– राजनैतिक झूठे मुकदमों से परेशान” पूरा परिवार
– अब तो इंतहा, दिन दहाड़े घर भेजे जा रहे गुंडे
– पुलिस सुनवाई को नहीं तैयार, आला अफसर नहीं उठाते फ़ोन
– बीजेपी नेता वीरेंद्र सिंह राठौर व साथी शंकर सिंह पर लगाया आरोप
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के जेएनवी रोड स्थित आवास पर छुट्टी लेकर आए भारतीय सेना के एक मेजर और उनके परिवार ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नागालैंड में तैनात सैन्य अधिकारी मेजर अरुण देव सिंह के परिवार का आरोप है कि उनके घर की लगातार रेकी कराई जा रही है, महिलाओं और नाबालिग बच्चों को झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश हो रही है तथा खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।उनके प्रयास के वावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने कथित घटनाओं से संबंधित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य कोतवाली पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। इसके बावजूद शिकायत दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
मेजर अरुण देव सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। उनका कहना है कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक के परिवार को यदि अपने ही घर में सुरक्षा नहीं मिल रही है तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
परिवार की महिलाओं ने भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर तथा उनके कारोबारी सहयोगी भाजपा नेता प्रदीप उर्फ शंकर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया गया और अब लगातार दबाव बनाकर उनका जीवन कठिन किया जा रहा है। पूर्व में भी प्रभारी मंत्री के सामने दोनों भाजपा नेताओं ने उन्हें बेइज्जत करने का प्रयास किया था। क्योंकि उनके पति ने दोनों नेताओं द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग की शिकायत और फर्जीवाड़ा कर लाइसेंस लेने के मामले में आवाज उठा दी थी।
परिवार की सदस्य अर्चना राठौर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसके कारण उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यदि उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं लोगों की होगी जिन पर उन्होंने आरोप लगाए हैं।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदेश सरकार के मंत्रियों के नाम का हवाला देकर प्रशासनिक अधिकारियों पर प्रभाव बनाने का प्रयास करते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब परिवार ने मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वह शासन स्तर पर अपनी बात रखेंगे और परिवार की सुरक्षा की मांग करेंगे।