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Thursday, April 23, 2026

मऊदरवाजा थाने के पीछे 16 बीघा जमीन पर कब्जे का खेल! लीज खत्म

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– फिर भी ट्रस्ट और दबंगों का राज,प्रशासन अनजान
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के पीछे स्थित करीब 16 बीघा की बहुमूल्य सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला अब बड़ा प्रशासनिक और कानूनी सवाल बन गया है। आरोप है कि इस जमीन पर वर्षों से काबिज ट्रस्ट की लीज वर्ष 2025 में समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कब्जा आज भी बरकरार है,और यही नहीं, अब इस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर भी गड़ चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, इस जमीन का एक हिस्सा पहले होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल होता था। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस हिस्से को अवैध कब्जाधारियों से खाली कराया और वहां थाने का मेस बनवाया। इतना ही नहीं, उस कीमती हिस्से पर बाउंड्रीवाल भी कराई गई, जिससे यह साफ होता है कि प्रशासन को जमीन की अहमियत का पूरा अंदाजा है।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब एक हिस्से पर कार्रवाई हो सकती है, तो बाकी जमीन पर क्यों नहीं? आरोप है कि अभी भी इस भूमि के बड़े हिस्से पर कई लोगों का अवैध कब्जा है और प्रशासन की चुप्पी इस पूरे खेल पर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, इस जमीन का संबंध डॉक्टर जाकिर हुसैन ट्रस्ट से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी लीज समाप्त हो चुकी है। नियमों के अनुसार, लीज खत्म होने के बाद जमीन का स्वामित्व और उपयोग अधिकार पुनः प्रशासन या मूल स्वामी के अधीन आना चाहिए, लेकिन यहां स्थिति उलट नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जमीन की बाजार कीमत करोड़ों में है, और यही वजह है कि भूमाफिया सक्रिय हो चुके हैं। आरोप यह भी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जमीन पूरी तरह अवैध प्लॉटिंग और कब्जों का अड्डा बन सकती है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में सरकारी और लीज पर दी गई जमीनों पर अवैध कब्जों के हजारों मामले सामने आए हैं, जिनमें से कई मामलों में कार्रवाई धीमी या अधूरी रही। फर्रुखाबाद का यह मामला भी उसी ढर्रे पर जाता दिख रहा है।सबसे बड़ा सवाल क्या प्रशासन इस जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराएगा या फिर रसूख और दबाव के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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