राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने संगठन विस्तार का दिया मंत्र, जल्द घोषित होगी कार्यकारिणी
फर्रुखाबाद। जन सेवा सहायक पार्टी भारत (जेएसएसपी) ने जनपद में संगठनात्मक गतिविधियों की शुरुआत करते हुए रेलवे रोड स्थित एक होटल में कार्यकर्ता बैठक आयोजित की। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मिश्री लाल राजपूत ने संगठन की विचारधारा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान पार्टी नेतृत्व ने महत्वपूर्ण संगठनात्मक घोषणा करते हुए ईश्वर दयाल राजपूत को फर्रुखाबाद का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से नव नियुक्त जिलाध्यक्ष को पूर्ण सहयोग देने की अपील की।
बताया गया कि ईश्वर दयाल राजपूत पूर्व में उन्नाव से सांसद रहे साक्षी महाराज के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही वह लंबे समय से लोधी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी संगठनात्मक सक्रियता एवं अनुभव को देखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ. पी. सिंह लोधी की संस्तुति पर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मिश्री लाल राजपूत ने विश्वास व्यक्त किया कि नव नियुक्त जिलाध्यक्ष शीघ्र ही अपनी जिला कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे तथा जनपद के सभी क्षेत्रों में संगठन का विस्तार कर पार्टी को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। उन्होंने अनुशासन एवं संगठनात्मक एकजुटता को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कार्यकर्ताओं से समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर ईश्वर
जेएसएसपी की बैठक में ईश्वर दयाल राजपूत को मिली जिले की कमान
2 करोड़ से अधिक का पकड़ा गया गांजा, रायपुर और UP में खपाने की थी प्लानिंग, नाबालिग समेत 5 गिरफ्तार
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी पुलिस (Dhamtari Police) ने गांजा तस्करी (ganja smuggling) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। करीब 480 किलो गांजा के साथ 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जप्त किए गए गांजे की कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। नशीले पदार्थ को रायपुर और उत्तर प्रदेश में खपाने की प्लानिंग थी।
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस्तर की तरफ से एक कार और पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा भरकर रायपुर की ओर ले जाया जा रहा है, जिसके बाद श्याम तराई नाकाबंदी की गई। इस दौरान संदिग्ध वाहनों को रोक कर तलाशी ली गई, गाड़ियों की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में सफेद बोरियों में भरकर गांजा मिला।
पुलिस जांच के दौरान 480 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 2 करोड़ 60 हजार रुपए आंकी गई है। गांजा तस्करी मामले में रायपुर के रहने वाले नौशाद खान, करण साहू, मोहम्मद सादिक और हिमांशु साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है, सभी आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए हैं।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने जगदलपुर में सब्जी खाली करने के बाद पिकअप में गांजा लोड किया। इनका प्लान इस गांजे को रायपुर और उत्तर प्रदेश खपाने का था। इस गिरोह के अन्य नेटवर्क की तलाश जारी है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। एक नाबालिग को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
फिलीपींस में प्रकृति का प्रलय! 7.8 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही
– पलभर में मलबे में बदलीं इमारतें
मनीला/यूथ इंडिया। फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। धरती इतनी जोर से कांपी कि बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कें फट गईं और हजारों लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के सारंगानी प्रांत के निकट समुद्र में बताया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान जनरल सैंटोस सिटी और आसपास के इलाकों में हुआ है, जहां कई व्यावसायिक भवन, आवासीय मकान और सार्वजनिक संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। कई इमारतें पूरी तरह धराशायी हो गईं जबकि अनेक भवनों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार अब तक कम से कम 19 से 32 लोगों के मारे जाने और 130 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गईं। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य झटके के बाद 200 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिनमें कई झटके 6 से अधिक तीव्रता के रहे। लगातार आ रहे झटकों के कारण राहत कार्यों में भी कठिनाई हो रही है।
भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और प्रशांत क्षेत्र के कई हिस्सों में सुनामी अलर्ट जारी किया गया था। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। बाद में खतरा कम होने पर कई क्षेत्रों से चेतावनी वापस ले ली गई।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत कार्यों में लगाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलीपींस प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। लेकिन इस बार आए भूकंप की तीव्रता और उससे हुई तबाही ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
मिंडानाओ से आ रही तस्वीरें भयावह हैं। कहीं स्कूलों की इमारतें ध्वस्त हैं, कहीं बाजारों में मलबे का ढेर लगा है और कहीं लोग अपने परिजनों की तलाश में अस्पतालों और राहत शिविरों के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें फिलीपींस पर टिकी हैं, जहां प्रकृति के इस प्रहार के बाद जीवन को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को मिली रफ्तार
योगी सरकार की औद्योगिक नीति का असर, पांच जिलों में विकसित हो रहे आधुनिक टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क
वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में 326 एकड़ से अधिक भूमि पर पीपीपी मॉडल से होंगे पार्क विकसित
भूमि हस्तांतरण से लेकर प्री-फिजिबिलिटी और आधारभूत सुविधाओं के कार्यों में तेजी
लखनऊ, 8 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योगी सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। इन पार्कों के लिए कुल 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है और सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है।
इस योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे। सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर स्थापित होंगी। सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है तथा भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नादर्न इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (NITRA) द्वारा वाराणसी पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, जबकि शेष चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उद्योग जगत के सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वाराणसी के रामना टेक्सटाइल पार्क को शीघ्र विकसित करने के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध की कार्यवाही प्रगति पर है। वहीं बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी विद्युत अवसंरचना की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे पार्क को निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराई जा सके।
योगी सरकार पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप परियोजनाओं को विकसित करने पर भी विशेष जोर दे रही है। पर्यावरण स्वीकृति, भूजल उपयोग और वन विभाग की अनापत्ति से संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। इसके साथ ही चार अन्य पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर चयन हेतु पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उद्योगों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद सरकार को इन परियोजनाओं में बड़े निवेश की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल निर्माण, रेडीमेड गारमेंट्स, तकनीकी वस्त्र और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
योगी सरकार देने जा रही पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय की सौगात
– आयुष शिक्षा को नई उड़ानः देवीपाटन, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित होंगे संस्थान
-चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में
आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी
भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं सीएम योगी
लखनऊ, 8 जून: योगी सरकार आयुष चिकित्सा प्रणाली को मजबूत बनाने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ने पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालयों की स्थापना का निर्णय लिया है। ये आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय गोंडा, मीरजापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थियों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। योगी सरकार के निर्णय से न केवल प्रदेश में आयुष शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। नए महाविद्यालयों के माध्यम से युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा।
चार मंडलों में जमीन पहले से उपलब्ध
प्रमुख सचिव, आयुष रंजन कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती तथा प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर पांच नये एकीकृत आयुष चिकित्सालय और महाविद्यालय के लिए पांच मंडलों में जमीन को चिन्हित कर लिया गया है। देवीपाटन मंडल में गोंडा के विकास खंड वजीरगंज के ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़ भूमि, मीरजापुर मंडल में सदर तहसील के ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़ भूमि, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील के ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़ भूमि, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ भूमि और बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय की स्थापना के लिए चिन्हित की गयी है। इनमें से चार मंडलों में जमीन पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज है, जबकि बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
शिक्षा संस्थान शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी किए जाएंगे विकसित
आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि सभी पांच मंडलों में आयुष महाविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो गयी है। वहीं वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए आयुष महाविद्यालय केवल शिक्षा संस्थान नहीं होंगे, बल्कि शोध और नवाचार के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। यहां आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे भारतीय चिकित्सा परंपरा को वैज्ञानिक आधार पर और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। नए आयुष महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महाविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, चिकित्सालय, अनुसंधान सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे, जिससे आयुष शिक्षा को नई गुणवत्ता और पहचान मिलेगी।
खाद संकट और महंगाई के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, गोल्डन गेट पर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
अमृतसर: किसान संगठनों (farmer organizations) ने एक बार फिर से केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खाद संकट, बढ़ती महंगाई, भूमि अधिग्रहण और कृषि नीतियों के मुद्दे को लेकर किसान एकजुट हुए हैं। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हुए हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों और आम लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान और विरोध प्रदर्शन (protest) चलाए जा रहे हैं।
पंजाब के 22 जिलों की 74 जगहों पर भी प्रदर्शन और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि पंजाब में यूरिया खाद की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद लेने के साथ अन्य गैर-जरूरी वस्तुएं खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
किसानो की बढ़ रही आर्थिक परेशानी आपको बता दें कि किसानों ने आरोप लगाया है कि कई स्थानों पर किसानों से अतिरिक्त पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि खेती से जुड़े आवश्यक संसाधनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है। सभा को संबोधित करते हुए पंधेर ने विभिन्न राज्यों में किसानों की जमीनें अधिग्रहित किए जाने के मामलों पर भी चिंता जताई।
किसान नेता का कहना है कि भारत-अमेरिका कृषि समझौते का असर भी किसानों को देखने में मिलेगा। यदि ऐसा समझौता लागू होता है तो पंजाब की कृषि व्यवस्था और किसानों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि कृषि क्षेत्र को ऐसे समझौतों से बाहर रखा जाए। इसके अलावा उन्होंने पंजाब में चल रहे बेरोजगार, कर्मचारी और अन्य संगठनों के आंदोलनों के बारे में कहा कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और दबाव की नीति बंद होनी चाहिए।








