एनएचएआई ने कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया, सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों के बाद कार्रवाई
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ी कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक को तीन साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। एनएचएआई ने कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करते हुए यह कार्रवाई की है।
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ समय बाद ही सड़क के एक बड़े हिस्से के धंसने की शिकायत सामने आई थी। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी सतह खिसकने और बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने की शिकायतें भी सामने आई थीं। सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद एनएचएआई की ओर से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
लखनऊ-कानपुर के बीच यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए एक्सप्रेसवे को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जाता है। इसके शुरू होने के बाद सड़क के कुछ हिस्सों में क्षति की शिकायतों ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए।
बताया गया कि कुछ स्थानों पर सड़क का हिस्सा धंस गया, जबकि अन्य जगहों पर सड़क की ऊपरी परत खिसकने और दरारें आने की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद निर्माण कार्य और सड़क की गुणवत्ता को लेकर संबंधित एजेंसियों की निगरानी बढ़ी।
पीएनसी इंफ्राटेक पर तीन साल का प्रतिबंध लगाए जाने की कार्रवाई को राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन से जोड़कर देखा जा रहा है। एनएचएआई की कार्रवाई के बाद कंपनी निर्धारित अवधि में संबंधित प्रक्रियाओं के तहत नई परियोजनाओं में भाग लेने से प्रभावित होगी।


