कानपुर देहात
मेडिकल कॉलेज कुंभी में लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में गुरुवार देर रात छात्र-छात्राओं का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। रात करीब 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर निकल आए और कॉलेज गेट पर जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से मेडिकल कॉलेज और छात्रावासों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उनका कहना था कि 24 घंटे में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
एमबीबीएस छात्रों ने बताया कि परीक्षा नजदीक होने के बावजूद लगातार बिजली कटौती के कारण पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी के बीच रातभर बिजली गायब रहने से छात्र परेशान हैं। छात्रावासों में पंखे और कूलर बंद रहने के कारण हालात और खराब हो रहे हैं। इसके अलावा मोबाइल चार्जिंग, इंटरनेट और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कई बार कॉलेज प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों और पुलिस अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत चली। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान में इस तरह की बिजली व्यवस्था बेहद चिंताजनक है, खासकर तब जब छात्र कठिन मेडिकल शिक्षा और परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरमीत सिंह ने स्वीकार किया कि बिजली आपूर्ति की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार उच्चाधिकारियों और ऊर्जा विभाग को पत्र भेजे जा चुके हैं। उनके अनुसार मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति सामान्य लाइन से होती है, जिसके कारण बार-बार कटौती और फॉल्ट की समस्या आती है। प्राचार्य ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और छात्रावासों के लिए अलग विद्युत लाइन की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को निर्बाध बिजली मिल सके और पढ़ाई प्रभावित न हो।


