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Friday, May 22, 2026
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जालौन में मां बनी कातिल! पति से हुए झगड़े के बाद मां ने 4 साल की बेटी की गला घोटकर हत्या

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जालौन: जालौन (Jalaun) जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने पति के साथ हुए झगड़े में 4 साल की बेटी की गला दबाकर हत्या (murderer) कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मां को हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा गांव का है, जहां मां ने 4 साल की बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त बच्ची का पिता और उसके भाई दूसरी चारपाई में सो रहे थे। इसी दौरान रात में अचानक लाइट गई और पिता राजकुमार की नींद खुली। नींद खुलने के बाद राजकुमार ने पाया कि बेटी नैना को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ी थी। बेटी को जमीन पर पड़ा देख पिता की चीख निगल गई, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पाया कि नैना की मौत हो चुकी थी।

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि पति-पत्नी के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा था, जिसकी वजह से पत्नी विनीता तनाव में चल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। कड़ी पूछताछ में उसने कबूल किया कि सभी के सोने के बाद बच्ची की गला दबाकर हत्या की। पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

 

मसेनी क्षेत्र के मानक विहीन अस्पतालों पर घमासान: भाजपा कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार संगठन की एक्टिव हुई जांच कमेटी

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– कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण पर जनहित में उठाई थी आवाज
– सर्किट हाउस में 22 अस्पताल संचालकों के दबाव में डांटे गए कार्यकर्ता

फर्रुखाबाद के मसेनी और आसपास क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य मानकों, फर्जी संचालन और मरीजों के शोषण को लेकर आवाज उठाने वाले युवा भाजपा कार्यकर्ताओं पर अब पार्टी संगठन की कार्रवाई ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। जनहित के मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी कर रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिला संगठन द्वारा जांच कमेटी गठित किए जाने से भाजपा के भीतर ही असंतोष उभरने लगा है।

सूत्रों के अनुसार मसेनी क्षेत्र में संचालित करीब 22 अस्पताल संचालकों ने एकजुट होकर सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान अस्पताल संचालकों ने युवा भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को “छवि खराब करने वाला अभियान” बताया गया । इसके बाद दरबार में पहुंचे युवा कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार भी लगाई गई।

मामला केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है। भाजपा के अंदर अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर जनहित से जुड़े सवाल उठाने वाले कार्यकर्ताओं पर ही संगठनात्मक शिकंजा क्यों कसा जा रहा है। मसेनी क्षेत्र में लंबे समय से बिना मानक संचालित अस्पतालों, झोलाछाप चिकित्सा, मनमानी फीस और रेफरल कमीशन जैसे आरोप स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं। कई बार मरीजों के परिजनों ने भी शिकायतें कीं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

युवा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे केवल स्वास्थ्य विभाग के मानकों के पालन और अवैध अस्पतालों की जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें ही “अनुशासन” का पाठ पढ़ाया जा रहा है। संगठन की जांच कमेटी बनने के बाद अब कई कार्यकर्ता खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन किसी भी ऐसे विवाद से बचना चाहता है जिससे स्थानीय प्रभावशाली अस्पताल संचालक और उनसे जुड़े आर्थिक नेटवर्क नाराज हों। यही वजह है कि जनसरोकार के मुद्दे को दबाकर कार्यकर्ताओं को “राग दरबारी” की राजनीति की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है।

भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी कभी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन से खड़ी हुई थी, लेकिन अब जमीनी मुद्दे उठाने वाले कार्यकर्ताओं को ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इससे संगठन में गलत संदेश जा रहा है और युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।

फिलहाल जिला संगठन की जांच कमेटी क्या रिपोर्ट देती है और स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या नहीं, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। लेकिन इतना तय है कि मसेनी के अस्पतालों का मुद्दा अब केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर कार्यकर्ता बनाम प्रभावशाली लॉबी की लड़ाई बनता जा रहा है।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में प्रशासन, आपराधिक छवि वालों के शस्त्र लाइसेंस पर चलेगा बड़ा अभियान

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– आपराधिक छवि वालों के शस्त्र लाइसेंस पर चलेगा बड़ा अभियान
– डीएम मैडम लाठर की टेड़ी नजर
– अपराधियों पर कोई रहम के मूड में नहीं जिला प्रशासन

फर्रुखाबाद। आपराधिक मुकदमों में लिप्त लोगों को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की हालिया सख्त टिप्पणियों और निर्देशों के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। सूत्रों के अनुसार जनपद में ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है जिनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके पास वैध शस्त्र लाइसेंस मौजूद हैं।

प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि गैंगस्टर, रंगदारी, भूमि कब्जा, हत्या, हत्या के प्रयास और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में नामजद कई लोगों के लाइसेंसों की अब दोबारा समीक्षा होगी। जिला स्तर पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है, जिसके आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक माफिया नेटवर्क से जुड़े चर्चित चेहरों के साथ-साथ उनके करीबी सहयोगियों को भी प्रशासन ने रडार पर लिया है। विशेष रूप से चर्चित माफिया अनुपम दुबे से जुड़े लोगों की गतिविधियों और उनके शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा खंगाला जा रहा है। पुलिस खुफिया इकाइयों से भी रिपोर्ट मांगी गई है कि किन लोगों ने लाइसेंस का इस्तेमाल प्रभाव, दबाव और भय का माहौल बनाने में किया।

जिले में यह भी चर्चा तेज है कि कुछ ऐसे लोग, जिनकी छवि लंबे समय से विवादित रही है, उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच के दम पर लाइसेंस हासिल कर लिए थे। अब उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद प्रशासन उन पुराने रिकॉर्डों को भी खंगाल रहा है जिनमें सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।

सूत्र यह भी बताते हैं कि आपराधिक प्रवृत्ति से जुड़े कुछ वकीलों को भी चिन्हित किया जा रहा है। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं न्यायिक प्रक्रियाओं की आड़ में अपराधी तंत्र को संरक्षण देने वाले तत्व हथियारों के जरिए प्रभाव तो नहीं बना रहे। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन खुफिया रिपोर्टों के आधार पर सूची लगातार लंबी होती जा रही है।

प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में नोटिस जारी हो सकते हैं। जिन लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे लंबित हैं या जिनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानी जा रही हैं, उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

जनपद में यह कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि वर्षों से सक्रिय अपराध-राजनीति गठजोड़ पर चोट के रूप में भी देखी जा रही है। लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि प्रभावशाली अपराधी हथियारों के लाइसेंस का इस्तेमाल अपनी “सामाजिक हैसियत” और दबदबा कायम रखने के लिए करते रहे हैं।

सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

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*जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*

 

*जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी: सीएम योगी*

 

*गोरखपुर, 22 मई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशील ढंग से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए।

 

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए शीघ्रता से समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी त्वरित सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

 

जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।

 

*सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़*

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को भीषण गर्मी को देखते गोवंश की देखभाल के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से बात की। उन्हें दुलारा-पुचकारा, आशीर्वाद के साथ चॉकलेट्स भी दीं।

बिजली संकट पर मायावती का हमला, बोलीं- भीषण गर्मी में जनता बेहाल, सरकार तुरंत करे इंतजाम

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लखनऊ

प्रदेश में बढ़ते बिजली संकट और अघोषित कटौती को लेकर बसपा सुप्रीमो Mayawati ने पहली बार खुलकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच बिजली की कम आपूर्ति और लगातार कटौती से गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारी और मेहनतकश लोग बुरी तरह परेशान हैं।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली संकट को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और इसकी चर्चा लगातार मीडिया में भी हो रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनता की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत के उपाय किए जाएं।

बसपा प्रमुख ने कहा कि सिर्फ अस्थायी इंतजामों से काम नहीं चलेगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए पावर प्लांट स्थापित किए जाएं ताकि प्रदेश में स्थायी रूप से बिजली व्यवस्था मजबूत हो सके।

प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई जिलों में घंटों की कटौती से लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। गांवों में सीमित आपूर्ति, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या ने किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में बिजली संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन और हंगामे की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

मायावती ने महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार पहले से झेल रही जनता पर बिजली संकट ने दोहरी चोट पहुंचाई है। सरकार को आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

दीवार काटकर 20 लाख की चोरी, शादी के गहने समेट ले गए चोर; घरवाले सोते रह गए

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कानपुर
गुजैनी थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव में चोरों ने फिल्मी अंदाज में बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी। शातिर बदमाश देर रात घर की दीवार काटकर अंदर घुस गए और शादी के लिए रखे करीब 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात व 70 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि पूरी वारदात के दौरान घर के लोग अंदर गहरी नींद में सोते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी।

जानकारी के मुताबिक चोरों ने मुख्य गेट के पास दीवार में सेंध लगाकर घर में प्रवेश किया। अंदर घुसने के बाद बदमाशों ने मुख्य दरवाजे को भीतर से लॉक कर दिया ताकि बाहर सो रहे लोगों को शक न हो। इसके बाद चोर सीधे उस कमरे तक पहुंचे जहां शादी के लिए जेवर और नकदी रखी गई थी। अलमारियों के ताले तोड़कर बदमाश लाखों का माल समेट ले गए।

सुबह जब परिवार के लोग जागे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया गया। अंदर का नजारा देखकर परिवार के होश उड़ गए। कमरे का सामान बिखरा पड़ा था और गहनों के डिब्बे खाली थे।

पीड़ित सज्जन सिंह टोल प्लाजा पर एक्सीडेंटल सहायता का काम करते हैं। परिवार ने बताया कि रिश्तेदार शिल्पी सिंह की शादी के चलते घर में भारी मात्रा में जेवर रखे गए थे। जिस सटीक तरीके से चोर सीधे जेवर तक पहुंचे, उससे पुलिस को किसी करीबी या घर की जानकारी रखने वाले व्यक्ति पर शक है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि इसी रात चोरों ने पास के एक होटल में भी चोरी की कोशिश की, लेकिन होटल मालिक के जाग जाने से बदमाश भाग निकले।