लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इंडिया एआई मिशन के तहत एलडीए में एक वेब आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे टेंडर दस्तावेजों की डिजिटल जांच संभव होगी।
एलडीए के उपाध्यक्ष (वीसी) ने अधिकारियों को एआई आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 150 से 200 पन्नों तक के टेंडर दस्तावेजों का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। वर्तमान में जिस प्रक्रिया में 15 से 30 दिन तक का समय लगता है, वह एआई की मदद से लगभग एक दिन में पूरी हो सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, एआई प्रणाली फर्जी प्रमाणपत्रों, गलत दस्तावेजों और नियमों के अनुरूप न होने वाली जानकारी की पहचान करने में सक्षम होगी। इससे अपात्र फर्मों की भागीदारी पर प्रभावी रोक लगेगी और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
एलडीए का मानना है कि नई तकनीक के उपयोग से मानवीय त्रुटियों और नियमों की अनदेखी की संभावना भी कम होगी। साथ ही सभी पात्र प्रतिभागियों को समान अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, जिससे पूरी निविदा प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, विश्वसनीय और समयबद्ध बन सकेगी।


