33 C
Lucknow
Saturday, May 2, 2026
Home Blog

न्यायाधीश ने मानी जिंदगी से हार, दिल्ली में जज ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, लटका हुआ मिला शव

0

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के सफदरजंग इलाके में रहने वाले जज (Judge) अमन कुमार शर्मा (30) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जज ने ऐसा कदम क्यों उठाया, अभी तक इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। मौके से सुसाइड नोट मिलने की भी सूचना नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना की खबर लगते ही पुलिस टीम और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। मौके पर अमन शर्मा फांसी पर लटके हुए पाए गए।

खबरों के मुताबिक, सफदरजंग इलाके में रहने वाले जज अमन कुमार शर्मा ने आज शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शर्मा फांसी पर लटके पाए गए। दिल्ली पुलिस ने उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए आत्महत्या का मामला दर्ज किया है। न्यायाधीश अमन कुमार शर्मा की अचानक मृत्यु से शहर के विधि समुदाय में गहरा सदमा फैल गया है।

न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, शर्मा ने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कार्यभार संभाला था। उन्होंने पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2018 में बीए एलएलबी की डिग्री पूरी की। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आपराधिक और दीवानी मामलों की एक विस्तृत श्रृंखला को संभाला और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट और दीवानी न्यायाधीश के रूप में विभिन्न न्यायालयों में अपनी सेवाएं दीं। अक्टूबर 2025 में, शर्मा ने कड़कड़डूमा न्यायालयों में उत्तर-पूर्वी जिले के जिला विधि सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

औद्योगिक विकास के लिए मिशन मोड में पूरा कराएं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं: मुख्यमंत्री

0

 

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने की एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

फर्रुखाबाद और चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 31 मई तक पूरा कराएं 90% भूमि अधिग्रहण

डिफेंस कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में शीघ्र होगा बीईएल की इकाई का शिलान्यास

राज्य के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेम-चेंजर होंगी मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब: मुख्यमंत्री

लखनऊ के कन्वेंशन सेंटर में लेटर ऑफ अवार्ड पूरा, अब शिलान्यास की तैयारी

मुख्यमंत्री का निर्देश, सभी 150 कम्पोजिट विद्यालयों का निर्माण कार्य शुरू कराएं, स्कूल की लोकेशन का रखें ध्यान

लखनऊ, 02 मई:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक हब और शहरी परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जहां भी प्रक्रियात्मक बाधाएं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जाए।

शनिवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में संचालित प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही डिफेंस कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की इकाई का शिलान्यास होने जा रहा है। इसके पूर्व चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की वित्तीय निविदा का कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने चित्रकूट लिंक, फर्रुखाबाद लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की समीक्षा करते हुए संबंधित जिलाधिकारियों से अद्यतन जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन एक्सप्रेसवे के लिए आगामी 31 मई तक 90% भूमि उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। जहां रेट रिवीजन आवश्यक हो, वहां प्रस्ताव तत्काल भेजे जाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 15 दिन बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि-स्वामियों से सीधा संवाद किया जाए। उन्हें उचित मुआवजा मिले और रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त मैनपॉवर तैनात कर कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी लिंक तथा मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के लिए कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर के निर्माण के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इसके शिलान्यास की तैयारी के निर्देश दिए। वहीं, ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को राज्य के लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेम-चेंजर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ेंगी। बैठक में बताया गया कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है, जिससे कार्य आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित करेगी। बैठक में बताया गया कि 75 जनपदों में 150 विद्यालयों का निर्माण होना है, जिनमें 59 विद्यालयों के लिए कार्य प्रारंभ हो चुका है और 67 विद्यालयों के लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है। उन्होंने शेष परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विद्यालय स्थापना के लिए अच्छे लोकेशन को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मॉडल बिल्डिंग बायलॉज को निवेश अनुकूल बनाते हुए शीघ्र लागू करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि ड्राफ्ट बायलॉज को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया जा चुका है, जिससे पारदर्शी और सरल नियामक व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

औद्योगिक भूखंडों के बेहतर उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आवंटित भूमि पर तय समय सीमा के भीतर उद्योग स्थापित होना चाहिए। निवेशकों से संवाद करें और कार्यवाही समय से आगे बढ़नी चाहिए। बायो एनर्जी और सीबीजी परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने नवाचार और प्रतिस्पर्धा आधारित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क और टेक्सटाइल्स पार्क को कृषि और औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी है। डेवलपर चयन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को निवेश और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना शहरी सड़कों को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इंटीग्रेटेड सिटी बस टर्मिनल, वृंदावन योजना, लखनऊ परियोजना को आधुनिक शहरी परिवहन प्रणाली का अहम हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव से 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को मिला फायदा

0

 

प्रदेश में 43 लाख से ज्यादा 1 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के उपभोक्ता

2 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के 24 लाख उपभोक्तओं को भी मिली राहत

लखनऊ 2 मई: योगी सरकार ने बीते दिनों बिजली उपभोक्ताओं, खासकर लोवर और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव किए थे। योगी सरकार ने 1 किलोवाट तक के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का बैलेंस समाप्त होने के बाद भी उनकी बिजली आपूर्ति 30 दिनों तक जारी रखने का फैसला लिया था। सरकार के इस फैसले से कम लोड वाले करीब 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इसमें 43 लाख से ज्यादा 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है।

1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

दरअसल प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद सभी उपभोक्ताओं को केवल 3 दिन का ही समय मिलता था, जिसके बाद बिजली स्वतः कट जाती थी। इससे खासकर 1 और 2 किलोवाट के घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए योगी सरकार ने बीते दिनों 1 किलोवाट और 2 किलोवाट वाले घरेलू उपभोक्तओं को राहत देने का फैसला लिया था। सरकार के फैसले के बाद अब 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं का बैलेंस खत्म होने के बाद भी उनकी बिजली तुरंत नहीं कटेगी।

30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली

नए प्रावधान के तहत ऐसे उपभोक्ताओं को 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी। इस अवधि के दौरान घरेलू उपभोक्ता अपना बैलेंस रिचार्ज कर सकते हैं और बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि अगर उपभोक्ता 30 दिनों के भीतर भी अपना बैलेंस ठीक नहीं करते हैं, तो इसके बाद बिजली आपूर्ति स्वतः बंद कर दी जाएगी। इसी तरह 1 किलोवाट से अधिक और 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को भी इमरजेंसी क्रेडिट की सुविधा दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को कम से कम 3 दिन या 200 रुपए तक के नेगेटिव बैलेंस (जो बाद में हो) तक बिजली मिलती रहेगी।

2 किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 रुपए तक निगेटिव बैलेंस पर भी कनेक्शन चालू

उदाहरण के तौर पर अगर बैलेंस खत्म होने के 3 दिन बाद तक उपभोक्ता का बैलेंस माइनस 100 रुपए है, तो बिजली जारी रहेगी। लेकिन जैसे ही बैलेंस माइनस 200 रुपए तक पहुंच जाएगा और रिचार्ज नहीं कराया गया, तो ऐसा कनेक्शन स्वतः कट जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 67 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिसमें 43 लाख 17 हजार के लगभग 1 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के उपभोक्ता हैं और 24 लाख 51 हजार के लगभग 2 किलोवॉट घरेलू कनेक्शन के बिजली उपभोक्ता हैं।

इस्तेमाल की गई बिजली का बिल अगले रिचार्ज में होगा समायोजित

नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी क्रेडिट अवधि के दौरान उपभोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज से स्वतः कट जाएगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे UPPCL Smart ऐप के माध्यम से अपना मौजूदा बैलेंस और अनुमानित खपत देखते हुए समय पर रिचार्ज कराएं। साथ ही सरकार ने उपभोक्ता सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए एक और अहम प्रावधान किया है। अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे। ताकि उन्हें समय रहते रिचार्ज करने का अवसर मिल सके। इस तरह उपभोक्ताओं को समय-समय पर लो बैलेंस की सूचना दी जाती रहेगी।

रविवार, दूसरे शनिवार और छुट्टियों में नहीं कटेगी बिजली

नई व्यवस्था में कुछ विशेष समय भी निर्धारित किए गए हैं, जिनमें बिजली नहीं काटी जाएगी। शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार और सभी सार्वजनिक अवकाश पर बिजली सप्लाई जारी रहेगी। भले ही बैलेंस समाप्त या नेगेटिव ही क्यों न हो। हालांकि इस दौरान इस्तेमाल की गई बिजली का भुगतान अगले रिचार्ज में स्वतः कट जाएगा। गौरतलब है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रणाली है, जो मोबाइल के प्रीपेड सिस्टम की तरह काम करती है पहले रिचार्ज करें, फिर उपयोग करें।

समाज कल्याण के लिए तत्पर योगी सरकार, त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

0

 

आईजीआरएस पोर्टल पर 92.6 प्रतिशत शिकायतों का सफल निस्तारण

889 ऑफलाइन शिकायतों का भी किया गया समाधान

वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता पर समाधान

समाज कल्याण विभाग ने एक साल में 3168 और पिछले चार महीनों में 991 जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई

लखनऊ, 2 मई। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं और शिकायत निवारण व्यवस्था आम जनता के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी हैं। खासकर आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल के जरिए शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण ने प्रशासनिक कार्यशैली में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। इससे न केवल लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो रहा है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर विभाग सक्रिय

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज 9604 शिकायतों में से 8896 यानी 92.6 प्रतिशत मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। यह उपलब्धि विभाग की कार्यकुशलता और जवाबदेही को दर्शाती है। वहीं, ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भी विभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले दो वर्षों में आई 1035 शिकायतों में से 889 का समाधान कर 85.9 प्रतिशत की सफलता दर हासिल की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योगी सरकार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति पर विशेष फोकस

सरकार द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है। इससे बुजुर्गों और छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है, जो उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा प्रदान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ये योजनाएं काफी सहायक साबित हो रही हैं। विभाग की कोशिश है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ पाने में देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े।

जरूरतमंदों तक सीधे पहुंच रही मदद

समाज कल्याण विभाग की सक्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले एक वर्ष में 3168 जरूरतमंदों तक सीधी सहायता पहुंचाई गई है। वहीं, केवल पिछले चार महीनों में ही 991 लोगों का समाधान कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक रूप से लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।

तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही

डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग ने शिकायत दर्ज करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी प्रगति की निगरानी भी कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हुई है। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया के चलते ग्रामीण इलाकों से जुड़ाव रखने वाले लोग लिखित शिकायत कर अपनी समस्याओं का समाधान करवा रहे हैं।

अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार, 31 फॉर्च्यूनर सहित कई लग्जरी कारें बरामद

0

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने इस गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार (arrested) किया है, जिनके पास से 31 फॉर्च्यूनर सहित कई लग्जरी कारें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों पर चोरी किए गए गाड़ियों के चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बेचने का आरोप है।

डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम ने कहा, ‘हमारी क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल को वाहन चोरों के पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करके एक बड़ी सफलता मिली है। यह गिरोह मांग पर वाहन चुराता था, उनके चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ करता था, और फिर फर्जी और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उन्हें दोबारा रजिस्टर करवाता था, जिसके बाद उन्हें पूरे देश में बेच देता था।

इस ऑपरेशन में, इंटर-स्टेट सेल की टीम, सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र ढाका, एएसआई प्रवीण और हेड कांस्टेबल मोनित ने काफी मेहनत की। उनकी मेहनत की बदौलत अब तक कुल 31 महंगी लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं, जिनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा, महिंद्रा थार और स्कॉर्पियो जैसे मॉडल शामिल हैं। अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बिलासपुर लाइसेंसिंग अथॉरिटी का एक कर्मचारी भी शामिल है।’

चेसिस नंबर (Chassis Number या VIN) वाहन की विशिष्ट पहचान के लिए 17-अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड होता है। यह गाड़ी के फ्रेम पर अंकित होता है, जो निर्माण क्षेत्र, कंपनी, और वर्ष जैसी जानकारी दर्शाता है। इसे वाहन का आधार कार्ड भी कहा जाता है, जो RC, इंश्योरेंस पॉलिसी, डैशबोर्ड, या ड्राइवर साइड डोर पिलर पर पाया जा सकता है।

 

कानपुर में भीषण सड़क हादसा, खड़े डंपर से जा भिड़ा दूसरा डंपर, 2 सगे भाइयों की मौत

0

कानपुर: यूपी के कानपुर (Kanpur) में एक भीषण सड़क हादसा (road accident) हुआ है, तेज रफ्तार 2 डंपर के बीच जोरदार भिड़ंत हुई है। हादसे में सगे भाइयों की मौत हो गई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खबरों के मुताबिक, घटना नौबस्ता एलिवेटेड पुल पर घटी है, जहां एक तेज रफ्तार डंपर खड़े डंपर से जा भिड़ा। घटना इतनी भयानक थी कि ठोकर मारने वाले डंपर के परखच्चे उड़ गए। घटना होता देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से डंपर में फंसे दोनों भाइयों को निकालने की कोशिश की।

वहीं घंटों जद्दोजहद करने के बाद केबिन को काटकर दोनों भाइयों को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी. मृतकों की पहचान कमलकांत (27) और दीपक (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है, जांच के बाद ही असल वजह का पता चल सकेगा।