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Saturday, April 25, 2026
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जमालपुर रैली में गरजे अमित शाह, पुलिस को मंच से हटने का दिया निर्देश, ममता सरकार पर तीखा हमला

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कोलकाता

पूर्व बर्धमान जिले के जमालपुर मे आयोजित एक चुनावी जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले आयोजित इस रैली में उन्होंने जहां भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं मंच के पास मौजूद पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नाराजगी भी जाहिर की।
रैली को संबोधित करते समय अचानक गृह मंत्री की नजर मंच के समीप तैनात वेस्ट बंगाल पुलिस के कुछ कर्मियों पर पड़ी। उनकी हरकतों से भाषण में व्यवधान उत्पन्न होता देख अमित शाह ने अपना संबोधन बीच में ही रोक दिया और माइक से ही पुलिसकर्मियों को पीछे हटने के लिए कहा। उन्होंने ऊंची आवाज में निर्देश देते हुए व्यवस्था बनाए रखने की बात कही। इस दौरान सभा में मौजूद समर्थकों ने भी शोर मचाकर उनका समर्थन किया। यह पूरा घटनाक्रम अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव में तृणमूल समर्थित तत्व हिंसा कर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गृह मंत्री ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी ममता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकार है, लेकिन कहीं भी महिलाओं को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह नहीं दी जाती। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल सरकार की विफलता करार दिया और कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
इसके साथ ही अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि यदि राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो तृणमूल कांग्रेस से जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव राज्य के भविष्य और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रंप का यू-टर्न: सैन्य कार्रवाई से पीछे हटे, बोले—ईरान चाहे तो बातचीत के लिए दरवाजा खुला

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वाशिंगटन

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए फिलहाल सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने की कोई योजना नहीं है और इस दिशा में अभी कोई विचार नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है और ईरान जब चाहे संपर्क कर सकता है। इस बयान को दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक नरम संकेत माना जा रहा है।
हालांकि दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयासों को झटका भी लगा है। अमेरिका ने अपने विशेष दूत जारीद कुशनेर और स्टीव विटकॉफ की पाकिस्तान यात्रा को अचानक रद्द कर दिया है, जहां इस्लामाबाद में ईरान-इस्राइल युद्धविराम वार्ता को फिर से शुरू कराने की कोशिश होनी थी। इस फैसले से क्षेत्र में शांति बहाली की उम्मीदों को बड़ा धक्का लगा है।
इसी बीच पाकिस्तान में भी हलचल तेज रही। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इस बैठक को दोनों देशों के बीच ‘सौहार्दपूर्ण’ बताया गया और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर जोर दिया गया। हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल वार्ता के बाद इस्लामाबाद से वापस लौट गया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि बातचीत की राह अभी आसान नहीं है।
तनाव का केंद्र बना स्ट्रैट ऑफ़ होरमुज़ भी वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में उसकी नाकेबंदी और सैन्य गतिविधियां जारी रहीं तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। उधर, इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच भी संघर्ष जारी है, जहां दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के लड़ाकों के मारे जाने के दावे सामने आए हैं।
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां ट्रंप का बयान तनाव कम करने की दिशा में उम्मीद जगाता है, वहीं कूटनीतिक प्रयासों में रुकावट और जमीनी हालात इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि पश्चिम एशिया में स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई, 1126 करोड़ के पार

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धुरंधर 2 ने रिलीज के 38वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। फिल्म ने छठे शनिवार को करीब 2.37 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि शुक्रवार को 1.55 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया गया था।

इसी के साथ भारत में फिल्म का कुल कलेक्शन लगभग 1126.56 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पहले हफ्ते में ही फिल्म ने 674.17 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसके बाद लगातार हफ्तों में भी इसकी कमाई मजबूत बनी रही।

वर्ल्डवाइड स्तर पर भी फिल्म ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है और अब तक करीब 1824.94 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। इस प्रदर्शन के साथ इसने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है और अब नजरें ग्लोबल नंबर-1 बनने पर टिकी हैं।

रणवीर सिंह स्टारर यह स्पाई-थ्रिलर फिल्म लगातार लंबी रेस की घोड़ी साबित हो रही है और बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।

रणबीर कपूर और आदित्य रॉय कपूर का वीडियो वायरल, फैंस ने मांगा ‘ये जवानी है दीवानी 2’

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रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म रामायण को लेकर चर्चा में हैं, जिसका हाल ही में पहला लुक भी सामने आया है और दर्शकों को काफी पसंद आया है। इसी बीच उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह आदित्य रॉय कपूर के साथ नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में दोनों कलाकार सड़क पर चलते हुए बातचीत और हंसी-मजाक करते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इस वीडियो को देखकर फैंस को उनकी सुपरहिट फिल्म ये जवानी है दीवानी की याद आ गई।

सोशल मीडिया पर फैंस लगातार दोनों को फिर से साथ में फिल्म करने की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट किया कि “ये जवानी है दीवानी 2 बननी चाहिए” और कुछ ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के किरदारों और पुरानी स्टारकास्ट को भी याद किया।

2027 चुनाव की तैयारी: किसानों के सहारे सियासी समीकरण साधने में जुटे अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर किसानों को केंद्र में रखते हुए बड़ा सियासी दांव चला है। शनिवार को दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने किसानों के लिए कई अहम वादों का ऐलान किया, जिसमें गन्ना किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने, दूध सहित 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने और गांवों को ‘स्मार्ट गांव’ के रूप में विकसित करने की योजना प्रमुख रही।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर 15 हजार करोड़ रुपये का “किसान रिवॉल्विंग फंड” बनाया जाएगा, जिससे गन्ना किसानों की पर्ची कटते ही सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने के लिए “एग्रीकल्चर डेब्ट रिलीफ एक्ट” लाया जाएगा, जिससे कर्ज माफी का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सपा प्रमुख ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूध को भी एमएसपी के दायरे में शामिल करने की बात कही, जो अब तक राष्ट्रीय स्तर पर लागू नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में बेहतर सड़क, बिजली, इंटरनेट और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘स्मार्ट गांव’ योजना लागू करने का वादा किया।
राजनीतिक बयानबाजी के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर के जरिए जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है और कृषि उत्पादों के आयात से देश के किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में किसानों को साधने की यह रणनीति सपा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। हालांकि, इन वादों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्ष सवाल उठा सकता है, जिससे आने वाले समय में सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।

नीति आयोग में नई जिम्मेदारी: योगी के आर्थिक सलाहकार रहे प्रो. के.वी. राजू बने पूर्णकालिक सदस्य

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लंबे समय तक आर्थिक सलाहकार रहे प्रो. के.वी. राजू को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें देश की सर्वोच्च नीति निर्धारण संस्था नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद की गई है।
प्रो. के.वी. राजू करीब नौ वर्षों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्यरत रहे और उत्तर प्रदेश की आर्थिक नीतियों, निवेश योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं में उनकी अहम भूमिका मानी जाती रही है। इससे पहले वे कर्नाटक सरकार के साथ भी आर्थिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें विभिन्न राज्यों की आर्थिक संरचना का व्यापक अनुभव प्राप्त है।
केंद्र सरकार द्वारा किए गए इस पुनर्गठन में वरिष्ठ अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रो. के.वी. राजू के साथ-साथ राजीव गौबा, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास को भी पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है।
नीति आयोग में यह नई नियुक्तियां ऐसे समय पर हुई हैं, जब केंद्र सरकार देश की आर्थिक वृद्धि, निवेश, रोजगार सृजन और राज्यों के साथ समन्वय को लेकर नई रणनीतियों पर काम कर रही है। ऐसे में प्रो. के.वी. राजू का अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को उत्तर प्रदेश मॉडल के अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।