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Sunday, May 17, 2026
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दिल्ली सिग्नेचर ब्रिज लूटकांड में ‘सलवार सूट गिरोह’ के 3 बदमाश गिरफ्तार, महिलाओं के भेष में करते थे वारदात

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नई दिल्ली: दिल्ली सिग्नेचर ब्रिज लूटकांड (Delhi Signature Bridge robbery) में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज लूटकांड में ‘सलवार सूट गिरोह’ (Salwar Suit Gang) के 3 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें ‘सलवार सूट गिरोह’ का नामी बदमाश निखिल भी शामिल है। ‘सलवार सूट गिरोह’ के बदमाश महिलाओं के भेष में वारदात को अंजाम देते थे।

इस गिरोह के बदमाश महिलाओं के भेष में वह युवाओं को जाल में फंसाकर यमुना खादर में ले जाकर लूट करते थे। पकड़े गए बदमाशो के पास से पीड़ित का बैग, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।

पुलिस ने बताया कि 13 मई की रात सिग्नेचर ब्रिज के पास स्कूटी सवार से लूट हुई थी। पीड़ित व बुराड़ी निवासी मनीष कुमार मिश्रा वजीराबाद रोड से स्कूटी से घर जा रहे थे।सिग्नेचर ब्रिज के पास एक व्यक्ति ने उन्हें रुकने का इशारा किया। जब उन्होंने अपनी स्कूटी रोकी, तो उस व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनसे उनका मोबाइल फोन, नकदी और एक बैग लूट लिया, जिसमें एक लैपटॉप और अन्य दस्तावेज थे।

पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। सीसीटीवी कैमरों से बदमाशो की पहचान की गई। टेक्निकल सर्विलांस के जरिये बदमाशों को भजनपुरा से गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान भजनपुरा निवासी निखिल, सोनू व गाजियाबाद निवासी अमर के रूप में हुई है।

 

दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली 6 अवैध फैक्ट्रियां सील, नियमों की उड़ाई जा रही थी धज्जियां

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण (Air pollution) को लेकर रेखा गुप्ता सरकार लगातार एक्शन मोड में है। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। इसी क्रम में दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली 6 अवैध फैक्ट्रियां सील की गई है। दिल्ली एमसीडी ने सबोली इलाके में प्रदूषण फैलाने वाली अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए छह फैक्ट्रियों को सील की।कार्रवाई दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, नगर निगम की टीम द्वारा की गई।

6 अवैध फैक्ट्रियां सील कार्रवाई की जानकारी देते हुए निगम आयुक्त ममता यादव ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं, रासायनिक गंध और अपशिष्ट पदार्थों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद निरीक्षण अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त ममता यादव ने आगे बताया कि जांच के दौरान कई फैक्ट्रियों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मानकों का उल्लंघन पाया गया। कुछ फैक्ट्रियों में बिना अनुमति औद्योगिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। टीम ने अनियमितताएं पाए जाने पर फैक्ट्रियों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली नगर निगम के मुताबिक अवैध रूप से संचालित और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपने आसपास संचालित ऐसी फैक्ट्रियों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की है।

 

 

ओडिशा पुलिस ने 1,771 लोगों को किया गिरफ्तार, 3 हजार किलो से अधिक गांजा और 20 बिना लाइसेंस वाली बंदूकें जब्त

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भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस (Odisha police) ने एक विशेष अभियान के दौरान 1,771 लोगों को गिरफ्तार (arrested) किया और 3,000 किलोग्राम से अधिक गांजा, 20 बिना लाइसेंस वाली बंदूकें और अन्य अवैध वस्तुएं जब्त कीं। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। डीजीपी योगेश बहादुर खुराना के निर्देश पर, राज्य भर के एसपी और पुलिस आयुक्तों के नेतृत्व में 12 से 16 मई तक पांच दिवसीय अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) संजय कुमार ने इसकी निगरानी की।

बयान में कहा गया है कि इस अभियान के मुख्य उद्देश्य गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) को लागू करना, लंबित मामलों में वांछित व्यक्तियों को गिरफ्तार करना, नशीले पदार्थों (गांजा और भूरी चीनी) की तस्करी को रोकना, अवैध हथियारों और खनिजों के परिवहन में शामिल वाहनों को जब्त करना और नशे में गाड़ी चलाने वालों पर नकेल कसना थे।

पत्रकारों से बात करते हुए खुरानिया ने कहा, “ओडिशा पुलिस का विशेष अभियान सफल रहा है क्योंकि हमने 1,700 से अधिक गैर-कानूनी वारंट जारी किए हैं, छह लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि पांच दिनों के दौरान 50 फरार अपराधियों को पकड़ा गया है।” उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस का विशेष अभियान अगले 10 दिनों तक जारी रहेगा और ओडिशा में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी।

ओडिशा पुलिस ने राज्य के किसी भी हिस्से में अपराध की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की। डीजीपी ने बताया कि अधिकतर मामलों में आरोपियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शेष मामलों में आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

अभियान के दौरान, राज्य भर में वारंट जारी कर 1,771 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच कुख्यात अपराधियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई है और 449 आदतन अपराधियों पर बीएनएसएस की धारा 129 (शांति भंग करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, बीएनएसएस की धारा 126 (अवैध कारावास) के तहत 643 लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की और 31 गैर-नॉन-डिस्चार्ज (एनडीपीएस) मामले दर्ज करते हुए 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही, 716 उत्पाद शुल्क मामले भी दर्ज किए गए। बयान में कहा गया है कि 3,000 किलोग्राम से अधिक गांजा और 16.6 ग्राम भूरी चीनी के अलावा, मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए गए छह वाहन और दो मोबाइल फोन, साथ ही 12,348 रुपये नकद जब्त किए गए।

ओडिशा पुलिस ने आगे बताया कि उन्होंने शराब के नशे में वाहन चलाने के आरोप में 966 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है और उनके वाहन जब्त कर लिए हैं। वाहन अधिनियम के तहत कुल 1.89 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है। पुलिस ने गायों की तस्करी के संबंध में पांच मामले दर्ज किए हैं और इस अवैध व्यापार में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस दौरान चार वाहनों से कुल 33 गायों को बचाया गया है।

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, ओडिशा पुलिस ने 136 मामले दर्ज किए हैं और 60 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 14 अन्य व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं। पिछले पांच दिनों में अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले 179 ट्रक, ट्रैक्टर, ट्रिपर, पावर टिलर और अर्थमूवर जब्त किए गए हैं।

इसी तरह, पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के नौ मामले दर्ज किए हैं, 20 बिना लाइसेंस वाली बंदूकें जब्त की हैं और इस व्यापार में शामिल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। बयान में यह भी कहा गया है।

 

महाराष्ट्र: कर्ज से छुटकारा पाने के लिए रची मौत की साजिश, दोस्त की हत्या कर अपने कपड़े शव को पहनाया

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गोंडिया: महाराष्ट्र (Maharashtra) के गोंडिया जिले के अमगांव में पुलिस ने एक जटिल हत्या (murder) का मामला सुलझा लिया है और 28 वर्षीय एक व्यक्ति को अपने दोस्त की हत्या का नाटक रचने और पांच लाख रुपये के ऋण का भुगतान टालने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामला तब सामने आया जब पीड़ित के भाई को उसके लापता होने पर संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई और अंततः उसकी मौत के पीछे के रहस्य का खुलासा हुआ।

आरोपी ओमप्रकाश खोटेले (28), जो गोंडिया के देवड़ी तालुका के डोंगरगांव का निवासी है, ने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए देवड़ी के अर्बन बैंक से लगभग पांच लाख रुपये का ऋण लिया था। हालांकि, उसे नुकसान हुआ और वह अत्यधिक मानसिक तनाव में चला गया। ऋण चुकाने से बचने के लिए, उसने अपनी मौत का नाटक रचने की साजिश रची।

पुलिस ने बताया कि ओमप्रकाश ने अपने ही गांव के निवासी अपने दोस्त चंद्रकुमार श्रीकृष्णा सरते (46) को निशाना बनाया था। 28 अगस्त, 2025 को वह रात 11:30 बजे चंद्रकुमार के घर पहुंचा और एक जरूरी काम होने का बहाना बनाकर उसे अपने दोपहिया वाहन पर बिठाकर बहमनी रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले गया।

जांच में पता चला कि ओमप्रकाश ने चंद्रकुमार को शराब पीने के लिए मजबूर किया। जब चंद्रकुमार नशे में धुत हो गया, तो आरोपी ने सुबह करीब 4:30 बजे एक दुपट्टे से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद, ओमप्रकाश ने शव को अपने कपड़े पहनाए और बैंक व पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी जेब में अपना आधार कार्ड और एटीएम कार्ड रख दिया ताकि यह लगे कि आरोपी की मौत रेल दुर्घटना में हुई है। असल में, उसने ब्राह्मणी रेलवे ट्रैक के पास अपना दोपहिया वाहन छोड़ दिया था और अंधेरे में भाग गया था।

ओमप्रकाश की इस खौफनाक साजिश के कारण, चंद्रकुमार पिछले नौ महीनों से मृत ही रहा। पुलिस ने बताया कि उसका मकसद अपनी मौत की सूचना देकर बैंक से लिया गया कर्ज माफ करवाना था। हालांकि, चंद्रकुमार के भाई रमेश श्रीकृष्णा सरते (43) को शक हुआ और उसने आमगांव पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

इसके बाद, तकनीकी जांच, सबूतों की छानबीन और विभिन्न सुरागों के जरिए पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पता चला कि मरने वाला व्यक्ति चंद्रकुमार था, ओमप्रकाश नहीं। पुलिस ने बाद में ओमप्रकाश को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। अमगांव पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक तिरुपति राणे ने बताया कि पीड़ित के भाई द्वारा अमगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे फिलहाल पूछताछ की जा रही है।

 

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई, 6.5 करोड़ रुपये का ड्रग्स बरामद

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अहमदाबाद। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का ड्रग्स बरामद किया है। अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के पास से करीब 6.540 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 6.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर यात्री की जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके सामान से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद सीमा शुल्क विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रग्स की खेप कहां से लाई गई थी और इसे भारत में किस नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था। एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े संभावित लिंक की भी जांच कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर निगरानी लगातार कड़ी की जा रही है और विदेशों से आने वाले यात्रियों की विशेष जांच की जा रही है। हाल के वर्षों में हाइड्रोपोनिक गांजा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।
सीमा शुल्क विभाग ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है।

इस्लाहे मुआशरा में तालीम के साथ सीरत बढ़ाने पे दिया गया जोर, बच्चे सम्मानित

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फर्रुखाबाद । नगर के भीकमपुरा फैज़े आम ग्राउंड में सालाना तकरीब व इस्लाहे मुआशरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मदरसा के 150 छात्र-छात्राओं को उनकी शिक्षा और अच्छे आचरण के लिए सम्मानित किया गया। उलेमा (धर्मगुरु) मौलाना सूफी आदम मुस्तफा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना, समाज में नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना और इस्लामी शिक्षाओं का प्रचार करना रहा। इस मौके पर कुरान व हदीस की तालीम, समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, मौलवियों और समाजसेवियों को पुरस्कार व सनद (डिग्री) से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि मौलाना सूफी आदम मुस्तफा ने ‘इस्लाहे मुआशरा’ (समाज सुधार) के तहत कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बच्चों को दीनी (धार्मिक) और दुनियावी (आधुनिक) दोनों तरह की शिक्षा दिलाने के महत्व पर जोर दिया। मौलाना सूफी आदम मुस्तफा ने नशाखोरी, सूद (ब्याज), दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने पारिवारिक व नैतिक मूल्यों जैसे बड़ों का सम्मान, पड़ोसियों के अधिकार और महिलाओं के इस्लामी अधिकारों की सुरक्षा पर भी बात कही।