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Thursday, April 2, 2026
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गुरुग्राम में अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

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गुरुग्राम: गुरुग्राम पुलिस ने फिलीपींस और कंबोडिया से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी (International cyber fraud) नेटवर्क के पांच प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार (arrested) किया है।गुरुग्राम के यू-ब्लॉक और चकरपुर इलाकों में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपी, डिजिटल गिरफ्तारी घोटालों के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम बॉक्स आधारित एक अत्याधुनिक रैकेट चला रहे थे। वे एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का संचालन करते थे जो फर्जी कॉल करने और पीड़ितों से पैसे वसूलने के लिए भारत की दूरसंचार प्रणालियों को दरकिनार कर देता था।

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित ने कहा, “एसआईटी ने यू-ब्लॉक और चकरपुर सहित गुरुग्राम के कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान, पुलिस टीमों ने 15 सिम बॉक्स, 504 सिम कार्ड, सात वाई-फाई राउटर, सात टीएपीओ कैमरे, 29 वाई-फाई स्विच, 30 बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए। इन उपकरणों का इस्तेमाल इंटरनेट के माध्यम से कॉल डायवर्ट करने और फर्जी कॉल के जरिए लोगों को ठगने के लिए किया जाता था।”

आरोपियों की पहचान कासगंज निवासी राहुल कुमार, अहमदाबाद निवासी यश अमृत सिंह दुगर, कच्छ निवासी भाविका भगचंदानी, महाराष्ट्र निवासी लिटेश और सागर के रूप में हुई है। राजपुरोहित ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी फिलीपींस और कंबोडिया में अपने संचालकों के संपर्क में थे और नेपाल-बिहार मार्ग से भारत में उपकरण लाते थे।

जांचकर्ताओं के अनुसार, समूह ने बुनियादी ढांचा तैयार करने, संचार का प्रबंधन करने और वित्तीय लेनदेन को संभालने में अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि राहुल फिलीपींस में स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था, जो वीडियो कॉल के माध्यम से उसे सिम बॉक्स स्थापित करने और कॉल रूट करने के बारे में मार्गदर्शन देते थे। ये उपकरण गुरुग्राम में कई स्थानों पर स्थापित किए गए थे, जिनमें डीएलएफ फेज-3 भी शामिल है, जिससे गिरोह अंतरराष्ट्रीय कॉलों को स्थानीय कॉलों के रूप में दिखाने में सक्षम हो गया था।

भाविका कंबोडिया में सक्रिय लोगों से जुड़ी हुई थी। जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से प्राप्त धन को क्रिप्टोकरेंसी, मुख्य रूप से यूएसडीटी में परिवर्तित किया, जिसे बाद में विदेश भेजा गया।यश पर आरोप है कि उसने वित्तीय लेनदेन को सुविधाजनक बनाने में मदद की, धन रूपांतरण में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

पुलिस ने बताया कि गिरोह अवैध उपकरणों की तस्करी के लिए एक सुस्थापित मार्ग का उपयोग करता था: फिलीपींस से नेपाल, फिर बिहार और अंत में विभिन्न भारतीय शहरों में वितरण। आरोपियों ने साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए 2,200 से अधिक सिम कार्डों को रिचार्ज करने की बात स्वीकार की, जिनमें डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले भी शामिल हैं, जहां पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि वे कानूनी जांच के दायरे में हैं और उनसे जबरन पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। डीसीपी ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।

 

टीएमसी के करीबी बिस्वजीत पोद्दार के घर पर ED की छापेमारी, 1.2 करोड़ कैश जब्त

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कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोलकाता में कई जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसमें दक्षिण कोलकाता (Kolkata) में एक बिजनेसमैन और TMC नेता का घर भी शामिल है। यह मामला गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन और जमीन हड़पने से जुड़े कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों के मामले में हैं। ईडी सूत्रों का कहना है कि कोलकाता में अपराधी सोना पप्पू के यहां छापेमारी में ईडी को 1.2 करोड़ रुपए कैश मिले। सोना पप्पू कोलकाता का एक अपराधी है, उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और ED उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

ED सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने कस्बा-बालीगंज इलाके में बिस्वजीत पोद्दार, जिन्हें सोना पप्पू के नाम से भी जाना जाता है, के फर्न रोड वाले घर पर सुबह-सुबह रेड मारी। सर्च सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई, जिसमें ईडी अधिकारियों के साथ सेंट्रल आर्म्ड फोर्स के जवान भी थे। ED मनी लॉन्ड्रिंग और सिंडिकेट द्वारा नियंत्रित कंस्ट्रक्शन से जुड़े कथित वित्तीय कदाचार की जांच कर रही है, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में अवैध निर्माण, भूमि हड़पने और वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। दक्षिण कोलकाता में एक बिजनेसमैन और अपराधी ‘सोना पप्पू’ के ठिकानों पर छापेमारी हुई, जिसमें ₹1.2 करोड़ नकद जब्त किए गए। यह कार्रवाई साउथ कोलकाता के कुछ हिस्सों में चल रहे गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन सिंडिकेट से जुड़े कथित फाइनेंशियल कदाचार की चल रही जांच का हिस्सा है।

अधिकारियों ने बताया कि पोद्दार के खिलाफ पहले ही कई FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें जबरन वसूली, धमकी और जबरदस्ती के आरोप हैं. ईडी सोना पप्पू के करीबी राहुल दास के घर भी पहुंची। काकुलिया रोड पर घर पर भी सर्च की। पोद्दार के घर के अलावा ईडी अधिकारियों ने बालीगंज में सन एंटरप्राइज नाम की एक फर्म के ऑफिस समेत पांच से छह दूसरी जगहों पर भी तलाशी ली। हालांकि, यह साफ नहीं है कि फर्म का पोद्दार से कोई सीधा लिंक है या नहीं।

पोद्दार का नाम हाल ही में रवींद्र सरोबर के पास दो ग्रुप्स के बीच हुई झड़प में भी सामने आया था, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जबकि लोगों ने इस घटना में उसके साथियों के शामिल होने का आरोप लगाया है, पोद्दार ने किसी भी भूमिका से इनकार किया है।

जांचकर्ताओं को शक है कि पोद्दार का कस्बा और बालीगंज में कई लोकल सिंडिकेट पर कंट्रोल था और कथित तौर पर कंस्ट्रक्शन कंपनियों से बड़ी रकम इकट्ठा करता था। सूत्रों ने बताया कि ईडी पिछले कुछ दिनों से कम से कम चार से पांच FIR की जांच कर रहा था, जिसके बाद बुधवार को कोऑर्डिनेटेड रेड की गई। ईडी की नई एक्टिविटी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और यह राजनीतिक रूप से सेंसिटिव समय है।

 

कलान बीआरसी में सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित कर दी भावभीनी विदाई

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मिर्जापुर/कलान। बुधवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र कलान में प्राथमिक शिक्षक संघ और मुख्य अतिथि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विजय मोहन मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षाधिकारी अजय कुमार ने बीती 31 मार्च को सेवानिवृत हुए शिक्षकों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित कर उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भावभीनी विदाई दी।
सेवानिवृत शिक्षक सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष विजय मोहन मिश्रा ने कहा कि शिक्षक सरकारी सेवा से तो सेवानिवृत हो जाता है। किंतु शिक्षक हमारे समाज का पथ प्रदर्शक हमेशा बने रहते हैं। जिससे सेवानिवृत शिक्षक का सामाजिक दायित्व और बढ़ जाता है।
ब्लॉक कलान के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों से सेवानिवृत हुए शिक्षकों में मासूम गनी खान (प्राथमिक विद्यालय लालपुर), विनोद कुमार शर्मा (कंपोजिट विद्यालय परौर), सत्यवीर सिंह चौहान (प्राथमिक विद्यालय नारायण नगर) को मुख्य अतिथि भाजपा नेता विजय मोहन मिश्रा,विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार,प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अवनीश यादव,वरिष्ठ उपाध्यक्ष एराज मियां,मंत्री अरविन्द सिंह, कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव,संयुक्त मंत्री जावेद अख्तर आदि ने शाल ओढ़ाकर और फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक हिमांशु भदौरिया,दुर्गा प्रसाद पांडे , सतीश सिंह,मनोज कुमार वर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष राजीव सिंह चौहान आदि ने सेवानिवृत शिक्षकों के की सेवाओं को विस्तार से बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद सिंह और संचालन मिठाई लाल ने किया।

साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार मामलों में 11 लाख से अधिक रकम कराई वापस

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हरदोई जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने मार्च माह के दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चार अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के कुल 11,00,335 रुपये वापस कराए हैं। इस कार्रवाई से न केवल पीड़ितों को राहत मिली है, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश भी गया है।

साइबर क्राइम पुलिस को मार्च महीने में ऑनलाइन ठगी से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें लोगों के बैंक खातों से धोखाधड़ी के जरिए पैसे निकाल लिए गए थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी सहायता से आरोपियों द्वारा ट्रांजैक्ट की गई धनराशि को ट्रेस किया।

तेज और प्रभावी कार्रवाई के चलते पुलिस ने संबंधित बैंक खातों में धनराशि को फ्रीज कराकर पीड़ितों के खाते में वापस कराया। कुल मिलाकर चार मामलों में 11 लाख रुपये से अधिक की रकम वापस दिलाई गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ितों ने खुशी जाहिर की और पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि साइबर क्राइम से जुड़े लंबित मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का उद्देश्य है कि लोगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान किया जाए और साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

पैसों के विवाद से परेशान व्यक्ति की मौत, जांच शुरू

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चंदौसी के कोतवाली क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक की पहचान इरशाद (50) पुत्र हबीब के रूप में हुई है, जो लक्ष्मणगंज सीकरी गेट इलाके का निवासी था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से पैसों के विवाद और कथित धमकियों के कारण मानसिक तनाव में था।

बताया जा रहा है कि इरशाद का कस्बे के एक व्यक्ति दानिश के साथ करीब 15-20 दिनों से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों के बीच कामकाजी संबंध भी थे और इरशाद ने दानिश को कुछ रकम उधार दी थी। आरोप है कि ईद की चांद रात पर पैसे लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन समय आने पर रकम वापस नहीं की गई, जिससे विवाद और बढ़ गया।

परिजनों के अनुसार, जब इरशाद ने बार-बार पैसे की मांग की तो उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि परिजनों का आरोप है कि समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार दबाव और मानसिक प्रताड़ना के चलते इरशाद ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया।

बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों और पड़ोसियों की मदद से इरशाद को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से भी स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां शाम के समय इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी शबाना ने आरोप लगाया है कि उनके पति ने दानिश से परेशान होकर यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ भी मारपीट की गई थी। वहीं, क्षेत्राधिकारी दीपक तिवारी ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है और जांच के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मदरसा बोर्ड विवाद पर बयानबाज़ी तेज, मौलाना शहाबुद्दीन ने उठाए सवाल

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बरेली
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त करने के फैसले और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मदरसों पर इस तरह के आरोप लगाना और बोर्ड को खत्म करना एक बड़ी गलती है, क्योंकि इन संस्थानों का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

मौलाना ने दावा किया कि मदरसों से जुड़े हजारों उलेमा और छात्रों ने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लिया और बड़ी कुर्बानियां दीं। उनके अनुसार, 1857 से लेकर 1947 तक स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लगभग 55 हजार लोग शहीद हुए, जो मदरसों से जुड़े थे। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हर महत्वपूर्ण दौर में मदरसों के लोग राष्ट्र के साथ खड़े रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें मदरसों में “विभाजनकारी सोच” और “जिहादी शिक्षा” की बात कही गई थी। मौलाना का कहना है कि बिना इतिहास को समझे ऐसे आरोप लगाना न केवल गलत है बल्कि असंवैधानिक भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को शिक्षा संस्थानों में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करना चाहिए।

मौलाना ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में मदरसों को बंद कराया है और धार्मिक स्थलों पर भी कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, यह कदम धार्मिक शिक्षा को खत्म करने की दिशा में उठाया गया प्रतीत होता है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ सकता है।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय राज्य में समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने और विभाजनकारी विचारों को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलाई 2026 से सभी संस्थानों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की योजना है, ताकि छात्र मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़कर देश की प्रगति में योगदान दे सकें।