लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ा बदलाव हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को 31 दिन बाद पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया। 3 सितंबर को उन्हें इस पद से हटाते हुए मायावती ने कहा था कि आकाश को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। अब पार्टी ने उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी है।
मायावती के मुताबिक पार्टी के अधिकांश नेताओं की राय थी कि आकाश आनंद को उनकी पहले वाली जिम्मेदारियों के साथ दोबारा काम करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुशासन बनाए रखने के लिए पिछले दिनों कई सख्त फैसले लिए गए, जिनमें उनके परिवार के लोग भी अपवाद नहीं रहे।
आकाश की वापसी उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद हुई है। इससे पहले मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर करते हुए उनके ससुर के प्रभाव में आने और स्वार्थी व अहंकारी होने की बात कही थी। इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का ऐलान किया था। आकाश ने हाल ही में मायावती को अपना राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और ‘बुआ मां’ बताते हुए बसपा को अपना परिवार बताया था।
बसपा में आकाश की राजनीतिक भूमिका कई बार बदली है। दिसंबर 2023 में मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। मई 2024 में जिम्मेदारियां छीनीं, जून 2024 में फिर बहाल किया। मार्च 2025 में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया। अप्रैल 2026 में माफी के बाद दोबारा जिम्मेदारी मिली और अगस्त में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। सितंबर में फिर पद से हटाया गया और अब एक बार फिर वापसी हुई है।
पार्टी में वापसी के बाद आकाश आनंद ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि पिछले समय ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के बताए रास्ते पर चलने तथा संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की बात कही।


