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Saturday, February 28, 2026
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जीरो टॉलरेंस बनाम सियासत: दुर्दान्त माफिया अनुपम दुबे प्रकरण पर पैरवी को उतरे पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री

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– माफिया समर्थक कर रहे जिंदाबाद
– माफिया समर्थक सोशल मीडिया पर कर रहे अनर्गल प्रचार
– अपनी ही सरकार के खिलाफ हुए पूर्व मंत्री

फर्रुखाबाद: प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत माफिया और गैंगस्टर तत्वों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चर्चित माफिया अनुपम दुबे और उसके गैंग से जुड़े लोगों के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ खुलेआम उतरे पूर्व मंत्री और भोगांव के भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री (BJP MLA Ramnaresh Agnihotri) की उनके समर्थक सोशल मीडिया से लेकर आम जनमानस में जमकर सराहना कर रहे हैं और सरकार विरोधी बयान बाजी में भी कोई कसर बकाया नहीं छोड़ रहे।

माफिया तंत्र पर शासन के निर्देश के बाद हुई बड़ी कार्रवाई के बाद पूर्व मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री खुलकर माफिया के समर्थन में सामने आए बताये जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुईं है। फेसबुक समेत कई प्लेटफॉर्म पर समर्थकों द्वारा नारेबाजी और प्रशासनिक कदमों की आलोचना की जा रही है।

प्रदेश सरकार लगातार यह दोहराती रही है कि अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सभी कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में सामाजिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक बड़ा पक्ष इसे कानून के राज की स्थापना बता रहा है, जबकि माफिया तंत्र समर्थक दूसरा पक्ष कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे माहौल संवेदनशील बना हुआ है। जिला प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

यूथ इंडिया न्यूज़ ग्रुप स्पष्ट करता है कि हमारा उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना है। कानून का पालन सर्वोपरि है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर पक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में ही होगा।

रामगंगा में मिला अज्ञात युवक का शव, राजेपुर में मचा हड़कंप

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अमृतपुर/फर्रुखाबाद: थाना राजेपुर क्षेत्र अंतर्गत बह रही रामगंगा (Ramganga) नदी में शनिवार सुबह एक अज्ञात युवक का शव (Unknown youth body) मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सुबह-सुबह नदी किनारे पहुंचे स्थानीय पशुपालकों ने पानी में एक शव तैरता देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।

सूचना पाकर थाना प्रभारी निरीक्षक सुदेश विश्वकर्मा पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच के दौरान घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव कई घंटे पुराना प्रतीत हो रहा था। मृतक की उम्र लगभग 28 वर्ष आंकी जा रही है। युवक के चेहरे पर दाढ़ी थी और उसने लोअर पहन रखा था। शव की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि युवक नदी में कैसे पहुंचा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं—दुर्घटना, आत्महत्या या अन्य कारण—को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आसपास के थानों को सूचना प्रेषित कर हाल के गुमशुदगी के मामलों से मिलान कराया जा रहा है।

घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। ग्रामीणों में दहशत और जिज्ञासा दोनों का माहौल है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति का परिजन लापता है या युवक के संबंध में कोई भी जानकारी हो, तो तत्काल थाना राजेपुर पुलिस को सूचित करें, ताकि मृतक की पहचान कर उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच में जुटी है और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठने की संभावना है।

मौसम ने फिर ली करवट, संक्रमण का खतरा बढ़ा

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फर्रुखाबाद। जिले में मौसम एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह तक जहां धूप खिलने लगी थी और ठंड धीरे-धीरे विदा लेती प्रतीत हो रही थी, वहीं शनिवार की सुबह से आसमान में बादलों ने डेरा डाल लिया। दिनभर सूरज की आंख-मिचौली और हल्की ठंडी हवाओं ने लोगों को फिर से सर्दी का अहसास करा दिया। मौसम के इस अचानक बदलाव ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।

पिछले कई दिनों से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। सुबह-शाम की ठंड कम हो चुकी थी और दोपहर में हल्की गर्माहट महसूस होने लगी थी। लोग गर्म कपड़ों को समेटने की तैयारी में थे, लेकिन शनिवार को बदले मौसम ने एक बार फिर से सर्दी की वापसी का संकेत दे दिया। आसमान में घने बादलों के कारण धूप नहीं निकल सकी, जिससे वातावरण में नमी बढ़ी और ठंडक का एहसास गहरा गया।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में कभी-कभी हल्की बूंदाबांदी या ठंडी हवाएं चलने की संभावना भी बनी रहती है। तापमान में उतार-चढ़ाव का यह दौर कुछ दिन और जारी रह सकता है।

मौसम में अचानक बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, इन दिनों सर्दी, जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। तापमान में लगातार बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह-शाम हल्की ठंड के बावजूद दोपहर में गर्माहट रहने से लोग लापरवाही कर बैठते हैं। कई लोग बिना स्वेटर या हल्के कपड़ों में बाहर निकल जाते हैं, जिससे वे ठंडी हवाओं की चपेट में आ जाते हैं। यह स्थिति खासतौर पर स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

मौसम के इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों के लिए अचानक ठंड और नमी दोनों ही चुनौती बन सकते हैं। यदि बूंदाबांदी होती है तो कुछ फसलों को लाभ भी हो सकता है, लेकिन अत्यधिक नमी रोगों को जन्म दे सकती है। किसान मौसम की अगली चाल पर नजर बनाए हुए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम में बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतें। सुबह और शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यक सतर्कता बरतें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।

फिलहाल फर्रुखाबाद में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और लोग एक बार फिर ठंड की वापसी की चर्चा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान किस दिशा में जाएगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल मौसम की इस करवट ने जिलेवासियों को सतर्क कर दिया है।

होली पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग, सौहार्द बिगाड़ने वालों पर सख्ती की अपील

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फर्रुखाबाद। रंगों के पर्व होली को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर लोकतंत्र सेनानी संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि त्योहार के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए और अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि होली आपसी भाईचारे और प्रेम का पर्व है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस पावन अवसर पर शराब सेवन कर हुड़दंग मचाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से होलिका दहन स्थलों के आसपास देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाए जाते हैं, जिससे माहौल बिगड़ता है और आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार रंग खेलने के नाम पर जबरन रंग डालने, छींटाकशी करने और विरोध करने पर अपमानित करने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जो त्योहार की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे अराजक तत्वों की पहले से पहचान कर निगरानी की जाए और जरूरत पड़ने पर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

चंद्रपाल वर्मा ने यह भी कहा कि वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में देर रात तक तेज ध्वनि में डीजे बजाना परीक्षार्थियों के लिए बड़ी समस्या बन रहा है। विद्यार्थियों में भय और असहजता का वातावरण उत्पन्न होता है, जिससे उनकी तैयारी प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती से रोक लगाई जाए और निर्धारित समय के बाद डीजे संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।

बैठक में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी होली को मर्यादित और अनुशासित ढंग से मनाने पर बल दिया। राम मुरारी शुक्ला, पंकज, महेश चंद्र और गोपीचंद मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहारों की आड़ में कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। समाज के जिम्मेदार नागरिकों को भी आगे आकर शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

बैठक की अध्यक्षता चंद्रपाल वर्मा ने की, जबकि संचालन पूर्व प्रधानाचार्य राम मुरारी शुक्ला द्वारा किया गया। अंत में सभी सदस्यों ने एक स्वर में होली को प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाने का संकल्प लिया तथा प्रशासन से प्रभावी और दृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

हनुमान मंदिर में अरविंद केजरीवाल ने की पूजा अर्चना

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सीबीआई केस में बरी होने के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति मनीष सिसोदिया संजय सिंह रहे साथ

नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने शनिवार को राजधानी स्थित कनॉट प्लेस के हनुमान टेम्पल में पूजा-अर्चना की। उनके साथ पत्नी सुनीता केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया , आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
यह पूजा कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ही दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज केस में केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था। अदालत के फैसले के बाद यह केजरीवाल की पहली सार्वजनिक धार्मिक उपस्थिति मानी जा रही है।
शुक्रवार शाम को केजरीवाल ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर उनकी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई। केजरीवाल ने कहा, “मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है और कोर्ट ने इसे साबित कर दिया।”
गौरतलब है कि वर्ष 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। आरोप लगाए गए कि नई नीति के तहत शराब लाइसेंस जारी करने और लाभांश (मार्जिन) तय करने में अनियमितताएं की गईं, जिससे कुछ निजी कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचा। विपक्षी दलों ने इसे घोटाला करार दिया था। बढ़ते विवाद और जांच के बीच दिल्ली सरकार ने बाद में इस नीति को वापस ले लिया था।
सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपियों को बरी कर दिया है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और उस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी आगामी चुनावी रणनीति को और आक्रामक रूप दे सकती है।

24 घंटे में तीन हत्याएं: कायमगंज में खून से सनी रात, कटघरे में कानून का राज

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दो माह से मासूम हत्याकांड अनसुलझा, एसओजी,सर्विलेंस, सहित कई टीमें फेल

फर्रुखाबादl कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में महज 24 घंटे के भीतर तीन हत्याओं की वारदातों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। एक ओर जहां मंझोला श्यामनगर गांव के पास आम के बाग में 30 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई, वहीं मोहल्ला कूंचा में बुजुर्ग दंपति की घर के अंदर घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आमजन में भय और असुरक्षा की भावना भी गहरा दी है।

आम के बाग में अज्ञात महिला की गला घोंटकर हत्या

कायमगंज क्षेत्र के गांव मंझोला श्यामनगर के पास स्वर्गीय अथर खां के आम के बाग में शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने एक महिला का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
मृत महिला की उम्र लगभग 30 वर्ष आंकी गई है। उसके गले पर स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई गई है। महिला ने लाल रंग का प्रिंटेड लांग स्वेटर और नीले रंग का प्रिंटेड लोअर पहन रखा था। एक पैर में चप्पल थी, जबकि दूसरी चप्पल कुछ दूरी पर पड़ी मिली, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले संघर्ष हुआ होगा।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पुलिस उप महानिरीक्षक हरीश चंदर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी पहुंचे। नगर चौकी प्रभारी सोमवीर सिंह ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के गांवों में महिला की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी।

घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या

दूसरी बड़ी वारदात कायमगंज के मोहल्ला कूंचा में सामने आई, जहां 70 वर्षीय पुरुषोत्तम कौशल और उनकी 65 वर्षीय पत्नी पुष्पा देवी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। दोनों की गोद ली हुई बेटी गुनगुन की करीब आठ वर्ष पहले शादी हो चुकी थी और दंपति घर में अकेले रहते थे।
गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दूधिया बृजेश गुप्ता रोज की तरह दूध देने पहुंचा। आवाज देने पर जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने दरवाजे को धक्का दिया, जो खुल गया। अंदर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। पुरुषोत्तम का शव कमरे में बेड पर पड़ा था, जबकि पुष्पा देवी का शव आंगन में पड़ा मिला।
पुरुषोत्तम के गले में तार या रस्सी कसने के निशान थे। घर के अंदर अलमारी और स्टोर रूम का बक्सा खुला पड़ा था और सामान बिखरा हुआ था। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि लूटपाट के दौरान दंपति की हत्या की गई। सभासद सचिन की सूचना पर सीओ राजेश द्विवेदी और इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है और कई टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

बेटी का दर्द: जेवर और कागजात गायब

घटना की सूचना मिलते ही मृतक दंपति की बेटी गुनगुन अपने पति सत्यम के साथ रात करीब नौ बजे पहुंची। माता-पिता के शव देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने घर के कमरों और अलमारी की जांच की तो पता चला कि जेवर और भूमि संबंधी महत्वपूर्ण कागजात गायब हैं।
गुनगुन ने बताया कि उसके माता-पिता की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। उसने आशंका जताई कि लूट के इरादे से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मोहल्ले में दहशत का माहौल है।

पहले की वारदात भी अब तक अनसुलझी

गौरतलब है कि थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव कोरी खेड़ा में दो माह पूर्व एक मासूम बालक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। उस घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कई टीमें गठित की गईं, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
अब लगातार तीन नई हत्याओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि यदि पहले की घटना का समय रहते खुलासा हो जाता, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद न होते।

क्या कायमगंज में अपराधियों को नहीं रहा कानून का डर

24 घंटे में तीन-तीन हत्याएं होना किसी भी क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। खुले बाग में महिला की हत्या और घर के अंदर बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या यह दर्शाती है कि अपराधियों को पुलिस का भय नहीं रह गया है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जल्द से जल्द घटनाओं का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। क्या पुलिस इन घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर पाएगी या फिर ये मामले भी लंबित फाइलों में दबकर रह जाएंगे? कायमगंज की जनता जवाब चाहती है और सुरक्षा का भरोसा भी।