फर्रुखाबाद। बांग्लादेश में कथित रूप से राम मंदिर निर्माण कार्य रोके जाने की खबरों के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने बुधवार को विदेश मंत्री, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। संगठन ने भारत सरकार से कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप कर हिन्दू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की।
राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष अंगद पाण्डेय ‘कोमल’ के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बांग्लादेश में कुछ कट्टरपंथी समूहों द्वारा राम मंदिर निर्माण का विरोध किया गया और सरकार पर निर्माण कार्य रुकवाने का दबाव बनाया गया। संगठन का दावा है कि इसके बाद मंदिर निर्माण कार्य रोक दिए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे सनातन समाज में रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में कहा गया कि किसी भी देश में धार्मिक स्थलों, पूजा-अर्चना के केंद्रों और आस्था के प्रतीकों के निर्माण अथवा संरक्षण में बाधा उत्पन्न करना धार्मिक स्वतंत्रता की भावना के विपरीत है। संगठन ने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए चिंता व्यक्त की।
पदाधिकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि वह अपनी विदेश नीति और कूटनीतिक माध्यमों का उपयोग करते हुए बांग्लादेश में हिन्दू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक पहल करे। साथ ही पड़ोसी देशों में रह रहे हिन्दू समुदाय के धार्मिक अधिकारों और सुरक्षा को लेकर भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष दिनेश सिंह राजपूत, संयुक्त सचिव सतीश चंद्र दीक्षित, एडवोकेट फोरम के जिलाध्यक्ष एडवोकेट आयुष सक्सेना, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला उपाध्यक्ष राजीव पाल, नगर महामंत्री दिलीप बाल्मीकि, अनूप तिवारी एडवोकेट, गौरव मिश्रा एडवोकेट, वंश राजपूत, सत्यम वर्मा, आशुतोष बाजपेई एडवोकेट, सत्यम मिश्रा एडवोकेट, राजू शुक्ला एडवोकेट एवं अनुराग अवस्थी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि हिन्दू धार्मिक स्थलों और आस्था के प्रतीकों के संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।


