लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण संस्थानों और योजनाओं के नाम एक ही परिवार के सदस्यों के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के विकास में योगदान देने वाले अन्य महापुरुषों और विभूतियों को भी समान सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सीएए विरोध प्रदर्शन और उत्तर प्रदेश में हुए दंगों का जिक्र करते हुए विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में कई चुनौतियों का सामना किया है और सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि “अगर सपा की सरकार होती तो क्या उत्तर प्रदेश दंगों से उभर पाता?” उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर सरकार को अपना समर्थन दिया है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता बिना भेदभाव के प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा और विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों और अराजकता के बजाय विकास, निवेश और बेहतर कानून-व्यवस्था वाले प्रदेश के रूप में बन रही है।


