पाकिस्तान से फंडिंग और स्लीपर सेल नेटवर्क का खुलासा
अहमदाबाद। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सात आरोपियों को गुजरात के पालनपुर, पाटन और नवसारी से, जबकि एक आरोपी को मध्य प्रदेश के देवास से पकड़ा गया। ATS के अनुसार, सभी आरोपी गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का स्लीपर सेल नेटवर्क खड़ा कर किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों का संपर्क पाकिस्तान में बैठे जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलरों से सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से था। उन्हें पाकिस्तान से आर्थिक मदद भी मिली थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, वडोदरा में एक आरोपी की मुलाकात जम्मू-कश्मीर से आए एक व्यक्ति से कराई गई थी, जिसे पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर भेजा गया था। इसी नेटवर्क के जरिए करीब तीन लाख रुपये की फंडिंग भी किए जाने की बात सामने आई है।
ATS के महानिदेशक सुनील जोशी ने बताया कि आरोपियों ने गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद के नाम से संगठन तैयार करने की कोशिश की थी। उनके कब्जे से हाथ से बनाया गया जैश-ए-मोहम्मद का झंडा, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का संबंध सिद्धपुर और चिखली स्थित मदरसों से रहा है। हालांकि एजेंसियां इस संबंध में सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
आठों आरोपियों के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आपराधिक साजिश से जुड़ी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। ATS अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों, फंडिंग चैनलों और पाकिस्तान से संचालित पूरे मॉड्यूल की गहन जांच में जुटी है। यह कार्रवाई हाल के वर्षों में गुजरात में आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफल कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।


