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Thursday, April 2, 2026
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मुरादाबाद में फर्जी फर्म से 2.73 करोड़ रुपये का फर्जी GST इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने का मामला

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मुरादाबाद: यूपी के मुरादाबाद (Moradabad) के कटघर इलाके में GST धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। अधिकारियों ने गुरुवार को खुलासा किया कि एक व्यवसायी ने 23.31 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी खरीद दिखाकर कथित तौर पर 2.73 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त किया।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अंशुल अग्रवाल, जो लाजपत नगर का निवासी है, ने ईएमजी फूड्स नाम से एक फर्म पंजीकृत की थी और 13 जुलाई, 2017 को अपने आवासीय पते का उपयोग करके जीएसटी नंबर प्राप्त किया था। जांच में पता चला कि फर्म का जीएसटी पंजीकरण 19 नवंबर, 2019 को रद्द कर दिया गया था।

हालांकि, वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान, फर्म ने कथित तौर पर अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2018 के महीनों में शिव ट्रेनिंग कंपनी नामक एक कंपनी से 23.31 करोड़ रुपये की खरीदारी दिखाई थी। इन लेन-देन के आधार पर, 2.79 करोड़ रुपये का आयकर कर (आईटीसी) दावा किया गया था। जांच करने पर, जीएसटी अधिकारियों ने पाया कि शिव ट्रेनिंग कंपनी के पते पर ऐसी कोई फर्म मौजूद नहीं थी। संपत्ति के मालिक ने भी पुष्टि की कि परिसर को कभी भी किसी ऐसे व्यवसाय को किराए पर नहीं दिया गया था।

जांच के निष्कर्षों के आधार पर, राज्य कर प्रभाग-6 की सहायक आयुक्त दमयंती गंगवार ने अंशुल अग्रवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर, कटघर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। स्टेशन हाउस ऑफिसर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि जांच जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को संदेह है कि यह फर्जी फर्मों और जाली लेनदेन का उपयोग करके जानबूझकर कर चोरी का मामला है।

 

शमशाबाद में 7 घंटे बिजली कटौती, रखरखाव कार्य के चलते आपूर्ति रहेगी बाधित

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शमशाबाद, फर्रुखाबाद। क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र में प्रस्तावित मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य के चलते 3 अप्रैल को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी।
विद्युत विभाग के जेई जुनेद आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि 33/11 केवी उपकेंद्र शमशाबाद के स्विचगार्ड और कंट्रोल रूम में 33 केवी लाइन का आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाना है। इस कार्य के कारण सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी।
इस दौरान शमशाबाद टाउन, फैज बाग, नैगमा सहित आसपास के कई फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने पहले ही उपभोक्ताओं को सतर्क करते हुए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी है।
जेई जुनेद आलम ने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह कार्य विद्युत व्यवस्था को बेहतर और सुचारू बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित समय के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि इस दौरान बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करें और आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

आलू किसान बचाओ यात्रा की बनी रूप रेखा, 7 अप्रैल को होगा लखनऊ प्रस्थान

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राशन की दुकानों से प्रति कार्ड 25 किलो आलू वितरण की उठाई जाएगी मांग

फर्रुखाबाद। आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये सातनपुर मंडी आढ़ती एसोसिएशन मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आढ़ती एसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई । बैठक में निर्णय लिया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी ।
बताया गया कि यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिल्हौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है ।
श्री कटियार ने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस अवसर पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस अवसर पर आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

पेंशन और मुआवजे की मांग को लेकर सोनीपत में एक व्यक्ति 160 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा

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चंडीगढ़: हरियाणा के सोनीपत (Sonipat) में गुरुवार सुबह एक 56 वर्षीय व्यक्ति ने “अविवाहित पेंशन” से इनकार और अपर्याप्त भूमि मुआवजे के विरोध में 160 फुट ऊंचे मोबाइल टावर (mobile tower) पर चढ़कर सुरक्षा व्यवस्था में भारी अफरा-तफरी मचा दी। जाजी गांव के निवासी जय भगवान के रूप में पहचाने गए इस व्यक्ति ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक टावर की चोटी पर कब्जा जमाए रखा, जिससे प्रशासनिक कामकाज ठप्प हो गया। अंततः दूध के एक पैकेट से जुड़े एक विचित्र सौदे के बाद वह नीचे उतरा।

घटना सुबह लगभग 7:00 बजे शुरू हुई जब जय भगवान जिला कलेक्टर कार्यालय की छत पर स्थित टावर पर चढ़ गए। वह लगभग दो घंटे तक किसी की नजर में नहीं आए, जब तक कि एक स्थानीय दुकानदार ने उन्हें खतरनाक ऊंचाई पर बैठे हुए नहीं देखा और अधिकारियों को सूचित नहीं किया। पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनसे बातचीत शुरू करते हुए उन्हें सुरक्षित नीचे उतरने के लिए कहा।

हालांकि, प्रदर्शनकारी ने कई मांगें रखीं, जिनमें उनकी जमीन पर लगे मोबाइल टावर के लिए भारी भरकम ₹1 करोड़ का मुआवजा और बुजुर्ग, अविवाहित नागरिकों के लिए निर्धारित पेंशन लाभ की तत्काल रिहाई शामिल थी। तनावपूर्ण गतिरोध के दौरान, जय भगवान ने भूख की शिकायत की और दूध दिए बिना हटने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने सावधानी बरतते हुए रस्सी की मदद से टावर पर दूध का पैकेट भेजा। लोहे की बीमों पर बैठकर दूध पीने के बाद, वह आखिरकार सुबह लगभग 10:30 बजे नीचे उतरने के लिए राजी हो गए।

मैदान में सुरक्षित लौटने के बाद, उन्होंने 56 वर्ष की आयु में अविवाहित होने पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि जहां अन्य पात्र ग्रामीणों को सरकार द्वारा प्रायोजित अविवाहित पेंशन मिल रही है, वहीं उन्हें पिछले दो वर्षों से इस लाभ से वंचित रखा गया है। प्रदर्शनकारी ने अपनी एक एकड़ जमीन के संबंध में भी शिकायत दर्ज कराई और कहा कि टावर लगाने के लिए उन्हें पहले केवल 90,000 रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि वर्तमान मुआवजे की दरें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने मांग की कि उनके मुआवजे की राशि को संशोधित करके 1 करोड़ रुपये किया जाए।

इस बीच, मामले से परिचित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जय भगवान का इस तरह के कारनामों का इतिहास रहा है और कथित तौर पर वे नशे की लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने छह साल पहले की एक ऐसी ही घटना को याद किया जब उन्होंने अपने पैतृक गांव में 14 दिनों तक एक टावर पर कब्जा कर लिया था। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, अधिकारियों ने उन्हें आगे की चिकित्सा जांच और परामर्श के लिए हिरासत में ले लिया है।

तराई में आई श्वेतक्रांति से 51 हजार महिलाएं बनीं उद्यमी

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योगी सरकार के 9 वर्षों में विकास के पहिए ने पकड़ी रफ्तार, तराई के 1500 गांवों में फैला दूध का कारोबार

हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को आता है सभी के खाते में पैसा

तराई के छह जिलों में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं बना रहीं रिकॉर्ड

एक लाख लीटर से ज्यादा प्रतिदिन की बिक्री से महिलाओं ने किया सवा दो सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार

लखनऊ, 02 अप्रैल : उत्तर प्रदेश के तराई और आसपास के क्षेत्र अब महिला सशक्तीकरण और आर्थिक क्रांति का नया केंद्र बन चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आई श्वेतक्रांति ने बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों की दिशा और दशा बदल दी है। यहां 1500 गांवों में फैले दुग्ध व्यवसाय के जरिए 51 हजार महिलाएं उद्यमी बनकर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। इन सभी महिलाओं के खाते में हर महीने 03, 13 और 23 तारीख को पैसा आ जाता है।

सृजनी एमपीसीएल के नेतृत्व में तराई के इन जिलों में अब हर सुबह दूध संग्रहण किया जाता है, जहां महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन से लेकर संग्रहण और विपणन तक की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। परिणामस्वरूप क्षेत्र में प्रतिदिन एक लाख लीटर से अधिक दूध का कारोबार हो रहा है और अब तक महिलाएं सवा दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यवसाय कर चुकीं हैं। जो क्षेत्र पहले विकास की दौड़ में पिछड़े माने जाते थे, वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में अब महिलाओं की मेहनत से नई आर्थिक पहचान बन रही है और गांव-गांव में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।

गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन रहीं महिलाएं
इस परिवर्तन के पीछे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि महिलाएं अब केवल सहयोगी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की प्रमुख संचालक बन गईं हैं।

छह हजार से अधिक गांवों में सक्सेज मॉडल
प्रदेश स्तर पर भी यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश आज दुग्ध उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है, जहां ग्रामीण महिलाएं प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रहीं हैं। 31 जिलों में महिलाओं ने पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है और छह हजार से अधिक गांवों में इस मॉडल ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
तराई की यह श्वेतक्रांति केवल आर्थिक उन्नति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी सशक्त उदाहरण है। महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

आवारा गोवंश से परेशान किसानों का फूटा गुस्सा, दो दर्जन से अधिक गोवंश पकड़कर गौशाला भेजे

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शमशाबाद, फर्रुखाबाद। क्षेत्र में आवारा गोवंशों द्वारा फसलों को लगातार बर्बाद किए जाने से परेशान किसानों का आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा। हजारों-लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई फसलों को उजड़ता देख ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया और लाठी-डंडों के सहारे दर्जनों गोवंशों को पकड़कर बंधक बना लिया। बाद में इन्हें क्षेत्रीय गौशाला भेजने की कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से आवारा गोवंश किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। किसान लगातार प्रशासन से इन गोवंशों को पकड़वाकर गौशालाओं में भिजवाने की मांग करते रहे, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते समस्या जस की तस बनी रही। हालात यह हो गए कि सैकड़ों किसान आर्थिक बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।
ताजा मामला ग्राम बेला सराय गजा का है, जहां लंबे समय से दर्जनों की संख्या में आवारा गोवंश खेतों में घुसकर फसलें चट कर रहे थे। कई बार शिकायत के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को किसानों ने एकजुट होकर लाठी-डंडों के सहारे करीब दो दर्जन से अधिक गोवंशों को पकड़कर निर्माणाधीन पानी की टंकी परिसर में बंधक बना लिया। गुरुवार को भी यह अभियान जारी रहा और अन्य गोवंशों को भी पकड़ा गया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संत कुमार ने बताया कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी, शमशाबाद को सूचना दे दी गई है। उनके निर्देश पर पकड़े गए गोवंशों को क्षेत्रीय गौशाला रामपुर में भिजवाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा गोवंशों की समस्या वर्षों से बनी हुई है। इन्हें भगाने पर ये कुछ दिनों बाद फिर लौट आते हैं, जिससे किसानों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका सुझाव है कि आवारा गोवंशों को केवल गौशालाओं तक सीमित न रखकर जंगलों में छोड़ा जाए, जहां उन्हें पर्याप्त भोजन मिल सके और किसानों की फसलें भी सुरक्षित रह सकें।