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Tuesday, July 14, 2026
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जांच लंबित होने के बावजूद प्लॉट पर निर्माण का आरोप, डीएम से लगाई गुहार

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– पीड़ित बोला- फर्जी दानपत्र की जांच पूरी होने से पहले किया जा रहा कब्जा, कार्रवाई की मांग

उरई। शहर के उमरारखेड़ा निवासी अजय भारती ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि प्लॉट के कथित फर्जी दानपत्र की जांच लंबित होने के बावजूद कुछ लोग उस पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, कथित अवैध निर्माण हटवाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अजय भारती ने शिकायत में बताया कि उनके पिता ओमी बाल्मीकि ने 25 जून 2026 को कथित फर्जी दानपत्र के संबंध में शिकायत की थी, जिसकी जांच अभी जारी है। आरोप है कि 12 जुलाई को कुछ लोग प्लॉट पर पहुंचे और वहां रखा सामान बाहर फेंक दिया। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा हो गए।
पीड़ित का कहना है कि उसने घटना की सूचना कई बार डायल-112 पर दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी चले जाते थे और पुलिस के लौटते ही फिर निर्माण शुरू कर देते थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रेडीमेड सीमेंट के पत्थरों से दीवार खड़ी कर प्लॉट पर कब्जा कर लिया गया है।
अजय भारती ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष उनकी पत्नी और बहन के नाम से झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उनके पास मौजूद है।
जिलाधिकारी से की गई शिकायत में उन्होंने निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने, कथित अवैध निर्माण हटवाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

इकलौते बेटे की मौत से उजड़ गई मां की दुनिया

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– आर्यन प्रजापति हादसे के बाद किसी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नहीं ली सुध

फर्रुखाबाद/कायमगंज । बीते दिनों नोएडा में बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने के बाद नाले में गिरकर हुई युवा इंजीनियर आर्यन प्रजापति की दर्दनाक मौत ने पूरे कस्बे को झकझोर दिया है। यह हादसा केवल एक होनहार इंजीनियर की मौत नहीं, बल्कि एक ऐसी मां की जिंदगी में हमेशा के लिए अंधेरा छोड़ गया, जिसका आर्यन ही इकलौता सहारा था।

बताया जाता है कि कायमगंज निवासी आर्यन के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार में न तो कोई भाई है और न ही बहन। ऐसे में मां की पूरी दुनिया सिर्फ अपने इकलौते बेटे के इर्द-गिर्द ही सिमटी हुई थी। बेटे की असमय मौत के बाद वह पूरी तरह अकेली पड़ गई हैं।

हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई। शुरुआती दौर में दोनों विभाग घटना की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते नजर आए। किसी ने मौत का कारण करंट बताया तो किसी ने नाले में गिरना। बाद में घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।

इस दुखद घटना को राष्ट्रीय मीडिया ने भी प्रमुखता से उठाया। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि अब तक फर्रुखाबाद के जनप्रतिनिधियों अथवा जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करने या सहायता का सार्वजनिक संकेत सामने नहीं आया है। हालांकि, यदि किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने निजी तौर पर मुलाकात की हो और उसकी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध न हो, तो उसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही पीड़ित मां को आर्थिक सहायता, न्याय और हरसंभव सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील

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आपका जीवन देश के लिए अनमोल : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर भावुक अपील की है। उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य और जनहित को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनका जीवन केवल देश ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया पर जारी अपने विस्तृत संदेश में अखिलेश यादव ने कहा कि वह सोनम वांगचुक से सविनय अनुरोध करते हैं कि वह अपना आमरण अनशन तोड़ दें। उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उनमें मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति असाधारण समर्पण है।

इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे हैं, वह संवेदनहीन और जनभावनाओं से कट चुकी है। उनके अनुसार ऐसी सरकार से त्याग, सत्याग्रह और नैतिक मूल्यों को समझने या हृदय परिवर्तन की अपेक्षा करना व्यर्थ है।

सपा प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लिए जनहित से अधिक सत्ता और धन महत्वपूर्ण हो गए हैं तथा युवाओं के भविष्य, उनके परिवारों की उम्मीदों और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दों की उपेक्षा की जा रही है।

अखिलेश यादव ने ‘सत्याग्रह’ और ‘सत्ताग्रह’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग केवल सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने की राजनीति करते हैं, वे सत्याग्रह की भावना और उसके महत्व को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और जनसंघर्षों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।

अपने संदेश के अंत में अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक के साहस, नैतिक शक्ति और संघर्ष को देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कामना की कि वांगचुक स्वस्थ रहें और आगे भी लोकतंत्र, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के अधिकारों तथा देशहित के लिए संघर्ष करने वालों का मार्गदर्शन करते हुए एक ‘प्रकाश स्तंभ’ की भूमिका निभाते रहें।

लोहिया चिकित्सालय के चीफ फार्मासिस्ट अरविंद प्रजापति का आकस्मिक निधन

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– अस्पताल में शोक की लहर; दोपहर बाद सेवाएं रहीं प्रभावित

फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय के चीफ फार्मासिस्ट अरविंद प्रजापति का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। चिकित्सकों, फार्मासिस्टों, स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

अरविंद प्रजापति लंबे समय से अस्पताल के मुख्य दवा भंडार (स्टोर) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी स्टोर से अस्पताल के विभिन्न वार्डों और विभागों में मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति की जाती थी। अपने शांत स्वभाव, कार्यकुशलता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण वे अस्पताल परिवार के बीच बेहद सम्मानित थे।

अस्पताल कर्मियों के अनुसार, अरविंद प्रजापति हमेशा मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकता मानते थे। दवा वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके असामयिक निधन से अस्पताल परिवार ने एक अनुभवी और समर्पित सहयोगी को खो दिया है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगमोहन शर्मा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अस्पताल के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि दिवंगत कर्मचारी की स्मृति में दोपहर 12 बजे के बाद शोकसभा (कंडोलेंस मीटिंग) आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शोकसभा के चलते दोपहर 12 बजे के बाद अस्पताल की नियमित सेवाएं भी प्रभावित रहीं। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने दिवंगत की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण, बाघार नाला उफान पर

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– धारा नगला–भोला नगला मार्ग पर मंडराया खतरा

फर्रुखाबाद। कमालगंज क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। धारा नगला से भोला नगला को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित बाघार नाला उफान पर आ गया है। नाले में तेजी से बढ़ते पानी को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो सकता है, जिससे कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो जाएगा।

धारा नगला–भोला नगला मार्ग आसपास के कई गांवों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। बरसात के दौरान बाघार नाले का जलस्तर बढ़ने पर यहां आवागमन अक्सर बाधित हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मार्ग बंद होने की स्थिति में लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।

ग्रामीण मैंकू लाल, मलखान, दिया राम, पन्नालाल और ओमवीर ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाघार नाले में पानी तेजी से चढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो सड़क पर पानी भर जाएगा और आवागमन पूरी तरह ठप हो सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और संभावित खतरे को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते अलर्ट करने की भी मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाने से किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सकता है। वहीं प्रशासन भी गंगा के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

नाले की सफाई न होने से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, खुद फावड़ा लेकर उतरे वीडीओ

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– दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

फर्रुखाबाद। कमालगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत मोहनपुर दिनारपुर में लंबे समय से नाले की सफाई न होने से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही मोर्चा संभाल लिया। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीण फावड़ा और कुदाल लेकर नाले की सफाई में जुट गए। गांव में यह दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले में सिल्ट और कूड़ा जमा होने से वह पूरी तरह चोक हो चुका है। गंदा पानी सड़कों और घरों के आसपास भरने लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी गहरा गया है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीण राजेश, विनोद और सर्वेश ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से नाले की सफाई कराने की मांग की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी से परेशान होकर गांव के लोगों ने स्वयं सफाई अभियान शुरू कर दिया, ताकि जलभराव और गंदगी से राहत मिल सके।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और नालों की समय-समय पर सफाई कराई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

मामले की जानकारी मिलने पर खंड विकास अधिकारी अनिल चंद्रपाल ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव और सफाईकर्मियों को तुरंत नाले की सफाई कराने के निर्देश जारी किए हैं।
वीडीओ अनिल चंद्रपाल ने कहा कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की पहल के बाद गांव में सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और जलभराव व गंदगी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।