फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार को कान्हा गौशाला देवराम गाड़िया का औचक निरीक्षण कर वहां संरक्षित गौवंशों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में गौवंश सुरक्षित एवं संरक्षित पाए गए। जिलाधिकारी ने गौशाला में संचालित व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, चारा, पेयजल तथा पशु चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पशु टीकाकरण रजिस्टर, सहभागिता रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया। मौजूद पशु चिकित्सक ने जिलाधिकारी को जानकारी दी कि सहभागिता योजना के तहत अब तक 70 गौवंश विभिन्न लोगों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। इन गौवंशों का प्रत्येक माह नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चेकअप कराया जाता है, ताकि उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी बनी रहे।अधिकारियों ने यह भी बताया कि गौशाला में गौवंशों को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके पोषण और स्वास्थ्य का समुचित ध्यान रखा जा सके। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि गौवंशों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।गौशाला परिसर के स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने देखा कि गौवंशों के लिए लगाए गए कुछ पंखे टूटे हुए हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल खराब पंखे बदलवाने और भीषण गर्मी को देखते हुए गौवंशों के लिए समुचित शीतल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि गर्मी के मौसम में गौवंशों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने स्वयं गौवंशों को गुड़, चना और केले खिलाए तथा उनके संरक्षण और देखभाल के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला में साफ-सफाई, पेयजल, चारा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार बेहतर बनाए रखी जाएं, जिससे गौवंशों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी समेत संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


