– सिस्टम पर बड़े सवाल
फर्रुखाबाद। प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। 21 अप्रैल को जिले में कथित तौर पर दो-दो जिलाधिकारियों के नाम से काम होने के संकेत मिले हैं, जिसने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, एक तरफ कलेक्ट्रेट में डॉ. अंकुर लाठर के हस्ताक्षरों से डाक फॉरवर्ड की गई, वहीं दूसरी ओर बंगले से पूर्व जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के हस्ताक्षरों से आधिकारिक डाक जारी होने की बात सामने आई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सूत्र दावा कर रहे हैं कि बंगले से अभी भी “गोपनीय श्रेणी” के कार्य संपादित किए जा रहे हैं। यहां तक कि वित्तीय गतिविधियों—जैसे चालान जमा—भी तेजी से निपटाए जाने की चर्चा है।
अगर यह तथ्य सही हैं, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में संभावित हस्तक्षेप और प्रभाव के गंभीर संकेत भी देता है। सवाल यह है कि आखिर किसके आदेश पर और किस अधिकार से बंगले से काम संचालित हो रहा है?
फर्रुखाबाद में “डबल सिग्नेचर सिस्टम” का यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता और सिस्टम के टकराव की कहानी बनता जा रहा है। अब निगाहें शासन स्तर की कार्रवाई पर टिकी हैं क्या होगी जांच या दब जाएगा मामला?
फर्रुखाबाद में ‘डबल डीएम’ का खेल? एक ही दिन दो हस्ताक्षर


