33 C
Lucknow
Tuesday, May 19, 2026
Home Blog

वाराणसी: अज्ञात पिकप वाहन के चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोर की हुई दर्दनाक मौत

0

वाराणसी: वाराणसी (Varanasi) के स्थानीय थाना क्षेत्र के बीरभानपुर ओदार गांव के सामने पंचकोशी मार्ग पर मंगलवार की दोपहर में लगभग 1 बजे सड़क पार करते समय अज्ञात पिकप वाहन की चपेट में आने से राजातालाब रानी बाजार निवासी जुनैद उर्फ बाबू नामक 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। दुर्घटना के दौरान घटनास्थल से अज्ञात पिकप वाहन जंसा की तरफ फरार हो गया।

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे राजातालाब चौकी इंचार्ज राजेश मौर्य ने उक्त मृतक की शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा। घटना की सूचना मिलते हैं परिवार वालों में कोहराम मच गया तथा पिता जमील तथा मां शकीला सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्राम प्रधान रानी बाजार अनिल मोदनवाल ने बताया कि मृतक कक्षा 7 का छात्र था जो तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था जिसको चार बहन हैं। पिता जमील ने उक्त अज्ञात माल वाहक पिकप वाहन के खिलाफ राजातालाब थाने में तहरीर दिया।

नॉर्वे की यात्रा पूरी कर इटली के लिए रवाना हुए पीएम मोदी, नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर दिया जोर

0

नई दिल्ली: पांच देशों के अपने दौरे पर निकले पीएम मोदी (PM Modi) नॉर्वे की यात्रा पूरी करने के बाद इटली (Italy) के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि, उससे पहले उन्होंने नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और कानून का सम्मान के नरजिए से भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार हैं। पीएम ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में यह साझेदारी और आगे बढ़ेगी। बता दें नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन शामिल हैं।

इससे पहले मोदी ने नॉर्वे के पीएम योनास गार स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ओर्पो और आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन म्योल फ्रॉस्टाडोटिर से भी मुलाकात की। इस समिट का मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना था। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के दौरे का अंतिम चरण है।

मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस दौरान सोमवार को नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान से नवाजा। पीएम मोदी को ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ दिया गया है, जो नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है. खास बात यह है कि यह प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के अलग-अलग देशों से मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा।

बांग्लादेश में इंडियन हाई कमीशन के अधिकारी की संदिग्ध मौत, बंद कमरे में मिली लाश

0

ढाका: बांग्लादेश (Bangladesh) में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) के एक अधिकारी की संदिग्ध मौत हो गई है। बांग्लादेश पुलिस ने मंगलवार को चटगांव के खुल्शी इलाके में स्थित भारत के सहायक उच्चायोग के कार्यालय से एक भारतीय अधिकारी का शव बरामद किया। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है, उनके पिता का नाम राम निवास है और वे हरियाणा के रहने वाले थे। नरेंद्र चटगांव स्थित भारतीय उच्चायोग में सिक्योरिटी प्रोटोकॉल ऑफिसर थे, उनके मौत की वजह अभी साफ़ नहीं हो पाई है।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह 35 वर्ष के नरेंद्र अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे थे। पहले वहां मौजूद दूसरे अधिकारियों ने अपने स्तर पर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो शक बढ़ने पर पुलिस को जानकारी दी गई। फिर मौके पर पहुंची पुलिस ने हाई कमीशन के कमरे का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर से नरेंद्र की बॉडी बरामद की।

चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (CMP) कमिश्नर हसन मोहम्मद शौकत अली ने बांग्लादेश के अखबार ‘द डेली स्टार’ को बताया कि नरेंद्र उस कार्यालय में सुरक्षा प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे। CMP कमिश्नर के अनुसार दूतावास के अधिकारियों को शुरुआत में नरेंद्र के कमरे से कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।

पुलिस अधिकारियों के हवाले से बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट ने बताया कि पुरानी वीजा सेंटर बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर मौजूद एक डेटा एंट्री रूम के बाथरूम के दरवाजे के सामने शव मिला। चट्टगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के जनसंपर्क सहायक आयुक्त अमिनुर राशिद ने बताया, “हमें शुरू में शक है कि अधिकारी की मौत रात के समय किसी वक्त बाथरूम जाते हुए हुई होगी। हालांकि मौत की सही वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है।”

जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए चट्टगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि जांच में अभी तक कोई वजह सामने नहीं आई है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम जांच के बाद ही पता चलेगा। CMP के उपायुक्त (उत्तरी क्षेत्र) अमीरुल इस्लाम ने को बताया कि इस घटना के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया जाएगा और पोस्टमार्टम के बाद शव को भारत के सहायक उच्चायोग के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

रायबरेली में राहुल-अखिलेश की लगी होर्डिंग, विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता का संदेश

0

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली (Rae Bareli) जिले में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगने से यहां का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बछरावां बाईपास से लेकर लालगंज रोड तक कई जगहों पर दोनों नेताओं की एक साथ तस्वीरों वाली होर्डिंग दिखाई दे रही हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इन होर्डिंग्स को 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी और कांग्रेस-सपा गठबंधन की सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि रायबरेली कांग्रेस का पुराना गढ़ रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में यहां सपा और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। ऐसे में राहुल गांधी और अखिलेश यादव की संयुक्त होर्डिंग को विपक्षी एकता के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

बछरावां बाईपास और लालगंज रोड पर लगी इन होर्डिंग्स को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ रही है। कई लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है, जिससे यह चर्चा का विषय बन गया है।फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

वाराणसी: ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में कल बंद रहेंगी 6000 से अधिक दवा की दुकानें

0

वाराणसी: ऑनलाइन दवाओं (online medicines) की बिक्री और कॉर्पोरेट घरानों के दवा कारोबार में शामिल होने से खुदरा व थोक व्यापारियों को भारी नुकसान देखा जा रहा है। इसके विरोध में कल यानी 20 मई को पूरे भारत में दवा की दुकानों को पूर्ण रूप से बंद रखने का बड़ा ऐलान किया गया है। इस देशव्यापी बंदी का व्यापक असर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस (Varanasi) में भी मुख्य रूप से देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी सप्तसागर की सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी, वहीं बनारस में छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 6000 से ज्यादा दवा दुकानों के शटर कल नहीं उठेंगे।

केमिस्ट एसोसिएशन ने किया बंदी का समर्थन: ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के राष्ट्रीय आह्वान पर पूरे देश में बुधवार को दवा की दुकानें बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस देशव्यापी बंदी का स्थानीय स्तर पर वाराणसी दवा विक्रेता समिति ने भी बैठक कर पूरी मजबूती के साथ समर्थन किया है। हालांकि आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस बंदी के दौरान सभी प्रकार की आपातकालीन (इमरजेंसी) जीवन रक्षक दवा सेवाएं पूरी तरह जारी रहेंगी। वाराणसी दवा विक्रेता समिति के महामंत्री और सप्तसागर दवा मंडी के प्रमुख व्यवसायी संजय सिंह ने इस बंदी के मुख्य कारणों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ऑनलाइन दवा का बाजार देश के युवाओं को धीरे-धीरे नशे का आदि बना रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि बिना किसी डॉक्टर के पर्चे के भी कोई भी प्रतिबंधित दवाएं आसानी से ऑनलाइन पोर्टल से मंगाई जा सकती हैं। ऐसे में देश और समाज के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को इस ऑनलाइन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करना होगा। संजय सिंह का कहना है कि वर्तमान में पूरे देश में करीब 15 लाख केमिस्ट और अकेले वाराणसी में करीब 6 हजार से ऊपर केमिस्ट इस पारंपरिक व्यापार से सीधे जुड़े हुए हैं।

व्यापारियों ने बताया कि कुछ समय पहले सरकार द्वारा लाए गए GSR 217-E कानून का हम सभी लोगों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध किया था। इस कानून के अंतर्गत देश में नया फार्मेसी एक्ट लागू होना था, जिससे हमारे स्थापित घरेलू बाजार में बड़ी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों की दुकानें आसानी से खुल जातीं। उस चुनौतीपूर्ण समय में हम सभी छोटे-बड़े व्यापारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके परिणामस्वरूप वह एक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। यही वजह रही कि तब कोई भी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी बाजार में अपना रिटेल आउटलेट खोलने में पूरी तरह नाकाम रही थी।

हरियाणा: रेवाड़ी की केमिकल फैक्टरी में लगी भीषण आग, कुछ कर्मचारी झुलसे, इलाके में मची अफरा-तफरी

0

चंडीगढ़: हरियाणा (Haryana) के रेवाड़ी (Rewari) के सेक्टर-5 औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्टरी में मंगलवार को भीषण आग लग गई। आग लगने के तुरंत बाद परिसर के अंदर से जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, आग की लपटें तेजी से फैक्टरी की इमारत में फैल गईं, जिससे घना काला धुआं आसमान में फैल गया, जो कथित तौर पर लगभग 10 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग के तेज होने पर परिसर के अंदर मौजूद लोगों को मदद के लिए चिल्लाते हुए सुना गया। घटना के समय, सुबह की शिफ्ट के दौरान कारखाने के अंदर लगभग 30 मजदूर मौजूद थे। उनमें से अधिकांश समय रहते परिसर से बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्हें गंभीर चोटें नहीं आईं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कम से कम दो लोग हाथों और पैरों में झुलस गए। दोनों घायल मजदूरों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया। कंपनी रासायनिक उत्पादों के निर्माण में लगी हुई है, जिससे आग की तीव्रता और घटनास्थल से बार-बार सुनाई देने वाले धमाकों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस दल और दमकल कर्मियों की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव एवं आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों ने अतिरिक्त दमकल गाड़ियां भी बुलाईं।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने आसपास के इलाके को घेर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है, जबकि शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि आग लगने से कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ होगा।