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Monday, March 2, 2026
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नौ वर्षीय कशफ खान का पहला रोज़ा: मासूम आस्था में अमन-चैन की दुआ

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लखनऊ। रमज़ान का पवित्र महीना इबादत, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश लेकर आता है। इस मुकद्दस महीने में रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, सब्र और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। ऐसे ही आध्यात्मिक वातावरण के बीच नौ वर्षीय कशफ खान ने अपना पहला रोज़ा रखकर एक सुंदर मिसाल पेश की है।

कम उम्र में ही कशफ ने जिस दृढ़ संकल्प और श्रद्धा के साथ रोज़ा पूरा किया, वह न केवल उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण बना, बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी प्रेरणा साबित हुआ। सुबह से शाम तक उसने पूरे अनुशासन के साथ रोज़ा रखा और पांचों वक्त की नमाज़ अदा कर अल्लाह की इबादत में मशगूल रही।

कशफ ने परिवार के सामने जब रोज़ा रखने की इच्छा जताई तो परिजनों ने पहले उसकी सेहत और उम्र को ध्यान में रखते हुए समझाया, लेकिन उसके उत्साह और आस्था को देखते हुए उसे प्रोत्साहित किया। पूरे दिन परिवार ने उसका हौसला बढ़ाया और इफ्तार के समय उसके पहले रोज़े को खास बना दिया।

कशफ का कहना है कि उसने बड़ों से सुना है कि रोज़ेदार की दुआ अल्लाह जरूर कुबूल करता है। इसी विश्वास के साथ उसने अपने पहले रोज़े में देश की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। उसकी मासूम दुआओं में केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के लिए भलाई की कामना शामिल थी।

रमज़ान का असली संदेश भी यही है—इंसान अपने भीतर झांके, जरूरतमंदों का दर्द समझे और समाज में प्रेम व भाईचारे को बढ़ावा दे। कशफ जैसी बच्चियों की आस्था यह दर्शाती है कि धार्मिक परंपराएं केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि संस्कारों की विरासत हैं जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रहती हैं।

परिवार ने कशफ के पहले रोज़े के अवसर पर उसे दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा। परिजनों का कहना है कि बच्चों को धार्मिक मूल्यों के साथ-साथ मानवता, शिक्षा और अनुशासन का पाठ पढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। नौ वर्ष की उम्र में रखा गया यह पहला रोज़ा केवल एक धार्मिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं, बल्कि मासूम दिल से निकली उन दुआओं का प्रतीक है, जो देश और समाज में शांति, सौहार्द और तरक्की की कामना करती हैं। रमज़ान का यही पैगाम है—इबादत के साथ इंसानियत।

चंद्र ग्रहण 2026: भारत में 3 मार्च को दिखेगा दुर्लभ ब्लड मून

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नई दिल्ली: भारतीय खगोल प्रेमियों को 3 मार्च, 2026 को एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने का अवसर मिलेगा। यह इस वर्ष का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए तांबे जैसे लाल रंग में दिखाई देगा, जिसे खगोलविद ‘ब्लड मून’ (Blood Moon) कहते हैं। यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश स्थानों से दिखाई देगा, सिवाय देश के सुदूर पश्चिमी भागों के।

उत्तर-पूर्वी भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों से चंद्र ग्रहण का सबसे अद्भुत दृश्य दिखाई देगा, क्योंकि वहां पूर्ण ग्रहण का अंतिम चरण देखा जा सकेगा। भारत के अलावा, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के क्षेत्र में भी दिखाई देगा। कोलकाता स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के स्थितिगत खगोलीय केंद्र के अनुसार, पूर्ण चंद्रग्रहण 12 फाल्गुन, 1947 शक युग को होगा। यह भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:48 बजे समाप्त होगा।

पूर्ण चंद्रग्रहण शाम 4:34 बजे शुरू होगा और शाम 5:33 बजे समाप्त होगा। इसकी तीव्रता 1.155 होगी। हैदराबाद में पूर्ण चंद्रग्रहण की अवधि 26 मिनट होगी। चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। यह खगोलीय घटना तब घटित होती है जब तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं। चंद्र ग्रहण तब होता है जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है, जबकि आंशिक चंद्र ग्रहण तभी होता है जब चंद्रमा का एक भाग पृथ्वी की छाया में आ जाता है।

यह खगोलीय घटना भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर चंद्रग्रहण भारत से दिखाई नहीं देता। पिछला चंद्रग्रहण 7-8 सितंबर, 2025 को हुआ था। अगला चंद्रग्रहण, जो भारत में दिखाई देगा, 6 जुलाई, 2028 को होगा। यह आंशिक चंद्रग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए दर्शकों को किसी भी प्रकार के सुरक्षात्मक फिल्टर या चश्मे की आवश्यकता नहीं है।

खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में प्रदर्शनों के बीच स्कूल बंद, इंटरनेट की गति धीमी

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर सरकार (Jammu and Kashmir Government) ने रविवार को घोषणा की कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में हत्या के विरोध में केंद्र शासित प्रदेश में हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर कॉलेज और स्कूल दो दिनों के लिए बंद रहेंगे। शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने कहा कि सभी कॉलेज और स्कूल दो दिनों के लिए बंद रहेंगे। तीन महीने की शीतकालीन अवकाश के बाद सोमवार को स्कूल और कॉलेज खुलने वाले थे।

केंद्र शासित प्रदेश में शिक्षण संस्थानों का बंद होना कश्मीर के वरिष्ठ धार्मिक उपदेशक मीरवाइज उमर फारूक द्वारा घोषित हड़ताल के आह्वान के साथ मेल खाता है। इस बंद के आह्वान का समर्थन पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और इस्लामी समूहों के प्रमुखों के संगठन मुतहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने किया है।

ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा खामेनेई की हत्या की पुष्टि के बाद श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। सबसे बड़ा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटाघर (घड़ी टावर) पर हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इज़राइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए और लाल चौक पर ज़ुहर की नमाज़ भी अदा की।

प्रदर्शनों को हिंसक होने से रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल हाई अलर्ट पर थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वीके बर्डी सुरक्षा स्थिति और पुलिसकर्मियों की तैनाती का जायजा लेने के लिए गश्त करते नजर आए। ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद हजारों लोगों के सड़कों पर उतरने के मद्देनजर एहतियात के तौर पर कश्मीर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं धीमी कर दी गईं।

इस बीच, जम्मू और कश्मीर पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों, पत्रकारों, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों को सूचना देने और साझा करने में “अत्यंत सावधानी बरतने” की सलाह जारी की है।

पुलिस के एक बयान में कहा गया है, सभी को सलाह दी जाती है कि कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक सभाओं से संबंधित किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित कर लें। अफवाहों, अपुष्ट रिपोर्टों या अटकलों से भरी सामग्री का प्रसार अनावश्यक दहशत पैदा कर सकता है और सार्वजनिक शांति भंग कर सकता है।

पुलिस लाइंस में नव नियुक्त कांस्टेबल ने की आत्महत्या, पानी की टंकी में मिला शव

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बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर पुलिस लाइंस में तैनात एक नव-नियुक्त कांस्टेबल (Newly recruited constable) ने रविवार को आत्महत्या (suicide) कर ली। मृतक की पहचान विजय कुमार (24) के रूप में हुई है, जो 11 फरवरी को अमृता देवी बटालियन में भर्ती हुए थे। इस चौंकाने वाली घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। बाड़मेर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि विजय कुमार रविवार सुबह पुलिस लाइंस में हाजिरी के दौरान अनुपस्थित थे।

उन्होंने बताया, जब साथी कांस्टेबलों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उनके निजी जीवन की समस्याओं का जिक्र था, और उनका शव पानी की टंकी में मिला। उन्होंने आगे बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नितेश आर्य, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा और कई अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

रमेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिवार को सूचित कर दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

एएसपी आर्य ने बताया कि घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है। “विजय द्वारा छोड़े गए नोट से पता चलता है कि वह मानसिक रूप से परेशान था। हम घटना के हर पहलू की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, इस भयावह कदम के पीछे का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है और नोट के आधार पर आगे की जांच जारी है।”

यदि आपके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, या आप किसी मित्र को लेकर चिंतित हैं, या आपको भावनात्मक सहारे की आवश्यकता है, तो हमेशा कोई न कोई आपकी बात सुनने के लिए मौजूद है। स्नेहा फाउंडेशन को 04424640050 पर कॉल करें (24×7 उपलब्ध) या टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन iCall पर 9152987821 पर कॉल करें (सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध)।

 

 

बोलीविया में सैन्य विमान हादसा: 22 की मौत, नई मुद्रा बिखरने से अफरा-तफरी

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बोलीविया की राजधानी ला पाज के पास एक सैन्य मालवाहक विमान हादसे का शिकार हो गया, जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। यह विमान 18 टन नई छपी मुद्रा लेकर जा रहा था। हादसे में 29 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें अधिकांश आम नागरिक थे, क्योंकि विमान रनवे से फिसलकर सड़क के पास स्थित खेत में जा गिरा।

रक्षा मंत्री मार्सेलो सालिनास ने बताया कि यह हरक्यूलिस C-130 विमान सांता क्रूज से नई करेंसी लेकर एल आल्टो एयरपोर्ट पर उतर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसलकर पास के खेत में जा गिरा और उसमें आग लग गई। इस हादसे में पास के 15 से अधिक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो गईं, जिनमें सड़क पर बिखरी हुई नई नोटों की झड़ी दिखाई दे रही थी। लोग नोट उठाने की कोशिश कर रहे थे। यह दृश्य हादसे के भयावहता को और उजागर कर रहा था।

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 500 से अधिक सैनिक और लगभग 100 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए। सुरक्षा बलों ने घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने और लोगों को घायल होने से बचाने के लिए तत्काल राहत कार्य शुरू किया।

केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष डेविड एस्पिनोजा ने कहा कि विमान में ले जाई गई नई नोटों का अभी कोई कानूनी प्रचलन नहीं था। इसलिए इन नोटों को उठाने वालों के लिए कोई कानूनी मान्यता नहीं थी। नकदी के बक्सों को अधिकारियों की निगरानी में जला दिया गया, ताकि लूटपाट और सुरक्षा की गंभीर समस्याएं न पैदा हों।

हादसे के कारण इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। बचाव दल ने घायलों और मृतकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए।

विशेषज्ञों का कहना है कि हरक्यूलिस C-130 जैसे बड़े मालवाहक विमान का रनवे से फिसलना दुर्लभ है, लेकिन खराब मौसम, तकनीकी खराबी या पायलट की गलती इसके कारण हो सकती है। हादसे की पूरी जांच के बाद ही इसका सटीक कारण सामने आएगा।

हादसे के बाद आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। कई लोग अपने घरों और काम पर जाने में असमर्थ रहे। प्रशासन ने अस्थायी सड़क मार्ग और सुरक्षा उपाय लागू किए ताकि स्थिति नियंत्रित की जा सके।

बोलीविया के नागरिक और स्थानीय मीडिया ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। रक्षा मंत्री और केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए तत्काल उपाय करने की बात कही। मृतकों के परिवारों को वित्तीय और मानवीय सहायता प्रदान की जाएगी।

अंततः, यह विमान हादसा न केवल मानवीय त्रासदी का कारण बना, बल्कि नई मुद्रा के वितरण और सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करता है। सरकार और सुरक्षा बल अब भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए योजना बना रहे हैं।

मेक्सिको सरकार ने ‘एल मेंचो’ का शव परिवार को सौंपा, कार्टेल सरगना की मौत से बढ़ी हिंसा

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मेक्सिको की सरकार ने देश के कुख्यात ड्रग माफिया सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांतेस, जिन्हें आम तौर पर “एल मेंचो” के नाम से जाना जाता है, का शव उनके परिवार को सौंप दिया है। एल मेंचो को पिछले हफ्ते मैक्सिकन सेना के एक विशेष अभियान के दौरान मार गिराया गया था। अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा गया। डीएनए जांच से यह सुनिश्चित किया गया कि शव लेने वाला व्यक्ति एल मेंचो का करीबी रिश्तेदार है।

एल मेंचो, मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली ड्रग कार्टेल ‘जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ का सरगना था। उसकी मौत से देश में बड़ी हलचल मची और लगभग 20 राज्यों में हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेताया है कि यह अस्थिर स्थिति आगामी फीफा वर्ल्ड कप के पर्यटन और सामान्य नागरिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका के विदेश विभाग ने एल मेंचो की गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था। फरवरी 2025 में अमेरिकी प्रशासन, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, ‘जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल’ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका था। यह कार्रवाई अमेरिका और मेक्सिको के बीच ड्रग तस्करी और अपराध नियंत्रण के सहयोग का हिस्सा थी।

एल मेंचो की मौत को मेक्सिको सरकार की बड़ी सफलता माना जा रहा है। सरकार के अधिकारियों ने इसे कानून और व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिकारियों के अनुसार, कार्टेल सरगना के नाश से देश में ड्रग तस्करी और हिंसा पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

हालांकि, एल मेंचो की मौत के बाद उभरी हिंसा ने साफ कर दिया है कि कार्टेल नेटवर्क पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। कई छोटे और स्थानीय गैंग्स अब सत्ता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे आम नागरिकों के लिए सुरक्षा खतरा बढ़ गया है और पुलिस तथा सैन्य बलों की सक्रियता लगातार जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एल मेंचो की मौत के बावजूद जालिस्को कार्टेल का प्रभाव अभी भी व्यापक है। यह केवल एक बड़े सरगना की कमी से प्रभावित हो सकता है, लेकिन संगठन की संरचना और स्थानीय नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं। इसलिए, सुरक्षा बलों को सतर्क रहना होगा।

एल मेंचो की मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा पैदा की है। अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों ने इसकी सराहना की और मेक्सिको में कानून व्यवस्था के प्रयासों को समर्थन दिया। वहीं, सुरक्षा चिंताओं के कारण विदेशी निवेशकों और पर्यटन व्यवसाय को चेतावनी जारी की गई।

परिवार को शव सौंपने के बाद मेक्सिको में शोक और संतुलित प्रतिक्रिया देखने को मिली। परिवार ने शव को सुरक्षित स्थान पर दफनाने की प्रक्रिया शुरू की। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि यह प्रक्रिया कानूनी और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एल मेंचो की मौत के बाद कार्टेल के अन्य नेताओं और सक्रिय सदस्यों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से कार्टेल की भविष्य की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और कानून का राज स्थापित होगा।

अंततः, एल मेंचो का अंत मेक्सिको की ड्रग माफिया पर काबू पाने की लंबी और कठिन लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। सरकार और सुरक्षा बल अब देश में स्थिरता लाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले कदम उठा रहे हैं।