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Friday, July 3, 2026
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दो पक्षों में मचा बवाल, जमकर चले लाठी- डंडे, युवती-महिलाओं की पिटाई का VIDEO वायरल

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चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली (Chandauli) जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र के बड़ौरा गांव (Badaura Village) में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें महिलाओं और युवतियों को भी नहीं बख्शा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

बता दें कि किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि दबंगों ने युवतियों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की, जब परिजन बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी हाथापाई की गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।

सूचना मिलते ही शहाबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और उसमें दिखाई देने वाले अन्य लोगों की पहचान कर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करने की बात कह रही है।

 

वन महोत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश, विद्यार्थियों ने किया पौधरोपण का संकल्प

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कायमगंज। नगर के एक पब्लिक स्कूल में गुरुवार को वन महोत्सव का शुभारंभ उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
वन दरोगा शैलेश कुमार और वन रक्षक शिवेंद्र प्रताप ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि एक पेड़ न केवल शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करता है, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुतीक्षण श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं।
एनसीसी सह अधिकारी लेफ्टिनेंट शिल्की मिश्रा के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट्स ने विद्यालय परिसर में छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया। कैडेट्स ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए पौधों की नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
इस अवसर पर संतोष शर्मा, ममता सिंह, लक्ष्मी गंगवार, विकास श्रीवास्तव, मनीष गौर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सभी एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उन्हें सुरक्षित रखने का संदेश देकर वन महोत्सव को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।

सपा बाबा बंजारा को करेगी याद, गोष्ठी आज

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फर्रुखाबाद। शनिवार कोआवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर प्रातः 10:00 बजे जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में 17वीं शताब्दी के महान समाज सुधारक एवं अदम्य साहसी योद्धा बाबा लक्खीशाह बंजारा की जयंती के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन होगा।
यह जानकारी देते हुए सपा प्रवक्ता राधेश्याम सविता ने बताया कि इस मौके पर बाबा के जीवन मूल्यों तथा स्वतंत्रता संग्राम में देश के प्रति उनके योगदान की चर्चा होगी उन्होंने बताया कि मुजाहिद अंसारी महानगर अध्यक्ष समाजवादी युवजन को कार्यक्रम का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने समाज वादी विचार धारा वाले लोगों से समय पर पहुंचने का आवाहन किया है।

मुख्यमंत्री 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का करेंगे शुभारंभ

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– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी घोषणा, देशभर में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

– 7.89 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण, 3 जुलाई से माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी पोर्टल शुरू

– डिजिटल पोर्टल के जरिए होगा पंजीकरण, सत्यापन और ई-केवाईसी, शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

लखनऊ, 3 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की थी।

बेसिक विभाग के 7 लाख से अधिक लाभार्थियों ने पोर्टल पर दर्ज कराई डिटेल्स
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों का विवरण संकलित करने के लिए ऑनलाइन डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन डिजिटल प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 7,89,032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। लाभार्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे। बीएसए स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी एडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इसके पश्चात लाभार्थी आधार आधारित ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 3 जुलाई से पोर्टल शुरू
माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के लिए भी डेटा संग्रह पोर्टल 3 जुलाई से संचालित कर दिया गया है। पोर्टल पर शिक्षक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन देंगे। अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। साचीज सीईओ ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के तहत लाभार्थियों को वही सभी सुविधाएं और उपचार संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध हैं। इसके साथ ही वे देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी।

उच्च शिक्षा विभाग के लिए भी जल्द संचालित होगा पोर्टल
योगी सरकार ने योजना का दायरा और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में भी तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए भी शीघ्र ही अलग डेटा संग्रह पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी भी अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर योजना से जुड़ सकेंगे और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं: सीएम योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नवीन परिसर का लोकार्पण

464 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 22 एकड़ में तैयार अत्याधुनिक परिसर बनेगा भारत का अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप

राजनीतिक नेतृत्व विजन देता है, इसे लागू करने की ताकत प्रशासन के पास: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 03 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार
सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है।

मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।

तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है।

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, आबकारी विभाग को जून में मिला 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व

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अवैध शराब कारोबारियों पर योगी सरकार ने की सख्त कार्रवाई, 1500 से अधिक लोग गिरफ्तार

जून 2026 तक 15,809 करोड़ रुपये का राजस्व, पिछले वर्ष से 11.11 प्रतिशत अधिक वसूली: मंत्री

लखनऊ, 03 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और सख्त निगरानी व्यवस्था का असर लगातार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर माफियाओं पर शिकंजा कसा है।

जून में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त

जून 2026 में विभाग ने 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पिछले वर्ष जून माह में यह आंकड़ा 4,458.23 करोड़ रुपये था। इस प्रकार जून माह में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी नीतियां, तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक असर राजस्व संग्रह में देखने को मिल रहा है। इससे प्रदेश के विकास कार्यों को भी मजबूती मिल रही है।

अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान

योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी है। आबकारी विभाग ने जून 2026 तक प्रदेशभर में 2,65,870 छापेमारी अभियान चलाए। इस दौरान 29,267 अभियोग दर्ज किए गए और लगभग 9 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 4,641 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 804 आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा अवैध शराब की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 31 वाहनों को भी जब्त किया गया।

राजस्व में 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहे हैं। जून 2026 तक विभाग ने 15,809.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 14,228.91 करोड़ रुपये की तुलना में 1,580.34 करोड़ रुपये अधिक है। इस प्रकार विभाग ने 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

1500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि जून माह में ही 87,646 छापे डाले गए। इस दौरान 9,764 अभियोग दर्ज किए गए और 2.56 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 1,513 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 283 को जेल भेजा गया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 7 वाहनों को जब्त किया गया।