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Tuesday, June 9, 2026
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कांगेस की ओर से सभी को स्नेह और प्रेम मिलेगा : राहुल गाँधी

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अखिलेश यादव ने कांग्रेस से क्षेत्रीय दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाने को कहा

 

 

नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) की राजधानी नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में एक ओर जहां भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को अपने सहयोगी दलों से स्पष्ट संदेश भी मिला। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, वामपंथी दलों और अन्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस की भूमिका को स्वीकार करते हुए राज्यों में क्षेत्रीय दलों के प्रति अधिक सहयोगात्मक रवैया अपनाने की सलाह दी।

 

बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस की बड़ी भूमिका है, इसलिए उसे क्षेत्रीय दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि राज्यों में भी बेहतर समन्वय और सहयोग जरूरी है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि विपक्ष को वर्ष 2029 की राजनीतिक लड़ाई की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी।

 

बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष में कांग्रेस की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार किया। वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस को विपक्षी दलों को एकजुट रखने वाला “चुंबक” बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सभी विपक्षी दलों को साथ लाने की क्षमता कांग्रेस में ही है।

 

सूत्रों के अनुसार विभिन्न सहयोगी दलों की नाराजगी और अपेक्षाओं के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी नेताओं को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की ओर से सहयोगी दलों को हमेशा स्नेह, सम्मान और सहयोग मिलेगा। राहुल गांधी ने कहा कि राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं और कई निर्णय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते हैं, लेकिन विपक्षी एकता को मजबूत बनाए रखने की प्रतिबद्धता कायम रहेगी।

 

करीब दस महीने बाद हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में विपक्षी दलों ने चुनावी पारदर्शिता, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। बैठक में यह सहमति बनी कि गठबंधन की सक्रियता बनाए रखने के लिए अब प्रत्येक दो माह में नियमित बैठक आयोजित की जाएगी। अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में प्रस्तावित है।

इथेनॉल बनेगा भारत की नई ताकत

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खेतों से निकलेगा ईंधन, घटेगा तेल आयात और बढ़ेगी किसानों की आय

 

नई दिल्ली। दुनिया में ऑटोमोबाइल क्रांति की शुरुआत करीब 140 वर्ष पहले हुई थी, जब जर्मनी के इंजीनियर कार्ल बेंज ने पहली मोटर कार का निर्माण किया था। तब से लेकर आज तक परिवहन क्षेत्र में कई बड़े बदलाव आए हैं। अब दुनिया एक नई ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ रही है, जहां पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इथेनॉल को भविष्य के ईंधन के तौर पर देखा जा रहा है। भारत भी इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इथेनॉल आधारित ईंधन को आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा माध्यम मान रहा है।

 

देश में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और विदेशी तेल पर निर्भरता को कम करने के लिए केंद्र सरकार इथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है। इथेनॉल गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे न केवल कच्चे तेल के आयात पर होने वाला भारी खर्च कम होगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलेगा। गन्ना और अन्य फसलों की खपत बढ़ने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही इथेनॉल को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।

 

भारत में ऑटोमोबाइल क्षेत्र भी तेजी से इस बदलाव को अपना रहा है। कई वाहन निर्माता कंपनियां फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस वाहन बाजार में उतार रही हैं, जो पेट्रोल और इथेनॉल दोनों पर चल सकते हैं। इसे भारतीय परिवहन व्यवस्था में आने वाले बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

दुबई सड़क हादसे में सात भारतीय मजदूरों की मौत, नौ घायल

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दुबई। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे में सात भारतीय मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नौ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब मजदूरों को लेकर जा रही एक मिनीबस एमिरेट्स रोड पर तकनीकी खराबी के कारण सड़क के बीच खड़े एक भारी ट्रक से पीछे से टकरा गई।

 

प्रारंभिक जांच के अनुसार ट्रक अचानक खराब होकर सड़क पर रुक गया था। इसी दौरान पीछे से आ रही मिनीबस के चालक ने सुरक्षित दूरी नहीं बनाए रखी और कथित रूप से ध्यान भटकने के कारण वह ट्रक को समय रहते नहीं देख सका। तेज रफ्तार मिनीबस सीधे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मिनीबस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही सात लोगों की मौत हो गई।

 

दुबई ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार हादसे में नौ लोग घायल हुए हैं। इनमें पांच की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, जबकि चार अन्य को मध्यम श्रेणी की चोटें आई हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

 

दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। दूतावास के अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 

उधर, दुबई पुलिस की दुर्घटना जांच टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की सहायता से हटाकर यातायात को सामान्य कर दिया गया है। हादसे के बाद भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।

झटका : नंदी से छीना गया करोड़ों के प्रोजेक्ट वाला विभाग, एक्सप्रेस-वे की कमान सीधे सीएम योगी के हाथ

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से एक्सप्रेस-वे विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली है। प्रदेश के सबसे अहम और बड़े बजट वाले विभागों में शामिल उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नियंत्रण में काम करेगा।

 

सचिवालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूपीडा को अवस्थापना विकास विभाग से संबद्ध कर दिया गया है, जो सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी, समीक्षा और निर्णय प्रक्रिया अब मुख्यमंत्री कार्यालय से संचालित होगी।

 

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को नंद गोपाल गुप्ता नंदी के प्रभाव क्षेत्र में बड़ी कटौती के रूप में देखा जा रहा है। यूपीडा राज्य की कई महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का संचालन करता है और इसे सरकार के सबसे प्रभावशाली संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे में इस विभाग का मंत्री से हटकर सीधे मुख्यमंत्री के पास जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

 

जानकारी के अनुसार यह प्रशासनिक बदलाव 27 मई को ही कर दिया गया था, लेकिन इसका आधिकारिक आदेश अब सार्वजनिक हुआ है। फैसले के बाद स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि सरकार आगामी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को सीधे मुख्यमंत्री स्तर से नियंत्रित करना चाहती है।

 

प्रदेश की नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को सरकार के भीतर शक्ति संतुलन में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम पर हमला, पथराव में घायल; सिर में पांच टांके

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हरदोई। जिले की शाहाबाद तहसील के परियल गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील मिश्रा पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव में एसडीएम गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

 

जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील मिश्रा परियल गांव में बाढ़ राहत कार्यों तथा नवनिर्मित अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान भवन पर गेट न लगा होने को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। इसी बीच वहां मौजूद जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत वर्मा के पुत्र उदयवीर से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

 

स्थिति बिगड़ती देख एसडीएम अपनी गाड़ी से वापस लौटने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने वाहन को घेर लिया। बताया जाता है कि जब एसडीएम लोगों को समझाने के लिए वाहन से उतरे तो उन पर अचानक पथराव शुरू हो गया। एक पत्थर सीधे उनके सिर पर लगा, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद पहुंचाया।

 

प्राथमिक उपचार के बाद एसडीएम को हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने उनके सिर में पांच टांके लगाए। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और उनका हालचाल जाना।

 

जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि सरकारी अधिकारी पर हमला बेहद गंभीर मामला है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है।

मदिरा के फायदे’ गिनाकर घिरे मंत्री संजय निषाद बोले- शरीर ठंडा न हो इसलिए लोग पीते थे शराब

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। एक ओर सरकार नशामुक्ति और जनजागरूकता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मंत्री के शराब को लेकर दिए गए तर्कों ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छेड़ दी है।

 

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने कहा कि पहले लोग शरीर को ठंड से बचाने के लिए शराब का सेवन करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीने से शरीर ठंडा नहीं पड़ता और इसके कई फायदे हैं। मंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।

एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री का इस तरह का बयान सरकार की नीतियों और जनस्वास्थ्य संबंधी संदेशों पर सवाल खड़े कर सकता है। सोशल मीडिया पर भी मंत्री के बयान की तीखी आलोचना हो रही है और लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी बता रहे हैं।

हालांकि संजय निषाद ने बातचीत के दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा छोटे दलों को कमजोर करने का काम करती रही है। वहीं राम मंदिर मामले में उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।