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Wednesday, May 20, 2026
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ईपीएफओ जल्द शुरू करेगा व्हाट्सएप सेवा

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने सदस्यों को बेहतर डिजिटल सुविधा देने के लिए जल्द व्हाट्सएप सेवा शुरू करने जा रहा है। इस सेवा के जरिए सदस्य पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस और हाल के लेन-देन जैसी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि यूपीआई से पीएफ निकासी का परीक्षण भी पूरा हो चुका है और तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद इसे जल्द लागू किया जाएगा।

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद

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अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन के आह्वान पर बुधवार को देशभर में 24 घंटे के लिए मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। संगठन ऑनलाइन दवा बिक्री को गैरकानूनी बताते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रहा है। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817 अधिसूचना रद्द करने, नई नियामक व्यवस्था लागू करने और ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। हालांकि संगठन ने कहा है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

चीन और ग्रेट निकोबार मुद्दे पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला

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कांग्रेस ने चीन नीति और ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार चीन के प्रति “4C नीति” अपना रही है और ग्रेट निकोबार परियोजना के जरिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आलोचकों को चीन समर्थक बताकर दुष्प्रचार कर रही है।

 

केरल में रजत रेल योजना बंद, आंदोलनकारियों को बड़ी राहत

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तिरुवनंतपुरम

केरल में नई सरकार बनने के साथ ही बड़े फैसलों का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सतीशन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में विवादों में रही रजत रेल योजना को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया। सरकार ने इस योजना के लिए जारी भूमि अधिग्रहण अधिसूचना भी निरस्त कर दी है, जिससे लंबे समय से विरोध कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है।

सरकार ने आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की सिफारिश करने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही युवाओं को राहत देते हुए लोक सेवा आयोग की चयन सूची की मान्यता अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

रजत रेल योजना पूर्व मुख्यमंत्री विजयन सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल थी। करीब 64 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का उद्देश्य केरल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों को तेज गति रेल मार्ग से जोड़ना था। लगभग 529 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के लिए वर्ष 2019 में रेल बोर्ड से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी थी।

हालांकि शुरुआत से ही कांग्रेस, भाजपा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने इस योजना का विरोध किया था। विरोध करने वालों का कहना था कि यह रेल मार्ग आर्द्रभूमि, धान के खेतों और पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरता, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता। इसके अलावा करीब 20 हजार लोगों के बेघर होने की आशंका भी जताई जा रही थी। नई सरकार के फैसले के बाद लंबे समय से चल रहा यह विवाद फिलहाल समाप्त होता दिखाई दे रहा है।

शरद पवार ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- राष्ट्रहित सबसे ऊपर

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शरद पवार ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठा मजबूत करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। पवार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा देश के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

अतिक्रमण से नहीं मिल रही राहत, रोजाना जाम से नागरिक परेशान

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फर्रुखाबाद शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार विकराल रूप धारण करती जा रही है। सड़क किनारे दुकानों के बढ़ते फैलाव और अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यस्त इलाकों से गुजरने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को प्रतिदिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आमजन में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई दुकानदारों ने फुटपाथ और सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा रखा है, जिससे मार्ग संकरा हो गया है। इसके साथ ही चार पहिया वाहन सड़क पर तिरछे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। थोड़ी सी भी भीड़ बढ़ते ही वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती के बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। लोगों का आरोप है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, लेकिन अतिक्रमण हटाने और अव्यवस्थित पार्किंग पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। जाम के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी निकलने में परेशानी होती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही नियमित अभियान चलाकर अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और यातायात पुलिस की सक्रिय भूमिका तय की जाए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और नागरिकों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।