फर्रुखाबाद। लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और पुलिस लाठीचार्ज की घटना के विरोध में फतेहगढ़ बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन के माध्यम से कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
बार एसोसिएशन फतेहगढ़ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 17 मई 2026 को लखनऊ पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और निर्दोष वकीलों पर किए गए लाठीचार्ज की घटना निंदनीय है। अधिवक्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अधिवक्ता सम्मान पर हमला बताया है।
प्रस्ताव में मांग की गई है कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े गए हैं, उनके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश में “अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट” लागू करने की मांग को भी दोहराया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से वकीलों में रोष व्याप्त है और यदि सरकार ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पत्र पर बार एसोसिएशन फतेहगढ़ के अध्यक्ष और महासचिव के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
फिलहाल अधिवक्ताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर नाराजगी बनी हुई है और प्रदेशभर में बार एसोसिएशनों द्वारा विरोध प्रदर्शन और बैठकों का दौर जारी है।


