फर्रुखाबाद। जनपद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। स्कूल जाते समय साइकिल पंचर होने के कारण संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर गिर पड़ा और उसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। घायल छात्र को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव सिनौली निवासी विनोद का पुत्र रोमन महादेवपुर स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 6 का छात्र है। वह रोज की तरह शुक्रवार सुबह अपनी साइकिल से स्कूल जा रहा था। बताया गया है कि स्कूल पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले उसकी साइकिल अचानक पंचर हो गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रोमन को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले जाया गया।
अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. जितेंद्र बहादुर ने बताया कि छात्र को तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है, हालांकि उसे निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, ऐसे में प्रशासन को इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
साइकिल पंचर होने से सड़क पर गिरा छात्र, ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर घायल
सार्वजनिक गली में ई-रिक्शा खड़ा करने का विरोध पड़ा भारी, युवक को लाठी-डंडों से पीटकर किया घायल
फर्रुखाबाद। जनपद के कादरीगेट थाना क्षेत्र में सार्वजनिक गली में ई-रिक्शा खड़ा करने और निजी जमीन पर कूड़ा डालने का विरोध करना एक युवक को महंगा पड़ गया। विरोध से नाराज मोहल्ले के कुछ लोगों ने युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शुक्रवार की बताई जा रही है, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लोहिया में भर्ती कराया गया।
घायल युवक शैलेन्द्र पुत्र सुशील चंद्र ने बताया कि उसके मोहल्ले के कुछ लोग लंबे समय से सार्वजनिक गली में अपने ई-रिक्शा खड़ा करते हैं और वहीं चारपाई डालकर अतिक्रमण कर लेते हैं। इतना ही नहीं, वे उसकी निजी जमीन पर भी कूड़ा फेंकते रहते हैं, जिससे उसे लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जब उसने इस बात का विरोध किया और उन्हें ऐसा करने से रोका, तो आरोपियों ने आक्रोशित होकर उस पर हमला बोल दिया।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। आसपास के लोगों ने किसी तरह उसे बचाया और उपचार के लिए जिला अस्पताल लोहिया पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
शैलेन्द्र ने मामले की शिकायत कादरीगेट थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी कपिल चौधरी ने बताया कि पीड़ित द्वारा मारपीट की तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में लंबे समय से अतिक्रमण और गंदगी की समस्या बनी हुई है, जिस पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस प्रशासन से क्षेत्रवासियों ने मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
गांव के पास देसी शराब ठेका प्रस्ताव का विरोध, महिलाओं और छात्राओं ने थाने पहुंचकर जताई आपत्ति
फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के देवरान गढ़िया के मजरा निशान नगला में प्रस्तावित देसी शराब के ठेके को लेकर ग्रामीण महिलाओं और स्कूली छात्राओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। ठेका खोले जाने की सूचना मिलते ही महिलाएं एकजुट होकर विरोध में उतर आईं और कमालगंज थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए ठेका निरस्त कराने की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि प्रस्तावित स्थान गांव के बेहद करीब है, जहां से होकर स्कूली छात्राएं और छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते-जाते हैं। इसके अलावा गांव की महिलाएं और बेटियां उसी दिशा में खुले में शौच के लिए भी जाती हैं। ऐसे में वहां शराब का ठेका खुलने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग सकता है, जिससे बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा और गांव का सामाजिक वातावरण भी दूषित हो सकता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि किसी भी कीमत पर गांव के पास शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा। सुनीता देवी ने बताया कि ठेका खुलने से गांव का माहौल खराब होगा और इससे बेटियों की सुरक्षा प्रभावित होगी। वहीं रीना देवी ने कहा कि बच्चे रोज इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं, ऐसे में यह निर्णय पूरी तरह गलत और खतरनाक है।
पूजा ने कहा कि गांव की सभी महिलाएं इस फैसले के खिलाफ हैं और प्रशासन को इसे तुरंत निरस्त करना चाहिए। गीता देवी ने भी कहा कि गांव के समीप शराब की दुकान खुलना समाज के लिए घातक साबित हो सकता है। किरन ने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझा जाए और ठेके को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
वहीं इस मामले में थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, संबंधित भूमि के मालिक सर्वेश कुमार का कहना है कि यह उनकी निजी जमीन है और उन्हें अपनी जमीन पर देसी शराब का ठेका खुलवाने का पूरा अधिकार है। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
तेज हवाओं और बूंदाबांदी से बदला मौसम, नवाबगंज में बिजली गिरने से 27 गांवों की आपूर्ति ठप
फर्रुखाबाद। शुक्रवार को जनपद में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। कुछ ही देर बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले गुरुवार देर रात भी जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी।
शहर क्षेत्र में देर रात चली तेज हवाओं और बूंदाबांदी का असर शुक्रवार सुबह तक देखने को मिला, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का असर और अधिक तीव्र रहा। खासकर नवाबगंज क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की गई। इसी दौरान आकाशीय बिजली एक विद्युत उपकरण पर गिर गई, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया और क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते करीब 27 गांवों में अंधेरा छा गया और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया।
मौसम में आए इस बदलाव से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। इस समय खेतों में गेहूं, सरसों और तंबाकू की फसलें तैयार खड़ी हैं, जबकि आलू की खुदाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं और सरसों की फसल गिरने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। तंबाकू की फसल को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह खराब बना रहा, तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सातनपुर मंडी में 100 मोटर आवक से दबे दाम, आलू में 20 रुपये प्रति कुंतल गिरावट
– सामान्य आलू 201–441 रुपये, हालैंड आलू 651–831 रुपये प्रति कुंतल; मांग कमजोर, बिकवाली सुस्त
फर्रुखाबाद।
जनपद की प्रमुख सातनपुर आलू मंडी में गुरुवार को आवक में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। मंडी में लगभग 100 मोटर आलू पहुंचने से बाजार में आपूर्ति बढ़ गई, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और औसतन 20 रुपये प्रति कुंतल तक गिरावट देखने को मिली।
मंडी में सामान्य गुणवत्ता का आलू 201 रुपये से 441 रुपये प्रति कुंतल के बीच बिकता रहा, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले हालैंड आलू के दाम 651 रुपये से 831 रुपये प्रति कुंतल दर्ज किए गए। हालांकि, कीमतों में गिरावट के बावजूद खरीददारों की सक्रियता सीमित रही, जिससे पूरे दिन बिकवाली का रुख सुस्त बना रहा।
व्यापारियों के अनुसार, इस समय बाजार में मांग अपेक्षाकृत कमजोर है। बाहर की मंडियों से उठान कम होने और स्थानीय स्तर पर खपत घटने के कारण खरीदारी में तेजी नहीं आ पा रही है। वहीं आवक लगातार बनी रहने से स्टॉक बढ़ रहा है, जिससे दामों पर दबाव बना हुआ है।
किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। कई किसान बेहतर भाव की उम्मीद में माल रोकने की सोच रहे हैं, लेकिन कोल्ड स्टोरेज की लागत और अन्य खर्चों के चलते सभी के लिए यह विकल्प आसान नहीं है। जिन किसानों को तत्काल नकदी की जरूरत है, वे मजबूरी में कम दाम पर ही फसल बेचने को विवश हैं।
मंडी सूत्रों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बाहरी मांग (खासकर बड़े शहरों और प्रोसेसिंग यूनिट्स से) बढ़ती है तो कीमतों में सुधार संभव है। अन्यथा आवक अधिक रहने की स्थिति में भाव में और नरमी देखी जा सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम की स्थिति, भंडारण क्षमता और निर्यात मांग जैसे कारक आने वाले दिनों में आलू के बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सातनपुर मंडी में खरीदारों की सुस्ती और अधिक आपूर्ति के कारण बाजार दबाव में बना हुआ
रिमझिम फुहारों से बदला मौसम का मिजाज, सर्द हवाओं ने बढ़ाई सुहानी ठंडक
गुरुवार सुबह से बूंदाबांदी का दौर, मौसम खुशनुमा होते ही लोगों के चेहरे खिले
फर्रुखाबाद, 20 मार्च 2026।
जनपद में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली और रिमझिम फुहारों के साथ ठंडी हवाओं ने पूरे वातावरण को खुशनुमा बना दिया। सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी और सर्द हवाओं के चलते मौसम में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
सुबह के समय आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच शुरू हुई हल्की बारिश ने पूरे दिन मौसम को सुहाना बनाए रखा। ठंडी हवाओं के झोंकों ने वातावरण को और अधिक आनंददायक बना दिया, जिससे लोग घरों से निकलकर इस मौसम का लुत्फ उठाते नजर आए।
बदलते मौसम के इस मिजाज से जहां एक ओर आमजन के चेहरे खिल उठे, वहीं किसानों के लिए भी यह बूंदाबांदी फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जिससे हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।








