जम्मू। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए आयोजित वार्षिक अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था बुधवार को जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूरे परिसर में “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
पहले जत्थे में शामिल पांच हजार से अधिक श्रद्धालु सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में दो अलग-अलग मार्गों—पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग—की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मार्गों पर पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती के साथ आधुनिक निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है।
समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिवसीय यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग तथा गंदेरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक कठिन बालटाल मार्ग से बाबा बर्फानी के दर्शन करेंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा अमरनाथ के आशीर्वाद से यात्रा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा, भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, लंगर, आपातकालीन सहायता, यातायात प्रबंधन और संचार व्यवस्था की भी समीक्षा की।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के लिए इस कठिन तीर्थयात्रा में शामिल होते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।


