कमालगंज (फर्रुखाबाद)। कमालगंज रेलवे स्टेशन के निकट चल रहे रेलवे निर्माण कार्य की कुछ तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीरों में कथित रूप से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का उपयोग निर्माण एवं वेल्डिंग संबंधी कार्यों में होता दिखाई दे रहा है। यदि यह तथ्य सही है, तो यह न केवल गैस वितरण व्यवस्था बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है।
देशभर में लाखों उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद समय पर डिलीवरी का इंतजार करते हैं। ऐसे में सरकारी निर्माण कार्यों में घरेलू उपयोग के लिए जारी सिलेंडरों के इस्तेमाल की आशंका आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेशन के पास चल रहे निर्माण कार्य में कथित तौर पर घरेलू कनेक्शन वाले सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है। सवाल यह है कि तकनीकी और व्यावसायिक कार्यों के लिए निर्धारित कमर्शियल गैस व्यवस्था की जगह घरेलू सिलेंडर क्यों इस्तेमाल किए जा रहे हैं? ये सिलेंडर किसके नाम पर जारी हुए और कार्यस्थल तक कैसे पहुंचे?
मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। रेलवे परिसर और निर्माण स्थल पर मजदूरों के साथ आम लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है। ऐसे में गैस सिलेंडरों के उपयोग संबंधी सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी जांच भी आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक या निर्माण कार्यों में किया जा रहा है तो संबंधित एजेंसी, गैस वितरक और ठेकेदार की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रेलवे निर्माण में घरेलू गैस सिलेंडरों का खेल!जनता इंतजार में, सरकारी काम में खपत पर उठे सवाल


