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Friday, April 3, 2026
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दिल्ली के सीमापुरी में किशोरी को चाकू मारने के कुछ घंटों बाद आरोपी के घर में सिलेंडर धमाका, एक की मौत!

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के सीमापुरी (Seemapuri) इलाके में एक 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध सिलेंडर विस्फोट में मौत हो गई। घटना से कुछ घंटे पहले ही उसने एक किशोरी पर चाकू से हमला किया था। पुलिस के अनुसार, शाम 5:33 बजे सीमापुरी पुलिस स्टेशन में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि पुरानी सीमापुरी के रविदास मंदिर वाली गली में एक लड़की को चाकू मारा गया है और वह कई चोटों के साथ बेहोश पड़ी है।

पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और पाया कि घायल लड़की को पहले ही गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों ने उसे बयान देने की स्थिति में नहीं पाया। पुलिस ने आगे बताया कि पीड़िता को कई जगह चाकू से वार किए गए हैं और उसका इलाज जारी है। पीसीआर कॉल के आधार पर, चिकित्सा-कानूनी मामला (एमएलसी) और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया गया और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने बताया इसी बीच, एक अलग लेकिन संबंधित घटना में, न्यू सीमापुरी स्थित एक घर में सिलेंडर विस्फोट की सूचना उसी पुलिस स्टेशन में पीसीआर कॉल के माध्यम से प्राप्त हुई। पुलिस मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने पाया कि विस्फोट से लगी आग में जतिन (24) नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा घटना के समय वह घर में अकेला था। पीड़ित को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखा गया है।

जांच के दौरान, पुलिस ने यह स्थापित किया कि जतिन वही व्यक्ति था जिसने दिन में पहले लड़की पर चाकू से हमला किया था। पुलिस ने कहा, हम घटनाक्रम और हमले के पीछे के मकसद की जांच कर रहे हैं। टीम मामले की हर संभव कोण से जांच कर रही है। अधिकारी ने आगे बताया कि फोरेंसिक टीमों ने दोनों स्थानों का निरीक्षण किया है और यह पता लगाने के प्रयास जारी हैं कि सिलेंडर विस्फोट आकस्मिक था या जानबूझकर किया गया था।

UP STF की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़

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लखनऊ: यूपी एटीएस (UP STF) ने बड़ा खुलासा करते हुए पाकिस्तानी हैंडलर (Pakistani handler) से जुड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मेरठ निवासी शाकिब समेत 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इसके अलावा विकास गहलावत, लोकेश, अरबाब भी पकड़े गए हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे की संपत्ति को निशाना बनाने की साजिश ये आरोपी कर रहे थे।

जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया से पाकिस्तानी हैंडलर से इनका संपर्क है। टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल ये गिरोह रहा था। आरोपियों ने गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ में रेकी की गई। गिरोह को क्यूआर कोड के जरिए फंडिंग मिल रही थी। गिरोह पर आरोप है कि यह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था।

एटीएस के अनुसार, आरोपियों ने कुछ स्थानों पर छोटी-छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम भी दिया था, जिनके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे गए। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए गए। टीम ने आरोपियों से ज्वलनशील पदार्थ, 7 फोन और 24 पंपलेट बरामद किए गए हैं। लखनऊ रेलवे स्टेशन के टीम ने आरोपियों की साजिश नाकाम की। इनका मकसद देश में भय का माहौल पैदा करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।

जांच में यह भी सामने आया है कि हैंडलर्स आरोपियों को ओसामा बिन लादेन, फतुल्लाह गोरी, कश्मीर मुजाहिदीन और गजवा-ए-हिंद जैसे कट्टरपंथी विचारों के जरिए भड़काते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य रेलवे संपत्तियों को आगजनी और विस्फोट के जरिए नुकसान पहुंचाने की योजना बना चुका था। हालांकि, योजना को अंजाम देने से पहले ही एटीएस ने मौके पर पहुंचकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक केन ज्वलनशील पदार्थ, 7 स्मार्टफोन और 24 पंपलेट बरामद किए गए हैं। एटीएस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

1 करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की मौत, बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में गई जान

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रांची: झारखंड के बिरसा मुंडा जेल (Birsa Munda Central Jail) में 1 करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस (Prashant Bose) की मौत हो गई। प्रशांत बोस प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) का टॉप लीडर और थिंक टैंक रह चुका था। वो पोलित ब्यूरो सदस्य भी रहा था. उसे किशन दा के नाम से भी जाना जाता था। प्रशांत बोस ने शुक्रवार की सुबह करीब 4 बजे रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में अंतिम सांस ली। मौत के बाद जेल प्रशासन ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची के रिम्स अस्पताल भेज दिया है।

भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और 1 करोड़ के इनामी प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की रांची जेल में मौत हो गई है। प्रशांत बोस संगठन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल था। नक्सली संगठन में किशन दा के नाम से पहचान रखने वाला बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। उसने कई वर्षों तक संगठन की गतिविधियों का नेतृत्व किया और रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाई। उसका शुरुआती जुड़ाव माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया (MCCI) से था, जहां वो प्रमुख पद पर रहा।

प्रशांत बोस संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल था और उसे महासचिव नंबला केशव राव के बाद दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता था। वे भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाता रहा। करीब 75 वर्ष से अधिक उम्र के बोस लंबे समय से जेल में बंद था। उनकी मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं, क्योंकि वो संगठन के महत्वपूर्ण और रणनीतिक थिंक टैंक नेता माना जाता था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 1 करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा पर झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 200 से अधिक नक्सली वारदातों में भूमिका रही थी। प्रशांत बोस को 12 नवंबर 2021 को झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वर्ष 2004 में जब एमसीसीआई और पीपुल्स वार ग्रुप का विलय हुआ और भाकपा (माओवादी) का गठन हुआ, तब उसे नए संगठन के पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया।

 

अबू धाबी में गैस कॉम्प्लेक्स पर हुए ईरानी हमले में 12 लोग घायल, जिसमे से 5 भारतीय शामिल

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दुबई: सरकारी मीडिया कार्यालय (Government Media Office) के अनुसार, शुक्रवार को अबू धाबी (Abu Dhabi) में एक हमले को नाकाम करने के बाद मलबा गिरने से कम से कम 12 लोग घायल हो गए। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने X पर पोस्ट किया कि अजबान इलाके में हुई इस घटना में 6 नेपाली नागरिकों और 5 भारतीय नागरिकों को मामूली से मध्यम चोटें आईं, जबकि एक नेपाली नागरिक को गंभीर चोटें आईं।

सरकारी मीडिया कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को अबू धाबी अमीरात में एक गैस परिसर में एक हमले के दौरान गिरे मलबे के कारण लगी आग के चलते परिचालन को निलंबित करना पड़ा। “हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा सफल अवरोधन के बाद, हबशान गैस संयंत्र में मलबा गिरने की घटना पर अबू धाबी अधिकारी कार्रवाई कर रहे हैं। अमीरात के मीडिया कार्यालय ने X पर बताया आग पर काबू पाने के लिए अधिकारियों द्वारा कार्रवाई किए जाने तक परिचालन निलंबित कर दिया गया है। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने लोगों से अपील की कि हालिया ईरानी हमलों से संबंधित किसी भी अफवाह या बिना सत्यापित जानकारी को न फैलाएं। पोस्ट में लिखा था हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा सफलतापूर्वक रोके जाने के बाद मलबे के गिरने से अजबान क्षेत्र में हुई घटना के संबंध में चल रही अनुवर्ती कार्रवाई के तहत, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में नेपाली नागरिकता वाले 6 व्यक्तियों और भारतीय नागरिकता वाले 5 व्यक्तियों को मामूली से मध्यम चोटें आई हैं, और नेपाली नागरिकता वाले एक व्यक्ति को गंभीर चोट आई है। .

 

 

 

छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि- महरूपुर सहजू में हुआ कार्यक्रम

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फर्रुखाबाद। महान वीर, हिंदवी स्वराज के प्रणेता छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर जनपद में श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें नमन किया गया। इसी क्रम में सरदार पटेल युवा वाहिनी द्वारा महरूपुर सहजू में पवन कटियार के आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के अद्वितीय साहस, कुशल नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार डॉ. हरीशचंद्र पटेल ने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदवी स्वराज की स्थापना कर देश के गौरव को पुनः स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि एक आदर्श शासक भी थे, जिन्होंने अपनी प्रजा की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और न्यायपूर्ण शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी नीतियां आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रही हैं।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज को संगठित कर और शिक्षा के माध्यम से ही सर्वांगीण विकास संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शिवाजी महाराज के आदर्शों—साहस, स्वाभिमान, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा—को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।अंत में सभी ने “जय शिवाजी, जय भवानी” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

बदायूं दोहरा हत्याकांड: एसआईटी से मुलाकात के बाद परिजनों की सुरक्षा बढ़ी, लापरवाही पर कांस्टेबल निलंबित

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बदायूं के सैजनी गांव स्थित एचसीपीएल प्लांट में 12 मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में कंपनी के अफसर सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था, जिसकी जांच अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

बुधवार को बरेली में हर्षित मिश्रा के परिजनों ने एसआईटी टीम से मुलाकात कर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। परिजनों ने दावा किया कि हर्षित को पहले से ही जान का खतरा था और उसे लगातार फोन पर धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार सुरक्षा की मांग करने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

परिजनों के अनुसार, इस मामले में केवल मुख्य आरोपी ही नहीं बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले लोग भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने एसआईटी से मांग की है कि ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस बयान के बाद मामले में साजिश और संरक्षण के एंगल से भी जांच तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

मुलाकात के बाद प्रशासन ने परिजनों की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। अब उनकी सुरक्षा में एक पूरी गारद तैनात की गई है, जिसमें एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल शामिल हैं। यह टीम बारी-बारी से 24 घंटे परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

इस बीच सुरक्षा में लापरवाही सामने आने पर एक कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। जांच में ड्यूटी में कोताही पाए जाने पर एसपी ने उसे निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। साथ ही परिजनों को हर संभव सुरक्षा और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया गया है।