बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। भारतीय शास्त्रीय संगीत कार्यशाला में शास्त्रीय संगीत प्रदान करने वाले प्रमुख केन्द्रों में शुमार बड़ौत नगर के पांचाल म्यूजिक सेन्टर एवं संगीत महाविद्यालय में सोमवार को प्रयाग संगीत समिति की संगीत और नृत्य की प्रायोगिक परीक्षा सम्पन्न हुई। प्रायोगिक परीक्षा का शुभारम्भ बड़ौत नगर पालिका चेयरमैन के पति अश्विनी तोमर व समाजसेवी पंड़ित घनश्याम शर्मा ने मॉं सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद पांचाल म्यूजिक सेन्टर एवं संगीत महाविद्यालय की और से महामहिम राष्ट्रपति जी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन सहित आये समस्त अतिथियों का फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत व सत्कार किया गया। प्रायोगिक परीक्षा के अन्तर्गत गायन, वादन में – सितार, गिटार, तबला आदि व नृत्य में – कथक व भरतनाटयम के लगभग 60 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। प्रायोगिक परीक्षा के परीक्षक नरेश शर्मा रहे। पांचाल म्यूजिक सेन्टर एवं संगीत महाविद्यालय बड़ौत के अध्यक्ष व संचालक संगीतज्ञ पंड़ित रामशरण पांचाल ने बताया कि विद्यार्थियों ने प्रायोगिक परीक्षा में शानदार प्रर्दशन किया, जिसकी सभी ने प्रशंसा की। इस अवसर पर नितिन कुमार पांचाल, रामछैल पांचाल फरीदाबाद, वर्षा तोमर, दीपक राठी, प्रेमचन्द, विनित आदि उपस्थित थे।
बाबा अचानकनाथ महाराज की 41 दिनों की तपस्या पूर्ण होने पर लगा भक्तों का जमावड़ा
बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। 5 मई 2026 से प्रारम्भ हुई बाबा अचानकनाथ महाराज की 41 दिनों की धूनों कीे तपस्या के पूर्ण होने पर बाबा अचानकनाथ महाराज के दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर स्थित आश्रम में विशाल हवन व भंडारे का आयोजन किया गया। तपस्या पूर्ण होने के अन्तिम दिन बाबा अचानकनाथ महाराज के आश्रम में अनेकों साधु-संतों व दिल्ली एनसीआर के आये भक्तों का जमावड़ा लगा और भक्तों ने बाबा व अन्य साधु-संतो का आर्शीवाद लिया। आश्रम में सर्वप्रथम हवन का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों ने किसानों की सुख, समृद्धि व उनके निरोग जीवन की कामना के साथ हवन कुंड़ में आहुतियां डाली। बाबा अचानकनाथ महाराज ने आश्रम में आये सभी साधु-संतों व अतिथियों का स्वागत-सतकार किया। इसके उपरान्त उपस्थित भक्तों ने बाबा अचानकनाथ का फूलमाला पहनाकर अभिनन्दन किया और उनकों उपहार भेंट किये। बाबा अचानकनाथ ने बताया कि उनकी यह तपस्या किसानों की सुख-समृद्धि, लोगों के उद्धार, बच्चों के कल्याण के लिए है। उनकी यह तपस्या प्रकृति को समर्पित है। बताया कि यह प्रकृति ही हमें सब कुछ प्रदान करती है है। बाबा ने बताया कि उन्होने गुफा वाले बाबा से तपस्या का शुभारम्भ किया था। इसके बाद नेथला, फैजुल्लापुर, निनाना, खेडा, खामपुर, लुहारी, ढ़िकाना, मलकपुर, लायन, सिनौली, नंगला, सबगा, ककौर, तिलवाड़ा, हैवा, लूम, किरठल, बूढ़पुर, माजरा, कंडेरा, बामनौली, बिजरौल, बड़ावद, गुराना, पुट्ठी, हिलवाड़ी, बदरखा, शिकोहपुर, अलावलपुर, क्यामपुर, गाधी, लधवाड़ी सहित 34 विभिन्न स्थानों पर और 7 तपस्या आश्रम परिसर में पूर्ण की। कहा कि गुरू गोरखनाथ जी व गुफा वाले बाबा की कृपा से तपस्या निर्विघ्न पूर्ण हुई जिसमें सभी भक्तों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। बाबा अचानकनाथ ने तपस्या पूर्ण होने पर तपस्या में सहयोग करने वाले भक्तों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सुरेशनाथ व सुदेशनाथ महाराज, नित्यानन्द गिरी महाराज, पाताल गंगा के रूद्रागिरी जी महाराज, डाक्टर राजीव कुमार, महेन्द्र सिंह, रमेश कुमार, पंड़ित मोहन शर्मा, पत्रकार विपुल जैन बागपत, शोकेन्द्र, विनोद, युद्धवीर सबगा, संदीप कुमार सहित 41 तपस्थान के श्रद्धालुओं और दिल्ली एनसीआर के भक्तों ने शिरकत की।
कौमी एकता के संदेश के साथ नवाबों की हवेली में सजी शानदार मुशायरे की महफिल
बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। बागपत नगर स्थित कांग्रेस प्रदेश महासचिव नवाब अहमद हमीद जी की ऐतिहासिक हवेली में कौमी एकता के नाम एक भव्य एवं शानदार मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध शायरों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मुशायरे में भाईचारे, सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और मानवता के संदेश से ओत-प्रोत शायरी और ग़ज़लों ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे फेम प्रख्यात निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता डा इकबाल दुर्रानी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने मुशायरे जैसे आयोजनों को समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला बताया। देर रात तक चली मुशायरे की महफिल में शायरों ने अपनी चुनिंदा रचनाओं के माध्यम से देश की एकता और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूती प्रदान करने का संदेश दिया। मुशायरे के सफल आयोजन पर आयोजक सज्जाद झण्झट (उत्तराखंड) की सराहना की गई। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. मुजम्मिल, अब्दुल हफीज, अजहर खान नेता जी, शाहिद सिद्दीकी, अकील भाईजान, अरशद सिद्दीकी, कौहिनूर आलम, अफजल फारूकी एवं असद खान के योगदान की भी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का स्वागत एवं सत्कार मुनीर खान द्वारा किया गया। इस अवसर पर हाजी मकसूद बेग, जिया बागपती, राष्ट्रपति एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन, ताहिर सऊद किरतपुरी, अम्बर बागपती, एडवोकेट सरफराज मलिक, अब्दुल कादिर खान, सलीम अली, जिकरू रहमान, सालिम मिर्जा (उत्तराखंड), पप्पू खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
आज का राशिफल | 16 जून 2026, मंगलवार
ग्रह-नक्षत्रों की चाल क्या कहती है आपकी राशि के बारे में? पढ़िए सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल
मेष (Aries):
मंगलवार आपके लिए आत्मविश्वास और कार्यक्षमता बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णयों की सराहना होगी। नौकरी में पदोन्नति अथवा नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
वृषभ (Taurus):
आज का दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। पुराने रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में लाभ होगा लेकिन अनावश्यक खर्च भी बढ़ सकते हैं। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को धैर्य के साथ काम करना होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन तनाव से बचने का प्रयास करें।
मिथुन (Gemini):
आज भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। व्यापार में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। निवेश के लिए समय अनुकूल है।
कर्क (Cancer):
भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं लेकिन आपकी सूझबूझ उन्हें आसान बना देगी। पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।
सिंह (Leo):
आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। राजनीति, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन विशेष लाभकारी रहेगा। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में लाभ और सम्मान दोनों प्राप्त होंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।
कन्या (Virgo):
आज का दिन व्यस्तता भरा रहेगा। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में सफलता मिलेगी। धन लाभ के योग हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
तुला (Libra):
तुला राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। व्यापार में नए संपर्क लाभ देंगे। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी।
वृश्चिक (Scorpio):
आज संयम और धैर्य से काम लेना होगा। किसी विवाद में पड़ने से बचें। नौकरी और व्यवसाय में परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। अचानक धन लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।
धनु (Sagittarius):
आज का दिन उत्साह और नई संभावनाओं से भरा रहेगा। करियर में उन्नति के संकेत हैं। व्यापार में लाभ होगा। धार्मिक और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यात्रा के योग बन सकते हैं।
मकर (Capricorn):
आज कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। अधिकारियों का विश्वास प्राप्त होगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। जीवनसाथी का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
कुंभ (Aquarius):
आज नए अवसरों का लाभ उठाने का दिन है। व्यापार और नौकरी दोनों में प्रगति के संकेत हैं। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है।
मीन (Pisces):
आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा और नौकरी में सम्मान बढ़ेगा। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।
आज का विशेष उपाय
मंगलवार को भगवान हनुमान जी की पूजा करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा जरूरतमंदों को लाल वस्त्र, गुड़ या चने का दान करें। इससे मंगल ग्रह की शुभता बढ़ेगी और कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।
आज का शुभ रंग: लाल
आज का शुभ अंक: 9
जसदण पटारी हैंडीक्राफ्ट को जीआई मान्यता, नाबार्ड के समर्थन से गुजरात के पारंपरिक शिल्प का संरक्षण
जीआई रजिस्ट्री ने गुजरात के जसदण पटारी पारंपरिक शिल्प को भौगोलिक संकेतक (जीआई) पंजीकरण की मान्यता दी है। राजकोट जिले के जसदण ब्लॉक के कारीगरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। पीढ़ियों से प्रचलित यह अनोखा शिल्प गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्प कौशल का प्रमाण है।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपनी ग्राम्य विकास निधि (जीवीएन) के अंतर्गत इस जीआई पंजीकरण के लिए सहायता प्रदान की है। यह सहायता जीआई उत्पाद की जागरूकता बढ़ाने, दस्तावेजीकरण और जीआई आवेदन की प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराई गई है। पंजीकरण की प्रक्रिया सेंटर फॉर एनवायरमेंट एजुकेशन (सीईई) के माध्यम से की गई है।
इससे पहले, नाबार्ड ने गुजरात में दो अन्य उत्पादों- कच्छ की अजरख ब्लॉक प्रिंट (2021-22 में स्वीकृत) और अमलसाड चीकू, नवसारी (2020-21 में स्वीकृत) के लिए इसी तरह की सहायता उपलब्ध कराई थी। इन दोनों का जीआई पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है।
जीआई टैग मिलने से प्रामाणिक शिल्प उत्पादों को नक़ल के समक्ष कानूनी सुरक्षा मिलती है, बाज़ार में उनकी पहचान बढ़ती है और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बेहतर अवसर मिलते हैं। कृषि उत्पादों के मामले में इससे किसानों के लिए मार्केट लिंकेज भी बेहतर होता है।
नाबार्ड ने बताया कि इस पहचान से पारंपरिक ज्ञान को आगे बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही, ग्रामीण आजीविका बढ़ाने और युवा व महिला शिल्पकारों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में भी यह सहायक सिद्ध होगा।
एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के शोधकर्ताओं ने बनाई नई तकनीक, फैक्ट्रियों में मशीनों का शोर 20 डेसिबल तक घटेगा
फैक्ट्रियों और वर्कशॉप्स में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक कटिंग मशीनों से होने वाले तेज शोर को 20 डेसिबल तक कम कर सकती है। साथ ही, यह मशीन से निकलने वाली चिंगारियों, धूल और छोटे धातु कणों को बाहर फैलने से भी रोकती है।
देश में मैन्युफैक्चरिंग और फैब्रिकेशन क्षेत्र के विस्तार के साथ कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य एक और अहम विषय बनता जा रहा है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है, ताकि कटिंग मशीनों से होने वाले तेज शोर जैसी आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या का समाधान किया जा सके।
एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी मेंबर डॉ. रोहित रघुनाथ घाडगे, डॉ. महेश वसंतराव कुलकर्णी और पीएचडी स्कॉलर यश उत्साही चावंडे ने इस तकनीक को विकसित किया है। यह एक विशेष सुरक्षा कवच के रूप में तैयार की गई है, जिसे नई और पुरानी, दोनों तरह की कटिंग मशीनों पर आसानी से लगाया जा सकता है।
सामान्य कटिंग मशीनों में सुरक्षा के लिए सिर्फ छोटे गार्ड होते हैं, जबकि इस नई तकनीक में कटिंग वाले हिस्से को एक विशेष सुरक्षा कवर से पूरी तरह घेरा गया है। इसमें पारदर्शी खिड़कियां भी दी गई हैं, ताकि कर्मचारी सुरक्षित रहते हुए मशीन का काम देख सकें। यह अलग-अलग आकार की वस्तुओं की कटिंग के दौरान भी आसानी से इस्तेमाल की जा सकती है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसका विशेष डिजाइन है। इसका सुरक्षा कवर ऐसा बनाया गया है कि कटिंग के दौरान पैदा होने वाला शोर काफी हद तक अंदर ही दबा रहता है। साथ ही, यह चिंगारियों, धातु के छोटे कणों और धूल को बाहर फैलने से रोकता है। इससे कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षित और साफ-सुथरा कामकाजी माहौल मिलता है। खास बात यह है कि इसके लिए बड़े साउंडप्रूफ कमरे या महंगे ढांचागत बदलावों की जरूरत नहीं पड़ती।
डॉ. महेश वसंतराव कुलकर्णी ने कहा, “आज उद्योगों में कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पहले से ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य ऐसा छोटा और व्यावहारिक समाधान विकसित करना था, जो एक साथ कई समस्याओं—जैसे तेज शोर, उड़ते धातु कण, धूल और ऑपरेटर की सुरक्षा—का समाधान कर सके। इसकी खास बात यह है कि इसके लिए बड़े साउंडप्रूफ कमरे या भारी-भरकम ढांचागत बदलावों की जरूरत नहीं होती।”
डॉ. रोहित रघुनाथ घाडगे ने कहा, “इस तकनीक को विकसित करने की प्रेरणा हमें विश्वविद्यालय परिसर में वर्कशॉप और निर्माण कार्यों के दौरान कटिंग मशीनों को देखकर मिली। इन मशीनों का शोर काफी दूर तक सुनाई देता था। इसी वजह से ऐसी व्यावहारिक तकनीक की जरूरत महसूस हुई, जो कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाए और मशीनों के उपयोग या काम की गति पर भी असर न डाले।”
शोधकर्ताओं का अनुमान है कि वास्तविक कार्यस्थलों पर परीक्षण पूरा होने के बाद यह तकनीक मशीनों के शोर को लगभग 10 से 20 डेसिबल तक कम कर सकती है। इतनी कमी भी कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल को ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उन्हें लंबे समय तक तेज आवाज के संपर्क में रहने से होने वाली परेशानियों से बचाने में मदद करेगी।
इस तकनीक की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे मौजूदा कटिंग मशीनों पर भी आसानी से लगाया जा सकता है। इसके लिए उद्योगों को बड़े निवेश या ढांचागत बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। इसका छोटा और आसानी से कहीं ले जाया जा सकने वाला डिजाइन इसे स्थायी वर्कशॉप्स के साथ-साथ अस्थायी निर्माण और फैब्रिकेशन स्थलों के लिए भी उपयुक्त बनाता है।
यह तकनीक मेटल फैब्रिकेशन, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोटिव उत्पादन, रेलवे रखरखाव, शिपबिल्डिंग, स्टील प्रोसेसिंग और विभिन्न इंजीनियरिंग वर्कशॉप्स सहित कई क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सकती है।








