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Wednesday, April 29, 2026
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फर्रुखाबाद में दबंगो के आगे खाकी बेबस, यूपी पुलिस शर्मसार! शराब ठेके पर सिपाही को बेल्टों-थप्पड़ों से पीटा, वीडियो वायरल

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फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद (Farrukhabad) जिले खाकी को शर्मसार करने वाला वीडियो सोशल मीडिया (social media) पर तेजी से वायरल हो रहा। इस वीडियो में दबंगो के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे है। वायरल वीडियो में कुछ युवक शराब ठेके पर बिना वर्दी के सिपाही को बेल्ट और थप्पड़ों से पीट रहे हैं। शराब ना पिलाने को लेकर दबंगों ने राजीव सिपाही को बेल्टों से जमकर पीटा। ठेका देशी शराब छोटी जेल पर राजीव सिपाही का पिटने का विडियो वायरल। राजीव सिपाही का नाम बताया जा रहा है देशी शराब ठेके पर दबंगों ने लात-घूंसों व बेल्टों से पीटा। पिटाई का विडियो शोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

खबरों के मुताबिक, राजीव सिपाही की तैनाती पुलिस लाइन में बताईं जा रही है ग्रानगंज में किराए पर रहता है। फतेहगढ़ के जिला जेल चौराहे के पास शराब ठेके पर पहुंचे सादा वर्दी में सिपाही राजीव कुमार की बेल्टों से पिटाई कर दी गई। एक घंटे तक जमकर बरसाईं बेल्ट व लात-घूंसे जिसका विडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के छोटी जेल चौराहे देशी शराब ठेके का मामला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

फतेहगढ़ क्षेत्र के जिला जेल चौराहे के पास स्थित एक शराब ठेके पर बिना वर्दी में पहुंचे सिपाही राजीव कुमार की कुछ दबंगों ने बेल्टों से बेरहमी से पिटाई कर दी और गाली बक बक कर पिटाई कर रहे है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ होकर लोग एक पुलिसकर्मी पर प्रहार कर रहे हैं।

विवाद शराब न पिलाने को लेकर शुरू हुआ था। सिपाही राजीव कुमार को सरेआम बेल्टों से पीटा गया और यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।

‘माफिया के खिलाफ खबरें छपी तो हत्या कराने की साजिश छीन ली गई सुरक्षा’

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– उच्च न्यायालय मे याचिका.प्रेस काउंसिल नई दिल्ली मे अवमानना
– अंदरखाने विधायक का दवाव और जिला सुरक्षा समिति की भ्रामक रिपोर्ट का हवाला
– बोले, शरद कटियार कभी भी उनके व परिवार साथ हो सकती अनहोनी
– सरकार पर नहीं भरोसा,जिले के नेता विरोध मे

फर्रुखाबाद। निष्पक्ष पत्रकारिता करने की कीमत अब जान का खतरा बनती दिख रही है। दैनिक यूथ इंडिया के संपादक शरद कटियार ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने और प्रशासनिक स्तर पर “भ्रामक रिपोर्ट” तैयार करने के गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे भारतीय प्रेस परिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। मामला अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था और “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सीधा सवाल खड़ा कर रहा है।साथ ही मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।

शरद कटियार ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि उन्होंने वर्ष 2012 से लगातार जिले में सक्रिय माफिया नेटवर्क, अवैध कब्जे, और अपराधियों के गठजोड़ को उजागर किया। इन रिपोर्टों के चलते कथित रूप से कई प्रभावशाली माफिया और उनके सहयोगी उनके “जान-माल के दुश्मन” बन गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ खबरें प्रकाशित हुईं, उन्हीं के दबाव और साठगाठ में फर्रुखाबाद का चर्चित राजनैतिक ताकतवर तंत्र उनकी सुरक्षा व्यवस्था के पीछे पढ़ गया और जनपद से लेकर कानपुर जोन स्तर और शासन को गुमराह किया जाने लगा है।

पत्र में उल्लेख है कि भारतीय प्रेस परिषद के आदेश और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद वर्ष 2020 में उन्हें सुरक्षा प्रदान की गईं थी । लेकिन 23 फरवरी 2023 को बिना समुचित जांच के यह सुरक्षा हटा दी गई। क्योंकि उन्होंने अपने कार्यक्रम में प्रदेश के ताकतवर मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को बुलाया था खन्ना का हेलीकाप्टर पुलिस लाइन मे लैंड हुआ था,और वह 6 फरवरी 2023 को न केवल उनके कार्यक्रम में आए थे बल्कि उसी दिन उन्होंने जनपद मे लिंक एक्सप्रेस- वे बनाए जाने की घोषणा भी की थी,जो की जिले के कुछ नेताओं को नागवार गुजारी थी। उस कार्यक्रम के चंद दिनों बाद ही बिना किसी कारण शासन से उनकी सुरक्षा में लगा गनर वापस करा दिया गया था और उनके सहयोगी एक वरिष्ठ पत्रकार को झूठ दलित उत्पीड़न के मुकदमे में फसवाया गया था।जबकि जनपद से आयुक्त कानपुर के माध्यम से संस्तुति जिला प्रशासन ने शासन को की थी।

उनके आवेदन के बाद भी आज तक उनके शस्त्र लाइसेंस रिवाल्वर का भी नवीनीकरण नहीं होने दिया गया।न ही लाइसेंस निरस्त हुआ, जबकि 4 साल बिना नवीनीकरण के उनका लाइसेंस निरस्त हो जाना चाहिए,इससे भी अधिक गंभीर आरोप यह है कि सुरक्षा बढ़ाने की संस्तुति शासन तक भेजे जाने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर दिया गया। प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना जिले के प्रभारी और प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह,जनपद न्यायाधीश के दखल के बाद, और पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा निष्पक्ष जांच आख्या मांगने के बाद भी जनपद से राजनीतिक दबाव के चलते भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित कराई जा रही।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि फर्रुखाबाद जनपदीय सुरक्षा समिति ने 2025 और 2026 में तीन अलग-अलग रिपोर्ट भेजीं,19 नवंबर 2025, 6 फरवरी 2026 और 22 अप्रैल 2026 जो एक-दूसरे से पूरी तरह विरोधाभासी हैं। कहीं प्रार्थी को लखनऊ में रहने वाला बताया गया, तो कहीं फर्रुखाबाद में। यहां तक कि पारिवारिक स्थिति तक में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए। यह तक कह दिया कि उनकी माता जी का देहांत पूर्व में ही हो चुका है, जबकि वह जिंदा हैं,इसे लेकर उन्होंने आरोप लगाया गया है कि ये रिपोर्टें “राजनीतिक और माफिया दबाव” में तैयार की गईं।

इस पूरे प्रकरण में फर्रुखाबाद सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, उनके भाई और कई अन्य प्रभावशाली लोगों के दबाव का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही तत्कालीन जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

कटियार ने यह भी आशंका जताई है कि उनके खिलाफ कभी भी झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा सकते हैं या किसी बड़ी साजिश के तहत उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और झूठी रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक और वर्तमान जिलाधिकारी सहित कई उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है।

फिलहाल, यह मामला सिर्फ एक पत्रकार की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ लिखने वाले पत्रकार सुरक्षित हैं? और क्या प्रशासनिक तंत्र राजनीतिक दबाव में सच को दबा रहा है?

सुल्तानपुर में ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले युवक की पीट-पीटकर हत्या

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सुल्तानपुर: यूपी के सुल्तानपुर (Sultanpur) जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भीतौरा गांव में मंगलवार शाम को एक 28 वर्षीय युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। परिवार का दावा है कि यह हमला ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार (corruption) की शिकायत से जुड़ा था। पुलिस ने बुधवार को बताया कि मृतक जसवंत सिंह शाम करीब 7 बजे स्थानीय बाजार से सब्जी खरीदकर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, तभी भीतौरा इंटर कॉलेज के पास उस पर हमला हुआ।

उसके भाई बलवंत सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, छह से अधिक ग्रामीणों के एक समूह ने, जो कथित तौर पर घात लगाकर बैठे थे, जसवंत को रोका, उसकी मोटरसाइकिल रोकी और उससे झगड़ा करने लगे। हमलावरों ने कथित तौर पर उसे गाली दी और लाठियों, रॉड और कुल्हाड़ी से जान से मारने की कोशिश की।

जसवंत गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही बेहोश हो गया। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य उसे लम्भुआ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। उनकी हालत की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसी रात बाद में चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।

बलवंत सिंह ने आरोप लगाया कि यह हमला व्यक्तिगत दुश्मनी के कारण हुआ, क्योंकि उन्होंने विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर ग्राम प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। आगे की जांच चल रही है।

आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी स्थापना दिवस पर फतेहगढ़ कैंट में सांस्कृतिक उत्सव, सैनिक परिवारों के भविष्य निर्माण का संदेश

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फर्रुखाबाद। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस पर आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों का संगम देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम में सैनिकों के पाल्यों के सर्वांगीण विकास में AWES की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह दर्शाया कि किस प्रकार AWES सैनिक परिवारों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा तक मजबूत आधार प्रदान कर रही है। प्रस्तुति ने उपस्थित जनों को भावुक भी किया और गर्व से भर दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छात्राओं का समूह नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें ‘टुकड़ा-टुकड़ा सी करके सपना एक बनाया’ गीत पर मनमोहक प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया गया। कक्षा 12 ‘अ’ की छात्रा आरजू राठौर ने AWES की उपलब्धियों और शिक्षा क्षेत्र में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्था देशभर में हजारों सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही है।

इसी क्रम में कक्षा 12 की छात्रा आराध्या सिंह ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन’ का ओजपूर्ण पाठ कर माहौल को प्रेरणादायक बना दिया। छात्रों द्वारा प्रस्तुत विद्यालय गीत ने पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और समर्पण का भाव भर दिया।

कार्यक्रम के दौरान बास्केटबॉल एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ टीमवर्क और नेतृत्व कौशल को भी बढ़ावा मिला।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि AWES का यह प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन, सिखलाई रेजिमेंट सेंटर फतेहगढ़ ने अपने संदेश में कहा कि AWES शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है और यह संस्था सैनिकों के पाल्यों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण की मजबूत आधारशिला है।

कार्यक्रम की सफलता में डॉ. अंजना चौहान, पूर्णिमा अग्निहोत्री, डॉ. नैन्सी, डॉ. शिवाली वर्मा, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी सहित विद्यालय के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके समर्पण से यह आयोजन यादगार बन गया।

गाजियाबाद: इंदिरापुरम में 15 मंजिल अपार्टमेंट में लगी भीषण आग, 9 से 13 मंजिल तक के फ्लैट आए चपेट में

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गाजियाबाद: गाजियाबाद (Ghaziabad) के इंदिरापुरम (Indirapuram) पुलिस थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के 15 मंजिल अपार्टमेंट के फ्लैट में भीषण आग लग गई, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जब निवासी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी एक फ्लैट से आग की लपटें और घना धुआं निकलता हुआ देखा गया। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई और इमारत की कई मंजिलों – नौवीं से तेरहवीं मंजिल तक – को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसमान में काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठ रहे थे, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी दिखाई दे रहे थे।

सूचना मिलते ही, कई दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और तुरंत आग बुझाने और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस और आपातकालीन दल भी तुरंत मौके पर पहुंचे और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के फ्लैटों से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। स्थिति बिगड़ने पर लोग अपने घरों से बाहर भागने लगे, जिससे पूरी सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने और उसे और फैलने से रोकने के लिए प्रयासरत हैं। अधिकारियों ने एहतियाती उपाय करते हुए इलाके को सुरक्षित कर लिया है और बचाव कार्य जारी रखा है।

फिलहाल आग लगने का सटीक कारण अज्ञात है। हालांकि, प्रारंभिक आशंकाएं शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की ओर इशारा करती हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कारण की पुष्टि गहन जांच के बाद ही होगी। सौभाग्य से, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सोसाइटी में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।

लोकभाषा लोकजीवन का दस्तावेज़ : डा. रश्मि शील

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फर्रुखाबाद। कन्नौजी बोली के प्रचार – प्रसार एवं उसके संवर्धन हेतु प्रयासरत ‘कन्नौजी बोली समूह’ द्वारा मासिक परिचर्चा के रूप में “कन्नौजी की सामयिकता : शैक्षिक संदर्भ” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता डा. रश्मि शील रहीं।
संगोष्ठी की शुरुआत श्रीमती सुमन पाठक द्वारा सरस्वती वंदना “कन्नौजी के पटल पर शारदा मईया चली आवऊ” के सुंदर गायन के साथ होती है।
संगोष्ठी में बतौर वक्ता उपस्थित दोनों अतिथियों का परिचय विस्तृत रूप से डा. अपूर्वा अवस्थी द्वारा दिया गया। इन्होंने संगोष्ठी में उपस्थित लोगों को “कन्नौजी बोली समूह” द्वारा किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।
विषय प्रवर्तन की बात डा. बीरेंद्र कुमार ‘चन्द्रसखी’ कन्नौजी बोली की सामयिकता पर आधारित एक गीत के साथ करते हुए विषय की सार्थकता को रेखांकित करते है।
डॉ. अजय कुमार प्रजापति ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में लोकबोलियों की स्थिति और कन्नौजी की सामयिकता पर बात करते है। अपनी बात के दौरान यह कहते है कि कन्नौजी बोली को परीक्षोन्मुख नहीं बल्कि जीवनोन्मुख होना चाहिए तथा विषय की अनिवार्यतः को भी स्पष्ट करते है।

मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि शील ने कन्नौजी बोली में व्याप्त विविधताओं को रेखांकित करते हुए अवधी और कन्नौजी के जुड़ाव की बात की और वर्तमान परिदृश्य से गायब होती बोलियों के प्रति चिंता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा के लिए चिंता जरूर करनी चाहिए। यह पुनर्लेखन,अनुवाद,संप्रेषणीयता,शोध एवं विचार विमर्श के रास्ते लोक बोलियों को जीवित करने का माध्यम बताती है।
इस मौके पर अखंड प्रताप सिंह, अशोक धनुषिक,सुमित कुमार,सुनील दत्त आदि ने भी कन्नौजी बोली की स्थिति,उसकी प्रासंगिकता के प्रति चिंता एवं संभावनाएं ज़ाहिर की।संगोष्ठी के समापन के क्रम में सुमित कुमार तथा डा. प्रखर दीक्षित द्वारा लोकगीतों का भी गायन किया गया।

संगोष्ठी की समाप्ति डॉ. महेश मधुकर द्वारा ज्ञापित धन्यवाद ज्ञापन के साथ होती है। इन्होंने एक लोकगीत के साथ संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस संगोष्ठी का संचालन पारस सैनी द्वारा किया गया।

संगोष्ठी में कन्नौजी बोली क्षेत्र के श्रोताओं सहित बिहार,छत्तीसगढ़,दिल्ली आदि के भी लोग उपस्थित रहे। जिससे कि बोलियों के विविध रंग देखने को मिले।