जेई से शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी बिजली व्यवस्था, कारोबार और खेती पर पड़ रहा असर; भाकियू और व्यापार मंडल ने आंदोलन की दी चेतावनी
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र के विभिन्न फीडरों पर लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर किसानों और व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिजली की अनियमित आपूर्ति से जहां किसानों की फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। समस्या को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) और व्यापारियों की एक आवश्यक बैठक हुई, जिसमें विद्युत विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बैठक भाकियू के जिला महासचिव संजय गंगवार के प्रतिष्ठान पर आयोजित की गई। इसमें किसानों और व्यापारियों ने बिजली की समस्या को प्रमुखता से उठाया। लोगों का कहना था कि शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र के विभिन्न फीडरों पर आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। अघोषित कटौती के चलते नगरवासियों, दुकानदारों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पा रही है। वहीं व्यापारियों का कहना था कि बिजली कटौती से दुकानों और प्रतिष्ठानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के बावजूद विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
बैठक में बताया गया कि इस संबंध में शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता (जेई) को भी शिकायत से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इससे किसानों और व्यापारियों में विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो किसान और व्यापारी एकजुट होकर शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र पर विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन और व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में कहा गया कि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैठक में भाकियू नगर अध्यक्ष एवं व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय गंगवार, दयाराम पाल, शांताराम पाल, डॉ. कैलाश, महामंत्री राकेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष रिंकू रस्तोगी, उपाध्यक्ष अनुक्रम शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
अघोषित बिजली कटौती से किसानों और व्यापारियों में आक्रोश, विद्युत उपकेंद्र पर विशाल धरना-प्रदर्शन की चेतावनी


