फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश शासन की विकास योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर फर्रुखाबाद के स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर प्रदर्शन का दावा किया है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) में जिले को 100 प्रतिशत अंक मिले हैं। इस प्रदर्शन के आधार पर जिले के प्रदेश स्तर पर अग्रणी जिलों में शामिल होने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संचालित कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया। हालांकि, जिले की सटीक रैंक और प्रत्येक संकेतक के अंक की स्वतंत्र पुष्टि के लिए डैशबोर्ड की संबंधित रिपोर्ट देखना आवश्यक है।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई मानकों पर फर्रुखाबाद को पूरे अंक मिले। इनमें संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, दवाओं की उपलब्धता और मातृ-शिशु देखभाल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।
इन सेवाओं का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं तथा जांच सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखना है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रदर्शन का आकलन ऐसे संकेतकों के आधार पर किया जाता है, जिनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का पता चलता है। हालांकि, डैशबोर्ड पर अधिक अंक मिलना और मरीजों को जमीनी स्तर पर मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता दो अलग पहलू हैं, जिनका मूल्यांकन संबंधित आंकड़ों और निरीक्षणों से किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर प्रदर्शन के पीछे नियमित निगरानी और फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की सक्रियता को अहम बताया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और उपकेंद्रों पर सेवाओं के संचालन पर ध्यान दिए जाने की बात कही गई है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, आम लोगों तक निशुल्क दवाइयां पहुंचाने और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए। इन गतिविधियों के जरिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए इसे जिले के स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उनके अनुसार, चिकित्सकों, ब्लॉक प्रभारियों, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ इलाज पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने आगे भी इसी तत्परता से काम जारी रखने की बात कही, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग सरकारी विभागों के कामकाज और योजनाओं की प्रगति का आकलन करने का एक माध्यम है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस तरह की उपलब्धियों का वास्तविक महत्व तब और स्पष्ट होता है, जब सरकारी केंद्रों पर समय से इलाज, आवश्यक दवाएं, जांच सुविधाएं और मातृ-शिशु सेवाएं लगातार उपलब्ध रहें।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की स्वास्थ्य रैंकिंग में फर्रुखाबाद का दावा, कई मानकों पर मिले 100 फीसदी अंक


