फर्रुखाबाद। जनपद के ग्राम नेकपुर खुर्द में विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई की है। बिना स्वीकृत एस्टीमेट और तकनीकी अनुमति के 11 केवी विद्युत लाइन को शिफ्ट किए जाने के मामले में प्रभारी अवर अभियंता (जेई) रमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों में भी खलबली देखी जा रही है।
मामला उस समय प्रकाश में आया जब खेत के बीच से गुजर रही 11 केवी लाइन को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के किनारे स्थानांतरित कर दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुए स्थलीय निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच टीम ने पाया कि विद्युत पोल को जल्दबाजी में उखाड़कर किनारे स्थापित किया गया था। मौके पर खुदाई के स्पष्ट निशान मिले, जबकि खेत का अन्य हिस्सा सामान्य स्थिति में पाया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि लाइन के एक फेज पोल की अर्थिंग पूरी तरह से टूटी हुई थी और तार जमीन के काफी नजदीक झूल रहा था, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। पोल पर लगा स्टे वायर भी टूटा हुआ मिला, जिसका एक सिरा जमीन पर लटक रहा था। इसके अलावा नजदीक से गुजर रही फोन लाइन भी बेहद खतरनाक दूरी पर पाई गई, जो दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रही थी।
जब इस संबंध में प्रभारी जेई रमेश कुमार से नोटिस, स्वीकृति या शिफ्टिंग प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने केवल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बिना एस्टीमेट और अनुमोदन के लाइन शिफ्ट करने से विभाग को राजस्व हानि हुई है। इसके अलावा विभागीय सामग्री के नुकसान की भी अनदेखी की गई और उसकी भरपाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। अधिकारियों ने पाया कि संबंधित जेई अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रूप से लापरवाह रहे और अधीनस्थ कर्मचारियों पर उनका नियंत्रण भी प्रभावी नहीं था।
बार-बार चेतावनी और निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यप्रणाली में सुधार न होने के चलते अधीक्षण अभियंता यादवेन्द्र सिंह ने कड़ा कदम उठाते हुए जेई रमेश कुमार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड कायमगंज कार्यालय से संबद्ध किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा प्रकरण विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता को दर्शाता है।
बिना स्वीकृति 11 केवी लाइन शिफ्ट करने का मामला उजागर, जेई निलंबित—विभाग में मचा हड़कंप


