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Thursday, July 2, 2026
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EC ने ममता और ऋतब्रत बनर्जी गुट को भेजा नोटिस, 6 जुलाई तक मांगा जवाब

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के भीतर चल रहे नेतृत्व विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। चुनाव आयोग (ECI) ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और बगावती नेता ऋतब्रता बनर्जी (Ritabrata Banerjee) को नोटिस जारी कर संगठनात्मक संरचना और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को लेकर किए गए परस्पर विरोधी दावों पर स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने दोनों पक्षों को सोमवार, 6 जुलाई, शाम 5:30 बजे तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर मतभेद लगातार गहराते जा रहे हैं। ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट पार्टी के संगठन और चुनाव चिह्न पर वैध अधिकार का दावा कर रहा है। इसी विवाद को देखते हुए चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से आधिकारिक जवाब मांगने का फैसला किया है।

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने चुनाव आयोग द्वारा अलग गुट से बातचीत किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऋतब्रता बनर्जी को पहले ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है, इसलिए उन्हें पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि निष्कासित नेता के नेतृत्व वाले समूह को आयोग के समक्ष सुनवाई का अवसर देना उचित नहीं है और उनकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल हैं।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी बगावती गुट को अवैध बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार केवल पार्टी का अधिकृत प्रतिनिधि या नामित हस्ताक्षरकर्ता ही आयोग को पत्र लिख सकता है या आधिकारिक बैठक कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्कासित सदस्य के नेतृत्व वाला समूह पार्टी की ओर से कोई वैध दावा नहीं कर सकता।

वहीं, ऋतब्रता बनर्जी ने 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग की बेंच से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी और उन्हें निष्पक्ष सुनवाई मिलने पर संतोष है।

अब सभी की निगाहें 6 जुलाई पर टिकी हैं, जब दोनों पक्ष चुनाव आयोग के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद आयोग यह तय कर सकता है कि पार्टी की अधिकृत संगठनात्मक संरचना और प्रतिनिधित्व को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएं। यह मामला आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और टीएमसी के भविष्य के लिए अहम साबित हो सकता है। समयऔर कैलेंडर

 

आज का राशिफल | 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार)

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मेष: आज आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अनियमित खानपान से बचें। शुभ रंग: लाल, शुभ अंक: 9।

वृषभ: आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। शुभ रंग: सफेद, शुभ अंक: 6।

मिथुन: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी वाणी और व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे। मित्रों से मुलाकात होगी। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग हैं। यात्रा लाभदायक रहेगी। शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 5।

कर्क: भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। खर्चों पर नियंत्रण रखें। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। नौकरी में प्रदर्शन बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें। शुभ रंग: सफेद, शुभ अंक: 2।

सिंह: आज सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। युवाओं को करियर में नई दिशा मिल सकती है। शुभ रंग: सुनहरा, शुभ अंक: 1।

कन्या: कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है। शुभ रंग: हरा, शुभ अंक: 5।

तुला: भाग्य का साथ मिलेगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शुभ रंग: गुलाबी, शुभ अंक: 6।

वृश्चिक: धैर्य और संयम बनाए रखें। विवादों से दूर रहना बेहतर होगा। व्यापार में सामान्य लाभ मिलेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। शुभ रंग: लाल, शुभ अंक: 9।

धनु: नौकरी और व्यापार में उन्नति के योग हैं। नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 3।

मकर: मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। कार्यस्थल पर नई उपलब्धि मिल सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। शुभ रंग: नीला, शुभ अंक: 8।

कुंभ: रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। युवाओं को करियर के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। निवेश में लाभ मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। शुभ रंग: आसमानी, शुभ अंक: 4।

मीन: दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय न लें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की सलाह लाभदायक होगी। व्यापार में सामान्य लाभ रहेगा। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान करें। शुभ रंग: पीला, शुभ अंक: 7।

विशेष: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार फलादेश भिन्न हो सकता है।
– यूथ इंडिया

सीरिया: दमिश्क में हुआ बम धमाका, कॉफी शॉप के अंदर हुए भीषण धमाके में 5 लोगों की मौत, 16 घायल

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दमिश्क: सीरिया (Syria) की राजधानी दमिश्क (Damascus) के एक कैफे में हुए भीषण धमाके में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 घायल हुए। यह घटना अल-हिजाज इलाके में, पैलेस ऑफ जस्टिस से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हुई, जो सीरियाई न्यायिक प्रणाली की मुख्य अदालतों का मुख्यालय है। फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है और न हीं घटना के पीछे के आधिकारिक कारणों का पता चल पाया है।

संदिग्ध व्यक्ति अल-हिजाज इलाके में एक भीड़भाड़ वाले कैफे में घुसा, और सने मेज के नीचे एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण रख दिया। दमिश्क के अल-हिजाज जिले में गुरुवार (2 जुलाई, 2026) को एक बड़े बम धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 10 अन्य घायल हो गए हैं। सीरिया की राजधानी दमिश्क में गुरुवार को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बम से बड़ा धमाका हो गया।

सीरिया के गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि राजधानी दमिश्क के अल-हिजाज इलाके में एक कैफे में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा इकाइयों ने मौके पर जांच और जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। इराक की सरकारी मीडिया सना न्यूज ने बताया कि विस्फोट में मारे गए 5 लोगों और अन्य 10 घायलों को अल-मुज्ताहिद अस्पताल में ले जाया गया है, जबकि एक अन्य घायल को सीरियन रेड क्राइसेंट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दमिश्क के गवर्नर माहेर मारवां ने इस विस्फोट की निंदा करते हुए इसकी कड़ी आलोचना भी की है। उन्होंने कहा, ‘जब तक सीरिया एकजुट है, तब तक इस तरह के हमले देश को कमजोर नहीं कर सकते हैं। दमिश्क की अल-नसर स्ट्रीट स्थित एक कैफे जो जस्टिस पैलेस और ऐतिहासिक हमीदिया बाजार के पास हैं। यह कैफे केंद्रीय कोर्ट के पास होने के कारण यहां हमेशा लोगों की भीड़ रहती है।

 

 

 

भारत–जापान की बढ़ती निकटता और चीन की बेचैनी

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शरद कटियार

भारत और जापान के संबंध पिछले एक दशक में केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि अब वे सामरिक, रणनीतिक और वैश्विक कूटनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। ऐसे समय में जब जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भारत दौरे के दौरान “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” की अवधारणा का खुलकर समर्थन किया, चीन की तीखी प्रतिक्रिया स्वाभाविक मानी जा सकती है। यह घटनाक्रम केवल एक बयान का विवाद नहीं, बल्कि एशिया में बदलते शक्ति संतुलन का संकेत भी है।

‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ की अवधारणा का मूल उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून, समुद्री सुरक्षा, निर्बाध व्यापार, नौवहन की स्वतंत्रता और सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करना है। भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इसे क्षेत्रीय स्थिरता और संतुलन के लिए आवश्यक मानते हैं। दूसरी ओर, चीन इसे अपने बढ़ते प्रभाव को सीमित करने की रणनीति के रूप में देखता है।

जापानी प्रधानमंत्री का यह कहना कि हिंद-प्रशांत किसी एक देश के प्रभुत्व का क्षेत्र नहीं होना चाहिए, वस्तुतः एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय सोच को प्रतिबिंबित करता है। आज विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं चाहती हैं कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, व्यापार बिना किसी दबाव के संचालित हो और छोटे-बड़े सभी देशों को समान अवसर मिलें। यह विचार किसी एक राष्ट्र के विरुद्ध नहीं, बल्कि नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के पक्ष में है।

चीन की आपत्ति भी उसकी रणनीतिक चिंताओं से जुड़ी है। दक्षिण चीन सागर, ताइवान और पूर्वी चीन सागर को लेकर पहले से ही चीन के पड़ोसी देशों के साथ मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में यदि भारत और जापान जैसे प्रभावशाली लोकतांत्रिक देश क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करते हैं, तो बीजिंग इसे अपने प्रभाव क्षेत्र के लिए चुनौती के रूप में देखता है।

भारत की विदेश नीति लंबे समय से रणनीतिक संतुलन पर आधारित रही है। भारत किसी सैन्य गुट का हिस्सा बने बिना अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। जापान के साथ भी भारत का संबंध केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बुलेट ट्रेन, आधारभूत संरचना, निवेश, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला जैसे अनेक क्षेत्रों में गहरा सहयोग विकसित हो चुका है।

चीन की प्रतिक्रिया यह भी दर्शाती है कि एशिया की भू-राजनीति तेजी से बदल रही है। आने वाले वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में विभिन्न देशों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग की भी आवश्यकता होगी।

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक साझेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखे। मजबूत कूटनीति का अर्थ किसी के विरोध में खड़ा होना नहीं, बल्कि अपने हितों की रक्षा करते हुए नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करना है।

स्पष्ट है कि भारत-जापान की बढ़ती साझेदारी केवल द्विपक्षीय संबंधों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस नए एशिया की तस्वीर भी है, जहां शक्ति का केंद्र बदल रहा है और देशों के बीच साझेदारी नए वैश्विक समीकरण तय कर रही है। ऐसे दौर में संवाद, कूटनीति और पारस्परिक सम्मान ही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का सबसे प्रभावी मार्ग हो सकते हैं।

दिव्यांगजनों को बड़ी सौगात: आश्रय गृहों में अनुदान ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह

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हर जिले में लगेंगे सहायक उपकरण शिविर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए दिव्यांगजनों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मुख्यमंत्री ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और ‘हाफ वे होम’ में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति व्यक्ति मासिक अनुदान राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की घोषणा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। ऐसे में उन्हें पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आश्रय गृहों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित अन्य सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने श्रवण बाधित बच्चों की शीघ्र पहचान कर उनका समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट कराने तथा उपचार के बाद समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक सुविधाएं और बाधारहित वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक और शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिन्होंने भगवान को नहीं छोड़ा, पर्ची खोली तो मुझे भी निपटा देंगे : धीरेंद्र शास्त्री

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अयोध्या। राम मंदिर के दान पात्र से चढ़ावा चोरी के मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चुप रहने को लेकर लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन “जिन्होंने भगवान को नहीं छोड़ा, वे हमें क्या छोड़ेंगे।” उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने इस मामले में “पर्ची खोलकर नाम बता दिए तो उन्हें भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश में कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि “भारत का कानून मकड़ी के जाले की तरह है, जिसमें छोटे लोग फंस जाते हैं और बड़े लोग आसानी से निकल जाते हैं।” उनका कहना था कि अब तक इस मामले में किसी बड़े जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा, “लोग पूछते हैं कि पर्ची क्यों नहीं खोलते? अगर हमने पर्ची खोल दी तो आज नहीं तो कल हमें भी निपटा देंगे। फिर हम किसी और का नाम भी नहीं बता पाएंगे। इसलिए अभी चुप रहना ही बेहतर है।राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान अब राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जबकि इस पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।