33.4 C
Lucknow
Friday, June 5, 2026
Home Blog

राजपुताना होटल में फायर सेफ्टी भगवान भरोसे! क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन?

0

– सजातीय मंत्रियों क्या आवा गमन के कारण प्रशासन रहता है नतमस्तक

– बगैर आईडी के राजनैतिक रसूख के यहां रुकते हैं कई संदिग्ध जो कानून व्यवस्था के लिए कभी भी बन सकते हैं खतरा : सूत्र

फर्रुखाबाद। शहर के चर्चित राजनैतिक आयोजन स्थलों में बढ़पुर के शामिल राजपुताना होटल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस चल रही है, स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि होटल परिसर में न तो पर्याप्त अग्निशमन उपकरण हैं और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी इंतजाम मौजूद हैं। ऐसे में यदि किसी समारोह के दौरान आग लग जाए तो सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। हालांकि होटल संचालक ठा. वीरेंद्र सिंह राठौर को सत्ता रुण भाजपा का सहारा है इसलिए यहां पर कोई भी जिम्मेदार हाथ डालने से बचता है। और खुद को भाई भारतीय जनता पार्टी का भोजपुर विधानसभा से प्रत्याशी मानते हैं। प्रदेश के कई उनके सजातीय मंत्री उनके होटल में जनपदीय भ्रमण के दौरान फ्री का खाना खाने आते हैं इस कारण जिम्मेदारों पर उनके दबाव पर्याप्त रहता माना जाता है।

राजपुताना होटल में नियमित रूप से राजनीतिक कार्यक्रमों समारोह, , क्षत्रिय समाज के सामाजिक आयोजन और बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर सैकड़ो लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने जैसा है।

देशभर में होटलों और बैंक्वेट हॉल में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी ) और विभिन्न अग्निशमन विभागों के आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष हजारों अग्निकांड दर्ज होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी होती है। अधिकांश मामलों में आग से ज्यादा जानें सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण जाती हैं।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, सूरत और अन्य शहरों में हुए कई दर्दनाक अग्निकांडों की जांच रिपोर्टों में यह सामने आया कि भवनों में फायर एनओसी तो थी, लेकिन फायर एक्सटिंग्विशर निष्क्रिय पड़े थे, आपातकालीन निकास बंद थे या कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया था। परिणामस्वरूप छोटी घटना कुछ ही मिनटों में भयावह त्रासदी में बदल गई।

जिले में भी सवाल यही उठ रहा है कि यदि राजपुताना होटल में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो रहा है तो इसकी नियमित जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती? क्या अग्निशमन विभाग ने हाल के दिनों में यहां निरीक्षण किया है? यदि किया है तो क्या कमियां मिलीं और उन पर क्या कार्रवाई हुई?

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल होटल की फायर सेफ्टी ऑडिट करानी चाहिए। यदि अग्निशमन उपकरण, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों में कोई कमी पाई जाती है तो नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। क्योंकि हादसे के बाद कार्रवाई करने से जानें वापस नहीं आतीं।

झांसी में सड़क हादसा, सवारियों से भरी ऑटो अनियंत्रित होकर पलटी, 6 लोग घायल

0

झांसी: झांसी (Jhansiजिले में रफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां, बबीना थाना क्षेत्र के मानपुर की ढाल पर गुरुवार को सवारियों (passengers) से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में मासूम बच्चों समेत छह लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घायलों में रूबी (40), मेवा सहरिया (27), प्रशांत (6), अखिलेश (30), गुंजन (22) और छह माह का नीलेश शामिल हैं। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बबीना में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल रूबी को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद ऑटो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची झांसी पुलिस ने ऑटो को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

देश को फिर से गांधी चाहिए, अब हवा नहीं आंधी चाहिए

0

लेखक✍️ सूर्या अग्निहोत्री
(डिप्टी एडिटर यूथ इंडिया न्यूज ग्रुप)
भारत का इतिहास गवाह है कि जब-जब देश किसी बड़े सामाजिक, राजनीतिक या वैचारिक मोड़ पर खड़ा हुआ है, तब-तब जनता ने ऐसे नेतृत्व को स्वीकार किया है जो सत्ता के गलियारों से निकलकर सीधे लोगों के बीच पहुंचा हो। आज देश एक बार फिर ऐसे ही दौर से गुजर रहा है, जहां आम नागरिक अपने सवालों, उम्मीदों और संघर्षों के साथ खड़ा है। ऐसे समय में राहुल गांधी का नाम केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार संवाद स्थापित करने वाले चेहरे के रूप में उभरकर सामने आया है।

पिछले कुछ वर्षों में राहुल गांधी ने जिस तरह देश के कोने-कोने का भ्रमण किया, वह भारतीय राजनीति में एक अलग उदाहरण बन गया। हजारों किलोमीटर की यात्राएं, गांवों-कस्बों में लोगों से मुलाकात, किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यापारियों से सीधे संवाद—इन सबने उन्हें आम जनता के बीच एक अलग पहचान दी। उनकी राजनीति का केंद्र मंचों की भीड़ से ज्यादा लोगों के बीच बैठकर उनकी बात सुनना रहा।

भारत जोड़ो यात्रा और उसके बाद के जनसंपर्क अभियानों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी दायित्व है। राहुल गांधी लगातार प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की बात करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि देश की ताकत उसकी विविधता और एकता में है, और किसी भी प्रकार का विभाजन भारत की आत्मा को कमजोर करता है।

आज जब बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दे आम लोगों की चिंता बने हुए हैं, तब राहुल गांधी इन विषयों को लगातार राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रखने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। समर्थकों का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत यही है कि वे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें आवाज देने का प्रयास करते हैं।

महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के माध्यम से देश को एकजुट किया था। आज का भारत अलग चुनौतियों से जूझ रहा है। इसलिए समय की मांग भी अलग है। ऐसे में राहुल गांधी के समर्थक उन्हें नए दौर का वह चेहरा मानते हैं जो लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और प्रेम की राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

इसी भावना को शब्द देते हुए यह पंक्तियां आज कई लोगों की आवाज बनती दिखाई देती हैं—

“अब मजबूरी का नाम गांधी नहीं, जरूरत का नाम गांधी हो गया है।
अब फिर से एक बार देश को गांधी की जरूरत पड़ चुकी है।
मगर इस बार महात्मा नहीं, राहुल चाहिए।
नए मौसम में नई आंधी चाहिए,
नए देश को नया गांधी चाहिए।”

 

आज का राशिफल | 5 जून 2026 | यूथ इंडिया विशेष

0

 

मेष (Aries)

आज का दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके कार्यों में प्रगति के संकेत मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों को नए सौदों से लाभ हो सकता है। परिवार में किसी शुभ समाचार से प्रसन्नता का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9

वृषभ (Taurus)

आज आपको धैर्य और संयम के साथ काम लेना होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। निवेश के मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान पर ध्यान दें।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 6

मिथुन (Gemini)

आज आपके लिए नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ के संकेत हैं। मित्रों के सहयोग से महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे। किसी यात्रा की योजना बन सकती है। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बना रहेगा।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5

कर्क (Cancer)

भावनाओं पर नियंत्रण रखना आज आपके लिए आवश्यक रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें। परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति मिलेगी।

शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2

सिंह (Leo)

आज आपका व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करेगा। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल होंगी। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। प्रेम जीवन सुखद रहेगा।

शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1

कन्या (Virgo)

आज कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जांच कर लें। आर्थिक मामलों में स्थिति संतोषजनक रहेगी। विद्यार्थियों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 7

तुला (Libra)

आज भाग्य आपके पक्ष में रहेगा। रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी। व्यापारियों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। विवाह योग्य जातकों के लिए अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं।

शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6

वृश्चिक (Scorpio)

आज का दिन चुनौतियों से भरा हो सकता है, लेकिन आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति आपको सफलता दिलाएगी। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें। धन संबंधी मामलों में लाभ होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 8

धनु (Sagittarius)

आज आपके लिए प्रगति और उपलब्धियों का दिन है। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या सम्मान मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3

मकर (Capricorn)

आज मेहनत का फल मिलने का समय है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश से लाभ मिल सकता है। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है।

शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 8

कुंभ (Aquarius)

आज नए संपर्क और रिश्ते भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अनुकूल है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के संकेत हैं।

शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 4

मीन (Pisces)

आज आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में लाभ होगा। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकती है।

शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 7

🌟 आज का विशेष संदेश

आज ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि धैर्य, परिश्रम और सकारात्मक सोच से अधिकांश राशियों को लाभ मिल सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और आर्थिक मामलों में विवेक का परिचय दें।

यूथ इंडिया | धर्म, ज्योतिष और जनसरोकार

रेड कार्पेट पर गुलाब की बौछार के बीच पहुंचे नए सीएमओ, योगी की सादगी पर भारी पड़ा ‘शाही स्वागत’, बाराबंकी में अफसरशाही का नया तमाशा

0

योगी की सादगी पर भारी पड़ा ‘शाही स्वागत’, बाराबंकी में अफसरशाही का नया तमाशा

बाराबंकी। मुख्यमंत्री की वीआईपी संस्कृति खत्म करने की नसीहतों के बीच बाराबंकी के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम का स्वागत जिस अंदाज में हुआ, उसने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी कार्यालय में एक अधिकारी के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया, फूलों की सजावट की गई, गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश कराई गई और तीन गाड़ियों के काफिले के साथ उनकी एंट्री कराई गई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

बाराबंकी सीएमओ कार्यालय बुधवार को किसी सरकारी दफ्तर से ज्यादा एक शाही दरबार जैसा नजर आया। नए सीएमओ के स्वागत के लिए कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर को फूलों से सजाया। जैसे ही डॉ. गौतम अपनी पत्नी और बच्चों के साथ पहुंचे, उन पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई गईं। कार्यालय के प्रवेश द्वार तक रेड कार्पेट बिछाया गया था, जिस पर चलते हुए उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया।विशेष बात यह रही कि डॉ. गौतम की सरकारी गाड़ी को भी फूलों से सजाया गया था। उनके काफिले में तीन वाहन शामिल थे। सबसे आगे डिप्टी सीएमओ की सरकारी गाड़ी, उसके पीछे फूलों से सजी सीएमओ की गाड़ी और तीसरे वाहन में उनका परिवार मौजूद था। इस पूरे आयोजन ने सरकारी संसाधनों के उपयोग और वीआईपी संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है।

डॉ. रंजन गौतम को हाल ही में फर्रुखाबाद में एसीएमओ पद से पदोन्नत कर बाराबंकी का सीएमओ बनाया गया है। फर्रुखाबाद में उन्होंने अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर पहचान बनाई थी, लेकिन बाराबंकी में उनकी पहली एंट्री ही विवादों में घिर गई है।सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि जब प्रदेश सरकार सादगी और जवाबदेही की बात करती है, तब एक सरकारी अधिकारी के स्वागत में ऐसा शाही प्रदर्शन क्यों किया गया। कई लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति का खुला प्रदर्शन बताया।

इस बीच स्वागत कार्यक्रम से जुड़ा एक और मामला चर्चा में है। बताया गया कि सीएमओ को रिसीव करने पहुंचे डिप्टी सीएमओ एल.बी. गुप्ता रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गए और उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनके हाथ में प्लास्टर चढ़ाया गया।सरकारी महकमे में अब चर्चा इस बात की है कि क्या एक प्रशासनिक अधिकारी के स्वागत के लिए इस तरह का आयोजन वास्तव में आवश्यक था, या फिर यह वही वीआईपी संस्कृति है जिसे खत्म करने की बात लगातार की जाती रही है। बाराबंकी का यह ‘रेड कार्पेट स्वागत’ अब पूरे प्रदेश में अफसरशाही के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर रहा है।

एनकाउंटर के बाद बवाल, शव लेकर सड़क पर उतरे परिजन, पुलिस पर पथराव, सीओ थानाध्यक्ष समेत कई घायल

0

गाजीपुर। होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी कमलेश बिंद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद गुरुवार को गाजीपुर में हालात तनावपूर्ण हो गए। अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे कमलेश बिंद के शव को रास्ते में रोककर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध हिंसक हो गया और करीब 400 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव कर दिया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी (सीओ) शेखर सेंगर, सदर कोतवाली प्रभारी प्रमोद सिंह समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

 

जानकारी के अनुसार शाम करीब 7 बजे कमलेश बिंद का शव अंतिम संस्कार के लिए उसके घर से श्मशान घाट ले जाया जा रहा था। परिवार की महिलाओं ने अर्थी को कंधा देकर विदाई दी, जिसके बाद शव को पिकअप वाहन में रखकर श्मशान ले जाया जा रहा था। लेकिन फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास भीड़ ने शव को वाहन से उतारकर सड़क पर रख दिया और पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ गई। पहले कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई, फिर अचानक भीड़ ने चारों ओर से पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पथराव इतना तीव्र था कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। कुछ जवानों ने पास स्थित बैंक परिसर में शरण लेकर खुद को बचाया।

 

पथराव में सीओ शेखर सेंगर और थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह को चोटें आईं, जबकि सीओ के चालक शशिकांत पांडेय भी घायल हो गए। उनकी घड़ी टूट गई और शरीर पर कई जगह चोटें आईं। भारी पुलिस बल ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया और उपद्रवियों को खदेड़कर शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। कमलेश बिंद के बड़े भाई संजय कुमार बिंद ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान बेहद सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे।

 

पुलिस अधीक्षक ईराज राजा ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों को चिन्हित किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) तक लगाया जाएगा।

 

गौरतलब है कि 29 मई की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, सोनू यादव, कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 3 जून की रात एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कमलेश बिंद को मुठभेड़ में मार गिराया था। जबकि शंकर पांडेय, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।