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Friday, June 26, 2026

रूस–पाकिस्तान की बढ़ती नज़दीकियों से भारत की चिंता बढ़ी

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इस्लामाबाद। आतंकवाद को पनाह देने के आरोपों से लंबे समय से घिरे पाकिस्तान के साथ रूस की बढ़ती सैन्य और रणनीतिक नज़दीकियां भारत के लिए नई चुनौती बनती दिखाई दे रही हैं। इस्लामाबाद में आयोजित रूस–पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी वर्किंग ग्रुप की 12वीं बैठक में दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त सहयोग, सैन्य अनुभवों के आदान-प्रदान और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई है।

बैठक में शहरी युद्ध, ड्रोन रोधी तकनीक, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी सुल्तान एम ने रूस के अनुभवों की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि यह साझेदारी पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं और क्षेत्रीय रणनीति को मजबूती देगी।

रूस और पाकिस्तान के बीच पिछले एक दशक में रक्षा संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। वर्ष 2014 के रक्षा सहयोग समझौते के बाद दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और सुरक्षा सहयोग में लगातार विस्तार हुआ है। रूस पहले ही पाकिस्तान को Mi-35M अटैक हेलीकॉप्टर उपलब्ध करा चुका है और JF-17 लड़ाकू विमान के लिए RD-93 इंजन भी सप्लाई करता रहा है।

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