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Thursday, June 11, 2026

दिशा बैठक से सड़क सुरक्षा बैठक तक विकास और बिगड़ी व्यवस्था सांसद की तिरछी नजर

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– अधिकारियों को फटकार के साथ सख्त निर्देश

– आवारा गोवंश पर एमएलए सुशील शाक्य भी हुए नाराज

फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को हुई दो महत्वपूर्ण बैठकों में जिले के विकास और सड़क सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे सामने आए। एक ओर दिशा समिति की बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और निराश्रित गौवंश की समस्याओं पर चर्चा हुई, तो दूसरी ओर सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। दोनों बैठकों की अध्यक्षता सांसद मुकेश राजपूत ने की।

 

दिशा समिति की बैठक में खुलासा हुआ कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जनपद से भेजे गए सात सड़क प्रस्ताव निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने के कारण स्वीकृत नहीं हो सके। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई, जबकि जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को प्रस्तावों को पुनः तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में सांसद ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी बाजार विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने सरकारी खाली भूमि पर दुकानें बनाकर समूहों को आवंटित करने की बात कही, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ सके।

सांसद और अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य नें नाराजगी जताते हुए नगर पालिका को निर्देश दिए कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंशों को तत्काल गौशालाओं में भेजा जाए, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत और रीबोरिंग कराने के आदेश दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं की नियमित जांच और एनीमिक महिलाओं को आयरन एवं कैल्शियम की दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आए आंकड़े और भी चिंताजनक रहे। वर्ष 2025 में जिले में 490 सड़क दुर्घटनाओं में 284 लोगों की मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ही हादसों और मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

 

एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत के अनुसार, 214 सड़क दुर्घटनाओं में से 140 हादसों में दोपहिया वाहन शामिल थे। इन दुर्घटनाओं में 80 लोगों की मौत और 119 लोग घायल हुए। कुल दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से अधिक रही।

बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि अधिकांश मौतों के पीछे हेलमेट का उपयोग न करना प्रमुख कारण है। पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए वर्ष 2026 में मई तक 30,361 चालान किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक हैं।

जनपद में वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में 45 हिट एंड रन दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 38 लोगों की जान चली गई। यह आंकड़ा सड़क सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चालकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सांसद मुकेश राजपूत ने पुलिस और परिवहन विभाग को ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही हाईवे और प्रमुख मार्गों पर नियमित हेलमेट चेकिंग, नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और स्कूलों-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा।

उन्होंने रामगंगा पुल, पांचाल घाट पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए एनएचएआई अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने की चेतावनी दी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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