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Wednesday, June 3, 2026
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जिस धरती पर शंकराचार्य सड़क पर हों, क्या वह सचमुच सनातन का राष्ट्र कहलाने का अधिकार रखती है?

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शरद कटियार

भारत को विश्व में यदि किसी एक पहचान ने सबसे अलग स्थान दिलाया है तो वह उसकी सनातन परंपरा है। यह वही भूमि है जहां ऋषियों ने राजाओं को धर्म का मार्ग बताया, जहां संतों के चरणों में सम्राटों ने शीश झुकाया और जहां आध्यात्मिक शक्ति को राजनीतिक शक्ति से भी ऊपर माना गया। लेकिन आज जब एक शंकराचार्य को सड़क पर रात्रि विश्राम करने की नौबत आ जाए, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि क्या हम केवल सनातन की बातें कर रहे हैं या वास्तव में उसके मूल्यों को भी जी रहे हैं?

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कन्नौज में जो हुआ, उसने करोड़ों सनातन अनुयायियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यदि एक जगद्गुरु शंकराचार्य, जिन्हें आदि शंकराचार्य की परंपरा का प्रतिनिधि माना जाता है, उनके लिए सम्मानजनक व्यवस्था तक सुनिश्चित नहीं हो पाती, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उस परंपरा का अपमान माना जाएगा जिसने हजारों वर्षों से भारत की आध्यात्मिक चेतना को जीवित रखा है।

विडंबना यह है कि आज सनातन राजनीति का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। चुनावी मंचों पर सनातन की रक्षा के दावे किए जाते हैं। संतों और धर्माचार्यों के साथ तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं। मंदिरों और तीर्थों के विकास को उपलब्धि बताया जाता है। लेकिन जब किसी शंकराचार्य के सम्मान का वास्तविक प्रश्न सामने आता है, तब व्यवस्था मौन क्यों दिखाई देती है?

भारत में शंकराचार्य केवल एक धार्मिक पद नहीं हैं। वे उस दार्शनिक परंपरा के उत्तराधिकारी हैं जिसने देश को सांस्कृतिक रूप से एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। जब विदेशी आक्रमणों ने भारत की पहचान मिटाने का प्रयास किया, तब संतों और मठों ने संस्कृति की रक्षा की। जब समाज बिखरने लगा, तब इन्हीं आध्यात्मिक केंद्रों ने उसे जोड़े रखा। ऐसे में यदि आज उनके सम्मान पर प्रश्न उठते हैं तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सनातन केवल नारों तक सीमित हो गया है? क्या संतों का सम्मान केवल तब तक है जब तक वे सत्ता की प्रशंसा करते रहें? क्या सरकारों और प्रशासन को केवल वही संत स्वीकार हैं जो प्रश्न न पूछें? लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछना अपराध नहीं होता। यदि कोई संत कानून-व्यवस्था, गौ संरक्षण या सामाजिक मुद्दों पर सरकार से सवाल करता है तो उसका उत्तर संवाद से दिया जाना चाहिए, उपेक्षा से नहीं।

भारतीय संस्कृति का मूल भाव सम्मान है। यहां विरोधी विचार रखने वाले ऋषियों का भी सम्मान किया गया। यहां शास्त्रार्थ हुए, बहसें हुईं, लेकिन संतों की गरिमा कभी कम नहीं होने दी गई। यही भारत की विशेषता रही है। यदि हम उस परंपरा से दूर हो रहे हैं तो यह केवल धार्मिक संकट नहीं, सांस्कृतिक संकट भी है।

आज आवश्यकता आत्ममंथन की है। सनातन केवल मंदिरों, नारों और आयोजनों का नाम नहीं है। सनातन का अर्थ है मर्यादा, सम्मान, संवाद और परंपरा के प्रति श्रद्धा। यदि इन मूल्यों की रक्षा नहीं हो रही, तो फिर केवल स्वयं को सनातन का रक्षक घोषित कर देने से कुछ नहीं बदलेगा।

कन्नौज की घटना एक चेतावनी है। यह याद दिलाती है कि भारत की आत्मा उसके संतों, गुरुओं और आध्यात्मिक परंपराओं में बसती है। जिस दिन यह आत्मा आहत होती है, उस दिन केवल एक व्यक्ति नहीं, पूरी सांस्कृतिक विरासत घायल होती है।

और तब यह प्रश्न गूंजता है जिस धरती पर शंकराचार्य को सड़क पर बैठना पड़े, क्या वह सचमुच स्वयं को सनातन का राष्ट्र कहने का नैतिक अधिकार रखती है?

राशिफल: इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, कुछ को रहना होगा सतर्क

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मेष (Aries)
आज का दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से प्रसन्नता का माहौल बनेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान में संयम रखें।

वृषभ (Taurus)
गुरुवार आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है। धन संबंधी मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

मिथुन (Gemini)
आज आपके व्यक्तित्व का प्रभाव लोगों पर दिखाई देगा। व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित होगी। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। निवेश के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कर्क (Cancer)
भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। पारिवारिक मामलों में धैर्य बनाए रखें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शाम के समय कोई शुभ सूचना प्राप्त हो सकती है।

सिंह (Leo)
भाग्य आज आपका साथ देगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां दूर होंगी।

कन्या (Virgo)
आज आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें। आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है लेकिन अनावश्यक खर्च भी बढ़ सकते हैं। छात्रों के लिए मेहनत का समय है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

तुला (Libra)
गुरुवार आपके लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। व्यापार में विस्तार की संभावना बनेगी। पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।

वृश्चिक (Scorpio)
आज जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। विरोधियों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

धनु (Sagittarius)
गुरु ग्रह की कृपा से दिन लाभदायक रहेगा। शिक्षा, प्रतियोगिता और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं। आय में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार में खुशियां बनी रहेंगी। निवेश से लाभ मिल सकता है।

मकर (Capricorn)
कार्यस्थल पर आपके निर्णयों की सराहना होगी। व्यापारियों को नए अनुबंध मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। मानसिक तनाव कम होगा।

कुंभ (Aquarius)
आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आएगा। नौकरी और व्यवसाय में लाभ मिलने की संभावना है। रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

मीन (Pisces)
गुरुवार आपके लिए विशेष रूप से शुभ रहने वाला है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। करियर और व्यापार में सफलता के नए अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक लाभ के प्रबल योग हैं।

आज का विशेष उपाय

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें। पीले वस्त्र धारण करें तथा जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करें। इससे सुख-समृद्धि और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

— यूथ इंडिया ज्योतिष डेस्क

PNB ने ‘PNB हरित निवास’ ग्रीन होम लोन योजना से स्थायी आवास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया

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नई दिल्ली: सतत वित्तपोषण और पर्यावरण के प्रति कर्तव्यनिष्ठ बैंकिंग की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, पंजाब नैशनल बैंक ने अपनी पीएनबी हरित निवास ग्रीन होम लोन योजना को सशक्त बनाया है। इस पहल का उद्देश्य स्थायी आवास को बढ़ावा देना और घर खरीदारों व मकान मालिकों को अधिक हरित और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवन शैली को आत्मसात करने हेतु प्रोत्साहित करना है।

पीएनबी हरित निवास’ को ग्राहकों के एक विस्तृत वर्ग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें वेतनभोगी व्यक्ति, पेशेवर, स्वरोजगार व्यक्ति, पेंशनभोगी, व्यवसायी और किसान शामिल हैं। यह योजना पहले से तैयार ग्रीन होम, स्वीकृत परियोजनाओं में निर्माणाधीन संपत्तियों, अपने भूखंडों पर स्व-निर्माण के साथ-साथ मौजूदा घरों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप अनुकूलित करने के लिए उनके नवीकरण और आधुनिकीकरण को कवर करती है।

पीएनबी हरित निवास के माध्यम से बैंक मान्यता प्राप्त ग्रीन बिल्डिंग फ्रेमवर्क के तहत प्रमाणित आवासीय संपत्तियों के लिए वित्तीय लाभ प्रदान करता है। इसके माध्यम से बैंक उन ग्राहकों की सहायता करता है जो पर्यावरण के अनुकूलऔर स्थायी घर खरीदना, बनाना या उन्हें अपग्रेड करना चाहते हैं।

पीएनबी हरित निवास’ योजना के अंतर्गत ग्राहकों को कई विशेष लाभ दिए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

नियमित होम लोन योजनाओं के मुकाबले लागू ब्याज दर पर 0.10% की अतिरिक्त छूट
ऋण प्रक्रिया के लिए कोई प्रसंस्करण शुल्क नहीं
दस्तावेजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं
ग्रीन होम की खरीद, निर्माण, आधुनिकीकरण और अधिग्रहण हेतु ऋण सुविधा
पुनर्भुगतान पात्रता में 5% तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी

आईजीबीसी, गृह और लीड जैसी प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा प्रमाणित संपत्तियों के लिए पात्रता
ऊर्जा-कुशल आवास समाधानों से होने वाली वित्तीय बचत को ध्यान में रखते हुए बेहतर पुनर्भुगतान पात्रता
यह योजना नियमित आय स्रोत वाले वेतनभोगी व्यक्तियों, पेंशनभोगियों, पेशेवरों, स्वरोजगार करने वाले लोगों, व्यवसायियों और नियमित आय वाले किसानों के लिए उपलब्ध है, जिससे विभिन्न ग्राहक वर्गों के लिए स्थायी आवास वित्तपोषण तक पहुंच आसान हो जाती है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने व्याख्यान में, पीएनबी के रिटेल आस्ति व्यवसाय प्रभाग के महाप्रबंधक श्री सुबोध कुमार ने कहा “पंजाब नैशनल बैंक में, स्थिरता हमारी विकास रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा है। ‘पीएनबी हरित निवास’ के माध्यम से, हम देश भर के ग्राहकों के लिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आवास को अधिक किफायती और सुलभ बना रहे हैं।

यह योजना न केवल आकर्षक वित्तीय लाभ प्रदान करती है बल्कि ऊर्जा-कुशल घरों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करती है, जो कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और घरेलू ऊर्जा लागत को घटाने में योगदान देते हैं। जैसे-जैसे भारत एक दीर्घकालिक भविष्य की ओर बढ़ रहा है, पीएनबी इनोवेटिव और जलवायु-अनुकूल वित्तीय समाधानों के माध्यम से जिम्मेदार विकास को सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को मक्का खरीद, 1725 एसी ई-बसें, वकीलों की फीस बढ़ी

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– नए मेडिकल कॉलेज और जेलों को मंजूरी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य, न्यायिक व्यवस्था, नगरीय विकास और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों किसानों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, यात्रियों और निवेशकों पर पड़ने वाला है।
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। किसानों से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का खरीदा जाएगा। खरीद प्रक्रिया 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक चलेगी।
फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, आगरा, एटा, मैनपुरी, शाहजहांपुर, बलिया, बहराइच समेत 25 जिलों में खरीद केंद्र खोले जाएंगे। प्रदेश में 150 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों के खाते में खरीद का भुगतान आधार लिंक्ड बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर करने का दावा किया गया है।
कैबिनेट ने प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में 1725 नई एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी है। यह बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर निजी कंपनियों द्वारा संचालित की जाएंगी।

लखनऊ, कानपुर, आगरा, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, नोएडा, मथुरा, बरेली सहित 18 शहरों को इसका लाभ मिलेगा।
सरकार का दावा है कि इससे प्रदूषण कम होगा, यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी और सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।
करीब डेढ़ दशक बाद राज्य सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनर फीस और प्रति सुनवाई शुल्क में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता की मासिक फीस 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दी गई है, जबकि प्रति सुनवाई फीस 1650 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है।
महाधिवक्ता की मासिक रिटेनर फीस 75 हजार से बढ़कर 1.25 लाख रुपये हो गई है, जबकि सुनवाई फीस 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।
कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल पांडुनगर, कानपुर को सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है।
करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज में शुरुआत में 50 एमबीबीएस सीटें होंगी, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 100 किया जाएगा।

इस परियोजना से सैकड़ों डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आगरा, बरेली और प्रयागराज विकास प्राधिकरणों को प्रथम किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है।
सरकार का उद्देश्य नए नियोजित शहर विकसित करना और बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया, कानपुर नगर और भदोही में नई जिला जेलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
इन जेलों के निर्माण पर कुल मिलाकर 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। नई जेलों के बनने से वर्तमान जेलों पर बढ़ता दबाव कम होगा।
प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को शीघ्र मुआवजा देने के लिए नई “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” को मंजूरी दी गई है।

सरकार का दावा है कि इससे मानवाधिकार संरक्षण और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे बड़े निवेश आकर्षित होंगे और प्रदेश देश के सेमीकंडक्टर निर्माण हब के रूप में उभर सकेगा।
झांसी में पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से गो-आश्रय स्थल, पशु चिकित्सालय और गोवंश संरक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बुंदेलखंड क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या से निपटने के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट के फैसलों में फर्रुखाबाद के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत मक्का खरीद नीति रही। जिले को मक्का खरीद वाले प्रमुख जिलों की सूची में शामिल किया गया है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

रेस्टोरेंट में मौत की आग से 21 लोगों की दर्दनाक मौत

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*होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने हिरासत में लिया।

*हादसे में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौजरानी इलाके में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में 11 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे के बाद से फरार चल रहे होटल मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेस्टोरेंट में अचानक आग भड़कने के बाद भगदड़ मच गई। धुएं और आग की लपटों ने लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं दिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रारंभिक जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां और सुरक्षा उपकरणों के अभाव की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज फरार हो गया था, जिसके खिलाफ पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तलाश शुरू की थी। देर रात पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

इस हृदयविदारक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी के होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने 30 दिन का विशेष अभियान चलाकर अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की घोषणा की है।

राजधानी में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बीच यह हादसा सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। 21 लोगों की मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, जबकि पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

पाताल में भी छिपोगे तो नहीं बचोगे : सीएम योगी का अपराधियों को खुला अल्टीमेटम

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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर से अपराधियों, माफियाओं और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को कड़ा संदेश देते हुए साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी गरीबों का हक छीनेगा, व्यापारियों को धमकाएगा या बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी चाहे पाताल में ही क्यों न छिप जाएं, सरकार उन्हें वहां से भी खोज निकालने की क्षमता रखती है।

गीडा में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और खरीफ उत्पादकता गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के साथ ही प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई थी। उसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और सुशासन के बिना विकास संभव नहीं है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित होने के कारण ही उद्योगों का विस्तार हुआ है और युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेले गीडा क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के माध्यम से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है, जो बेहतर कानून व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

विपक्ष पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में भय और अराजकता का माहौल था, लेकिन अब अपराधियों की नहीं बल्कि कानून की चलती है। सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रही है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

गोरखपुर से दिया गया मुख्यमंत्री का यह संदेश आगामी समय में अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख सार्वजनिक मंच से जाहिर कर दिया है।