शामली। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम की राजनीति से देश का भला नहीं हो सकता। समाज को बांटने के बजाय बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाज ने एकता का परिचय नहीं दिया तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
शनिवार को शामली के लिलौन खेड़ी स्थित एक विवाह मंडप में आयोजित सत्ता परिवर्तन यात्रा के दौरान सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है, जबकि किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य न मिलने से परेशान हैं। इसके बावजूद सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों को नजरअंदाज कर अन्य विषयों पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है और रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। मुख्यमंत्री के बयानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक मुद्दों से न तो किसानों की आर्थिक समस्याएं दूर होंगी और न ही युवाओं को रोजगार मिलेगा। राजनीति का केंद्र जनता के वास्तविक सरोकार होने चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था और बिजली कटौती को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाकर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जबकि लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास जनता की समस्याओं के समाधान का कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह लोगों को आपस में बांटने की राजनीति कर रही है। समाज में भाईचारा, एकता और सामाजिक सौहार्द कायम होगा तो देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की गारंटी बन सकता है।


