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Saturday, March 28, 2026
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गैस संकट से हाहाकार, सिलेंडर पहुंचते ही उमड़ी भीड़, पुलिस की मौजूदगी में हुआ वितरण

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अमेठी
जनपद में गैस सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तीन दिनों तक आपूर्ति बाधित रहने के बाद जब इंडेन गैस एजेंसी पर सिलेंडर पहुंचे, तो सैकड़ों उपभोक्ताओं की भीड़ एकत्र हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, अमेठी में पिछले कई दिनों से घरेलू गैस की कमी बनी हुई है। कुछ एजेंसियों पर सीमित संख्या में सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर लोगों को कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। विशेष रूप से अमेठी कस्बे की इंडेन गैस एजेंसी पर तीन दिनों से गैस की आपूर्ति नहीं हुई थी, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।

गैस की कमी के चलते लोग रात से ही एजेंसी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो रहे थे, ताकि सिलेंडर मिल सके। शुक्रवार को जब तीन दिन बाद सिलेंडर से भरी गाड़ी एजेंसी पर पहुंची, तो बड़ी संख्या में लोग अचानक वहां इकट्ठा हो गए और सिलेंडर लेने के लिए अफरा-तफरी मच गई।

भीड़ अनियंत्रित होते देख एजेंसी संचालक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अमेठी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। इसके बाद पुलिस की निगरानी में लाइन लगवाकर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का वितरण शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की नियमित आपूर्ति न होने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

चलती बाइक में लगी अचानक आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, बाइक जलकर खाक

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अमेठी
जनपद के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक चलती बाइक में अचानक आग लग गई। यह घटना रानीगंज कस्बे के फ्लाईओवर के नीचे की है, जहां दोपहर के समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बाइक सवार युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कूदकर अपनी जान बचा ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बा निवासी दुर्गेश कुमार कौशल अपनी पल्सर बाइक से बाजार से घर लौट रहा था। जैसे ही वह फ्लाईओवर के नीचे पहुंचा, अचानक बाइक से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग भड़क उठी। स्थिति को भांपते हुए दुर्गेश ने बिना देर किए बाइक से छलांग लगा दी और सुरक्षित दूरी पर जाकर खड़ा हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी बाइक जलकर राख हो गई। हालांकि, समय रहते युवक के बाइक से उतर जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि बाइक को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग इस अचानक हुई घटना से हैरान नजर आए।

थाना प्रभारी तनुज कुमार पाल ने बताया कि दुर्गेश कौशल की बाइक में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाइक चालक पूरी तरह सुरक्षित है और मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। प्राथमिक रूप से आग लगने का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है।

पुलिस पर लगाए गए थर्ड डिग्री के आरोप निकले झूठे, जांच में सामने आई सच्चाई

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अमेठी
जनपद के जामो थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर लगाए गए थर्ड डिग्री के आरोप जांच में पूरी तरह से निराधार साबित हुए हैं। एक प्राइवेट विद्युतकर्मी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जब गहनता से जांच की गई, तो सामने आया कि उसके शरीर पर मौजूद चोटें पुरानी थीं और गिरने के कारण लगी थीं, न कि पुलिस द्वारा की गई मारपीट से।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच के दौरान कहीं भी पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इससे साफ हो गया कि विद्युतकर्मी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से असत्य और भ्रामक थे।

दरअसल, यह मामला पांच दिन पहले जामो थाना क्षेत्र के कंडा गौरा गांव में हुए ट्रांसफार्मर चोरी कांड से जुड़ा है। अज्ञात चोरों ने चलती विद्युत लाइन से ट्रांसफार्मर चोरी कर लिया था और उसमें से कीमती तार निकालकर उसे क्षतिग्रस्त हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। इस संबंध में विद्युत विभाग की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि अलीपुर गांव निवासी खुशीराम, जो प्राइवेट बिजली मैकेनिक का काम करता है, संदिग्ध हो सकता है और उसके शरीर पर चोट के निशान भी हैं। इसी आधार पर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में उसने खुद बताया कि चोटें गिरने से लगी हैं, जिसे उसने अस्पताल में भी दोहराया।

थाना प्रभारी विनोद सिंह ने स्पष्ट किया कि खुशीराम को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था और उसके साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है।

यूथ इंडिया हेड ऑफिस में बढ़ती दरारें: संवादहीनता और अहंकार ने बिगाड़ा माहौल

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फर्रुखाबाद स्थित यूथ इंडिया हेड ऑफिस इन दिनों अंदरूनी खींचतान और आपसी विवादों के चलते चर्चा में है। संगठन के भीतर जिस समन्वय और टीम भावना की अपेक्षा की जाती है, वह धीरे-धीरे कमजोर पड़ती नजर आ रही है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि काम से ज्यादा व्यक्तिगत अहं और आत्मसम्मान की लड़ाई प्राथमिकता बन गई है।

सूत्रों के अनुसार, संगठन के प्रमुख सदस्यों के बीच अब खुलकर मतभेद सामने आ रहे हैं। सूर्या और प्रशांत के बीच बढ़ती दूरी हो या फिर सभी सदस्यो के बीच टकराव—हर स्तर पर संवादहीनता साफ दिखाई दे रही है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि आपसी बातचीत लगभग बंद हो गई है और केवल औपचारिक संदेशों के जरिए काम निपटाया जा रहा है।

कार्यालय के भीतर अब कामकाज की प्राथमिकता पीछे छूटती जा रही है। हर व्यक्ति अपने सम्मान, प्रभाव और व्यक्तिगत विकास को सबसे ऊपर रख रहा है। टीम वर्क की भावना कमजोर पड़ने से संगठन की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ रहा है। चर्चा यह भी है कि कुछ लोग संगठन के मंच का उपयोग अपने निजी विकास के लिए कर रहे हैं, जबकि सामूहिक लक्ष्य और जिम्मेदारियां पीछे छूट रही हैं, जिससे संगठन की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

इन हालातों के बीच नेतृत्व की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में है। कई लोगों का मानना है कि सही दिशा और संतुलन की कमी के चलते विवाद बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग व्यक्तिगत तौर पर आरोप-प्रत्यारोप में भी लगे हुए हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।

इन सब परिस्थितियों के बीच एक भावनात्मक अपील भी सामने आई है—“सब लोग परेशान हो लें, लेकिन अंत में यही कहेंगे कि सब सुखी रहें।” यह बयान संगठन के भीतर चल रही कड़वाहट और विडंबना दोनों को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, यूथ इंडिया जैसे संगठन के लिए यह स्थिति एक चेतावनी है।

यदि समय रहते संवाद, विश्वास और टीम भावना को फिर से स्थापित नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर संगठन की विश्वसनीयता और भविष्य पर पड़ सकता है। अब जरूरत है कि सभी लोग अहं से ऊपर उठकर संगठन और उसके मूल उद्देश्य को प्राथमिकता दें।

एक ही दिन में दो मासूम बेटियों की मौत से मचा कोहराम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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कौशांबी
जनपद के चरवा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक मजदूर परिवार की दो बेटियों की एक ही दिन में मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

जानकारी के अनुसार, रामपुर गांव निवासी ननका अपनी पत्नी गुड्डी देवी और बच्चों के साथ चायल कस्बे के एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं। शुक्रवार दोपहर उनकी 10 वर्षीय बेटी अंजली को अचानक बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मनौरी के एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।

इसी बीच शनिवार तड़के करीब चार वर्षीय छोटी बेटी संजली की घर पर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में आ गया और उन्होंने जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही समय बाद अस्पताल में भर्ती अंजली की भी मौत हो गई, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

अंजली की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे उचित इलाज नहीं मिला। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बाद में उसे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वहीं नर्सिंग होम के डॉक्टर अतर सिंह का कहना है कि अंजली के फेफड़ों में संक्रमण था और उसका ऑक्सीजन स्तर काफी कम था। उन्होंने परिजनों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन सहमत नहीं हुए। चायल के एमओआईसी डॉ. संजय सिंह ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हाईवोल्टेज लाइन से निकली चिंगारी बनी आफत, तीन बीघा गेहूं की फसल जलकर राख

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कौशांबी
जनपद के मंझनपुर तहसील अंतर्गत सइबसा गांव में शनिवार को आग लगने की घटना से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। खेतों में रखी कटी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई, जिससे देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज बिजली लाइन से अचानक चिंगारी निकली, जो सीधे नीचे रखी गेहूं की फसल पर गिर गई। चिंगारी गिरते ही सूखी फसल में आग लग गई और तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलने लगी। कुछ ही समय में आग ने आसपास के हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया।

आग की सूचना मिलते ही गांव के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने बाल्टियों, मिट्टी और अन्य संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था और लगभग तीन बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई।

इस घटना में किसान मंगल सरोज, बांके लाल लोधी और छोटे लाल लोधी की फसल को भारी क्षति पहुंची है। किसानों का कहना है कि यह उनकी सालभर की मेहनत थी, जो कुछ ही मिनटों में नष्ट हो गई। नुकसान के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद उचित सहायता प्रदान की जाएगी।