कानपुर
घाटमपुर थाना क्षेत्र स्थित ललईपुर गांव में गुरुवार रात जमीन विवाद को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद कुछ दबंगों ने निर्माणाधीन भवन पर बुलडोजर चलाकर बाउंड्री और निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा करने की कोशिश लंबे समय से की जा रही थी। तहसील प्रशासन की जांच और न्यायालय के आदेश के बाद जब निर्माण कार्य शुरू कराया गया, तब विरोधी पक्ष ने रात के समय जेसीबी मशीन लेकर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित संदीप निगम उर्फ मोनू के अनुसार गांव में हाईवे किनारे स्थित गाटा संख्या 700 क उनकी पैतृक भूमि है, जबकि दूसरे पक्ष की जमीन गाटा संख्या 704 में है। उनका कहना है कि कई वर्षों से उनकी भूमि पर बाउंड्री और गेट बना हुआ था। तहसील प्रशासन की जांच में भी जमीन उन्हीं की पाई गई थी। बावजूद इसके कुछ लोग उनकी भूमि को अपनी बताकर कब्जा करना चाहते थे। बढ़ते विवाद के बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां तहसील की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को निर्माण कराने की अनुमति दे दी थी।
आरोप है कि गुरुवार रात दो चार पहिया वाहनों में सवार होकर करीब 10 से 15 लोग जेसीबी मशीन के साथ पहुंचे और पहले बाउंड्री को तोड़ा, फिर निर्माणाधीन हिस्से को गिरा दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित का कहना है कि दूसरे पक्ष को एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद जांच की जा रही है। एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर भूमि विवादों में कानून व्यवस्था और कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि न्यायालय के आदेश के बाद भी इस तरह निर्माण तोड़े जाएंगे, तो आम लोगों का कानून पर भरोसा कमजोर होगा।


