तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले आयोजित शोकसभा में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां लाखों लोग अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद पहुंचे, वहीं मोजतबा के कार्यक्रम से दूर रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका के चलते उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रखा गया।
शनिवार को होने वाले राजकीय अंतिम संस्कार में करीब 100 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। इसको देखते हुए राजधानी तेहरान को अभेद सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है। शहर में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि हवाई क्षेत्र को भी अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है।
सरकारी शोकसभा में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेरी गलीबाफ सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेताओं ने अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने अंतिम दर्शन किए। प्रशासन ने अंतिम संस्कार में भारी भीड़ को देखते हुए होटल, स्कूल, मस्जिदों और स्पोर्ट्स हॉल को भी ठहरने के लिए तैयार किया है।
इजरायल की ओर से मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान के बाद ईरान की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी किसी भी संभावित हमले की चेतावनी देते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ऐसे माहौल में मोजतबा की गैरमौजूदगी को सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, हालांकि इस पर ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


