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Wednesday, May 13, 2026
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झारखंड में ट्रिपल मर्डर: घर में ही बैठा रहा आरोपी, भविष्य की चिंता में की तीन हत्या

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जमशेदपुर: झारखंड (Jharkhand) की जमशेदपुर जिले से ट्रिपर मर्डर (Triple murder) की वारदात सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी पत्नी, गर्भवती बेटी और बेटे की धारदार हथियार और हथौड़े से हत्या कर दी। जमशेदपुर में टाटा स्टील से रिटायर रवींद्र प्रसाद सिंह (60) ने अपनी पत्नी सरिता सिंह (55), तीन माह की गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह (32) और बेटे रविशेक सिंह (30) की कुल्हाड़ी और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सिद्धगोड़ा थाने की पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंच गई। हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने की बजाय घर पर ही बैठे रहा।

जानकारी के अनुसार, ट्रिपल मर्डर की यह वारदात जमशेदपुर जिले के सिद्धगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको रोड नंबर 2 स्थित क्वार्टर संख्या एल-5/13 की है। मृतकों में टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंदर सिंह की लगभग 55 साल की पत्नी सरिता सिंह, उनका बेटा रवि सिंह और लगभग तीन माह की गर्ववती बेटी सुप्रिया सिंह शामिल है।

मृतक सुप्रिया की शादी 6 महीने पहले ही हुई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसी साल फरवरी में रविंद्र सिंह टाटा स्टील से रिटायर्ड हुए थे। हत्या करने के बाद आत्मग्लानि होने पर आत्महत्या की कोशिश की। इस मामले में हुई प्रारंभिक जांच और परिवार वालों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद रवींद्र सिंह को भविष्य की चिंता सता रही थी।

घटना के बाद आरोपी रवींद्र प्रसाद सिंह की बड़ी बेटी प्रिया दिल्ली से जमशेदपुर पहुंची। उसने बताया कि पिता रिटायरमेंट के बाद भविष्य को लेकर चिंतित थे। वे घर बनाना चाहते थे और छोटे भाई रविशेक की शादी को लेकर भी चितिंत थे। उनका वजन दो माह में 10 किलोग्राम से कम भी हो गया था। दो दिनों पूर्व उन्हें डॉक्टर के पास भी ले जाया गया था।

सोमवार सुबह करीब 6 बजे रविंद्र सिंह ने अपनी बेटी, बेटे और पत्नी की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। आश्चर्यजनक बात यह है कि ट्रिपल मर्डर की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रविंद्र सिंह भागने के बजाय घर में ही बैठे रहा। सुबह काफी देर होने के बाद भी रविंद्र सिंह के घर में कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को स्थिति कुछ संदिग्ध लगी।

रविंद्र सिंह के क्वार्टर में चोरों तरफ खून ही खून फैला हुआ था, साथ ही वहां परिवार के सदस्यों की लाशें पड़ी थीं। पड़ोसियों की सूचना पर सिद्धगोड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मौके पर पहुंची FSL की टीम ने सभी सबूतों को एकत्रित करने के बाद तीनों शवों पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बेटा-बेटी का शव अलग-अलग कमरे में, जबकि पत्नी का शव किचन में खून से लथपथ पड़ा था।

सिटी एसपी ललित कुमार मीणा ने बताया कि रवींद्र सिंह मानसिक रूप से बीमार है। उसे लगातार यह डर सताता था कि उसकी मृत्यु के बाद परिवार की देखभाल कौन करेगा। इसी मानसिक विकृति में उसने पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या कर दी।

दिल्ली में AC और RO ठीक करने के बहाने घर-घर घंटी बजाकर लूटपाट करनेवाला आरोपी गिरफ्तार

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के केशव पुरम और पीतमपुरा इलाके में एक नकली मैकेनिक ने लोगों में डर का माहौल बना दिया है। आरोपी खुद को AC और RO मैकेनिक बताकर घरों में घुसने की कोशिश करता था और मौका मिलते ही लूटपाट और हमला कर देता था। पुलिस ने बुधवार को एक आरोपी को गिरफ्तार (arrested) कर लिया है, जिसकी पहचान अजय बग्गा के रूप में हुई है।

दिल्ली के केशवपुरम और पीतमपुरा इलाके में खुद को एसी और आरओ मैकेनिक बताकर लोगों के घरों में घुसने और वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली के पीतमपुरा और केशवपुरम इलाके में पिछले कुछ दिनों से एक संदिग्ध व्यक्ति ने लोगों के बीच भय का माहौल बना दिया था। हाथ में दरांती जैसा हथियार रखा बैग और चेहरे पर सामान्य भाव लिए यह व्यक्ति दिनदहाड़े कॉलोनियों में घूमता, घरों की घंटियां बजाता और मौका मिलने पर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करता था।

आरोपी की तस्वीरें कई सीसीटीवी कैमरों में कैद हुईं, लेकिन वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से दूर बना हुआ था। अब दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 55 वर्षीय अजय बग्गा के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर आरोपी का CCTV वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के लोग दहशत में आ गए थे। वीडियो में आरोपी बैग लेकर घर-घर घूमता और डोरबेल बजाता दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि उसके बैग में धारदार हथियार रहता था, आरोपी खासतौर पर दोपहर के समय उन घरों को निशाना बनाता था, जहां महिलाएं या बुजुर्ग अकेले होते थे।

बीते कुछ दिनों में बग्गा के कई सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने अजय बग्गा को गिरफ्तार कर लिया।

बीते 8 मई को केशवपुरम इलाके में हुई घटना के बाद लोगों में डर और बढ़ गया था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कई घरों की घंटियां बजाते हुए दिखाई दिया, जब किसी घर से जवाब नहीं मिला तो वह दूसरी मंजिल पर स्थित एक मकान तक पहुंच गया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष आरके गुलाटी के अनुसार, आरोपी ने सी-3 ब्लॉक में छह से आठ घरों की घंटियां बजाईं थीं। राहत की बात यह रही कि वह किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सका। एक महिला ने दरवाजा खोला जरूर था, लेकिन शक होने पर तुरंत बंद कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि यह उसकी पहली वारदात नहीं थी। इससे पहले 21 अप्रैल को पीतमपुरा के मौर्य एन्क्लेव इलाके में भी इसी तरह की घटना हुई थी। आरोप है कि आरोपी एक परिचित के घर में दाखिल हुआ और वहां मौजूद एक किशोर को धारदार हथियार दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद वह करीब चार लाख रुपये नकद और लगभग 25 लाख रुपये के सोने के गहने लूटकर फरार हो गया था।

पुलिस ने बुधवार को बताया कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसने कथित तौर पर उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के केशव पुरम और पीतमपुरा इलाके में रहने वाले लोगों को लूटने के लिए AC और RO मैकेनिक होने का नाटक किया था। आरोपी की पहचान अजय बग्गा के रूप में हुई है।

तेल संकट पर योगी सरकार सख्त: मंत्रियों-अफसरों की विदेश यात्राओं पर छह माह तक रोक जैसी सलाह

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कार पूलिंग, मेट्रो और साइकिल अपनाने के निर्देश

लखनऊ। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते तेल संकट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अगले छह महीने तक गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुई पहली बैठक में साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन बचत केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों को खुद उदाहरण पेश करना होगा। योगी ने मंत्रियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह किया। साथ ही अपने सरकारी काफिलों और वाहनों की संख्या आधी करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, साझा वाहन व्यवस्था और साइकिल जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए ताकि अनावश्यक यात्राएं कम हों और ईंधन की बचत हो सके। अंतरजनपदीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विधानमंडल समितियों की बैठकों को भी मिश्रित यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन व्यवस्था में आयोजित करने पर बल दिया गया।

योगी सरकार ने सरकारी दफ्तरों में बिजली बचत को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने को कहा गया है। साथ ही लिफ्ट के सीमित उपयोग और प्राकृतिक रोशनी के अधिक इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी दिया गया।

मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और पाइप प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक आयोजनों में फिजूलखर्ची कम करने, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के सामानों को उपहार के रूप में इस्तेमाल करने की अपील की।

बैठक में योगी आदित्यनाथ ने नए मंत्रियों का परिचय कराते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सबसे ज्यादा होती है और जनता सरकार का मूल्यांकन उनके व्यवहार और कार्यशैली के आधार पर करती है। सरकार के इस फैसले को बढ़ते ईंधन संकट के बीच प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के नियंत्रित उपयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजनीति के शोर में टूट गया एक भाई… अखिलेश की आंखों में दिखा दर्द

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सत्ता के गलियारों में अक्सर चेहरे मजबूत दिखाई देते हैं। मंचों पर भाषण देने वाले नेता, हजारों की भीड़ को संबोधित करने वाले राजनेता और हर संकट में संयमित दिखने वाले चेहरे शायद भीतर से कितने टूटे होते हैं, यह बहुत कम लोग देख पाते हैं। लेकिन बुधवार को लखनऊ में एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने राजनीति की कठोर दुनिया के पीछे छिपे एक भाई के दर्द को सबके सामने ला दिया।

अखिलेश यादव जब अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर के सामने पहुंचे, तो उनकी आंखों में सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि एक टूट चुका भाई दिखाई दे रहा था। वर्षों तक संघर्ष, सत्ता और विपक्ष की राजनीति झेलने वाला यह चेहरा उस क्षण पूरी तरह भावनाओं में डूबा हुआ था।

भाई का रिश्ता दुनिया के सबसे खामोश लेकिन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक माना जाता है। बचपन की शरारतों से लेकर परिवार की जिम्मेदारियों तक, भाई अक्सर बिना शब्दों के एक-दूसरे की ताकत बन जाते हैं। मुलायम सिंह यादव के बड़े राजनीतिक परिवार में भी प्रतीक यादव हमेशा अपेक्षाकृत शांत और राजनीति से दूर रहने वाले सदस्य माने गए। लेकिन दूरी कभी रिश्तों की गहराई तय नहीं करती। यही कारण था कि प्रतीक के निधन की खबर ने अखिलेश यादव को भीतर तक तोड़ दिया।

जो लोग उस क्षण मौजूद थे, उनके मुताबिक अखिलेश यादव लंबे समय तक भाई के पार्थिव शरीर के पास खड़े रहे। आंखें नम थीं, चेहरा दर्द से भरा था और आसपास मौजूद हर व्यक्ति उस पीड़ा को महसूस कर रहा था। राजनीति में विरोधी हो सकते हैं, विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन एक भाई का दर्द हर सीमा से बड़ा होता है।

यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार के शोक की नहीं, बल्कि उस मानवीय सच की भी है कि सत्ता, प्रसिद्धि और राजनीतिक ताकत भी जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा के सामने बेबस हो जाती है। जो व्यक्ति लाखों लोगों के लिए उम्मीद और संघर्ष का चेहरा हो, वह भी अपने भाई को खोने के बाद उतना ही असहाय हो जाता है जितना कोई सामान्य इंसान।

प्रतीक यादव भले राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन परिवार के भीतर उनकी मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती थी। फिटनेस और निजी जीवन में रहने वाले प्रतीक का इस तरह अचानक चले जाना हर किसी को स्तब्ध कर गया।राजनीतिक बयान, आरोप और चर्चाएं समय के साथ बदल जाएंगी, लेकिन एक भाई की आंखों से निकले आंसू इतिहास में हमेशा दर्ज रहते हैं। क्योंकि कुछ रिश्ते राजनीति से नहीं, दिल से चलते हैं।

सीएम योगी की अपील- वर्क फ्रॉम होम लागू करें, सार्वजनिक साधनों का प्रयोग करें जनप्रतिनिधि

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लखनऊ: पीएम मोदी (PM Modi) की अपील के बाद प्रदेश में इसका असर दिखने लगा है। सीएम योगी (CM Yogi) ने बैठक में अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि को ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए प्रदेश स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए।

सीएम ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप सहित अन्य सरकारी बैठकों का आयोजन यथासंभव वर्चुअल माध्यम से किया जाए. राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों का आयोजन भी वर्चुअल माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुपालन के लिए हमें तत्परता के साथ आगे आना होगा। ईंधन की खपत कम करें. मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। साथ ही, सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए।

बता दें कि सीएम योगी ने मंगलवार को भी एक बैठक ली थी, जिसमें उन्होंने ईंधन की खपत कम करने और प्रधानमंत्री के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकारी भवनों, घरों, निजी प्रतिष्ठानों आदि में अनावश्यक बिजली का प्रयोग न हो। उन्होंने प्रदेशवासियों से विद्युत बचाने की अपील की, साथ ही उन्होंने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को प्रोत्साहित किया जाए. सीएम ने प्रदेश में ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनावश्यक सोने की खरीद न करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन, व्यापारियों आदि के साथ भी बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करे। इसके अलावा योगी ने मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनावश्यक सोने की खरीद न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन, व्यापारियों आदि के साथ भी बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करे। इसके अलावा योगी ने कार्यालयों में AC तापमान 24 से 26 डिग्री रखने के निर्देश भी दिया है।

 

सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद को एक साल का एक्सटेंशन

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नई दिल्ली।प्रवीन सूद का कार्यकाल केंद्र सरकार ने एक साल के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के बाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह है कि कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने ठीक एक दिन पहले ही सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए पत्र लिखा था, जिसके बाद अब इस विस्तार को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद विपक्षी दल सरकार की मंशा पर सवाल उठा सकते हैं। कांग्रेस पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है। ऐसे में प्रवीण सूद को मिला यह विस्तार आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

प्रवीण सूद मई 2023 में सीबीआई निदेशक नियुक्त किए गए थे। वह कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे हैं और कानून-व्यवस्था तथा जांच एजेंसियों में लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच सीबीआई के हाथ में रही, जिन पर लगातार राजनीतिक बहस होती रही।

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने प्रशासनिक निरंतरता और लंबित संवेदनशील मामलों की निगरानी को देखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि विपक्ष इसे अलग नजरिए से देख रहा है। राहुल गांधी पहले ही चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का मुद्दा उठा चुके हैं।