प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। बुधवार को जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने संबंधी राज्य सरकार के शासनादेश में कोई बदलाव नहीं किया।
पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए जाने और ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस मामले में कुल 11 याचिकाएं दाखिल हुई थीं, जिनमें छह जनहित याचिकाएं भी शामिल थीं। याचिकाओं में राज्य सरकार के 25 मई के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया था। अदालत ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप नहीं किया है। इसके चलते वे प्रशासक के पद पर बने रहेंगे। मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, निदेशक पंचायती राज, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को पक्षकार बनाया गया था। अदालत ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है।


