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Friday, May 29, 2026
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कामगारों को सशक्त बनाने के लिए PNB ने शुरू की “डिजी PNB श्रम साथी” योजना 

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नई दिल्ली: देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (PNB) ने अपने मौजूदा खाताधारकों को 1 लाख रुपये तक का बिना गारंटी डिजिटल ऋण देने के लिए अपनी “डिजी पीएनबी श्रम साथी” योजना शुरू की है जो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों, सरकार प्रायोजित एजेंसियों, विभिन्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों आदि में कार्यरत समुदाय आधारित अग्र कामगारों (कम्युनिटी-बेस्ड फ्रंटलाइन वर्कर्स) को दिया जा रहा है। यह ऋण केवल डिजिटल माध्यम से ही उपलब्ध है।
‘विजन विकसित भारत@2047’ के अंतर्गत विकसित भारत के दृष्टिकोण के एक भाग के रूप में, इस योजना का उद्देश्य भारत में कार्यबल की वंचित श्रेणी के समावेशी विकास, वित्तीय सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उत्थान को बढ़ावा देना है।
यह योजना कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल सामुदायिक कामगारों हेतु तैयार की गई है, जिनमें शामिल हैं:
i. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (एडब्लूडब्लू, आंगनवाड़ी सहायिका (एडब्लूएच), मिनी-आंगनवाड़ी कामगार (महिला एवं बाल विकास विभाग)।
ii. आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) कामगार, आशा सुविधाप्रदाता, लिंक वर्कर्स (कुछ राज्यों में) (स्वास्थ्य विभाग में)।
iii. मध्याह्न भोजन रसोइये / रसोइया-सह-सहायिका, वयस्क साक्षरता मिशन कामगार (शिक्षा और साक्षरता विभाग)।
iv. सफाई मित्र / स्वच्छता कामगार, स्वच्छ भारत मिशन कामगार, घर-घर कचरा इकट्ठा करने वाले (यूएलबी द्वारा नियुक्त) (स्थानीय निकायों / नगर निगमों में)।
v. वन रक्षक (दैनिक वेतन भोगी), वन अग्नि प्रहरी, वृक्षारोपण और नर्सरी कामगार (वन विभाग)।
vi. अन्य केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों जैसे बीएचईएल, गेल, सेल, ओएनजीसी आदि में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी / संविदात्मक कर्मचारी।
योजना के प्रमुख आकर्षण:
क्रम सं. मानक विवरण 
1. उद्देश्य व्यक्तिगत उपभोग के लिए (सभी उद्देश्यों के लिए)
2. ब्याज दर वर्तमान में 11% (आरएलएलआर से लिंक्ड)
3. ऋण की सीमा न्यूनतम: 10,000 रूपये | अधिकतम: 1,00,000 रूपये
4. पात्रता उधारकर्ता की न्यूनतम आयु – 21 वर्ष हो व केवाईसी अनुपालनकर्ता ईटीबी ग्राहक होने के साथ उधारकर्ता लाभकारी रूप से कार्यरत हो, वार्षिक पारिवारिक आय (वास्तविक साथ ही साथ अनुमानित) 3,00,000 रूपये तक होनी चाहिए।
5. प्रसंस्करण शुल्क/ प्रलेखीकरण शुल्क
शून्य
6. मार्जिन शून्य
7. पुनर्भुगतान अधिकतम: 36 महीने (अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो)
8. ऋण बीमा इन ऋण खातों को कवर करने के लिए समूह ऋण बीमा की व्यवस्था होगी। प्रीमियम बैंक द्वारा वहन किया जाएगा।
8. योजना तक पहुंच के लिए प्लेटफार्म https://digishramsaathi.pnb.bank.in:5443
इस अवसर पर बोलते हुए, पीएनबी के रिटेल आस्ति व्यवसाय प्रभाग के महाप्रबंधक श्री सुबोध कुमार ने कहा: “सरकार के ‘विजन विकसित भारत@2047’ के अनुरूप, पंजाब नैशनल बैंक को हमारे देश के समर्पित अग्र सामुदायिक कामगारों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए “डिजी पीएनबी श्रम साथी” डिजिटल ऋण योजना शुरू करने पर गर्व है। सुलभ औपचारिक ऋण प्रदान करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आशा, आंगनवाड़ी और स्वच्छता कामगारों जैसे आवश्यक जमीनी कामगार अब अनौपचारिक ऋण पर निर्भर न रहें और वास्तविक वित्तीय सुरक्षा प्राप्त कर सकें। ऋण राशि को सुरक्षित करने का बीमा प्रीमियम बैंक द्वारा वहन किया जाएगा।
यह उत्पाद डिजिटल माध्यम में लॉन्च किया जा रहा है, जो संपूर्ण (एंड-टू-एंड) डिजिटल समाधान प्रदान करता है और न्यूनतम दस्तावेजों की आवश्यकता के साथ कभी भी, कहीं भी एक सहज और सुविधाजनक आवेदन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।”

प्यार की कहानी फंदे पर खत्म ! पेड़ में फांसी के फंदे से लटकी मिली प्रेमी-प्रेमिका की लाश

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बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर (Bulandshahr) में एक बेहद ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। प्रेमी जोड़े (couple) की लाश पेड़ में फांसी के फंदे से लटकी मिली है। लाश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।

बता दें कि पूरा मामला नरौरा क्षेत्र के पिलखना गांव का है। जहां प्रेमी युगल की लाश एक पेड़ में लटकी मिली। दोनों अपने घर से लापता चल रहे थे। दोनों के परिजनों की शिकायत पर दोनों की खोजबीन कर रही थी। इस बीच गांव के लोगों ने दोनों की लाश देखी, जिसके बाद लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कर दोनों की पहचान की। युवक की पहचान गगन के रूप में हुई है। वहीं उसकी प्रेमिका नाबालिग है। पुलिस ने मौके से सबूत इकट्ठा कर लिया है। दोनों की लाश को पीएम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट के बाद ही दोनों के मौत के पीछे के कारण का पता चल सकेगा। घटना को लेकर परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।

 

दिल्ली पुलिस ने हाईवे पर हुई डकैती-किडनैपिंग का किया पर्दाफाश, 2 नाबालिग समेत 6 गिरफ्तार

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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने हाईवे पर डकैती-किडनैपिंग (Highway robbery and kidnapping) का चंद घंटे में पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 2 नाबालिग है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल कार और पीड़ित युवक का बाइक बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरियाणा और दिल्ली के युवक शामिल हैं। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस (मुखबिरों) की मदद से लोकेशन को ट्रेस कर सभी 6 आरोपियों को दबोच लिया है।

जानकारी के मुताबिक घटना 26-27 मई 2026 की दरमियानी रात नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने की है। होलंबी खुर्द के रहने वाले अभिनव त्रिपाठी बाइक से शाहबाद डेयरी से घर लौट रहे थे. रास्ते में छोटी मेट्रो कट के पास पीछे से आई एक सफेद रंग की मारुति कार ने उनकी बाइक को रोक लिया। अभिनव त्रिपाठी कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसमें सवार 6 लोगों ने उन्हें कार के अंदर खींच लिया। बदमाशों ने चलती कार में अभिनव के साथ जमकर मारपीट की। उनका मोबाइल फोन छीन लिया।

इसके बाद एक बदमाश उनकी बाइक लेकर भी फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित के भाई ने PCR कॉल की, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने इलाके के सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले। तकनीकी सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस (मुखबिरों) की मदद से आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस कर सभी 6 आरोपियों को पकड़ने में सफल हो गी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरियाणा और दिल्ली के युवक शामिल हैं। इनमें अंकित, हर्ष, सुधीर और संकेत नाम के 4 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

 

 

उपचार के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

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लापरवाही का आरोप लगाकर शव लेकर लौटे परिजन, पुलिस पर भी अनदेखी का आरोप
फर्रुखाबाद। शहर के कादरी गेट चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूता की मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और चिकित्सकों व अस्पताल कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। काफी देर तक चले विवाद और गाली-गलौज के बाद परिजन महिला का शव लेकर अपने घर चले गए।
जानकारी के अनुसार थाना अलीगंज जनपद एटा के गांव मधुपुर खुर्द निवासी गुंजन पत्नी शिवम शर्मा का प्रसव करीब नौ दिन पूर्व आवास विकास तिराहा स्थित माया हॉस्पिटल में कराया गया था। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और परिजन उसे घर ले गए थे। बताया गया कि शुक्रवार को अचानक गुंजन की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद घबराए परिजन उसे तत्काल फर्रुखाबाद शहर के कादरी गेट चौराहा स्थित वेदांता हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
परिजनों का आरोप है कि सुबह लगभग 6:30 बजे महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। मृतका के पति शिवम शर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि भर्ती के बाद पूरे दिन अस्पताल कर्मचारियों ने किसी भी परिजन को गुंजन से मिलने नहीं दिया। उन्होंने बताया कि दोपहर लगभग 4:30 बजे तक परिवार के लोग लगातार महिला की हालत के बारे में जानकारी मांगते रहे, लेकिन अस्पताल की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
शिवम शर्मा का आरोप है कि शाम करीब 6:30 बजे अस्पताल कर्मियों ने अचानक बताया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसे कहीं बाहर ले जाकर दिखा दें। परिजनों के मुताबिक जब महिला को वार्ड से बाहर लाया गया तो वह मृत अवस्था में थी। यह देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में चीख-पुकार शुरू हो गई।
महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मृतका के पति ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के लिए उन्होंने पुलिस को फोन किया, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
हंगामे और विवाद के दौरान अस्पताल कर्मियों व परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज भी हुई। बाद में परिजन महिला का शव लेकर अपने घर चले गए। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी रहीं। वहीं मामले को लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में तूफान और बिजली का कहर, 7 की मौत, सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तेज आंधी, भारी बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अलग-अलग घटनाओं में 7 लोगों की मौत हो गई। कोलकाता, हावड़ा और हुगली समेत कई जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, सड़कें जलमग्न हो गईं और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सरकार (government) ने हादसों पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन सड़कें साफ करने और यातायात सामान्य करने में जुटा हुआ है।

शुक्रवार दोपहर को कोलकाता में अचानक मौसम ने करवट ली। साल्ट लेक, दमदम, जादवपुर, एस्प्लेनेड और बारानगर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलीपुर मौसम विभाग के मुताबिक, अलीपुर में हवा की रफ्तार 88 किमी प्रति घंटा और दमदम में 74 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।

तूफान के कारण कई मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहीं। खुदीराम मेट्रो स्टेशन की छत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि साउथ सिटी मॉल में पानी घुसने से कांच के पैनल टूट गए। रासबिहारी एवेन्यू, पार्क स्ट्रीट, टॉलीगंज और एजेसी बोस रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा।

खराब मौसम का असर हवाई और रेल सेवाओं पर भी पड़ा। कोलकाता एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। वहीं, मध्यमग्राम और कटवा रेल सेक्शन में पटरियों पर पेड़ गिरने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के छह जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिनों तक तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

 

दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे 5 बांग्लादेशी गिरफ्तार, छोटे से झगड़े ने खोली बड़ी पोल

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली (Delhi) के मुखर्जी नगर इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi citizens) को हिरासत में लिया है। ये सभी लोग वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। अब इनके खिलाफ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरअसल, मुखर्जी नगर थाना पुलिस इलाके में अवैध अप्रवासियों और तय समय से ज्यादा रुकने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी।

इसी दौरान पुलिस को दो गुटों के बीच मामूली विवाद की सूचना मिली। जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि दो संदिग्ध व्यक्ति लगातार बांग्ला भाषा में बातचीत कर रहे थे, जिसके बाद स्थानीय लोगों को उन पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और दोनों संदिग्धों की पहचान व नागरिकता की जांच शुरू की। पूछताछ में पता चला कि दोनों युवक मुखर्जी नगर की इंदिरा विकास कॉलोनी में किराए के मकान में अपने तीन अन्य साथियों के साथ रह रहे थे। जांच में सामने आया कि पांचों व्यक्ति बांग्लादेश के नागरिक हैं।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सभी आरोपी अलग-अलग तारीखों में हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कथित तौर पर ग्रीस जाकर रोजगार हासिल करना था। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 से वे ग्रीस से इंटरव्यू कॉल और नौकरी के प्रस्ताव का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई, लेकिन वे भारत छोड़कर नहीं गए।

पुलिस के मुताबिक, जांच में साफ हो गया है कि सभी पांचों नागरिक वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआत में सभी लोग दिल्ली के अलग-अलग होटलों में ठहरे थे। बाद में वीजा समाप्त होने के बाद वे पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी गणपति बिश्वास की मदद से इंदिरा विकास कॉलोनी में रहने लगे। फिलहाल उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।