– हेतमापुर में नदी मंदिर की दीवार से सटकर बह रही
– 350 साल पुरानी समाधि नदी में समाई
– प्रशासन बचाव कार्य में जुटा
बाराबंकी। रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर गांव में सरयू नदी का कटान लगातार गंभीर होता जा रहा है। नदी का पानी अब करीब 1100 वर्ष पुराने बाबा नारायण दास धाम की दीवार तक पहुंच गया है। तेज कटान के चलते धाम के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से मंदिर और आसपास की आबादी को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार मंदिर के पास स्थित करीब 350 वर्ष पुरानी समाधि भी सरयू की तेज धारा में समा चुकी है। इसके साथ ही क्षेत्र में कई मकान और अन्य संरचनाएं भी कटान की चपेट में आई हैं। प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
बाबा नारायण दास धाम से ग्रामीणों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीण मंदिर को बचाने के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता रही है कि सरयू नदी मंदिर से आगे नहीं बढ़ती, लेकिन इस बार नदी की धारा और कटान ने पुरानी मान्यता के सामने भी बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
सरयू के कटान से हेतमापुर में स्थित पुरानी उधिया मस्जिद भी नदी की धारा में समा चुकी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार मस्जिद के साथ कई मकान भी कटान की चपेट में आए हैं।
कटान की चपेट में पशु चिकित्सालय भी आ गया है और उसकी बाउंड्रीवाल का हिस्सा नदी में बह चुका है। ग्रामीणों के सामने अपने घर और सामान बचाने की चुनौती बनी हुई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंची हैं। नदी के कटान को रोकने के लिए बोल्डर और अन्य सामग्री डालकर बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कटान की लगातार निगरानी और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी और तेज कटान के कारण रामनगर सहित आसपास के इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।


