आलू की बुवाई शुरू होने से पहले किसानों को राहत, ₹100 प्रति कुंतल अनुदान का भी मिलेगा लाभ
फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद विकासखंड के सकवाई स्थित आरओएसओ इंडस्ट्रीज एंड कोल्ड स्टोरेज का संचालन बंद होने के बाद शीतगृह में भंडारित किसानों के आलू की निकासी को लेकर प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। आलू एवं शाकभाजी विकास विभाग ने किसानों के हित में शीतगृह में भंडारित आलू की तत्काल निकासी कराने के निर्देश दिए हैं।
आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी, की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 22 अगस्त 2026 को आरओएसओ इंडस्ट्रीज एंड कोल्ड स्टोरेज, सकवाई, विकासखंड मोहम्मदाबाद का संचालन बंद कर दिया गया था। शीतगृह में जनपद के किसानों का निजी आलू एवं आलू बीज भंडारित है। वर्तमान समय में आलू की बुवाई का समय करीब आने के कारण भंडारित आलू की निकासी आवश्यक हो गई है।
किसानों की सुविधा और आलू की निकासी सुनिश्चित कराने के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति में आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी, , तहसीलदार सदर, , प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोहम्मदाबाद, बैंक ऑफ इंडिया के अधिकृत अधिकारी, प्रभारी शीतगृह तथा उद्यान विभाग के अधिकारियों को नामित किया गया है।
समिति को किसानों के हित में शीतगृह में रखे आलू की निकासी की प्रक्रिया में सहयोग एवं निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
विभाग ने जनपद के सभी संबंधित किसानों से अपील की है कि सकवाई स्थित उक्त शीतगृह में भंडारित अपना आलू तत्काल निकलवा लें, ताकि आगामी आलू बुवाई के समय किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रेस नोट में किसानों को उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना’ की जानकारी भी दी गई है। योजना के तहत शीतगृह में भंडारित आलू के भंडार प्रमाण के आधार पर 100 प्रति कुंतल अनुदान देय है।
विभाग ने बताया कि आलू उत्पादक किसान संबंधित योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इससे किसानों को भंडारित आलू की निकासी के साथ निर्धारित योजना के तहत मिलने वाले अनुदान का लाभ भी प्राप्त हो सकेगा।
आलू एवं शाकभाजी विकास विभाग ने किसानों से समय रहते अपने भंडारित आलू की निकासी करने तथा संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।


