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Sunday, June 28, 2026
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30 जून तक राहत के आसार नहीं, प्रदेश में लू और उमस का कहर जारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से लोगों को फिलहाल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 30 जून के आसपास प्रवेश करने की संभावना है। तब तक अधिकांश जिलों में तेज धूप, उमस और लू का प्रकोप बना रहेगा।

शनिवार देर रात राजधानी लखनऊ समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन इससे तापमान में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए तराई, अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। इनमें 11 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी दिनभर भीषण गर्मी और तेज तपिश का असर रहने की संभावना जताई गई है।

शनिवार को प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बांदा, कानपुर और फतेहपुर में पारा 42.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

प्रदेश के लखनऊ, हरदोई, कानपुर, बांदा, बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, सोनभद्र, अलीगढ़, बरेली, शाहजहांपुर, झांसी, बिजनौर, मुरादाबाद, फतेहपुर और फर्रुखाबाद समेत कई जिलों में शनिवार को लू चली। जबकि लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर में तीव्र लू का असर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण: आरोपियों के घर पहुंची पुलिस, साक्ष्य जुटाने में तेजी

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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) और स्थानीय पुलिस ने रविवार को मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के आवासों पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। इस दौरान टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।

जांच प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने के लिए आरोपियों के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि जांच के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति का अनावश्यक हस्तक्षेप न हो।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में बृहस्पतिवार को रामजन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अगले दिन शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजी और अन्य साक्ष्य एकत्र कर विवेचना को आगे बढ़ा रही है।

गौरतलब है कि छह जून को राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट की संस्तुति पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।

मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में गणना कार्य से जुड़े अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव तथा महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है।

एफआईआर के अनुसार, एसआईटी जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि चढ़ावे की गणना में लगे कुछ कर्मियों ने धनराशि का गबन किया। वहीं पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस अब सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

नदी में डूबने से जीजा-साले की मौत, नहाने गए थे कैलाश नदी, डेढ़ घंटे बाद मिले शव

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बरेली। जिले के भुता थाना क्षेत्र के अहिरौला गांव में रविवार को दर्दनाक हादसे में जीजा और साले की नदी में डूबने से मौत हो गई। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए दोनों युवक गांव के पास स्थित कैलाश नदी में नहाने गए थे, लेकिन नहाते समय अचानक गहरे पानी में चले जाने से डूब गए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, अहिरौला गांव निवासी 24 वर्षीय रोहित अपने जीजा विवेक के साथ दोपहर करीब 12 बजे कैलाश नदी में स्नान करने गया था। विवेक पीलीभीत जिले के मुड़िया थाना क्षेत्र का निवासी था और शनिवार को अपनी ससुराल आया हुआ था। दोनों एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। नहाने के दौरान अचानक दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।

घटना के समय रोहित का एक दोस्त नदी पर बने पुल पर खड़ा था। उसने दोनों को डूबते देखा तो शोर मचाते हुए आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। काफी देर बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों नदी में समा चुके थे।

सूचना मिलते ही भुता थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया तथा एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई। करीब छह गोताखोरों ने नदी में तलाश अभियान चलाया और लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव बाहर निकाले गए। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिजनों ने बताया कि रोहित पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। उसकी बड़ी बहन की शादी करीब छह महीने पहले विवेक से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद इस हादसे ने दोनों परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। पुलिस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।

हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में भीषण आग, कई घंटे की मशक्कत के बाद दमकल ने पाया काबू

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लखनऊ। राजधानी के चिनहट क्षेत्र स्थित हिमालयन कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर से अचानक घना धुआं उठने लगा। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि करीब एक किलोमीटर दूर से भी काले धुएं का गुबार साफ नजर आ रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब आठ बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने सबसे पहले कोल्ड स्टोरेज से धुआं उठते देखा। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे भवन के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और तेज लपटें उठने लगीं। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने एक के बाद एक कई फायर टेंडर मौके पर भेजे। दस से अधिक दमकल गाड़ियों और बड़ी संख्या में अग्निशमन कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

आग फैलने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और एहतियातन आसपास के मकानों तथा प्रतिष्ठानों को खाली कराया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और अनावश्यक भीड़ को भी घटनास्थल से दूर रखा। राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से कोई जनहानि नहीं हुई और किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं है।

घंटों चले रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इसके बाद भी टीम काफी देर तक कूलिंग का कार्य करती रही, ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे। अधिकारियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और आग से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा, हालांकि समय रहते किए गए राहत एवं बचाव कार्य से एक बड़ा हादसा टल गया।

20 बीघा जमीन के लालच में पोतों ने दादा की ली जान

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मेरठ। जिले के सरूरपुर थाना क्षेत्र के करनावल कस्बे में 82 वर्षीय बुजुर्ग विजयपाल की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक के दो पोतों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार करीब 20 बीघा पैतृक जमीन की वसीयत को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने इस हत्याकांड को जन्म दिया। आरोप है कि जमीन अपने नाम न होने की आशंका से नाराज पोतों ने पहले अपने दादा को गोली मारी और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निक्की पुत्र शैलेंद्र और सागर पुत्र राजीव के रूप में हुई है, जो मृतक विजयपाल के पोते हैं। वारदात के बाद दोनों आरोपी हरिद्वार चले गए थे, ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। सरूरपुर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम पिछले दो दिनों से लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। हरिद्वार से लौटने के दौरान दोनों की लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस ने उन्हें सरूरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, भाला, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक तथा एक कार भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि मामले में साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।

जांच में सामने आया है कि गुरुवार को विजयपाल गांव की चौपाल पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पहले गोली मारकर उन्हें घायल किया गया और इसके बाद धारदार हथियार से कई वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विजयपाल अपनी करीब 20 बीघा जमीन की वसीयत अपने अन्य पोतों राहुल और भानु के नाम करना चाहते थे। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद और कहासुनी चल रही थी। घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने हत्या की साजिश को अंजाम दे दिया।

एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच जारी है, ताकि इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े हर तथ्य का खुलासा किया जा सके।

एक लाख का इनामी शूटर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, जवाबी फायरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल

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पीलीभीत। कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश सरबजीत सिंह को पीलीभीत पुलिस ने शनिवार देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। लखीमपुर खीरी के उचौलिया थाना क्षेत्र का रहने वाला सरबजीत सिंह पिछले करीब एक महीने से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। आरोपी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की ओर से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में एसओजी का एक कांस्टेबल और एक सिपाही घायल हो गए, जबकि एक गोली एसपी की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी। हालांकि सुरक्षात्मक जैकेट होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।

पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात सूचना मिली थी कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य शूटर सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और खुद को घिरा देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान सरबजीत सिंह के सीने में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी की मौत हो गई है।

मुठभेड़ के दौरान एसओजी का एक कांस्टेबल और एक अन्य सिपाही गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने घटनास्थल से एक अवैध हथियार, कारतूस तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है। फरार दूसरे आरोपी की तलाश में आसपास के इलाकों में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।