31 C
Lucknow
Friday, May 1, 2026

डीएम अंकुर लाठर का ‘कड़क मोड’: कलेक्ट्रेट से कैंप कार्यालय तक ‘दलाल मीडिया’ का सन्नाटा

Must read

– गिद्धों की मंडराहट थमी
फर्रुखाबाद। जिले के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक ही नाम चर्चा में है, डॉ अंकुर लाठर। सख्त तेवर और सीधे एक्शन के लिए पहचानी जा रहीं डीएम के तल्ख़ रुख ने कलेक्ट्रेट से लेकर कैंप कार्यालय तक के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है।
जहां पहले सरकारी दफ्तरों के बाहर कथित ‘सेटिंगबाज’ और तथाकथित मीडिया कर्मियों की भीड़ गिद्धों की तरह मंडराती दिखती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि डीएम के साफ निर्देश “काम पारदर्शिता से होगा, बिचौलियों की कोई जगह नहीं”,ने पूरे सिस्टम में खलबली मचा दी है।
बताया जा रहा है कि बीते कुछ महीनों में प्रशासनिक कार्यों में दलाली और दबाव की कोशिशों पर सख्ती से लगाम कसी गई। नतीजा यह हुआ कि कलेक्ट्रेट के गलियारों में ‘पहले पहुंचो, सेटिंग कराओ’ का पुराना खेल अचानक बंद होता दिख रहा है।
कैंप कार्यालय, जो कभी कथित पैरवीकारों का अड्डा माना जाता था, जहां चाटुकारिता हावी थी,वहां अब अनावश्यक भीड़ लगभग गायब है। अधिकारी भी खुलकर काम कर पा रहे हैं, क्योंकि ऊपर से साफ संदेश है,काम केवल नियम से होगा, न सिफारिश चलेगी, न दबाव।
हालांकि इस बदलाव से कुछ लोग असहज जरूर हैं। अंदरखाने यह चर्चा भी है कि जिनकी ‘दुकान’ व्यवस्था की खामियों पर चलती थी, उनके लिए यह सख्ती सबसे बड़ा झटका साबित हुई है।
फर्रुखाबाद में पहली बार ऐसा लग रहा है कि सिस्टम ने ‘गिद्धों’ को पहचान लिया है। सवाल यह है,क्या यह सख्ती लंबे समय तक टिकेगी, या फिर पुराने चेहरे नए मुखौटे के साथ लौटेंगे? फिलहाल, कलेक्ट्रेट में ‘खामोशी’ ही सबसे बड़ी खबर है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article