नई दिल्ली: फंड्सइंडिया का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 30,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इससे पहले कंपनी ने इसी साल 25,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया था, और यह 20,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार करने के लगभग 11 महीने बाद हुआ है।
इस वृद्धि के पीछे किसी एक बड़े निवेश या बाजार की किसी एक अनुकूल स्थिति का योगदान नहीं है। यह वृद्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि खुदरा निवेशकों ने अपने एसआईपी निवेश बढ़ाए, आईएफए साझेदारों ने अपनी वित्तीय सलाहकार सेवाओं का दायरा विस्तृत किया, और प्राइवेट वेल्थ कारोबार ने कम समय में ही संपन्न और एचएन आई ग्राहकों का भरोसा जीतकर तेज़ी से विकास किया।
भारत में अलग-अलग आय वर्गों और शहरों के निवेशक अब ऐसी निवेश सलाह चाहते हैं, जो सिर्फ अच्छे बाजार के समय ही नहीं, बल्कि अनिश्चित परिस्थितियों में भी उनके लिए भरोसेमंद साबित हो। फंड्सइंडिया ऐसा प्लेटफॉर्म और सलाहकार क्षमता विकसित कर रहा है, जो गहन रिसर्च और तकनीक को जोड़कर पहली बार निवेश करने वाले टियर-2 शहर के निवेशक से लेकर महानगर के अनुभवी निवेशक तक, सभी के लिए उपयोगी बनाता है।
कंपनी के तीनों प्रमुख कारोबार—डी2सी, पार्टनर और प्राइवेट वेल्थ ने अपने-अपने तरीके से मजबूत पहचान बनाई है। डी2सी कारोबार ने अधिक निवेशकों को केवल निवेश की सोच तक सीमित रहने के बजाय वास्तव में निवेश शुरू करने और एकमुश्त निवेश से आगे बढ़कर नियमित एसआईपी निवेश अपनाने में मदद की है। पार्टनर वर्टिकल ने आईएफए और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेहतर रिसर्च और आधुनिक तकनीकी टूल उपलब्ध कराए हैं, जिससे वे अपने ग्राहकों को अधिक भरोसे के साथ सलाह दे सकें। वहीं, प्राइवेट वेल्थ कारोबार ने मजबूत रिश्तों और विश्वास के आधार पर तेज़ी से अपनी पहचान बनाई है।
आज फंड्सइंडिया पूरे भारत में लगभग 30 लाख निवेशकों को सेवाएं दे रहा है। इनमें से करीब 71.79% निवेशक प्रमुख महानगरों के बाहर के शहरों से हैं। यह दर्शाता है कि सुनियोजित निवेश अब धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से कहाँ अपनी जगह बना रहा है।
इस उपलब्धि पर फंड्सइंडिया के ग्रुप सीईओ, अक्षय सप्रू ने कहा:
“30,000 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक मायने यह रखता है कि हमने यह मुकाम कैसे हासिल किया। खासकर पिछले कुछ महीनों में बाजार ने निवेशकों के भरोसे और धैर्य की कड़ी परीक्षा ली है। हमने यह सफलता एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए हासिल की है, हर निवेशक के साथ मजबूत रिश्ता बनाकर और हर सलाहकार व साझेदार के साथ भरोसेमंद संवाद कायम करते हुए हमने यह सफर तय किया है। हमारा मानना है कि लंबे समय तक स्थायी विकास के लिए यही सबसे जरूरी है।
हमारे कारोबार के तीनों हिस्से इस विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारा प्राइवेट वेल्थ कारोबार इस वृद्धि की अगुवाई कर रहा है, जो यह साबित करता है कि एक बार एचएनआई ग्राहक का भरोसा जीत लेने पर उसके परिणाम बेहद सकारात्मक होते हैं। हमारा डी2सी प्लेटफॉर्म खुदरा निवेशकों के लिए निवेश शुरू करने की प्रक्रिया को और आसान बना रहा है। वहीं, हमारे पार्टनर्स लगातार अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी बन रहे हैं। यही संतुलित विकास हमें किसी एक आंकड़े से कहीं अधिक, आने वाले चरण को लेकर भरोसा देता है।
अभी हमें लंबा सफर तय करना है। भारतीय निवेशक अब पहले से अधिक जागरूक हैं और वे केवल बेहतर रिटर्न ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की भी अपेक्षा रखते हैं। यही हमें लगातार बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है। हमारा उद्देश्य रिसर्च, तकनीक और सलाहकार क्षमताओं को लगातार मजबूत करना है, ताकि हम निवेशकों का भरोसा जीतते रहें। साथ ही, हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि विकास की गति के साथ गुणवत्ता और सुशासन से कोई समझौता न हो। आज हम जहां हैं, उसके लिए आभारी हैं और इस बात से भी पूरी तरह अवगत हैं कि हमें अभी बहुत आगे तक जाना है।”
वेस्टब्रिज कैपिटल के समर्थन से फंड्सइंडिया अपनी तकनीकी और डेटा अवसंरचना में लगातार निवेश कर रहा है। साथ ही, कंपनी एआई और एनालिटिक्स क्षमताओं को भी मजबूत बना रही है, ताकि निवेश संबंधी सलाह को अधिक व्यक्तिगत, और बड़े स्तर पर सभी के लिए आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। वर्तमान में 1,260 पेशेवरों की टीम के साथ, कंपनी अगले चरण की विकास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने कार्यबल का लगातार विस्तार कर रही है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद भी फंड्सइंडिया की प्राथमिकता वही बनी हुई है, अधिक से अधिक भारतीयों को स्पष्टता, निरंतरता और भरोसे के साथ निवेश करने में सक्षम बनाना, साथ ही आईएफए और सलाहकार समुदाय को ऐसे प्रभावी साधन उपलब्ध कराना, जिनकी मदद से वे भी अपने ग्राहकों के लिए भी ऐसा ही कर सकें।








