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Wednesday, July 15, 2026
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आईएमडी का अलर्ट: 22 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी, अगले 7 दिन सक्रिय रहेगा मानसून

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नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों में मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के 22 राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मानसून को नई मजबूती मिली है, जिसके चलते अगले सात दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।

 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी पूरे दिन बादल छाए रहने, कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

 

आईएमडी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कुल 22 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ या कमजोर संरचनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित मौसम संबंधी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने की सलाह दी गई है।

आईएमडी के अनुसार, कम दबाव का यह तंत्र मानसून को लगातार ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले सात दिनों तक देश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज हो सकती है।

लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

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लखनऊ। राजधानी के महिंगवा क्षेत्र स्थित कुम्हरावां चौराहे पर बुधवार को एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने कुछ ही देर में पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दुकान में रखा कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर राख हो गया।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और तत्काल इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोका जा सका।

 

दुकान में रखे फ्रिज, कूलर, पंखे, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गए। दुकान मालिक का कहना है कि इस अग्निकांड में करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

 

प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई है।

 

अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

लखनऊ में नाबालिग घरेलू सहायिका की संदिग्ध मौत, फंदे से लटका मिला शव; परिजनों ने उठाए सवाल

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लखनऊ। राजधानी के सआदतगंज थाना क्षेत्र की अंबरगंज चौकी इलाके में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जिस घर में वह घरेलू काम करती थी, उसी घर में उसका शव फंदे से लटका मिलने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की घर में काम करती थी। घटना के दौरान उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव को फंदे से उतार दिया गया। इसको लेकर मृतका के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

परिजनों का कहना है कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम के पहुंचने से पहले शव को फंदे से क्यों उतारा गया और किसके निर्देश पर ऐसा किया गया। उनका आरोप है कि इससे घटनास्थल के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

बताया जा रहा है कि मृतका के माता-पिता अपने गांव में रहते हैं, जबकि नाबालिग लड़की शहर में रहकर संबंधित परिवार के यहां घरेलू कार्य करती थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

 

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत पर डीएम का एक्शन, अऊमऊ पंचायत में शुरू हुई स्थलीय जांच

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लखनऊ। राजधानी के माल विकासखंड की अऊमऊ ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की स्थलीय जांच शुरू कर दी गई। जांच के लिए नामित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में कार्यों का सत्यापन कराया गया।

जानकारी के अनुसार, मनरेगा के तहत कराए गए चकमार्ग निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।

डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी जांच के लिए ग्राम पंचायत अऊमऊ पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में संबंधित चकमार्ग निर्माण कार्य की नाप कराई गई और अभिलेखों का मिलान किया गया। जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए।

शिकायत में आरोप है कि बेलहिया स्थित कार्य के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि अभिलेखों में दुबरहा तालाब का कार्य दर्शाकर सरकारी धन का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि वास्तविक स्थल और रिकॉर्ड में दर्ज कार्य में अंतर है, जिससे मनरेगा योजना में वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई है।

जांच टीम ने मौके से आवश्यक तथ्य और दस्तावेज एकत्र किए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हंगामा, सुरक्षा कर्मी से धक्का-मुक्की मे मुकदमा

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– लखनऊ विश्वविद्यालय के दो विधि छात्र गिरफ्तार

 

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई के दौरान कथित हंगामे और न्यायालय की कार्यवाही में व्यवधान डालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रबल प्रताप सिंह और चंद्रभान के रूप में हुई है। दोनों के विरुद्ध दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई की गई है।

मामला 10 जुलाई 2026 का है। एफआईआर के अनुसार, उस दिन सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-13 में विशेष अनुमति याचिका (SLP) संख्या 31367/2026, प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश की सुनवाई चल रही थी। शिकायत सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा शाखा के एक कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के रूप में स्वयं उपस्थित प्रबल प्रताप सिंह ने कथित रूप से अदालत की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने कोर्टरूम में गाली-गलौज और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, कागजात फेंके तथा ऐसा व्यवहार किया जिससे कुछ समय के लिए न्यायालय की कार्यवाही प्रभावित हुई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ ने कोर्टरूम का अनुशासन बनाए रखने तथा उन्हें शांत करने का प्रयास किया, तब आरोपी ने कथित रूप से शिकायतकर्ता के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इसके बाद सुरक्षा शाखा के कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण देते हुए तिलक मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सुरक्षा स्टाफ के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों, कोर्ट परिसर के सुरक्षा रिकॉर्ड तथा अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रबल प्रताप सिंह और चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि (लॉ) के छात्र हैं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। कोर्ट परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। मामले के तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

लखनऊ के नोवोटेल होटल में वैज्ञानिक राहुल सिंह की संदिग्ध मौत, कमरे से मिला शव; हार्ट अटैक की आशंका, जांच जारी

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित नोवोटेल होटल में बुधवार सुबह एक वैज्ञानिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। मृतक की पहचान राहुल सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महराजगंज जनपद के सिसवा बाजार के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

 

जानकारी के अनुसार राहुल सिंह नोवोटेल होटल में ठहरे हुए थे। बुधवार सुबह निर्धारित समय तक उन्होंने होटल से चेकआउट नहीं किया। होटल कर्मचारियों ने कई बार कमरे का दरवाजा खटखटाया और फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद होटल प्रबंधन ने तत्काल विभूतिखंड पुलिस को सूचना दी।

 

मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर राहुल सिंह अचेत अवस्था में पड़े मिले। चिकित्सकीय परीक्षण में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और विभिन्न साक्ष्य एकत्र किए, ताकि मौत के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सके। पुलिस ने भी कमरे की जांच कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और होटल के रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

 

पुलिस की प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार के संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।

 

पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।