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Tuesday, February 24, 2026
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लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए: सतीश महाना

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना (Satish Mahana) ने कहा कि पिछले चार वर्षों में प्रदेश की विधायिका को लेकर समाज में बनी नकारात्मक धारणा में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन आया है। श्री महाना ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था (democratic system) में सभी को अपनी सीमाओं में रहकर अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में माननीय अध्यक्ष ने सत्र की उपलब्धियों और सदन के बदलते स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय था जब विधानसभा की कार्यवाही को लेकर आमजन के मन में शंका और निराशा का भाव था, किंतु आज वही सदन गंभीर, सार्थक और परिणाममुखी चर्चाओं का केंद्र बन चुका है।

माननीय अध्यक्ष ने कहा कि 18वीं विधानसभा ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजते हुए नवाचार, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को अपनाकर कार्यसंस्कृति में व्यापक सुधार किया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अब केवल एक ऐतिहासिक भवन नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व, अनुशासन और जन-आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त मंच बन चुकी है। इन सुधारात्मक प्रयासों के कारण प्रदेश की विधानसभा को देश की अग्रणी विधानसभाओं में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है।

उन्होंने बताया कि बजट सत्र अनेक दृष्टियों से महत्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और परिणाममुखी रहा। वित्तीय वर्ष के बजट पर विस्तृत, गंभीर और सारगर्भित चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर क्रमबद्ध विचार-विमर्श हुआ तथा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन की स्वीकृति प्राप्त हुई।

प्रश्नकाल के माध्यम से शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की गई, जबकि शून्यकाल में जनसरोकार के विविध विषय प्रभावी ढंग से उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सदन जनता की आवाज को सरकार तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। माननीय अध्यक्ष ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों ने संसदीय मर्यादाओं का सम्मान किया।

मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक अंग हैं, किंतु संवाद, संयम और शालीनता उसकी मूल आत्मा हैं। इस सत्र में स्वस्थ बहस, तार्किक प्रतिपादन और सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा विधानसभा के बदलते स्वरूप की सराहना भी की गई।

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए माननीय अध्यक्ष ने मीडिया प्रतिनिधियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सकारात्मक छवि को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंत में उन्होंने सभी माननीय सदस्यों, संसदीय कार्य मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न दलों के नेताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सदन की गरिमा, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सर्वोपरि रखते हुए भविष्य में भी स्वस्थ और सार्थक संवाद की परंपरा को और सुदृढ़ किया जाएगा।

करीब 2 करोड़ की लगा दी रेलिंग, फिर भी अतिक्रमण जस का तस

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महानगर के दुकानदार अधिकतर रेलिंग के बाहर रखे बैठे सामान

स्टील ग्रिल के बाद भी नहीं थमा अतिक्रमण, नगर निगम की योजना पर फिर उठे सवाल

शाहजहांपुर। महानगर को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने मुख्य बाजारों और व्यस्त इलाकों में दुकानों के आगे स्टील की ग्रिल लगवाई, लेकिन करोड़ों खर्च के बावजूद अतिक्रमण पर लगाम नहीं लग सकी। होली का त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजारों में भीड़ बढ़ रही है और हालात और भी बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने करीब एक करोड़ 87 लाख 84 हजार रुपये की लागत से यह ग्रिल लगवाई थी।

मकसद था कि दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों के सामने सामान न रख सकें और राहगीरों को जाम व पैदल चलने में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। हालांकि, ग्रिल लगने के कुछ ही महीनों बाद हालात पहले जैसे ही नहीं रहे, बल्कि और ज्यादा बिगड़ गए। कहीं स्टील ग्रिल को तोड़ दिया गया, तो कहीं उसके ऊपर ही दुकानदारी शुरू हो गई। कई स्थानों पर ग्रिल के आगे दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे साफ है कि नगर निगम की यह कवायद भी कागजों तक ही सीमित रह गई। यह पहला मौका नहीं है जब नगर निगम ने इस तरह की योजना पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए हों।

इससे पहले भी इसी तरह की रेलिंग और ग्रिल लगाई जा चुकी हैं, जो कुछ ही समय में या तो टूट गईं या फिर गायब हो गईं। बावजूद इसके, हर बार बिना सबक लिए वही प्रयोग दोहराया जा रहा है। न तो योजना की पारदर्शिता पर ध्यान दिया गया, न ही इसके स्थायित्व पर कोई ठोस विचार हुआ और न ही जिम्मेदारी तय करने की कोई ठोस व्यवस्था की गई। नतीजा यह है कि जनता को राहत मिलने के बजाय परेशानी और बढ़ती जा रही है, जबकि नगर निगम का भारी बजट हर बार सवालों के घेरे में आ जाता है।

मजदूरी से लौटकर तारीख लेने आया युवक पेड़ से लटका मिला परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

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जलालाबाद (शाहजहांपुर): थाना क्षेत्र के ग्राम जिगनेरा गांव के बाहर राजेंद्र के खेत के पास लगे पाकड़ के पेड़ से मनोज पुत्र सेवाराम ओम 28 वर्ष निवासी ग्राम जिग्नेरा थाना जलालाबाद युवक का शव लटकता मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया घटनास्थल पर पहुंचे परिजन और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंची ग्रामीणों द्वारा जानकारी मिलने पर मनोज मजदूरी के लिए फर्रुखाबाद क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर कार्य करता था जो आज एक मुकदमे की तारीख के लिए शाहजहांपुर आया था इसके बाद मनोज ने यह आत्मघाती कदम उठाया वही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची जलालाबाद पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवा कर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की सक्रियता से रेल ओवरब्रिज व विकास परियोजनाओं को मिली गति, पूर्व में मुख्यमंत्री से भेंट, उनके पत्रो और ताजा बैठकों से तेज हुई प्रक्रिया

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लखनऊ /फर्रुखाबाद: सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी द्वारा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर किए जा रहे निरंतर प्रयास अब ठोस परिणाम की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री को पूर्व मे मुलाक़ात के क्रम मे प्रेषित उनके आधिकारिक पत्रों के बाद रेल उपरिगामी सेतु (ओवरब्रिज) निर्माण की प्रक्रिया तेज हुई है, वहीं इससे पहले भी उन्होंने शासन स्तर पर कई महत्वपूर्ण मुलाकातें कर परियोजनाओं को गति दिलाने का प्रयास किया था।

विधायक मेजर द्विवेदी ने पूर्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर फर्रुखाबाद में
राजकीय ऑडिटोरियम निर्माण,
देवरामपुर–नगला खेरेबंद रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर,
तथा फतेहगढ़–गुरसहायगंज मार्ग के चौड़ीकरण (बाईपास सहित)
जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री से हुई इन बैठकों के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने 15 दिसंबर 2025 को लखनऊ में विधानसभा सत्र प्रारंभ होने से पूर्व भी विधायक ने फर्रुखाबाद के प्रस्तावित विकास कार्यों की तैयारी को लेकर अधिकारियों से चर्चा की थी। विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी से संबंधित सड़क परियोजनाओं और रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के विषय को प्रमुखता से रखा गया था।

मंगलवार को सदर विधायक ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) धर्मवीर सिंह से अपने विधानसभा स्थित कार्यालय मुलाकात कर रेल ओवरब्रिज निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने यूथ इंडिया को बताया कि प्रस्ताव आगामी सप्ताह वित्तीय समिति (FC) में निर्धारित है और उम्मीद है कि मामला शीघ्र स्वीकृत हो जाएगा।

इसके अतिरिक्त विधायक ने आगामी बुधवार को सेतु निगम के प्रमुख सचिव को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में अगली वार्ता हेतु आमंत्रित किया है, ताकि परियोजना की अंतिम औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कराया जा सके।
फतेहगढ़–फर्रुखाबाद मार्ग पर लगने वाले जाम से आमजन, स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विधायक का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है।

लगातार पत्राचार, शासन स्तर की बैठकों और शीर्ष अधिकारियों से सीधे संवाद के माध्यम से मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने यह स्पष्ट किया है कि फर्रुखाबाद के विकास को लेकर वे प्रतिबद्ध हैं।

बीपी चेक कराने को लेकर युवक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा

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ईंट-पत्थरों से हमला, तोड़फोड़ व आगजनी; वार्ड बॉय ने दी तहरीर

शमशाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोशनाबाद में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बीपी चेक कराने आए एक युवक ने हंगामा करते हुए ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया और तोड़फोड़ के साथ आगजनी की घटना को अंजाम दिया। घटना में हजारों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। पीड़ित वार्ड बॉय ने आरोपी के खिलाफ शमशाबाद थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार अपरान्ह करीब 2 बजे जीशान नामक एक युवक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोशनाबाद पहुंचा और वार्ड बॉय से बीपी चेक करने को कहा। उस समय फार्मासिस्ट के मौजूद न होने की बात कहे जाने पर युवक आगबबूला हो गया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हंगामा करने लगा।

वार्ड बॉय द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में स्वास्थ्य केंद्र के दरवाजों और खिड़कियों में लगे शीशे टूट गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने धक्का देकर दरवाजा तोड़ने का भी प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख वार्ड बॉय जान बचाने के लिए अंदर भागा और खुद को कमरे में बंद कर लिया।

बताया गया है कि आरोपी ने काफी देर तक तोड़फोड़ की और बाद में आग लगा दी। आगजनी की इस घटना में कुछ जीवन रक्षक दवाइयां जलकर नष्ट हो गईं। शोर-शराबा सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचते, तब तक आरोपी जान से मारने की धमकी देता हुआ फरार हो चुका था।

पीड़ित वार्ड बॉय के अनुसार उसने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उसने फार्मासिस्ट शैलेंद्र को फोन कर घटना की जानकारी दी। साथ ही चिकित्सा प्रभारी शमशाबाद एवं मुख्य चिकित्साधिकारी फर्रुखाबाद को भी अवगत कराया गया।

घटना से सहमे वार्ड बॉय ने आरोपी जीशान के खिलाफ शमशाबाद थाना पुलिस को तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य केंद्र में हुई इस घटना से कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं बेहद गंभीर हैं और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इंचार्ज प्रधानाध्यापक व शिक्षामित्र पर हमला, जान जानमाल की धमकी

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बी एस ए ने मामले को गंभीरता से लिया, कहा आरोपी शिक्षक पर होगी कार्रवाई

फर्रुखाबाद। इंचार्ज प्रधानाचार्य एवं शिक्षामित्र पर पूर्व प्रधानाचार्य द्वारा हमला मारपीट एवं गाली गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। जिसमें इंचार्ज प्रधानाचार्य ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है।

जनपद के विकासखंड राजपुर के कुम्हरौर ग्राम के विद्यालय में घटना हुई जहां पूर्व प्रधानाचार्य मृदुल सक्सेना ने इंचार्ज प्रधानाचार्य आशीष कुमार व शिक्षामित्र सुनील अग्निहोत्री पर हमला कर दिया गाली गुजार दिया मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इस बात की शिकायत इंचार्ज प्रधानाचार्य ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को लिखे गए शिकायती पत्र में की लिखा गया पत्र में इंतजार प्रधानाचार्य ने अवगत कराया की पूर्व प्रधानाचार्य के इस कृत्य से अत्यंत और दुखी हैं ।मृदुल सक्सेना विद्यालय का माहौल खराब करने में लगे हुए हैं।

प्रधानाचार्य मृदुल सक्सेना के बारे में यह भी लिखा कि उनके ऊपर कोरोना काल में छात्रों छात्राओं के लिए आई छात्रवृत्ति का घोटाला कर देने का की जांच भी लंबित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब शिकायत की गई थी तब तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच की जिसमें मृदुल कुमार के ऊपर घोटाला करने और कागजों में हेरा फेरी करने के आरोप साबित हुए थे लेकिन कार्रवाई उनके ऊपर नहीं की गई। मृदुल अभी विद्यालय का माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं इसलिए उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

शिकायत को संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है ताकि शिक्षा का माहौल खराब ना हो उन्होंने कहा कि मृदुल सक्सेना पर जो आप से जुड़े हैं उसके बारे में भी कार्रवाई की जाएगी।