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Monday, April 13, 2026
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अश्व क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान: राज्य सरकार और संस्थाओं के बीच होगा करार

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नई दिल्ली: देश के अश्व क्षेत्र (इक्वाइन सेक्टर) के इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए महाराष्ट्र सरकार विभिन्न संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस दिशा में एक ठोस कदम उठाते हुए, राज्य की पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने संबंधित संस्थाओं के साथ ‘सहमति पत्र’ पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है।

वे एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ द्वारा आयोजित ‘द इक्वेस्ट्रियन फोरम 2026’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। विरासत और आधुनिकता का संगम इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के विपणन एवं शिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल उपस्थित थे। साथ ही, ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ की संस्थापिका गायत्री कराड, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड, कार्यकारी निदेशक डॉ. अदिति राहुल कराड, नेशनल हॉर्स ब्रीडिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के डॉ. एफ. एफ. वाडिया और जयपाल सिंह रावल भी मंच पर आसीन रहे।

मंत्री पंकजा मुंडे ने जोर देकर कहा कि अश्व क्षेत्र केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं छिपी हैं। उन्होंने कहा, “नए विचार हमेशा चुनौतीपूर्ण होते हैं, लेकिन उनमें बदलाव लाने की असीम शक्ति होती है। अश्व क्षेत्र के विकास के लिए सामूहिक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।”

असंगठित से संगठित होने की ओर संस्थापिका गायत्री कराड ने वैश्विक परिदृश्य को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत का अश्व क्षेत्र $300 बिलियन के वैश्विक इकोसिस्टम का हिस्सा है, लेकिन दुर्भाग्य से यह अब भी असंगठित है। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में कुशल जनशक्ति के लिए औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन का अभाव है। हम इस फोरम के माध्यम से एक ऐसा मंच तैयार कर रहे हैं जो कौशल विकास और दीर्घकालिक करियर के अवसर प्रदान करेगा।”

मंत्री जयकुमार रावल ने इंसान और घोड़ों के भावनात्मक संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की इस समृद्ध विरासत को सहेजते हुए इसके आधुनिकीकरण (अश्व पर्यटन और पशु चिकित्सा) पर ध्यान देना आवश्यक है। वहीं, डॉ. राहुल कराड ने शिक्षा, खेल विज्ञान और सरकार के बीच त्रिकोणीय सहयोग को इस क्षेत्र की मजबूती का आधार बताया।

श्वेत पत्र और भविष्य का रोडमैप उद्घाटन सत्र के बाद ‘नीति और प्रशासन’ पर एक गहन परिचर्चा हुई, जिसका संचालन वरिष्ठ पत्रकार सायरस मदन ने किया। इस मंथन के आधार पर ‘द इक्वाइन कलेक्टिव’ जल्द ही एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करेगा, जिसमें प्रमुख अंतर्दृष्टि और रणनीतिक सिफारिशें शामिल होंगी।

पीएनबी ने यशोभूमि में मनाया 132 वां स्थापना दिवस एवं लॉंच किए 22 नए उत्पाद

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नई दिल्ली: भारत के सबसे भरोसेमंद वित्तीय संस्थानों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने यशोभूमि, नई दिल्ली में बड़े गर्व से अपना 132 वां स्थापना दिवस मनाया. यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम लचीलेपन, भरोसे और राष्ट्र निर्माण की एक सदी से अधिक की अवधि का प्रतीक है, जो भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने में पीएनबी की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करता है।

पंजाब नैशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ, श्री अशोक चंद्र ने पीएनबी परिवार को उनके अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक बधाई दी, जिसने बैंक की इस उल्लेखनीय यात्रा को आकार दिया है। इस उत्सव में पीएनबी की समृद्ध विरासत और भविष्य के दृष्टिकोण का सम्मान करने के लिए प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ नेतृत्व, कर्मचारी और हितधारक एक साथ आए।

इस कार्यक्रम की गरिमा मुख्य अतिथि श्री एम. नागराजू, सचिव, डीएफएस, श्री हरि हर मिश्रा, अपर सचिव, डीएफएस व डीएफएस, आरबीआई और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के उच्च अधिकारियों के साथ-साथ बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़ाई।

समारोह की शुरुआत बैंक के संस्थापक और स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत श्री लाला लाजपत राय के सम्मान में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जो राष्ट्रीय विकास के प्रति पीएनबी की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराता है। इसके बाद कलाकार आर्यव आनंद और ऋषभ जोशी द्वारा गणेश वंदना, कथक और कृष्ण वंदना सहित जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उत्सव के लिए एक पावन वातावरण तैयार किया।

मुख्य आकर्षण

₹1 लाख करोड़ की डिजिटल स्वीकृति: अपनी बढ़ती डिजिटल ऋण क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए पीएनबी ने इस ऐतिहासिक आंकड़े को प्राप्त करने की घोषणा की। यह उपलब्धि तेज और तकनीक-सक्षम क्रेडिट समाधानों के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

22 नए उत्पादों और पहलों की शुरूआत: इसके अंतर्गत रिटेल बैंकिंग, एमएसएमई और कृषि वित्तपोषण, डिजिटल सेवाएं, कर्मचारी क्षमता विकास, और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित समाधान शामिल हैं।

नेतृत्व संबोधन

मुख्य अतिथि श्री एम. नागराजू, सचिव, वित्तीय सेवा विभाग, ने कहा: “मैं लाला लाजपत राय की दूरदर्शी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिनके आदर्श आज भी पंजाब नेशनल बैंक का मार्गदर्शन करते हैं। जैसे-जैसे बैंक अपने 132 वर्ष पूरे कर रहा है, इसकी यात्रा—₹20,000 की एक छोटी सी शुरुआत से लेकर लगभग ₹30 लाख करोड़ के वैश्विक कारोबार तक—आधुनिक भारत के विकास को ही दर्शाती है। बैंक का मज़बूत प्रदर्शन एक ऐसी संस्था को दिखाता है जो एक उद्देश्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है, और सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग में इसके सार्थक योगदान की सराहना की जानी चाहिए। जैसे-जैसे भारत अपने विकास लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहा है, पीएनबी जैसे बैंक इस यात्रा में केवल भागीदार ही नहीं हैं, बल्कि वे इसे संभव बनाने वाले भी हैं। बुनियादी ढाँचे और नवीकरणीय ऊर्जा के वित्तपोषण से लेकर एमएसएमई और पहली पीढ़ी के उद्यमियों को सहायता देने तक; डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से लेकर दूरदराज के क्षेत्रों तक औपचारिक वित्त पहुँचाने तक—बैंकिंग अर्थव्यवस्था के रक्त संचार तंत्र के रूप में कार्य करती है।”

इस अवसर पर बोलते हुए, एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र ने कहा: “132 वर्षों से अधिक समय से पीएनबी किसानों, एमएसएमई, उद्यमियों और करोड़ों ग्राहकों को सहयोग प्रदान करते हुए भारत की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद भागीदार बना हुआ है। डिजिटल स्वीकृति में ₹1 लाख करोड़ का हमारा कीर्तिमान और कई डिजिटल उत्पादों का शुभारंभ नवाचार, गति और निर्बाध बैंकिंग अनुभवों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ रहे हैं पीएनबी वित्तीय समावेशन और तकनीक-आधारित परिवर्तन को रफ्तार देना जारी रखेगा।”

प्रमुख लॉंच

एमएसएमई एवं कृषि वित्तपोषण: डिजी एमएसएमई प्राइम, डिजी एग्री प्राइम प्लस, डिजी श्रेष्ठ, डिजी फार्म स्टे+, डिजी होम लोन एम्बेडेड फाइनेंस, गृह वाटिका और श्रम साथी। सस्टेनबिलिटी और ग्रामीण ऋण: सीआरआईएफ हाईमार्क के ग्रामीण क्रेडिट स्कोर के साथ एकीकरण, बायोडिग्रेडेबल क्रेडिट कार्ड का शुभारंभ, और ईएसजी समाधानों के लिए इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (आईएफसीआई) के साथ सहयोग।

अंतर्राष्ट्रीय और एनआरआई बैंकिंग: गिफ्ट सिटी ग्लोबल एनआरआई वेल्थ मैनेजमेंट डेस्क, आईबीयू गिफ्ट सिटी में विदेशी मुद्रा निपटान प्रणाली (एफसीएसएस) और सीमा पार रेमिटेंस संदेशों के लिए एसएफएमएस ग्लोबल।
डिजिटल नवाचार और एनालिटिक्स: पीएनबी प्रिज्म – रणनीतिक विपणन के लिए पोर्टफोलियो और रिलेशनशिप इंटेलिजेंस, बचत और चालू खाता चर्न प्रीडिक्शन मॉडल।

कर्मचारी-केंद्रित पहल: पीएनबी सक्षम – एचआरएमएस मोबाइल ऐप, एआर/वीआर इमर्सिव ट्रेनिंग और असेसमेंट सॉल्यूशन, प्रवाह (ई-ऑफिस), और एचआरएमएस के भीतर “साइबर दृष्टि” कार्यक्षमता। इस संध्या का समापन सोनू निगम की एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उत्सव के उत्साह को चरम पर पहुँचा दिया। कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटकों, बैंड प्रदर्शन और शास्त्रीय नृत्य ने पीएनबी परिवार की रचनात्मक भावना को और अधिक प्रदर्शित किया।

भविष्य की राह

पीएनबी का 132वाँ स्थापना दिवस इसकी स्थायी विरासत, मजबूत मूल्यों और राष्ट्र की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में खड़ा है। डिजिटल परिवर्तन, सस्टेनेबिलिटी और ग्राहक-केंद्रित नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पीएनबी करोड़ों लोगों के लिए एक भरोसेमंद वित्तीय भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है, जो समावेशी और सतत विकास की ओर भारत की यात्रा में सहायक है।

विरासत के सम्मान के साथ विकास-पथ पर अग्रसर नया उत्तर प्रदेश!

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जनपद मुजफ्फरनगर में ₹951 करोड़+ की 423 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास तथा ‘पुण्यश्लोक’ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी जी भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर ‘कौशल दर्शन’ पुस्तक का विमोचन, AI Sentiment & Readiness Report की लॉन्चिंग, NSDC एवं नीति आयोग-WEP के मध्य Statement of Intent (SOI) का आदान-प्रदान तथा रोजगार मेले के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र भी वितरित किए गए।

बिहार में सत्ता परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू, 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण

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नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा, एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर लगेगी मुहर; पीएम मोदी रहेंगे समारोह में शामिल
पटना।
बिहार की सियासत में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच नई सरकार के गठन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने पटना के डीएम, एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक कर शपथ ग्रहण समारोह की रूपरेखा तय की। लोकभवन में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा से लेकर प्रोटोकॉल तक हर पहलू पर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे यह साफ हो गया है कि सत्ता परिवर्तन अब बस औपचारिकता भर रह गया है।

इसी बीच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा खुद उनके आवास पहुंचे और करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद सुरक्षा व्यवस्था अचानक कड़ी कर दी गई। 5 देश रत्न मार्ग स्थित आवास के 100 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जिससे सियासी अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को दोपहर 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इससे पहले सुबह 11 बजे उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट की आखिरी बैठक होगी, जिसे मौजूदा सरकार की अंतिम औपचारिकता माना जा रहा है। इस्तीफे के बाद वे 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास में शिफ्ट हो सकते हैं, जिसका उन्होंने निरीक्षण भी किया है।

राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक अटल सभागार में होगी, जबकि 3 बजे जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक में नए नेता का चयन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है और उनकी मौजूदगी में ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी व्यापक तैयारियां चल रही हैं। 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंचेंगे। समारोह को लेकर पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच सियासी माहौल को और गर्माने वाले संकेत भी सामने आए हैं। जदयू कार्यालय से ‘25 से 30 फिर से नीतीश’ वाले पोस्टर हटाए जा चुके हैं, जबकि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मंदिरों में महायज्ञ आयोजित किए जा रहे हैं। ललन सिंह और संजय झा जैसे वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता भी संकेत दे रही है कि नई सरकार का खाका लगभग तैयार है। कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है और पूरे राज्य की निगाहें आने वाले दो दिनों पर टिकी हैं।

2026 में सामान्य से कम बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

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मानसून सीजन में 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान, कई राज्यों में कमी की चेतावनी
नई दिल्ली
भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को बताया कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, 2026 के मानसून सीजन में लगभग 80 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि 1971 से 2020 के औसत के आधार पर देश में सामान्य वर्षा करीब 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।

मौसम विभाग ने कहा कि यह पिछले आठ वर्षों में पहली बार है जब मानसून के सामान्य से कम रहने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के कई हिस्सों—जैसे लद्दाख, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के मध्य भाग, दक्षिण ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों—को छोड़कर अधिकतर क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है।

एम. मोहापात्रा ने बताया कि इस साल कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2018 के बाद सबसे कम स्तरों में से एक है। 2018 में यह आंकड़ा 91 प्रतिशत था, जो सामान्य से कम बारिश का संकेत देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जून के आसपास अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना है, जो आमतौर पर मानसून को कमजोर करती है। इसके कारण कई बार बारिश में कमी और लंबे “ब्रेक” जैसी स्थितियां बन जाती हैं, जिससे खेती पर असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1951 के बाद अब तक 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी है, जिनमें से अधिकांश मामलों में भारत में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। हालांकि कुछ मामलों में यह पैटर्न अलग भी रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर के आसपास हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) के सकारात्मक चरण में आने की संभावना है, जो बारिश को कुछ हद तक बढ़ा सकता है और अल नीनो के प्रभाव की आंशिक भरपाई कर सकता है।

बंगाल में डॉक्टर का ‘जय श्री राम’ छूट ऑफर बना सियासी विवाद, चुनावी माहौल हुआ गरम

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निजी क्लिनिक में 500 रुपये छूट की घोषणा पर राजनीतिक घमासान तेज, भाजपा और तृणमूल में बयानबाजी
नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक निजी डॉक्टर के ऑफर ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। एक कार्डियोलॉजिस्ट ने अपने क्लिनिक में घोषणा की है कि जो मरीज “जय श्री राम” बोलेगा, उसे परामर्श शुल्क में 500 रुपये की छूट दी जाएगी।

यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब डॉक्टर के क्लिनिक में लगे पोस्टर में उनकी तस्वीर के साथ भाजपा से जुड़े प्रतीक भी दिखाई दिए। डॉक्टर ने हालांकि इसे अपना निजी फैसला बताया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह राज्य में बदलाव चाहते हैं और लोगों को जागरूक करने के लिए ऐसा कदम उठा रहे हैं।

डॉक्टर ने बताया कि यह ऑफर केवल उनके निजी चेंबर में लागू होगा, अस्पताल सेवाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। उनका कहना है कि वह पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर चिंतित हैं और दूसरे राज्यों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर मरीजों के जाने से दुखी हैं।

इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता निर्मल माजी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह का कदम उठा रहे हैं और भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीतिक रणनीति बताया।

वहीं भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद ने इस पहल का समर्थन किया है और कहा है कि यह लोगों को सोचने पर मजबूर करेगा और राज्य में बदलाव की जरूरत को दर्शाता है। उन्होंने इसे एक व्यक्तिगत विचार और अभिव्यक्ति बताया।

पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर आगामी 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में इस तरह के विवादित बयान और ऑफर चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा रहे हैं।