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Friday, March 20, 2026
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जॉन डियर पावर एंड टेक्‍नोलॉजी ने भारत में 5एम सीरीज का 5130M (130 HP) ट्रैक्टर पेश किया

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डियर एंड कंपनी कृषि, निर्माण और वानिकी क्षेत्रों में एक वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर है, जो अपने ग्राहकों, चैनल भागीदारों, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों की सफलता के लिए प्रतिबद्ध है। जॉन डियर लगातार एक टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है और दुनिया के कई हिस्सों में इन क्षेत्रों में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

भारत में पिछले 27 वर्षों से अधिक समय से जॉन डियर खेती-किसानी के लिए तकनीकी रूप से उन्नत समाधान प्रदान करता आ रहा है। इन समाधानों का उद्देश्य खेती की उत्पादकता बढ़ाना है, साथ ही मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन जैसे टिकाऊ खेती के महत्वपूर्ण पहलुओं को भी मजबूत करना है।

जॉन डियर इंडिया के एमडी और कंट्री मैनेजर और सीएंडएफ वर्ल्‍डवाइड प्रेसिडेंट के स्‍ट्रैटेजिक एडवाजइर राजेश सिन्हा ने कहा, “जॉन डियर की रणनीति का मुख्य आधार सटीक खेती और स्मार्ट कनेक्टेड मशीनों के लिए डिजिटल समाधानों का एकीकरण है, जिससे किसान कम संसाधनों में अधिक उत्पादन कर सकें। हाल ही में पेश की गई तकनीकें खेतों के कामकाज को बेहतर बनाने और लागत को कम करने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित की गई हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत में जॉन डियर की उपस्थिति काफी व्यापक है और यह आरएंडडी, इंजीनियरिंग, ग्लोबल आईटी, सप्लाई चेन, सड़क निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सहित कई क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर रमाकांत गर्ग, सेल्स एवं मार्केटिंग इंडिया डायरेक्टर ने कहा, “उन्नत कृषि तकनीक और बदलती कृषि पद्धतियाँ एक-दूसरे के साथ चलती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जॉन डियर भविष्य की कृषि आवश्यकताओं के अनुरूप इन दोनों को एक साथ लाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पावर एंड टेक्नोलॉजी 7.0’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस पहल के तहत कई नई तकनीकें और समाधान पेश किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

• 5130M (130 HP) ट्रैक्टर पर फ्रंट हिच और फ्रंट PTO एप्लीकेशन
• 5E ऑटोट्रैक™ (सीधी कतार में वाहन चलाने की प्रणाली)
• ग्रीनसिस्टम™ लिंक – फैक्ट्री-फिटेड किट – कनेक्टिविटी समाधान
• 5405 व 5075E मॉडल में 100% रेडियल टायर

उन्होंने यह भी कहा कि जॉन डियर पहले भी भारतीय बाजार के लिए तकनीकी रूप से उन्नत उत्पाद पेश करता रहा है और आज के इस टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में भी कंपनी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

भारतीय कृषि की विविध परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार करना और सरकारी मिशनों का समर्थन करना जॉन डियर की सफलता का महत्वपूर्ण आधार रहा है। इसी के परिणामस्वरूप कंपनी भारत से अपने उत्पादों का निर्यात दुनिया के 110 देशों में कर रही है।

रीजन 1 के गवर्नमेंट अफेयर्स डायरेक्टर श्री मुकुल वार्ष्णेय ने कहा, “सरकार के 2047 तक के स्थिरता लक्ष्यों को समर्थन देने में जॉन डियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे हमें उत्पादों और सेवाओं से आगे बढ़कर और अधिक जिम्मेदार व जवाबदेह बनने की प्रेरणा मिलती है। हम एक ऐसा अनुकूल वातावरण देख रहे हैं जो हमें शिक्षण संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग के अन्य हितधारकों के साथ सहयोग को और मजबूत करने में मदद करता है। हमें विश्वास है कि इससे आने वाले समय में हमारे किसान वैश्विक स्तर पर अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनेंगे।”

मुंबई प्रेस क्लब को बम से उड़ाने का आया धमकी भरा ईमेल, चलाया गया सुरक्षा अभियान

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मुंबई: मुंबई प्रेस क्लब (Mumbai Press Club) को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल (email) मिला। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे क्लब को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में गैस बम लगाया गया है और दोपहर 1 बजे विस्फोट होगा। मुंबई पुलिस ने परिसर की गहन जांच शुरू कर दी है। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) की टीमों ने खोजी कुत्तों के साथ मिलकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

पुलिस ने बताया कि धमकी भरा ईमेल प्रोटॉन मेल के जरिए भेजा गया था और साइबर टीमें इसके स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं। अभी तक घटनास्थल पर कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ईमेल “नीरजा अजमल खान” के नाम से भेजा गया था। अधिकारियों ने बताया कि भेजने वाले ने संदेश में कुछ राजनीतिक दावे भी किए हैं। साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। मुंबई प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों ने जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और उन्होंने धमकी को अफवाह बताया। मुंबई में कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर मिल रही इसी तरह की धमकियों के बीच यह घटना घटी है।

एक दिन पहले ही बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल भेजा गया था। ईमेल में कहा गया था कि परिसर के शौचालयों में साइनाइड मिले 19 बम रखे गए हैं, जो दोपहर 1:30 बजे फटेंगे। पुलिस और बम निरोधकों ने वहां भी विस्तृत जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

पिछले सप्ताह महाराष्ट्र विधान भवन को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ये घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं, जबकि बार-बार मिल रही फर्जी धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बना हुआ है और पूरे शहर में दहशत फैली हुई है।

मुंबई प्रेस क्लब ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “मुंबई प्रेस क्लब को 19 मार्च, 2026 को अपने आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। ईमेल की जानकारी 20 मार्च की सुबह मिली, जिसके बाद सचिव मयूरेश गणपति ने तुरंत आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया। डीसीपी जोन I, प्रवीण मुंडे को भी सूचित किया गया।”

बनौलीखुर्द में निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिरने पर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, उच्च स्तरीय जांच के लिए सौंपा ज्ञापन

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चंदौली: निर्माणाधीन ओवरब्रिज (overbridge) गिरने की घटना को लेकर जिला कांग्रेस (Congress) कमेटी चंदौली ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कटसिला रेलवे क्रॉसिंग के पास बन रहे ओवरब्रिज हादसे और जिले में चल रहे विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाई।

धरना-प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में लगातार ओवरब्रिज गिरने, सड़कों के धंसने और पानी की टंकियों के ढहने जैसी घटनाएं घटिया निर्माण गुणवत्ता की ओर इशारा करती हैं, जिससे आम जनता की जान-माल को खतरा बढ़ गया है।

जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि कटसिला के बनौली खुर्द में ओवरब्रिज का गिरना कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह व्यापक भ्रष्टाचार का उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि जिले में बन रहे सभी ओवरब्रिज, रेलवे क्रॉसिंग, स्टेट और नेशनल हाईवे के निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। कांग्रेस नेताओं ने चार सूत्रीय मांगों के तहत चंदौली से गुजरने वाली रेलवे लाइनों पर बन रहे ओवरब्रिजों, प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों की गुणवत्ता जांच कराने पर जोर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

 

ऋषि की मौत का गम नहीं सह सकीं बुजुर्ग महिला, दिल का दौरा पड़ने से तोड़ा दम

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औरैया। जनपद के अजीतमल क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मातम का माहौल उस समय और गहरा गया, जब हादसे में जान गंवाने वाले 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौत का सदमा उसकी दादी की सगी बहन नहीं सह सकीं और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात आगरा जनपद के चित्राहट थाना क्षेत्र के गांव पई के पास कैला देवी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई थी। इस भीषण हादसे में कार सवार पांच लोगों—देवेंद्र, उनकी तीन वर्षीय बेटी आराध्या, पत्नी सीमा, पिता कांता प्रसाद तथा 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में चार लोग इटावा जनपद के निवासी थे, जबकि ऋषि अजीतमल क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का रहने वाला था।
बताया गया कि ऋषि राजपूत अपने चाचा रघुपति की कार लेकर इटावा स्थित नगला वर गया था, जहां से वह अपने चाचा के ससुराल पक्ष के लोगों को लेकर कैला देवी के दर्शन के लिए गया था और लौटते समय यह हादसा हो गया। परिजनों के अनुसार ऋषि ने हाल ही में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा दी थी और उसके भविष्य को लेकर परिवार में कई उम्मीदें थीं।
ऋषि की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उसकी दादी रामदेवी की सगी बहन करीब 75 वर्षीय सुखदेवी राजपूत, जो अजीतमल क्षेत्र के गिरधारीपुर गांव की निवासी थीं, शोक व्यक्त करने प्रतापपुर गांव पहुंचीं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जैसे ही वह ऋषि के घर की दहलीज पर पहुंचीं, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह मौके पर ही गिर पड़ीं।
घटना से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अंशू ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में एक के बाद एक दो मौतों से मातम और गहरा गया।
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे। ब्लॉक प्रमुख रजनीश पांडेय, जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर, बाबरपुर-अजीतमल नगर पंचायत चेयरमैन के पति अखिलेश चक सहित कई सभासद और स्थानीय नागरिक शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
एक ही परिवार में लगातार हुई इन दो दुखद घटनाओं ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हर ओर चीख-पुकार और मातम का माहौल है, वहीं परिजन अपनों के असमय चले जाने के गम में बेसुध हैं।

मुठभेड़ के बाद छिनैती के तीन वांछित आरोपी गिरफ्तार, एक घायल

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औरैया। जनपद के बिधूना कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में छिनैती के मामले में वांछित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक बाल अपचारी भी शामिल है, जिसे पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया है। मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में छिनैती की घटनाओं में शामिल आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान शुक्रवार सुबह संदिग्धों की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोली चलाई। मुठभेड़ के दौरान अनुज यादव नामक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया।
घायल अनुज यादव को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक बाल अपचारी शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से अवैध असलहे और छिनैती से संबंधित सामग्री भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है, जिससे अन्य घटनाओं में इनकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है और स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।

यूपी बोर्ड मूल्यांकन ने पकड़ी रफ्तार, तीसरे दिन भी तेज रहा कॉपियों का मूल्यांकन कार्य

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इटावा। यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य अब पूरी तरह गति पकड़ चुका है। पहले दिन शिक्षकों के बहिष्कार के चलते जहां मूल्यांकन कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ था, वहीं दूसरे दिन से स्थिति में सुधार शुरू हुआ और तीसरे दिन यह कार्य और अधिक रफ्तार के साथ आगे बढ़ता नजर आया। दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की बढ़ती उपस्थिति और सक्रियता से कॉपियों की जांच का कार्य सुचारू रूप से जारी है।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर गुरुवार को मूल्यांकन कार्य में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली थी, जहां एक ही दिन में 11,929 कॉपियों की जांच की गई। इस केंद्र पर कुल 783 परीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 520 परीक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए मूल्यांकन कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाई। पहले दिन की तुलना में दूसरे और तीसरे दिन परीक्षकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे कार्य की गति और अधिक तेज हो गई है। अब तक इस केंद्र पर कुल मूल्यांकित कॉपियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और तीसरे दिन भी सैकड़ों परीक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य में जुटे रहे।
वहीं इस्लामिया इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर भी दूसरे दिन से कार्य में तेजी आई और यह क्रम तीसरे दिन भी जारी रहा। यहां गुरुवार को 5,231 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया था। इस केंद्र पर कुल 375 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से लगभग 200 परीक्षकों ने मूल्यांकन कार्य में भाग लिया। इसके अलावा 45 उप प्रधान परीक्षकों में से 38 ने उपस्थित रहकर कॉपियों की जांच प्रक्रिया की निगरानी की। तीसरे दिन भी परीक्षकों और पर्यवेक्षकों की सक्रियता से मूल्यांकन कार्य में निरंतर प्रगति देखी गई।
मूल्यांकन केंद्रों पर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि परीक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य समय से पूर्ण किया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब मूल्यांकन कार्य पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है और आने वाले दिनों में इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षकों की बढ़ती भागीदारी और जिम्मेदारी के साथ किए जा रहे कार्य से यह उम्मीद जताई जा रही है कि शेष कॉपियों का मूल्यांकन भी शीघ्र पूरा हो जाएगा, जिससे बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें।