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Tuesday, June 2, 2026
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योगी सरकार की पहल से सिविल सेवा का सपना होगा साकार, आईएएस/ पीसीएस की निशुल्क कोचिंग के लिए युवाओं में बढ़ा उत्साह

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ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ रही भागीदारी, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कर रहे पंजीकरण

यूपी में महंगी कोचिंग की चुनौती से राहत, समाज कल्याण विभाग की योजना से गरीब एवं वंचित वर्ग को मिल रहा लाभ

इच्छुक अभ्यर्थी 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं, 5 जुलाई को परीक्षा होगी

सीएम योगी के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग परीक्षा की तैयारियों में जुटा

लखनऊ, 02 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में अवसर दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क आईएएस/ पीसीएस कोचिंग योजना युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस योजना के माध्यम से अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहते हैं।

महंगी कोचिंग की बाधा दूर कर रही योगी सरकार

सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में योगी सरकार की निःशुल्क कोचिंग योजना इन युवाओं के लिए राहत लेकर आई है। योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाना है।

865 सीटों पर मिलेगा प्रशिक्षण, 25 प्रतिशत सीटें लेटरल एंट्री के लिए

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में आईएएस/ पीसीएस कोचिंग के लिए कुल 865 सीटें निर्धारित हैं। इनमें से 25 प्रतिशत सीटें ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए आरक्षित हैं जो लेटरल एंट्री के माध्यम से प्री परीक्षा क्वालीफाई कर चुके हैं। इससे उन अभ्यर्थियों को भी बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षा के प्रारंभिक चरण में सफलता प्राप्त कर ली है और मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

ऑनलाइन आवेदन में युवाओं की बढ़ी भागीदारी

योगी सरकार में युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून तक कुल 5513 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि 2848 अभ्यर्थियों ने अपनी आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए फाइनल लॉक किया है। वहीं इच्छुक अभ्यर्थी 18 जून तक आवेदन कर सकते हैं इसके बाद 5 जुलाई को परीक्षा होगी। यह संख्या दर्शाती है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।

योगी सरकार में प्रतिभाओं को मिल रहा बेहतर मंच

गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पूरी पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया और कक्षाएं संचालित करने की तैयारी कर रहा है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों के आड़े न आए। इसी उद्देश्य से निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। योगी सरकार की यह पहल न केवल युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक समावेशन को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

शराब ठेके का गेट काटकर लाखों की चोरी का प्रयास

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– बीयर कैन और शराब की पेटी ले उड़े चोर, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत

फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्होंने शराब ठेकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। दाऊदपुर नगला बाग स्थित कंपोजिट देशी शराब और बीयर के ठेके का मुख्य गेट कटर से काटकर अज्ञात चोर अंदर घुस गए और शराब, बीयर तथा सिगरेट चोरी कर फरार हो गए। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सलेमपुर निवासी राजीव कुमार दीक्षित ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके बहनोई आशीष दीक्षित के नाम से दाऊदपुर नगला बाग में देशी शराब और बीयर का कंपोजिट ठेका संचालित है। बीती रात अज्ञात चोरों ने ठेके के मुख्य गेट को कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया और वहां रखा सामान चोरी कर लिया।
तहरीर के अनुसार चोर देशी शराब की एक पूरी पेटी, जिसमें 45 पौआ रखे थे, 131 बीयर कैन तथा 30 डिब्बी सिगरेट अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी उस समय हुई जब सुबह लगभग 10 बजे सेल्समैन आकाश दुकान खोलने पहुंचा। गेट टूटा देखकर उसके होश उड़ गए और उसने तत्काल ठेका संचालकों को सूचना दी।

सूचना मिलते ही राजीव कुमार मौके पर पहुंचे और ठेके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। फुटेज में चोरी की पूरी घटना रिकॉर्ड मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मामले की सूचना पर डायल-112 पुलिस और चौकी प्रभारी बलवीर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

2027 की तैयारी में जुटा विपक्ष, मेरठ में सीट बंटवारे पर शुरू हुआ मंथन, सपा-कांग्रेस गठबंधन के संकेत

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लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। विपक्षी खेमे में सबसे ज्यादा चर्चा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर हो रही है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी दोनों दल साथ मिलकर मैदान में उतर सकते हैं। इसी को लेकर सीटों के बंटवारे और क्षेत्रवार समीकरणों पर मंथन शुरू हो गया है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र मेरठ में सीटों को लेकर प्रारंभिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिले की सात विधानसभा सीटों में से दो सीटें कांग्रेस के हिस्से में जा सकती हैं, जबकि बाकी सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ सकती है। हालांकि अभी तक दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों का कहना है कि सपा नेतृत्व इस बार विधानसभा चुनाव को पूरी तरह स्थानीय और जनसरोकार के मुद्दों पर केंद्रित करने की रणनीति बना रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सकता है। साथ ही सामाजिक न्याय और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के राजनीतिक समीकरण को भी सपा चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण आधार बना सकती है।
कांग्रेस भी प्रदेश में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और स्थानीय नेतृत्व को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सीट बंटवारे के दौरान कांग्रेस अपनी राजनीतिक मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अधिक हिस्सेदारी की मांग कर सकती है।

सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर हत्याकांड में बड़ा एक्शन, दहेज हत्या का मुख्य आरोपी सागर लोधी गिरफ्तार

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लखनऊ। राजधानी के चर्चित सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर महिला हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दहेज हत्या के मामले में वांछित मुख्य आरोपी सागर लोधी को सआदतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी काफी समय से पुलिस की निगरानी में था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सागर लोधी इन दिनों किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन था। जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह फरार होने की तैयारी में है। इसके बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी और ट्रॉमा सेंटर यूनिट-1 के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला सोशल मीडिया पर सक्रिय एक महिला इंफ्लूएंसर की संदिग्ध मौत के बाद सुर्खियों में आया था। परिजनों ने घटना को दहेज हत्या बताते हुए पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सागर लोधी को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया था। आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं मृतका के परिजनों ने गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

48 साल बाद मिलेगा न्याय: 1978 दंगा पीड़ित रस्तोगी परिवार को फिर बसाएगा प्रशासन, कब्जामुक्त जमीन का सौंपेगा पट्टा

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 48 वर्ष पुराने सांप्रदायिक दंगे का एक अधूरा अध्याय अब पूरा होने जा रहा है। 1978 के दंगों में अपना परिवार, कारोबार और आशियाना खोने वाले रस्तोगी परिवार को एक बार फिर उसी शहर में बसाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बुधवार 3 जून को प्रशासन पीड़ित परिवार को कब्जामुक्त कराई गई भूमि का पट्टा सौंपेगा। इस घटनाक्रम को केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे एक परिवार की घर वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई की मौजूदगी में शेर खा सराय क्षेत्र में 100 वर्गमीटर भूमि का पट्टा रस्तोगी परिवार को सौंपा जाएगा। प्रशासन के अनुसार जिस भूमि को पूर्व में अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया था, उसी पर पीड़ित परिवार को दोबारा बसाया जाएगा।

यह मामला 1978 के उस भयावह दंगे से जुड़ा है, जिसने संभल के सामाजिक इतिहास पर गहरा घाव छोड़ा था। दंगे के दौरान कोटपूर्वी मोहल्ले के निवासी रामसरन दास रस्तोगी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। परिवार का आरोप है कि दंगाइयों ने उनकी दुकान पर ही हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया था। इस घटना के बाद भयभीत परिवार संभल छोड़कर दिल्ली में बस गया था।
करीब पांच दशक बाद परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय और पुनर्वास की मांग की थी। परिवार का कहना था कि दंगों के दौरान उनकी संपत्तियां छीन ली गईं और वे अपने ही शहर में बेघर हो गए। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से इस मामले का उल्लेख करते हुए परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था।
इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए शेर खा सराय क्षेत्र में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाया। राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराकर भूमि को पुनः सरकारी अभिलेखों में दर्ज किया गया और अब उसी भूमि का एक हिस्सा पीड़ित परिवार को आवंटित किया जा रहा है।
प्रशासन ने कार्यक्रम को प्रतीकात्मक महत्व देते हुए भूमि पूजन और वैदिक विधि-विधान के साथ पट्टा वितरण की तैयारी की है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक परिवार का पुनर्वास नहीं बल्कि शासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वर्षों पुराने मामलों में भी न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अस्पताल की छत से 150 मीटर तांबे की केबल चोरी, पीछा करने पर चोरों ने दी धमकी

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फर्रुखाबाद। जनपद में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सकवाई स्थित एक निजी अस्पताल का है, जहां देर रात अज्ञात चोरों ने अस्पताल की बिजली व्यवस्था को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की तांबे की केबल पर हाथ साफ कर दिया। विरोध करने पर चोरों ने अस्पताल कर्मचारियों को धमकाते हुए फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आद्य हॉस्पिटल में चौकीदारी का कार्य करने वाले हर्षित कश्यप पुत्र स्व. राजेंद्र लाल निवासी वनपोई ने पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत के अनुसार 27 और 28 मई की मध्य रात्रि करीब 12 से 1 बजे के बीच कुछ अज्ञात लोग अस्पताल परिसर के पीछे से अंदर दाखिल हुए और छत पर पहुंच गए।

आरोप है कि चोरों ने ट्रांसफार्मर से सोलर पैनल तक जाने वाली लगभग 150 मीटर लंबी तांबे की बिजली केबल काटकर चोरी कर ली। घटना के दौरान अस्पताल की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हो गई।

चौकीदार हर्षित कश्यप के अनुसार जब उसने अस्पताल के कंपाउंडर निरंजन और विवेक के साथ मिलकर संदिग्ध लोगों को भागते देखा तो उनका पीछा करने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान चोरों ने उन्हें धमकाया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि केबल चोरी होने से अस्पताल की बिजली और सोलर प्रणाली प्रभावित हुई है, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बिजली के तार, ट्रांसफार्मर और धातु से जुड़ी चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान भी चोरों के निशाने पर कैसे आ गए? यदि चोर अस्पताल की छत तक पहुंचकर 150 मीटर केबल काट सकते हैं, तो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।यूथ