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Friday, June 5, 2026
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सीएम योगी ने बलरामपुर को दी बड़ी सौगात, 294 करोड़ लागत की विभिन्न परियोजनाओं का किया लोकार्पण

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बलरामपुर: सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने जिले में 294 करोड़ लागत की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस से प्रेरणा मिलती है जल है तो कल है। 9 साल पहले बलरामपुर (Balrampur) पिछड़ा जिला था। आज बलरामपुर विकसित जिला बन रहा है।

सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां अच्छी सड़कें बनी हैं। सिंचाई की अच्छी सुविधा दी गई,गरीबों को फ्री में राशन की सुविधा,कोई बेटी को छेड़ नहीं सकता है,सरकार में सबका साथ,सबका विकास,यूपी में माफिया मिट्टी में मिल गए है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि बलरामपुर में अपना विश्वविद्यालय बना,बलरामपुर में थारू संग्रहालय बना। दुनिया के अंदर ईंधन की चुनौती है। हर घर नल की योजना साकार,मथुरा घाट पर ब्रिज को मंजूरी,तीर्थों का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

 

हटाए गए हरीश चन्दर यमुना प्रसाद बने नए डीआईजी कानपुर

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कानपुर। उत्तर प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) मुरादाबाद में तैनात पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) यमुना प्रसाद को कानपुर परिक्षेत्र कानपुर का नया पुलिस उपमहानिरीक्षक नियुक्त किया है।
वहीं कानपुर परिक्षेत्र में तैनात रहे पुलिस उपमहानिरीक्षक हरीश चन्दर का तबादला कर उन्हें भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन) लखनऊ में पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन द्वारा जारी तबादला आदेश के बाद पुलिस महकमे में नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कानपुर परिक्षेत्र प्रदेश के महत्वपूर्ण पुलिस जोनों में शामिल है, जहां कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा विभिन्न संवेदनशील मामलों की निगरानी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
यमुना प्रसाद को प्रशासनिक एवं पुलिसिंग कार्यों का लंबा अनुभव प्राप्त है। उनके सामने कानपुर परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने की चुनौती होगी।
वहीं हरीश चन्दर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जहां वे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी एवं जांच कार्यों का नेतृत्व करेंगे।
शासन के इस प्रशासनिक निर्णय को पुलिस विभाग में कार्यकुशलता बढ़ाने और व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लाठी-डंडों से हमला कर महिला को किया घायल, पांच नामजद समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज

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शमशाबाद। थाना क्षेत्र के गांव नगला दलेल निवासी एक महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस के अनुसार गांव नगला दलेल निवासी अली निदा पत्नी मोहम्मद कासिम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 30 मई 2026 को वह अपने घर पर मौजूद थीं। आरोप है कि उसी दौरान गांव के ही मतीन, रफीक, स्वदेश कुमार, अमित कुमार तथा अन्य लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंच गए और गाली-गलौज शुरू कर दी।
विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी, जिससे पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के दौरान जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घायल महिला का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया।
न्यायालय के आदेश एवं उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुपालन में थाना शमशाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पर्यावरण दिवस पर यूपी ने पूरा किया 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

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पीएम मोदी की प्रेरणा से जारी है यूपी में पौधरोपण अभियान, जुलाई में एक दिन में जन-सहभागिता से लगाएंगे 35 करोड़ पौधेः सीएम योगी

लखनऊ, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ पौधे लगाए गए। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का आह्वान किया था। उन्हीं की प्रेरणा से 9 वर्ष में प्रदेश में पौधरोपण के वृहद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। पीएम ने वसुधैव कुटुम्बकम के अनुरूप ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश दुनिया को दिया है। उनके आहवान पर हम सब भारतवासी पर्यावरण की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के साथ खड़े हैं।

जुलाई में एक दिन में लगाएंगे 35 करोड़ पौधे

सीएम ने कहा कि मार्च 2017 में पौधरोपण के लिए वन विभाग की नर्सरी में बमुश्किल 5 लाख पौधे मिल पाए थे, लेकिन आज सरकारी व निजी नर्सरी में 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। आज प्रदेश भर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच करोड़ पौधे लग रहे हैं। अब जुलाई में महाभियान चलाएंगे और एक दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाएंगे।

प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वालों से सजग रहें

सीएम योगी ने नागरिकों से प्रकृति व जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सजग नागरिकों का दायित्व है कि मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करें। सीएम ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेशवासियों को पांच संकल्प भी दिलाए। इसमें एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न करना और प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली अपनाना शामिल है। सीएम ने कटाक्ष किया कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो।

सीएम योगी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ संगोष्ठी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी का अवलोकन किया, बच्चों को चॉकलेट दीं और आमजन को कपड़े के झोले देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। सीएम ने बच्चों के साथ सेल्फी ली और वृक्ष कलश में जल भी अर्पित किया।

जल है तो कल है, वन है तो जीवन है

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि जल है तो कल है, वन है तो जीवन है यानी जीवन चक्र एक-दूसरे के साथ जुड़ा है। फिर भी हमने इसकी सर्वाधिक उपेक्षा की। 40 से ऊपर हर व्यक्ति महसूस करता है कि पर्यावरण के साथ हुए खिलवाड़ की कीमत को दुनिया किस रूप में चुका रही है। 25 वर्ष पहले और वर्तमान मौसम चक्र में एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया। भारत व उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है। मौसम चक्र में अंतर से सर्वाधिक प्रभावित किसान होगा। उसकी आमदनी प्रभावित होगी, अतिवृष्टि-अनावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है। असमय घटित होने वाली आपदाएं चेतावनी भी हैं।

मां व मातृभूमि के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करें

सीएम योगी ने कहा कि हमारे पूर्वजों व ऋषि परंपरा ने पर्यावरण के प्रति आगाह किया था। हम खुद को धरती मां का पुत्र कहते हैं। लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। अर्थात लंका भले ही सोने की क्यों न हो, लेकिन मुझे यह अच्छी नहीं लगती। जिस मां ने जन्म दिया है, जहां हमने जन्म लिया है, उसके प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन और कृतज्ञता ज्ञापित करना हमारा दायित्व होना चाहिए। मां व मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है। भगवान राम की कही गई बातें आज भी हर भारतीय के लिए प्रासंगिक हैं।

पर्यावरण के प्रति सरकार ने अपने उत्तरदायित्वों का किया निर्वहन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने पर्यावरण व प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए 9 वर्ष में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2017 में शासन संभालते ही डबल इंजन सरकार ने वन महोत्सव के अवसर पर 5 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उस समय हमारे सामने तमाम चुनौतियां थीं। न नर्सरी थी और न ही इतने बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अनुभव था, लेकिन वन एवं अन्य विभागों ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया।

9 वर्ष में प्रदेश में लगे 242 करोड़ से अधिक पौधे

सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष के अंदर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया, जिससे प्रदेश का फॉरेस्ट कवर भी बढ़ा। पीएम मोदी ने प्रकृति व मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए कृतज्ञता स्वरूप तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के क्रम में आज पौधरोपण महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है और एक दिन में 5 करोड़ पैधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।

सीएम की अपील- सभी लोग पौधे लगाएं और उनका संरक्षण करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े एरिया में बनने वाले आवासीय भवनों तथा कमर्शियल परिसरों के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की।

लाख बहोसी पक्षी विहार से प्रभारी मंत्री राकेश सचान का पर्यावरण संदेश

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– कन्नौज में 38 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

कन्नौज। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने ऐतिहासिक लाख बहोसी पक्षी विहार में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण अभियान को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कन्नौज जनपद में इस वर्ष 38 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हरित विकास की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है, जिसकी सफलता में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है और प्रभारी मंत्री के रूप में वह जनपद में सभी विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने लाख बहोसी पक्षी विहार को प्रदेश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं पर्यटन धरोहर बताते हुए कहा कि इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पक्षी विहार का विकास होने से न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पूरे परिसर में हरित वातावरण के बीच वृक्षारोपण अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

विधानसभा प्रमुख सचिव पर नियुक्तियों से लेकर सेवा विस्तार तक कई आरोप

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में प्रमुख सचिव पद पर कार्यरत प्रदीप दुबे को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। उनके विरुद्ध दायर याचिका में नियुक्तियों, सेवा विस्तार, सेवा नियमावली में संशोधनों तथा प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में भी उनकी आयु और सेवा विस्तार को लेकर तीखे सवाल उठाए गए।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा सचिवालय में वर्ष 2008 से अब तक हुई अनेक नियुक्तियों एवं सेवा विस्तारों में नियमों की अनदेखी की गई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सेवा नियमावली में ऐसे संशोधन किए गए, जिनसे नियुक्ति प्रक्रिया और प्रशासनिक नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावित हुई।

याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भूमिका को सीमित करने वाले कुछ निर्णय लिए गए तथा नियुक्तियों से संबंधित शक्तियों को विधानसभा सचिवालय के भीतर केंद्रीकृत किया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इससे नियुक्तियों की पारदर्शिता और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रदीप दुबे की आयु और पद पर निरंतर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाए। न्यायालय ने टिप्पणी की कि देश में अनेक संवैधानिक एवं उच्च पदों पर आसीन व्यक्ति 65 वर्ष की आयु के बाद पद छोड़ देते हैं, ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सेवा विस्तार का आधार क्या है और यह व्यवस्था कब तक जारी रहेगी।
मामले में कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न, प्रशासनिक दबाव तथा कुछ कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या जैसे अत्यंत गंभीर आरोप भी याचिका में उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन घटनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।