नगोया, जापान। एशियन गेम्स के 10वें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या छह हो गई और कुल पदक 53 पहुंच गए।
भारतीय महिला रिले टीम की इस जीत में वित्या रामराज और उनकी साथियों का अहम योगदान रहा। एक दिन पहले ही वित्या ने 400 मीटर बाधा दौड़ में पीटी उषा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा था। अब रिले में स्वर्ण जीतकर उन्होंने इन खेलों में अपना तीसरा पदक हासिल किया।
नीरू ढांडा ने भी स्वर्ण जीता। उन्होंने महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि करीब 10 दिन पहले नीरू फ्लू के कारण अस्पताल में भर्ती थीं और पांच दिनों तक कुछ खा-पी नहीं पाई थीं। बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की।
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 13 मिनट 32.75 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर इससे पहले 10 हजार और 1500 मीटर में रजत पदक जीत चुके हैं। तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर उन्होंने इन खेलों में पदकों की हैट्रिक पूरी की।
भारत ने 4×100 मीटर मिश्रित रिले में भी कांस्य पदक जीता। भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड का समय निकाला। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भी भारत को कांस्य मिला। महिला ऊंची कूद में पूजा ने 1.84 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता।
मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल फाइनल में पहुंच गए हैं, जिससे भारत के दो और पदक पक्के हो गए। परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग में चीन की शू ली को 5-0 से हराया। अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं नरेंद्र ने 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग में कांस्य पदक जीता।
इन खेलों में भारत ने लगातार छठी बार 50 या उससे अधिक पदक हासिल किए हैं। 2006 के बाद से भारत हर एशियन गेम्स में 50 या उससे ज्यादा पदक जीतता आया है। 29 सितंबर तक भारत के खाते में 53 पदक हो चुके हैं।


