लखनऊ, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा, परिवहन और न्यायिक व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, खिलौना विनिर्माण नीति, छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट, पीआरडी स्वयंसेवकों के भत्ते व कैशलेस इलाज, अभियंताओं के वित्तीय अधिकार, हाईटेक टाउनशिप, नए बस स्टेशन, स्मार्ट स्कूल और स्वचालित परीक्षण स्टेशनों से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 15.172 किलोमीटर लंबे छह लेन के प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 1,008.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरी लागत राज्य सरकार वहन करेगी। परियोजना का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा और इसके लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी।
एक्सप्रेसवे बनने से बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
यूपी में खिलौना उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य प्रदेश को खिलौना निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना तथा कारीगरों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
नीति के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल में खिलौना उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। एमएसएमई के साथ बड़े उद्योगों, नई इकाइयों, विस्तार, विविधीकरण और तकनीकी उन्नयन को भी समर्थन मिलेगा। नीति पांच वर्ष तक या नई नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी।
छाता चीनी मिल में बनेगा एथेनॉल प्लांट
मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी।
गन्ना पेराई के सीजन के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के हजारों अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ा
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया। 30 दिन ड्यूटी करने पर स्वयंसेवक को प्रतिमाह 3,000 रुपये अधिक मिलेंगे।
इस फैसले से 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों को लाभ मिलेगा और राज्य सरकार पर प्रतिवर्ष 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दी गई। वर्तमान में पंजीकृत 31,130 स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों को योजना का लाभ मिलेगा।
अभियंताओं के वित्तीय अधिकार बढ़ेंगे
कैबिनेट ने अभियंत्रण विभागों के अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार मौजूदा व्यवस्था तीन दशक से अधिक पुरानी होने के कारण निर्माण सामग्री, श्रम और सेवाओं की बढ़ी लागत के बीच छोटे कार्यों के लिए भी उच्च स्तर की मंजूरी लेनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था से लोक निर्माण, सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण अभियंत्रण समेत अन्य विभागों में निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एलडीए पूरा करेगा हाईटेक टाउनशिप परियोजना
लखनऊ स्थित मेसर्स एपीआईएल की हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये आंकी गई है।
परियोजना पूरी होने से करीब 5,000 होमबायर्स की समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। शेष अवस्थापना सुविधाओं और उपयोगिताओं का विकास भी कराया जाएगा। सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए बंधक और ग्राम समाज की भूमि को एलडीए के पक्ष में विनियमित किए जाने का प्रावधान किया गया है।
सिद्धार्थनगर और हरदोई में तीन नए बस स्टेशन
कैबिनेट ने शोहरतगढ़, बढ़नी और हरदोई के सवायजपुर में नए बस स्टेशन बनाने को मंजूरी दी। इसके लिए राजस्व विभाग की चिह्नित भूमि परिवहन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित और नामांतरित की जाएगी।
नए बस स्टेशनों से स्थानीय परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
14,429 सरकारी स्कूल बनेंगे स्मार्ट
प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार करते हुए 14,429 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है और श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।
सरकार के अनुसार प्रदेश में पहले से 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं।
वाहनों की फिटनेस जांच को पारदर्शी बनाने के लिए स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) की नई राज्य नीति-2026 को मंजूरी दी गई। प्रत्येक जिले में अधिकतम तीन एटीएस स्थापित किए जा सकेंगे और प्रत्येक केंद्र पर सालाना 24 हजार वाहनों की जांच की जा सकेगी।
एटीएस के लिए जमीन की न्यूनतम आवश्यकता 2.5 एकड़ से घटाकर एक एकड़ कर दी गई है। वहीं छह करोड़ रुपये की नेटवर्थ की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। मशीनों के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच होने से मानवीय हस्तक्षेप कम करने और सड़क पर फिट वाहनों का संचालन सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं के लिए कुल 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने को मंजूरी दी गई।
भूमि अर्जन के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत तक सीड कैपिटल उपलब्ध करा सकती है, जिसकी अधिकतम अवधि 20 वर्ष होगी। इन तीनों परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल की अधिकतम अनुमन्य राशि 655.76 करोड़ रुपये बताई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए शहरों के समग्र विकास के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।


