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Friday, March 27, 2026
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TB न छुपाएं, न फैलाएं और दवा बीच में न छोड़ें: डा० सूर्यकान्त

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लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (King George’s Medical University) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन की दिशा में निरंतर सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी केयर के तत्वाधान में हाईवे हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर द्वारा “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत आज 25 टीबी से पीड़ित बच्चों को गोद लिया गया और उन्हें पोषण पोटली प्रदान की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों (TB patients) को बेहतर पोषण सहायता प्रदान करना एवं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहयोग करना है।

डा० सूर्यकान्त ने कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सभी टीबी पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी रोगियों के साथ किसी प्रकार का सामाजिक भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज भी टीबी रोगियों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों, को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है, वहीं टीबी से पीड़ित बच्चों के साथ अन्य बच्चे न तो बैठते हैं और न ही खेलते हैं। यह स्थिति मरीजों के हित में नहीं है, क्योंकि इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि उन्हें इस समय परिवार और समाज के सहयोग व हौसले की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

उन्होंने बताया कि यदि दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम आना, खांसी में खून आना, सीने में दर्द, सांस लेने या खांसते समय दर्द महसूस होना, सांस फूलना, लंबे समय तक बुखार रहना, रात में अत्यधिक पसीना आना, थकान और कमजोरी महसूस होना, लगातार भूख की कमी रहना तथा बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो शीघ्र ही नजदीकी टीबी केंद्र, जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

सबसे अहम बात यह है कि सभी टीबी मरीजों को अपना उपचार पूर्ण करना चाहिए और दवा बीच में नहीं छोड़नी चाहिए, अन्यथा गंभीर स्थिति उत्पन्न होकर एमडीआर टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे मरीज की स्थिति अधिक बिगड़ सकती है और समय पर उपचार न मिलने पर जीवन के लिए खतरा भी बढ़ जाता है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रग रेजिस्टेंट टीबी केयर के संस्थापक प्रभारी डा० सूर्यकान्त ने बताया कि अब तक 500 से अधिक टीबी रोग से ग्रसित मरीजों को गोद लिया जा चुका है। इसके साथ ही वर्ष 2019 से एक गांव एवं एक स्लम एरिया को भी गोद लिया गया है। केजीएमयू द्वारा अब तक लगभग 15 ग्राम पंचायतों को गोद लिया जा चुका है।

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग से डा0 अंकित कुमार, हाईवे हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के प्रबंधक डॉ0 मनोज कुमार सिंह, विवेक सिंह, अंजनेय सिंह, रजनी मिश्रा, सोनाली विश्वकर्मा विभाग से डाट्स की एनटीईपी टीम एसटीएस अमन भारती, टीबीएचवी बृजेंद्र सिंह, टीबीएचवी ममता जोशी, एसटीएलएस जे.पी. तिवारी, एलटी संदीप मौर्य एवं मेडिकल ऑफिसर डॉ0 देवरत, जूनियर डाक्टर्स एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

नहीं लगेगा कोई लॉकडाउन, मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग में बोले पीएम मोदी- टीम इंडिया की तरह करना होगा काम

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया के हालात पर पीएम मोदी (PM Modi) राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली मीटिंग (virtual meeting) की, जो कि करीब सवा दो घंटे चली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा, टीम इंडिया की तरह सबको मिलकर काम करना होगा, कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। पीएम ने भरोसा जताया कि टीम इंडिया के तौर पर मिलकर काम करते हुए, देश इस हालात से उबरेगा और कामयाब होगा।

पीएम ने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापार में स्थिरता बनाए रखना, एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मज़बूत करना हैं। उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन को ठीक से चलाने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की।

पीएम ने एग्रीकल्चर सेक्टर में खासकर फर्टिलाइज़र स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन की मॉनिटरिंग में एडवांस प्लानिंग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। बदलते हालात पर तुरंत जवाब देने के लिए सभी लेवल पर मज़बूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. शिपिंग, ज़रूरी सप्लाई और समुद्री ऑपरेशन से जुड़ी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए बॉर्डर और तटीय राज्यों पर खास ध्यान देने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने अफवाहें फैलाने के खिलाफ आगाह किया। सही और भरोसेमंद जानकारी फैलाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्रियों ने हालात से निपटने के लिए पीएम की लीडरशिप में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ोतरी के बीच फ्यूल पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने के फ़ैसले का स्वागत किया।

मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता के साथ स्थिति स्थिर बनी हुई है। स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बता दें किइस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं शामिल हुए, जहां आचार संहिता लागू है और अगले कुछ दिनों में चुनाव होने हैं।

बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा मुख्यमंत्रियों में चंद्रबाबू नायडू, विष्णु देव सहाय, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, मोहन यादव, हेमंत सोरेन, पुष्कर सिंह धामी, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फड़णवीस और मोहन चरण मांझी शामिल हुए।

इस संकट के समय केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। हालांकि, इससे ईंधन के खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनियां इसका उपयोग कच्चे माल की बढ़ी लागत की भरपाई के लिए करेंगी।

मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की। उन्होंने तेल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने और LPG आवंटन बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही कहा कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता है और स्थिति नियंत्रण में है। यह पहली बार है जब इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से क्या कहा?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति के मद्देनजर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ समीक्षा बैठक की.
  • पीएम ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ के रूप में मिलकर देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपटेगा.
  • सरकार की प्राथमिकताएं: आर्थिक व व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा और उद्योग-सप्लाई चेन को मजबूत करना.
  • राज्यों से सप्लाई चेन सुचारू रखने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया.
  • कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी पर जोर दिया गया.
  • बदलती स्थिति से निपटने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र बनाने की आवश्यकता बताई गई.
  • सीमा और तटीय राज्यों को शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़े संभावित चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
  • अफवाहों और गलत जानकारी के प्रसार पर सख्त चेतावनी, सही और विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर जोर.
  • मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और पीएम के नेतृत्व की प्रशंसा की.
  • वैश्विक अनिश्चितता के बीच ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले का स्वागत किया गया.
  • कमर्शियल LPG आवंटन बढ़ाकर 70% करने के फैसले का भी राज्यों ने स्वागत किया.
  • राज्यों ने भरोसा जताया कि उनके यहां पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है.
  • सभी मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के साथ मिलकर स्थिति से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई.

नाला निर्माण बना मुसीबत, गांधी मूर्ति के पास जलभराव से जनजीवन प्रभावित

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कासगंज: नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य ने स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी कर दी है। गांधी मूर्ति के आसपास का क्षेत्र इन दिनों जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहा है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। राहगीरों, दुकानदारों और छात्र-छात्राओं को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा प्रभुपार्क होते हुए गांधी मूर्ति से माल गोदाम चौराहा तक नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्य के चलते घरों से निकलने वाले पानी की निकासी अस्थायी रूप से बाधित हो गई है। नतीजतन गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल रहा है, जिससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
स्थानीय दुकानदार हृदेश कुमार ने बताया कि उनकी दुकानों के सामने लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे ग्राहकों का आना-जाना बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण कई दुकानों को बंद तक करना पड़ा है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, पैदल चलने वाले लोगों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) विवेक त्रिपाठी ने बताया कि गांधी मूर्ति से माल गोदाम चौराहा तक नाला निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी राहत के लिए पंपसेट के माध्यम से जमा गंदे पानी को निकाला जा रहा है तथा क्षेत्र में साफ-सफाई के भी निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए गए हैं।
प्रशासन का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही जलनिकासी व्यवस्था सुचारु हो जाएगी और लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्मार्ट मीटर को लेकर बवाल, अवर अभियंता से हाथापाई के बाद जांच के आदेश

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इटावा

जनपद में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर विवाद गहरा गया, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। बिजली विभाग की टीम जब क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद अवर अभियंता के साथ कथित रूप से हाथापाई तक की नौबत आ गई। घटना के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की टीम निर्धारित योजना के तहत इलाके में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने पहले बिजली के खंभे लगाए जाने की मांग उठाई और कहा कि बिना उचित व्यवस्था के मीटर लगाने का कोई औचित्य नहीं है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान स्थिति बिगड़ गई और अवर अभियंता के साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई की घटना सामने आई। इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
घटना के बाद अवर अभियंता द्वारा संबंधित थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी बिजली विभाग की टीम पर अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।
सीओ सिटी ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी कार्यों में सहयोग करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए लागू की जा रही है, लेकिन इसके लिए जनसहयोग भी आवश्यक है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।

तेज रफ्तार कार लेंटर मशीन में घुसी, एक मजदूर की मौत, दूसरा गंभीर घायल

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इटावा

जनपद के भरथना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। भरथना-बकेवर मार्ग पर कुंवरा गांव के पास सड़क किनारे खड़ी लेंटर मशीन में तेज रफ्तार कार के घुस जाने से दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरे का उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकेवर थाना क्षेत्र के लुधियानी गांव निवासी 55 वर्षीय हरवंश पुत्र राम दुलारे और 30 वर्षीय सादिक अली पुत्र अफसर अली अपने अन्य साथियों के साथ ट्रैक्टर और लेंटर मशीन के जरिए मंडी रोड स्थित एक निर्माणाधीन मकान पर काम करने जा रहे थे। इसी दौरान भरथना ब्लॉक के समीप उन्होंने लेंटर मशीन को सड़क किनारे खड़ा कर अन्य मजदूरों का इंतजार करना शुरू कर दिया। दोनों मजदूर मशीन पर बैठे हुए थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रही राजस्थान नंबर की तेज रफ्तार टाटा नेक्सन कार अनियंत्रित होकर सीधे लेंटर मशीन में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और लेंटर मशीन पर बैठे दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कार चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन कुछ दूरी पर ही कार बंद हो गई। इसके बाद चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चालक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे उसका नियंत्रण वाहन पर नहीं रहा और यह हादसा हो गया।
घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी लापरवाही सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सूचना देने के बावजूद करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को बाइक के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरथना पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने हरवंश को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल सादिक अली का उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। साथ ही समय पर एंबुलेंस सेवा न पहुंचने से भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है।

प्रेम प्रसंग और दहेज मांग से आहत युवती ने जहर खाकर दी जान

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इटावा

जनपद के भरथना कस्बा स्थित आदर्श नगर मोहल्ले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 18 वर्षीय युवती ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना और दहेज की मांग से आहत होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे पीजीआई सैफई में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आदर्श नगर निवासी प्रिया (18) पुत्री अरविंद ने बीते गुरुवार को किसी बात से नाराज होकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सैफई स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआई) ले गए, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतका का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
मृतका के पिता अरविंद ने आरोप लगाया है कि उनकी पुत्री का मोहल्ले के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस संबंध को लेकर पहले भी दोनों परिवारों के बीच कई बार विवाद हो चुका था। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले युवक के खिलाफ उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला भी दर्ज कराया गया था।
बताया जा रहा है कि बाद में दोनों परिवारों के बीच आपसी सहमति से युवती और युवक की शादी को लेकर समझौता भी हो गया था। हालांकि, आरोप है कि समझौते के बावजूद युवक और उसके पिता ने शादी के लिए पांच लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। इस मांग से युवती मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी।
परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक दबाव और निराशा के चलते प्रिया ने यह आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद परिवार में गहरा दुख व्याप्त है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और उससे जुड़ी कुरीतियों पर सवाल खड़े करती है, जो आज भी युवाओं के जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल रही हैं।