प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद चार अनशनकारियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद अन्य छात्र अपनी मांगों को लेकर अनशन स्थल पर डटे हुए हैं।
आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की मौजूदगी में आंदोलनकारी छात्रों के साथ वार्ता भी हुई। छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को प्रशासन के सामने रखा। हालांकि वार्ता के दौरान मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने धरना और आमरण अनशन जारी रखने का निर्णय लिया।
आंदोलन के दौरान अमित यादव, रोशन, राकेश और ऋषि की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए रोहित यादव भी अनशनकारियों में शामिल हो गए और भूख हड़ताल शुरू कर दी।
फिलहाल आयुष महात्मा, आशुतोष मौर्य और रोहित यादव अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण स्वास्थ्य संबंधी स्थिति गंभीर होने के बावजूद उनकी मांगों के समाधान की दिशा में अभी तक ठोस पहल नहीं हुई है।
छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में और छात्र भूख हड़ताल में शामिल हो सकते हैं तथा आंदोलन को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन जारी है और प्रशासन तथा छात्रों के बीच अगले दौर की वार्ता पर नजर बनी हुई है।


