रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछती रही ‘पानी ने मुझे क्यों मारा
भारत ने भेजी राहत की पांचवीं खेप, दवाएं और विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम
काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 1252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 4875 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों में लगातार शव बरामद होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा 355 शव चितवन, 218 नवलपरासी ईस्ट, 208 नवलपरासी वेस्ट और 177 शव नुवाकोट से मिले हैं।
चार घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की गुना माया
नुवाकोट के देविघाट में नदी किनारे बने बुजुर्ग देखभाल केंद्र में 97 वर्षीय गुना माया बोहरा अपने कमरे में थीं। अचानक बाढ़ का पानी ग्राउंड फ्लोर में घुस गया और उन्हें बहाकर एक ऐसे स्थान तक ले गया, जहां पानी का बहाव कम था। वह करीब चार घंटे तक मलबे में दबी रहीं। सेना, पुलिस और परिजनों ने जेसीबी की मदद से उन्हें बाहर निकाला। काठमांडू के बीर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। रेस्क्यू के बाद वह बेहद कम बोल रही हैं और बार-बार एक ही सवाल पूछती हैं—“पानी ने मुझे क्यों मारा?”
शवों की पहचान में भारत की फोरेंसिक टीम जुटी
बड़ी संख्या में शवों की पहचान अब भी चुनौती बनी हुई है। भारत ने नेपाल की मदद के लिए 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम भेजी है। टीम नेपाल पुलिस और स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए सैंपल लेने, उनकी जांच करने और लापता लोगों के परिजनों के डीएनए से मिलान में तकनीकी सहायता दे रही है। बुरी तरह क्षतिग्रस्त शवों की पहचान में हड्डी और दांत से लिए गए डीएनए सैंपल अहम साबित हो रहे हैं।
भारत ने भेजी राहत की पांचवीं खेप
भारत ने नेपाल के लिए जरूरी दवाओं की पांचवीं खेप भेजी है, जिसमें 5 टन से अधिक दवाएं शामिल हैं। इसके साथ 11 सदस्यीय विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम और 6 टन से अधिक रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए हैं। भारत पहले भी राहत सामग्री और बचाव संसाधन नेपाल भेज चुका है।
सड़क-पुल बहने से बढ़ी मुश्किल, जिपलाइन से नदी पार कर रहे लोग
बाढ़ में सड़कें और पुल बह जाने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। बिदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर लंबी अस्थायी केबल क्रॉसिंग तैयार की है। इसके सहारे लोग तेज बहाव वाली नदी पार कर रहे हैं। वहीं धादिंग जिले में भूस्खलन के कारण पृथ्वी हाईवे पर यातायात बाधित हुआ है।
तिब्बत में भी करीब 100 नेपाली नागरिक लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। उधर लापता लोगों के परिजन अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। कई परिवारों ने अपनों का पता नहीं चलने पर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार तक शुरू कर दिए हैं।
नेपाल में राहत और खोज अभियान लगातार जारी है। सुरंगों, नदियों और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। आपदा के बीच जलवायु परिवर्तन, पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण और आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।


