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Saturday, June 20, 2026
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NEET धांधली के विरोध में कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा, पीएम और शिक्षा मंत्री का जलाया पुतला

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मोतिहारी: बिहार के मोतिहारी में नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार (central government) की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के प्रमुख कचहरी चौक पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और चरमराई बेरोजगारी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।

​प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि भूषण राय (गप्पू राय) ने किया। इस दौरान भारी संख्या में कांग्रेस नेता और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शशि भूषण राय ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में पेपर लीक होना सरकार की घोर लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम है जिससे देश के लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

​कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा बेरोजगारी और महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और दूसरी तरफ सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने में लगी है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नीट धांधली के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी इस आंदोलन को और उग्र करेगी।

प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा बचाओ भविष्य बचाओ के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार को युवा विरोधी बताया। ​इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता युवा कांग्रेस के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय छात्र शामिल हुए।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक केंद्र सरकार को घेरती रहेगी। मोतिहारी की इस घटना ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक का मुद्दा अब एक बड़ा जन-आंदोलन बनने की दिशा में अग्रसर है जो केंद्र सरकार के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

 

महाराष्ट्र के हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन मारुति मंदिर का छज्जा गिरा, 30 से 40 लोग मलबे में दबे

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परभणी: महाराष्ट्र (Maharashtra) के परभणी स्थित यशवाड़ी हनुमान मंदिर (Yashwadi Hanuman Temple) में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के गर्भगृह के सामने निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शनिवार को भीड़ अधिक थी। इस दुर्घटना में 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जबकि आशंका जताई जा रही है कि 30 से 40 लोग मलबे में फंस गए हैं।

यहां निर्माणाधीन हनुमान मंदिर का स्लैब अचानक ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे में 8 से 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं 30 से 40 लोग मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक पांच से छह श्रद्धालुओं के शव मलबे के नीचे से बरामद किए जाने की सूचना मिल रही है। मंदिर परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था, हालांकि शनिवार को ज्यादा भीड़ होने के कारण काम बंद रखा गया था। इसके बावजूद श्रद्धालु उसी क्षेत्र में मौजूद थे, तभी करीब 15 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा स्लैब अचानक गिर पड़ा।

युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को उपचार के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचीं 84 शिकायतें, तीन मामलों का मौके पर निस्तारण

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फर्रुखाबाद। जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को तहसील सदर का सम्पूर्ण समाधान दिवस ऑफिसर्स क्लब, फतेहगढ़ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कानपुर परिक्षेत्र के उप पुलिस महानिरीक्षक ने की। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। कुल 84 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सर्वाधिक 40 मामले राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इसके अलावा पुलिस विभाग की 18, विद्युत विभाग की 5, विकास विभाग की 4, चकबंदी विभाग की 1, चिकित्सा विभाग की 3, लोक निर्माण विभाग की 1 तथा अन्य विभागों से संबंधित 12 शिकायतें प्राप्त हुईं।

अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए तीन मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि उनका स्थायी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर स्थलीय निरीक्षण एवं संयुक्त जांच कर समस्याओं का समाधान किया जाए।

उप पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक मामले पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान और सुशासन की प्रभावी व्यवस्था है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिला स्तरीय अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों, तहसील प्रशासन, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर शिकायतों के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की।

बंद माकन को चोरो ने बनाया निशाना, लाखों के जेवरात और नगदी पार, शादी समारोह में गया था परिवार

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वाराणसी: यूपी के वाराणसी (Varanasi) में रामनगर थाना क्षेत्र के सुजाबाद बंधा रोड स्थित एक बंद मकान (locked house) में चोरों ने वारदात को अंजाम देते हुए लाखों के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। घटना उस समय हुई जब मकान मालिक अपने पूरे परिवार के साथ रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गए थे। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है, जल्द ही चोरी का खुलासा करने की बात कह रही है।

जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद शुक्रवार की शाम परिवार सहित चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव स्थित अपनी बुआ के घर बहन की शादी में शामिल होने गए थे। शनिवार सुबह जब परिवार घर लौटा और मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया तो घर का सामान बिखरा पड़ा मिला। चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर में प्रवेश किया। इसके बाद घर में रखे चांदी छोड़ सोने के आभूषण और हजारों रुपये नकद चोरी कर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा, सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है घटना सन्धिगध हैं। मामले के खुलासे के लिए टीमों को लगाया गया है और जल्द ही चोरी की घटना का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

 

NEET पेपर लीक विवाद पर कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) ने आज राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर अपना दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके मंच पर महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें लेकर पहुंचे। प्रदर्शन स्थल पर NEET पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के पोस्टर भी लगाए गए।

CJP का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा है। इससे पहले शुक्रवार को अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की थी कि नीट मामले से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग दोहराई।

प्रदर्शन से पहले, शुक्रवार को CJP के अभिजीत दिपके ने समर्थकों से ‘थाली’ और ‘चम्मच’ साथ लाने को कहा। उन्होंने इसकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से की जो उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान बर्तन बजाने के लिए की थी। संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिपके ने कहा, “जंतर-मंतर पर कल होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी ‘कॉकरोच’ अपने साथ एक थाली और एक चम्मच ज़रूर लाएं। बाकी कहानी तो आप जानते ही हैं।” थाली और चम्मच लाने की इस अपील को मार्च 2020 में मोदी की उस अपील से जोड़कर देखा गया, जिसमें लोगों से कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी बालकनी से ताली बजाने और बर्तन खड़खड़ाने के लिए कहा गया था।

इस बार संगठन ने इसे सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि देश का मौजूदा माहौल युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर असर डाल रहा है। उनका दावा है कि री-एग्जाम के बावजूद छात्रों के कथित आत्महत्या के मामले रुक नहीं रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि समस्या की जड़ कहीं और है।

एक प्रदर्शनकारी ने NEET परीक्षा रद्द होने के मामले में जवाबदेही की मांग की और पूछा कि सरकार खुद परीक्षा क्यों नहीं करा सकती, बजाय इसके कि इसे किसी ऐसी एजेंसी को सौंप दे जो किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है। JNU में PhD स्कॉलर, 32 साल के रणविजय ने कहा, “सरकार ने री-NEET का पेपर एयरलिफ्ट करने से लेकर टेलीग्राम पर बैन लगाने तक, अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है। इसमें टैक्स देने वालों का बहुत सारा पैसा खर्च हो रहा है।”

अभिजीत दीपके ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश का मौजूदा माहौल युवाओं के जीवन और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है। दीपके के अनुसार, री-एग्जाम के बावजूद कथित तौर पर छात्रों के आत्महत्या के मामले रुक नहीं रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि समस्या केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी सामाजिक और मानसिक चुनौतियां भी हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के हफ्तों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 5 मामले पिछले 48 घंटों में सामने आए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा होने को लेकर बनी अनिश्चितता से छात्रों में तनाव और बढ़ा है। अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार से प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता देने की अपील की है। उनका कहना है कि कई परिवारों ने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भारी एजुकेशन लोन लिया था, और ऐसे हालात में किसी भी नुकसान का असर उनके पूरे भविष्य पर पड़ता है।

अलम के जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहा जरी का ताजिया, अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़

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फर्रुखाबाद। मुहर्रम के अवसर पर शनिवार को शहर के मोहल्ला गढ़ी अब्दुल मजीद खां स्थित इमामबाड़े से जरी के ताजिये का भव्य जुलूस निकाला गया। मातमी धुनों, बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के बीच निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सुसज्जित जरी का ताजिया पूरे जुलूस का प्रमुख आकर्षण बना रहा, जिसे देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
मोहम्मद शब्लू की देखरेख में निकाले गए इस जुलूस का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। गढ़ी अब्दुल मजीद खां दरीबा पश्चिम स्थित आस्ताना-ए-वारिस पाक पर खादिम अनीसा बेगम वारसी, मोहम्मद फहीम वारसी और मोहम्मद वारिस वारसी ने फूल-मालाएं पहनाकर जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान “नारा-ए-तकबीर अल्लाह हू अकबर”, “नबी का दामन नहीं छोड़ेंगे” तथा “नारा-ए-हैदरी या अली” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
चार पहिया ठेली पर रखकर निकाले गए जरी के ताजिये को रंग-बिरंगी ट्यूबलाइटों और झिलमिलाती रोशनियों से विशेष रूप से सजाया गया था। ताजिये की भव्यता और कलात्मक सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। जुलूस में महिलाओं, बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी पूरे समय मौजूद रहे।
इमामबाड़े पर सुबह आठ बजे से कुरानखानी का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की याद में इबादत की और उनके बलिदान को याद करते हुए श्रद्धा व्यक्त की। ताजिये के दर्शन के लिए दूर-दराज के मोहल्लों और क्षेत्रों से लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहा।
जरी का ताजिया जुलूस नाला मसरत्ता, नाला फिदाई खां, गुदड़ी, पक्का पुल चौराहा, किराना बाजार, नेहरू रोड, घुमना, कोतवाली रोड, सुत्तहटी रोड और साहबगंज चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने जुलूस का स्वागत किया और शांति एवं सौहार्द का परिचय दिया।
जुलूस का समापन गढ़ी अब्दुल मजीद खां स्थित इमामबाड़े पर हुआ, जहां हजरत इमाम हुसैन की नजर-ओ-नियाज दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में देश और समाज में अमन, भाईचारे तथा खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। मुहर्रम के इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की।