30 C
Lucknow
Monday, October 5, 2026

भारत विश्व में विभिन्न संस्कृतियों में रंग-बिरंगे फूलों का गुलदस्ता है

Must read

फर्रुखाबाद ब्यूरो
सद्भावना मंच के तत्वावधान में नव भारत सभा भवन,ठंडी सड़क पर एक विशाल सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर देश में आपसी भाईचारा और सद्भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली से पधारे जमाअते इस्लामी हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य का मूल स्वभाव प्रेम और मोहब्बत है, इंसान स्वाभाविक रूप से नफरत को पसंद नहीं करता।जो विचार इंसानों में भेदभाव और नफरत पैदा करे,वह कभी धर्म नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि देश में नफरत के बीज अंग्रेजों के दौर में बोए गए थे,जब उन्होंने भारतीयों को आपस में लड़ाकर फूट डाली।
सम्मेलन की शुरुआत जनाब वारिस हुसैन के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा एक खूबसूरत गुलदस्ता है। वर्तमान समय में कुछ ताकतें इसे कुचलने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन संतोष की बात यह है कि अब आम जनता नफरत की मुखालिफत में खुलकर आगे आ रही है।
कार्यक्रम में भंते नागसेन जी,आशाराम जी, एडवोकेट, जवाहर सिंह गंगवार, एडवोकेट मोहम्मद अनीस खां, मोइन साहब, अभिलाख जाटव, नीरज प्रताप शाक्य, बिलाल शफीकी और जमशेद शाह साहिबा ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज के दौर में सद्भावना और आपसी भाईचारा सबसे अहम जरूरत है, जिसे बनाए रखने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा।
मुख्य आयोजक डॉ. रामकृष्ण राजपूत ने सम्मेलन में पधारे सभी अतिथियों और श्रोताओं का स्वागत कियामोहम्मद नासिर खान ने मेहमानों का बैज लगाकरअभिनंदन किया,जबकि डॉ.मोहम्मद मोहसिन ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सद्भावना मंच उत्तर प्रदेश के संयोजक अब्दुल वहाब ने किया।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article