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Tuesday, June 30, 2026
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आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, सजा निलंबित करने से इनकार; गंभीर बीमारी होने पर ही जमानत पर होगा विचार

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नई दिल्ली। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। सर्वोच्च अदालत ने उनकी सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत देने से फिलहाल इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि फिलहाल आसाराम को जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही आगे विचार किया जाएगा। पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि जमानत पर तभी विचार किया जा सकता है, जब उनकी स्वास्थ्य स्थिति इतनी गंभीर हो कि जान को वास्तविक खतरा उत्पन्न हो जाए।

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने दलील दी कि उनके मुवक्किल की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि आसाराम को आवश्यक और उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

गौरतलब है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई 2026 को अपने फैसले में वर्ष 2013 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में आसाराम की दोषसिद्धि और ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हालांकि, हाई कोर्ट ने उन्हें गैंगरेप, आपराधिक साजिश और पॉक्सो अधिनियम की कुछ धाराओं से बरी कर दिया था, लेकिन नाबालिग से दुष्कर्म, यौन उत्पीड़न, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में दोषसिद्धि को यथावत रखा था।

उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल 2018 को ट्रायल कोर्ट ने अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए आसाराम को भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट राजस्थान सरकार के जवाब के बाद आगे की सुनवाई करेगा।

अजय राय को हाउस अरेस्ट किए जाने पर कांग्रेस का हमला

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– अंशू अवस्थी ने सरकार पर उठाए सवाल

लखनऊ। अजय राय को कथित रूप से हाउस अरेस्ट किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। लखनऊ में कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि कोई रामलला के दर्शन करना चाहता है तो उसे रोका क्यों जा रहा है।
अंशू अवस्थी ने कहा, “क्या आम लोग रामलला के दर्शन नहीं कर सकते? क्या वहां केवल चोर और डकैत ही जा सकते हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर रही है और इसी वजह से गिरफ्तारी तथा नजरबंदी जैसी कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्थलों पर जाने और अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
यह कांग्रेस नेता अंशू अवस्थी का राजनीतिक वक्तव्य है। इस संबंध में प्रशासन या सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अग्निकांड के बाद सख्ती, 150 इमारतों पर एलडीए की सील

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– फायर सेफ्टी शपथ पत्र के बाद मिलेगी राहत
लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन और विकास प्राधिकरण ने फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। कार्रवाई के तहत अब तक करीब 150 इमारतों पर सील लगा दी गई है।
बताया जा रहा है कि सील की गई इमारतों के मालिक और संचालक सील खुलवाने के लिए के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित किए बिना किसी भी इमारत को राहत नहीं दी जाएगी।
प्राधिकरण की ओर से भवन स्वामियों से फायर सेफ्टी संबंधी शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा कराया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित भवनों में अग्निशमन सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम पूरे हों।
अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों में फायर सेफ्टी मानकों का पूर्ण अनुपालन पाया जाएगा, नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए सील खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

सपा मुखिया का जन्मदिन जिले भर में धूमधाम से मनाने की तैयारी, वृक्षारोपण और पीडीए सदस्यता अभियान पर रहेगा जोर

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फर्रुखाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिवस को लेकर जिले भर में व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। पार्टी संगठन ने इस अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए जनसंपर्क, संगठन विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का निर्णय लिया है। जिला स्तर से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि जन्मदिवस के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है। जिले के सभी ब्लॉकों, तहसीलों और नगर क्षेत्रों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सदस्यता अभियान को भी तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ा जा सके।
पार्टी नेताओं का कहना है कि जन्मदिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। राजनीतिक जानकार भी इन आयोजनों को वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण इस बार जन्मदिन के कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
जिले में सबसे अधिक चर्चा समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम की है। इस आयोजन के लिए बड़े पैमाने पर निमंत्रण कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे बीबीगंज स्थित छोटे सिंह गेस्ट हाउस में आयोजित होगा, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।
समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि जन्मदिवस के अवसर पर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच पार्टी की सक्रियता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया जाएगा। पूरे जिले में दिनभर विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण, सदस्यता अभियान, जनसंपर्क और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, चालक समेत 4 की मौत; 27 यात्री घायल

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मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। लखनऊ से दिल्ली जा रही वॉल्वो बस राया थाना क्षेत्र में सुबह करीब 3:30 बजे आगे चल रहे ट्रेलर से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में करीब आठ फीट तक घुस गया। हादसे के बाद चीख-पुकार, मदद की गुहार और अपनों को तलाशते यात्रियों का मंजर हर किसी को झकझोर देने वाला था। इस दर्दनाक दुर्घटना में बस चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए और एक युवक का शव बस की खिड़की से लटक गया। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बस की खिड़कियां और गेट तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया, जबकि कई लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए गैस कटर से बस के अगले हिस्से को काटना पड़ा। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला जा सका।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव, परिचालक (कंडक्टर), क्लीनर और एक यात्री की मौत हो गई। मृतकों में तीन की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बस में कुल 65 यात्री सवार थे। इनमें 34 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी बसों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

दुर्घटना के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में उनकी यात्रा एक भयावह हादसे में बदल जाएगी। पलभर में खुशी और सुकून का सफर मातम में बदल गया। हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक आशंका है कि तेज रफ्तार या चालक को झपकी आने के कारण बस ट्रेलर से टकरा गई।

यूपी में मानसून की दस्तक के साथ कहर

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आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 7 की मौत, सभी 75 जिलों में अलर्ट

लखनऊ। प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। अलग-अलग हादसों में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है और 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मानसून कभी भी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

मंगलवार सुबह लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, देवरिया, सीतापुर, बहराइच, पीलीभीत, गोंडा, रायबरेली, ललितपुर, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, जौनपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, रामपुर और मुरादाबाद समेत करीब 20 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए और जलभराव की स्थिति बन गई।

सबसे बड़ा हादसा फिरोजाबाद में हुआ, जहां तेज आंधी के दौरान एक ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला और 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 19 दिनों से उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर रुका हुआ था, लेकिन अब इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मानसून के प्रवेश के बाद सबसे पहले कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और तराई क्षेत्र में तेज बारिश होने की संभावना है। सामान्यत: 20 जून तक उत्तर प्रदेश पहुंचने वाला मानसून इस बार लगभग 10 दिन की देरी से दस्तक देगा।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।