लखनऊ स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में मंगलवार देर रात उस समय तनाव फैल गया जब छात्रा अनामिका की मौत को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रा इंटीग्रेटेड बेसिक साइंस की पढ़ाई कर रही थी और यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी।
छात्र संगठनों, विशेषकर एसएफआई से जुड़े विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि अनामिका की तबीयत विश्वविद्यालय के मेस में दूषित खाना खाने के बाद बिगड़ी थी। उनका कहना है कि इसी कारण उसकी हालत गंभीर हुई और बाद में उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि अनामिका कुछ दिन पहले फूड पॉइजनिंग से बीमार हो गई थी। छात्र सपन के अनुसार, विश्वविद्यालय के क्लिनिक से इलाज के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद परिजन उसे घर ले गए थे।
परिवार के अनुसार, हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार को उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत की खबर से विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश फैल गया और छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सैकड़ों की संख्या में छात्र कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल के आवास के बाहर इकट्ठा हुए और देर रात तक नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। प्रॉक्टर की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार रात 10:30 बजे के बाद कुछ गेटों पर केवल वैध आईडी कार्ड दिखाने पर ही प्रवेश मिलेगा, साथ ही बाहरी लोगों और पूर्व छात्रों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।


