नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज से संशोधित न्यूनतम मजदूरी दरें लागू हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत किसी भी श्रेणी के श्रमिक को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। इस फैसले से विशेष रूप से कम दिहाड़ी पर काम करने वाले श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आपके संदेश में उल्लिखित “बीबी-जीरामजी योजना” नाम की किसी आधिकारिक सरकारी योजना की पुष्टि विश्वसनीय स्रोतों से नहीं हो सकी है, इसलिए उसका उल्लेख नहीं किया जा रहा है।
नई मजदूरी दरों का लाभ दिल्ली में कार्यरत उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से आए लाखों प्रवासी मजदूरों को मिलेगा। मजदूरी में श्रेणी के अनुसार लगभग 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना है।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए भी नई मजदूरी दरें जारी की हैं, जिससे श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी। श्रमिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला मजदूरों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा।
नई मजदूरी दरें लागू होने के साथ ही संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी नियोक्ता निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का पालन करें और किसी भी श्रमिक को तय दर से कम भुगतान न किया जाए।


