हलुआ-चना, चावल का प्रसाद वितरित, आशियाना क्षेत्र में इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी का सराहनीय आयोजन: बलवंत सिंह
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी का सेवा प्रकल्प बना मानवता की मिसाल: राजीव पाण्डेय
लखनऊ। प्रेरणाश्रोत बाबा नीम करौली जी की कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित सेवा प्रकल्प बृज की रसोई के अंतर्गत आशियाना क्षेत्र में निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद, असहाय और वंचित वर्ग तक सम्मान के साथ सेवा और संवेदना पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि सेवा, सहायता से आगे बढ़कर मानवता के प्रति हमारी सच्ची जिम्मेदारी है।
इसी भावना से प्रेरित इस आयोजन में 1500 से अधिक जरूरतमंद भाई-बहनों ने सहभागिता की, जिन्हें पूरी गरिमा और सुव्यवस्था के साथ प्रसाद स्वरूप चना, आलू, चावल एवं हलुआ वितरित किया गया। हर चेहरे पर संतोष और हर हाथ में सम्मान यही इस सेवा की सबसे बड़ी सफलता रही। यह आयोजन केवल भूख मिटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समरसता, अपनत्व और सहयोग की एक सुंदर मिसाल बन गया।
राम कुमार दोहरे ने सभी से अपील की। कि जीवन के खास पलों जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्यतिथि या किसी भी खुशी के अवसर को और भी सार्थक बनाइये। हमारे इस पुण्य सेवा कार्य से जुड़कर उन लोगों के जीवन में खुशियाँ बाँटिए, जिनके पास अक्सर खुश होने के मौके कम होते हैं। आपका छोटा सा सहयोग किसी बच्चे की मुस्कान, किसी माँ की तसल्ली, और किसी बुजुर्ग की दुआ बन सकता है। आइए, हाथ बढ़ाइए क्योंकि किसी के हिस्से की रोटी बनना, सबसे बड़ी इंसानियत है।
विकास पाण्डेय ने अवगत कराया कि संस्था के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया, जिससे सेवा कार्य की गरिमा बनी रही। वहीं आशीष श्रीवास्तव ने कहा सेवा के दौरान सामाजिक समरसता, सहयोग भावना एवं मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला, जिसने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रेरणादायक बना दिया।
संस्था के सदस्य अनुराग दुबे ने अवगत कराया कि एक ही ध्येय, प्राणी मात्र सेवा के संकल्प के साथ यह सेवा अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है और भविष्य में भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम में सी. एच. तिवारी, रामकुमार दोहरे, राजीव पाण्डेय, बलवंत सिंह, आशीष श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, अर्पित रावत, शिव मोहन, विकास पाण्डेय, अखिलेश सिंह, गोविन्द सिंह सहित अनेक समाजसेवियों की सक्रिय एवं सराहनीय सहभागिता रही।


