कमालगंज 📍
कमालगंज। नगर पंचायत कमालगंज में इन दिनों आवारा पशुओं का आतंक चरम पर है। दिन भर ये आवारा पशु गलियों और मोहल्लों में झुंड बनाकर घूमते हैं, जिससे आए दिन मोटरसाइकिल सवार और छोटे बच्चे हादसे का शिकार हो रहे हैं।
स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब शाम ढलती है। शाम होते ही सैकड़ों आवारा पशु कमालगंज के मुख्य मार्ग कानपुर-फतेहगढ़ हाईवे पर अपना डेरा जमा लेते हैं। सड़क पर बीचो-बीच बैठे रहने से यह मार्ग दुर्घटना का ब्लैक स्पॉट बन गया है।
श्रावण मास के चलते इस मुख्य मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु गुजरते हैं, जिन्हें इन पशुओं के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के अंधेरे में वाहनों की लाइट में भी ये जानवर दिखाई नहीं देते, क्योंकि नगर पंचायत द्वारा किसी भी जानवर के सींग या गले पर रेडियम रिफ्लेक्टर तक नहीं लगाया गया है। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ये जानवर सड़कों पर खुली मौत बनकर घूम रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत इस ओर से पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
शास्त्री नगर द्वितीय निवासी असलम सिद्दीकी ने बताया, “ये आवारा जानवर आए दिन लोगों की मोटरसाइकिल गिरा देते हैं। गली में खेल रहे छोटे-छोटे बच्चों को भी दौड़ाकर नुकसान पहुंचा देते हैं।
वहीं मुख्य मार्ग पर स्थित सावित्री भोजनालय के संचालक राजू चौरसिया का कहना है, “इन जानवरों की वजह से हमारे होटल पर आने वाले ग्राहक भी प्रभावित होते हैं। सड़क पर जाम और आए दिन एक्सीडेंट होते रहते हैं। नगर पंचायत के कर्मचारी भी अक्सर यहां भोजन करने आते हैं, उनसे कई बार इस समस्या के बारे में कहा, पर आज तक कोई समाधान नहीं निकला।”
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन आवारा पशुओं को पकड़कर गो-आश्रय स्थल भेजा जाए, ताकि होने वाली जन-धन की हानि और सड़क हादसों से बचा जा सके।
नगर पंचायत कमालगंज में आवारा पशुओं का आतंक, सड़कें बनीं हादसों का अड्डा


