नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने विदेशियों की निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए निगरानी तंत्र को और सख्त बनाने की दिशा में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार नए प्रावधानों का उद्देश्य भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की गतिविधियों, आवागमन और ठहराव से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और सीमा पार अपराधों की चुनौतियों को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट, बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर यात्रियों की जांच प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और प्रभावी बनाया जाएगा। विदेशी नागरिकों के आगमन, निवास और यात्रा संबंधी रिकॉर्ड को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को रियल टाइम जानकारी उपलब्ध हो सके।
गृह मंत्रालय का मानना है कि आधुनिक तकनीक आधारित इमिग्रेशन व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से नजर रखी जा सकेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इसके साथ ही विदेशी नागरिकों के वीजा, यात्रा विवरण और ठहराव संबंधी सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के कई देशों में पहले से ही उन्नत इमिग्रेशन और यात्री निगरानी प्रणाली लागू है। भारत भी अब अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक आधारित इमिग्रेशन नेटवर्क को मजबूत कर रहा है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों का उद्देश्य वैध रूप से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार और निवेश के लिए आने वाले विदेशी नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुविधाएं मिलती रहेंगी।


