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Saturday, May 30, 2026
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मायावती ने गाजियाबाद में युवक की हत्या पर चिंता जताई, कड़ी कार्रवाई की मांग

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले के खोड़ा क्षेत्र में हुए युवक सूर्य चौहान की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इसे बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में मायावती ने कहा, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा निवासी युवक सूर्य चौहान की हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक है।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं और सरकार एवं प्रशासन को इन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मायावती ने मांग की कि इस हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चुनाव का मौसम नजदीक आने के साथ ही ऐसी घटनाओं के व्यापक परिणाम होंगे। इसलिए सरकार को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए।

बसपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर राजनीतिक बहसें ज़ोरों पर हैं। पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करेगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र से हत्या का एक मामला सामने आया है।

यहां 28 मई (बकरीद) की शाम को 17 वर्षीय सूर्य प्रताप चौहान की उसके कुछ पूर्व मुस्लिम मित्रों ने चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि आरोपियों ने पहले सूर्य को बुलाया और चौधरी स्कूल के पास वाली गली में पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए उसे बुलाया।

 

मल्टीलेवल मार्केटिंग के नाम पर चार करोड़ की ठगी का खुलासा, 2000 बेरोजगारों को बनाया शिकार

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बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के करीब 2000 बेरोजगार युवाओं से मल्टीलेवल मार्केटिंग (एमएलएम) नेटवर्किंग के नाम पर लगभग चार करोड़ रुपये की ठगी के मामले की जांच अब साइबर क्राइम थाने को सौंप दी गई है। पुलिस आईटी एक्ट सहित सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। मामले का मुख्य आरोपी आजमगढ़ के मेंहनगर निवासी इंद्रजीत कुमार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम लगातार दबिश दे रही है। साथ ही उसके परिजनों और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं को कम समय में अधिक कमाई का सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। युवाओं से 20 से 30 हजार रुपये तक नकद जमा कराए जाते थे और उन्हें मात्र एक घंटे का प्रशिक्षण देकर हेल्थ प्रोडक्ट्स की बिक्री के लिए भेज दिया जाता था। इतना ही नहीं, उनसे नए सदस्यों को जोड़ने का भी दबाव बनाया जाता था ताकि नेटवर्क लगातार बढ़ता रहे। अधिकतर पीड़ित बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से थे, जिसके कारण वे स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराने में भी असमर्थ रहते थे। पुलिस के अनुसार पकड़े जाने के डर से संगठन नकद लेन-देन को प्राथमिकता देता था और बैंकिंग रिकॉर्ड से बचने की कोशिश करता था।

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 20 मई को हुआ, जब पुलिस ने सारनाथ क्षेत्र में दो स्थानों पर छापेमारी कर मल्टीलेवल मार्केटिंग के नाम पर चल रहे कथित ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 250 युवाओं को वहां से रेस्क्यू किया गया, जिन्हें बेहतर रोजगार और बड़ी कमाई का सपना दिखाकर जोड़ा गया था। मौके से कंपनी से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य संचालक इंद्रजीत कुमार फरार हो गया। पुलिस अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी का नेटवर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैला हुआ था और उसके साथ कौन-कौन लोग सक्रिय रूप से जुड़े थे।

इसी बीच वाराणसी में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एक शिक्षक से बीमा और म्यूचुअल फंड में निवेश के नाम पर 35 लाख रुपये ठग लिए गए। जालसाजों ने खुद को वित्तीय कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को पहले से किए गए निवेश पर भारी लाभ का लालच दिया और कई किश्तों में रकम ट्रांसफर करा ली। ठगों ने यहां तक दावा किया कि निवेश की गई राशि बढ़कर 90 लाख रुपये हो जाएगी। जब आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन, बैंक और पुलिस को दी गई है तथा साइबर सेल पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। इन दोनों घटनाओं ने बेरोजगारों और निवेशकों को निशाना बनाने वाले साइबर एवं वित्तीय अपराधों के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

भीषण गर्मी में EV बैटरी पर बढ़ता दबाव, जानिए क्यों घट जाती है रेंज और कैसे रखें वाहन सुरक्षित

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देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है और इसका असर अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रदर्शन पर भी दिखाई देने लगा है। भीषण गर्मी के दौरान कई ईवी मालिकों की शिकायत रहती है कि उनकी गाड़ी की रेंज कम हो जाती है, चार्जिंग की गति प्रभावित होती है और बैटरी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गर्म होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति पूरी तरह सामान्य है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक निश्चित तापमान सीमा में सबसे बेहतर प्रदर्शन करती हैं। जब बाहरी तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो बैटरी के अंदर भी गर्मी बढ़ने लगती है, जिससे उसकी कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।

गर्मी के मौसम में बैटरी को सुरक्षित रखने के लिए वाहन का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) सक्रिय हो जाता है और कूलिंग सिस्टम लगातार काम करता है। बैटरी को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे वाहन की कुल उपलब्ध ऊर्जा का एक हिस्सा इसी प्रक्रिया में खर्च हो जाता है। इसके अलावा एयर कंडीशनर का लगातार उपयोग भी बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डालता है। यदि वाहन को तेज गति से चलाया जाए या बार-बार फास्ट चार्जिंग की जाए, तो बैटरी का तापमान और अधिक बढ़ सकता है। यही कारण है कि गर्मियों में कई बार ईवी की ड्राइविंग रेंज सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखाई देती है, हालांकि यह किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं माना जाता।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्रतिशत रेंज कम होना पूरी तरह सामान्य है और इससे बैटरी की सेहत को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। तापमान सामान्य होने पर बैटरी का प्रदर्शन भी सामान्य स्तर पर लौट आता है। वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ईवी को यथासंभव छायादार स्थान पर पार्क करें और सीधी धूप में लंबे समय तक खड़ा न छोड़ें। जहां संभव हो, अच्छी वेंटिलेशन वाली पार्किंग का उपयोग करें। इसके अलावा बैटरी को बार-बार 100 प्रतिशत तक चार्ज करने से बचना चाहिए और चार्ज स्तर को 20 से 80 प्रतिशत के बीच बनाए रखना बेहतर माना जाता है, जिससे बैटरी की उम्र और प्रदर्शन दोनों बेहतर बने रहते हैं।

गर्मी के मौसम में फास्ट चार्जिंग का सीमित उपयोग करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। लंबी दूरी की यात्रा के तुरंत बाद वाहन को चार्जिंग पर लगाने के बजाय कुछ समय के लिए ठंडा होने देना चाहिए। वहीं, स्मूद ड्राइविंग, सही टायर प्रेशर बनाए रखना और अनावश्यक वजन कम रखना ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में मदद करता है। आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों में उपलब्ध प्री-कंडीशनिंग फीचर का उपयोग भी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह वाहन चलाने से पहले बैटरी और केबिन का तापमान नियंत्रित कर देता है। इन सावधानियों को अपनाकर भीषण गर्मी में भी इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को सुरक्षित रखा जा सकता है और उसकी रेंज तथा प्रदर्शन को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

खेलते-खेलते लापता हुई दो वर्षीय मासूम दलदल भरे पोखर में मिली, गांव के किशोर पर फेंकने का आरोप

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अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र स्थित नौगवां अर्जुनपुर गांव में एक दो वर्षीय बच्ची के अचानक लापता होने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना 28 मई की शाम की है, जब गांव निवासी अरुण कुमार के दो बच्चे, चार वर्षीय रोहित और दो वर्षीय ज्योति, गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास बने पार्क में खेल रहे थे। खेल के दौरान अचानक ज्योति वहां से गायब हो गई। काफी देर तक बच्ची का कोई पता न चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और पूरे गांव में उसकी तलाश शुरू कर दी गई। मासूम के अचानक गायब होने से परिवार के लोग बदहवास हो गए और हर संभावित स्थान पर उसकी खोजबीन की जाने लगी।

तलाश के दौरान जब परिजन और ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय के आसपास पहुंचे तो उनकी नजर पास स्थित एक गहरे और दलदल से भरे पोखर पर पड़ी। करीब 15 फीट गहरे इस पोखर में मासूम ज्योति पानी और कीचड़ के बीच जिंदगी के लिए संघर्ष करती दिखाई दी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बिना देर किए कुछ ग्रामीण पोखर में उतरे और काफी मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बच्ची को बाहर निकाल लेने से उसकी जान बच गई और परिवार ने राहत की सांस ली।

शुरुआत में ग्रामीण और परिजन इस घटना को एक दुर्घटना मान रहे थे, लेकिन अगले दिन मामले ने नया मोड़ ले लिया। बच्ची के दादा राकेश कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही एक किशोर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि किशोर ने जानबूझकर उनकी नातिन को उठाकर पोखर में फेंका था। परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हरकत हो सकती है। आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

रोरावर थाना पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि अब तक घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है और किसी ने भी बच्ची को पोखर में फेंकते हुए नहीं देखा है। इसके बावजूद पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों की आशंका और लगाए गए आरोपों की सत्यता जानने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था या फिर मासूम को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।

सूर्या हत्याकांड पर मायावती की प्रतिक्रिया, कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को दी चेतावनी

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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में छात्र सूर्या चौहान की हत्या की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद, चिंताजनक और समाज के लिए गंभीर संकेत बताया। मायावती ने कहा कि ऐसी घटनाएं लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, इसलिए शासन और प्रशासन को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी और कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि कानून का राज कायम रह सके।

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में प्रदेश में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा अपराध और हिंसा की घटनाओं पर समय रहते अंकुश लगाया जाना चाहिए। मायावती ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, वैसे-वैसे ऐसी घटनाओं के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव भी बढ़ सकते हैं। इसलिए सरकार को पूरी तरह सतर्क रहकर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

यह मामला गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी का है, जहां बकरीद के दिन 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, आरोपी असद ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर पहले सूर्या को बातचीत के बहाने रोका। शिकायत में कहा गया है कि असद ने सूर्या से पूछा कि क्या उसने कभी बकरा हलाल होते देखा है। सूर्या द्वारा मना करने और वहां से जाने की कोशिश करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान असद ने चाकू निकालकर सूर्या के पेट में वार कर दिया।

घटना के बाद घायल सूर्या जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण रास्ते में गिर पड़ा। आरोप है कि हमलावरों ने उसका पीछा किया और उस पर दोबारा हमला किया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

खराब मौसम के कारण लखनऊ डायवर्ट हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट, यात्रियों की नाराजगी के बाद वैकल्पिक व्यवस्था से दिल्ली रवाना

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शुक्रवार देर रात पुणे से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-1231 को दिल्ली में अचानक खराब मौसम और उड़ान संचालन प्रभावित होने के कारण लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा। विमान रात करीब 9:40 बजे लखनऊ पहुंचा। फ्लाइट में कुल 166 यात्री सवार थे, जिन्हें उम्मीद थी कि मौसम सामान्य होने के बाद विमान दिल्ली के लिए रवाना कर दिया जाएगा। हालांकि मौसम संबंधी चुनौतियों और संचालन संबंधी बाधाओं के चलते यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब एयरलाइन ने यात्रियों को बताया कि विमान के क्रू सदस्यों की निर्धारित ड्यूटी अवधि पूरी हो चुकी है। विमानन सुरक्षा नियमों के अनुसार पायलट और केबिन क्रू निर्धारित कार्य अवधि से अधिक समय तक ड्यूटी नहीं कर सकते, इसलिए एयरलाइन ने उड़ान को रद्द करने का निर्णय लिया। इस घोषणा के बाद कई यात्रियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और एयरपोर्ट परिसर में हंगामे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। यात्रियों का कहना था कि उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी।

यात्रियों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस और एयरपोर्ट प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत कर उन्हें उड़ान रद्द होने के कारणों की जानकारी दी और जल्द से जल्द वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद एयरलाइन ने यात्रियों के लिए दूसरी उड़ानों में सीटों की व्यवस्था शुरू की, जिससे धीरे-धीरे माहौल सामान्य हो गया और यात्रियों को राहत मिली।

एयरलाइन की ओर से की गई व्यवस्था के तहत 166 यात्रियों में से 154 यात्रियों को रात 1:14 बजे एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-2073 से दिल्ली भेजा गया। वहीं शेष 12 यात्रियों को शनिवार सुबह 7:55 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट आईएक्स-1767 में टिकट उपलब्ध कराकर रवाना किया गया। एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता और यात्रा संबंधी सुविधाएं प्रदान की गईं। इस घटना ने एक बार फिर खराब मौसम के कारण विमान संचालन पर पड़ने वाले प्रभाव और सुरक्षा नियमों के महत्व को सामने ला दिया।