बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र में सोमवार को सेना के हवलदार मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गौरीखेड़ा गौटिया पहुंचा, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बरेली जाट रेजिमेंट के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। गांव में जैसे ही उनके आने की खबर फैली, बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
जानकारी के अनुसार, 39 वर्षीय हवलदार मनदीप सिंह पंजाब के बठिंडा में तैनात थे। दो दिन पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आर्मी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है।
सेना के अधिकारियों द्वारा सूचना मिलने के बाद परिजन बठिंडा पहुंचे और पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गांव लाया गया। गांव पहुंचते ही सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने उनकी पत्नी गगनदीप कौर और बच्चों—अगमप्रीत और गुरलीन कौर—को तिरंगा सौंपा।
अंतिम संस्कार के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। हवलदार की मां रंजीत कौर और बड़े भाई जगदीप सिंह ने पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। उनके आठ वर्षीय बेटे अगमप्रीत ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। वहीं उनकी बेटी गुरलीन कौर पिता की तस्वीर थामे गमगीन नजर आई। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था।
ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने भी मनदीप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। बताया गया कि कुछ ही महीनों बाद वे छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनकी असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया।
हालांकि इस दौरान प्रशासनिक उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे। मौके पर राजस्व विभाग से केवल लेखपाल मौजूद रहे, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारी नजर नहीं आए। वहीं पुलिस विभाग की ओर से इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे अवसर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अपेक्षित थी।


