मथुरा: देश का सबसे भव्य और ऊंचा चंद्रोदय मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन (Vrindavan) में बनकर तैयार हो गया है। चंद्रोदय मंदिर (Chandrodaya Temple) करीब 210 मीटर ऊंचाई के साथ दिल्ली के कुतुब मीनार से 3 गुना ऊंचा है। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से इस्कॉन द्वारा 12 वर्षों में निर्माण पूरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई महीने के अंत में मंदिर का लोकार्पण कर सकते हैं।
आठ मार्च 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वृंदावन-छटीकरा मार्ग स्थित अक्षय पात्र मंदिर परिसर में शिलान्यास किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 16 नवंबर 2014 को आधारशिला रखी थी। चंद्रोदय मंदिर का निर्माण इस्कॉन बेंगलुरु द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 700 करोड़ रुपये है। यह 12 साल में 70 मंजिल बनकर तैयार हो गया है।
चंद्रोदय मंदिर काफी ज्यादा ऊंचा है। इसकी ऊंचाई 210 मीटर है, जिसके चलते इसकी नींव पर विशेष ध्यान दिया गया है। नींव लगभग 55 मीटर गहरी रखी गई है। आधार को 12 मीटर ऊंचा रखा गया है। वहीं, दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा की नींव 50 मीटर गहरी है। मंदिर परिसर में एक मंच भी सजाया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री को आमंत्रण भेज दिया गया है। हालांकि, अभी पीएमओ की ओर से स्वीकृति नहीं मिली है। उम्मीद जताई जा रही है कि मोदी 25 मई से 30 मई के बीच कभी भी मथुरा आ सकते हैं।
चंद्रोदय मंदिर की ऊंचाई इतनी है कि मंदिर के टॉप पर टेलीस्कोप से आगरा स्थित ताजमहल देख सकते हैं। मंदिर के तीन मंजिलों पर चैतन्य महाप्रभु और राधा-कृष्ण, बलराम के मंदिर हैं। द्रविड़, नागर और आधुनिक शैली में बने चंद्रोदय मंदिर में 4डी तकनीक द्वारा देवलोक और देवलीलाओं के दर्शन भी किए जा सकेंगे। इसके अलावा मंदिर के चारों ओर वन विकसित किए जाएंगे।
इनमें बृज के 12 वन क्षेत्र (द्वादश कानन) होंगे, जिसमें वनस्पति की किस्में, चारागाह, सुंदर पेड़, तरह-तरह की लताएं होंगे। सुंदर तालाब, जिसमें कमल और कुमुद के फूल होंगे। आसपास मानव द्वारा बनाई गई पहड़ियां होंगे, जिसमें झरने गिरते रहेंगे।








