिकारी ने कहा, “उन्होंने दो हेलीकॉप्टर और दो नावें तैनात की हैं। सर्च टीमें नाव की आखिरी ज्ञात स्थिति और बहाव के पैटर्न के आधार पर भीमुनिपटनम से लेकर पोर्ट एंकरेज और गंगावरम व पुदिमडाका तटों तक पानी में तलाशी ले रही हैं।” इस बीच, परेशान रिश्तेदार फिशिंग हार्बर पर इकट्ठा होकर जानकारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि लापता सभी छह मछुआरे एक ही परिवार के हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर बचाव कार्यों में तेज़ी लाई है। उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद कोस्ट गार्ड, मरीन पुलिस और नौसेना को ऑपरेशन तेज़ करने का निर्देश दिया। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, गृह मंत्री वी. अनिता और अन्य मंत्रियों ने भी चल रहे सर्च ऑपरेशन की समीक्षा की।

 

चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, बस और बाइक की आमने-सामने टक्कर, युवक की मौत

0

चंदौली: चंदौली (Chandauli) जिले के धानापुर थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे (road accident) में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा चहनिया रोड स्थित हिंगुतरगढ़ के पास उस समय हुआ, जब एक बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोट लगने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान धानापुर थाना क्षेत्र के नरौली गांव निवासी धनंजय (41 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय ईश्वर चंद के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि धनंजय किसी आवश्यक कार्य से बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद बस चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर धानापुर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। साथ ही फरार बस चालक और वाहन की तलाश भी की जा रही है।

हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। बस की पहचान कर चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।