नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में व्यापारिक जहाजों पर लगातार बढ़ते हमलों और समुद्री सुरक्षा हालात बिगड़ने के बीच भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों, भारतीय ध्वज वाले जहाजों और विदेशी जहाजों पर कार्यरत भारतीय क्रू की सुरक्षा को लेकर नई एडवाइजरी जारी करते हुए 24 घंटे हेल्पलाइन और निगरानी व्यवस्था सक्रिय कर दी है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में मौजूद प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, जहाजरानी महानिदेशालय, भारतीय दूतावासों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।
सरकार ने यमन के आसपास के जलक्षेत्र, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य, दक्षिणी लाल सागर, खाड़ी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों के लिए विशेष सुरक्षा सलाह जारी की है। जहाजों को तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने, लगातार अपनी लोकेशन साझा करने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नाविकों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में नाविक और शिपिंग कंपनियां जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तैनात भारतीय मिशनों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सरकार के अनुसार, समुद्री सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।


