– अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
लखनऊ। पूर्व अग्निवीरों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने रोजगार का नया रास्ता खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की विशेष छूट भी दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए प्रदेश की सुरक्षा और प्रवर्तन व्यवस्था में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर तथा परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू होगा।
आरक्षण का लाभ पूर्व अग्निवीरों को उनकी संबंधित सामाजिक श्रेणी के भीतर दिया जाएगा। यानी जिस सामाजिक श्रेणी से पूर्व अग्निवीर संबंधित होगा, उसी श्रेणी में उसे क्षैतिज आरक्षण का लाभ देकर समायोजित किया जाएगा।
चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। आयु की गणना में उनकी चार वर्ष की सैन्य सेवा अवधि को घटाने का भी प्रावधान किया गया है।
इससे सैन्य सेवा पूरी करने के बाद भर्ती की निर्धारित आयु सीमा को लेकर आने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सकेगा और अधिक पूर्व अग्निवीर सरकारी भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।
पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर के पद पर अवसर मिलने से कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और सुरक्षा संबंधी अनुभव जेलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उपयोगी हो सकता है।
प्रदेश की जेलों में सामान्य बंदियों के अलावा गंभीर और संवेदनशील अपराधों में निरुद्ध कैदी भी होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित एवं अनुशासित सुरक्षा कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही के रूप में पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा संबंधी प्रवर्तन व्यवस्था को भी अतिरिक्त मानव संसाधन मिल सकेगा। सैन्य प्रशिक्षण से विकसित अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना इस क्षेत्र में उपयोगी साबित होने की उम्मीद है।
सरकार के इस फैसले को पूर्व अग्निवीरों के सैन्य अनुभव और कौशल का नागरिक प्रशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था में उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


