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Wednesday, April 1, 2026
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दोस्ती बदनाम, पहले जमकर पिलाई शराब, फिर गला दबाकर की हत्या

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बुलंदशहर: बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां देवीपुरा (Devipura) के साक्षर कौशिक (24) की दोस्तों संग चल रही शराब पार्टी के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई। साक्षर का दोस्त देवेश अरेस्ट हुआ तो बर्बरता की कहानी सामने आई।

बताया जा रहा है कि दोस्तों ने ही एक विवाद के बाद पहले उसका गला दबाया और फिर ईंट से सिर व चेहरा कूचकर उसे मौत के घाट उतार दिया। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को थाना सिकंदराबाद क्षेत्र के बिलसूरी में एक गड्ढे में दबा दिया था। पुलिस ने लाश बरामद कर ली है।

देवेश ने बताया कि उसने बिलसूरी निवासी शुभम और दीपक के कहने पर साक्षर को शराब पार्टी के लिए राजी किया था। योजना के तहत वे साक्षर को नेशनल हाईवे से करीब 200 मीटर दूर एक सुनसान बाग में ले गए। आरोपी अपने साथ पहले से ही गांव से फावड़ा लेकर आया था।

देवेश ने आगे बताया कि बाग में पहले साक्षर को छककर शराब पिलाई गई और फिर मौका पाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। कत्ल के तुरंत बाद, पहले से लाए गए फावड़े से गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया गया, ताकि किसी को भनक न लग सके।

 

 

 

 

 

 

स्कूल चलो अभियान’ की भावनात्मक शुरुआत, बच्चों के स्वागत से गूंजे विद्यालय

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*शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो किसी भी समाज और राष्ट्र की दिशा एवं दशा तय करती है- मंत्री खन्ना,,

शाहजहांपुर। दिनांक 01.04.2026/ नवीन शैक्षिक सत्र के प्रथम दिवस ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कलेक्ट्रेट से स्कूल चलो अभियान एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वैन के माध्यम से गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि हर बच्चा विद्यालय से जुड़े और शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल हो। बच्चों का विद्यालय में रोली-तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया जाये , जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और विद्यालय के प्रति अपनापन झलकता है ।
इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो किसी भी समाज और राष्ट्र की दिशा एवं दशा तय करती है। स्कूल चलो अभियान का आज से शुभारंभ हुआ है। प्रदेश में हम सभी लोगों से, सभी अभिभावकों से इस बात की अपील करते है कि वो अपने बच्चों को हर हालत में स्कूल भेजें। चाहे इसके लिए कितनी ही उन्हें परेशानी उठानी पड़े, क्योंकि बच्चे ही इस देश का भविष्य हैं। अगर वो अशिक्षित रह जाएँगे, उनको शिक्षित नहीं किया जाएगा, तो आगे के लिए उनकी तरक्की के सारे रास्ते बंद हो जाएँगे। इसलिए शिक्षित होना बहुत आवश्यक है और हमारे प्रधानमंत्री जी मोदी जी और साथ ही साथ योगी जी यही चाहते हैं कि हमारा देश आगे बढ़े, तरक्की करे और तरक्की तभी हो सकती है जब शिक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ‘स्कूल चलो अभियान’ केवल नामांकन बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि हर बच्चे के सपनों को साकार करने का संकल्प है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और शिक्षकों के साथ मिलकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर प्राथमिक विद्यालय हथौड़ा के बच्चों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम की आयोजक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिव्या गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि “स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के उज्जवल भविष्य की नींव है। सभी के सामूहिक प्रयास से शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में इस अभियान को सफल बनाने और हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा, एसडीएम प्रियंका, पूर्व मंत्री सुरेंद्र बाल्मीकि, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अजय चौहान , जिला समन्वयक सोहन शुक्ला , सतीश कुमार ,शैलेन्द्र गुप्ता , रोहित सिंह , विनय मिश्रा ,दीपक गौड़ , निकहत परवीन , सुखमीत कौर, सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ED की अपील पर केजरीवाल को हाईकोर्ट ने फिर जारी किया नोटिस, 29 अप्रैल को अगली सुनवाई

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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को एक बार फिर नोटिस जारी किया है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से कोई भी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए दोबारा नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। यह आदेश जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा (Swarana Kanta Sharma) की अदालत ने दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 फरवरी के लिए तय की है।

जानकारी के अनुसार, ED ने निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसमें केजरीवाल को एजेंसी द्वारा जारी समन की कथित अवहेलना के आरोप में बरी किया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि “प्रतिवादी ने अग्रिम सूचना मिलने के बावजूद उपस्थित न होने का विकल्प चुना। नया नोटिस जारी करें।” साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मामले को 29 अप्रैल को सूचीबद्ध किया जाए और टीसीआर (ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड) मंगवाया जाए।

ED की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि निचली अदालत ने केजरीवाल को बरी करने में गंभीर गलती की है। हुसैन ने अदालत को बताया कि केजरीवाल द्वारा जारी समन को स्वीकार करने और उसका जवाब न देने का तथ्य निर्विवाद है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बरी कर दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कई उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि जब किसी दस्तावेज या तथ्य पर कोई विवाद न हो, तो उसे साबित करने की आवश्यकता नहीं है। ED की ओर से उनके साथ वकील विवेक गुरनानी भी पेश हुए। कोर्ट ने अब इस अपील पर 29 अप्रैल को अगली सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है।

ईडी ने अपनी शिकायत में कहा कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन पर अमल नहीं किया और जांच में शामिल नहीं हुए। एजेंसी का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बेबुनियाद आपत्तियां उठाईं और ऐसी दलीलें पेश कीं ताकि उन्हें जांच प्रक्रिया में शामिल न होना पड़े। इसके विपरीत, निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि ED यह साबित करने में विफल रही कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का उल्लंघन किया। उच्च न्यायालय अब इस अपील की सुनवाई करेगा और ED की दलीलों पर ध्यान देगा। अगली सुनवाई 29 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें केजरीवाल की गैर-मौजूदगी और ED के तर्क दोनों पर अदालत निर्णय दे सकती है।

ED ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल मामले के अन्य आरोपियों के संपर्क में थे और उन्होंने अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति को तैयार करने में सहयोग किया। ED का कहना है कि इसके बदले उन्हें अनुचित लाभ मिला और आम आदमी पार्टी (AAP) को रिश्वत प्राप्त हुई। इस मामले में केजरीवाल फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत पर हैं। वहीं, उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत ‘गिरफ्तारी की जरूरत’ से संबंधित पहलुओं को गहन विचार-विमर्श के लिए बड़ी पीठ के पास भेजा है।

निचली अदालत ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में Arvind Kejriwal, Manish Sisodia और 21 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह विफल रहा और आरोप निराधार साबित हुए। हालांकि, CBI इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका लंबित है। इस याचिका की सुनवाई के बाद ही इस मामले में अंतिम कानूनी निर्णय आएगा।

 

सीएम युवा’ योजना से मिल रहे युवाओं के सपनों को पंख, लखीमपुर के उमंग बने सफल उद्यमी

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सीएम युवा' योजना से मिल रहे युवाओं के सपनों को पंख, लखीमपुर के उमंग बने सफल उद्यमी

 

आयल मिल शुरू कर बने रोजगारदाता, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ाया व्यवसाय

25 लाख का ऋण लेकर शुरू किया व्यवसाय, हर महीने हो रही 70 हजार की कमाई

लखनऊ, 01 अप्रैल। योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाले न बनें, बल्कि स्वयं उद्यम स्थापित कर रोजगार देने वाले बनें। इसी सोच के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। यह विजन आज जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। लखीमपुर खीरी के सिविल लाइन्स निवासी उमंग शुक्ला ने योगी सरकार के इसी विजन को साकार कर दिखाया है।

उमंग शुक्ला ने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपनी आयल मिल स्थापित की। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से नवंबर 2025 में ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को साकार करने का रास्ता खोला। उन्होंने सरसों के तेल का उद्योग शुरू किया और आज वे प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल सरसों की पेराई कर रहे हैं। उनके उद्योग में तैयार होने वाला तेल स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी बेचा जा रहा है। उनका यह उद्योग न केवल उनके लिए आय का स्रोत बना है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बना है। उनके उद्योग में वर्तमान में 5 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। वे हर महीने लगभग 500 से 600 लीटर सरसों तेल की बिक्री करते हैं। जिससे उन्हें कुल लागत के बाद लगभग 70 हजार रुपये मासिक शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिल रहा बड़ा अवसर
आज योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित और उज्ज्वल बना रहीं हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है। इस योजना के तहत युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओ को वित्तीय सहायता और अन्य सहयोग प्रदान करना है| इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा पात्र आवेदकों को विनिर्माण क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए अधिकतम ₹25 लाख तथा सेवा क्षेत्र आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का ऋण दिया जाता है। इसका उपयोग प्लांट एवं मशीनरी, कच्चे माल के क्रय, कार्यशील पूंजी और अन्य सम्बंधित व्यय के लिए किया जा सकता है। इच्छुक व्यक्ति जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से पूर्ण जानकारी लेकर आवेदन कर सकता है।

बकेवर में शिक्षा का जनआंदोलन: ‘स्कूल चलो अभियान’ रैली में उमड़ा जनसैलाब

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प्रवीन कुमार, जिला संवाददाता
बकेवर (इटावा)। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में “स्कूल चलो अभियान” के अंतर्गत न्याय पंचायत स्तर पर कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना और शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना रहा।
रैली का शुभारंभ क्षेत्र के सभासद पुष्पेंद्र त्रिपाठी एवं समाजसेवी ऋषि शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर दोनों अतिथियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की अपील की। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रैली को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित शिक्षकों में प्रधानाचार्य बलराज चतुर्वेदी, श्रीमती सुलेखा श्रीवास्तव, रजनीकांत, सुषमा दुबे, हरिशकांत, शिव सागर, बृजेश कुमार, नीरज पाल, चांदनी देवी, आरती देवी, अंजुम खान, जितेंद्र कुमार, साधना एवं नीरज कुमार सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान “स्कूल चलो अभियान” को सफल बनाने के लिए नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने तथा शिक्षा के प्रति जनमानस में सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही स्थानीय सामाजिक व्यक्तियों के साथ विचार-विमर्श कर अभियान को और प्रभावी बनाने की रणनीति भी तैयार की गई।

दरवाजे पर बैठी थी मौत: घर में घुसी काली नागिन से मची दहशत

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प्रवीन कुमार, जिला संवाददाता
इटावा। गर्मी की शुरुआत के साथ ही सांपों की बढ़ती सक्रियता अब खतरे की घंटी बनती नजर आ रही है। थाना सिविल लाइन्स क्षेत्र के कोठी विचारपुर गांव में सोमवार देर रात एक ऐसा ही खौफनाक वाकया सामने आया, जब एक घर के दरवाजे के पास रखी बोरी के पीछे अचानक काली नागिन नजर आई। नागिन को देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे घर में दहशत फैल गई।
परिजनों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए ग्रामीण आयुष के माध्यम से स्नेक बाइट हेल्पलाइन 7017204213 पर संपर्क किया। सूचना मिलते ही सर्पमित्र एवं वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और हालात को संभालते हुए बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से नागिन का सफल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों की सांसें थमी रहीं, लेकिन विशेषज्ञ की तत्परता से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। बाद में इस खतरनाक नागिन को सामाजिक वानिकी विभाग, इटावा के दिशा-निर्देशन में उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
स्पेक्टिकल कोबरा: एक डंस और जिंदगी खत्म!
डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि यह स्पेक्टिकल कोबरा (नाग) प्रजाति की मादा थी, जिसका जहर बेहद खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक होता है। इसके दंश से शरीर का नर्वस सिस्टम तेजी से प्रभावित होता है और समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने खासतौर पर रात के समय ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी।

सर्पदंश के बाद क्या करें — जान बचाने वाले 3 कदम
✓ घबराएं नहीं, मरीज को शांत रखें
प्रभावित स्थान पर हल्का बंध लगाएं (टाइट नहीं)
✓ 1 घंटे के अंदर नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
✓ जिला अस्पताल इटावा (इमरजेंसी वार्ड, कमरा नं. 3)
✓ सैफई पीजीआई (इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध)

झाड़-फूंक = मौत का न्योता
डॉ त्रिपाठी ने साफ कहा कि अंधविश्वास में पड़कर झाड़-फूंक कराना सीधे जान जोखिम में डालना है। हर साल ऐसे मामलों में देरी से इलाज के कारण जानें जाती हैं।
वही अब जागरूकता की जीत होती दुख रही है अब लोग नहीं मारते सांप
डॉ. आशीष ने बताया कि संस्था “ओशन” के सर्पदंश जागरूकता अभियान के चलते अब जनपद में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सर्पदंश से मौत के मामलों में कमी, लोगों में वैज्ञानिक सोच का विकास, सांपों को मारने के बजाय रेस्क्यू के लिए कॉल, यह बदलाव पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।