लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए ) के उपाध्यक्ष को तलब किया है। मुख्यमंत्री ने शहर में हुए अवैध निर्माणों, भवन स्वीकृति प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन भवनों का नक्शा एकल आवास के रूप में स्वीकृत कराया गया लेकिन बाद में उन्हें बहुमंजिला व्यावसायिक अथवा आवासीय भवनों में परिवर्तित कर दिया गया, उनकी सूची तैयार कर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि ऐसे निर्माणों के दौरान संबंधित विभागों द्वारा निगरानी क्यों नहीं की गई।
बताया जा रहा है कि अलीगंज अग्निकांड में सामने आई प्रारंभिक जांच में भवन निर्माण से जुड़ी कई अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा करते हुए दोषी अधिकारियों और निर्माणकर्ताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने एलडीए , नगर निगम, अग्निशमन विभाग तथा जिला प्रशासन से समन्वित रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में यह भी बताया जाएगा कि शहर में कितने ऐसे भवन हैं जो स्वीकृत मानकों के विपरीत निर्मित किए गए हैं तथा उनमें अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में भी ऐसे भवनों का सर्वे कराया जाए और अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उधर, अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद अब पूरे प्रदेश में अवैध निर्माणों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक हलकों में इसे अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर की कार्रवाई की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।


