फर्रुखाबाद। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करें।
पूर्व मानसून तैनाती के तहत गंगा पार स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में एनडीआरएफ की ओर से आपदा प्रबंधन एवं जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) पर विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को रक्तस्राव रोकने, सीपीआर, स्प्लिंटिंग, श्वासनली अवरोध से निपटने, सुरक्षित निकासी, बाढ़ के दौरान उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी उपकरण तैयार करने तथा प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया।
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में सिंचाई, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर पंचायत एवं अन्य संबंधित विभागों को संवेदनशील तटबंधों और गंगा-रामगंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाव, मोटरबोट, गोताखोर और अन्य बचाव संसाधन पूरी तरह सक्रिय रखे जाएं तथा जहां आवागमन बाधित होने की आशंका हो, वहां वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने गंगा एवं रामगंगा किनारे स्थित अमृतपुर तहसील के ग्राम अलहारपुर भटौली, कड़क्का बंदी और पांचाल घाट का निरीक्षण कर एनडीआरएफ टीम की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि आपात स्थिति में 8 से 10 प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आसपास की जाती है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जा सके। इस दौरान एनडीआरएफ टीम ने मॉक ड्रिल का प्रदर्शन कर बचाव अभियान की कार्यप्रणाली भी प्रदर्शित की।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों को दें। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


