– 700 से अधिक परीक्षार्थियों को मिला निशुल्क ठहराव और भोजन
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 के अंतिम चरण में फर्रुखाबाद जनपद ने एक बार फिर अपनी अतिथि सत्कार की परंपरा का परिचय दिया। परीक्षा के आखिरी दिन 10 जून को विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों के लिए फर्रुखाबाद विकास मंच द्वारा रहने, भोजन, चाय-नाश्ता और आवागमन की निशुल्क व्यवस्था की गई। इस सेवा कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए दिसंबर दयाल धर्मशाला, हिंदी भवन, दुर्गा मंदिर, सिंधी धर्मशाला समेत कई स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था की गई। परीक्षा के अंतिम दिन लगभग 700 से अधिक परीक्षार्थियों को मंच द्वारा उपलब्ध कराए गए केंद्रों पर ठहराया गया।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में यहां रुककर परीक्षा देने वाले छात्रों ने अपने साथियों को यहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी थी। इसी कारण अंतिम दिन सबसे अधिक संख्या में अभ्यर्थी फर्रुखाबाद पहुंचे। मंच की ओर से सभी परीक्षार्थियों को घर जैसा वातावरण और भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ललितपुर, उरई, जालौन, कानपुर देहात, हरदोई सहित कई जनपदों से आए अभ्यर्थियों ने व्यवस्थाओं की खुलकर प्रशंसा की। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी परीक्षा केंद्र वाले शहर में इतनी सुव्यवस्थित और निःस्वार्थ सेवा देखी है, जहां बिना किसी शुल्क के रहने और खाने की व्यवस्था की गई हो।
इस दौरान परमार्थ संस्थान के प्रमुख केशव भान साध द्वारा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से धर्मशालाओं तक अभ्यर्थियों को पहुंचाने के लिए निशुल्क ई-रिक्शा सेवा भी संचालित की गई। इसका लाभ बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने उठाया।
भईयन मिश्रा ने पिछले चार दिनों से लगातार सेवा कार्य में जुटे स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से इतना बड़ा आयोजन सफल हो सका। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के ठहरने के बावजूद कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में श्याम बाबू वर्मा, सुनील बाजपेई, मुकेश सक्सेना, कोमल पांडे, प्रिंस शुक्ला, निशित दुबे, ओम निवास पाठक, आशुतोष त्रिपाठी, शिवांग बाजपेई, रामजी मिश्रा, लकी गुप्ता, नीरज गुप्ता, आलोक दुबे, दिलीप भारद्वाज, आयुष सक्सेना, आशू मिश्रा, रईस नवाब, हाजी शादाब, राजीव वर्मा, अराफात खान, शमशाद खान, अनंत राम श्रीवास्तव, कुलदीप दीक्षित, मोहित खन्ना सहित बड़ी संख्या में समाजसेवियों और स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।


