लखनऊ। गर्मी ने खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने 32 जिलों में भीषण गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। साफ चेतावनी दी गई है कि 25 अप्रैल तक हालात और बिगड़ सकते हैं, यानी आने वाले 3–4 दिन आम लोगों के लिए बेहद मुश्किल भरे रहने वाले हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल से लेकर तराई और अवध तक लू का असर तेज रहेगा। सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों को बताया गया है। तापमान कई जिलों में 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि लू के थपेड़े हालात को और गंभीर बना सकते हैं।
अलर्ट जारी किए गए प्रमुख जिलों में प्रयागराज , वाराणसी , गोरखपुर , मिर्ज़ापुर , आजमगढ़ , जौनपुर , सीतापुर , बाराबंकी , बहराइच , लखीमपुर खीरी , Ballia और देवरिया समेत कुल 32 जिले शामिल हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और तेज धूप के कारण जमीन तेजी से गर्म हो रही है, जिससे ‘हीट वेव’ की स्थिति बन रही है। हवाएं भी गर्म और शुष्क रहेंगी, जिससे दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी ज्यादा रहेगा।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में लू से हर साल सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 2023–24 में हीट स्ट्रोक के मामलों में करीब 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस बार शुरुआती अप्रैल में ही ऐसे हालात बनना चिंता का विषय है।
सरकार की ओर से अस्पतालों में बेड रिजर्व, ओआरएस और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं नगर निकायों को पेयजल और छायादार स्थानों की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर इन व्यवस्थाओं की हकीकत क्या है—यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।बचाओ मे दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें,लगातार पानी और ओआरएस का सेवन करें,हल्के और ढीले कपड़े पहनें,बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी अब सिर्फ मौसम की खबर नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक संकट बनती जा रही है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, या फिर हर साल की तरह इस बार भी हालात बिगड़ने के बाद ही कदम उठाए जाएंगे?
अलर्ट: यूपी के 32 जिलों में ‘हीट वेव’ का रेड सिग्नल, 25 अप्रैल तक नहीं मिलेगी राहत


