विशाखापत्तनम: विशाखापत्तनम तट (Visakhapatnam coast) के पास मछली पकड़ने वाली एक नाव (Fishing boat) के पलटने से लापता हुए सात मछुआरों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि बाकी छह लोगों के लिए सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि मछुआरे 1 जुलाई को नाव नंबर 83 में विशाखापत्तनम फिशिंग हार्बर से समुद्र में गए थे लेकिन शनिवार (4 जुलाई) को तट से लगभग 10 मील दूर भारी बारिश, तेज़ हवाओं और उफनते समुद्र का सामना करने के बाद लौटते समय उनकी नाव पलट गई।
नाव पर सात मछुआरे सवार थे, जिनमें नाव के मालिक और ड्राइवर कारी चिन्ना, सिथोडु, चिन्नय्या, अप्पलाजू, गरागय्या, चिन्ना अम्मोरो और बंडिय्या शामिल थे।अधिकारियों ने कहा, “चिन्ना को रविवार को मर्चेंट शिप ‘यूनिवर्स वेल्थ’ के क्रू ने बचाया। उसे फिशिंग हार्बर लाया जा रहा है और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उसके साथी मछुआरों के लिए तलाशी अभियान तेज़ कर दिया गया है।”
चिन्ना के अनुसार, क्रू के सदस्य बचाव की उम्मीद में शनिवार रात करीब 9 बजे तक पलटी हुई नाव पर ही रुके रहे। चिन्ना ने अधिकारियों को बताया, “जैसे ही नाव डूबने लगी, हम समुद्र में कूद गए और मर्चेंट शिप की ओर तैरने की कोशिश की। मैं तो सुरक्षित जहाज पर चढ़ गया, लेकिन बाकी छह लोग तेज लहरों में बह गए।”
भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड ने विशाखापत्तनम और काकीनाडा से कोस्ट गार्ड के दो जहाजों के साथ मिलकर एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। एक अधिकारी ने कहा, “उन्होंने दो हेलीकॉप्टर और दो नावें तैनात की हैं। सर्च टीमें नाव की आखिरी ज्ञात स्थिति और बहाव के पैटर्न के आधार पर भीमुनिपटनम से लेकर पोर्ट एंकरेज और गंगावरम व पुदिमडाका तटों तक पानी में तलाशी ले रही हैं।” इस बीच, परेशान रिश्तेदार फिशिंग हार्बर पर इकट्ठा होकर जानकारी का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि लापता सभी छह मछुआरे एक ही परिवार के हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर बचाव कार्यों में तेज़ी लाई है। उन्होंने जिला अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करने के बाद कोस्ट गार्ड, मरीन पुलिस और नौसेना को ऑपरेशन तेज़ करने का निर्देश दिया। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, गृह मंत्री वी. अनिता और अन्य मंत्रियों ने भी चल रहे सर्च ऑपरेशन की समीक्षा की।


