प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित पुराछात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीनेट परिसर स्थित प्रो. ईश्वर टोपा सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद एलुमिनाई एसोसिएशन की ओर से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)-2025, उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा (UPPCS)-2024 एवं विभिन्न राज्यों की न्यायिक सेवाओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले पुराछात्रों को स्मृति चिह्न व डायरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में चयनित विद्यार्थियों की उपलब्धियों को विश्वविद्यालय के गौरव की पुनर्स्थापना बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने न केवल अपने परिवार बल्कि विश्वविद्यालय का नाम भी रोशन किया है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय में बेहतर शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, जिन्होंने शिक्षण गुणवत्ता को नई दिशा दी है। विशेष रूप से UPPCS-2024 में 70 विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
कुलपति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अब उन्हें किताबों से आगे बढ़कर जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा। संघर्ष और धैर्य ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने सलाह दी कि समय का सदुपयोग करें और असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ें। साथ ही उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों की विशेष सराहना करते हुए उन्हें अपना आदर्श बताया और समाज में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. आशीष खरे ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। एलुमिनाई एसोसिएशन के सचिव प्रो. कुमार बीरेंद्र ने स्वागत भाषण में कहा कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय और उसके पुराछात्रों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में आईएएस चयनित साक्षी सक्सेना, अनिंद्य पाण्डेय और श्रुति ओला शामिल रहे। वहीं UPPCS-2024 में डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित आयुष पाण्डेय, अंकित पाण्डेय तथा डिप्टी एसपी विमलेश कुमार समेत कई अन्य अभ्यर्थियों को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न पदों जैसे असिस्टेंट कमिश्नर, बीडीओ, नायब तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार और डिप्टी जेलर पद पर चयनित दर्जनों विद्यार्थियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने न केवल उन्हें शैक्षणिक रूप से मजबूत किया, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निरंतरता, धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की परंपरा और शैक्षणिक वातावरण आज भी विद्यार्थियों को उच्च लक्ष्यों की ओर प्रेरित कर रहा है, और यहां से निकलने वाले छात्र देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।








