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Saturday, June 6, 2026
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संपूर्ण समाधान दिवस में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 216 शिकायतों में केवल 15 का मौके पर निस्तारण

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क्रासर
राजस्व विभाग की शिकायतों का रहा दबदबा, अवैध कब्जे और फर्जी रिपोर्टों के आरोपों से गूंजा तहसील सभागार
कायमगंज/फर्रुखाबाद। तहसील सभागार में जिलाधिकारी अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समाधान दिवस में कुल 216 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मात्र 15 मामलों का मौके पर निस्तारण किया जा सका। अधिकांश शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, जबकि पुलिस और बिजली विभाग से जुड़े मामलों की भी बड़ी संख्या देखने को मिली। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आरती सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं।
फसल बर्बाद होने के बाद बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार
ग्राम वलीपुर मजरा अठसेनी परगना शमशाबाद निवासी बुजुर्ग महिला देवकी देवी पत्नी स्वर्गीय जागेश्वर दयाल ने आरोप लगाया कि उनकी विवादित भूमि पर खड़ी गेहूं की फसल को जिलाधिकारी के आदेश पर गौशाला साहेबगंज भेज दिया गया था, जबकि अविवादित साढ़े चार बीघा भूमि पर खड़ी फसल को ग्राम प्रधान और लेखपाल द्वारा कटवाने नहीं दिया गया। विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी गई और पुलिस के माध्यम से भी फसल कटाई रुकवा दी गई। महिला ने बताया कि बाद में आंधी और बारिश से उनकी चार बीघा फसल नष्ट हो गई, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अवैध कब्जों की शिकायतों ने बढ़ाई अधिकारियों की चिंता
नगला धोबियान मजरा बरतल निवासी सुरेश पुत्र गेंदा लाल ने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि पर गांव के एक व्यक्ति ने कब्जा कर कमरा बना लिया है और अब बोरिंग कराकर स्थायी कब्जे की कोशिश की जा रही है। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती है।
वहीं, रामनगर मजरा शाहीपुर निवासी यशलेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी पट्टे की भूमि पर गांव के कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है और कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
कुरार निवासी रूपलाल ने भी अपनी पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कहा कि दबंग लोग उन्हें खेती नहीं करने दे रहे हैं और विरोध करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं।
नगर पंचायत कम्पिल के सभासद महेश चंद्र शाक्य ने अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार यादव और अवर अभियंता श्रीकृष्ण राजपूत पर बिना स्थलीय निरीक्षण किए शिकायतों का निस्तारण दर्शाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीसी सड़क निर्माण और आरओ चिलर प्लांट से संबंधित शिकायतों में गलत रिपोर्ट लगाकर वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया गया है।
समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, अवैध कब्जे और राजस्व विभाग से संबंधित रहे। इसके अलावा पुलिस और बिजली विभाग से संबंधित शिकायतें भी अधिकारियों के समक्ष पहुंचीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए।

इनसेट :
किसान यूनियन पदाधिकारियों ने एसडीएम पर लगाए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप
भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश और कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के समक्ष पेश होकर उपजिलाधिकारी कायमगंज पर गंभीर आरोप लगाए। वरिष्ठ नागरिक अवधेश सिंह, नेत्रपाल सिंह और धनीराम सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि बीएनएस की धाराओं के तहत जमानत प्रक्रिया के लिए बुलाए जाने के बाद उन्हें कई घंटों तक कार्यालय में रोककर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा अपमानित किया गया। पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आनंद उपाध्याय, विधायक सुरभि, एसडीएम अतुल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

गंगा की विनाशकारी बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज, डीएम ने किया निर्माणाधीन पार्को पाइन का निरीक्षण

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क्रासर
कटान रोकने के लिए बन रही 1400 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य के दिए निर्देश
फर्रुखाबाद। गंगा कटरी क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली विनाशकारी बाढ़ से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सेतु निगम द्वारा कराए जा रहे पार्को पाइन निर्माण कार्य का शनिवार को जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि ढाईघाट शमशाबाद क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बसे गांव बांसखेड़ा के मजरा गुटेटी दक्षिण से समोचीपुर चितार तक लगभग 1400 मीटर लंबी पार्को पाइन का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंगा की तेज धारा से होने वाले कटान और बाढ़ की विभीषिका से कटरी क्षेत्र के गांवों को सुरक्षित करना है।
गंगा कटरी क्षेत्र में बरसात के मौसम में बाढ़ का कहर किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। बाढ़ के कारण जहां किसानों की उपजाऊ भूमि और फसलें जलमग्न हो जाती हैं, वहीं गांवों के रास्ते कट जाते हैं और गलियां नदियों का रूप धारण कर लेती हैं। कई बार स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की शरण लेनी पड़ती है।
बाढ़ के दौरान छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई परिवारों को तख्त और चारपाइयों पर रहकर जीवन यापन करना पड़ता है, जबकि कुछ लोग मकानों की छतों पर शरण लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ढाईघाट-शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग के किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहकर दिन गुजारने की तस्वीरें भी हर साल सामने आती रही हैं।
कटरी क्षेत्र के ग्रामीण वर्षों से गंगा कटान से बचाव के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सुरक्षा कार्य कराने की मांग करते आ रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ और कटान के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और कई परिवार बदहाली का जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं।
इसी मांग को देखते हुए सेतु निगम की ओर से गुटेटी दक्षिण से समोचीपुर चितार तक सुरक्षा कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पार्को पाइन बनने के बाद क्षेत्र को बाढ़ और कटान से काफी हद तक राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले डेढ़ माह से एक ठेकेदार द्वारा क्षेत्र में पनचक्कियों का संचालन कराया जा रहा था, जिसके कारण नदी किनारे लगातार कटान हो रहा था। ग्रामीणों के अनुसार पनचक्कियों के माध्यम से नीचे की मिट्टी निकाली जाती थी, जिससे भूमि खोखली हो जाती थी और बड़े-बड़े हिस्से धंसकर गंगा में समा जाते थे। इससे किसानों की भूमि को भी भारी नुकसान पहुंच रहा था।
सूत्रों के मुताबिक ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए संबंधित लोगों द्वारा पनचक्कियों को रातों-रात हटवा लिया गया। हालांकि क्षेत्र में इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
ग्रामीणों से भी ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने क्षेत्रीय ग्रामीणों से भी बातचीत कर बाढ़ और कटान से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी कायमगंज, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता, जूनियर इंजीनियर सहित लोक निर्माण विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अज्ञात कारणों में लगी भीषण आग, कई परिवारों की गृहस्थी राख

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उपजिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन मौके पर पहुंचा, अग्निपीड़ितों को शीघ्र सहायता का भरोसा

अमृतपुर, फर्रुखाबाद

थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी को कुछ ही देर में राख में बदल दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक घर से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते आसपास की झोपड़ियों और भूसे के ढेरों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक लाखों रुपये मूल्य का घरेलू सामान, अनाज और पशुओं के चारे के रूप में रखा भूसा जलकर नष्ट हो चुका था।जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले अनगपाल पुत्र श्रीकृष्ण के घर में लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बाल्टियों और अन्य संसाधनों के सहारे आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैलती चली गई।इस हादसे में मानसिंह पुत्र रामभजन की झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। झोपड़ी में रखी चारपाई, दो बोरी गेहूं तथा अन्य आवश्यक घरेलू सामान नष्ट हो गया। वहीं हरिपाल पुत्र अहिवरन की एक चारपाई, एक रजाई, चार पैकेट गेहूं सहित गृहस्थी का काफी सामान आग की भेंट चढ़ गया। इसके अलावा श्यामपाल एवं वीरपाल पुत्र रतीराम की झोपड़ी में रखा भूसा जलकर राख हो गया, जिससे पशुओं के चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है।ग्रामीणों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को अपने सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल सका। कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। आग लगने के बाद गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाकर आग लगने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव को मौके पर भेजा और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल ज्योति ने मौके पर पहुंचकर आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली राहत सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्निपीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना से पूरे गांव में चिंता का माहौल है और ग्रामीण पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं।

नौकरी की तलाश में दिल्ली गया था अभिषेक, घर लौटते समय सड़क हादसे में बुझ गई जिंदगी

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खुर्जा में दो बसों की टक्कर में 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत, गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम
मोहम्मदाबाद/फर्रुखाबाद। बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के सपने लेकर नौकरी की तलाश में दिल्ली गया 16 वर्षीय किशोर सड़क हादसे का शिकार हो गया। खुर्जा क्षेत्र में दो बसों की आमने-सामने हुई टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए किशोर की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां गीता देवी बेटे का शव देखकर बदहवास हो गईं, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
थाना क्षेत्र के ग्राम बुवरैया, मौजा गुड़गांव निवासी किसान राकेश चंद्र का 16 वर्षीय पुत्र अभिषेक हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद रोजगार की तलाश में करीब 15 दिन पहले दिल्ली गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण अभिषेक जल्द से जल्द नौकरी कर घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाना चाहता था।
बताया गया है कि दिल्ली से वह दादरी पहुंचा और वहां से रोडवेज बस के जरिए अपने घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान खुर्जा क्षेत्र में सामने से आ रही दूसरी बस से उसकी बस की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के प्रयासों के बीच उसने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता राकेश चंद्र खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। छोटे भाई का नाम ऋतिक है, जबकि दो बहनों की शादी हो चुकी है और बड़ी बहन अंशिका परिवार के साथ है। बेटे के रोजगार मिलने और परिवार की स्थिति सुधरने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को उसकी मौत की खबर ने पूरी तरह झकझोर दिया।
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही अभिषेक का शव गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां गीता देवी बेटे के शव से लिपटकर बिलखती रहीं। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोगों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

सब हेडिंग
आज होगा अंतिम संस्कार

परिजनों के अनुसार, मृतक अभिषेक का अंतिम संस्कार रविवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। गांव में शोक का माहौल बना हुआ है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि जिस बेटे से परिवार ने उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें लगा रखी थीं, वह इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़कर चला गया।

संदिग्ध हालात में विवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला, मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

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कंपिल/फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के गांव प्रीतम नगला में शनिवार को एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मृतका के मायके पक्ष ने दहेज के लिए हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पति और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रीतम नगला निवासी राहुल जाटव की 28 वर्षीय पत्नी ललिता का शव शुक्रवार दोपहर कमरे में साड़ी के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही शाहजहांपुर जनपद के थाना कलान क्षेत्र के गांव खलासा निवासी मृतका के पिता दाताराम जाटव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बेटी की हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मृतका के पिता दाताराम जाटव ने बताया कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पूर्व अपनी पुत्री ललिता का विवाह रामशरन जाटव के पुत्र राहुल के साथ किया था। आरोप है कि शादी के कुछ माह बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांग करने लगा था। किसी तरह व्यवस्था कर उन्होंने बाइक भी दे दी, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष सोने की जंजीर और एक लाख रुपये की मांग को लेकर ललिता को प्रताड़ित करता रहा।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे ललिता ने अपनी बड़ी बहन रीमा को फोन कर रोते हुए ससुराल पक्ष द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न की जानकारी दी थी। इसके कुछ घंटे बाद दोपहर करीब दो बजे उसकी मौत की सूचना मिली। जब मायके पक्ष मौके पर पहुंचा तो ललिता का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर रात मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति राहुल, ससुर रामशरन, सास रामवती, ननद शिवानी, अंशु और शीतल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने आरोपी पति राहुल और ससुर रामशरन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी नितिन चौधरी ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

कांग्रेसियों ने पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद के जन्मदिन पर मरीजों को बांटे फल

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फर्रुखाबाद। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी एवं पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद का 72वां जन्मदिन शनिवार को फतेहगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह और सेवा भाव के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रिजवान अहमद ताज के निवास पर किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने केक काटकर पूर्व विधायक के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस नेता रिजवान अहमद ताज और रईस हैदर एडवोकेट ने किया। जन्मदिन समारोह की शुरुआत समाजसेवा के कार्यों के साथ हुई। कांग्रेसजनों ने सुबह लोहिया अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों को फल वितरित किए और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केक खिलाकर खुशी का इजहार किया ।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लुईस खुर्शीद ने अपने राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके कार्यों और जनहित के प्रति समर्पण से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में महेश जाटव, मनोज कुमार मंजुल, दिलीप कुमार, मिर्जा राहत, सत्येंद्र एडवोकेट, अलीम अब्बासी, अब्दुल मुकीम, इसरार अहमद मलिक, अनवर, साबिर हुसैन, बाबर खान, खालिद हुसैन, खालिद उस्मानी, राकेश सागर, महेश उपकारी, मोहम्मद तारिक, बशीर, मोहम्मद सलीम, डॉ. जहीर अहमद, हाजी वसीम, जमा खान, इरशाद अली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।